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छत्तीसगढ़ – किडनी की बीमारी से पीड़ित 71वें व्यक्ति की मौत, 22 को सुपेबेड़ा जाएंगी राज्यपाल…

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राज्यपाल अनुसुईया उइके 22 अक्टूबर को गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा जाएंगी। यहां किडनी की बीमारी अब तक 71 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछली सरकार के समय पहेली बनी सुपेबेड़ा अब तक अबूझ है। राज्यपाल के दौरे की सबसे खास बात यह है कि वो राज्य के स्वास्थ्य अमले के साथ नहीं बल्कि एम्स की टीम लेकर जाएंगी। तत्कालीन भाजपा सरकार के समय गरियाबंद के सुपेबेड़ा में किडनी की बीमारी से होने वाली मौत का खुलासा हुआ था। लगातार हो रही मौतों के बाद भाजपा सरकार के मंत्री भी वहां का दौरा कर इलाज की व्यवस्था करने की बात कही थी।

दिल्ली से भी चिकित्सकों की टीम आई थी। छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर लोगों का इलाज भी करवाया गया। सरकार बदली। वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी लगातार तीन बार सुपेबेड़ा का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लेकर चिकित्सकों को उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। लेकिन समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। एक-एक कर लोगों की मौतें हो रही हैं। लगातार मौतों के बाद भाजपा सांसद चुन्नीलाल साहू ने एक दिन पहले ही राज्यपाल स मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी थी।

सांसद द्वारा दी गई जानकारी के बाद राज्यपाल ने खुद वहां जाकर लोगों से मुलाकात करने आैर हालात की जानकारी लेने की इच्छा जताई है। बताया गया है कि राज्यपाल वहां एम्स की टीम लेकर जाने की तैयारी में हैं। इस खबर के बाद राज्य के स्वास्थ्य अमले की नींद उड़ी हुई है। वर्तमान में गांव में 200 से ज्यादा लोग किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं।


आज मेडिकल कॉलेज और एम्स द्वारा विशेष जांच शिविर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सुपेबेड़ा के निर्देश पर आज रायपुर मेडिकल कॉलेज आैर एम्स के विशेषज्ञों द्वारा विशेष जांच शिविर लगाई जा रही है। शिविर में दोनों अस्पतालों के विशेषज्ञ वहां क्रॉनिकल किडनी डिसीज की विशेष जांच करेंगे। एम्स के निदेशक, किडनी विशेषज्ञ, एमडी मेडीसिन और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा शिविर में मौजूद रहकर प्रभावितों की जांच की जाएगी।वहीं स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के निर्देश पर देवभोग में एमडी मेडीसिन की पदस्थापना कर दी गई है। साथ ही रायपुर के डीकेएस अस्पताल और एम्स में भी सुपेबेड़ा के लोगों के उपचार की व्यवस्था की गई है।

छत्तीसगढ़ : राजनांदगांव में छह दिन की बच्ची के पेट में मिला भ्रूण…

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 शहर में एक छह दिन की बच्ची के पेट में भ्रूण मिला है। यह भ्रूण बच्चादानी नहीं बल्कि उस बच्ची के पेट में है। शहर में संचालित विधि डायग्नोस्टिक और रिसर्च सेंटर में बच्चे की सोनोग्राफी करते समय डॉ.अमित मोदी (रेडियोलॉजिस्ट) हतप्रभ रह गए, जब उन्होंने जांच के दौरान पाया कि नवजात बच्ची के पेट में एक और भ्रूण मौजूद है। डॉक्टर ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में इस तरह का यह पहला केस है।

 इस तरह के केस को जांचने के लिए नितांत अनुभव और गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है। 17 अक्टूबर को सोनोग्राफी जांच के लिए डॉ.अनिमेष गांधी (नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ) गांधी नर्सिंग होम के माध्यम से आई महिला के छह दिन की बच्ची के पेट में भ्रूण पाया गया। डॉ. मोदी के मुताबिक इस स्थिति को चिकित्सीय भाषा में भ्रूण के अंदर भ्रूण कहा जाता है। चिकित्सा साहित्य में भारत में अब तक इस तरह के लगभग 9-10 मामले और पूरे विश्व में अब तक 200 मामले सामने आए हैं। यह केस पांच लाख जीवित जन्मों में से 1 में होता है। 

