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छत्तीसगढ़ : सुपेबेड़ा में किडनी मरीजों की मौत पर मचा बवाल, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

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सुपेबेड़ा में लगातार हो रही मौतों पर पूर्व में भाजपा सरकार घेरे में थी, अब कांग्रेस सरकार। मौजूदा दौर में खुद राज्यपाल अनुसइया उइके दौरे पर जाने वाली हैं, यही वजह है कि सरकार के मुखिया सीएम भूपेश बघेल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने सभी किडनी पीड़ितों को तत्काल इलाज मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं तो स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पूरे प्रकरण पर नजर रखे हुए हैं।

दो अक्टूबर को स्वास्थ्य मंत्री सुपेबेड़ा गए थे। वहां उन्होंने विशेषज्ञ एमडी चिकित्सक की नियुक्ति की घोषणा की थी। इस पर त्वरित अमल करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा देवभोग में एमडी मेडीसिन की पदस्थापना कर दी गई है। रायपुर के डीकेएस अस्पताल और एम्स में भी सुपेबेडा के मरीजों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था करवा दी गई है।

पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर और एम्स के विशेषज्ञों द्वारा 19 अक्टूबर को सुपेबेड़ा में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में दोनों अस्पतालों के विशेषज्ञ वहां क्रॉनिकल किडनी डिसीज की विशेष जांच करेंगे। एम्स के निदेशक, किडनी विशेषज्ञ, एमडी मेडीसिन और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा शिविर में विशेष रूप से मौजूद रहकर प्रभावितों की जांच की जाएगी।

किडनी संबंधी खून जांच और डायबिटीज आदि की भी जांच की सुविधा जिला अस्पताल एवं देवभोग स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही है।स्वास्थ्य मंत्री ने सुपेबेड़ा सहित छह गांवों में किडनी रोग पर आधारित स्क्रीनिंग प्रारंभ की गई है।

इससे रोगियों को समय पर चिन्हित कर उचित सलाह एवं उपचार दिया जा सकेगा। सुपेबेड़ा में मेडिकल मोबाइल क्लीनिक के माध्यम से चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा भी हर सप्ताह सेवाएं दी जा रही है। गौरतलब है कि 10-11 साल में 65 से अधिक जानें जा चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ के जालिम ने केबीसी में जीते 6 लाख 40 हजार

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कौन बनेगा करोड़पति के हॉट सीट पर अमिताभ बच्चन के सामने बैठे प्रतापपुर के खोरमा निवासी जालिम साय से सवाल-जवाब का दौर दूसरे एपिसोड में भी चला। तीन लाइफलाइन लेकर 11 वें सवाल तक सही जवाब देने वाले जालिम ने 12 वें सवाल पर उस वक्त हॉट सीट छोड़ना उचित समझा जब एक्सपर्ट भी सवाल का पूरी तरीके से संतुष्ट होकर सही जवाब नहीं दे सके। छह लाख 40 हजार रुपए जीतकर बिग बी के सामने से जालिम हॉट सीट से उठे। उन्होंने इस धनराशि को दो वर्ष की बेटी के नाम बैंक में फिक्स करने की बात कही है।

सूरजपुर जिले के छोटे से गांव खोरमा निवासी जालिम साय जिसे बिग बी ने गुरुवार के शो में सौम्य नेकी का नया नाम दिया था। जालिम से दूसरे दिन के एपिसोड में बिग बी ने 20 हजार लिए छठवां प्रश्न एक ऑडियो सुना कर पूछा। ऑडियो में उभरी आवाज को लेकर हास्य कलाकार का जैसे ही उन्होंने नाम पूछा, बिना विलंब किए जालिम ने उक्त आवाज राजू श्रीवास्तव का होना बता दिया। 40 हजार के लिए सातवां प्रश्न पूछा गया कि भू पुत्री, भूमि पुत्री ,भू सुता किनके नाम है, जालिम ने सीता उत्तर देकर 40 हजार रुपये भी जीत लिए ।

