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जम्मू में मेडिकल कॉलेज बंद होने पर राजनीति तेज.पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला और बीजेपी पर निशाना…

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माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज बंद होने के मामले में पर अब राज्य में राजनीति तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला और बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के बयान के बाद कॉलेज बंद करने की कोशिश की गई, जिस पर अब बीजेपी की सहमति की मुहर लगती नजर आ रही है.

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अब अंदेशा है कि इस पूरे मामले को देशभर में कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है. उन्होंने कहा कि जम्मू में हिंदूवादी संगठनों के दबाव में मुस्लिम छात्रों के चलते कॉलेज बंद कर दिया जाता है, तो क्या ये मुमकिन नहीं कि देश के विभिन्न प्रदेशों में पढ़ रहे छात्रों के खिलाफ बजरंग दल या कोई और हिंदुत्ववादी और सांप्रदायिक संगठन खड़ा हो जाए और छात्रों को कॉलेज से निकाल दिया जाए.

जम्मू-कश्मीर के अलग राज्य के दर्जे की मांग पर क्या कहा?

महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर को अलग राज्य के दर्जे की मांग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर एक मुस्लिम बहुल प्रदेश होने के कारण यहां के नेताओं ने जिन्ना के सांप्रदायिक एजेंडे को छोड़ गांधी के धर्मनिरपेक्ष हिंदुस्तान के साथ जाने का फैसला लिया था. अगर आज जम्मू को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अलग राज्य बनाया जाता है, तो क्या ये जिन्ना की ‘टू नेशन थ्योरी’ की जीत होगी!

बंगाल में ईडी की रेड पर क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती?

बंगाल में ममता बनर्जी और ईडी की रेड पर बोलते हुए महबूबा मुफ्ती ने कई आरोप लगाएं हैं. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाए जाने के बाद जब यही रेड जम्मू कश्मीर में हुई, तो देश भर में लोग और राजनेताओं ने खामोशी अपनाई.

महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर को प्रयोगशाला के लिए इस्तेमाल किया गया और उसी प्रयोग को अब देश भर में लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले जम्मू कश्मीर के नेता इसके निशाने पर थे. अब देश भर में लोगों को इसी प्रयोग का मजा चखाया जा रहा है. ममता बनर्जी एक शेरनी है वो इस पर पूरी लड़ाई लड़ रही है, लेकिन पूरे देश में ईडी और सीबीआई की छापेमारी अब एक आम बात बन चुकी है.

यूएस हाई टैरिफ के बीच भारत इस देश में कर रहा जमकर एक्सपोर्ट…

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भारत के लिए चीन एक बार फिर तेजी से उभरता हुआ प्रमुख निर्यात गंतव्य बन गया है. चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर के बीच भारत का चीन को निर्यात 33 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 12.22 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है.

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक यह वृद्धि द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक अहम संरचनात्मक बदलाव का संकेत देती है. इससे पहले अप्रैल-नवंबर 2024-25 में भारत का निर्यात 9.2 अरब डॉलर रहा था, जबकि 2022-23 में यह 9.89 अरब डॉलर और 2023-24 में 10.28 अरब डॉलर था. मौजूदा वित्त वर्ष में दर्ज किया गया 12.22 अरब डॉलर का आंकड़ा न सिर्फ पिछले साल की सुस्ती से उबरने को दर्शाता है, बल्कि बीते चार वर्षों में सबसे अधिक भी है.

इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़ा उछाल

आंकड़ों के अनुसार, निर्यात में यह तेजी कई क्षेत्रों में फैली हुई है और किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है. खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स खंड में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला है. अप्रैल से नवंबर के दौरान ‘पॉपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड’ का निर्यात 2.39 करोड़ डॉलर से बढ़कर 92.24 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. इसके अलावा फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी से जुड़े अन्य विद्युत उपकरणों के निर्यात में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.

कृषि और समुद्री उत्पादों ने भी निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. चीन को भेजे जाने वाले प्रमुख उत्पादों में सूखी मिर्च, ब्लैक टाइगर झींगा, वन्नामेई झींगा, हरी मूंग और तेल खली के अवशेष शामिल हैं. इसके साथ ही एल्युमीनियम और परिष्कृत तांबे के बिलेट्स का निर्यात भी तेजी से बढ़ा है, जिससे आधारभूत धातु क्षेत्र का योगदान मजबूत हुआ है.