इस तरह का पहला मामला 18 वीं शताब्दी में दर्ज किया गया था


कैसे होता है भ्रूण के अंदर भ्रूण  : जब एक माता जुड़वां बच्चों से गर्भवती होती है तब एक अनोखी और अत्यंत दुर्लभ स्थिति बनती है। जिसमें एक भ्रूण दूसरे भ्रूण के उदर में स्थान ले लेता है। भ्रूण में भ्रूण की उत्पत्ति के बारे में दो सिद्धांत हैं। पहला वह स्थान है जहां मेजबान जुड़वां के शरीर के अंदर एक परजीवी जुड़वां भ्रूण विकृत होता है और दोनों रक्त की आपूर्ति को साझा करते हैं। दूसरी बात यह है कि भ्रूण के अंदर भ्रूण टेरेटोमा का एक (अत्यधिक विभेदित) रूप है। ऊत्तकों से विदेशी ट्यूमर से उस क्षेत्र या शरीर के उस हिस्से में बना होता है जिसमें वे पाए जाते हैं।


आहार लेने में परेशानी, रायपुर में होगा ऑपरेशन : पेट में भ्रूण के अंदर भ्रूण होने से नवजात बच्ची को स्वास्थ्य गत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उसे आहार लेने में परेशानी आ रही है। डॉ. मोदी की माने तो ऑपरेशन के जरिए भ्रूण को निकाला जाएगा, राजनांदगांव में तो नहीं लेकिन रायपुर बड़े अस्पतालों में ऑपरेशन संभव है। ऑपरेशन के बाद बच्ची स्वस्थ्य जीवन जी सकेगी।

छत्तीसगढ़ – 6 महीने में ही हवाई यात्रियों की संख्या 10 लाख पार, इस साल 12 लाख तक पहुंचने का अनुमान…

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इस साल एक ही महीने में नवरात्रि, दशहरा और दिवाली का त्योहार होने की वजह से हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल सितंबर से अप्रैल 10 लाख 32 हजार 925 यात्रियों ने रायपुर से उड़ान भरी है। अभी इस में त्योहारी सीजन का आंकड़ा शामिल नहीं है। ऐसे में मान जा रहा है कि इस साल यानी अप्रैल 2020 के पहले तक यात्रियों की संख्या 12 लाख के पार हो जाएगी। पिछले साल 2018-19 में 9 लाख 96 हजार 972 यात्रियों ने सफर किया था। घरेलू यात्रियों के उड़ान के मामले में रायपुर देश के टॉप फाइव घरेलू एयरपोर्ट में शामिल हैं। इस साल रैंकिंग सुधरकर टॉप थ्री में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। अभी तक इस सीजन में यात्रियों की संख्या 3 फीसदी तक बढ़ गई है।


छत्तीसगढ़ से लगातार एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की वजह से हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रायपुर से आसानी से अभी महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, अोडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलांगना, गोवा तमिलनाडु के साथ ही कनेक्टिंग फ्लाइट से देश के और कई राज्यों में सीधे पहुंचा जा सकता है। छत्तीसगढ़ में कारोबार बढ़ने और यहां से ज्यादा युवाओं के बाहर पढ़ने जाने की वजह से भी यात्रियों की संख्या लगातार हर महीने बढ़ रही है।

रायपुर देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हैं जहां से दिल्ली के लिए एक दिन में आठ उड़ानें उपलब्ध हैं। इनमें इंडिगो की चार, विस्तार की दो और एयर इंडिया की दो उड़ानें शामिल हैं। सुबह, दोपहर, शाम और रात को किसी भी समय यात्री दिल्ली से रायपुर आना-जाना कर सकते हैं। रायपुर से अभी मुंबई के लिए ही फ्लाइटें अभी कम हुई हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर राकेश आर सहाय का कहना है कि इस संबंध में लगातार एयरलाइंस कंपनियों से बात की जा रही है। कुछ कंपनियों ने मुंबई के लिए नई फ्लाइट शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई है।
पिछले साल 2018-19 में 9 लाख 96 हजार 972 यात्रियों ने किया था सफर

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने गोंडी भाषा में राजमन बेंजाम को वोट देने की अपील की

