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CG: बढ़ने लगी गर्मी की तपिश, कई जिलों में तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक अधिक…

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छत्तीसगढ़ में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर तेजी से महसूस होने लगा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर तेजी से महसूस होने लगा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले चार दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होते हुए बिहार से मराठवाड़ा तक एक ट्रफ रेखा लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर बनी हुई है। हालांकि इस सिस्टम का प्रदेश के मौसम पर अभी कोई खास असर नहीं पड़ रहा है और पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है। मार्च के दूसरे सप्ताह से ही तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि शुरू हो जाती है और अप्रैल तक गर्मी का असर और तेज हो सकता है। यदि मौसम की यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।

राजधानी रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्की धुंध या धुंधलापन रहने की संभावना जताई गई है, जबकि दिन चढ़ने के साथ धूप तेज हो सकती है। सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 39.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में बढ़ोतरी के चलते कई शहरों में दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर भी महसूस होने लगा है। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी बड़े मौसम बदलाव की संभावना से इनकार किया है, लेकिन तापमान धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है।

CG: सीएम विष्णुदेव साय से मिलने पहुंची लक्ष्मी वर्मा, नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य को प्रदेश के मुखिया ने दी शुभकामनाएं…

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  • सीएम साय से नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने की मुलाक़ात।
  • सीएम साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर शुभकामनाएं दी।
  • सीएम साय ने कहा – संसद में लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं, विकास से जुड़े मुद्दों तथा आमजन की अपेक्षाओं को सशक्त रूप से रखने में लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

ये दिग्गज नेता रहे उपस्थित

इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

लक्ष्मी वर्मा निर्विरोध चुनी गई सांसद

छत्तीसगढ़ में भाजपा के कोटे से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चुनी गई दिग्गज महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा के लिए सांसद चुन ली गई हैं। उनका निर्वाचन निर्विरोध रहा, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। प्रदेश भाजपा की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा के सांसद चुने जाने से प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह है।

सीएम-डिप्टी सीएम की मौजूदगी में नामांकन दाखिल

गुरुवार, 5 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की मौजूदगी में उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया। मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के मुड़पार गांव की रहने वाली लक्ष्मी वर्मा पिछले तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक का सफर तय किया है।

कौन हैं छत्तीसगढ़ से राज्यसभा पहुंचने वाली लक्ष्मी वर्मा?

लक्ष्मी वर्मा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1990 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी।

उन्हें साल 2000 में रायपुर के तत्कालीन सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। इसके तुरंत बाद साल 2001 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने महिलाओं को संगठित करने और पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

साल 2010 से 2014 के बीच उन्होंने भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लक्ष्मी वर्मा को 2021 से 2025 तक भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान, साल 2021 से 2024 के बीच उन्होंने गरियाबंद जिले के संगठन प्रभारी और पार्टी की आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया

आपको बता दें कि लक्ष्मी वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण चुनावी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। उनके सफर की शुरुआत साल 1994 में हुई, जब वह पहली बार रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से पार्षद निर्वाचित हुईं। स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद, साल 2010 में उन्होंने रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।

CG: ‘काला कारोबार छिपाने भाजपा नेता ने अपनाई थी ये तरकीब, अफीम की खेती की ये इनसाइड स्टोरी जान रह जाएंगे दंग’

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गाँव में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने 5.62 एकड़ जमीन पर उगे 14.30 लाख से अधिक अफीम के पौधों को नष्ट किया, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।

दुर्ग के समोदा गाँव में62 एकड़ में उगी अवैध अफीम की खेती का खुलासा।

30 लाख से अधिक पौधे नष्ट, कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई।

मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार गिरफ्तार, पार्टी से निलंबित।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गाँव में अफीम की बड़े पैमाने पर हो रही अवैध खेती ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस और जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 5.62 एकड़ भूमि पर उगे 14.30 लाख से अधिक अफीम के पौधों को नष्ट करने की कार्रवाई की है। इन पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए करीब 400 लोगों की टीम ने 24 घंटों तक अथक मेहनत की, जिसके बाद इन पौधों को उखाड़कर बोरियों में पैक किया गया। अब प्रशासन इन्हें एक सीमेंट फैक्ट्री की ब्लास्ट फर्नेस में नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

