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किसान को खेत मिला कुछ ऐसा, रातों-रात बन गया 60 लाख का मालिक

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कहते हैं कि किस्मत का दरवाजा कब खुल जाता है किसी को पता नहीं चलता। कुछ ऐसा ही हुआ एक गरीब किसान के पास जो कल तक पैसे का मोहताज था और आज लाखों रुपये का मालिक बन गया है।

हालांकि, एक क्षेत्र की खुदाई करते समय, उन्हें एक नायक मिला, जिसका बाजार मूल्य 10 लाख रुपये है। गरीब किसान ने हीरे को एक स्थानीय व्यवसायी को बेच दिया, जिसके बाद किसान को 13.5 लाख रुपये नकद और पांच तोला सोना मिला। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, यह पूरे क्षेत्र में फैल गया है और स्थानीय पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

यह पता चला है कि उसे नायक मिला जब वह कुरनूल जिले के गोलवनपल्ली गांव में एक किसान के खेत पर काम कर रहा था। हीरे के आकार और कैरेट के बारे में कोई विशेष जानकारी अभी तक नहीं मिली है।

कुरनूल जिले और आंध्र के कुछ गांवों में बारिश शुरू होने के साथ हीरों की तलाश बहुत जल्दी शुरू हो जाती है। दूर-दूर से लोग हीरे की तलाश में आते हैं। इस क्षेत्र को हीरा उत्पादक क्षेत्र भी माना जाता है।

हीरे की तलाश के लिए बारिश को एक अच्छा समय माना जाता है क्योंकि जब मिट्टी की ऊपरी परत को हटा दिया जाता है और हीरा आसानी से ऊपर चला जाता है। कुरनूल जिले में बारिश का यह दूसरा मौका है जब किसी हीरे ने किसी की किस्मत खोल दी है। कुछ दिन पहले एक आदमी को 8 कैरेट का हीरा मिला और उसने उसे 2 लाख रुपये में बेच दिया। हालांकि, हीरे की कीमत 5 लाख रुपये आंकी गई थी।

6 साल के लड़के को हो गई ऐसी गंभीर बीमारी कि चेहरा पहचानने भी हुआ मुश्किल, डॉक्टर भी रह गए हैरान

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दुनिया भर से अजीबोगरीब बीमारियों के किस्से आए दिन सुनने को मिलते हैं। लेकिन जब इन बीमारियों से ग्रसित लोगों को खुद अपनी आंखों से देखा जाता है तो विश्वास कर पाना थोड़ा मुश्किल सा हो जाता है। एक ऐसा ही केस सामने आया है, जिसमें आम इंसान के साथ-साथ खुद डॉक्टर्स भी हैरान है।

अस्पताल प्रशासन ने एक ऐसी संस्था के बारे में बताया है जहां पर दुर्लभ बीमारी से पीड़ित लोगों को आर्थिक मदद की जाती है। सन्डे मिरर ने भी इस बच्चे के इलाज के लिए £ 3.65 मिलियन इक्कट्ठे किए है। बच्चे के माता पिता फ्री में इलाज करवाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

130 फुट ऊंची पहाड़ी पर घर बनाकर यह व्यक्ति अकेला रहता है।

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दुनिया में बहुत सी ऐसी अजीबोगरीब जगहें हैं, जहां लोग अक्सर जाने के बारे में सोचते हैं। लेकिन एक जॉर्जियाई भिक्षु है जिसने 130 फीट लंबा अपना घर बनाया है। दुख की बात यह है कि वह इस घर में अकेला रहता है।

भिक्षु का नाम मैक्सिम है और वह एक भिक्षु है। इतने ऊँचे पहाड़ पर वह पिछले 25 सालों से अकेली है। उनका मानना ​​है कि यहां रहकर वह भगवान के करीब आए हैं। भिक्षु इस पर्वत से सप्ताह में केवल दो बार उतरता है। ‘जब ऊपर चढ़ने के लिए 131 फुट की सीढ़ी बनाई जाती है।

