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हां-ना में फंसा मनमोहन-अमरिंदर का पाक दौरा, PAK की चाल से कन्फ्यूजन…

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भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट के बीच नौ नवंबर को बहुप्रतीक्षित करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत होनी है. जीरो प्वाइंट पर निर्माण कार्य में आई तेजी के साथ ही भारत में सियासी तपिश भी बढ़ती जा रही है.

करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को आमंत्रित करने का ऐलान किया था. पाक विदेश मंत्री ने साथ ही यह भी साफ किया कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित नहीं करेगा.

इसी बीच पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर फैसल का बयान आया कि पीएम मोदी को आमंत्रित करने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लगभग हर वैश्विक मंच पर मुंह की खा चुके पाकिस्तान की इस नई चाल से कन्फ्यूजन की स्थिति उत्नपन्न हो गई है. साथ ही इसने देश में एक नई बहस की भी शुरुआत कर दी है.

डॉक्टर मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान की ओर से आमंत्रण मिलने की स्थिति में उसे स्वीकार नहीं करने की बात कही थी. वहीं अब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से आए बयानों ने भी कन्फ्यूजन की स्थिति उत्पन्न की. डॉक्टर सिंह के पाकिस्तान का निमंत्रण स्वीकार करने की खबरों के बाद कैप्टन सिंह ने स्पष्ट किया कि यह निमंत्रण ननकाना साहिब गुरुद्वारा जाने वाले जत्थे के लिए है. इसका नौ नवंबर को करतारपुर में पाकिस्तान की ओर से किए जाने वाले आयोजन से कोई लेना-देना नहीं है.

क्या है पाकिस्तान की चाल?

पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पुरजोर कोशिश की. मुस्लिम राग अलाप इसे धार्मिक रंग देने की भी कोशिश की, लेकिन उसे वैश्विक समुदाय से निराशा हाथ लगी. अमेरिका और यूरोपीय देशों की कौन कहे, मुस्लिम देश भी साथ नहीं आए.

इन सबके बीच अब पाकिस्तान सिख समुदाय के पहले धार्मिक गुरु गुरुनानक की कर्मस्थली करतारपुर के लिए निर्मित कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को कूटनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश में है. उसकी कोशिश जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले का विरोध करने वाली कांग्रेस के नेताओं को आमंत्रित कर उनकी मौजूदगी को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के समक्ष कश्मीर से जोड़ने की है.

क्या है करतारपुर कॉरिडोर?

करतारपुर पाकिस्तान की शकरगढ़ तहसील क्षेत्र में स्थित है. रावी नदी के तट पर स्थित करतारपुर में गुरुनानक ने 18 साल गुजारे थे. प्रथम सिख धर्मगुरु गुरुनानक की यादों को संजोए करतारपुर गुरुद्वारे का दर्शन अबतक दूरबीन से करना पड़ता है. पाकिस्तान ने 550वें प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर गुरुद्वार को भारतीय सिख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोलने की घोषणा की थी.

महात्मा गांधी तस्वीर पर लिखा राष्ट्रद्रोही, उनकी अस्थियां भी चुराई, बीजेपी के लोगों पर लगा आरोप !

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जब देश 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा ठीक उसी दिन मध्य प्रदेश के रीवा शहर से शर्मसार करने वाली खबर आई है. ये मामला रीवा शहर के लक्ष्मण बाग का है जहां बापू भवन में लगी उनकी तस्वीर पर अज्ञात लोगों ने महात्मा गांधी राष्ट्रदोही लिखा दिया. ये घटना 2 अक्टूबर की ही है.

इस मामले को लेकर सुबह से बवाल मचा हुआ है और भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद है. शहर के लोग आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं. देर शाम कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई. कांग्रेस का आरोप है की बापू का अपमान करने वाले बीजेपी के ही लोग है. फिलहाल एफआईआर दर्ज कर पुलिस तलाशी में जुट गई है.