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चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव में मतदाताओं से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम गोंडी भाषा में कांग्रेस उम्मीदवार राजमन बेंजाम को वोट देने की अपील की। चित्रकोट विधानसभा के लिए हो रहे उपचुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मतदाताओं से गोंडी भाषा में एक अपील जारी की है जिसमें मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवार राजमन बेंजाम को वोट देने की अपील की गई। अपील में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार, तीजा, हरेली, विश्व आदिवासी दिवस को महत्व दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नया सम्मान और नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इसी अभिनव पहल का परिणाम है कि आज न केवल सरकार बल्कि कांग्रेस पार्टी भी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए वहां की गोंडी भाषा का प्रयोग कर रही है। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि मोहन मरकाम की इस अपील का चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र व्यापक स्वागत हो रहा है। चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं में इस अपील को लेकर बड़ी उत्सुकता और आकर्षण है और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार राजमन बेंजाम को इसका निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। 

छत्तीसगढ़ : राजा से नजराने में मिली जमीन पर 70 वर्ष बाद मिला मालिकाना हक

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हाई कोर्ट ने राजा से नजराने में मिली जमीन से बेदखली के लिए शासन द्वारा जारी आदेश को निरस्त किया है। 70 वर्ष बाद याचिकाकर्ता को जमीन पर मालिकाना हक मिला है। प्रकरण विभिन्न् राजस्व न्यायालय, सिविल न्यायालय में चलने के बाद हाई कोर्ट आया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा 1950 से घर बनाकर रहने के कारण शासन के बेदखली आदेश को निरस्त किया है। आजादी के पहले रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ निवासी बनवारी लाल को राजा चंद्रचूड़ प्रताप सिंह जूदेव द्वारा गठित सेनिटेशन कमेटी द्वारा उदयपुर रियासत(धरमजयगढ़) के बाजारपारा स्थित चबूतरा क्रमांक चार व पांच की जमीन का पट्टा प्रदान किया गया था। इसके एवज में बनवारी लाल ने 27 दिसंबर 1947 को 500 रुपये नजराना जमा किया। स्वतंत्रता के बाद रियासतों का विलय किया गया।

बनवारी लाल ने सेटलमेंट व वार्षिक लगान निर्धारण के लिए तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आवेदन दिया। अनुविभागीय अधिकारी ने 60 रुपये वार्षिक लगान निर्धारित करते हुए जमीन पर बने मकान का सेटलमेंट करने की अनुशंसा कलेक्टर रायगढ़ को भेजी। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी के अनुशंसा पत्र को फिर से विचार करने लौटा दिया। 1964 में राज्य शासन ने बेदखली आदेश जारी किया।

इसके खिलाफ मामला आयुक्त बिलासपुर, राजस्व न्यायालय, सिविल न्यायालय एवं सत्र न्यायालय में चलता रहा। रायगढ़ सत्र न्यायालय ने राज द्वारा गठित सेनिटेशन कमेटी को जमीन देने का अधिकार नहीं होने के कारण बेदखली आदेश को यथावत रखते हुए परिवाद खारिज कर दिया।

इसके बाद अधिवक्ता एएन भक्ता व विवेक भक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। जस्टिस संजय के. अग्रवाल के कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने पाया कि बनवारी लाल के वारिस जमीन पर तीन अप्रैल 1950 से मकान निर्माण कर रह रहे हैं। धारा 248 (1) के तहत शासन को बेदखल करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने शासन के बेदखली आदेश को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता के परिवार वालों को राजा से पट्टा में मिली जमीन पर 70 वर्ष बाद मालिकाना हक मिला है।