सीढ़ी की मदद से पहाड़ी पर चढ़ने और उतरने में लगभग 20 मिनट लगते हैं। समय-समय पर मैक्सिम के प्रशंसक अपनी आवश्यकताओं के सामान तक पहुंचते हैं।

टोकरी के शीर्ष पर भिक्षु द्वारा निर्मित घर में एक प्रार्थना कक्ष भी है, जहां कई लोग आते हैं और प्रार्थना करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संत होने से पहले, जब वह युवा थे,

तब उन्हें शराब और ड्रग्स की लत थी। इस दौरान वह जेल भी गए। लेकिन जब वह जेल से बाहर आया, तो उसका जीवन बदल गया और वह एक भिक्षु बन गया।

बता दे कि इस पहाड़ा पर चढने के लिए करीब पांच सो सीढिया है।

इस शख्स ने बताया कि वह मूर्ख बनकर रहना पसंद करते है। इसलिए अलग ही रहते है। इस शख्स की पहले की जिंदगी भी बहुत ही खतरनाक रही है। क्योंकि यह पहले एक मैग्जीन का मालिक था। जो शराब व ड्रग्स के नशे का आदी था।

इस जगह का 1 परांठा खा लिया तो मिलेंगे 1 लाख रूपए और जिंदगी भर मुफ्त खाना

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दोस्तों पराठा का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। पराठा एक ऐसी चीज है जिसे खाना लगभग हर कोई पसंद करता है पराठा अलग-अलग प्रकार के बनाया जाता है, लेकिन आप लोगों को मालूम है कि दुनिया का सबसे बड़ा परांठा कितना बड़ा हो सकता है और वह कहां पर होगा। आज हम आप लोगों को भारत में पाए जाने वाले ऐसे ही बहुत बड़े पराठे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस पराठे को अगर आप खा लेते हैं तो आपको 1 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।

बता दे भारत के मरुस्थल में स्थित रॉयल्स ऑफ मरुस्थल ढाबे में परोसे जाने वाला यह स्पेशल पराठा किंग ऑफ पराठा के नाम से जाना जाता है। इस पराठे को जो भी पूरा खा लेता है उसे ₹100000 इनाम के तौर पर दिया जाएगा। इस पराठे को खाने के लिए इस ढाबे के मालिक ने कुछ शर्तें भी रखी है जिसके अनुसार अगर कोई भी इस पराठे को खाता है तो उसे इस पराठे को 15 मिनट में पूरा खाना होगा। अगर कोई भी व्यक्ति की पराठे को 15 मिनट के अंतर्गत पूरा खा लेता है तो वह व्यक्ति को ₹100000 इनाम दिया जाएगा साथ में उस व्यक्ति को जिंदगी भर मुक्त खाना मिलेगा।

अगर बात पराठे की की जाए तो जिस पराठे का वजन लगभग 2 किलो का होता है, जो 15 पराठे के बराबर होता है। इस पराठे को बनाने के लिए आधा किलो आटा, आधा किलो प्याज तथा आलू की जरूरत होती है। ढाबे के मालिक के अनुसार अब तक कोई भी व्यक्ति पराठे को अभी तक नहीं खा पाया है क्योंकि 15 मिनट में इस पराठे को खा पाना नामुनकिन है क्योंकि यह पराठा पूरे एक परिवार का पेट भर सकता है, जिसे कोई अकेला व्यक्ति भला कैसे खा सकता है।

दूध के साथ जलेबी मिलाकर खाने के ये फायदे आपको भी पता नहीं होंगे ?

