Home Blog Page 2637

छत्तीसगढ़ नान घोटालाः नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन प्रबंधक ने लगाए ऐसे आरोप

0

नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन प्रबंधक शिवशंकर भट्ट का कहना है कि घोटाला नान में नहीं, फूड कारपोरेशन में हुआ। छग के पूर्ववर्ती सरकार ने जबरिया 10 लाख टन चावल खरीदवाया और स्टोर कराया गया। स्टोर करने गोदाम में जगह नहीं थी। इसलिए स्कूल, सांस्कृतिक भवनों में भी स्टोर कराना पड़ा था । परिवहन में चार करोड़ रुपये खर्च हुए।

भट्ट ने यहां प्रेसवार्ता में तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह, खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले और नान के अध्यक्ष लीलाराम भोजवानी को मास्टर माइंड बताया।

उन्‍होंने कहा कि 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए 21 लाख फर्जी कार्ड बनवाए गए। लोकसभा तक उन कार्डो पर आवंटन हुआ। उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका और सरकार पर भरोसा है । निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होगी। 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनवाए गए थे। जिससे हर माह प्रति कार्ड 1300 रुपए का खाद्यान्न निकलता रहा। घोटाले में खाद्य सचिव, वित्त सचिव, एमडी नान की भी भूमिका होने की बात कही।

भट्ट ने कहा कि सब्सिडी का भुगतान गलत हुआ, बिना परीक्षण किए ही भुगतान कर दिया। खाद्यान्न हितग्राहियों तक पहुंचा ही नहीं है।

आजम खान के पक्ष में बोले कांग्रेस लीडर PL पूनिया- भाजपा के खिलाफ बोलने का खामियाजा भुगत रहे हैं वो

0

सपा नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनका समर्थन करते हुए यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पीएल पुनिया ने कहा है कि जो भी भाजपा के खिलाफ बोलता है, सरकार उसी को निशाने पर ले लेती है। मुकदमे दर्ज करवाए जाते हैं और फिर जेल करा देती है। आजम के परिवार वालों को भी परेशान किया जा रहा है। पुनिया ने यह भी कहा कि आजम ने अपने घर के लिये कोई संपति नहीं बनाई। जो भी किया यूनिवर्सिटी के लिए किया। हो सकता है कि यूनिवर्सिटी में कुछ अनियमितताएं हों, लेकिन उसका समाधान किया जा सकता है। इसके लिए जेल भिजवाने की तैयारी तो नहीं करनी चाहिए।”

चिदंबरम को जबरन जेल में बंद कर दिया

बता दें कि, पीएल पुनिया वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। रविवार को वह कांग्रेस नेता शिवकुमार के यहां ईडी के रेड के बारे में बातचीत कर रहे थे। पुनिया ने कहा कि शिवकुमार और उनकी 22 साल की बेटी से भी ईडी ने पूछताछ की है। इससे पहले चिदंबरम जी को जबरन जेल में बंद कर दिया। अब आजम खान भी इसी का खामियाजा भुगत रहे हैं। उनके खिलाफ बहुत से मुकदमे करा दिए गए हैं।’

इकोनॉमी को लेकर भी उठाए सवाल

पीएल पुनिया ने भाजपा सरकार के एजेंडे पर बोलते हुए कहा कि जब डॉक्टर मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे उस समय दूसरे कई देशों की इकॉनोमी ध्वस्त हो गई थी, बैंक फेल हो गए लेकिन हिंदुस्तान पर इसका जरा भी असर नहीं पड़। लेकिन भाजपा का एजेंडा आर्थिक मंदी को रोकने का नहीं है। मंदी से निपटने के लिये इस सरकार के पास नहीं कोई प्लान है।