आठवें प्रश्न में एक फिल्म की वीडियो क्लिपिंग दिखाई गई इसका सही जवाब स्त्री देकर उसने 80 हजार रुपये भी जीत लिए। नौवें प्रश्न के रुप में 1.60 लाख के लिए बिग बी ने सवाल दागा कि नलिनी श्रीहरन 1991 में किस नेता की हत्या के लिए लंबे समय तक हिरासत में रही।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लेकर जालिम ने यह रकम भी जीत लिया। यहां से खेल का दूसरा चरण शुरू हुआ जिसमें दसवां प्रश्न पूछा गया कि किस फुटबॉल टीम ने वर्ष 2018- 19 का संतोष ट्राफी जीता था। इस सवाल का जवाब लेने उन्होंने अपनी पहली लाइफ लाइन ऑडियो पोल लिया जिसमें सेना सही जवाब दिया।

छह लाख 40 हजार के लिए बिग बी ने 11 वें प्रश्न के रूप में सवाल पूछा कि कुफरी सिंदूरी, कुफरी चंद्रपुरी, कुफरी ज्योति किस सब्जी के प्रकार हैं इस सवाल का सही जवाब नहीं जानने पर जालिम ने दूसरी लाइफ लाइन फिफ्टी- फिफ्टी का ऑप्शन लिया।

इसमें बिग बी ने दो ऑप्शन हटा दिए और आलू तथा प्याज में से किसी एक का जवाब सही होता। इस पर जालिम ने सही जवाब दे दिया। 12.50 लाख रुपये के लिए शो में अमिताभ बच्चन ने सवाल पूछा कि राजकुमार कुणाल किस शासक के पुत्र थे जिसकी सौतेली मां ने उन्हें अंधा कर दिया था। इस सवाल का जवाब देने के लिए जालिम ने तीसरी लाइफ लाइन फ्लिप द क्वेश्चन का इस्तेमाल किया । उक्त सवाल हट गया और 11 विकल्पों में से जालिम ने इंटरटेंमेंट पर आधारित सवाल पूछने का ऑप्शन दिया।

इस पर बिग बी ने सवाल पूछा कि सबसे ज्यादा गीत लिखने का रिकॉर्ड किस गीतकार के नाम है जिनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इस सवाल का सही जवाब भी जालिम को पता नहीं था। उन्होंने चौथे व अंतिम लाइफ लाइन में आस्क द एक्सपर्ट का इस्तेमाल किया इसमें उन्हें वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव का साथ मिला, लेकिन वह भी सही जवाब को लेकर असमंजस में थे और गीतकार गुलजार का नाम लेकर कहा कि इस जवाब पर वे भी पूरी तरीके से कंफर्म नहीं हैं इसलिए जालिम को स्वविवेक से निर्णय लेने बोल दिया गया।

इस सवाल के जवाब में जालिम उलझ गए और बिग बी ने कहा कि यदि वे इस सवाल का जवाब नहीं देना चाहते हैं तो क्विट कर सकते हैं। 6 लाख 40 हजार की धनराशि भी कम नहीं होती। अमिताभ बच्चन के इस सुझाव पर जालिम ने कहा कि साहब जब एक्सपर्ट ही सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो मेरा शो में बना रहना उचित नहीं है और वे 6.40 लाख जीतकर हॉट सीट से उठ गए ।

जब बिग बी बोले-ये अच्छी बात नहीं

कौन बनेगा करोड़ पति के कार्यक्रम में ग्रामीण परिवेश के जालिम और बिग बी के बीच बातचीत की शुरुआत रोचक ढंग से हुई । जालिम ने अपने प्रेम विवाह की कहानी भी पेश की उसने कहा कि जिनके यहां वह वाहन चालक के रूप में काम करता था। उन्हीं की भतीजी शशि कला कुशवाहा से उसने प्रेम किया। वह आदिवासी चेरवा समाज का है और उसकी पत्नी सामान्य वर्ग की है।

