Home Blog Page 2471

‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार की गई पहली स्वदेशी स्नाइपर रायफल्स, जानिए खासियत

0

कर्नाटक में एक आर्म्स मैनुफैक्चरिंग कंपनी ने देश की पहली स्वदेशी रायफल का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है. राज्य की राजधानी बेंगलुरु स्थित कंपनी SSS डिफेंस ने इन्हें बनाया है. कंपनी ने दो स्नाइपर रायफल्स विकसित की हैं. इस शुरुआत से भारत के आर्म्स मैनुफैक्चरिंग और एक्सपोर्टर हब बनने की संभावना जताई जा रही है.

देश की पहली स्वदेशी रायफल्स निर्मित करने वाली कंपनी SSS डिफेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश आर मचानी ने कहा है कि, ‘हमने डिफेंस सेक्टर में ‘मेक इन इंडिया’ आने के बाद इन रायफल्स को डिजाइन और डेवलप करना आरंभ किया है. हम उन चुनिंदा मैनुफैक्चरिंग कंपनियों में से एक हैं जिन्हें देश में हथियार बनाने की अनुमति प्राप्त है.’ उल्लेखनीय है कि 61 वर्ष पुरानी यह कंपनी पहले ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए कम्पोनेंट्स मैनुफैक्चर करने का काम करती थी.

मचानी ने बताया है कि, ‘हम लोग डिफेंस सेक्टर के लिए कम्पोनेंट्स सप्लाई करने का काम कर चुके हैं. हमारी कोशिश अपने सुरक्षा बलों के लिए एक पूरा आर्म्स सिस्टम डेवलप करने और आर्म्स एक्सपोर्टर बनने की है. अंतरराष्ट्रीय स्तर के हथियार बनाने के लिए हमें और काम करने की आवश्यकता है.’ स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई इन रायफल्स के संबंध में कंपनी के सीईओ विवेक कृष्ण ने बताया है कि, ‘हमने 7.62x51mm और .338 लपुआ मैगनम प्लैटफॉर्म्स वाली हाई-एंड स्नाइपर रायफल्स निर्मित की हैं.’

तकनीशियन के पदों पर जॉब ओपनिंग, जानिए लास्ट डेट

0

डेजर्ट मेडिसीन रिसर्च सेंटर (डीएमआरसी) जोधपुर ने तकनीशियन के रिक्त पदो को भरने के लिए पात्र और योग्य उम्मीदवार इस नौकरी के लिए 19-10-2019 तक आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि यह आवेदन करने की अंतिम तिथि है. इस नौकरी के लिए आप जल्द से जल्द आवेदन कर दें. नौकरी के लिए पात्र और इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने की अंतिम तिथि, आवेदन शुल्क, नौकरी के लिए चयन प्रक्रिया, नौकरी के लिए आयु सीमा, जिन पदों पर भर्ती निकली उनका विवरण, पदों के नाम, नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता, कुल पदों की संख्या जैसी नौकरी से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारी नीचे विस्तार से प्राप्त कर सकते हैं…

पद का नाम- तकनीशियन

कुल पद – 10

स्थान- जोधपुर

नौकरी के लिए यह है उम्मीदवारों की आयु सीमा…

उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 30 वर्ष मान्य होगी और आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

वेतन..

जिन उम्मीदवारों का चयन इन पदो के लिए किया जाएगा उन्हें 18000/- वेतन दिया जाएगा.

नौकरी के लिए यह है आवश्यक शैक्षणिक योग्यता…

उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं पास हो और मेडिकल तकनीकी में डिप्लोमा प्राप्त और अनुभव हो.

पात्र उम्मीदवारों का नौकरी के लिए इस तरह से होंगा चयन…

उम्मीदवार का साक्षात्कार के आधार पर होगा.

नौकरी के लिए पात्र उम्मीदवार इस तरह आसानी से कर सकते हैं आवेदन…

उम्मीदवार 19-10-2019 के अनुसार साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। उम्मीदवारों की तिथि के अनुसार साक्षात्कार के समय उनके साथ प्रमाणित और मूल दस्तावेज साथ लाने हैं.

पत्नी की बात न सुनने के लिए पति ने 62 साल तक किया गुंगे-बहरे होने का नाटक!

