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60 साल की एक बुजुर्ग महिला ने 1 मिनट में 6 इडली खाकर जीता कॉम्पिटिशन

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जरा सोचिए, एक मिनट में कोई व्यक्ति कितनी इडली खा सकता है? एक, दो या फिर तीन, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की कर्नाटक  के हुलहल्ली में 60 साल की एक बुजुर्ग महिला एक मिनट में 6 इडली खाकर कॉम्पिटिशन जीतने में सफल रही. उन्होंने इस प्रतियोगिता में युवाओं को भी पीछे छोड़ दिया.

दरअसल, राज्य में मैसूर दशहरा के अवसर पर इडली खाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. यह कॉम्पिटिशन विशेष रूप से महिलाओं के लिए रखा गया था. इस दौरान एक मिनट में ज्यादा से ज्यादा इडली खानी थी. इसमें 60 साल की बुजुर्ग महिला सरोजम्मा एक मिनट में सबसे ज्यादा 6 इडली खाकर कॉम्पिटिशन में पहली पॉजीशन हासिल करने में सफल रहीं. यह महिला हुलहल्ली की रहने वाली है.

मैसूर दशहरा कर्नाटक का स्टेट फेस्टिवल
मैसूर दशहरा कर्नाटक का आधिकारिक स्टेट फेस्टिवल है और इसका जश्न 10 दिनों तक मनाया जाता है. इसकी शुरूआत नवरात्र उत्सव के साथ शुरूआत होती है और विजयदशमी (दशहरा) के दिन फेस्टविल का समापन होता है. इस दौरान शहर को सजाया जाता है. इस दौरान मशहूर मैसूर पैलेस को एक लाख छोटे-छोटे बल्बों से सजाया जाता है. जिसको देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं.

VIDEO : KBC-11 अमिताभ बच्चन से उल्टा सवाल पूछने लगा ये कंटेस्टेंट, सुनकर चौंक गए

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इन दिनों अमिताभ बच्चन का क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जबरदस्त सुर्खियों में है. ये ‘केबीसी 11’ का 6वां हफ्ता चल रहा है. हर हफ्ते हॉट सीट पर बैठे कंटेस्टेंट शो पर कुछ न कुछ दिलचस्प कारनामा करके जाते हैं. वहीं इस शो के 1 अक्टूबर वाले एपिसोड में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. इस बार हॉट सीट पर दो कंटेस्टेंट ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. कंटेस्टेंट शिवानी अपने पति के लिए शिकायतों की पूरी लिस्ट लेकर पहुंची तो वहीं दूसरे कंटेस्टेंट अभिषेक ने शो के होस्ट अमिताभ बच्चन से ही सवाल पूछने शुरू कर दिए.

दरअसल, हुआ कुछ ऐसा की केबीसी के 6वें हफ्ते के 32वें एपिसोड में फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट क्रॉस करने के बाद हॉट सीट पर अमिताभ बच्चन के सामने अभिषेक झा नाम के कंटेस्टेंट बैठे. सवाल-जवाबों के बीच अमिताभ बच्चन और हॉट सीट पर बैठे अभिषेक के बीच बातचीत का सिलसिला भी चला. दोनों के बीच दिलचस्प बातचीत का वीडियो सोनी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया है. इसी वीडियो में अभिषेक, अमिताभ को एक फिल्म का किस्सा सुनाते हुए सवाल पूछते हैं. सवाल पूछने की बात सुनकर ही अमिताभ बच्चन चौंक जाते हैं.

अभिषेक ने पहले अमिताभ से सवाल पूछने की इजाजत ली और फिर कहा, ‘भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे होने पर एक फिल्म ‘बॉम्बे टॉकीज’ आई थी. इस फिल्म में आपने अपना किरदार खुद ही निभाया था. इस फिल्म में जब एक शख्स टैक्सी से आपके घर जाता है तो उसे 5000 रुपए किराया देना पड़ता है. मैं आपसे जानना चाहता हूं कि क्या वाकई स्टेशन से आपके घर तक का किराया 5 हजार रुपए है?’ अभिषेक का ये सवाल सुनकर अमिताभ सोच में पड़ गए और शो पर बैठी ऑडिएंस हंसने लगी.