ड्रीम गर्ल के रिलीज होते ही आयुष्मान को मिली बुरी खबर, जानकर उड़ जाएंगे होश

0

बॉलीवुड के एक्टर आयुष्मान खुराना को लेकर हाल ही एक बड़ी खबर सामने आई है जहां एक तरफ 13 सितंबर को सिनेमाघरो में फिल्म ड्रीम गर्ल रिलीज हुई तो वही दूसरी तरफ हाल ही में आयुष्मान की ये फिल्म लीक भी हो गई है।जी हां हाल ही में सामने आई खबर की मानें तो दरअसल 30 करोड़ के लागत से बनी आयुष्मान खुराना और नुसरत भरुचा की फिल्म ड्रीम गर्ल HD प्रिंट में लीक हो गई है। फिल्म के ट्रेलर और गानों को फैंस का शानदार रिस्पॉन्स मिला था लेकिन रिलीज के कुछ ही घंटों बाद फिल्म का लीक हो जाना कलेक्शन पर असर डाल सकता है।

वही बताया गया है कि फिल्म को पायरेटेड डाउनलोड के लिए कई वेबसाइटों पर उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में फिल्म का लीक हो जाना मेकर्स के लिए नुकसान भरा साबित हो सकता है।एक तरफ जहां ‘ड्रीम गर्ल’ (Dream Girl) फिल्म ने पहले दिन 10 करोड़ 5 लाख का कलेक्शन किया है। तो वही अब इस आंकड़े के साथ ही ‘ड्रीम गर्ल’ आयुष्मान के फिल्मी सफर की अब तक की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म बन गई है।

खैर ये पहली बार नहीं है इससे पहले हाल ही में प्रभास की फिल्म साहो, कंगना रनौत और राजकुमार राव की ‘जजमेंटल है क्या’ भी पायरेसी साइट पर एचडी प्रिंट के साथ लीक हुई थी। पहले सिर्फ दक्षिण भारतीय फिल्में ही लीक हुआ करती थीं लेकिन अब इस अवैध साइट ने बॉलीवुड इंडस्ट्री की की भी नींद उड़ा रखी है। इससे पहले कई बड़े बजट की फिल्में लीक होने की वजह से कमाई पर असर देखने को मिला है।अब देखना ये है क्या आयुष्मान की इस फिल्म के कलेक्शन पर भी भारी नुकसान होने वाला है।हालांकि फिल्म पसंद की जा रही है।जिसे राज शांडिल्य ने डायरेक्ट किया है।

11 लाख 91 हजार में खरीदा VIP मोबाइल नंबर बना चर्चा का विषय

0

मूलरूप से कानपुर निवासी हिमांशु केडिया ने मेरठ के बीएसएनएल कार्यालय से एक फैंसी नंबर के लिए 11 लाख 91 हजार 918 रुपये खर्च किए हैं। हिमांशु ने जिस नंबर के लिए लगभग 12 लाख रुपये खर्च किए हैं उसके शुरू के दो अंक को छोड़कर शेष सभी अंक समान हैं।

बीएसएनएल मेरठ के प्रवक्ता बताते हैं कि यह बीएसएनएल के किसी भी नंबर के लिए खर्च की गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है, यानी अपने आप में एक रिकॉर्ड।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारहिमांशु केडिया का कहना है कि उन्होंने कानपुर में फैंसी नंबर के लिए संपर्क किया था। वहां बिड के बारे में पता चला और वेस्ट यूपी सर्किल के इस नंबर के बारे में जानकारी मिली। मैंने बोली लगाई और पहले दिल्ली, फिर मेरठ आकर मनपसंद नंबर हासिल किया।

मेरी कोशिश और नंबर मिलने में दो महीने का समय लगा है। निर्माण व्यवसाय से जुड़े हिमांशु कहते हैं कि उन्हें फैंसी नंबर का शौक है, इसलिए यह नंबर लिया है। यह जिंदगीभर साथ रहेगा।

