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राजस्थान: देश में LPG के मामले पर भड़की कांग्रेस, कहा- गैस संकट के बीच व्यापारियों के बिजली बिल हों माफ…

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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलपीजी और सीएनजी गैस की कमी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि देश में गैस संकट के हालात बन गए हैं और लोगों को एलपीजी सिलेंडर, कमर्शियल गैस तथा सीएनजी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध जैसे हालातों के बीच देश में गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है और उद्योगों में उत्पादन करीब 30 प्रतिशत तक घटा है. डोटासरा ने कहा कि पहले ही केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए और अब गैस की कमी से आम जनता और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है. इस दौरान डोटासरा ने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर सवाल उठाए. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि गैस संकट के कारण जिन व्यापारियों और छोटे व्यवसायों का काम प्रभावित हुआ है, उनके बिजली बिल माफ किए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके.

उन्होंने कहा कि जैसे नोटबंदी के समय लोगों को बैंकों के बाहर लाइनों में लगना पड़ा था और कोरोना काल में श्मशानों के बाहर इंतजार करना पड़ा था, उसी तरह आज गैस के लिए लोग एजेंसियों के बाहर कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं. डोटासरा ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी गई है और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. आम दिनों की तुलना में गैस बुकिंग में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि शादी का सीजन होने के बावजूद लोग अपने कार्यक्रमों में मेहमानों की संख्या घटाने को मजबूर हैं, जबकि छोटे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का काम भी प्रभावित हो रहा है.

Assam Government: ‘LPG और पेट्रोल-डीजल पर अफवाह फैलाई तो…’ असम सरकार ने मिडिल ईस्ट की जंग के बीच जारी की चेतावनी…

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असम में हिमंता बिस्वा सरमा की बीजेपी सरकार ने LPG और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी की अफवाहों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की है. मामले से संबंधित अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक संदेश या दावे पर भरोसा न करें.

सरकार के अनुसार कुछ लोग या असामाजिक तत्व गलत जानकारी फैलाकर लोगों में भ्रम और घबराहट पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए नागरिकों से कहा गया है कि वे ऐसी अफवाहों को न तो मानें और न ही उन्हें आगे भेजें.

अधिकारियों का कहना है कि देश में LPG, पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य है. किसी भी तरह की कमी की बात पूरी तरह गलत और भ्रामक है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से सावधान रहें. अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसी अफवाह फैलाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

भारत पहुंचा तेल से भरा जहाज

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर एक बड़ा शिप सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया है. यह जहाज खाड़ी के संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करके भारत तक पहुंचा है, जिससे ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कुछ राहत मिली है. जानकारी के अनुसार लाइबेरिया के झंडे वाला तेल टैंकर शेनलोंग (Suezmax) लगभग 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर सऊदी अरब से रवाना हुआ था. यह जहाज एथेंस स्थित कंपनी डायनाकॉम टैंकर मैनेजमेंट ऑपरेट करता है. यह जहाज ऐसे समय भारत पहुंचा है, जब मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है. खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है, क्योंकि दुनिया के लगभग 20 फीसदी कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है.

योगी आदित्यनाथ की मां पर विवादित टिप्पणी: मौलाना अब्दुल्ला सलीम की मुश्किलें बढ़ीं…

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर विवादित टिप्पणी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करने वाले बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम की स्थिति अब गंभीर हो गई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक धार्मिक सभा में यूपी के गौ-हत्या कानून की आलोचना करते हुए आपत्तिजनक बातें कहीं। उनकी टिप्पणियों ने पूरे उत्तर प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है। बलरामपुर पुलिस ने सबसे पहले FIR दर्ज की, जिसके बाद अब तक 83 से अधिक थानों में शिकायतें और FIR दर्ज की जा चुकी हैं। हिंदू संगठनों, भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने लखनऊ, कानपुर, वाराणसी जैसे शहरों में प्रदर्शन और पुतला दहन किया है।

विवाद की शुरुआत और मौलाना का बयान

मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने बिहार में एक धार्मिक जलसे में कथित तौर पर कहा कि “योगी जी की मां का गोश्त खाया जाएगा” और “योगी जी के घुटनों से पैर की उंगलियों तक गोली से छेद कर दिया जाएगा”। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसे हिंदू भावनाओं का अपमान और मुख्यमंत्री के परिवार पर व्यक्तिगत हमला माना गया। मौलाना के नाम में “चतुर्वेदी” जोड़ना भी विवाद का कारण बना, क्योंकि यह एक ब्राह्मण उपनाम है।