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रोचक हेल्थ की बातें : कुछ लोगों को मीठा खाना बेहद ही पसंद होता है। और अगर हम बात टेड़ी-मेड़ी जलेबी की कर रहे हो तो हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। जलेबी हर मिठाइयों में सबसे बेहतरीन मिठाई हैं क्योंकि इसे गरम गरम खाने का जो मजा है वह किसी और मिठाई में नहीं।

बहुत सारी मिठाइयां ऐसी जो लोगों को बेहद पसंद आती है इस में सबसे ऊपर नाम गुलाब जामुन का आता है लेकिन हलवाई यह सब मिठाइयां काफी दिन पहले से ही बना कर रख देते जो हमारे सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती

आज हम आपको जलेबी और दूध के जबरदस्त फायदे के बारे में बताएंगे आइए जानते हैं कि जलेबी और दूध खाने से क्या फायदा होता है।

सर का दर्द खत्म (माइग्रेन), बहुत से लोगों को सर दर्द होता है, लेकिन अगर आपका आधा सर दर्द कर रहा है तो आप समझ ले कि आपको माइग्रेन है आधे सर के दर्द को माइग्रेन कहा जाता है। माइग्रेन की समस्या से निजात पाने के लिए आपको सुबह सुबह दूध के साथ जलेबी का सेवन करना चाहिए इससे आपकी माइग्रेन की समस्या कुछ हद तक कम जाती है।

मोटापे को बढ़ाए, आज के समय में कोई अपने मोटापे से परेशान होता है तो कोई बहुत ज्यादा दुबलेपन से परेशान रहता है लेकिन अगर आप बहुत ज्यादा दुबले हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है आपको बस जलेबी और दूध का सेवन करना है सुबह देसी घी में तली जलेबी के साथ 1 गिलास दूध का सेवन करें इसे आप बहुत जल्दी मोटे हो जाए।

तनाव से रखे दूर, कुछ लोगों को ज्यादा काम करने के चिड़चिड़ापन आने लगता है ऐसे लोगों को जलेबी का सेवन करना चाहिए इससे उनका मिजाज खुशनुमा रहेगा।

जेल में कई रात गुजार चुकीं हैं बॉलीवुड की ये 4 अभिनेत्रियाँ, नंबर 4 है सभी की पसंद

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1 – ममता कुलकर्णी

दोस्तों 90 के दशक में बोल्ड और खूबसूरत अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। ममता कुलकर्णी करन अर्जुन, नसीब और सबसे बड़ा खिलाड़ी जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। ममता कुलकर्णी को उनके पति के साथ ड्रग्स की तस्करी में पाया गया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

2 – श्वेता बसु प्रसाद

दोस्तों अभिनेत्री श्वेता का जन्म जमशेदपुर बिहार में हुआ था। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2002 में फिल्म मकड़ी से की थी। इसमें उन्होंने बेहतरीन भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के लिए उन्हें 2002 में सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। बाद में उन्होंने हिंदी फिल्म इकबाल में भी काम किया। हैदराबाद पुलिस ने एक देह व्यापार रैकेट में इंगेज रहने के चलते गिरफ्तार किया था।

3 – मधुबाला

दोस्तों बीते जमाने की मशहूर एक्ट्रेस मधुबाला ने मुगल-ए-आजम और महल जैसी फिल्मों में काम किया था। आपको बता दें, कि वर्ष 1957 में एक फिल्म साइन की थी, जिसके लिए उन्होंने एडवांस पैसे भी ले लिए थे। इसके बाद उन्होंने पैसे नहीं लौटाए और फिल्म भी नहीं की। इस वजह से फिल्म प्रोड्यूसर ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी थी। इसकी वजह से उनको कुछ दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था।

4 – सोनाली बेंद्रे

दोस्तों वर्ष 2008 में सोनाली ने एक फोटोशूट करवाया था, और उन्होंने पीले रंग का शॉर्ट कुर्ता पहना था। इस कुर्ते पर ओम नमः शिवाय लिखा था। जब यह फोटो सामने आया तो कुछ लोगों ने सोनाली पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था।

खाने-पीने की चीजों से जुड़े 10 ऐसे राज, जिन पर खाते वक्त कभी भी नहीं गया होगा आपका ध्यान