दोनों ने आर्य मंदिर बिलासपुर में विवाह रचाया। समाज ने उसे स्वीकार तो कर लिया है लेकिन घर के पूजा कमरे में पत्नी को आज भी प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। इस पर अमिताभ बच्चन आश्चर्यचकित हुए। उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में जात पात का बंधन नहीं होना चाहिए। वे शो में मौजूद जालिम की धर्मपत्नी शशि कला से बातचीत के लिए भी उनकी ओर मुखातिब हुए लेकिन खुशी के इस पल में वे कुछ कुछ बोल नहीं सकी।

ये तो वीआइपी लोगों का खाना है

पूरे शो के दौरान जालिम भी से आराम से बातचीत करते नजर आए। सब्जी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जालिम बुदबुदाते नजर आए की सब्जी तो आलू होती है प्याज सब्जी नहीं होता। इस पर अमिताभ ने कहा कि ऐसी बात नहीं है । प्याज की सब्जी भी बनती है और सूप भी बनता है ।इस पर जालिम ने कहा कि हम लोग नहीं जानते हम तो इतना ही जानते हैं कि प्याज सब्जी में छौक लगाने का काम आता है। प्याज का सुप वीआइपी लोगों का खाना है हम गांव के लोग इसे नहीं जानते।

मेरे लिए सपने से कम नहीं थाःजालिम

नईदुनिया से चर्चा करते हुए जालिम साय ने कहा कि अमिताभ के सामने बैठना मेरे लिए सपने से कम नहीं था। उन्होंने कहा कि मैं इसे सौभाग्य मानता हूं कि मुझे बिग बी के साथ बैठने और समय बिताने का मौका मिला। शो के दौरान जालिम के घर और गांव से जुड़ी एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें जालिम यह कहते हुए सुना गया कि कौन बनेगा करोड़पति में सिफारिश की जरूरत नहीं होती ।

सिर्फ शहर के लोग ही शामिल नहीं हो सकते। दूरस्थ गांव का व्यक्ति भी योग्यता के दम पर इस शो में शामिल हो सकता है। इस शो के प्रसारण के दौरान प्रतापपुर में बिजली गुल थी और लोग कौन बनेगा करोड़पति का यह एपिसोड नहीं देख सके इसे लेकर प्रतापपुर वासियों में नाराजगी भी देखी गई। शो खत्म होते ही बिजली भी आ गई।

छत्तीसगढ़ : पीपल की 12 शाखाओं को 12 ज्योतिर्लिंग का प्रतीक मानकर पूजा करते हैं ग्रामीण

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 शहर सीमा से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कोलियारी स्थित है। यहां पर स्थित शिव मंदिर अपने आप में अनोखा है। मंदिर के पास में ही एक पीपल का वृक्ष है जिसमें 12 शाखाएं निकली हुई है। 12 शाखाओं को यहां के ग्रामीण 12 ज्योतिर्लिंग का प्रतीक मानकर विशेष पूजा करते हैं। शिव मंदिर का निर्माण आज से 25 साल पहले ही हुआ है, लेकिन मंदिर के पास लगे पीपल पेड़ की 12 शाखाओं का अपना आकर्षण है। इसके चलते इस मंदिर की रौनक भी बढ़ गई है।

धमतरी जिले में महानदी किनारे देवस्थल और रमणीय स्थल का अपना अलग आकर्षण है। महानदी से लगे ग्राम कोलियारी में स्थित शिव मंदिर के पास लगा पीपल का वृक्ष अपनी लोगों को ध्यान खींचता है। महानदी के दूसरे छोर पर स्थित ग्राम अछोटा को जोड़ने वाले पुल किनारे लगे इस पेड़ के प्रति लोगों की अगाध आस्था है। यूं तो पीपल का वृक्ष देव वृक्ष है इसके बावजूद पीपल पेड़ में निकली 12 शाखाओं के कारण यहां इस पेड़ को भी विशेष रूप से पूजा जाता है। शिव मंदिर में पूजा अर्चना करने के साथ-साथ इसकी भी पूजा करते हैं। मंदिर के पुजारी जगदीश प्रसाद निषाद ने बताया कि भगवान भोलेनाथ सभी की मनोकामना पूर्ण करते हैं। भक्तगण भगवान भोलेनाथ के साथ ही साथ इस पीपल