कृषि-समुद्री मछली की अहम भूमिका

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और मूल धातुओं में फैली यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारत का चीन को निर्यात अब ज्यादा व्यापक और विविध हो रहा है. यह उछाल किसी एक उत्पाद या उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय निर्यात के संरचनात्मक विस्तार को दर्शाता है. वहीं, निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका में ऊंचे शुल्क और सख्त व्यापार नीतियों के चलते भारतीय कंपनियां नए और वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रही हैं, जिसमें चीन एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में उभर रहा है.

ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती…

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ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाले प्रदर्शन में बदल गया. प्रदर्शनकारी ईरान के विपक्षी नेता और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को देश की सत्ता सौंपने के नारे लगा रहे हैं.

ईरान के सरकारी टीवी ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर पहली बार जानकारी दी और दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के ‘आतंकवादी एजेंटों’ ने माहौल बिगाड़ा. खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दंगाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करना चाहते थे.

भाड़े के सैनिकों को बर्दाश्त नहीं करेंगे: खामेनेई

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों से अपने देश की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा. उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान विदेशियों के लिए भाड़े के सैनिकों के रूप में काम करने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया, ‘एक विदेशी नेता खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए अपने ही देश में तोड़फोड़ कर रहे हैं.’ न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जब खामेनेई ये बातें कह रहे थे तब भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाए.

ट्रंप के हाथ हजारों ईरानियों के खून से सने: खामेनेई

खामेनेई ने कहा, ‘सभी को ये समझाना चाहिए कि लाखों कुर्बानियों के बाद हम सत्ता में आए और इतनी आसानी ने झुकने वाले नहीं हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर कई समस्याएं हैं. अगर उन्हें देश चलाना आता तो वे अपना देश चलाते.’ इस दौरान खामेनेई ने ईरान के परमाणु संयंत्रों पर जून 2025 में किए गए अमेरिकी हमले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ हजारों ईरानियों के खून से सने हैं. ईरान के युवा, एकता और तत्परता बनाए रखें. एक एकजुट राष्ट्र किसी भी दुश्मन पर जीत हासिल कर सकता है.’

रजा पहलवी ने किया प्रदर्शन का आह्वान

रजा पहलवी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के लोगों से कहा, ‘पूरी दुनिया की निगाहें आप पर हैं. सड़कों पर उतरें.’ ईरान के सरकारी टेलीविजन पर मेट्रो स्टेशनों और बैंकों में लगी आग और जलती हुई बसे, कारें दिखाई दी. टेलीविजन ने इस अशांति के पीछे पीपुल्स मुजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन (एमकेओ) का हाथ होने का आरोप लगाया, जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अलग हुआ एक विपक्षी गुट है.

ईरान के निर्वासित प्रिंस के आह्वान पर तेहरान और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद गुरुवार (8 जनवरी 2026) रात को देश में इंटरनेट और टेलीफोन लाइन काट दी गईं. इंटरनेट कंपनी ‘क्लाउडफ्लेयर’ और एक अन्य कंपनी ‘नेटब्लॉक्स’ ने इंटरनेट संपर्क टूटने की बात कही और दोनों ने इसके लिए ईरान सरकार के हस्तक्षेप का दावा किया.

ऑनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों के कब्जे से नगद 50 लाख बरामद…

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रायपुरजिला पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा चला रहे 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई सिंधु भवन पार्किंग के पास की गई.

रायपुर जिला पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की

गंज पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक चार पहिया वाहन में बैठकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को मौके से पकड़ लिया.

SSP लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपियों में से कुछ लोग हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं. वहां भी उन्होंने बहुत पैसे खर्च किए हैं. साथ ही कुछ आरोपियों का पहले भी बलवा और सट्टा का क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है.

पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, चेकबुक, कैलकुलेटर जैसे कई अहम सामान जब्त किए हैं.

जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन बेटिंग साइट्स के जरिए सट्टा चला रहे थे. आरोपी साइट्स के मास्टर आईडी और यूजर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से सट्टा खिलवाते थे.

चारों आरोपी रायपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं. इनमें रितेश गोविंदानी और विक्रम राजकोरी पहले भी जेल जा चुके हैं. पकड़े गए आरोपियों में से एक विक्रम राजकोरी कुछ दिन पहले ही विदेश यात्रा से वापस लौटा था. आरोपी अनाप-शनाप तरीके से पैसा खर्च कर रहे थे, जिस पर पुलिस पहले से नजर बनाए हुए थी.

