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दुर्ग के मैकेनिक ने तैयार किया ऐसा लिक्विड, जो नहीं होने देगा टायर को पंक्चर

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दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाने वालों को टायर पंक्चर होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे जहां समय बर्बाद होता है, वहीं पैसे भी खर्च होते हैं, लेकिन अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। दुर्ग के रहने वाले मैकेनिक तुका लाल वर्मा ने ऐसा लिक्विड तैयार किया है जो गाड़ी को पंक्चर नहीं होने देता।

इसकी पुष्टि छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक ने की है। परिषद ने इस लिक्विड को भारत पेटेंट कार्यालय के कोलकाता रीजन में रजिस्टर्ड करा दिया है। यह लिक्विड टायर में कील लगने के बाद भी हवा निकलने नहीं देता। यह ट्यूब लेस टायर और ट्यूब वाले टायर दोनों में काम करता है।

पांच साल लगे बनाने में

बातचीत में मैकेनिक तुका लाल ने बताया कि पांच वर्षों की मेहनत से पिछले वर्ष लिक्विड तैयार हुआ। लिक्विड तैयार होने के बाद इसे टायर के अंदर लेप की तरह लगाया। फिर टायर में दस कील ठोकी, लेकिन हवा बाहर नहीं आई।

इस तरह करता है कार्य

टायर में जब कील घुसती है तो आजू-बाजू के छेद को लिक्विड अपने आप बंद कर देता है। कील को जब टायर से बाहर निकाला जाता है तो पुन वह लिक्विड किल के साथ बाहर आते हुए छेद को अपने आप बंद कर देता है।

इतना लगाना होगा लिक्विड

स्कूटर और मोटरसाइकिल में – 300 से 500 ग्राम तक

कार और जीप में – 800 ग्राम तक

ये है लिक्विड की अवधि

-ट्यूबलेस टायर में लिक्विड 20 हजार किलोमीटर तक काम करता है

– ट्यूब वाले टायर में तीन साल तक लिक्विड काम करता है

टायर की मल्टीनेशनल कंपनियां दे रहीं ऑफर

मैकेनिक ने बताया कि फार्मूले के बारे में जैसे ही टायर बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों को पता चला, उन्होंने खरीदने के लिए ऑफर किया। कई कंपनियों ने नौकरी के साथ पैसे देने का भी ऑफर दिया है। कंपनियों ने स्वयं अपने शो रूम में लिक्विड को चेक किया। मैकेनिक ने बताया कि इसका प्रयोग ट्रक के टायर में नहीं किया गया है।

इनका कहना है

छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद का पेटेंट सूचना केंद्र प्रदेश के शोधकर्ताओं एवं जनमानस द्वारा किए गए नवाचार को संरक्षित करने तथा उन्हें उचित मंच और लाभ मिले इसके लिए अनवरत कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग के तुका लाल वर्मा की खोज को बेहतर मंच देने के लिए परिषद ने उसे पेटेंट कराया है। -डॉ. अमित दुबे, वैज्ञानिक छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर

छत्तीसगढ़ : मिट्टी के दीये बेचने वालों से निगम नहीं वसूलेगा टैक्स

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महापौर प्रमोद दुबे ने दिवाली के मद्देनजर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिट्टी के दीये बेचने वालों से किसी भी प्रकार से टैक्स की वसूली न की जाए। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि निगम द्वारा उन्हें किसी भी तरह से बदनाम न किया जाए। महापौर ने बताया कि निगम सीमा के अंतर्गत विभिन्न बाजारों में दिवाली के सीजन में मिट्टी के दीये बेचने आते हैं। अन्य ठेले, पसरे, खोमचे वालों से हर ठेले वालों की तरह उनसे भी टैक्स लिया जाता है, जो अब नहीं लिया जाएगा।

फलों पर स्टीकर लगाना प्रतिबंधित, व्यापारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। बीते दिनों विभाग ने त्यौहार से पहले कई संस्थानों में दबिश देकर भारी मात्रा में मिलावटी सामान बरामद किया है। इस दौरान ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि फल में स्टीकर लगे हुए हैं, जबकि स्टीकर लगाना प्रतिबंधित है। विक्रेताओं को हिदायत दी गई कि वे स्टीकर लगे फलों को न बेंचे।

साथ ही जनता से भी स्टीकर लगे हुए फल नहीं खरीदने की अपील की है। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले फल विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर असुरक्षित खाद्य का संग्रह, वितरण और विक्रय करते पाया जाएगा तो उनके विरूद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजार में बिकने वाले सेब, आम, संतरा, अमरूद, केला, सीताफल, नाशपाती फलों में स्टीकर चिपके होते हैं। अधिकांश व्यापारी फल के ऊपर स्टीकर का इस्तेमाल प्रीमियम दिखाने या कई बार फलों के खराब हिस्सों की खामियां छुपाने के लिए करते हैं।