FIR और कानूनी कार्रवाई

बलरामपुर में सबसे पहले FIR दर्ज हुई (7 मार्च 2026), जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 352 (अपमान) और 353-2 (सार्वजनिक उपद्रव) लगाई गई। अब तक 83+ थानों में तहरीरें दी जा चुकी हैं, और कई जगहों पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित करने की अफवाहें भी वायरल हैं (हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं)। यूपी पुलिस और प्रशासन मौलाना की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हैं, और बिहार पुलिस से सहयोग मांगा जा रहा है।

मौलाना का नया ड्रामा: विक्टिम कार्ड और उकसावा

जैसे ही FIR और गिरफ्तारी की खबरें फैलीं, मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। एक हालिया जलसे में उन्होंने मुस्लिम युवाओं से कहा:”अगर मैं जेल गया तो सिर्फ व्हाट्सएप और ट्विटर पर पोस्ट मत करते रहना, मैदान में उतर जाना!” “मुझे गिरफ्तार किया गया तो सड़कें तुम्हारी हैं, मुसलमान भाइयो उठो और मैदान संभालो!” उन्होंने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि यह “भड़काऊ एजेंडा” है और वे “मुसलमानों के खिलाफ साजिश” का शिकार हैं। यह बयान यूपी में और आक्रोश बढ़ा रहा है। हिंदू संगठन इसे “सांप्रदायिक उन्माद फैलाने” की कोशिश बता रहे हैं।

यूपी में प्रतिक्रिया और राजनीतिक कोण’

लखनऊ में पुतला दहन, सड़कों पर प्रदर्शन।

भाजपा और अन्य हिंदू संगठन CM योगी से “तांडव” की मांग कर रहे हैं, यानी सख्त कार्रवाई।

CM योगी ने अभी तक सीधे कोई बयान नहीं दिया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर एक्शन तेज है।

विपक्ष इसे “सांप्रदायिक ध्रुवीकरण” बता रहा है, लेकिन आम जनता में गुस्सा चरम पर है।

विशेषज्ञों की राय

नेफ्रोलॉजिस्ट और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां न केवल भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि कानूनी रूप से भी गंभीर अपराध हैं। गिरफ्तारी होने पर मौलाना पर और धाराएं (जैसे धारा 153A – सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना) लग सकती हैं। यह विवाद अब यूपी-बिहार की सियासत में गर्माहट ला रहा है। मौलाना सलीम का डर और विक्टिम कार्ड खेलना दिखाता है कि कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश में वे और गहराई में जा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है – क्या गिरफ्तारी होगी या और बड़ा बवाल?

“ईरान के हमले में भारतीय नाविक की मौत, 15 सुरक्षित निकाले गए”

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हमले की जानकारी

: एक भारतीय नाविक की मौत उस समय हुई जब अमेरिका के स्वामित्व वाला कच्चे तेल का टैंकर, सफेसी विष्णु, इराक के बसरा के पास ईरान के हमले का शिकार हुआ।

भारतीय दूतावास ने बताया कि टैंकर पर मौजूद अन्य 15 भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।

हमले का विवरण

यह हमला फारस की खाड़ी में हुआ, जहां एक अन्य तेल टैंकर में भी आग लगने की सूचना मिली है। ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, यह कहते हुए कि एक अंडरवाटर ड्रोन हमले ने जहाजों को निशाना बनाया। ईरानी राज्य प्रसारक IRIB के अनुसार, इस ऑपरेशन में अंडरवाटर ड्रोन शामिल थे जिन्होंने “फारस की खाड़ी में दो तेल टैंकरों को उड़ा दिया।”

टैंकरों की पहचान

हमले का शिकार हुए जहाजों में माल्टीज़ ध्वज वाला टैंकर ज़ेफिरोस और मार्शल आइलैंड्स का ध्वज धारण करने वाला सफेसी विष्णु शामिल हैं। सफेसी विष्णु अमेरिका की कंपनी सफेसी ट्रांसपोर्ट इंक द्वारा संचालित है, जबकि ज़ेफिरोस का मालिक ग्रीस में स्थित है।