गूगल सर्च से हुई अफीम की पहचान

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 3 मार्च को गाँव के एक युवक ने सरपंच को अफीम की खेती के फोटो और वीडियो भेजे, जिसकी पुष्टि सरपंच ने गूगल सर्च के माध्यम से की। 4 मार्च को होली के कारण सरपंच ने शांति बनाए रखने के लिए जानकारी सार्वजनिक नहीं की, लेकिन धीरे-धीरे यह बात फैल गई कि विनायक ताम्रकार और उनके भाइयों के खेत में अफीम उगाई जा रही है। 5 मार्च (गुरुवार) को सरपंच ने जेवरा सिरसा थाना के कांस्टेबल पुनेश साहू को इसकी सूचना दी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद सरपंच ने चौकी प्रभारी खगेन्द्र पठारे को भी सूचित किया, लेकिन उन्होंने भी कोई संज्ञान नहीं लिया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। 6 मार्च को सरपंच ने LIB के जवान प्रहलाद बंछोर को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत फील्ड विजिट कर आला अधिकारियों को अवगत कराया।

मक्के की आड़ में उगाई थी अफीम

अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आबकारी, FSL, NCB और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची। FSL जांच में पुष्टि हुई कि अफीम के फलों में मॉर्फिन की उच्च मात्रा है। मौके पर 11 एकड़ के खेत में मक्के की आड़ में अफीम उगाई गई थी, जिसमें वेजिटेटिव से लेकर फ्रूटिंग स्टेज तक के पौधे थे। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन प्रीतिबाला और मधुबाला के नाम पर थी, जिन्होंने किसी भी जानकारी से इनकार किया है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के भी लगे आरोप

पूछताछ में विनायक ताम्रकार और विकास बिश्नोई की भूमिका सामने आने पर उन्हें आरोपी बनाया गया। ग्रामीणों और सरपंच ने विनायक के भाई बृजेश ताम्रकार की संलिप्तता और ताम्रकार बंधुओं द्वारा 140-150 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच के लिए अतिरिक्त तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि थाना प्रभारी ने पहले ही आरोपियों को सूचना दे दी थी, जिसके चलते आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की थी।

350-400 लोगों ने मिलकर अवैध पौधों को उखाड़ा

दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्वयं मौके पर पहुँचकर इस कार्रवाई की निगरानी की और आरोपियों पर कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन दिया।Afeem Kheti in CG  फिलहाल, 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 350-400 लोगों ने मिलकर अवैध पौधों को उखाड़ दिया है।

पार्टी से किया गया निलंबित

आपको बता दें कि इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दूसरी ओर उन्हें उनकी पार्टी (भाजपा) से निलंबित कर दिया गया है। विनायक ताम्रकार के निलंबन का आदेश डॉ. नवीन मार्कंडेय ने जारी किया था। विनायक ताम्रकार के निलंबन को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि कोई भी हो, गैरकानूनी काम करने वाले पर कार्रवाई होगी। अफीम मामले के साथ-साथ अब जिला प्रशासन द्वारा ताम्रकार बंधुओं के विरुद्ध सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों की भी गहन जांच की जा रही है, जिससे इस मामले में कई अन्य परतें खुलने की उम्मीद है।

CG: नगरीय प्रशासन विभाग में शुरू होंगी ये दो नई योजनाएं, 9451 करोड़ से संवरेगी प्रदेश की सड़कें, डिप्टी सीएम साव के विभाग की अनुदान मांगें पारित…

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 14,655 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए बड़े बजटीय प्रावधान शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में अरुण साव के विभागों के लिए ₹14,655 करोड़ की अनुदान मांगें पारित।

लोक निर्माण विभाग के लिए सड़कों, पुलों और भवनों पर ₹9451 करोड़ का प्रावधान।

जल जीवन मिशन के तहत अगले वर्ष 9 लाख परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने की योजना।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14,655 करोड़ 73 लाख 55 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2137 करोड़ 75 लाख 66 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 27 करोड़ 9 लाख 95 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4922 करोड़ 64 लाख 79 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2242 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1698 करोड़ 98 लाख 70 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्यों से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 15 करोड़ 4 लाख 20 हजार रूपए, नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3444 करोड़ 62 लाख 45 हजार रूपए तथा खेल एवं युवा कल्याण के लिए 166 करोड़ 83 लाख 10 हजार रुपए शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं बजट में दिखती हैं। हमने पहले साल ज्ञान, दूसरे साल गति और इस साल संकल्प की थीम पर बजट प्रस्तुत किया है। सरकार के ये तीनों बजट जन कल्याण और जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। मोदी की एक-एक गारंटी को पहले दिन से पूरा करने का काम सरकार कर रही है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