0

संयुक्त राज्य अमेरिका में 62 साल की शादी में एक पत्नी ने पाया कि उसका पति गूंगा और बहरा नहीं है। तलाक के कागजात के अनुसार, 84 वर्षीय बैरी डॉसन ने अपनी 80 वर्षीय पत्नी डोरोथी के सामने कभी भी एक भी शब्द नहीं बोला, दशकों तक वे साथ रहते थे। यह मामला कनेक्टिकट में वाटरबरी का है।

पत्नी डेरोथी के अनुसार उन्होंने अपने पति के साथ संवाद करने में सक्षम होने के लिए सांकेतिक भाषा सीखी लेकिन वह भी उनके काम नहीं आई। वह बताती है कि मुझे सांकेतिक भाषा सीखने में पूरे दो साल लगे। डेरोशी ने बताया पति के गूंगे-बहरे होने का खुलासा तब हुआ जब मैंने अपने पति का यूटयूब पर एक वीडियो देखा जिसमें वह एक बार में गाना गा रहे थे। उन्होंने बताया, यह उसी रात का वीडियो था जब वह घर पर यह बता कर गया था कि वह एक चैरिटी की मीटिंग में जा रहा है।

बैरी डॉसन के वकील राबर्ट सैनचिज का कहना है कि वह मानते है कि उनके क्लाइंट ने बहरे होने का नाटक किया लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी की परेशान करनी वाली बातों से बचने के लिए ऐसा किया। उन्होंने कहा कि बैरी डॉसन का मकसद अपनी पत्नी को धोखा देना नहीं था और शायद यही वजह थी कि उनकी शादी 62 साल तक चल पाई। वकील ने कहा कि मेरा क्लाइंट बेहद शात स्वभाव का है।

जबकि दूसरी ओर उसकी पत्नी बहुत ज्यादा बातचीत करने वाली महिला है। अगर वह बेहरा होने का नाटक नहीं करता तो उनकी शादी 60 साल पहले ही टूट चुकी होती। दोनो पक्ष गत दिवस अदालत में पेश हुए जिसमें पत्नी ने अपने पति से मुआवजे की मांग की है।

यहां हर साल पैदा किए जाते हैं 30 लाख जहरीले सांप!

0

चीन में एक अजीब किस्म की खेती चल रही है जिसके बारे में आपको शायद मालूम भी नहीं होगा. यहां सांपों की खेती की जा रही है. ये कोई मामूली सांप नहीं बल्कि बड़े विषैले सांप हैं, जिनके काटने पर आदमी पानी तक न मांगे.

दरअसल, चीन के खेतों में बड़ी तादात में सांप पालन किया जाता है. यहां लोग जहरीले सांपों की खेती करते हैं और वो भी लाखों की संख्या में. चीन का एक गांव जिसका नाम जिसिकियाओ है, वहां हर साल 30 लाख जहरीले सांप पैदा किए जा रहे हैं. इसलिए ये मुद्दा चर्चा में आ गया है. चीन के जिसिकियाओ गांव में बाकायदा स्नैक फार्मिंग की जाती है. इस गांव की कुल आबादी 1 हजार के आसपास है.

जानकारी के मुताबिक , गांव का औसतन हर शख्स पूरे साल में लगभग 30 हजार सांप पैदा करता है. यहां पाले जाने वाले सांपों में विशाल अजगर, खतरनाक कोबरा और जहरीले वाइपर सहित कई जानलेवा सांप शामिल हैं.

यहां सांप की खेती उनके मांस और शरीर के अन्य अंगों के लिए की जाती है. सांप का मीट चीन में शौक से खाया जाता है. साथ ही सांपों के शरीर के अंगों का उपयोग दवाओं के निर्माण में भी होता है.

जिसिकियाओ गांव पूरे विश्व में स्नेक फार्मिंग के कारण जाना जाता है. यहां स्नेक फार्मिंग की शुरुआत गांव के ही एक किसान यांग होंगचैंग ने की थी. यह किसान जब युवा था तो एकबार गंभीर रूप से बीमार पड़ गया. इलाज के लिए उसे सांप की जरूरत थी, इसके लिए उसने एक जंगली सांप को पकड़ा. बस तभी उन्हें सांप से जुड़े कारोबार का ख्याल आया. फिर इस शख्स ने सांप पालना शुरू किया. जब गांव वालों ने देखा कि इस काम से होंगचैंग की आमदनी बढ़ रही है तो गांव के दूसरे किसानों ने भी यही तरीका अपनाया. आज गांव में सौ स्नेक फॉर्म्स हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक , यहां लकड़ी और शीशे के छोटे-छोटे बक्सों में सांप पाले जाते हैं. जब सांप के बच्चे अंडों से निकल कर बड़े हो जाते हैं तो उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए प्लास्टिक के थैलों का प्रयोग किया जाता है.