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दुनिया मे कई तरह की खाने की चीजें होती है। हर चीज में कुछ न कुछ तथ्य जुड़ा होता है। आज हम ऐसे ही कुछ दिलचस्प तथ्यों के बारे में बात करेंगे। हम जिन चीजों के बारे में बात करेंगे, इनको आप हमेशा उपयोग में लेते हैं। इस आर्टिकल के मदद से हम कई प्रकार के फल और सब्जी से जुड़े रोचक तथ्य आपके साथ शेयर करेंगे हो सकता है। आपने शायद यह पहले कभी ना सुना हो, लेकिन इन्हें जानकर आपको कुछ ना कुछ फायदा तो जरूर होगा।

1. लाल टमाटर सब लोग बहुत चाव से खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि उन्हें लाल किस तरह किया जाता है? आपको बता दें टमाटर को नेचुरल कलर लाल नहीं होता है। इसलिए इन्हें डाई किया जाता है और इस डाई में कार्मेनिक एसिड नामक खतरनाक केमिकल यूज किया जाता है। इसके अलावा यह केमिकल चेरी को कलरफुल करने के लिए भी उपयोग में लिया जाता है और इसे लिपस्टिक बनाने में भी प्रयोग किया जाता है।

2. गमी बेयर या जेली को बच्चे बूढ़े सब चाव से खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह जेली किस काम आती है। आपको बता दें जैली खाने के अलावा कारों को भी चमकदार बनाने के लिए काम में आती है। इस जैली को कार्नाबा मोम के साथ मिलाकर एक लेप बनाया जाता है जिसकी मदद से एक कार पॉलिश की जाती है।

3. अंगूर सबको अच्छे लगते होंगे लेकिन आपको बता दें एक छोटा सा अंगूर माइक्रोवेव को खराब कर सकता है। दरअसल माइक्रोवेव में अंगूर गर्म होते ही भाप छोड़ते हैं। माइक्रोवेव बीम में इस भाप से ऊर्जा पैदा होती है और वो प्लाज्मा में तब्दील हो जाती है। इस वजह से अंगूर आग पकड़ लेता है और इसमे विस्फोट भी हो जाता है।

4. भोजन या अन्य फास्टफूड के साथ चटनी मिला कर खाने का मजा ही कुछ और होता है। आपको बता दें, यह चटनी स्वाद के अलावा भी काफी फायदेमंद होती है। यदि आप भोजन के साथ चटनी खा रहे हैं तो आपका भोजन डबल दीप हो रहा है। इससे खाने की चीजें बैक्टिरिया से बचती है।

5. कैंडी की बजाय क्रैकर्स और चिप्स से दांतों पर कैविटी जल्दी जमा होती है। क्रैकर्स और चिप्स में स्टार्च होता है जो कैंडी के मुकाबले दांतो को जल्दी खराब करते है। क्रैकर्स और चिप्स खाने के बाद यह दांतो में चिपक जाते हैं।

6. आलू तो आप सभी कहते होंगे। आलू में जल की मात्रा भरपूर होती है तथा इसमे रासायनिक तत्व भी पाए जाते हैं। यह रसायन तत्व एक पावरफुल वायरलेस सिग्नल को रिफ्लेक्ट कर देते हैं।

7. कुकीज खाना सब लोग पसंद करते हैं, लेकिन आपको बता दें, दुनिया मे दो तरह की कुकीज मिलती है। लेकिन स्वाद की वजह से ही इसे अलग अलग नामों से जाना जाता है। सामोआ स्थान पर इसे कुकी कहते है वही दूसरी जगहों पर इसे कारमेल डी-लाइट’ भी कहा जाता है।

8. अमेरिका में खाने में ‘वसाबी’ नामक चीज बहुत ज्यादा इस्तेमाल होती है। लेकिन आपको बता दें, यह बहुत महंगी होती है। अमेरिका जैसे देश मे भी इसका नकली प्रोडक्ट बेचा जाता है। महंगी होने के कारण अमेरिका में असली वसाबी मिलना मुश्किल है।

9. अगर कोई आपसे कहे कि आप जो केला खा रहे हैं, वो असली नही बल्कि क्लोन है। जाहिर है आपके मन मे तरह तरह के ख्याल आएंगे। लोगों का मानना होता है कि केले की खेती केले के बीज से ही की जाती होगी। लेकिन आपको बता दें, केले के बीज का क्लोन बनाकर उस क्लोन से केले की खेती की जाती है.