दूतावास की प्रतिक्रिया

घटना के बाद, भारतीय दूतावास ने कहा कि वह इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, “11 मार्च, 2026 को, एक अमेरिकी स्वामित्व वाला कच्चे तेल का टैंकर सफेसी विष्णु, जो मार्शल आइलैंड्स के ध्वज के तहत चल रहा था, बसरा के पास हमले का शिकार हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक की दुर्भाग्यवश मौत हो गई।”

सुरक्षा की स्थिति

दूतावास ने यह भी पुष्टि की कि वह स्थिति की निगरानी कर रहा है और निकाले गए नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। दूतावास ने शोक व्यक्त करते हुए मृत नाविक के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

क्षेत्र में बढ़ती तनाव

यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री यातायात के लिए बढ़ते खतरों के बीच हुई है। ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को “आग” लगा देगा। हालांकि तेहरान की चेतावनी के बावजूद, सीमित मात्रा में शिपिंग ट्रैफिक इस मार्ग से जारी है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण कुल आवाजाही में काफी कमी आई है।

अमेरिकी प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने जलडमरूमध्य में संभावित खतरों का मुकाबला करने के लिए कार्रवाई की है। अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान ईरान के खिलाफ अब 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और संघर्ष के जल्द समाप्त होने के कोई संकेत नहीं हैं।

असम में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी…

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मुख्यमंत्री का पलटवार

असम में कांग्रेस द्वारा उठाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए किसी उग्रवादी समूह से संपर्क करने के प्रयास के आरोप में पवन खेड़ा के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं।

यह देखना होगा कि जेल कौन जाएगा, लेकिन मुझे लगता है कि पवन खेड़ा का अंतिम संबोधन असम की जेल में होगा।

पवन खेड़ा का बयान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार द्वारा महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के प्रयास आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता में वापस लाने में सहायक नहीं होंगे। गुवाहाटी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और संचार अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा की सरकार मुख्य रूप से मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के हितों की रक्षा करती है।

भाजपा के आरोपों का जवाब

गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों पर भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए, खेड़ा ने कहा कि सरमा ने 2015 में भाजपा में शामिल होने से पहले ढाका में एक मौलवी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे इसका खंडन करें। इस आरोप पर मुख्यमंत्री या भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

सरमा का भाजपा में शामिल होना

खेड़ा ने बताया कि सरमा ने 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद 2016 के असम विधानसभा चुनावों में पार्टी को पहली जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस और उसके सहयोगी राज्य में अगली सरकार बनाएंगे और नया असम मॉडल लागू करेंगे।

सरकार के अचानक कदम

खेड़ा ने कहा कि कुछ छात्र पूरे साल पढ़ाई नहीं करते और परीक्षा से कुछ दिन पहले तैयारी शुरू करते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की स्थिति की तुलना इसी से की, जो चुनावों से ठीक पहले अचानक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही सरकार ने महिलाओं को 9,000 रुपये बांटना शुरू कर दिया है, फ्लाईओवरों का निर्माण और उद्घाटन जल्दबाजी में किया जा रहा है, और अचानक चाय बागान श्रमिकों के लिए उचित मजदूरी का मुद्दा याद आ गया है।

LPG Crisis: LPG पर संकट! पंजाब में क्या हैं हालात? CM भगवंत मान ने ली रिपोर्ट’

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मध्य पूर्व में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध जैसे हालात का असर अब पंजाब में साफ दिखने लगा है. गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच कीमतों में हुई बढ़ोतरी से आम जनता का गुस्सा भड़क उठा और चंडीगढ़, अमृतसर और लुधियाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ सिलेंडर मिल नहीं रहे और दूसरी तरफ जो मिल रहे हैं उनके दाम आसमान छू रहे हैं. इससे आम परिवारों का रसोई का बजट बिगड़ गया है और लोग सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं.

विभिन्न जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ लगने लगी है. लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर सिलेंडर हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. पंजाब सरकार हरकत में आ गई है और कालाबाजारी पर निगरानी व कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं.

CM भगवंत मान ने खाद्य आपूर्ति मंत्री से ली रिपोर्ट

बढ़ते असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के बीच CM भगवंत मान ने खाद्य आपूर्ति मंत्री से हालात पर चर्चा कर वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट ली. मंत्री कटारुचक ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अफसरों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में तेल कंपनियों से रसोई गैस और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी गई. तेल कंपनियों ने फिलहाल आश्वस्त किया है कि अभी किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है.