क्षेत्र की थाना प्रभारी शशि धुर्वे ने बताया की कुछ असामाजिक तत्वों ने गांधी जी की तस्वीर पर आपत्तिजनक शब्द लिखे हैं. मामले की जांच की जा रही है. वहीं लक्ष्मण बाग संस्थान के पुजारी शत्रुघ्न प्रसाद शुक्ल ने बताया की जब गांधी जी की अस्थियां सारे देश में जगह-जगह राखी गयी थीं, उनमें एक स्थान ये भी था. आज उस जगह को हम बापू भवन कहते हैं. इसके अलावा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मांगू ने विरोध जताते हुए कहा की गुनाहगार कोई भी हो उसे जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए.

सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली पर भाजपा ने गड़ाई आंखें, अदिति सिंह के बदले सुर…

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नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) के संसदीय क्षेत्र रायबरेली (Rae Bareli) में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी आंखें गड़ाना प्रारंभ कर दिया है। भाजपा की साल 2019 में पूर्ण बहुमत की सरकार भले ही बन गई हो, पर उसे रायबरेली सीट न पाने का मलाल मन में खटक रहा है।

इसी कारण भाजपा ने कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य और गांधी परिवार के खास रहे दिनेश प्रताप सिंह को सोनिया के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था। उनके भाई हरचंदपुर से विधायक राकेश सिंह भी इन दिनों भाजपा के पक्ष में सुर मिलाते देखे जा सकते हैं। आजकल रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह ने भी पार्टी में बागवती सुर छेड़ रखा है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करके वह पहले ही अपने बदले हुए सुर का संकेत दे चुकी हैं।

माना जाता है कि अदिति सिंह को राजनीति में लाने का श्रेय प्रियंका गांधी को जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में योगी सरकार की ओर से 36 घंटे तक चलने वाला विधानसभा सत्र बुलाया गया।

बसपा सपा और कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने इसका बहिष्कार किया। इसी दिन प्रियंका गांधी का लखनऊ में पैदल मार्च था। लेकिन अदिति सिंह उसमें नहीं पहुंचीं। पार्टी लाइन को नजरअंदाज करते हुए देर शाम वह विधानसभा के विशेष सत्र में पहुंच गईं। उन्होंने विधानसभा सत्र में न केवल हिस्सा लिया, बल्कि अपने विचार भी व्यक्त किए।

अदिति सिंह को कांग्रेस के बहिष्कार के बाद भी विशेष सत्र में भाग लेने और सत्ता की तरफ से विपक्ष वाला असली साथ देने का इनाम मिला है। उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा अदिति सिंह का नया ठिकाना हो सकती है।

अदिति सिंह ने बताया कि मैंने सोचा कि रायबरेली की विधायक होने के नाते विकास के मुद्दे पर और राष्ट्रीय विषय में मुझे भाग लेना चाहिए। जनता ने मुझ पर विश्वास करके सदन में भेजा है। मैंने अपने भाषण में देशहित की बात रखी है। मुझे विकास के लिए चुना गया है। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है, पर अभी ऐसा कुछ भी नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल का कहना है कि अदिति सिंह के पिता के न रहने के बाद उनके राजनीतिक विरोधी अदिति सिंह को कमजोर करने में लग गए। अदिति सिंह कमजोर पड़ रही थीं। उनके पास मजबूती का कोई आधार नहीं था। उनके घर पर उनके पिता की दबंगई का सिस्टम आगे बढ़ाना वाला भी कोई बचा नहीं है। इसके बाद राहुल और सोनिया का करीबी बताया जाना उनके कैरियर को नुकसान पहुंचा रहा था। अदिति अपने संरक्षण और राजनीतिक भविष्य की दिशा ढूंढने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि कांग्रेस इन्हें हटाने का कोई जोखिम नहीं लेगी, क्योंकि कांग्रेस तकनीकी रूप से कोई गलती नहीं करेगी। इसका उदाहरण दिनेश सिंह के भाई हरचंदपुर के विधायक राकेश सिंह पर भाजपा का समर्थक बन जाने के बाद भी कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करना है।

अदिति सिंह रायबरेली सदर से पहली बार कांग्रेस विधायक चुनी गई हैं। उनके पिता अखिलेश सिंह भी कई बार विधायक रह चुके थे। पिछले दिनों उनके निधन पर शोक जताने के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी रायबरेली स्थित उनके आवास पर गए थे, तभी से अदिति का रुख बदला-बदला बताया जा रहा है।

अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह रायबरेली सीट से पांच बार विधायक रहे हैं। उन्होंने अपना सियासी सफर कांग्रेस से शुरू किया था। साल 1993 में वह कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुए थे। कांग्रेस से निकाले जाने के बाद भी कई बार निर्दलीय विधायक चुने गए। उनको हराने के लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर कई बार लगाया, लेकिन सफल नहीं हो पाई। कहा जाता है कि अखिलेश सिंह का खौफ ऐसा था कि कांग्रेसी उनके डर से पोस्टर भी नहीं लगा पाते थे।

हालांकि सितंबर, 2016 में अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह कांग्रेस में शामिल हुईं। इस दौरान अखिलेश सिंह की कांग्रेस में वापसी हुई। चुनाव में अखिलेश सिंह के रसूख के चलते रायबरेली में सदर से कांग्रेस को एकतरफा वोटें मिलती थीं जो सोनिया गांधी की जीत का अंतर बढ़ा देती थीं। लेकिन कुछ दिन पहले ही बीमारी के चलते अखिलेश सिंह का निधन हो गया। अब भाजपा अदिति सिंह को अपने पाले में लाकर कांग्रेस को मात देने के प्रयास में है।

महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव: 10 अक्तूबर से शुरू होंगी राहुल गांधी की रैलियां, रोड शो भी करेंगे…

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी महाराष्ट्र और हरियाणा में 10 अक्तूबर से चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगे। 19 अक्तूबर तक चलने वाले इस प्रचार अभियान में वह रोड शो करेंगे और चुनावी रैलियों को भी संबोधित करेंगे। दोनों ही राज्यों में 21 अक्तूबर को मतदान होंगे, जबकि 24 अक्तूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

भूकंप के झटकों से हिला ये राज्य, इमारत की छत गिरी, अभी तक 2 घायल…

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मणिपुर में बृहस्पतिवार सुबह 4.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद दो लोग घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप पूर्वाह् 11 बजकर 54 मिनट पर आया और इसका केंद्र इम्फाल जिले में 40 किलोमीटर गहराई में था।

पोरोम्पत पुलिस थाना के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप के चलते इम्फाल पूर्वी जिले के वांगखेई एंड्रो बस पार्किंग क्षेत्र में एक इमारत की छत ढह जाने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें कि हाल में राजधानी दिल्ली समेत देश के पांच राज्यों में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप का केंद्र पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर था। पाकिस्तान में इस भूंकप से जबरदस्त तबाही मची थी।

पूर्व निदेशक राकेश अस्थाना को घूसकांड मामले में क्लीन चिट देने की तैयारी में सीबीआई…

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सीबीआई आइआ के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर में पूर्व सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से मुक्त होने की संभावना है. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मामले की सीबीआई जांच अधिकारी (IO) ने अस्थाना को दोषमुक्त करने संबंधी रिपोर्ट तैयार की है और यह रिपोर्ट अपने वरिष्ठों को सौंपी है.

इस मामले में जांच अधिकारी एसपी सतीश डागर हैं, जिन्होंने इस वर्ष अगस्त में व्यक्तिगत कारणों से सीबीआई से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन किया था, जो अभी प्रक्रियाधीन है. सूत्रों ने कहा कि डागर की रिपोर्ट वर्तमान में एजेंसी के भीतर कानूनी राय लंबित है, जिसके बाद इसे निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला को भेजा जाएगा. एक बार जब शुक्ला ने अपनी सहमति दे दी, तो अस्थाना दोषमुक्त करने की रिपोर्ट या आरोपपत्र सक्षम अदालत में दायर की जायगी.

सूत्रों ने कहा कि मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों, बिचौलिए मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद की जांच जारी है. सूत्रों ने कहा कि कथित जबरन वसूली के आरोपों के तहत उनकी दोषी एजेंसी के भीतर चर्चा चल रही है. एजेंसी ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दायर किया और मामले में जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा. इससे पहले 30 मई को HC ने CBI को जांच पूरी करने के लिए चार महीने का समय दिया था.

