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होटल में बिल के साथ सौंफ और मिश्री क्यो दी जाती है, जानिए

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दोस्तो वैसे देखा जाए तो आजकल सभी लोग रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं कुछ लोग रेस्टोरेंट में खाते हैं तो कोई ढाबे पर खाना खाते हैं।

पर क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि जब भी आप खाना खा कर उठते हैं तो आपको बिल के साथ सौंफ और मिश्री क्यों दी जाती है?

वैसे तो आपने शायद ही कभी इसके बारे में शायद सोचा होगा मेरी तरह आपको भी इसके बारे में नहीं पता है तो चलिएआज हम आपको बताते है कि किस वजह से सौंफ और मिश्री दी जाती है।

वैसे आप जब भी कही बाहर खाना खाने जाते हैं तो वह खाना मसालेदार होता है और सलाद खाने से आपके मुंह में बदबू आने लग जाती है इसे दूर करने के लिए आपको सौंफ और मिश्री दी जाती है।

बतादें की अगर आपको इस बात पर यकीन ना हो रहा हो तो आप ऐसा करके देख सकते हैं। अगर आपके मुंह से प्याज की बदबू आ रही हो तो आप सौंफ और मिश्री को खा कर देखिए आप फ्रेश महसूस करने लगेंगे।

बतादें की मुँह से आपके बदबू गायब हो जाएगी और इसके साथ आपको बतादें की सौंफ और मिश्री पाचन शक्ति बढ़ाने और जल्दी ही खाना पचाने में आपकी मदद करती है।

इसीलिए अधिकतर लोग खाने के बाद सौंफ का सेवन करते हैं सौंफ का सेवन करने से पेट में एसिडिटी नहीं होती है इसीलिए यह खाना पचाने में सहायक है।

दोस्तो अब तो सौंफ और मिश्री का जवाब आपको मिल ही गया होगा, इसी कारण से आपको सौंप और मिश्री दी जाती है जिससे आपके मुंह से बदबू भी नहीं आये और खाना भी आपका जल्दी पच जाए।

कितने भी गंदे दांत हों,इसे यूज करने से दांत मोतियों से चमक उठेंगे,बदबू और सड़न भी होगी दूर

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ये हम सब जानते हैं कि कई खाना खाने के बाद अधिकतर लोग ब्रश करना तो दूर ठीक से कुल्ला भी नही करते हैं, इससे धीरे धीरे हमारे दांतों का पीलापन बढने लगता है साथ दांतों में बैक्टीरिया पनपने के कारण सड़न और बदबू भी आने लगती है, जिससे हम किसी के सामने खुलकर हँस नही पाते हैं, यही नही बदबू के कारण हम किसी से बात करने में भी हिचकिचाते हैं।

लेकिन आज हम जो उपाय लेकर आये हैं उसे आपको हर रोज सिर्फ 2 ही मिनट करना है, और इससे आपके दांतों का पीलापन तो दूर होगा ही साथ ही सड़न और बदबू भी दूर हो जाएगी, इससे आपको एक चमचमाती स्माइल मिलेगी और आपको किसी के सामने बात करने में शर्मिंदगी भी नही उठानी पड़ेगी।

इस नुस्खे को बनाने के लिए सबसे पहले तुलसी की कुछ पत्तियां लेकर उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लें, फिर इसमें तकरीबन चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा और एक चम्मच नारियल का तेल मिला लें, फिर इसमें कोई भी टूथपेस्ट मिला लें, कोशिश करें कि टूथपेस्ट ऐसा हो जिसमे कोई फ्लेवर न हो, अंत में इसमें एक चुटकी हल्दी मिला लें और गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें।

इस पेस्ट को ब्रश पर लगाकर रोजाना सुबह शाम ब्रश करना है, इस पेस्ट में तुलसी और हल्दी जैसी प्राकृतिक चीजें हैं, जो सड़न और बदबू को दूर करने साथ ही दांतों को मजबूत बनाते हैं, साथ ही उसमे मौजूद बेकिंग सोडा दांतों में इंस्टेंट चमक लाता है।

3 बहनों का एक ही पति, मिलकर मनाया करवा चौथ

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देश और दुनिया में विवाहित महिलाओं ने गुरुवार को पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा और रात को चांद को देखकर जल ग्रहण किया। मध्य प्रदेश के सतना जिले में तीन सगी बहनों ने एक पति के लिए सामूहिक तौर पर व्रत रखा और आराधना भी की।