उप मुख्यमंत्री  साव ने सदन में कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य के बजट से पूरा सहयोग मिल रहा है। कार्यों का कड़ाई से मूल्यांकन करते हुए पारदर्शिता के साथ निर्माण एजेंसियों को भुगतान किया जा रहा है। जिन योजनाओें के काम 80 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गए हैं, उन्हे प्राथमिकता से पूर्ण करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 5077 टंकियां बनाई गई है। गांव के सभी घरों में नल से पानी पहुंचने वाले 5028 से अधिक गांवों को हर घर जल प्रमाणित कराया गया है। साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत 29 हजार 173 सिंगल विलेज योजनाओं में से 7000 योजनाएं पूर्ण हो गई है।

Chhattisgarh Government Budget Highlights आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 9 लाख परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने तथा शेष योजनाओं को पूर्ण करने के लिए 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 7490 सोलर पंपों के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गई है। इनके संचालन एवं संधारण के लिए 3 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। ग्रामीण बसाहटों में हैण्डपंपों के संधारण के लिए आगामी बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि से प्रदेश में स्थापित करीब 3 लाख हैण्डपंपों का संचालन-संधारण किया जाएगा।

साव ने सदन में बताया कि समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य मद से 20 करोड़ रूपए,  नगरीय योजनाओं के ऋण के लिए 30 करोड़ रूपए तथा राज्य के ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों जहां भूगर्भीय जल की उपलब्धता कम है तथा सतही स्रोत उपलब्ध है, उन क्षेत्रों में नाबार्ड पोषित योजना अंतर्गत 44 समूह जल प्रदाय योजना के लिए 260 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि धमतरी जिले में सिर्री समूह जल प्रदाय योजना के लिए 2 करोड़ रूपए, सुतियापाट जलाशय से ठाठापुर तक 54 गांवों तथा भीरा छीरपानी जलाशय से 66 गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

लोक निर्माण विभाग

उप मुख्यमंत्री  साव ने विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा के उत्तर में कहा कि लोक निर्माण विभाग के आगामी बजट में सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण तथा मरम्मत के लिए 9451 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी बजट में राजधानी रायपुर में महत्वपूर्ण जंक्शनों पर फ्लाईओव्हरों के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इन फ्लाईओव्हरों के निर्माण से शहर का यातायात सुगम होगा एवं जाम से मुक्ति मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों में भी कई फ्लाईओव्हरों के निर्माण प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने सदन में बताया कि सड़कों के निर्माण के साथ ही दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास सरकार लगातार कर रही है। सड़क सुरक्षा कार्यों तथा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ने 51 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।

साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर विगत 1 नवंबर को लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण किया है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 148 अन्य भवनों को पूर्ण कर लोकार्पण कराया गया है। साथ ही 225 भवनों का भूमिपूजन भी किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में योजनाबद्ध तरीके से सड़कों के संधारण के लिए ओ.पी.आर.एम.सी. योजनांतर्गत 103 किमी लंबे सिमगा-खरोरा-आरंग-नयापारा-कुरुद मार्ग के रख-रखाव के लिए 59 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए एजेंसी भी तय कर दी गई है। आगामी 5 वर्षों तक एजेंसी द्वारा लगातार इस सड़क की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इसी तर्ज पर वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेशभर की 1534 किमी महत्वपूर्ण सड़कों के नवीनीकरण एवं नियमित संधारण के लिए 180 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

साव ने सदन में बताया कि इस साल लोक निर्माण विभाग में दिवंगत कर्मचारियों के 19 परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति के साथ ही 07 मानचित्रकारों और 80 उप अभियंताओं की नई नियुक्ति की गई है। भृत्य से लेकर मुख्य अभियंता के पदों पर 371 शासकीय सेवकों को पदोन्नति दी गई है। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन तथा प्रशासनिक कसावट के लिए 07 नवीन संभागीय कार्यालय एवं 12 नवीन उप संभागीय कार्यालय सृजित किए गए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि आगामी वर्ष के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 तथा गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 909 करोड़ 50 लाख रूपए एवं स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए 467 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में मिशन अमृत 2.0 के लिए 512 करोड़ रूपए, पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए 30 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रूपए तथा नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं।