गिरफ्तार किए गए चार आरोपी

  • रितेश गोविंदानी
  • मोहम्मद अख्तर
  • विक्रम राजकोरी
  • सागर पिंजानी

छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है, जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त हुआ है, इस प्रमाणन से यह देश की पहली NQAS प्रमाणित IPHL बन गई है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई दी है, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में कहा कि, रायपुर IPHL का NQAS प्रमाणन राज्य की गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय डायग्नोस्टिक सेवाओं की क्षमता को दर्शाता है.

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, यह उपलब्धि रायपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनविश्वास मजबूत हुआ है और देशभर के लिए नए गुणवत्ता मानक स्थापित हुए हैं.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि, IPHL की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत की गई है, इस मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य निगरानी, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी को सशक्त बनाना है.

रायपुर IPHL ने अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और उन्नत अधोसंरचना के समन्वय से राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है, यह प्रमाणन गुणवत्ता-सुनिश्चित, रोग-विशिष्ट और अस्पताल-आधारित जांच सेवाओं की पुष्टि करता है.

केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने इस उपलब्धि को अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल बताते हुए रायपुर IPHL को “बेस्ट प्रैक्टिस” के रूप में अपनाने की अनुशंसा की है, ताकि देशभर में उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार हो सके.

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि, NQAS प्रमाणन छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक क्षण है, उन्होंने इसे डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, रायपुर मॉडल को अपनाते हुए राज्य के अन्य जिलों में भी IPHL विकसित की जाएंगी, जिससे नागरिकों को समयबद्ध, सटीक और भरोसेमंद जांच सेवाएँ उपलब्ध हो सकें.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि, यह सफलता छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को तकनीक-सक्षम और मानक-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, राज्य सरकार जिलों में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला और डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार करेगी, उन्होंने विश्वास जताया कि. छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने आश्वस्त किया कि, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग करता रहेगा.

बम की धमकी वाले ईमेल से छत्तीसगढ़ के तीन डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सिक्योरिटी अलर्ट जारी…

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छत्तीसगढ़ में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन जिला अदालतों को बम धमाके की धमकी वाले गुमनाम ईमेल मिले। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए संबंधित अदालत परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया। राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर की अदालतों को मिले इन संदेशों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

छत्तीसगढ़ में गुरुवार को तीन जिला अदालतों को गुमनाम ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अदालत परिसरों की सघन जांच की। अधिकारियों के अनुसार राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर जिला अदालतों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर संदिग्ध संदेश प्राप्त हुए, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।

राजनांदगांव में सुबह 10:07 बजे अदालत की आधिकारिक ईमेल पर एक अज्ञात प्रेषक का संदेश आया, जिसमें आरडीएक्स से बने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के जरिए आत्मघाती हमले की धमकी दी गई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ईमेल में यह चेतावनी भी दी गई थी कि दोपहर 2:35 बजे तक न्यायाधीशों को परिसर खाली करा लिया जाए। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और पूरी तरह तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस अधिकारी ने क्या बताया?

पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को तत्काल अवगत कराया गया और सभी आवश्यक सुरक्षा व एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और श्वान दल के साथ पुलिस टीम को तुरंत अदालत परिसर भेजा गया और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर परिसर खाली कराया गया।

मामले की जांच जारी

अधिकारी ने बताया कि गहन तलाशी के दौरान परिसर से कोई भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक, बम या अन्य खतरनाक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने यह भी बताया कि दुर्ग और बिलासपुर जिला अदालतों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भी इसी तरह के धमकी भरे संदेश मिले थे, जिसके बाद वहां की पुलिस ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए तलाशी अभियान चलाया। ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत APAAR ID बनाने में बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त, राज्य में 50.60 लाख से अधिक विद्यार्थ…

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छत्तीसगढ़ ने अपार आईडी बनाने में रचा इतिहास

  1. छत्तीसगढ़ ने APAAR ID जनरेशन में बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान पाया।
  2. 60 लाख से अधिक छात्रों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट हुई।
  3. बेमेतरा, राजनांदगांव जिलों ने 96% से अधिक आईडी बनाई।

रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) व्यवस्था में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान करने की दिशा में राज्य ने तेज और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दिनांक 7 जनवरी 2026 तक राज्य के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है। यह कुल का 88.63 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक है। यह उपलब्धि राज्य की डिजिटल शैक्षणिक संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