फलों पर जो स्टीकर चिपके होते है उन पर व्यापारी की ब्राण्ड का नाम, ओके टेस्टेड, बेस्ट क्वालिटी या फल का नाम भी लिखा होता है। फल विक्रेता फलों में स्टीकरों का इस्तेमाल उत्पाद को प्रीमियम दर्जे का दिखाने के लिए करते है, जो नियमों के विरुद्ध है।

छत्तीसगढ़ : एजेंट से रेल टिकट बुक कराएं तो रहे सावधान, वरना हो सकती है ऐसी धोखाधड़ी

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ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के एजेंट यात्रियों की हड़बड़ी का फायदा उठाकर उन्हें चपत लगा रहे हैं। गुरुवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें तीन यात्रियों से एक्सप्रेस का किराया लेकर उन्हें पैसेंजर का टिकट थमा दिया गया।

जल्दबाजी में यात्री टिकट की जांच नहीं कर पाए और मेल से रायपुर पहुंच गए। वहां ट्रेन से उतरते ही टीटीई ने जांच की और 640 रुपये जुर्माना ठोंक दिया। यात्रियों ने बिलासपुर लौटकर इस मामले की शिकायत जन शिकायत सेल के अलावा जीआरपी थाने में की है।

मामला गुरुवार की सुबह का है। लोमेश सिंह, शुभम और सूर्या नाम के तीनों यात्रियों को रायपुर जाना था। तीनों दोस्त हैं। इनमें से एक की रायपुर में परीक्षा थी।

इसी में शामिल होने के लिए ट्रेन से जाने तीनों जोनल स्टेशन पहुंचे। पीआरएम के जनरल टिकट काउंटर में कतार थी। इसलिए उन्होंने गेट क्रमांक एक पर संचालित ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट लिए।

उस समय हावड़ा- मुंबई मेल थी। सभी टिकट लेकर ट्रेन में बैठ गए। रायपुर पहुंचने पर टीटीई ने टिकट मांगा। टिकट देखकर जुर्माना पटाने कहने लगा। इस पर यात्री हैरान रह गए और यह पूछने लगे कि टिकट है तो क्यों जुर्माना दें। इस पर टीटीई ने उन्हें बताया कि यह पैसेंजर टिकट है और वह एक्सप्रेस में पहुंचे हैं। इसके बाद यात्रियों ने टिकट दिया। पूरी घटनाक्रम और एटीवीएम मशीन के कर्मचारी द्वारा की गई बदमाशी की जानकारी भी दी।

लेकिन टीटीई ने नहीं मानें और दो पर बिना टिकट का जांच लेते जुर्माना कर दिया। शाम को तीनों बिलासपुर लौटे और इस मामले की लिखित शिकायत करने का निर्णय लिया। पहले जन शिकायत सेल इसके बाद जीआरपी थाने में शिकायत की। हालांकि इससे पहले वह बुकिंग कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी दी।

अधिकारी ने मशीन में मौजूद कर्मचारी को तलब कर फटकार भी लगाई। साथ ही उनकी राशि लौटाने के लिए कहा। इस पर कर्मचारी केवल टिकट किराया देने के लिए राजी हुआ, जब वह इस बात पर अड़े रहे कि जुर्माना भी उसी की वजह से हुई इसलिए उसे दें। कर्मचारी के अडियल रवैये को देखते हुए उन्होंने थाने में शिकायत की है।

अमला कभी नहीं करता जांच

मशीन में मौजूद कर्मचारी यात्रियों की हड़बड़ी का इसी तरह फायदा उठाकर यात्रियों को चूना लगाते हैं। आज की घटना के बाद यह माना जा सकता है कि पहले भी उनके द्वारा इसी तरह बदमाशी की गई होगी। इन पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी वाणिज्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की है। लेकिन हकीकत यह है कि वे कभी भी इनकी जांच नहीं करते हैं।

लिखित शिकायत अभी नहीं मिली है। केवल इस तरह मामले की सूचना मिली है। शिकायत आने के बाद मामले की जांच की जाएगी। यदि एजेंट ने बदमाशी की है तो उसके खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। पुलकित सिंघल सीनियर डीसीएम, बिलासपुर रेल मंडल

छत्तीसगढ़ : ये लापरवाही की तो पटवारियों को जाना पड़ेगा जेल, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