साव ने बताया कि आगामी बजट में विभिन्न नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद के अंतर्गत 840 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 5 करोड़ रूपए तथा ई-गर्वनेंस योजना के लिए 10 करोड़ रूपए के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली भूमिगत विद्युतीकरण योेजना के लिए 100 करोड़ रूपए और आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग

उप मुख्यमंत्री साव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के आगामी वर्ष के बजट प्रावधानों के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रूपए, युवा रत्न सम्मान योजना के लिए 1.50 करोड़ रूपए तथा खेल अकादमियों के लिए 15 करोड़ एक लाख रूपए के प्रावधान किए गए हैं। राज्य युवा महोत्सव, बस्तर ओलंपिक तथा सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों से आयोजित बस्तर ओलंपिक बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रहा है। बड़ी संख्या में युवा एवं महिलाएं उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दे रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण  द्वारकाधीश यादव, अजय चंद्राकर, व्यास पाठक, सुनील सोनी, कुंवर सिंह निषाद, धर्मजीत सिंह, भोलाराम साहू, मोतीलाल साहू, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, अनुज शर्मा, राम कुमार यादव, प्रमोद मिंज, नीलकंठ टेेकाम, रोहित साहू, प्रणव कुमार मरपच्ची, लखेश्वर बघेल, शेषराज हरवंश, लता उसेंडी, शकुंतला पोर्ते, उत्तरी जांगड़े, अंबिका मरकाम  और सावित्री मंडावी ने भाग लिया।

CG: विधानसभा के बजट सत्र का आज 7वां दिन, आज भी विधानसभा की कार्यवाही रह सकती है हंगामेदार…

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लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जोरदार हंगामा, सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित…

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए जमकर नारेबाजी की। विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे के बीच ही पीठासीन संध्या राय ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। हंगामा बढ़ा और अंत में पीठासीन को कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी। लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 7वां दिन
  • आज भी विधानसभा की कार्यवाही रह सकती है हंगामेदार
  • कांग्रेस धान खरीदी के मुद्दे पर ला सकती है स्थगन प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 7वां दिन है। आज भी सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने का आसार है। बताया जा रहा है कि आज भी कांग्रेस धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है और शून्यकाल के दौरान इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव भी लाया जा सकता है।

ध्यानाकर्षण के दौरान गूंजेगा ये मुद्दा

वहीं ध्यानाकर्षण के दौरान स्मार्ट सिटी में भ्रष्टाचार का मुद्दा गूंजेगा। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने इस विषय पर ध्यानाकर्षण लगाया है। इसके अलावा सिरपुर महोत्सव के आयोजन में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी सदन में उठने की संभावना है। वहीं आज विभागवार बजट अनुदान पर भी चर्चा होगी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के विभागों से जुड़ी मांग पर चर्चा होगी।

आपको बता दें कि होली की छुट्टी के बाद सोमवार फिर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो हुआ सत्र के दौरान बजट की अनुदान मांगों पर विभागवार चर्चा हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर बहस हुई। सदन में प्रश्नकाल के दौरान आज बस्तर संभाग में इस साल हुई धान खरीदी को लेकर मुद्दा गरमाया। प्रश्नकाल में कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए नजर आए। इस दौरान कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर बहिर्गमन कर दिया।

CG: भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की…

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मुख्य चुनाव आयुक्त  श्री ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ आज कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। समीक्षा के दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों जैसे आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा नेशनल पीपुल्स पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय दलों, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया तथा उनके सुझाव प्राप्त किए।

बैठक में अधिकांश राजनीतिक दलों ने आयोग द्वारा संचालित व्यापक एसआईआर (SIR) अभ्यास की सराहना करते हुए चुनाव आयोग में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। दलों ने आगामी चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने तथा हिंसक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की भी मांग की।कुछ दलों ने कच्चे बम, अवैध हथियार, धनबल और बाहुबल के संभावित उपयोग को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं तथा चुनाव को एक या दो चरणों में सम्पन्न कराने का सुझाव दिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया कि भारत में चुनाव पूरी तरह कानून के अनुसार आयोजित किए जाते हैं और आयोग पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाताओं अथवा चुनाव कर्मियों के विरुद्ध हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाओं के प्रति आयोग की नीति ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की होगी।