जिला स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 96.40 प्रतिशत तथा राजनांदगांव जिले में 96.38 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जा चुकी है, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग एवं बलौदाबाजार जैसे जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर तथा दंतेवाड़ा जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक तैयार की जा चुकी है।

सभी जिलों में शेष विद्यार्थियों की अपार-आईडी निर्माण की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है। राज्य शासन के निर्देशानुसार शिक्षकगण एवं संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल से वंचित न रह जाए।

भारत सरकार द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जाए। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समयबद्ध एवं समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि अपार-आईडी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्राप्त होगी, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ, प्रमाण-पत्र एवं क्रेडिट्स सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहीत रहेंगे। यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता तथा राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक मोबिलिटी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

8 से 10 जनवरी तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट…

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रायपुर राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने 8 से 10 जनवरी तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

रायपुर में गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। पिछले करीब 15 दिनों से तापमान 11 से 13 डिग्री के बीच बना हुआ था, लेकिन अब ठंड और तीखी हो गई है।

इसका असर यह है कि सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिख रही है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ है, लेकिन ठंड का असर बना हुआ है। आने वाले तीन दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट की संभावना जताई गई है।

रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा जिलों में शीतलहर की आशंका जताई गई है। वहीं सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण हालात और सख्त हो सकते हैं।

घने कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग ठंड से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और गर्म भोजन लें।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।

23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था, पुलिस कमिश्नर के पद को लेकर गृह विभाग में तैयारी…

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रायपुर। रायपुर में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने वाली है, जिससे पहले पुलिस कमिश्नर के पद को लेकर गृह विभाग में तैयारी तेज हो गई है। बिलासपुर के आइजी संजीव शुक्ला, वरिष्ठ आइपीएस बद्री नारायण मीणा और दीपक कुमार झा पहले पुलिस कमिश्नर बनने के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

बद्री नारायण मीणा पहले रायपुर एसएसपी रह चुके हैं और उन्हें कड़ा कानून-व्यवस्था नियंत्रण करने वाला अधिकारी माना जाता है। वहीं दीपक कुमार झा भी फील्ड पोस्टिंग और अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। सरकार ऐसे अधिकारी को कमिश्नर बनाना चाहती है, जो नई व्यवस्था को शुरुआती दौर में मजबूती से स्थापित कर सके।

नई व्यवस्था में कमिश्नर का अधिकार केवल शहरी क्षेत्र के 22 थानों तक सीमित रहेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 11 थानों के लिए एसएसपी अलग होंगे।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर के लिए रायपुर एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह शासन की पहली पसंद हैं। उनके नेतृत्व में कमिश्नरेट की टीम मजबूत और अनुभवी होने की संभावना है।

पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था के लागू होने से पहले कई जिलों में एसपी-एसएसपी के तबादलों की भी तैयारियां चल रही हैं। कवर्धा के एसपी धर्मेंद्र सिंह चवाई को जशपुर, रायगढ़ में शशि मोहन सिंह, दुर्ग से कोरबा में विजय अग्रवाल, बेमेतरा में भावना पांडेय और सूरजपुर में रामकृष्ण साहू जैसी तैनाती की संभावनाएं हैं। इसके अलावा, प्रशांत ठाकुर और सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस मुख्यालय में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण परियोजनाओं का किया गहन निरीक्षण

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मिशन जल रक्षा के तहत निर्मित जल संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा और फरहद में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल, बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर संरचना का अवलोकन किया। इसके साथ ही ग्राम भंवरमरा में ऑक्सीजोन संरचना का भी निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने भू-जल संवर्धन और तकनीकी विशेषताओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पास में बने बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया और कहा कि यह तकनीक असफल बोरवेल को पुनर्भरण कर भू-जल स्तर को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो रही है।

कलेक्टर ने जिले में जल संरक्षण के लिए नवीन तकनीकों को और विस्तार देने के निर्देश दिए और स्थानीय लोगों से चर्चा कर उनके सुझाव भी लिए। उन्होंने विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी लेकर सुनिश्चित किया कि परियोजनाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, आयुक्त नगर निगम श्री अतुल विश्वकर्ता, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, सीईओ जनपद पंचायत श्री मनीष साहू, श्री फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर का यह निरीक्षण जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन में जिले की तैयारियों और नवीन तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।