आखिर में सांप जब बड़े-बड़े हो जाते हैं तो फार्म हाउस से उन्हें बूचड़ खाने ले जाया जाता है, जहां सबसे पहले इनके जहर को निकाला जाता है और फिर इनका सर काट दिया जाता है. इसके बाद सांपों को काटकर उसका मीट निकालकर अलग रख लिया जाता है. चमड़े को अलग सुखाया जाता है. सांप के मीट से दवा बनाई जाती है जबकि चमड़ों से बैग बनाये जाते हैं.

दुनिया में सबसे महंगी ‘व्हिस्की’ जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता

0

व्हिस्की के बारे में सभी जानते हैं। लोग दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए व्हिस्की का इस्तेमाल करते हैं। इसे संतुलित खुराक में पीने से लोगों को आराम मिलता है और खुद का आनंद मिलता है।

व्हिस्की एक अल्कोहल है जिसे गेहूं, जौ, मक्का या राई में किण्वन द्वारा संसाधित किया जाता है। यह कहा जाता है कि यह अधिक मज़ा देता है क्योंकि यह पुराना हो जाता है। हालाँकि, व्हिस्की की कीमत दोगुनी हो जाती है क्योंकि यह अधिक पुरानी हो जाती है। आज आपको व्हिस्की के बारे में जानकारी मिलेगी जो दुनिया में सबसे महंगी व्हिस्की में इस्तेमाल की जाती है और शाही पार्टी में इस्तेमाल की जाती है।

यह दुनिया की सबसे महंगी व्हिस्की में से एक है। इसकी कीमत 6.2 मिलियन या 40 मिलियन से अधिक है। उनकी बोतल भी शानदार है।

इसाबेला के इसले की बोतल 8,500 हीरे से सजी है। बोतल में 300 माणिक्य सफेद सोने की शिल्पकारी है। औसत व्यक्ति इसे पीने के बारे में सोच भी नहीं सकता।

मैकलान 1946 भी महंगी व्हिस्की में दूसरे स्थान पर है। वर्तमान में व्हिस्की की कीमत 3 करोड़ रुपये है।

इस व्हिस्की को एक चैरिटी इवेंट के दौरान 2010 में नीलाम किया गया था। यह व्हिस्की जौ से बना है और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तैयार किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, कोयले की कीमतों पर प्रतिबंध के कारण व्हिस्की को हाथ से पीसकर तैयार किया गया था।

स्कॉटलैंड के डालमोर डिस्टिलरी में बना माल्ट का मास्टर भी सबसे पुराने और सबसे महंगे व्हिस्की की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड के इस व्हिस्की ने कुछ रिकॉर्ड भी बनाए हैं। मास्टर ऑफ माल्ट ने हाल ही में दावा किया है कि उसने दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे महंगी व्हिस्की बोतल की खोज की है।

बीच पर धागे के बराबर बिकिनी पहन घूम रही थी महिला टूरिस्ट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

0

अक्सर लोग बीच पर घूमते वक्त ऐसे कपड़े पहन लेते है जिसकी वजह से या तो हंसी के पात्र बनते है या फिर लोग उन्हें घूरते रहते है। ऐसे ही कुछ फिलिपीन्स के बोराके आइलैंड में देखने को मिला यहां एक महिला टूरिस्ट बीच पर घूमने के दौरान महज धागे की जैसी दिखने वाली बिकिनी पहनी हुई थी। जैसे ही तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया और उनके ऊपर जुर्माना लगाया गया। स्थानीय लोगों ने टूरिस्ट की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने 26 साल की लिन जू तिंग के ऊपर कार्रवाई की। लिन ताइवान की रहने वाली हैं।

boracayinformer.com की रिपोर्ट के मुताबिक, लिन बिकिनी पहनकर दो बार पुका बीच पर गई थीं। हालांकि, यह सामने नहीं आया है कि महिला पर किस कानून के तहत कार्रवाई की गई। मुमकिन है कि ताइवान के अश्लीलता संबंधी कानून के तहत गिरफ्तारी की गई हो। पुलिस ने लिन को गिरफ्तार करने के बाद कहा कि वह जब तक 3400 रुपये जुर्माने के रूप में नहीं चुकातीं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। लिन अपने बॉयफ्रेंड के साथ फिलिपीन्स घूमने आई हुई थीं।