छत्तीसगढ़ : जशपुर ने जीता ओवर ऑल चेम्पियनशिप का खिताब

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 जशपुर में खेली गई 19 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता में जशपुर जोन ने हॉकी और फुटबाली स्पर्धा में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चेम्पियशिप का खिताब जीता। नगर के रणजीता स्टेडियम में विधायक विनय भगत के मुख्य आतिथ्य में शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का रंगारंग समापन हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष हीरू राम निकुंज ने की। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य फुलकेरिया भगत, जनपद अध्यक्ष शारदा प्रधान सहित अजय गुप्ता, ममता भगत, सहस्त्रांशु पाठक, योगेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक शंकरलाल बघेल प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी एसडीएम दशरथ सिंह राजपूत, जिला शिक्षा अधिकारी एन कुजूर उपस्थित थे। मुख्य अतिथि विधायक विनय भगत ने समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है। उन्होंने प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो लोग प्रतियोगिता में किन्ही कारणों से जीत हासिल करने से वंचित रह गए है। उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है। हार के बाद ही जीत होती है। असफलता को चुनौती के रूप में स्वीकार करो, कहां और क्या कमी रह गई है, उसमें सुधार करो। श्री भगत ने कहा कि शासन और प्रशासन का यह प्रयास रहेगा कि आगामी वर्ष की शालेय क्रीडा प्रतियोगिता एस्ट्रोट्रफ के मैदान पर हो। उन्होंने खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए जशपुर में खेल अकादमी की स्थापना की जाएगी। समापन समरोह की अध्यक्षता कर रहे नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष हीरूराम निकुंज ने कहा कि खेल का मैदान हमें हर परिस्थिति में जीवन जीने और हौसला रखने की सीख देता है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरे मनोयोग से अपने खेल को बेहतर बनाने का आहवान किया। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने स्पर्धा में शामिल सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को जिला प्रशासन की ओर से बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी जोन के खिलाड़ियों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन कर स्पोर्ट्समैनशिप का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय बदल गया है। अब खेल को कैरियर के रूप में भी अपनाया जाने लगा है। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर अभ्यास करने और अपनी प्रतिभा को निखार कर प्रदेश और देश का नाम रौशन करने की अपील की। कलेक्टर ने खेल प्रशिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उनके खेल को बेहतर बनाने का प्रयास करें। कलेक्टर ने डीएमएफ मद से जशपुर में खेल सुविधाओं के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराने की बात कही। इस अवसर पर सभी 12 जोन के खिलाड़ियों के दल ने आकर्षक मार्च पास्ट किया। महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल, हॉलीक्रास कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं द्वारा शानदान गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी गई। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में हॉलीक्रास स्कूल घोलेंग के छात्र-छात्राओं के बैण्ड दल ने सराहनीय प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अंत में शालेय क्रीडा स्पर्धा के चेम्पियनशिप रहे जशपुर सहित विभिन्न स्पर्धा के विजेता-उप विजेता एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जोन को मेडल एवं स्मृृति चिन्ह प्रदान कर समानित किया गया। स्पर्धा में श्रेष्ठ मार्च पास्ट के लिए सरगुजा जोन तथा श्रेष्ठ अनुशासन के लिए कबीरधाम जोन को सम्मानित किया गया है।

क्रीडा प्रतियोगिता के परिणाम

खो-खो बालक 14 वर्ष की स्पर्धा में दुर्ग जोन विजेता रहा। कांकेर उपविजेता रहा जबकि तृतीय स्थान कोण्डागांव जोन ने प्राप्त किया। इसी तरह खो-खो बालिका 14 वर्ष की स्पर्धा में दुर्ग जोन विजेता रहा। जशपुर उपविजेता रहा जबकि तृतीय स्थान कांकेर जोन ने प्राप्त किया। फुटबाल बालक 14 वर्ष की स्पर्धा में कोण्डागांव विजेता बना। सरगुजा उपविजेता तथा जशपुर जोन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। फुटबाल बालिका 14 वर्ष में बस्तर ने विजेता तथा सरगुजा ने उपविजेता का खिताब जीता। जशपुर तीसरे स्थान पर रहा। हॉकी बालक 19 वर्ष की स्पर्धा में जशपुर ने विजेता, कबीरधाम ने उपविजेता का खिताब जीता। राजनांदगांव जोन को इस स्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। हॉकी बालिका 19 वर्ष की स्पर्धा में राजनांदगांव जोन विजेता रहा। सरगुजा उपविजेता तथा रायपुर जोन को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। फुटबाली डबल बालक 19 वर्ष में जशपुर ने विजेता तथा सरगुता ने उपविजेता का खिताब जीता। कोरिया को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। फुटबाली ट्रिपल बालक 19 वर्ष का खिताब सरगुजा जोन ने जीता। कोरिया उपविजेता रहा जबकि बिलासपुर जोन ने तीसरा स्थान हासिल किया। फुटबाली फोर्थ बालक 19 वर्ष में जशपुुर विजेता सरगुजा उपविजेता तथा कोरिया तीसरे स्थान पर रहा। फुटबाली डबल बालिका 19 वर्ष में जशपुर विजेता, दुर्ग उपविजेता तथा कोरिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। फुटबाली ट्रिपल बालिक 19 वर्ष में जशपुर विजेता, सरगुजा उपविजेता तथा कोरिया ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। फुटबाली फोर्थ बालिक 19 वर्ष में सरगुजा विजेता कवर्धा उपविजेता तथा कोरिया ने तीसरे स्थान प्राप्त किया।