अभिषेक का सवाल सुनकर चौंक गए अमिताभ बच्चन

वहीं इस पर अमिताभ ने जवाब दिया कि ‘बड़े-बड़े शहरों में रास्ते लंबे होते हैं तो कभी-कभी इतना कियारा लग जाता है’. बात करें खेल की तो पंजाब के अभिषेक शानदार गेम खेल रहे हैं और अब तक 6 लाख 40 हजार रुपए की धनराशि जीत चुके हैं. उन्होंने शो पर अपने हकलाने से जुड़ी परेशानी भी शेयर की थी. उन्होंने बताया कि इस परेशानी को उन्होंने कैसे ताकत बनाया और आज वो अमिताभ बच्चन के सामने बैठे हैं.

Bigg Boss-13 : एक साथ नॉमिनेट हो गईं 5 फीमेल कंटेस्टेंट, जानें किसने तोड़ा किसका दिल?

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टीवी से सबसे शानदार टीआरपी रिकॉर्ड वाले और विवादित टीवी रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ (Bigg Boss 13) का आगाज हो चुका है. इस शो पर आए दिन दिलचस्प टास्क और कंटेस्टेंट के बीच नया बखेड़ा देखने को मिल रहा है. पहले ही दिन से इस शो पर विवादों का सिलसिला शुरू हो गया और देखते ही देखते बवाल बढ़ता जा रहा है. बिग बॉस में मगंलवार यानी 1 अक्टूबर वाले एपिसोड में पहला नॉमिनेशन टाक्स हुआ. ये टास्क काफी दिलचस्प रहा क्योंकि एक कंटेस्टेंट ही था जो किसी को सेफ भी कर सकता था और किसी को नॉमिनेशन में भी डाल सकता था. इस दिलचस्प एपिसोड में 1-2 नहीं बल्कि पूरी 5 फीमेल कंटेस्टेंट नॉमिनेट हो गईं.

‘बिग बॉस 13’ के पूरे नॉमिनेशन प्रॉसेस में कंटेस्टेंट असीम रियाज और सिद्धांत डे को शामिल नहीं होना पड़ा क्योंकि इससे पहले टास्क के दौरान अमीषा पटेल ने उन्हें ब्लैक हार्ट दिया था. जिसका मतलब है कि वो पहले ही सेफ हो चुके थे. वहीं नॉमिनेशन का टास्क भी कुछ कम इंटरेस्टिंग नहीं था. इस टास्क में बिग बॉस ने सिद्धार्थ शुक्ला, अबू मलिक और पारस छाबड़ा को चेयर पर बैठाया था. फीमेल कंटेस्टेंट्स के हाथों में दिल दिया गया था. इन फीमेल कंटेस्टेंट्स को तीनों लड़कों में से किसी एक को दिल देना था. अगर किसी का दिल एक्सेप्ट हो जाता है तो वो लड़की सेफ हो जाएगी.

इस टास्क में पारस छाबड़ा ने रश्मि देसाई को नॉमिनेट किया. जबकि रश्मि कई बार पारस की तारीफें करती दिखाई दी हैं. वहीं पारस ने एक्ट्रेस दलजीत कौर का दिल भी एक्सेप्ट नहीं किया. वहीं कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा ने अपना दिल पारस को दिया था. लेकिन पारस ने उन्हें सुरक्षित नहीं किया. शेफाली के बारे में पारस ने कहा कि वो रोती रहती हैं और उन्हें रोने वाले लोग पसंद वहीं हैं, बाद में इन दोनों का काफी बहस भी हुई.

इसके अलावा पारस छाबड़ा ने कोयना मित्रा को भी नॉमिनेट किया. वहीं देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपना दिल अपने किचन पार्टनर सिद्धार्थ शुक्ला को दिया लेकिन सिद्धार्थ ने आरती सिंह की वजह देवोलीना का दिल तोड़ दिया. इस तरह रश्मि देसाई, दलजीत कौर, शेफाली, कोयना मित्रा और देवोलीना भट्टाचार्जी इस बार असुरक्षित रहीं वहीं सभी लड़के इस नॉमिनेशन टास्क में सुरक्षित रहे. हालांकि लड़कियों में सिर्फ आरती सिंह ही सेफ हैं.