महिला ने दूध में बनाई Maggi, रेसिपी देखकर लोग बोले- ये मैगी की शोषण है

0

आम तौर पर घरों में बच्चों या कई बड़ों को भी 2 मिनट में तैयार हो जाने वाली मैगी बहुत पसंद आती है। वहीं कई लोग इसे अलग तरीके से बनाने के लिए एक्सपेरीमेंट करते रहते हैं। कभी कोई इसमें चीज डालता है, सब्जियां या बटर और फिर अपने अनुसार तैयार कर लेता है। लेकिन हाल ही में मैगी की रेसिपी का एक ऐसा वीडियो सामने आया कि उसे देखकर किसी को गुस्सा आया तो किसी के हंसी। वहीं कुछ लोगों ने इसे पसंद भी किया।

दरअसल वीडियो में अजीब यह है कि जो महिला मैगी बनाने के तरीका बता रही है वह मैगी को पानी नहीं बल्कि दूध में पका रही है। और फिर वह उसमें गुलाब की सूखी पंखुड़ियां और केवड़े का एसेंस डाल देती है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लोगों ने इसपर लगातार कमेंट करना शुरू कर दिया।

https://twitter.com/Sahil_Adhikaari/status/1171988221762260992

चंद्रयान-2 ऑर्बिटर हमेशा अंधेरे में रहने वाले चांद के हिस्सों का भी भेजेगा तस्वीर : ISRO

0

चांद पर मौजूद विक्रम लैंडर से अबतक संपर्क नहीं हो पाया है पर भारत के चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अपने मिशन में जुटा हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के दूसरे मून मिशन का यह ऑर्बिटर चांद के हमेशा अंधेरे में रहने वाले यानी उन क्षेत्रों की तस्वीरें भेजेगा, जहां सूरज की रोशनी कभी नहीं पड़ती है। यह पूरी दुनिया के लिए नई जानकारी होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक दशक पहले भेजे गए भारत के पहले चंद्रयान से इसका प्रदर्शन बेहतर हो रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन एएस किरण कुमार ने कहा, हम चंद्रयान-1 से कहीं ज्यादा बेहतर परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि हम माइक्रोवेव ड्यूल-फ्रिच्ेंसी सेंसर्स की मदद से चांद के हमेशा अंधेरे में डूबे रहने वाले इलाके की भी मैपिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऑर्बिटर में बड़े स्पेक्ट्रल रेंज के काफी दमदार कैमरे लगे हैं।
क्या-क्या राज खुलेगा?
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने बताया है कि ऑर्बिटर पहले ही चांद की कक्षा में स्थापित हो चुका है और वह चांद की विकास यात्रा, सतह की संरचना, खनिज और पानी की उपलब्धता आदि के बारे में हमारी समझ को और बेहतर बनाने में मदद करेगा। यह करीब 7 सालों तक ऑपरेशनल रहेगा और इस दौरान चांद के रहस्यों से पर्दा उठाने में मदद करेगा।
100 किमी दूर से चांद को निहार रहा अपना ऑर्बिटर
आपको बता दें कि 22 जुलाई को लॉन्च किए गए चंद्रयान-2 में लैंडर और रोवर को चांद पर उतरना था जबकि ऑर्बिटर के हिस्से में चांद की परिक्रमा कर जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी थी। 7 सितंबर को लैंडर चांद की सतह को छूने से ठीक पहले करीब 2.1 किमी ऊपर इसरो के रेडार से गायब हो गया और अब तक उससे संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। हालांकि ऑर्बिटर इस समय चांद की सतह से करीब 100 किमी के ऊपर से परिक्रमा कर रहा है। इसमें एक हाई-रेज़ॉलूशन कैमरा है जो चांद की सतह पर 0.3 मीटर तक की तस्वीर ले सकता है। किरण कुमार ने कहा कि ऑर्बिटर से चंद्रयान-1 की तुलना में शानदार परिणाम मिल रहे हैं।
लैंडर से लिंक की कोशिशें जारी
लैंडर ने चांद पर हार्ड लैंडिंग की थी और अब भी उससे कनेक्शन स्थापित करने की कोशिशें जारी हैं। आपको बता दें कि लैंडर को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए डिजाइन किया गया था। इसके भीतर बंद रोवर का जीवनकाल एक चंद्र दिवस यानी धरती के 14 दिन के बराबर है। इसे देखते हुए इसरो के पास एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। हालांकि वैज्ञानिक अंतिम समय तक विक्रम से कनेक्ट होने की कोशिश करते रहेंगे।
समय के साथ बढ़ रहीं धड़कनें
इसरो के एक अधिकारी ने कहा, ‘आप कल्पना कर सकते हैं कि हर गुजरते घंटे के साथ काम मुश्किल होता जा रहा है। बैटरी में उपलब्ध ऊर्जा खत्म हो रही होगी और इसके ऊर्जा हासिल करने तथा परिचालन के लिए कुछ नहीं बचेगा।Ó उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक गुजरते मिनट के साथ स्थिति केवल जटिल होती जा रही है। विक्रम से सपंर्क स्थापित होने की संभावना कम होती जा रही है।Ó
यह पूछे जाने पर कि क्या संपर्क स्थापित होने की थोड़ी-बहुत संभावना है, अधिकारी ने कहा कि यह काफी दूर की बात है। यहां स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग ऐंड कमांड नेटवर्क में एक टीम लैंडर से पुन: संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रही है। अधिकारी ने कहा कि सही दिशा में होने की स्थिति में यह सौर पैनलों के चलते अब भी ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है और बैटरियों को फिर चार्ज कर सकता है। इसकी संभावना, धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
नासा का यान विक्रम के ऊपर से मंगलवार को गुजरेगा
उधर, नासा का ऑर्बिटर 17 सितंबर यानी मंगलवार को विक्रम की लैंडिंग साइट के ऊपर से गुजरने वाला है। नासा की नीति के मुताबिक उसके ऑर्बिटर का डेटा सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध होता है। नासा के प्रॉजेक्ट साइंटिस्ट नोआह पेत्रो ने कहा कि हमारा ऑर्बिटर विक्रम लैंडर की साइट के ऊपर से गुजरेगा तो उसकी तस्वीरें जारी करेगा ताकि इसरो को पूरी स्थिति का विश्लेषण करने में मदद मिल सके।