स्थानीय पुलिस प्रमुख जेस बेलॉन ने कहा- ‘महिला के कपड़ों की वजह से बुधवार और गुरुवार को काफी संख्या में स्थानीय लोगों और टूरिस्ट्स ने तस्वीरें खींची। वह महज धागे के बराबर था। हमारे कंजरवेटिव कल्चर में यह अस्वीकार्य है।’

NRC सूची में नहीं आया 68 वर्षीय शख्स का नाम, तो जहर खाकर दे दी जान

0

असम के कामरूप जिले के जंगशेर अली नामक 68 साल के एक शख्स ने एनआरसी सूची में नाम नही आने के कारण आत्महत्या कर ली है। अली कामरूप जिले के गोराइमारी तहसील के अंतर्गत आने वाले चांमपुपारा गांव का रहने वाला है। वह कई दिनों से अवसाद व तनाव में जी रहा था, फिर उसने जिंदगी से तंग आकर जहर खाकर ख़ुदकुशी कर ली।

उसके आसपास के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया है कि अली का नाम 1985 व 1989 की मतदाता सूची में था, किन्तु 2005 में जारी वोटरलिस्ट में उसका नाम दशर अली के रुप में आया था। इसको सुधरवाने के लिए उसने कई दफ्तरों की ठोकरे खाई, लेकिन इसके बाद भी उसका नाम सुधारा नही गया। जिस वजह से हाल ही में जारी फाइनल एनआरसी सूची में उसका नाम नहीं आया। अली के करीबी लोगों ने बताया कि सभी आवश्यक कागजात देने के बाद भी जैसे की लिगेसी डाटा वैगैरह के बाद भी अली का नाम एनआरसी सूची से बाहर कर दिया है।

आपको बता दें कि असम एनआरसी की अंतिम सूची 31 अगस्त 2019 को जारी कर दी गई थी। जिसमें 3,11, 21, 004 लोगों के नाम शामिल हुए, वहीं 19,06, 657 लोगों को इस सूची से बाहर कर दिया गया था।

बापू से जुड़े बीजेपी के इस देशव्यापी अभियान से साध्वी प्रज्ञा ने खुद को किया अलग

0

बीजेपी की फायरब्रांड नेत्री और भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अक्सर अपने विवादित बयानों के खातिर पार्टी की फजीहत करवाते रहते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर खुद के अलावा पार्टी की भी खुब किरकिरी करवाई थी। साध्वी ने भाजपा सांसदों की गांधी संकल्प पदयात्रा से दस दिन बाद भी दूरी बना रखी है। भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में गांधी जयंती यानी दो अक्टूबर से गांधी संकल्प यात्रा निकाल रही है, जो 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती पर समाप्त होगी। इस पदयात्रा में सभी भाजपा सांसद अपने-अपने लोकसभा क्षेत्र में पार्टी पदाधिकारियों के साथ पदयात्रा कर रहे हैं।

साध्वी प्रज्ञा गांधी जयंती के दिन नवरात्र उपवास की बात कहकर पदयात्रा में शामिल नहीं हुई थीं, इसके बाद पार्टी ने कहा था कि नवरात्र के बाद उनकी पदयात्रा का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि साध्वी पदयात्रा से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा बुलाई गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी शामिल नहीं हुई थीं। गांधी संकल्प यात्रा को दस दिन बीत चुके हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर ही सवाल खड़े होने लगे हैं कि आखिर साध्वी के पदयात्रा में शामिल नहीं होने की वजह क्या है। इससे पहले भी साध्वी कई बार विवादों में घिर चुकी हैं। उन्होंने पुलिस अफसर हेमंत करकरे की शहादत पर सवाल उठाए थे। फिर लोकसभा चुनाव से पहले गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। साध्वी के इस बयान पर पीएम मोदी ने नाराजगी जताई थी।