चिली पोटैटो बनाने की आसान रेसिपी जो खाने में भी बहुत ही टेस्टी और मजेदार होगा

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आवश्यक सामग्री
3 बड़े आलू
1प्याज लंबे स्लाइस में कटा हुआ
1शिमला मिर्च लंबे स्लाइस में कटा हुआ
2 चम्मच कॉर्न फ्लोर
2 चम्मच मैदा
1चम्मच अदरक – लहसुन पेस्ट
1चम्मच नमक
कोटिंग के लिए
3 चम्मच चावल का आटा
2 चम्मच मैदा
8 से10 लहसुन की कलियां बारीक कटा हुआ
5 हरी मिर्च बीच में से चीरा लगाया हुआ
1 चम्मच रेड चिली सॉस 3 चम्मच टॉमेटो सॉस 1चम्मच विनेगर 1चम्मच सोया सॉस
1चम्मच कॉर्न फ्लोर
तलने के लिए तेल
बनाने की विधि
सबसे पहले आलू को लंबे स्लाइस में काटकर 5 मिनट के लिए पानी में भिगो दें।अब इस आलू को एक बाउल में निकालें और मैदा, कॉर्न फ्लोर आधा चम्मच नमक व अदरक – लहसुन का पेस्ट डालकर मिक्स करके रखें फिर कोटिंग के लिए एक कटौरी में मैदा व चावल का आटा डालें और जरूरत के हिसाब से पानी डालकर गाढा घोल तैयार करें। अब एक कढ़ाई में तेल गरम करें फिर आलू को घोल में डुबोकर तेल में फ्राई करें।अब एक कढ़ाई 2 चम्मच तेल डालकर गरम करें फिर लहसुन व हरी मिर्च डालकर भूनें प्याज व शिमला मिर्च डालें और चलाएं जरूरत के हिसाब से हल्का नमक डालें फिर पानी डालकर अच्छी तरह से मिलाएं फिर पानी सूखने के बाद सभी सॉस डालें और हल्का पकाने के बाद 1चम्मच कॉर्न फ्लोर पानी में घोलकर डालें और हल्का-हल्का चलाते हुए मिक्स करें अच्छी तरह मिक्स होने के बाद गैस बंद करें और ऊपर से हरे प्याज के डालकर गरमा गरम सर्व करें।