चीन ने किया शक्ति प्रदर्शन, भारतीय सेनाएं दे रही ‘हिम विजय’ अभियान से जवाब…

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चीन ने हाल ही में अपनी अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है जिसके तहत वो दुनिया को बताना चाहता है कि उसकी सेना कितनी ताकवर है। लेकिन इसी बीच भारतीय सेनाओं ने भी ने भी बड़ा युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। भारत ने माउंटेन वारफेयर की दिशा में अपने नए इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) को टेस्ट करने की तैयारी कर ली है। भारतीय सेनाओं की यह ड्रिल चीन सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश में हो रही है। आपको बता दें कि चीन ने अपनी 70वें वार्षिक परेड के दौरान रणनीतिक बमवर्षक, फाइटर, सुपरसॉनिक ड्रोन और दुनिया की सबसे लंबी दूरी के इटंर कॉन्टिनेंटल बलिस्टिक मिसाइलों का प्रदर्शन करते हुए अपनी अपनी सैन्य क्षमता दिखाई थी।

खबर है कि चीन से लगे बॉर्डर पर 1 महीने तक ‘हिम विजय’ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें नए 17वें ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स को फुर्ती से अटैक करने वाले एक उत्कृष्ट फोर्स में तब्दील किया जाएगा। 17वें कॉर्प्स के तीन आईबीजी में 5000 जवान, कई टैंक, लाइट आर्टिलरी, एयर डिफेंस यूनिट, सिग्नल और अन्य उपकरण शामिल हैं। यह आईएएफ सी-17 ग्लोबमास्टर-3, सी-130 जे सुपर हर्कुलस और एएन-32 एयरक्राफ्ट के साथ अभ्यास करेगा। इसमें जवानों को एयर लिफ्ट करने के लिए हेलिकॉप्टर्स और अन्य उपकरणों को भी शामिल किया जा रहा है।

‘हिम विजय’ अभ्यास उस वक्त जोर-शोर से चल रहा है कि जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग महीने के आखिर में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ चेन्नई में अनौपचारिक बैठक के लिए भारत के दौरे पर आ रहे हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान को देखते हुए बनाए गए आईबीजी ने इसी तरह अप्रैल-मई में पश्चिमी कमांड स्थित चंडीमंदिर में युद्धाभ्यास किया था। प्रत्येक हर आईबीजी तीन चीजों पर आधारित होंगी। पहली, इलाके में खतरे की प्रकृति। दूसरा, इलाका किस प्रकार का है। तीसरा, दिया जाने वाला टास्क।’ इस तरह से पाकिस्तान के लिए तैयार आईबीजी में ज्यादातर टैंक और भारी आर्टिलरी पर ध्यान दिया जा रहा है, जबकि चीन में ज्यादा इन्फेंट्री और लाइट आर्टिलरी शामिल की जा रही है।

इसको ऐसे समझ सकते हैं कि 17वें कॉर्प्स में भारी चीजों को ढोने वाले चिनूक हेलिकॉप्टर्स होंगे जो एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर को चीन से लगे फॉरवर्ड और ऊंचाई वाले इलाकों तक ले जा सके। वायु सेना ने सितंबर 2015 में हुई 8,048 करोड़ रुपये की डील के मुताबिक 15 सीएच-47एफ चिनूक को अपने बेडे़ में शामिल करना शुरू कर दिया है। वहीं आर्मी नवंबर 2016 में अमेरिका के साथ हुई 5,000 करोड़ रुपये की डील के बाद 145 एम-777 हॉवित्जर को अपने बेड़े में शामिल कर रही है। ऐसे में पूरे आईबीजी का कॉन्सेप्ट इस पर आधारित है कि ऐसी फुर्तीली फोर्स तैयार की जाए जो तेजी से टास्क पर काम करना शुरू करते हुए उसें पूरा कर दे।

मालिक के नाक के नीचे नौकर ने खेला ऐसा खेल कि बन गया करोड़पति, जानें क्या है पूरा मामला…

