माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज बंद होने के मामले में पर अब राज्य में राजनीति तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला और बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के बयान के बाद कॉलेज बंद करने की कोशिश की गई, जिस पर अब बीजेपी की सहमति की मुहर लगती नजर आ रही है.
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अब अंदेशा है कि इस पूरे मामले को देशभर में कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है. उन्होंने कहा कि जम्मू में हिंदूवादी संगठनों के दबाव में मुस्लिम छात्रों के चलते कॉलेज बंद कर दिया जाता है, तो क्या ये मुमकिन नहीं कि देश के विभिन्न प्रदेशों में पढ़ रहे छात्रों के खिलाफ बजरंग दल या कोई और हिंदुत्ववादी और सांप्रदायिक संगठन खड़ा हो जाए और छात्रों को कॉलेज से निकाल दिया जाए.
जम्मू-कश्मीर के अलग राज्य के दर्जे की मांग पर क्या कहा?
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर को अलग राज्य के दर्जे की मांग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर एक मुस्लिम बहुल प्रदेश होने के कारण यहां के नेताओं ने जिन्ना के सांप्रदायिक एजेंडे को छोड़ गांधी के धर्मनिरपेक्ष हिंदुस्तान के साथ जाने का फैसला लिया था. अगर आज जम्मू को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अलग राज्य बनाया जाता है, तो क्या ये जिन्ना की ‘टू नेशन थ्योरी’ की जीत होगी!
बंगाल में ईडी की रेड पर क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती?
बंगाल में ममता बनर्जी और ईडी की रेड पर बोलते हुए महबूबा मुफ्ती ने कई आरोप लगाएं हैं. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाए जाने के बाद जब यही रेड जम्मू कश्मीर में हुई, तो देश भर में लोग और राजनेताओं ने खामोशी अपनाई.
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर को प्रयोगशाला के लिए इस्तेमाल किया गया और उसी प्रयोग को अब देश भर में लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले जम्मू कश्मीर के नेता इसके निशाने पर थे. अब देश भर में लोगों को इसी प्रयोग का मजा चखाया जा रहा है. ममता बनर्जी एक शेरनी है वो इस पर पूरी लड़ाई लड़ रही है, लेकिन पूरे देश में ईडी और सीबीआई की छापेमारी अब एक आम बात बन चुकी है.