वृक्ष की पूजा समान रूप से करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां पर मेला भरता है, जहां गांव के अलावा शहर और दूरदराज गांवों से लोग काफी संख्या में दर्शन पूजन और मनोकामना लेकर यहां पहुंचते हैं। मंदिर समिति के आनंद साहू, सतीश साहू, विजय निषाद, नरेश सोनकर, यशवंत सोनकर, किशोर सूर्यवंशी, अतीश वाकडे ने बताया कि मंदिर को सजाने संवारने का कार्य जारी है। यहां पर लोग श्रृद्वा और भक्ति के साथ पहुंचते हैं। पेड़ किनारे भी सजावट और सुरक्षा की जाएगी। सरपंच पुनौति घोघरे, सरपंच प्रतिनिधि चंद्रोदय ने बताया कि पीपल की 12 शाखाएं भगवान शिव को समर्पित हैं।

इसके जीर्णोद्वार और सौंदर्यीकरण के लिए प्रयास जारी है। विप्र विदवत परिषद के पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि मालूम हो कि ज्योतिर्लिग एक प्रकार से भगवान शिव् का मंदिर है। यूं तो पूरे भारत में अलग-अलग स्थानों पर 64 ज्योतिर्लिंग हैं, पर 12 ज्योतिर्लंिग विशेष हैं। इसके दर्शन-पूजन, अराधना से भक्तों के जन्म जन्मांतर के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं। मालूम हो कि हमारे देश में प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंग हैं जिनमें-

1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

5. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग

6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

7. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग

8. त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

9. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

10. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

11. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

12. घृष्णेश्वर मन्दिर ज्योतिर्लिंग शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ : फेल हुआ आनलाइन परीक्षा का सिस्टम, नेटवर्क ढूंढने के लिए छत और पेड़ों पर चढ़े नजर आए शिक्षक

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छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा व्यवस्था के डिजिटलाइजेशन की दिशा में इन दिनों काम चल रहा है, लेकिन सिस्टम इसमें खुद ही उलझता जा रहा है। आनलाइन पढ़ाई और परीक्षा को लेकर की जा रही सारी कवायदें तकनीकी कमियों की वजह से फेल होती नजर आ रहीं हैं। शनिवार को राज्य के विभिन्न केंद्रों में पहली और दूसरी कक्षा के लिए स्टेट लेवल एसेसमेंट परीक्षा शुरू हुई। नेटवर्क की समस्या और दिए गए पासवर्ड से लिंक नहीं खुलने से शिक्षक परेशान नजर आए। नेटवर्क ढूंढने के लिए स्कूल के कर्मचारी पेड़ों और छतों पर चढ़कर मशक्कत करते नजर आए।

एक दिन पूर्व स्टेट लेवल से लिंक भेजा जाता है उसे खोलने पासवर्ड दिया जाता है। सभी शिक्षकों के पास लिंक और पासवर्ड तो पहुंच गए पर ऐन परीक्षा के समय पासवर्ड डालने पर लिंक नहीं खुला और परीक्षा शुरू नहीं हो सकी है।

चल रही है राज्य स्तरीय आंकलन परीक्षा

सयुंक्त शिक्षाकर्मी, शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रांत अध्यक्ष केदार जैन ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 14 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक सावधिक आंकलन व फार्मेटिव आंकलन परीक्षा आयोजित है। जो ऑनलाइन प्रक्रिया से होना है। ग्रामीण क्षेत्रो में मोबाइल सर्वर/नेटवर्क नहीं होने से पूरी प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। एक ही काम को चार से पांच बार अलग-अलग तरीके से करने को लेकर इन दिनों शिक्षक पढ़ाने के बजाय इन कामों में व्यस्त है।