सोशल मीडिया पर शुक्रवार को एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर में तीन महिलाएं जिन्हें आपस में सगी बहन बताया जा रहा है, हाथ में छलनी लेकर अपने पति का चेहरा देख रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित चित्रकूट के लोढ़वारा की काशीराम कॉलोनी में रहने वाले कृष्णा की लगभग 12 साल पहले तीन सगी बहनों शोभा, रीना और पिंकी के साथ शादी हुई थी। उसके बाद से तीनों बहनें उसी के साथ रह रही हैं। तीनों के दो-दो बच्चे भी हैं।

अन्य विवाहित महिलाओं की तरह तीनों बहनों ने भी करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा और शाम को चांद की मौजूदगी में छलनी से अपने पति के चेहरे को निहारा। तीनों बहनों ने पूरा शृंगार कर अपने पति की विधि-विधान से पूजा की। उस मौके की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

छत्तीसगढ़ : जयपुर के बाद अब रायपुर में बड़ी कार्रवाई,सेंट्रल जीएसटी ने पकड़ा 100 किलो सोना

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राजधानी के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर रायपुर के एक कारोबारी के कब्जे से सेंट्रल जीएसटी की टीम द्वारा गुरुवार को सौ किलो सोने के आभूषण पकड़े जाने की खबर है। कारोबारी के कब्जे से कितना सोना पकड़ा गया है, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। सूत्रों की मानें, तो कारोबारी ने सेंट्रल जीएसटी की टीम को 65 किलो सोने का बिल प्रस्तुत किया है। सूत्रों के अनुसार रायपुर की कार्रवाई जयपुर के कारोबारी के कब्जे से सोना पकड़े जाने के बाद की गई है।

सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल जीएसटी की टीम द्वारा जयपुर के किसी कारोबारी के कब्जे से सोना पकड़े जाने के बाद रायपुर सेंट्रल जीएसटी की टीम को सोने के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर सेंट्रल जीएसटी की टीम ने दिल्ली से आने वाली कार्गो फ्लाइट की जांच की। जांच के दौरान सेंट्रल जीएसटी ने कार्गों से सोने के जेवर की खेप बरामद की। सोने के जेवर पकड़े जाने के 24 घंटे से अधिक समय हो गया है।

सेंट्रल जीएसटी की टीम द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। जिस कारोबारी के सोने के आभूषण जब्त किए गए हैं और कारोबारी ने जितने का बिल प्रस्तुत किया है, उसके बाद के शेष जेवर के संबंध में सेंट्रल जीएसटी की टीम द्वारा जांच करने की बात सूत्र बता रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर सेंट्रल जीएसटी की टीम द्वारा इतनी सतर्कता बरती गई है कि सोने के जेवर पकड़े जाने की भनक पुलिस तक को कानों-कान खबर नहीं लग पाई। इस मामले को लेकर जीएसटी द्वारा आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा करने की बात सूत्र बता रहे हैं।

पीठ दर्द के 80 से 90 प्रतिशत मामलों में किसी तरह की सर्जरी की जरूरत नहीं : डॉ. वसावड़ा

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देश में हर पांच में से एक व्यक्ति कभी न कभी पीठ दर्द का अनुभव करता है, लेकिन ऐसे 80 से 90 प्रतिशत मामले बिना किसी शल्य क्रिया (सर्जरी) के मात्र जीवनशैली और खानपान में बदलाव, उचित व्यायाम और दवाओं तथा सही तरीके से आराम करने भर से ठीक हो जाते हैं। विश्व मेरूदंड दिवस (वर्ल्ड स्पाइन डे) के मौके पर जाने माने स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ तथा शैल्बी अस्पताल के स्पाइन सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नीरज वसावड़ा ने यह जानकारी दी।