10. संतरा वास्तविक रूप से नारंगी रंग का नहीं होता। इसे नारंगी रंग में बदलने के लिए इथीलीन गैस प्रयोग में ली जाती है। यही इथीलीन मरीजो के इलाज में भी काम आती है।

इस जगह पर कभी ‘भगवान श्रीराम’ ने किया था यज्ञ, आज यहां है भूतों का बसेरा

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भारत देश को देवताओं की भूमि के नामसे जाना जाता है. आज हम एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां लोग जाने से भी डरते है. इस गांव को देश का सबसे भयानक और डरावना गांव माना जाता है.

भारत के हर गांव शहर का अपना एक पौराणिक महत्व है. ऐसे ही एक गांव हुआ करता था, जिसे धनुषकोटि के नाम से जाना जाता था. यह स्थान रामेश्वरम द्वीप के दक्षिणी किनारे पर है. पौराणिक कथाओं और इतिहास के अनुसार यहां पर भगवान राम ने लंका विजय करने के बाद विभीषण को लंका का राज-काज सौंपा और यहां का राजा बना दिया था.

इस समय विभीषण ने भगवान से कहा कि वो लंका तक आने वाले रामसेतु को ध्वस्त कर दें. इस पर राम ने धनुष से तीर चलकर इस सेतु के एक किनारे को नष्ट कर दिया. तब से यह स्थान को धनुषकोटि के नाम से जाना जाता है. हिन्दू धर्म मे इस स्थान को पवित्र माना जाता है. लेकिन अब इसकी कहानी पूरी तरह बदल चुकी है और काफी रोचक भी बन गयी है.

वर्तमान में यह धनुषकोटि देश के सबसे भयानक और डरावने गांवों की सूची में सबसे अव्वल है. यहां की सुनसान सड़के और डरावना माहौल किसी को भी भयभीत कर सकता है. 1964 से पहले यह स्थान काफी अच्छा था, लेकिन उस समय एक ऐसा चक्रवात आया जिसने इस धनुषकोटि की काया ही पलट दी. इस चक्रवात में पूरा गांव नष्ट हो गया और लगभग 1800 लोग मारे गए. पूरा गण एक ही दिन में सुनसान और वीरान बन गया. इस घटना के बाद से ही लोग यहां जाने से डरते है. लोगों का कहना है कि इंसान तो दूर, यहां कोई परिंदा भी पर नहीं मरता. रात के समय यहां अजीबोगरीब घटनाएं होती है. एक और इस स्थान से भगवान राम का नाता है तो दूसरी और आज यह जगह भूतों का अड्डा बन चुकी है.

इस देश में उपलब्ध दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, एक कप की कीमत चुकाने के लिए एक वाहन बेचना पड़ता है!

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आमतौर पर कॉफी पीने के लिए 65 रुपये देना भी महंगा है, लेकिन एक ऐसा देश भी है, जहां दुनिया की सबसे महंगी कॉफी मिल सकती है, जिसकी कीमत एक कप के लिए 65 हजार रुपये है।

अपने अलग स्वाद के लिए जानी जाने वाली, इस कॉफी को एक गलती के रूप में पेश किया गया था, और फिर कॉफी फीकी पड़ने लगी। इस कॉफ़ी की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि यह 22 साल पुरानी है। इस महंगी कॉफ़ी को बनाने के लिए कॉफ़ी के बीजों को पीसने के बाद इसे कपड़े की छलनी में डालें। इसके बाद, इस पर गर्म पानी डाला जाता है।