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विपणन वर्ष 2019-20 के लिए धान खरीदी की तैयारी शुरू हो गई है। इस बीच धान के औसत उत्पादन का आंकलन भी जमीनी स्तर पर प्रारंभ हो गया है। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि इस गिरदावरी की प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई तो पटवारियों की खैर नहीं । गिरदावरी को लेकर जिला प्रशासन ने जबदरस्त सख्ती दिखाई है। गड़बड़ी पाए जाने पर जेल तक भेजने की चेतावनी दी गई है।

गिरदावरी की प्रक्रिया के तहत किसानों की बुआई की गई जमीन का सत्यापन और अनुमानित उत्पादन का अंदाजा लगाया जाता है। खेतों में जाकर इसका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इस रिकॉर्ड के आधार पर ही किसानों से धान की खरीदी करने की तैयारी है। एक एकड़ में 15 क्विंटल धान किसानों से 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के दर से सरकार ने बीते वर्ष खरीदी की थी।

पड़ोसी राज्य झारखण्ड और ओडिसा से आने वाली धान के खेप को रोकने के लिए इस बार प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया के शुरूआत से ही सख्त रूख दिखाना शुरू कर दिया है। इस वक्त जिले में चालू सीजन की धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन और गिरदावरी की प्रक्रिया की जा रही है। यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरा किया जाना है।

धान खरीदी के लिए गिरदावरी की प्रक्रिया सबसे अहम मानी जा रही है। प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ियों की शुरूआत भी यहीं से होती है। अगर प्रशासन के पास किसानों की कुल जमीन और धान बोआई के रकबे की सही-सही जानकारी उपलब्ध हो तो आवक होने के बावजूद अन्य प्रांत से आने वाले धान को बेच पाना संभव नहीं होगा। लेकिन काली कमाई के चक्कर में कोचिया राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके किसानों के पर्चा के माध्यम से यह गोरखधंधा करते हैं।

इसके बाद लाख प्रयास के बावजूद धान खरीदी में गड़बड़ी को रोक पाना शासन-प्रशासन के लिए संभव नहीं हो पाता है। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने गिरदावरी प्रक्रिया से जमीनी राजस्वकर्मियों पटवारियों, अधिकारियों को इस बार चेतावनी जारी किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ : वाहन चालकों ने पहना हेलमेट तो पुलिस ने दिया यह तोहफा

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लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती । कुछ किए बिना ही जय जय कार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती । प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन की इस कविता को मुंगेली व बिलासपुर जिले के दो आला अफसरों ने चरितार्थ कर दिखाया है। कुछ अलग करने के साथ ही लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मुंगेली कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे व बिलासपुर पुलिस अधीकक्षक प्रशांत अग्रवाल ने गुरुवार से दो खास अभियान की शुरुआत की ।

मुंगेली कलेक्टर ने एक आदेश जारी कर मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों व अन्य लोग जो इस व्यवसाय से जुड़े हैं और उनकी आजीविका का साधन है। इस दिवाली लोगों से मिट्टी के दीये खरीदने अभियान चलाने के निर्देश दिए। तो दूसरी ओर बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक ने यातायात नियमों को प्रोत्साहन देने व लोगों को जागरुक करने के लिए ऐसे दोपहिया वाहन चालक जो स्वेच्छा से हेलमेट लगाकर बाइक चलाते दिखे उनको गुलाब का फूल भेंटकर शाबासी दी व साथियों को भी हेलमेट लगाने प्रोत्साहित करने की अपील भी की । ऐसे चार पहिया वाहन चालक जो सेफ्टी बेल्ट लगाकर ड्राइव कर रहे थे उनको भी पुलिस अधीक्षक ने गुलाब का फूल भेंटकर शाबासी दी ।

पुलिस अफसरों को देखकर बाइक चालक हिचकते भी रहे

हेलमेट लगाकर बाइक चलाने वालों को जब यातायात पुलिस व पुलिस के अफसर रुकने का इशारा कर रहे थे उस वक्त बाइक चालकों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि बगैर हेलमेट वालों के बजाय उनको क्यों रोका जा रहा है।

कुछ बाइक चालक कार्रवाई की डर से बुलाने के बाद भी जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। तब ट्रैफिक पुलिस के जवान सामने एसपी द्वारा हेलमेट पहनने के कारण सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दे रहे थे। यह जानकारी मिलने के बाद ही बाइक चालक अफसरों के बीच पहुंचे ।

छत्तीसगढ़ में निकली ग्रामीण डाक सेवकों के इतने पदों के लिए भर्ती, जल्द करें आवेदन