डॉ. नीरज वसावड़ा ने कहा कि बदलती और कम मेहनतकश जीवनशैली, फास्टफूड के बढ़ते चलन, व्यायाम की कमी आदि के चलते आज मेरूदंड और पीठ दर्द वाले रोग बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसमें से 80 से 90 प्रतिशत के लिए किसी तरह के सर्जरी की जरूरत नहीं है और इन्हें केवल जीवनशैली में बदलाव और अन्य उपायों के जरिये ही ठीक किया जा सकता है। वसावड़ा ने बताया कि मात्र 10 से 20 प्रतिशत गंभीर किस्म के रोगों में ही शल्य क्रिया की जरूरत पड़ती है। इन रोगों को लेकर भी कैंसर अथवा हृदय रोग जैसी जागरूकता फैलाने की जरूरत है। अगर रोग की गंभीरता बनी रहती है तो जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह ली जानी चाहिए।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सायटिका अपने आप में कोई रोग नहीं बल्कि अन्य बीमारी का लक्षण है जो अधिकतर स्लिप डिस्क के चलते होता है। स्लिप डिस्क के भी अधिकतर मामले उचित आराम और दवा से ठीक हो जाते हैं। बहुत गंभीर होने पर ही सर्जरी की जरूरत पड़ती है। उन्होंने सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस से बचने के लिए कम्प्यूटर पर काम करने वालों को अपनी आंखों की सीध में मॉनिटर रखने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को अधिक से अधिक सक्रिय जीवन शैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि पहले की तुलना में बच्चों में भी शारिरिक सक्रियता कम होने के कारण उनमें भी पीठ दर्द के मामले बढ़ रहे हैं।

डिप्रेशन में हैं या नहीं, इन 7 लक्षणों से पता लगाएं

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 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी को भी शांति से दो पल बैठने का समय नहीं मिल पाता है। जीवन की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए भी परिवार के सदस्यों के पास समय नहीं होता है। यही कारण है कि अगर कोई किसी परेशानी से जूझ रहा है, तो वह उसे हल करने के बजाय अंदर ही अंदर घुटता रहता है। और इसी वजह से डिप्रेशन जैसी बीमारी उसे हो सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य और डिप्रेशन जैसे विषयों पर आजकल काफी चर्चा हो रही है। कोई भी शख्स छोटी सी परेशानी आने पर यह कहने से नहीं चूंकता कि वह डिप्रेशन में है। लेकिन जरूरी नहीं है कि चिंता से पीड़ित हर शख्स डिप्रेशन का शिकार हो गया हो। डिप्रेशन के कई लक्षण हो सकते हैं। यहां तक कि अगर आपको इस बात का पता लगाना है कि आप या फिर आपका कोई साथी डिप्रेशन में हैं, तो व्यवहार में आने वाले इन लक्षणों के बारे में जरूर जान लें।

पहला- स्कूल और काम पर ना जाना

डिप्रेशन का मुख्य कारण होता है स्कूल और काम पर नहीं जाना। ऐसा शख्स कई तरह की गतिविधियों से बचने की कोशिश करता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डिप्रेशन उस शख्स की सारी ऊर्जा और सारा समय ले लेती है।

दूसरा- एनर्जी ना होना

डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति की एनर्जी (ऊर्जा) का स्तर इस बीमारी से इतना नीचे पहुंच जाता है कि उसे बिस्तर से उठना भी मैराथॉन में दौड़ लगाने के बराबर लगता है। ऐसा इंसान किसी से घुलमिल नहीं पाता है और सोने में भी परेशानी का सामना करता है।

तीसरा- बहुत कम या बहुत अधिक खाना

डिप्रेशन का आम लक्षण होता है बहुत कम खाना या बहुत अधिक खाना। इससे वजन में भी काफी अंतर आ जाता है। या तो वजन काफी बढ़ जाता है या फिर काफी कम हो जाता है। कई बार अगर डिप्रेशन शुरुआती चरण में होता है तब भी वजन में ऐसे बदलाव देखने को मिलते हैं।

चौथा- सोते समय परेशानी होना

डिप्रेशन से पीड़ित 80 फीसदी लोगों को एक अच्छी नींद लेने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर आपके जानने वाले किसी शख्स को नींद नहीं आती है तो हो सकता है कि वह भी इस बीमारी से पीड़ित हो।

पांचवां- नशा करना

डिप्रेशन, तनाव और अन्य मानसिक बीमारियों का सामना करने वाले लोग आमतौर पर नशा करते हैं। ये लोग अपनी परेशानी को भुलाने के लिए शराब और ड्रग्स का नियमित तौर पर सेवन करने लगते हैं।

छठा- नकली भावनाएं

डिप्रेशन से पीड़ित अधिकतर लोग ये स्वीकार ही नहीं करते कि उन्हें डिप्रेशन है। दूसरों के साथ समय बिताते समय ये लोग बहुत खुश होने का नाटक करते हैं। और जब भी कोई इनसे पूछता है कि इनका जीवन कैसा चल रहा है तो ये साफ तौर पर अपने जीवन के बारे में नहीं बताते और अस्पष्ट उत्तर देते हैं।