मुँह में पानी आ जायेगा भरवा करेला जो एक बार खायेंगे

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आवश्यक सामग्री
10 छोटे आकार का करेला
2 कप पानी
नमक स्वादानुसार
मसाला बनाने के लिए
2 चम्मच शाबूत धनिया
1 चम्मच शाबूत जीरा
1 चम्मच सौंफ
1/4 चम्मच मेथी दाना
एक चुटकी हल्दी पाउडर
2 चम्मच आमचूर पाउडर
1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
3 चम्मच तेल
एक चुटकी हिंग
1 प्याज बारीक कटा हुवा
1 चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट
2 चम्मच पानी
नमक स्वादानुसार
अन्य सामग्री
2 चम्मच तेल
एक चुटकी हिंग
बांधने के लिए धागा
बनाने की विधि
सबसे पहले तेल को pan में डालकर गर्म करे और इसमें कटे हुए प्याज डालकर इसे बीच बीच में चलाते हुए light golden fry केर ले. अब इसमें लहसुन अदरक का पेस्ट मिलाये और लगातार चलाते हुए 30 सेकंड्स तक भुने. अब इसमें शाबूत मसालों को डाले और इसे अच्छे से पका ले.
अब इसमें सभी मसालों को डाले और स्वादानुसार नमक भी मिला ले. इसे चलाते हुए अच्छे से भून ले. इसमें 2 चम्मच पानी मिला ले जिससे मसाले जलने ना पाए और अच्छे से भून जाए. आंच को बंद कर दे और stuffing को थोड़ा ठंडा हो जाने दे जिसे हम करेले में भरेंगे.
करेले को धुल कर साफ़ कर ले और इए ऊपर से थोड़ा सा छील ले जिस से की इसमें से कडवापन चला जाए. अब बीच में से चीरा लगाकर करेले को खोल ले जिससे की stuffing भरने में आसानी हो जाए. अब इसमें तैयार stuffing से भर दे. करेले को आप चाहे तो धागे से बाँध दे जिससे stuffing बाहर ना आने पाए.
अब pan में 2 चम्मच तेल डालकर गर्म करे और हिंग का इसमें तड़का लगाये अब इसमें करेले को डाले और 5 मिनट तक इसे हर तरफ से अच्छे से fry कर ले. फिर इसे ढँक कर बिलकुल धीमी आंच पर अगले 15 से 20 मिनट तक पकने के लिए छोड़ देंगे. बीच बीच में खोलकर सुनिश्चित कर ले की करेला जलने ना पाए. जब यह पक कर तैयार हो जाए तो हम आंच बंद कर देंगे. लीजिये तैयार है हमारा करेला का भरता जिसे हम चावल या अपने पसंद के रोटी के साथ serve करेंगे.

जानिए कब है धनतेरस और इस धनतेरस क्या खरीदना है आपके लिए शुभ

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हर साल दिवाली से 2 दिन पहले धनतेरस मनाने की परंपरा है। इस दिन देवी महालक्ष्मी और कुबेर का पूजन होता है। इस साल धनतेरस 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कोई भी समान लेना बहुत ही शुभ माना जाता है।

इस दिन गणेश-लक्ष्मी को घर लाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ-साथ यमराज की भी पूजा की जाती है। पूरे वर्ष में एक मात्र यही वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। यह पूजा दिन में नहीं की जाती, अपितु रात होते समय यमराज के निमित्त एक दीपक जलाया जाता है।

धनतेरस पूजा मुहूर्त- शाम 07.08 बजे से रात 8.14 बजे तक

अवधि- 1 घंटा 06 मिनट

धनतेरस के दिन तांबे, पीतल, चांदी के नए बर्तन खरीदना काफी जरूरी और शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन खील बताशे और मिट्टी के दीपक, एक बड़ा दीपक भी जरूर खरीदें. इन सब के अलावा इस दिन जेवर खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है।

जिन लोगों के पास है पुराना ड्राइविंग लाइसेंस उनके लिए आई जरूरी सूचना, क्लिक करके तुरंत जानें

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वाहन चालक के लिए का ड्राइविंग लाइसेंस बहुत ही जरुरी है, इन दिनों सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर नए नए रूल भी बना दिए है, और नये मोटर व्हीकल एक्ट के बाद से अपना ड्राइविंग लाइसेंस साथ में रखना बहुत जरुरी हो गया है। अभी हाल में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर भी कुछ बदलाव हुए है, ऐसे में जो लोग पुराना ड्राइविंग लाइसेंस रखते हैं उनके लिए जरूरी सूचना आई है। जिसके बारे में जानना सभी लोगों के लिए बेहद जरूरी है।

अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस और RC में माइक्रोचिप और QR कोड लगे होंगे, इसके अलावा अब हर राज्य के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और RC की छपाई एक जैसी होगी, जो की पहले अलग-अलग होती थी। इसके अलावा इसका फोर्मेट भी अब एक जैसा होगा।

ड्राइविंग लाइसेंस में लगे QR कोड में पिछले सारे रिकॉर्ड की जानकारी होगी, जिसकी मदद से केंद्रीय डाटा बेस से चालक और वाहन के बारे में सारा रिकॉर्ड देखा जा सकेगा। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस पर एमरजेंसी नम्बर दिया जाएगा, इसके अलावा नए DL और RC में सभी जानकारी एक तरफ ही दी जायेंगी।