10 हजार शादियों की चिंता, मंत्री बोले – अफवाहों पर भरोसा न करें

विधानसभा में मंत्री कटारुचक ने बताया कि आने वाले दिनों में पंजाब में करीब 10 हजार शादियां होने वाली हैं और लोगों को यह चिंता सता रही है कि बिना रसोई गैस सिलेंडर के ये शादियां कैसे निपटेंगी. इस आशंका ने लोगों में और अधिक बेचैनी पैदा कर दी है. मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और सिलेंडर स्टॉक करने का प्रयास न करें.

केंद्र और राज्य सरकारें दे रहीं भरोसा, जनता में अभी भी बेचैनी बरकरार

केंद्र सरकार और राज्य सरकार बार-बार लोगों को विश्वास दिलाने की कोशिश कर रही हैं कि एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित नहीं होगी. लेकिन सरकार के आश्वासन के बावजूद लोगों की बेचैनी कम होती नहीं दिख रही और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं.

Iran Israel US War : युद्ध की आग में झुलसते बच्चे! 1100 से ज्यादा मासूम मारे गए या घायल, यूनिसेफ ने जारी की रिपोर्ट…

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Iran Israel US War Children Casualties: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ती हिंसा से लाखों बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है.

इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति ने भी शांति की बात करते हुए युद्ध खत्म करने के लिए कुछ शर्तें सामने रखी हैं.

यूनिसेफ ने कहा है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से पूरे पश्चिम एशिया में बच्चों की स्थिति बहुत गंभीर हो गई है. एजेंसी के अनुसार 28 फरवरी से अब तक हिंसा में एक हजार एक सौ से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं या उनकी मौत हो गई है. इनमें से लगभग दो सौ बच्चों की मौत ईरान में हुई है. वहीं इक्यानबे बच्चों की मौत लेबनान में हुई है. इसके अलावा चार बच्चों की मौत इजरायल में और एक बच्चे की मौत कुवैत में हुई है.

हिंसा बढ़ी तो आंकड़े और बढ़ सकते हैं

यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि अगर हिंसा इसी तरह बढ़ती रही तो मरने और घायल होने वाले बच्चों की संख्या और बढ़ सकती है. संस्था ने यह भी बताया कि इस संकट के कारण लाखों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. लगातार बमबारी के कारण लाखों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और सैकड़ों हजार बच्चे बेघर हो गए हैं. यूनिसेफ ने कहा कि बच्चों की हत्या या उन्हें घायल करना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता. संस्था ने यह भी कहा कि बच्चों के लिए जरूरी सेवाओं को नष्ट करना या बाधित करना भी गलत है. यूनिसेफ के अनुसार पूरे क्षेत्र में लगभग बीस करोड़ बच्चे हैं और वे उम्मीद कर रहे हैं कि दुनिया जल्द कदम उठाएगी.

ईरान ने शांति की बात कही

इसी बीच मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान शांति के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए तीन शर्तें जरूरी हैं. उनके अनुसार यह लड़ाई यहूदी शासन और अमेरिका की वजह से शुरू हुई है और इसे खत्म करने के लिए ईरान के अधिकारों को मान्यता देना जरूरी है.

रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सामाजिक माध्यम मंच एक्स पर एक संदेश में बताया कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात की है. उन्होंने कहा कि इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई. पेजेश्कियान ने आगे कहा कि इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र रास्ता यह है कि ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए, नुकसान का हर्जाना दिया जाए और भविष्य में हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पक्की गारंटी दी जाए.

कंगना रनौत ने पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की, विपक्ष पर किया हमला…

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कंगना रनौत का बयान

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को एलपीजी संकट से उसी तरह उबारेंगे जैसे उन्होंने कोविड महामारी के दौरान किया था। रनौत ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए मोदी के नेतृत्व की सराहना की और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की प्रगति को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मोदी के नेतृत्व को देख रही है। जबकि वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ रही है, हमारे देश में हर दिन नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं। उन्होंने एलपीजी संकट पर आश्वासन दिया और कहा कि विपक्ष केवल जनता में भय फैलाने का प्रयास कर रहा है। जनता को मोदी पर विश्वास रखना चाहिए, जो कोविड के समय की तरह ही नेतृत्व करेंगे।