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उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में शू एक्सपोर्टर एवं समाजसेवी पूरन डाबर के घर चोरी करके नौकर भी करोड़पति बन गया था। हरीपर्वत पुलिस ने उसके छह खाते फ्रीज कराए थे। खातों में एक करोड़ से अधिक की रकम जमा है। उस रकम को चोरी का बताकर केस प्रॉपर्टी बनाया गया है। रकम खाते से कैसे निकलेगी। इस पर विधिक राय मांगी गई है।

भरतपुर हाउस निवासी पूरन डाबर ने जुलाई में अपने घर चोरी की सूचना पुलिस को दी थी। लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी हुई थी। उस दौरान घरेलू नौकर विवेक मेहतो छुट्टी गया था। वह मूलत: दरभंगा बिहार का निवासी है। मुकदमे के समय 12 लाख के आस-पास की रकम चोरी की आशंका भी जताई गई थी। पुलिस ने इस मामले में नौकर के भाई को भी जेल भेजा था।

एसओ हरीपर्वत ने बताया कि नौकर के छह खाते फ्रीज हैं। उनमें एक करोड़ से अधिक की रकम जमा है। नौकर घर में चोरी करके रकम अपने भाई के खाते में जमा कर दिया करता था। उसने अपने नाम से भी खाते खुलवा रखे थे। उनमें भी रकम जमा करता था। नौकर ने चोरी की रकम में से ही 40 लाख रुपये का मकान बनवाया था। अपने परिवारीजनों की आर्थिक मदद किया करता था। घर से लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी नहीं होती तो चोरी का पता तक नहीं चलता।

पीड़ित पक्ष को मिल सकती है जमा रकम
पुलिस ने इस घटना में नौकर और उसके भाई के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। नौकर अभी जेल में है। उसके भाई की जमानत हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि खातों में जमा रकम कोर्ट के आदेश पर ही पीड़ित पक्ष को मिल सकती है। पुलिस ने केस डायरी में खातों में जमा रकम को चोरी का बताया है। यह रकम कई बार में शू एक्सपोर्टर पूरन डाबर के घर से नौकर ने चोरी की थी।

गहलोत : BJP-RSS के लोग आज गांधी का नाम लेते हैं, ये कांग्रेस की जीत है…

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि यह कांग्रेस की जीत है कि भाजपा और आरएसएस आज महात्मा गांधी का नाम लेते हैं। इतने सालों तक उन्होंने उन्हें स्वीकार नहीं किया था।

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर जयपुर में आयोजित राज्य कांग्रेस समिति के विशेष कार्यक्रम में बोलते हुए गहलोत ने कहा कि देश और दुनिया उनके सिद्धांतों के बिना नहीं चल सकता और भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपनी गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए।

गहलोत ने कहा, 75 साल पहले उनकी सोच क्या थी? क्या उन्होंने कभी गांधी, पटेल और आंबेडकर का नाम लिया था? मेरा मानना है कि यह गांधी और कांग्रेस की जीत है कि आरएसएस-भाजपा को आज हमारे नेताओं को नाम लेना पड़ रहा है। यह हमारी नीतियों, कार्यक्रमों और आस्था की जीत है।

जब महात्मा गांधी ने अपने ‘ऑटोग्राफ’ की कीमत रखी थी 5 रुपये, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप…

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महात्मा गांधी को ‘महात्मा’ बनाने वाला बिहार का चंपारण ही केवल बापू का कर्मक्षेत्र नहीं था। गांधी बिहार के भागलपुर भी आए थे और लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए एकजुट किया था। महात्मा गांधी वर्ष 1934 में यहां आए और भूकंप पीड़ितों की ना केवल मदद की थी, बल्कि पीड़ितों के लिए राशि भी इकट्ठी की थी। इस राशि के लिए उन्होंने अपने ऑटोग्राफ लेने वालों से पांच-पांच रुपये की राशि ली थी और फिर पीड़ितों की मदद के लिए उसे सौंप दिया था।

बापू अप्रैल, मई 1934 में यहां आए थे। बिहार में आए भूकंप और कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों को देखने के लिए वे सहरसा से बिहपुर होते हुए भागलपुर पहुंचे थे। भागलपुर आने के बाद गांधी दीपनारायण सिंह के घर ठहरे और लाजपत पार्क में लोगों को संबोधित करते हुए भूकंप पीड़ितों की मदद करने और राहत कार्य में सहयोग करने की अपील की थी।