ऐसा करने से कॉफी की पहली बूंद गिरने में 30 मिनट लगते हैं। लेकिन इसका स्वाद काफी मेल नहीं खाता है। कॉफी को संग्रहित करने के लिए तरल को लकड़ी के बैरल में रखा जाता है।

इस कॉफी को दो दशक बाद बैरल ट्यूब के माध्यम से निकाला जाता है। यह कॉफी चॉकलेट और शराब की तरह लंबे समय तक स्वाद लेती है।

जापान के ओसाका में स्टेज हाउस दुनिया का एकमात्र ऐसा कैफे है, जहां इस कॉफी को परोसा जाता है। इस कैफे के मालिक, तनाका ने गलती से इस कॉफी को शुरू कर दिया था। तनाका पहले आइस कॉफी बेचा करता था।

इसलिए उन्होंने कॉफी को फ्रिज में रखा,

ताकि इसे जल्दी बनाया जा सके। लेकिन एक बार फ्रिज में कॉफी के कुछ पैकेट रखना भूल गए। लगभग डेढ़ साल बाद, जब तनाका ने उन पैकेटों को देखा, तो उन्होंने उसे फेंकने के बजाय उसकी कॉफी तैयार की। तनाका यह देखना चाहती थी कि इस कॉफी का स्वाद कैसे बदल गया है।

किसी स्वर्ग से कम नहीं है रेगिस्तान के बीचों-बीच स्थिति ये गांव

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आपके दिमाग में रेगिस्तान का बस एक ही अर्थ है,दूर-दूर तक रेत, कोई इंसान नहीं और लोहे को गला देने वाली गर्मी. अगर आपसे कोई यह कहे कि बीच रेगिस्तान आबादी, सुंदर झील और पेड़ तो आप उसे प्रकृति का सबसे सुंदर स्थान मान लोगे.

रेगिस्तान की जन्नत

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुदरत के एक ऐसे करिश्मे के बारे में जिसको सुनकर आप दंग रह जाओगे. इस गांव को स्वर्ग बनाने के लिए इस गांव के निवासियों ने बहुत मेहनत की थी. जिसकी वजह से यह गांव आज पूरी दुनिया में फेमस है .दक्षिण-पश्चिमी पेरू में आईसीए सिटी के पास बसा हुआ हुआ हुआकाचीन गांव एक बहुत ही खूबसूरत जगह है.

रेगिस्तान के बीच बसे हुए इस गांव के आसपास अगर आप नजर दोड़ाओगे तो आपको चारों तरफ केवल रेत ही नजर आएगी. पर इस गांव में सुख-सुविधा के साधनों के साथ-साथ प्रकृति का एक ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा जिसको देखकर आप यहां बार-बार आना चाहोगे.

इस गांव की जनसंख्या मात्र 96 लोगों की है जो इस गांव की स्थाई निवासी है. यहां हर साल दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए और मौज मस्ती करने आते हैं. इस गांव के बीच प्रकृति ने एक ऐसी झील बनाई है जो कई चमत्कारी औषधीय गुणों से भरी हुई है.

जो भी पर्यटक यहां घूमने के लिए आते हैं वह कहते हैं कि शहर की भागदौड़ और थकान भरी जिंदगी को छोड़ कर यहां पर काफी शांति महसूस होती है और मन को शांति मिलती है. रात के समय पूरा रेगिस्तान किसे जवाहरात की ढेर की तरह नजर आता है.जैसे ही शाम ढलती है यह रेगिस्तान रंगीन बल्बो की चमक से जगमगाता है.

रेगिस्तान के बीच बसा हुआ यह गांव प्रकृति की एक अद्भुत जगह है. यह जगह विज्ञान को पछाड़ते हुए प्रकृति का सौंदर्य है. इसे हम जन्नत ही कह सकते हैं.