सातवां- बहुत ज्यादा काम करना

शायद आपने ऐसा कभी नहीं सोचा होगा कि अधिक काम करना भी डिप्रेशन का एक लक्षण हो सकता है। लेकिन कई लोग अपनी भावनाओं को छिपाने और संबंधित परेशानी से दूर भागने के लिए खुद को काम में डुबा देते हैं।

अंडे खाने का सही तरीका, 99% लोग नहीं जानते

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अण्डा गोल या अण्डाकार जीवित वस्तु है जो बहुत से प्राणियों के मादा द्वारा पैदा की जाती है। अधिकांश जानवरों के अंडों के ऊपर एक कठोर आवरण होता है जो अण्डे की सुरक्षा करता है। यद्यपि अण्डा जीवधारियों द्वारा अपनी संताने पैदा करने का मार्ग है, किन्तु अण्डा खाने के काम भी आता है। पोषक तत्वों की दृष्टि से इसमें प्रोटीन एवं चोलाइन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं।
दोस्तों कुछ लोग शरीर को ताकतवर और बॉडी बनाने के लिए बिना सोचे समझे एकदम से दर्जनों अंडे खाना शुरू कर देते हैं। इसके परिणाम स्वरूप उनका पेट गड़बड़ हो जाता है। या कब्ज से संबंधित समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए इसका सेवन उचित मात्रा में वह सही तरीके से करना बेहतर माना जाता है।

 ये है सही तरीका
दोस्तों वैसे तो हम अंडे को कई तरीके से खाते हैं। बहुत से लोग तो इसको कच्चा खाना भी पसंद करते हैं। लेकिन अंडे को उबालकर खाना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। क्योंकि अंडे में मौजूद प्रोटीन का अधिकतम भाग हमारे शरीर को प्राप्त होता है। जिससे तेजी से मसल्स ग्रोथ करने में सहायता मिलती है।
दोस्तों उबला हुआ अंडा खाते समय उसकी पीली जर्दी को हटाकर खाना चाहिए। क्योंकि जर्दी में प्रोटीन के साथ फैट की मात्रा भी मौजूद होती है। ऐसे में आपका वजन पहले से ज्यादा बढ़ सकता है। हमेशा अंडे का सफेद भाग का सेवन करना चाहिए।
दोस्तों अंडे को सुबह खाली पेट नाश्ते के समय खाना बेहतर माना जाता है। कुछ लोग शाम को खाने के समय अंडे का सेवन करते हैं। जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

मांस से भी अधिक ताकतवर मानी जाती है ये 3 सब्जियां, सेवन करने से शरीर बनता….

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पालक अमरन्थेसी कुल का फूलने वाला पादप है, जिसकी पत्तियाँ एवं तने शाक के रूप में खाये जाते हैं। पालक में खनिज लवण तथा विटामिन पर्याप्त रहते हैं, किंतु ऑक्ज़ैलिक अम्ल की उपस्थिति के कारण कैल्शियम उपलब्ध नहीं होता। यह ईरान तथा उसके आस पास के क्षेत्र का देशज है। ईसा के पूर्व के अभिलेख चीन में हैं, जिनसे ज्ञात होता है कि पालक चीन में नेपाल से गया था। 12वीं शताब्दी में यह अफ्रीका होता हुआ यूरोप पहुँचा।
आजकल की व्यस्त जीवनशैली व खान-पान की कुछ गलत हरकतों की कारण से मनुष्य का जिंदगी पूरी प्रकार से प्रभावित हो चुका है, इससे मनुष्य के शरीर में कमजोरी आना एक आम परेशानी हो गई है। इसलिए आज की इस पोस्ट में हम आपको ऐसी तीन सब्जियों के बारे में बताने वाले हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी अधिक फायदेमंद मानी जाती है और इन सब्जियों के अंदर मांस से भी अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। 1. पालक –
ये बात तो आप सभी बहुत अच्छे तरीके से जानते हैं कि पालक का सेवन हमारी स्वास्थ्य के लिए काफी काफी अधिक लाभदायक माना जाता है, ये हमारे शरीर से कई प्रकार की रोगों को दूर रखता है और हमारे शरीर को मजबूत बनाता है। पालक में 49% प्रोटीन पाया जाता है जो मांस से भी अधिक होता है।
2. ब्रोकली –
ब्रोकली एक ऐसी सब्जी मानी जाती है जिसमें चिकन से भी करीब 22% अधिक प्रोटीन पाया जाता है। चिकन के अंदर प्रोटीन की मात्रा 30% होती है जबकि ब्रोकली के अंदर प्रोटीन की मात्र 45% होती है। इसलिए आपको ब्रोकली की सब्जी का सेवन अवश्य करना चाहिए।
3. मशरूम –
मशरूम एक ऐसी सब्जी होती है जो खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है और हमारा सेहत के लिए भी काफी लाभदायक होती है। मशरूम में 38% प्रोटीन पाया जाता है जो कि मांस से भी अधिक ताकतवर है।