सीबीआई द्वारा 15 अक्टूबर 2018 को दर्ज की गई एक प्राथमिकी, जब वर्मा एजेंसी के निदेशक थे, ने आरोप लगाया था कि मोइन कुरैशी मामले में एक संदिग्ध को प्रसाद भाइयों के माध्यम से 2.95 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया था. सतीश सना बाबू को सीबीआई ने मामले में गवाह बनाया था.

गांधी जी आज भी प्रासंगिक: एक व्यक्ति का मन जहां इत्मिनान महसूस करें, वही वास्तविक जनतंत्र..

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आहुत दो दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और संसदीय कार्य मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे, सहित विधानसभा के सदस्य गांधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में शामिल हुए। व्याख्यानमाला कार्यक्रम विधानसभा परिसर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रेक्षागृह में आयोजित था। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध विचारक और प्रोफेसर डॉ. अपूर्वानंद ने व्याख्यानमाला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांतों, विचारों तथा उनके दर्शन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गांधी जी के विचारों और दर्शन को आत्मसात कर जीवन को सम्मानपूर्वक जीने तथा राष्ट्र सेवा के प्रति गांधी जी की संकल्पनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
    श्री अपूर्वानंद ने मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष सहित विधानसभा सदस्यों को गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर विशेष सत्र आयोजित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने जिस संसदीय लोकतंत्र की परिकल्पना की है, उसमें संसदीय आचरण का पालन करते हुए सभी वर्गों के हित के लिए विचार-विमर्श करना और उनके लिए कानून बनाना शामिल है। श्री अपूर्वानंद ने बताया कि गांधी जी सर्वोदय की बात किया करते थे। उन्होंने कहा कि एक भी व्यक्ति का मन जहां इत्मिनान महसूस करें, वही वास्तविक जनतंत्र है। उन्होंने यह भी बताया कि बहुसंख्यकवादी विचार समाज के लिए नुकसानदायक है। जो गांधी जी के सिद्धांतों के विरूद्ध है। श्री अपूर्वानंद ने बताया कि गांधी जी कहा करते थे राजनीति जीवन का अभिन्न अंग है, इसे मनुष्य जीवन को संगठित करने के रास्ते के रूप में देखना चाहिए।
    श्री अपूर्वानन्द ने बताया कि गांधी जी के लिए प्राथमिक इकाई ’व्यक्ति’ है। उन्होंने बताया कि गांधी जी के अनुसार स्वराज का अर्थ व्यक्ति का स्वयं पर राज है। श्री अपूर्वानंद ने गुजराती कवि नर्मद के उद्धृत तथ्यों से बताया कि गांधी जी मानते थे, कि अपमान का लंबा जीवन जीने से अच्छा है, अपमान के लिए लड़ते-लड़ते जीवन खो देना। गांधी जी का सिद्धांत नाइंसाफी के खिलाफ अहिंसात्मक रूप से लड़ना और सेवा भाव था। उन्होंने बताया कि गांधी जी के अनुसार कोई भी सभ्यता सभ्यता नहीं है, जो बड़ी आबादी का दमन कर रही हो। यह बात उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में महसूस किया। उन्होंने बताया कि गांधी जी अच्छा जीवन जीने के लिए जीवन के सिद्धांतों को ढूंढते रहे। उन्होंने अच्छे जीवन के लिए बराबरी, सेवा और अपमान बर्दाश्त न करने के सिद्धांत पर बल दिया। श्री अपूर्वानंद ने कहा कि राजनीति में सेवा का प्रवेश गांधी जी के जरिए होता है। गांधी जी के लिए आजादी की लड़ाई सिर्फ भारत से अंग्रेजों को हटाने की लड़ाई न होकर अपमान बर्दाश्त न करने की लड़ाई थी। गांधी जी का राष्ट्रवाद संकीर्ण न होकर अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रवाद था। उनके आंदोलन के समर्थन में कई विदेशी शामिल हुए, जो बाद में उनके विचारों के पूरी दुनिया में प्रवर्तक हो गए। गांधी जी ने व्यवस्था संतुलन को निजी विश्वास से अधिक बल दिया। गांधी जी ने बताया कि जीवन पद्धति के संरक्षण और विकास के मौके पैदा करना ही जनतंत्र का सिद्धांत है।