टीम्स टी एप, टेबलेट में जानकारी अपलोड करने, आंकलन करने और दशहरा व दीपावली अवकाश के चलते पढ़ाई ठप हो गई है। आखिर शिक्षा के गुणवत्ता के गिरते स्तर के लिए जिम्मेदार कौन? टीम्स टी-एप अभी तक सारे शिक्षकों का डाटा अपडेट नहीं हो पाया है।

प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने स्टेट लेवल आंकलन परीक्षा गत वर्ष से ली जा रही है। इस वर्ष भी परीक्षा शुरू हुई। तीसरी से आठवीं तक की परीक्षा समाप्त हो गई है । पहली और दूसरी की परीक्षा शनिवार से ली जानी थी। सुबह 7ः30 बजे जयपुर बधो स्कूल पहुंचे और शिक्षकों ने अपनी मोबाइल निकाल पासवर्ड डालकर प्रश्न देखने की कोशिश की तो लिंक खुला ही नहीं और घंटों परेशान रहे। एक दूसरे स्कूल से संपर्क शुरू हुआ। सभी जगह ऐसी ही स्थिति बताई गई । सरगुजा जिले के साथ सूरजपुर, बलरामपुर जिले में भी ऐसी जानकारी सामने आई है। गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने हर वर्ष प्रदेश स्तर से नवाचार किया जाता है। इससे शिक्षक खासे परेशान होते हैं। गुणवत्ता तो सुधरती नहीं पर माहौल ऐसा बनाया जाता है जैसे कुछ दिन में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेहतर हो जाएगी। स्टेट लेवल आंकलन परीक्षा में किस तरह की लापरवाही व खामियां हैं इसका पता तो गत वर्ष ही चल गया था। पेपर लीक हो चुके थे और कई जगह आधे-अधूरे प्रश्न पत्र पहुंचे थे । ऐसे में ब्लैक बोर्ड में लिखकर और प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी कराने की मजबूरी हो गई थी । इस बार भी तिमाही परीक्षा की तर्ज पर स्टेट लेबल असेसमेंट परीक्षा ली जा रही है। इसका स्वरूप बदल दिया गया है। मोबाइल पर सबकुछ उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि सरगुजा बलरामपुर व सूरजपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन ठीक नहीं होने के कारण मोबाइल भी काम नहीं करता। ऐसे में पासवर्ड डालकर लिंक को खोलना और प्रश्नपत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखना आसान नहीं होता। यहां की भौगोलिक स्थिति ऐसी नहीं कि हर जगह इंटरनेट की बेहतर व्यस्था हो।

वर्जन…

रायपुर में करीब 100 शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी तकनीकी दिक्कतों के कारण अभी टीम्स टी एप पर जानकारी अपडेट नहीं हो पाई है।

– जीआर चंद्राकर, डीईओ-रायपुर.

स्टूडेन्ट्स नकल ना करें इसलिए कॉलेज ने उठाया अजीबोगरीब कदम, इस हालत में दी छात्रों ने परीक्षा

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परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए कई तरीकों की जानकारी आपको होगी, लेकिन कर्नाटक के हावेरी में एक कॉलेज ने चीटिंग रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया जिसे जानकर आपको हैरानी होगी। कॉलेज प्रबंधन ने परीक्षा के दौरान छात्र नकल ना कर सकें इसके लिए उन्हें कार्डबोर्ड के बॉक्स पहना दिए। ऐसे में मजबूरी में छात्रों ने कार्डबोर्ड के बॉक्स पहनकर ही एक्जाम दी। यह वाकया हावेरी के भगत प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज का है। जहां एक्जाम हॉल में बड़ी संख्या में छात्र कार्डबोर्ड बॉक्स पहनकर एक्जाम देते हुए नजर आए। इस अजीबोगरीब घटना के बाद छात्रों में काफी नाराजगी दिखी, वहीं घटना की जानकारी वायरल होने के बाद जब राज्य शिक्षा विभाग को पास पहुंची तो हड़कंप मच गया और अधिकारियों द्वारा तत्काल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया।