सभा में स्वयंसेवकों ने झोली फैला लोगों से चंदा एकत्र किया था। गांधीवादी विचारक कुमार कृष्णन बताते हैं कि उस सभा में बहुत से लोग गांधी का ऑटोग्राफ लेना चाहते थे। गांधीजी ने पांच-पांच रुपये लेकर ऑटोग्राफ दिया था और इससे एकत्र राशि पीड़ितों की मदद के लिए सौंप दी थी।

भागलपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.एस. राय ने अपने सरकारी आवास को दिखाते हुए कहा कि यह जो सरकारी आवास है, वह प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी तथा ब्रिटेन से बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त करनेवाले दीप नारायण सिंह की निजी संपत्ति रही है, जो उनकी इच्छानुसार जिला न्यायाधीश का आवास बना।

उन्होंने बताया, “विशिष्ट वास्तुकला व बनावट के कारण यह भवन बिहार में अनूठा है और यहां महात्मा गांधी भी ठहर चुके हैं। इस भवन के शिल्प-सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्ता के कारण इसे ‘हेरिटेज बिल्डिंग’ की सूची में शामिल करने के लिए सरकार से पत्राचार भी किया है।”

गांधी भागलपुर में सबसे पहले एक छात्र सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे। 15 अक्टूबर, 1917 को भागलपुर के कटहलबाड़ी क्षेत्र में बिहारी छात्रों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था। देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर बिहारी छात्रों के संगठन का काम लालूचक के रहने वाले कृष्ण मिश्र को सौंपा गया था। बिहारी छात्रों के सम्मेलन की अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी।

अपने संबोधन में महात्मा गांधी ने कहा था, “मुझे अध्यक्ष का पद देकर और हिंदी में व्याख्यान देना और सम्मेलन का काम हिंदी में चलाने की अनुमति देकर आप विद्यार्थियों ने मेरे प्रति अपने प्रेम का परिचय दिया है।”

कृष्णन कहते हैं कि इस सम्मेलन में सरोजनी नायडू का भाषण अंग्रेजी से हिंदी अनुदित होकर छपा था। यह सम्मेलन आगे चलकर भारत की राजनीति, विशेषकर स्वतंत्रता संग्राम में राजनीति का कैनवास बना, जिससे घर-घर में स्वतंत्रता संग्राम का शंखनाद करना मुमकिन हो सका।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में प्रसिद्ध गांधीवादी काका कालेलकर ने अपने भाषण को राष्ट्रीय महत्व प्रदान कर राष्ट्रभाषा हिंदी की बुनियाद डाली थी। बाद में इसी कटहलबाड़ी परिसर में मारबाड़ी पाठशाला की स्थापना हुई। इस सम्मेलन मंे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिंदी को जनमानस की भाषा कहा था। कृष्णन कहते हैं कि इसकी चर्चा ‘गांधी वांग्मय’ सहित कई पुस्तकों में है।

इसके बाद, गांधी यहां 12 दिसंबर 1920 को आए थे। यहां उन्होंने टिल्हा कोठी से एक सभा को संबोधित किया था। भागलपुर में महात्मा गांधी की सभा के आयोजन के लिए एक आयोजन समिति का गठन हुआ था। इसके सदस्य दीप नारायण सिंह, शुभकरण चूड़ीवाला, पंडित मेवालाल झा, गजाधर प्रसाद, श्रीहर नारायण जैन और बोध नारायण मिश्र थे।

स्वतंत्रता सेनानी शुभकरण चूड़ीवाला के पुत्र रामरतन चूड़ीवाला ने बताया कि गांधी जी ने भागलपुर के लोगों को संबोधित करते हुए अपने भाषण में कहा था, “शैतान को शैतान जैसे गुणों से नहीं हराया जा सकता। केवल ईश्वर ही शैतान को जीत सकता है, इसलिए शैतान (अंग्रेज) जैसी सरकार को सत्य व न्याय से हराना चाहिए।”