Xiaomi के 7 हज़ार वाले फोन को सिर्फ 149 रुपये में खरीदने का मौका, ऐसे मिलेगी छूट

0

फ्लिपकार्ट पर बिग दिवाली सेल (Flipkart Big Diwali Sale) 12 अक्टूबर से शुरू हो गई है. ये सेल पांच दिन यानी 16 अक्टूबर तक चलेगी. इस सेल में ग्राहक ग्राहक ढेरों कैटेगरी के सामान पर छूट पा सकते हैं. बात करें स्मार्टफोन्स की तो यहां से शियोमी के लेटेस्ट स्मार्टफोन्स को भी बेहद सस्ते में खरीदा जा सकता है. बिग दिवाली सेल में रेडमी 8A पर कई शानदार ऑफर दिए जा रहे हैं. आइए जानते हैं कितने सस्ते में ये फोन हो सकता है आपका…

रेडमी 8A ने इसे दो वेरिएंट में लॉन्च किया था, 2 जीबी रैम+32 जीबी स्टोरेज और 3 जीबी रैम+ 32 जीबी स्टोरेज में उपलब्ध कराया है. इस फोन का 2 जीबी रैम वेरिएंट 6,499 रुपये और 3 जीबी रैम वेरिएंट 6,999 रुपये में पेश किया गया है.

फ्लिपकार्ट से लिया हुआ स्क्रीनशॉट

फ्लिपकार्ट पर दी गई जानकारी के मुताबिकक इस फोन पर ग्राहकों को एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है. इसके तहत उन्हें 2GB रैम वेरिएंट पर 6350 रुपये की छूट दी जा रही है. इस हिसाब से इस फोन को सिर्फ 149 रुपये में खरीदा जा सकता है. मगर ध्यान रहे कि पहले आपके पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू चेक की जाएगी, उसके बाद ही आप इतने डिस्काउंट का फायदा पा सकेंगे.

दूसरी तरफ इसके 3GB रैम वेरिएंट पर एक्सचेंज ऑफर के ज़रिए 6800 रुपये की छूट पा सकते हैं. इसके अलावा अगर आप SBI कार्ड से पेमेंट करते हैं तो आपक 10% की छूट दी जा रही है.

रेडमी 8A में 6.22 इंच का एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है. स्क्रीन पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन दी गई है. फोन में क्नालकॉम स्नैपड्रैगन 439 प्रोसेसर मौजूद है. यह फोन एंड्रॉयड Pie पर बेस्ड MIUI 10 पर काम करता है.

बेहतरीन है Redmi 8A का कैमरा
कैमरे की बात करें तो Redmi 8A में Sony IMX363 सेंसर 12 मेगापिक्सेल वाला रियर कैमरा है. यह एफ/ 1.8 लेंस के साथ आता है. स्मार्टफोन में फ्रंट पैनल पर 8 मेगापिक्सेल का सेल्फी कैमरा भी है. इसके अलावा फोन में AI पोर्ट्रेट मोड के साथ फेस अनलॉक जैसा फीचर भी शामिल है.

‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’, इस तरह मिला बच्ची को नया जन्म…

0

‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’। ये कहावत तो आप सभी ने सुनी होगी ना, आज हम आपको इस कहावत को सिद्ध करने वाले एक हादसे के बारे में बताने जा रहे हैं । दरअसल, बरेली शहर के सीबीगंज स्थित वेस्टर्न कॉलोनी के निवासी हितेश कुमार सिरोही के घर गुरुवार को एक बच्ची ने जन्म लिया, जिसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई, हितेश शाम को ही बच्ची को दफनाने के लिए श्मशान पहुंचा और गड्ढा खुदवाया । करीब तीन फुट गड्ढा खोदने पर मजदूर का फावड़ा एक घड़े से टकराया गया, जब घड़े को बाहर निकाला गया तो उसके अंदर एक नवजात बच्ची थी । वह जिंदा थी और उसकी सांसें काफी तेज चल रही थीं । पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह जानकारी देते हुए बताया है कि, हितेश ने उस बच्ची को अपना लिया है । फिलहाल बच्ची का बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है ।