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के सदस्यों ने गुरुवार को संसद परिसर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा। भारत गठबंधन के नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच एलपीजी की कमी पर चर्चा की मांग की है। यह संकट देश के कई हिस्सों में महसूस किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संसद में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी पर चर्चा करने का आग्रह किया और कहा कि संसद जनता को आश्वस्त करने का मंच है।

सरकार से चर्चा की मांग

थरूर ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को इस बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगती हैं और कुछ रेस्तरां ने कहा है कि उनके पास खाना पकाने के लिए गैस नहीं है। क्या देश में यही स्थिति है? उन्होंने कहा कि कीमतें बढ़ गई हैं और यह एक ऐसा मंच है जहां हम इन मुद्दों को जनता के सामने रख सकते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस पर चर्चा हो और जनता को आश्वासन दिया जाए।

जंग के बीच सस्ता हो रहा सोना ! ! क्या यही है खरीदने का सही मौका?

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एक तरफ Middle East में जंग छिड़ी है ईरान तेल के दाम 200 डॉलर तक ले जाने की धमकी दे रहा है और दूसरी तरफ सोने के दाम गिर रहे हैं अब यह सुनने में अजीब लगता है लेकिन यही हो रहा है.

आइए समझे कि माजरा क्या है? और क्या यह वक्त सोना खरीदने का सही मौका है?

जंग होती है तो सोना महंगा होता है तो फिर इस बार सस्ता क्यों?

”आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है तो लोग सोने में पैसा लगाते हैं. सोने को ‘safe haven‘ यानी सुरक्षित ठिकाना माना जाता है लेकिन इस बार खेल पलट गया.”

”ईरान की जंग से तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए. इससे अमेरिका में महंगाई बढ़ने का डर है. जब महंगाई बढ़ती है तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी Fed ब्याज दरें नहीं घटाता और जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो डॉलर मजबूत होता है.”

”Goldman Sachs ने भी साफ कह दिया है कि अब Fed सितंबर से पहले ब्याज दर नहीं घटाएगा और अब इसी खबर ने सोने को नीचे खींच लिया.”

भारत में कितना सस्ता हुआ?

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव 16,347 रुपये प्रति ग्राम है.

MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स आज ₹283 गिरकर 1,61,506 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया

चांदी भी ₹1,991 टूटकर 2,66,500 रुपये प्रति किलो पर आ गई है यह पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद एक छोटी सी राहत मिली है.

पर सवाल ये है कि क्या अभी खरीदें?

”देखिए जंग लंबी खिंची तो सोना फिर उछलेगा ! Strait of Hormuz बंद हुआ तो तेल और महंगाई दोनों बेकाबू होंगे सोने की मांग फिर बढ़ेगी और अब साथ ही शादी का सीजन नजदीक है घरेलू मांग बढ़ेगी. जैसे रुपया कमजोर हो रहा है विदेश में सोना सस्ता हो भी जाए तो भारत में ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.”

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

”एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत डॉलर और ब्याज दर की कहानी फिलहाल सोने के लिए रुकावट है भले ही जमीन पर जंग जारी हो मतलब जंग का फायदा सोने को तभी मिलेगा जब डॉलर कमजोर हो.”

”Experts का कहना है कि खरीदने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके खरीदें – अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो यह गिरावट एक अच्छा मौका है. लेकिन अगर short-term में मुनाफा चाहते हैं तो शुक्रवार का PCE डेटा और अगले हफ्ते के Fed संकेत देखकर फैसला करें.”

भारत में LPG संकट से प्रभावित हो रही है खाद्य वितरण प्रणाली…

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वर्तमान में कोई सूचना नहीं मिली;कृपया कुछ समय में वापस आएं

“भारत में LPG संकट से प्रभावित हो रही है खाद्य वितरण प्रणाली” 

LPG संकट का प्रभाव

भारत में बढ़ते LPG संकट ने खाद्य वितरण प्रणाली को हिला कर रख दिया है, जिससे गिग श्रमिकों को कम ऑर्डर और घटती दैनिक आय का सामना करना पड़ रहा है। जिन डिलीवरी पार्टनर्स को जीविका के लिए उच्च ऑर्डर मात्रा पर निर्भर रहना पड़ता है, उनके लिए यह अचानक व्यवधान लंबे समय तक ऑनलाइन काम करने के रूप में सामने आया है, जबकि काम की मात्रा बहुत कम हो गई है।