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बता दें कि यह मामला तब सामने आया जब कॉलेज से जुड़े कुछ लोगों ने इस घटना के फोटो सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर शेयर कर दिए। इसके बाद यह तेजी से वायरल हो गए।

सामने आ रही जानकारी के मुताबिक इस अजीब कदम को उठाने के पीछे कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि छात्र नकल ना कर सकें इसलिए ऐसा काम किया गया। दरअसल, पूर्व में एक्जाम के दौरान छात्रों द्वारा चीटिंग के मामले सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने यह कदम उठाया।

भगत प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज चीटिंग रोकने के लिए अपने इस प्रयोग को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाने की भी तैयारी कर रहा था। इस बीच फोटो वायरल होने से मामला सामने आ गया। कॉलेज प्रबंधन द्वारा उठाए गए इस कदम से जहां प्रदेश की शिक्षा नीति और कॉलेज के काम काज के तरीके पर सवाल उठ गया है।

Single Use Plastic पर सरकार ने दिया चैलेंज, ढूंढ कर लाओ विकल्प, मिलेगा इनाम

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केंद्र सरकार देश में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की कोशिश में लगी है और इसके लिए तरह-तरह के कदम भी उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प ढूंढने की चुनौती रखी है और ढूंढ कर लाने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की है। हालांकि, यह घोषणा देश के स्टार्ट-अप्स के लिए है। इसमें सरकार ने स्टार्ट अप्स सिंगल-यूज प्लास्टिक का विकल्प प्रस्तुत करने की चुनौती रखी है। इसके तहत पहले विजेता को तीन लाख और दूसरे नंबर पर आने वाले को दो लाख रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा।

खबरों के अनुसार, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने बताया कि यह चुनौती इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप को सिंगल-यूज प्लास्टिक का विकल्प पेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह चुनौती सभी स्टार्ट-अप कंपनियों के लिए खुली होगी। लेकिन पेश किए प्रोडक्ट व्यावहारिक हों, प्रोडक्ट के सैद्धांतिक सबूत हों या बड़े पैमाने पर उसका उत्पादन संभव हो।

विजेताओं का चुनाव विशेषज्ञों का एक पैनल करेगा। प्रतिभागियों में से सबसे पहले उपयुक्त की छंटनी की जाएगी। इसके बाद विभाग द्वारा निर्धारित किए गए मानकों पर खरा उतरने वाले उत्पाद को पुरस्कृत किया जाएगा। विजेताओं की घोषणा इसी महीने की 31 तारीख को की जाएगी। गौरतलब है कि सरकार सिंगल-यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

हालांकि अभी तक इसका कोई सस्ता और टिकाऊ विकल्प मौजूद नहीं होने के कारण इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया गया है। फिलहाल अभी इस तरह की प्रदूषणकारी प्लास्टिक से छुटकारा पाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सर्वाधिक प्रयोग किए जाने वाले सिंगल-यूज प्लास्टिक के अंतर्गत प्लास्टिक के बैग, सोडा और पानी की बोतलें, खाने को पैक करने की चीजें, पेय पदार्थों के लिए उपयोग में आने वाली छोटी पाइप (स्ट्रॉ) आदि हैं।

MP: हनी ट्रैप मामले की तीनों आरोपियों ने जीते जेल में इनाम, ये थी वजह

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हनी ट्रैप मामले में प्रदेश के साथ देश में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और इसमें लगातार नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को एक और मामला सामने आया. इंदौर की जिला जेल में हनी ट्रैप मामले की आरोपियों ने दीपक सजाने की प्रतियोगिता में भाग लिया और उसमें जीत दर्ज की.

दिये को सजाने की प्रतियोगिता

दरअसल इंदौर की जिला जेल में बुधवार को दीपक सजाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई. इसमें जेल की महिला कैदियों के साथ ही पुरुष कैदियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. वहीं जेल प्रबंधक ने पांच-पांच के ग्रुपों में बांटकर उनके बीच में प्रतियोगिता को शुरू की.