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 भारतीय डाक विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ पोस्टल सर्कल में 1799 ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) पदों के लिए भर्तियां निकाली गई हैं। मूल रूप से छत्तीसगढ़ के आवेदक ही पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होना आवश्यक है। आवेदन की अंतिम तारीख 21 नवंबर है।

पद का नाम-

ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस)

पदों की संख्या- 1799 पद

शैक्षिक योग्यता-

1. राज्य/केंद्र सरकार के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण।

2. कम से कम 60 दिनों की अवधि का बेसिक कंप्यूटर ट्रेनिंग कोर्स सर्टिफिकेट।

3. स्थानीय भाषा का अनिवार्य ज्ञानः उम्मीदवार ने कम से कम 10 वीं कक्षा तक स्थानीय भाषा का अध्ययन किया हो।

नोटिफिकेशन की तिथि- 15-10-2019

पंजीयन- 15 अक्टूबर से 14 नवंबर

आवेदन- 22 अक्टूबर से 21 नवंबर

आयु सीमा-

भर्ती के नोटिफिकेशन की तिथि को उम्मीदवार की आयु 18-40 वर्ष के अंदर होनी चाहिए।

चयन प्रक्रिया-

लिखित परीक्षा में मेरिट लिस्ट के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

वेतनमान- 10,000-14,500/- रुपये प्रति माह

आवेदन शुल्क-

सामान्य/अन्य पिछड़ा वर्ग/आर्थिक पिछड़ा वर्ग- 100/-

अजजा/अजा- कोई शुल्क नहीं

(भर्ती के विषय में ज्यादा जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट देख सकते हैं।)

सात समंदर पार मनाया देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा ने अपना करवा चौथ, मेहंदी, सिंदूर लगाए शेयर की तस्वीर

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बॉलीवुड एक्ट्रेस और हमारी देसी गर्ल यानी की प्रियंका चोपड़ा ने सात समंदर रहकर अपना पहला करवाचौथ मनाया. प्रियंका ने पति निक जोनस संग अपनी करवा चौथ की फोटो शेयर की है. प्रियंका ने अपना लॉस एंजलिस में पहला करवा चौथ मनाया.हालांकि निक जोनस टूर पर हैं. प्रियंका उनके कॉन्सर्ट में करवा चौथ सेलिब्रेट करने पहुंची थीं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फोटो शेयर कर लिखा कि वो अपना करना चौथ कभी नहीं भूलेंगी.

प्रियंका चोपड़ा शेयर किए गई तस्वीर में काफी मस्ती भरे मूड में नजर आ रही हैं. वो एक तस्वीर में सिंदूर लगाए हुए हैं. उस फोटो में उनके साथ उनके दोस्त भी नजर आ रहे हैं. प्रियंका चोपड़ा ने अपने हाथों में मेंहदी भी लगाई है. ये मेहंदी उनके दोस्त ने उनके हाथों में लगाई है. इसकी तस्वीर भी प्रियंका ने अपने अकाउंट में शेयर की है.

करवाचौथ में सुहागिन महिलाएं लाल जोड़ा पहनती है साथ ही सिंगार भी करती है. इसी खुशी में प्रियंका चोपड़ा ने लाल रंग की चुड़ियां पहनी थी. प्रियंका चोपड़ा ने विदेश में रहकर भी अपने देसीपन को नजरअंदाज नहीं किया. इसी के चलते उन्होंने लाल रंग की साड़ी में तैयार होकर निक के साथ करवाचौथ मनाया.प्रियंका के साथ ही निक जोनस भी भारतीय रस्मों-रिवाजों और संस्कृति में रुचि लेते हैं. प्रियंका और निक साथ में अक्सर एक साथ रोमाटिंक पल बिताते हुए नजर आ जाते हैं.

लम्बे समय तक कान से मोबाइल लगाकर नहीं करनी चाहिए बात, जानिए कारण

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अगर हम हर दिन 30 मिनट के लिए अंधेरे में मोबाइल चलाते हैं। तो इससे हमारी आँखें सूख जाती हैं। सूखी आँखों के कारण हमारा रेटिना बुरी तरह प्रभावित होता है।

इस आदत को लंबे समय तक रखने से हमारी आंखों की रोशनी कम हो सकती है। अंधेरे में स्मार्टफोन का उपयोग न केवल आपकी आंखों को बल्कि आपके शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है।

देर रात मोबाइल के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए अगर आप देर रात तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो आप ब्रेन ट्यूमर को न्योता दे रहे हैं, इसलिए आपको रात को सोते समय लाइट बंद नहीं करनी चाहिए और अंधेरे में मोबाइल चलाना नहीं चाहिए।