इसके बाद गांधी दो अक्टूबर, 1925 को भागलपुर में थे और शिव भवन में कमलेश्वरी सहाय के अतिथि बने थे। इस दिन उन्होनंे अपना जन्मदिन भी यहीं मनाया था।

भागलपुर में आज भी चर्चित ‘शिव भवन’ में तब गांधी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए पर्दा का त्याग करने, चरखा चलाने, खादी पहनने, बेटियों को शिक्षित बनाने और विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करने की अपील की थी।

कमलेश्वरी सहाय के वंशज और अधिवक्ता राजेश सहाय कहते हैं कि कहा जाता है कि गांधी जी की अपील पर महिलाओं ने पर्दा प्रथा त्याग दिया था। उन्होंने बताया कि गांधी ने इस दौरान बिहार अग्रवाल महासभा के प्रांतीय सम्मेलन को भी संबोधित किया था। सम्मेलन में सेठ जमना लाल बजाज और बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला भी थे, जिन्हें बिहार में खादी के प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

ये 5 बंगाली लड़कियां फिल्म इंडस्ट्री पर करती है राज , नंबर 1 है कुदरत का खूबसूरत करिश्मा…

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आज हम आपको बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही बंगाली और भोजपुरी सिनेमा में काम करने वाली उन सभी अभिनेत्रियों के बारे में बताने वाले हैं जिनका सीधा संबंध केवल बंगाल राज्य से हैं। ये बंगाली अभिनेत्रियां पूरे देश के अलग अलग भाग में जाकर अपनी एक्टिंग से सभी को अपना दीवाना बना रही है।

5) मोनालिसा

असल जिंदगी में अंतरा बिस्वास जबकि बॉलीवुड और लाइम लाइट में मोनालिसा के नाम से फैमस मोनालिसा देश की सबसे मशहूर अभिनेत्री है। मुख्य रूप से मोनालिसा ने भोजपुरी फिल्म में अपना हाथ आजमाया है और अपनी बोल्ड अदाओं से इस बंगाली लड़की ने सभी को अपना दीवाना बना लिया है।

4) मिष्टी

आप सभी ने बॉलीवुड की फिल्म कांची जरुर देखी होगी। मशहूर निर्देशक सुभाष घई की फिल्म कांची से मिष्टी ने बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। हम आपको बता दें कि मिष्टी मॉडल और अभिनेत्री होने से पहले एक शिक्षिका रह चुकी हैं, इन्होने कलकत्ता के एक निजी स्कूल में पढ़ाया है। बॉलीवुड में अपनी एक फिल्म करने के बाद से ही मिष्टी को कई फिल्मों में काम ऑफ़र हुआ है।

3) मौनी रॉय

देश की सबसे सुंदर अभिनेत्री मानी जाने वाली मौनी रॉय ने टीवी सीरियल की दुनिया से अपने करियर कि शुरुआत की थी। इन्होने बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले निर्माता एकता कपूर के लिए काम किया था। हाल ही में इन्हे फिल्म गोल्ड में अभिनेता अक्षय कुमार की पत्नी के रूप में फिल्म में रोल मिला। जिसमें इनकी बहुत तारीफ हुई है और बॉक्स ऑफिस की बात करें तो वहां भी यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई है।

2) देबिना बनर्जी

मॉडलिंग की दुनिया से अपने करियर कि शुरुआत करने वाली देबिना बनर्जी अपने बॉडी शेप और बोल्ड फिगर की वजह से लाइम लाइट में बनी रहती है। देबिना बनर्जी फिलहाल कई टीवी सीरियल में काम कर रही है, लेकिन इनकी पहचान एक फैशन मॉडल के रूप में है और कई बड़े ब्रांड को प्रमोट करते हुए देबिना को देखा जाता है।

1) नुसरत जहां

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस होने के साथ साथ कुदरत का खूबसूरत करिश्मा, नुसरत जहां की जितनी भी तारीफ करें वह कम ही होगी। अपनी दिलकश अदाओं से और बला कि खूबसूरती की चलते इनके फैंस की संख्या करोड़ों में है। हम आपको एक बात और बता दें कि नुसरत जहां ने एक हिन्दू लड़के से शादी की है तभी से ये सभी हिन्दू रीति रिवाजों को मानती है और इसके साथ ही इस्लाम का भी सम्मान करती है।