गांधी के सम्पूर्ण जीवन-वृत्त पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी ग्राम छाती में लगाई गई…

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा ग्राम छाती के नवनिर्मित मल्टी यूटिलिटी सेंटर में राष्ट्रपिता के सम्पूर्ण जीवन-वृत्त पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शन लगाई गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शुक्रवार चार अक्टूबर को प्रदर्शनी का शुभारम्भ करेंगे। सेंटर में स्थापित छायाचित्र प्रदर्शनी में गांधीजी के पोरबंदर (गुजरात) मंे स्थित घर, साबरमती आश्रम, उनकी विभिन्न गतिविधियों पर आधारित जीवन-वृत्त को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी चार से दस अक्टूबर तक लगाई जाएगी। साथ ही हाथकरघा (बुनकर) निगम के द्वारा हैण्डलूम कपड़ों की प्रदर्शनी विक्रय भी किया जाएगा। इसके अलावा यहां पर प्रदर्शनी लगाकर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को भी बेचा जाएगा।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री बघेल नहर सत्याग्रह स्मृति वन में पौधे रोपेंगे…

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 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शुक्रवार 04 अक्टूबर को धमतरी जिले के गौरव ग्राम कण्डेल में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल कण्डेल में सभा लेने के बाद पदयात्रा करते हुए ग्राम गागरा पहुंचेंगे, जहां पर वर्ष 1920 में ग्राम कण्डेल के किसानों द्वारा किए गए नहर सत्याग्रह के स्मृति-वन में पौधरोपण करेंगे। 

    मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम गागरा में गौठान के समीप एवं तालाब के किनारे वन विभाग की पर्यावरण वानिकी योजना के तहत दो हेक्टेयर क्षेत्र में 11 लाख 37 हजार रूपए की लागत से 1500 पौधों का रोपण किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के फलदार, छायादार एवं आयुर्वेदिक महत्व के आम, जामुन, अमरूद, अर्जुन, हर्रा, बेहड़ा, आंवला तथा शीरस के पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ग्राम गागरा में शहीद श्री संतोष नेताम की मूर्ति पर माल्यार्पण करेंगे। ग्राम गागरा निवासी आरक्षक श्री नेताम नगरी के मेचका थानांतर्गत नक्सल मुठभेड़ में 15 मई 2009 को शहीद हो गए थे। 

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 1920 में ब्रिटिश शासन द्वारा कण्डेल के किसानों पर नहर का पानी चोरी करने के झूठे आरोप में भारी-भरकम करारोपण किया गया था, जिसके विरोध में कण्डेल के मालगुजार बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में किसानों ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन किया, जिसे कण्डेल नहर सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। सत्याग्रह में शामिल होने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 21 दिसम्बर 1920 को धमतरी आए थे। उनके आने की खबर मिलते ही ब्रिटिश शासन ने किसानों पर आरोपित कर निःशर्त माफ कर दिया था। यह कण्डेल के सत्याग्रही किसानों की ऐतिहासिक जीत थी। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर इस सत्याग्रह को यादगार बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा पदयात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन ग्राम कण्डेल, गागरा व छाती में किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 4 अक्टूबर को कंडेल से करेंगे ’गांधी विचार यात्रा’ का शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कल 04 अक्टूबर को रायपुर से सवेरे 10.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11 बजे धमतरी जिले के ग्राम कंडेल पहुंचेंगे और वहां ’गांधी विचार यात्रा’ का शुभारंभ करेंगे। श्री बघेल कंडेल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद आम सभा को सम्बोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ‘गांधी विचार यात्रा‘ के साथ ग्राम छाती तक पद यात्रा करेंगे और वहां से शाम पांच बजे रवाना होकर 5.30 बजे रायपुर लौट आएंगे। मुख्यमंत्री रायपुर के शहीद स्मारक में रात 7.10 बजे ’कौशल्या के राम’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।