एक से बढ़कर एक दिये बनाये

इस दौरान एक से बढ़कर एक दीपकों पर साज-सज्जा की गई. महिला कैदियों ने और पुरुष कैदियों ने साज-सज्जा की. इस प्रतियोगिता में हनी ट्रैप मामले की महिला आरोपी श्वेता पति विजय जैन. आरती दयाल और 19 वर्षीय छात्रा ने भी भाग लिया. इस प्रतियोगिता में तकरीबन 35 से अधिक बंदियों ने भाग लिया और एक से बढ़कर एक दिये बनाये.

तृतीय पुरस्कार हासिल

आधे घंटे तक चली इस प्रतियोगिता में जब रिजल्ट घोषित हुए तो उसमें हनी ट्रेप मामले की तीनों आरोपियों ने जीत दर्ज की. बता दें कि श्वेता पति विजय जैन और आरती दयाल ने संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार हासिल किया.

तीनों महिला आरोपी रिलेक्स मोड में

वहीं 19 वर्षीय छात्रा ने विशेष पुरस्कार अपने नाम किया फिलहाल जेल में बंद तीनों ही महिला आरोपियों ने अन्य महिला कैदियों की तरह ही दीपकों पर साज-सज्जा की. बता दें कि पिछले काफी दिनों से लगातार यह बात सामने आ रही थी कि जो महिला कैदी हैं वह अन्य महिला कैदियों से ठीक से बात नहीं कर रहीं हैं. लेकिन जब जेल के नजारे सामने आए तो अनुमान लगाया जा सकता है कि हनी ट्रेप ममाले की तीनों महिला आरोपी काफी रिलेक्स मोड में जेल में नजर आ रही हैं.

RSS ने अपने एक बयान से उड़ा दिए घुसपैठियों के होश, जानिए क्या कह दिया

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पूर्वोत्तर राज्य असम में एनआरसी लागू होने के बाद देश के कई राज्यों में इसे लागू करने की मांग उठ रही है, वहीं अब आरएसएस ने भी इस मांग का पुरजोर समर्थन कर घुसपैठियों के होश उड़ा दिए हैं। संघ के सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने कहा कि असम की तरह पूरे देश में एनआरसी लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ उन्होंने अयोध्या मामले में हिंदुओं के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद जताई। भैय्याजी ने संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के आखरी दिन पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही। 16 से 18 अक्टूबर तक चली इस बैठक में संघ के प्रांत स्तर के करीब 400 प्रचारकों ने हिस्सा लिया।

सरकार्यवाह ने कहा, ‘किसी भी सरकार का कार्य है कि देश में घुसपैठियों की पहचान करे और नीति बनाकर उसके आधार पर उचित कार्रवाई करे। अभी तक यह प्रयोग केवल असम में हुआ है। इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए।’ उन्होंने राम मंदिर के निर्माण को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, ‘हमारा मानना रहा है कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की बाधाएं समाप्त हों। अब जब इस मामले को लेकर न्यायालय में सुनवाई पूरी हो चुकी है और आशा करते हैं कि निर्णय हिन्दुओं के पक्ष में आएगा।’

न्यायालय से बाहर इस मामले को सुलझाने को लेकर चल रहे प्रयासों पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो भारत की प्रतिष्ठा विश्व में बढ़ी होती। उन्होंने कहा, ‘हमने भी इन प्रयासों का स्वागत किया था। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और न्यायालय में मामला लंबे समय तक चला। अब कानूनी सुनवाई पूरी हो गई है, अब सबको निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए।’

समान आचार संहिता के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘यह मांग काफी पुरानी है। संविधान निर्माण के समय ही इसका फैसला हो जाना चाहिए था। यह सभी के हित में है और किसी भी देश में उसके नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।’ कश्मीरी पंडितों की वापसी के संबंध में भैय्याजी ने कहा, ‘सुरक्षा कारणों से उन्हें अपने घरों से पलायन करना पड़ा था। हम चाहते हैं कि कश्मीर में सुरक्षा का पुन: वातावरण बने, ताकि कश्मीरी हिन्दू समाज की उनके अपने घरों में वापसी हो सके।’