डायबिटीज रोग का काल है इस पौधे का पत्ता, पौधे का नाम जान लें

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यह बात तो हम सभी जानते हैं कि बेल के कितने सारे फायदे होते है। इस फल का जैम बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और बेल का फल कैलशियम फास्फोरस, प्रोटीन, फाइबर, आयरन जैसे कई सारे जरूरी पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। इतना ही नहीं इसके अलावा इसमें विटामिन बी, विटामिन सी की भी अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। आपको बता दें कि यह बस एक जड़ी बूटी है। जिसका हर एक अंश बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके अंदर एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी वायरल गुण मौजूद होते है। तो बताते हैं इसके बारे में।

बेल के अंदर कई सारे ऐसे तत्व होते है। जो आपकी डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार साबित होते है। इसके अलावा यह आपकी शुगर को भी मेंटेन करते है और इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देने का काम करते है। इसके लिए आपको रोजाना खाली पेट बेल के 4 पत्तों का सेवन करना है। ऐसा करने से आपको जल्द ही लाभ मिलेगा।

इसका सेवन करने से खून की गंदगी साफ हो जाती है। गर्म पानी के साथ बेल का सेवन करने से खून में जमा विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद मिलती है।

बेल का सेवन करने से आपको बवासीर कब्ज में राहत मिल सकती है। यह एक ऐसा पौधा होता है जिसका सेवन करने से मल पतला होता है और कब्ज की समस्या से भी आपको निजात दिलाता है।

नियमित रूप से बेल का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत होती है। और पेट की सफाई भी हो जाती है इससे पेट के कीड़ों को खत्म किया जा सकता है इसके अंदर ऐसा तत्व पाया जाता है। जो डायरिया के उपचार के लिए सहायक होता है।

इमली खाने से दूर होती है ये 10 खतरनाक बीमारियाँ, अभी जान लें

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इमली का नाम सुनते ही हर किसी व्यक्ति के मुंह में पानी आ जाता है. आपको बता दें कि इमली का उपयोग ज्यादातर चटनी बनाने में या फिर किसी चीज को खट्टी करने में उपयोग किया जाता है. लेकिन इसके अलावा भी इमली का उपयोग कई बीमारियों को दूर करने में भी किया जाता है. इमली के अंदर अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट विटामिन सी और कई अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए बहुत लाभदायक होते हैं. और इसीलिए आज हम आपको इमली खाने से कौन सी बीमारियां दूर होती हैं इसके बारे में बताएंगे.

इमली का सेवन करने से दूर होने वाली बीमारियां

1- सिरदर्द होने पर 10 ग्राम इमली के गूदे को एक गिलास पानी में मसलकर मिलाकर छान लें और उसमे चीनी मिलाकर पियें, सिरदर्द में आराम मिल जायेगा।

2- इमली के सेवन से बालों का झड़ना कम हो जाता है, और बाल काले और घने हो जाते हैं।

3- इमली खाने से मोटापे से भी छुटकारा मिल जाता है, इमली में हाइड्रोसिट्रिक नाम का एसिड जो फैट को कम करता है।

4- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए इमली का सेवन करना लाभकारी होता है।

5- इमली में फाइबर, टार्टेरीक एसिड और पोटेशियम होता है, जो कमजोर पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाते हैं।

6- इमली के पानी का सेवन करने से पीलिया की बीमारी ठीक हो जाती है।

7- इमली में मौजूद तत्व किडनी को स्वस्थ रखते हैं, इससे किडनी संबंधी परेशानियां नही होती हैं।

8- विटामिन C से भरपूर होने के कारण यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करती है।

9- इमली में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों की कमजोरी दूर कर उन्हें मजबूत बनाती हैं।

10- इमली में भरपूर मात्रा में आयरन होता है, इसीलिए इमली खाने से खून की कमी को दूर होती है।