राजनीतिक दलों ने भी आयोग को आश्वासन दिया कि वे राज्य में चुनाव को हिंसा-मुक्त बनाने में पूर्ण सहयोग करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी दोहराया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए तथा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 अभी भी भरे जा सकते हैं।

इसके पश्चात आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों/नोडल अधिकारियों, आईजी, डीआईजी, मंडलायुक्तों, पुलिस आयुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों  तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों के साथ चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, रसद व्यवस्था, चुनाव कर्मचारियों के प्रशिक्षण, जब्ती कार्रवाई, कानून-व्यवस्था तथा मतदाता जागरूकता और जनसंपर्क गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।

आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने और मतदाताओं को प्रलोभन देने से जुड़ी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर रैंप, व्हीलचेयर और पेयजल सहित सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (AMFs) उपलब्ध कराई जाएं।

राज्यसभा चुनाव 2026: क्या चुनावी मुकाबला खत्म हो गया? क्या यह लोकतंत्र का शांत पक्ष है? क्या यही लोकतंत्र की सच्चाई है?

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राज्यसभा चुनाव 2026

राज्यसभा चुनाव 2026 में सीटों की संख्या से ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि कई उम्मीदवार बिना किसी चुनौती के जीत रहे हैं। कई राज्यों में ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है। इसका अर्थ है कि चुनाव से पहले ही राजनीतिक समीकरण तय हो चुके हैं। संसद का ऊपरी सदन आम चुनावों की तरह हलचल नहीं देखता, बल्कि यहां की राजनीति अक्सर शांत रहती है। लेकिन इस शांति के पीछे गहरी राजनीतिक रणनीतियाँ छिपी होती हैं, जिसके कारण कई नेता बिना मुकाबले संसद में पहुंच जाते हैं।

क्या चुनावी मुकाबला खत्म हो गया?

इस बार 37 सीटों पर चुनाव होने हैं, लेकिन हर सीट पर वास्तविक प्रतिस्पर्धा का अभाव है। कई स्थानों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाने की ओर अग्रसर हैं। यह स्थिति नई नहीं है; पहले भी कई बार ऐसा देखा गया है। सवाल यह उठता है कि जब मुकाबला ही नहीं होगा, तो चुनाव की भावना का क्या होता है? लोकतंत्र में चुनाव का अर्थ प्रतिस्पर्धा होता है, लेकिन यहां कई जगह मुकाबला शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया है।

क्या दलों के भीतर समझौते हो रहे हैं?

राज्यसभा का चुनाव जनता द्वारा नहीं, बल्कि विधायकों द्वारा किया जाता है। इसलिए यहां की राजनीति का गणित अलग होता है। राजनीतिक दल अपने विधायकों की संख्या के अनुसार उम्मीदवारों का चयन करते हैं। कई बार विपक्ष उम्मीदवार ही नहीं उतारता, और कई बार अंदर ही अंदर समझौते हो जाते हैं। यही कारण है कि कई सीटें निर्विरोध चली जाती हैं। बाहर से सब कुछ शांत दिखता है, लेकिन अंदर गहरा राजनीतिक गणित चलता है।

क्या यह लोकतंत्र का शांत पक्ष है?

राजनीति के विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यसभा का चुनाव एक अलग प्रकार का होता है। यहां आम चुनावों की तरह सीधा संघर्ष कम दिखाई देता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राजनीति समाप्त हो गई है। यहां रणनीति अधिक होती है, और दल अपने विश्वसनीय नेताओं को संसद में भेजते हैं। कई बार वरिष्ठ नेताओं को सम्मान भी मिलता है। इसलिए निर्विरोध जीत को हमेशा नकारात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाता। फिर भी सवाल उठते हैं।

क्या यह ताकत का संकेत है?

किसी नेता का निर्विरोध चुना जाना एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। इसका अर्थ है कि उसके पीछे मजबूत राजनीतिक समर्थन है। कई बार दल अपने बड़े नेताओं को इस तरह संसद में भेजते हैं, जिससे पार्टी की एकता का संदेश जाता है। लेकिन आलोचक यह भी कहते हैं कि इससे मुकाबले की भावना कमजोर होती है। लोकतंत्र में चुनौती आवश्यक मानी जाती है, इसलिए यह बहस हमेशा बनी रहती है।

क्या बिहार बदल देगा कहानी?

