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एसआईआर में गड़बड़ी को लेकर एनडीए नेताओं ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, जांच की मांग….

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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एसडी कुमारस्वामी समेत कई एनडीए नेताओं ने कर्नाटक में एसआईआर की गड़बड़ी को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अनबुकुमार को पत्र लिखा है।

एनडीए नेताओं की ओर से पत्र में लिखा गया कि कर्नाटक में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) के दौरान हो रही भारी अनियमितताओं पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिखा जा रहा है। एसआईआर को संचालित करने वाले अधिकारी तय प्रक्रिया का बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे लोकतंत्र की मूल भावना को नुकसान पहुंच रहा है।

पत्र में लिखा गया, “एसआईआर दिशानिर्देशों के तहत, बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (डीईओ/डीसी) के निर्देशों पर घर-घर जाकर अनिवार्य रूप से सत्यापन करना होता है और हर घर के सदस्यों की पहचान की व्यक्तिगत रूप से पुष्टि करनी होती है। हालांकि, जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं किया जा रहा है।” पत्र में सबूत का दावा किया गया है। पत्र में लिखा गया कि राज्य के कई अन्य हिस्सों से भी ऐसी ही कई शिकायतें मिल रही हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र में लिखा गया, “कम्युनिटी हॉल, मस्जिदों और बीएलओ के घरों में बैठकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरे जा रहे हैं। इसी मकसद से वॉट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं और लोगों को एसआईआर प्रक्रिया के लिए इन कम्युनिटी हॉल और मस्जिदों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसा करना तय एसआईआर के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”

पत्र में लिखा गया कि एसआईआर मतदाता सूची की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए किया जाता है लेकिन जिस तरह से बीएलओ यह प्रक्रिया चला रहे हैं, उससे इस संशोधन का मूल मकसद ही खत्म हो रहा है। इससे एक ऐसा इलेक्टोरल रोल बनेगा जो टिकाऊ नहीं रहेगा और जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के तय तरीकों से कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से पत्र में मांग की कि इन गड़बड़ियों की गंभीरता को देखते हुए हम एनडीए अलायंस पार्टनर्स आपसे गुजारिश करते हैं कि तुरंत जांच का आदेश दें और सभी गिनती के फॉर्म का घर-घर जाकर जरूरी वेरिफिकेशन करके दोबारा वेरिफिकेशन करने का निर्देश दें। इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी अधिकारियों और राजनीतिक लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।