भैय्याजी ने बंगाल में हुई हिंसा की घटना पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ‘किसी भी सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों की समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वामपंथी शासनकाल में विरोधी विचारधारा के प्रति प्रारम्भ हिंसा का चक्र वर्तमान सरकार के बाद भी अबाध गति से चल रहा है।’

इस मौके पर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार और सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर मौजूद रहे। इस दौरान देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के साथ संघ ने अपने अनुषांगिक संगठनों के कार्य की समीक्षा करने के साथ कार्यकर्ताओं की क्षमता संवर्धन पर रणनीति बनाई।

तेजस एक्सप्रेस को लेकर ये खबर आई सामने, जानिए

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बीते दिनों यह ट्रेन 40 से 50 फ़ीसदी सीटें खाली रहने के चलते चर्चा का विषय बनी थी। लेकिन इस बार यह ट्रेन जिस वजह से यह ट्रेन चर्चा में आई है, वह बेहद चौंकाने वाला है।

जानकारी के लिए बता दें कि तेजस एक्सप्रेस में एरोप्लेन की भांति रेल होस्टेस काम कर रही हैं, जो यात्रियों को खाना परोसने सहित तमाम अन्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाती हैं। लेकिन हाल ही

तेजस एक्सप्रेस में काम कर रही सभी एयर होस्टेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह इस ट्रेन में आने वाले सभी यात्रियों की सेल्फी लेने और वीडियो बनाने की हरकत से बेहद परेशान हैं। कई यात्री उन्हें बिना बताए सेल्फी लेने लगते हैं या वीडियो बनाने लगते हैं। जिससे उन्हें काफी असहजता महसूस होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि फिलहाल आईआरसीटीसी ने इस बात को लेकर कोई भी कड़ा नियम नहीं बनाया है।

जॉनसन एंड जॉनसन ने वापस मंगाए 33 हजार बेबी पाउडर, जांच नमूने में मिला कैंसर कारक तत्व

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अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन एक बार फिर अपने प्रोडक्ट को लेकर चर्चा में है. कंपनी के बेबी पाउडर में एस्बेस्टस यानि कैंसर कारक तत्व का पता चला है, जिसके बाद कंपनी ने करीब 33 हजार बेबी पाउडर्स को बाजार से वापस मंगा लिया है.

एस्बेस्टस एक घातक कार्सिनोजेन तत्व है, जिससे इंसानों में कैंसर बढ़ने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. कंपनी का कहना है कि यह पहली बार हुआ है जब मार्केट से जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर को वापस मंगाया गया है.

इस कदम के बाद 130 साल पुरानी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन को बड़ा झटका लगा है. बेबी पाउडर में इस तरह के कारक पाए जाने के बाद फिर से कंपनी पर सवालिया निशान खड़ा हो गए हैं.

जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी बेबी पाउडर, एंटीसाइकोटिक रिस्परडल ओपियोइड, मेडिकल डिवाइस और सहित कई तरह के प्रोडक्ट का निर्माण करती है.

यह पहली बार नहीं है जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के किसी प्रोडक्ट में कैंसर कारक तत्व होने की बात सामने आई है. इससे पहले उत्तर प्रदेश में कंपनी के बेबी शैंपू पर बैन लगाया गया था. ये फैसला शैंपू में रसायनिक तत्व फार्मेल्डिहाइड पाए जाने के बाद लिया गया था.

वहीं इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने तुरंत प्रभाव से इस कंपनी के प्रोडक्ट को बाजार से हटाने का निर्देश जारी किया था. राजस्थान ड्रग कंट्रोल की रिपोर्ट में बेबी शैम्पू में कैसरकारी तत्वों की मौजूदगी पाई गई, जिनसे कैंसर हो सकता था. इस रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए एनसीपीसीआर ने यह कदम उठाया था.