इस चुनाव में बिहार की एक सीट ने थोड़ी हलचल पैदा की है। यहां मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। अन्य कई स्थानों पर स्थिति लगभग स्पष्ट है, इसलिए सभी की नजर बिहार पर है। यह सीट दर्शाती है कि जब एक अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में आता है, तो समीकरण बदल जाते हैं। यही लोकतंत्र का असली रंग है, जहां मुकाबला होता है, वहां राजनीति अधिक खुलकर सामने आती है।

क्या यही लोकतंत्र की सच्चाई है?

राज्यसभा चुनाव 2026 एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। क्या संसद के इस सदन में राजनीति धीरे-धीरे समझौतों की ओर बढ़ रही है, या यह केवल संसदीय व्यवस्था का सामान्य तरीका है? इसका उत्तर सरल नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि निर्विरोध जीतें बहस को जन्म देती हैं। यही बहस लोकतंत्र को जीवित रखती है और आने वाले चुनावों में भी उठती रहेगी।

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: जानें कारण और भविष्यवाणियाँ….

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सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट’

”सोमवार को अमेरिकी डॉलर की मजबूती और महंगाई की चिंताओं के चलते सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इससे यह संभावना कम हो गई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा।”

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद, सोने और चांदी की कीमतों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई, बल्कि गिरावट देखने को मिली।

”सोमवार को एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी का सोना वायदा 1,59,826 रुपए प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी वायदा 2,60,743 रुपए प्रति किलोग्राम पर गिर गई।”

दोपहर करीब 12.18 बजे, एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 881 रुपए यानी 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,60,678 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, 5 मई एक्सपायरी वाला सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 3,378 रुपए यानी 1.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,64,907 रुपए प्रति किलोग्राम पर था।

”इस बीच, अमेरिकी डॉलर तीन महीने के उच्च स्तर 99.34 तक पहुंच गया, जो इंट्राडे आधार पर लगभग 0.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। डॉलर की मजबूती से अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोना और चांदी महंगा हो जाता है।”

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी बॉंड यील्ड भी बढ़ गई है, जिससे बिना ब्याज वाली धातुओं जैसे सोने और चांदी को रखने की लागत बढ़ गई है।

”कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई है, जो लगभग 27 प्रतिशत बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। यह मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण हुआ है।” ”तेल की कीमतों में इस वृद्धि से महंगाई की आशंका बढ़ गई है, जिसके चलते बाजार में यह उम्मीद बढ़ रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 18 मार्च को होने वाली नीति बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है।”

बाजार के अनुमानों के अनुसार, जून में भी फेड के ब्याज दरों को बिना बदलाव के रखने की संभावना 51 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

”विश्लेषकों का मानना है कि सोने के लिए 1,48,000 रुपए का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 1,53,000 रुपए का स्तर रेजिस्टेंस हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में 5,000 डॉलर के आसपास मजबूत खरीदारी देखी जा रही है। यदि कीमतें 5,400 से 5,600 डॉलर के ऊपर स्थिर रहती हैं, तो सोना नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।” ”बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी का मध्यम और लंबी अवधि का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां इसके पक्ष में हैं।”

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को दी राहत, केजरीवाल-सिसोदिया मामले में सुनवाई जारी…

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दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली शराब नीति घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के निर्णय के खिलाफ याचिका प्रस्तुत की है। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीबीआई को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की।

ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक

जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा कि वे ट्रायल कोर्ट की उन टिप्पणियों पर रोक लगाएंगे, जो सीबीआई के खिलाफ थीं। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को बरी कर दिया था और सबूतों की कमी के लिए सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट अब इस मामले में 16 मार्च को फिर से सुनवाई करेगा।

सीबीआई अधिकारी की जांच पर रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट के शराब घोटाले की जांच कर रहे अधिकारी की जांच कराने के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि जब तक हाईकोर्ट इस मामले में कोई निर्णय नहीं लेता, तब तक कोई फैसला न दिया जाए।

नोटिस जारी करने की प्रक्रिया

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और अन्य सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला बताया और इसे देश की राजधानी का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को विवादित बताते हुए कहा कि यह बिना ट्रायल के बरी करने का आदेश है।