इस मंदिर में कितना भी पानी डालो नहीं भरता घड़ा!

0

राजस्थान के पाली जिले में मौजूद माता शीतला के इस प्राचीन मंदिर में होने वाले चमत्कार को देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पर पहुंचते हैं।

शीतला माता के इस मंदिर में मौजूद इस घड़े के बारे में मान्यता है कि यह घड़ा पिछले 800 सालों से अभी तक पानी से नहीं भरा जा सका है। इस मंदिर में मौजूद इस घड़े की चौड़ाई महज आधा फुट है और लगभग इतना ही गहरा भी है।

मंदिर से जुड़ी है यह कथा मान्यता है कि इस स्थान पर तकरीबन 800 साल पहले बाबरा नामक का एक राक्षस था। जिससे आसपास के तमाम गांव वाले आतंकित थे, क्योंकि जब कभी भी यहां रहने वाले किसी ब्राह्मण के घर में शादी होती तो राक्षस दूल्हे को मार देता था।

मुख्यमंत्री बघेल ने डॉ. प्रेमसाय सिंह को दी जन्म दिन की बधाई

0

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपस्थित गृह एवं पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने भी डॉ. टेकाम को बधाई दी। 

मध्यप्रदेश : दूध पार्लर पर बिकेगा कड़कनाथ का मांस

0

सरकार ने भोपाल के वैशाली नगर क्षेत्र में दूध के पार्लर पर कड़कनाथ मुर्गे का मांस बेचने की योजना शुरू की है। पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि फिलहाल यह बूथ प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया है। सफल रहा तो पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। इधर, भाजपा ने दूध के साथ कड़कनाथ मुर्गे का मांस बेचने पर आपत्ति जताई है।