मनमोहन के बयान पर घिरी कांग्रेस, BJP ने 370 पर झूठ बोलने का लगाया आरोप

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मसले पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ताजा बयान पर कांग्रेस घिर गई है। भाजपा ने मनमोहन सिंह पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। दरअसल, गुरुवार को मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 370 पर कांग्रेस का आधिकारिक स्टैंड पूछे जाने पर मनमोहन सिंह ने कहा था, जब आर्टिकल 370 पर बात हुई, जब यह बिल पार्लियामेंट में आया तो कांग्रेस ने इसके हक में वोट दिया, विरोध नहीं किया।

विरोध सिर्फ बिल लाने के तौर-तरीकों पर था। अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर संसद में कांग्रेस की तरफ से तीखी बहस करने वाले वरिष्ठ नेता और आनंदपुर साहिब सांसद मनीष तिवारी पूर्व में कांग्रेस का इस मुद्दे पर आधिकारिक स्टैंड स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने बीती सात अगस्त को एक टीवी चैनल को बताया था कि कांग्रेस ने दोनों सदनों में अनुच्छेद 370 हटाने के संकल्प और जम्मू-कश्मीर को दो केन्द्रशासित प्रदेशों में बंटवारे के बिल के खिलाफ वोट दिया था। मनीष तिवारी ने तब कहा था कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी बाकायदा इसको लेकर लिखित में प्रस्ताव पास कर पार्टी का आधिकारिक स्टैंड साफ कर चुकी है।

ऐसे में अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच मुंबई की प्रेस कांफ्रेंस में मनमोहन सिंह की ओर से मनीष तिवारी के विपरीत दावा करने के बाद कांग्रेस के आधिकारिक स्टैंड को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि पांच अगस्त को जब सरकार ने 370 हटाने की पहल की थी, तब कांग्रेस नेताओं की राय बंट गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनार्दन द्विवेदी जैसे कई नेताओं ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया था, वहीं अन्य नेता इसका विरोध कर रहे थे।

भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने शुक्रवार को सुबह ट्वीट कर कांग्रेस पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से झूठ बोलवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मनमोहन सिंह की प्रेस कांफ्रेंस और मनीष तिवारी के अगस्त में टीवी चैनल को दिए गए बयान वाले वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर कांग्रेस कहां खड़ी है, वेल, डॉ. मनमोहन सिंह पूरी तरह बेखबर हैं।

अचानक से टेक्सटाइल मिल की मशीन में फंस गया युवक, देखें सीसीटीवी फुटेज

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कहते हैं कि जिंदगी और मौत भगवान के हाथों में है। कभी तो मामूली चोट से व्यक्ति की जान चली जाती है। लेकिन कभी-कभी मौत के मुंह तक पहुंचा इंसान सही सलामत बाहर निकल आता है। ऐसी ही एक घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस दिल दहलनेवाले वीडियो में मौत के मुंह से सलामत लौटे युवक को देखकर लोग दंग हो गए हैं। और सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।तीन बार मशीन के साथ घूम गया युवक

वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि टेक्सटाइल मिल में काम कर रहा एक कर्मचारी मशीन के अंदर बुरी तरह फंस जाता है और मशीन के मजबूत धागों के बीच फंसता चला जाता है। हालांकि उसकी चीखें सुनकर उसके साथी कर्मचारी दौड़ जाते हैं और इस मशीन को बंद कर धागे काटकर उसे बाहर निकालते हैं। पावरलुम मशीन में तीन-तीन बार घूमने के बाद भी पीड़ित कर्मचारी सही सलामत बाहर निकलता है।

बच गई जान

संवाददाता के मुताबिक, यह सीसीटीवी आंजणा क्षेत्र की एक कपड़ा मिल का है। मिल में काम करते वक़्त यह हादसा हुआ था। लेकिन किसी तरह कर्मचारी की जान बच गई थी। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वह काफी चोटिल हो गया था, जिस कारण उसे अस्पताल भेजा गया है।

लापरवाही के चलती मशीन में फंसा

हालांकि वह अभी सुरक्षित है। वीडियो देखकर हर किसी की एक बार सांसें अटक सकती है। लेकिन समय रहते ही पीड़ित कर्मचारी के सहकर्मियों ने उसे बचा लिया। उसकी जान बचने की बात को लेकर लोगोंमे खुशी के साथ आश्चर्य भी दिखाई दे रहा है। पूरा मामला गुजरात के सूरत में आंजणा से सामने आया है, जहां फैक्ट्री में काम करने के दौरान कर्मचारी का ध्यान भटक गया और उसका हाथ धागा लपेटने वाली मशीन में आ गया। जिसके बाद मशीन ने युवक को अपनी चपेट में ले लिया था।