सबसे शक्तिशाली तूफान इन इलाकों में मचा सकता है तबाही, मौसम विभाग ने जारी कर दिया सबसे बड़ा अलर्ट…

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 मैक्सिको में फिर से नारद की दस्तक से लोग सहम गए हैं। उष्‍णकटिबंधी तूफान नारद के सक्रिय होने पर जियाहुतानेजा और दक्षिण सागर के किनारे बाढ़ की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई। यूएस नेशनल हरिकेन सेंटर ने कहा है कि यह तूफान रविवार देर रात प्‍यूर्टो वालार्टा के शीर्ष पर था, जिसमें एक उष्‍णकटिबंधीय तूफान से ऊपर जाने के बाद 55 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

इसके अलावा मिताग तूफान सोमवार को ताइवान पहुंच सकता है। इसकारण ताइवान सरकार ने देश के आठ काउंटी और सरकारी-गैर सरकारी संस्‍थानों के साथ स्‍कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान मिताग का उद्भव उत्‍तर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि सुबह आठ बजे मिताग यिलान कांउठा में दक्षिण पूर्व में 370 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था।

मिताग 126 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ताइवान के सेंटर वेदर ब्‍यूरो ने 13 काउंटियों और शहरों के लिए चेतावनी जारी किया है। इसमें ताइपे सिटी, मियाओली काउंटी,ताइचुंग सिटी,कीलुंग सिटी,ह्सिंचू काउंटी और हुलिएन काउंटी में भारी बारिश की चेतावनी जारी किया है। यह तूफान अगले स्‍पताह के मध्‍य तक येलो सागर के कोरियाई प्रायद्वीप में दस्‍तक देगा।

वैष्णो देवी पहुंचे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के साथ धक्का-मुक्की, शिवसेना ने की नारेबाजी…

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वैष्णो देवी पहुंचे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के साथ धक्का-मुक्की की खबर है. शिवसेना ने सिद्धू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए कि वैष्णो देवी में नवजोत सिंह सिद्धू को वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सिद्धू पाकिस्तान के समर्थन में बयानबाजी कर चुके हैं.

बता दें, खालिस्तानी उग्रवादी और हाफिज सईद के करीबी गोपाल सिंह चावला ने सिद्धू के साथ खुद की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी. इसके बाद सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा विवादों में आ गई. देश की राजनीति में इस पर भूचाल मच गया और विपक्षी दलों ने कांग्रेस से सिद्धू की मुलाकात पर स्टैंड साफ करने को कहा.

इस मामले में विवाद बढ़ने पर नवजोत सिद्धू ने कहा था कि उन्हें राहुल गांधी ने ही पाकिस्तान भेजा था. उन्होंने कहा, ‘मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं, उन्होंने ही भेजा है हर जगह.’ सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुझे पाकिस्तान जाने से मना किया था लेकिन करीब 20 कांग्रेसी नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर मैं पाकिस्तान गया था. पंजाब के सीएम मेरे पिता के समान हैं. मैं उनसे पहले ही बता चुका था कि मैं पाकिस्तान जाऊंगा. मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं और सीएम साहब के कप्तान भी राहुल गांधी हैं.

काफी बढ़ा पाकिस्तान का विवाद

बाद में यह विवाद इतना बढ़ा कि उनकी पार्टी के कई नेताओं ने पंजाब लोकसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन न होने का ठीकरा सिद्धू के माथे पर फोड़ा. यहां तक कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से उनकी अनबन कुछ ज्यादा ही बढ़ गई और उन्हें पंजाब कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा.

छह जून को मंत्रिमंडल के पुनर्गठन में नवजोत सिंह सिद्धू से स्थानीय सरकार, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों का विभाग लेकर उन्हें बिजली और नए और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्रालय दे दिया गया था.

नवजोत सिंह सिद्धू ने हालांकि अपने नए मंत्रालय प्रभार को संभालने से इनकार कर दिया था. दस जून को नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं-राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अहमद पटेल से मुलाकात कर उन्होंने बताया था कि लोकसभा में पार्टी की हार के लिए उन पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया गया. उसके बाद से वे एकांतवास में चले गए थे.