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सरकार हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। हिंदू धर्म में पूजा पाठ और कर्मकांड में दूध का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि वह सरकार से दूध और कड़कनाथ का मांस बेचने के लिए अलग-अलग पार्लर स्थापित करने का आग्रह करेंगे।

900 रुपए प्रति किलो का भाव : यादव ने कहा कि वर्तमान में कड़कनाथ का मांस 900 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है। रामेश्वर शर्मा की आपत्ति के पर मंत्री बोले, दोनों चीजें बेचने के लिए पार्लर में अलग केबिन बनाए जाएंगे।

जानिए सटीक जानकारी, श्राद्धपक्ष में रहेगी इस बार तिथियों की उलझन

0

पूर्वजों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने उनको तृप्त करने और उनका आशीर्वाद लेने का सबसे बेहतर समय श्राद्धपक्ष या पितृपक्ष होता है। इस दौरान पितृ ब्रह्मांड में विचरण करते रहते हैं और उनके वंशज उनको तृप्त करने, उनकी आत्मा को शांति पहुंचाने के लिए शास्त्रोक्त उपाय करते हैं। पितृ प्रसन्न होकर उनको सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इस साल पितृपक्ष 14 सितंबर से प्रारंभ हुए हैं। इस तरह श्राद्धकर्म 14 सितंबर से शुरू होकर 29 अक्टोबर तक रहेंगे।

पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों यानी पिता, दादा, परिवार के अन्य लोगों का श्राद्ध किया जाता है। जिस तिथि को उनकी मृत्यु हुई थी, श्राद्ध के लिए उसी तिथि को चुना जाता है। इस साल कुछ तिथियों के दो दिनों तक होने से असमंजस की स्तिथि भी पैदा हो सकती है।

अश्विन कृष्ण द्वितीया तिथि 15 और 16 सितंबर को है। इसलिए इन दो दिनों में श्राद्ध करने के लिए असमंजस कि स्थिति बनेगी, लेकिन श्राद्धकर्म के नियम के अनुसार दोपहर के समय जो तिथि अधिक समय तक व्याप्त हो उसी तिथि का श्राद्ध किए जाने का प्रावधान है। इस तरह से 15 तारीख को द्वितीया तिथि का श्राद्ध करना चाहिए। इस तरह से एकादशी और द्वादशी का श्राद्ध एक ही दिन होगा यानी द्वादशी तिथि का पितृपक्ष में क्षय है।

पितृपक्ष 2019 की तिथियां

13 सितंबर शुक्रवार पूर्णिमा श्राद्ध

14 सितंबर शनिवरा प्रतिपदा तिथि श्राद्ध

15 सितंबर रविवार द्वितीया तिथि श्राद्ध

17 सितंबर मंगलवार तृतीया तिथि श्राद्ध

18 सितंबर बुधवार चतुर्थी तिथि श्राद्ध

19 सितंबर बृहस्पतिवार पंचमी तिथि श्राद्ध

20 सितंबर शुक्रवार षष्ठी तिथि श्राद्ध

21 सितंबर शनिवार सप्तमी तिथि श्राद्ध

22 सितंबर रविवार अष्टमी तिथि श्राद्ध

23 सितंबर सोमवार नवमी तिथि श्राद्ध

24 सितंबर मंगलवार दशमी तिथि श्राद्ध

25 सितंबर बुधवार एकादशी और द्वादशी तिथि श्राद्ध

26 सितंबर गुरुवार त्रयोदशी तिथि श्राद्ध

27 सितंबर शुक्रवार चतुर्थी श्राद्ध

28 सितंबर शनिवार अमावस्या व सर्वपितृ श्राद्ध

29 अक्टूबर रविवार नाना/नानी श्राद्ध