सीबीआई पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां

राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र ने शराब नीति मामले में सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणियां की थीं। कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट में कई कमियों की ओर इशारा किया था। जज ने कहा था कि बिना ठोस सबूत के सीबीआई ने दिल्ली के केजरीवाल और उनके सहयोगियों को साउथ ग्रुप के रूप में संदर्भित किया था। उल्लेखनीय है कि केजरीवाल और सिसोदिया इस मामले में जेल गए थे, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

रॉयल एनफील्ड हंटर 350: बजट में बेहतरीन मोटरसाइकिल की खासियतें…

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यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो बिना अधिक खर्च किए क्लासिक और आधुनिक अनुभव चाहते हैं।

रॉयल एनफील्ड हंटर 350, इस प्रसिद्ध भारतीय ब्रांड की एक प्रमुख और बजट के अनुकूल मोटरसाइकिल है। इसे शहरी राइडिंग, दैनिक यात्रा और नए राइडर्स के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। हंटर 350 की कीमत और आकार क्लासिक 350 और बुलेट 350 से थोड़े कम हैं। फिर भी, इसमें कुछ ऐसे फीचर्स हैं जो इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। यह युवा खरीदारों, शहरी उपयोगकर्ताओं और बड़े बाइक के नए राइडर्स के लिए एकदम सही है। यहां हम इसकी पांच प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा कर रहे हैं।

इंजन और प्रदर्शन

हंटर 350 में 349cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल कूल्ड इंजन है, जो क्लासिक 350 और बुलेट 350 में भी पाया जाता है। यह J-सीरीज इंजन 6,100 rpm पर 20.2 हॉर्सपावर और 4,000 rpm पर 27 Nm का टॉर्क प्रदान करता है। इसकी लो-एंड टॉर्क ट्रैफिक में इसे चलाना आसान बनाता है। इसमें 5-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिपर क्लच है, जो गियर शिफ्ट को सहज बनाता है। यह सेटअप नए राइडर्स के लिए अनुकूल है और शहर में राइडिंग को आसान बनाता है।

आकार, वजन और प्रैक्टिकैलिटी

हंटर 350 में 13-लीटर का फ्यूल टैंक है, जो दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त है और छोटी यात्राओं के लिए अच्छी रेंज प्रदान करता है। इसका कर्ब वेट 181 किलो है, जो इसे रॉयल एनफील्ड के हल्के मॉडलों में से एक बनाता है। इसकी लो सीट और नैरो बिल्ड इसे जमीन पर दोनों पैरों को सीधा रखने में मदद करती है, जिससे यह महिलाओं और नए राइडर्स के लिए भी आदर्श बनती है।

फीचर्स और सुरक्षा

इसमें एक सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जो स्पीड, फ्यूल लेवल, ट्रिप मीटर और अन्य बुनियादी जानकारी प्रदर्शित करता है। हालांकि, बेस मॉडल में टैकोमीटर नहीं है। उच्च वेरिएंट में ट्रिपर नेविगेशन पॉड शामिल है, जो ब्लूटूथ के माध्यम से आपके फोन से कनेक्ट होता है और एक छोटी स्क्रीन पर टर्न-बाय-टर्न दिशा दिखाता है। सभी वेरिएंट में ड्यूल-चैनल ABS सुरक्षा के लिए उपलब्ध है।

रंग विकल्प

हंटर 350 को 7 रंगों में उपलब्ध है, जिनमें ग्रेफाइट ग्रे, टोक्यो ब्लैक, लंदन रेड, रेबेल ब्लू, डैपर ग्रे, रियो व्हाइट और फैक्ट्री ब्लैक शामिल हैं। ये रंग बाइक को पारंपरिक क्लासिक मॉडलों की तुलना में एक ताजा और युवा लुक देते हैं।

हंटर 350 की कीमत

भारत में हंटर 350 की कीमत: बेस फैक्ट्री ब्लैक वेरिएंट की कीमत 1,37,640 रुपये है, जो एक्स-शोरूम कीमत है। इस वेरिएंट में स्पोक्ड व्हील्स और ट्यूब वाले टायर्स शामिल हैं। एलॉय व्हील्स और ट्यूबलेस टायर्स वाले उच्च वेरिएंट्स की कीमत 1,66,883 रुपये (एक्स-शोरूम दिल्ली) है। यह इसे रॉयल एनफील्ड की सबसे सस्ती बाइक्स में से एक बनाता है।