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TMC सांसद केडी सिंह समेत 7 पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज…

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आम लोगों से धोखाधड़ी कर अरबों रुपए हड़पने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद केडी सिंह और उनके 6 सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है. इन सभी पर आरोप है इन्होंने मिलकर देश भर में करीब 15 लाख लोगों से 25 हजार करोड़ रुपए ठगे हैं. इसमें उत्तर प्रदेश के कानपुर के करीब 10 हजार निवेशक शामिल हैं. इन निवेशकों का 1000 करोड़ रूपए से ज्यादा रुपए इस ठगी में गए हैं.

दरअसल यह धोखाधड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश करवाने के नाम पर की गई. केडी सिंह और उनके छह सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को दो से चार गुना रकम करने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपए ठग लिए और धीरे-धीरे यह रकम देशभर के 15 लाख लोगों से करीब 25 हजार करोड़ बन गई.

आरोपियों ने 2010 में अल्केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी लिमिटेड और अलकेमिस्ट टाउनशिप लिमिटेड नाम की कम्पनी का ऑफिस खोला था. इसकी कानपुर में भी कई शाखाएं खुली थीं जिसके चेयरमैन राज्यसभा सांसद केडी सिंह थे. इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में निवेशकों को 18% ब्याज के साथ निवेश की रकम लौटाने का या फिर उसके बदले जमीन दिए जाने का वादा किया गया था.

यही नहीं निवेशकों को तमाम तरीके से छूट और पैसे को दोगुना, तीन गुना करने का भी लालच दिया गया. इसके चलते लोगों ने अपने रिश्तेदार, मित्रों समेत कई लोगों से इसमें पैसा लगवाया लेकिन बाद में कंपनी अपने वादे से मुकर गई और तमाम लोग फरार हो गए. कानपुर में मुकदमा दर्ज होने के बाद इसकी जांच शुरू हो गई है. इनमें से तमाम आरोपी फिलहाल भूमिगत हैं.

जानकारी के मुताबिक उनकी इस जालसाजी में शामिल अन्य लोग पुलिस की गिरफ्त में जल्द आ सकते हैं. साथ ही यह मामला बड़े निवेश का है लिहाजा इस मामले को इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को सौंपा जा सकता है.

पीएम मोदी ने रूस में पेश की सादगी की मिसाल, सोफा छोड़कर कुर्सी पर बैठे, Video वायरल

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। देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से सादगी की मिसाल पेश की है, इस बार उनकी सादगी का गवाह बना है रूस, जहां फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी ने बीच में खास तौर पर लगे सोफे पर बैठने से मना कर दिया और सबके साथ सामान्य कुर्सी पर ही बैठने का फैसला किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें पीएम मोदी सोफा छोड़कर कुर्सी पर बैठते नजर आ रहे हैं।

पीयूष गोयल 
पीएम मोदी ने रूस में पेश की सादगी की मिसाल

पीयूष गोयल ने वीडियो शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरलता का उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला, उन्होंने रूस में अपने लिए की गई विशेष व्यवस्था को हटवा कर अन्य लोगों के साथ सामान्य कुर्सी पर बैठने की इच्छा जाहिर की है, ये उनकी सरलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। पीएम मोदी का ये वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

राष्ट्रपति पुतिन की पीएम मोदी ने की तारीफ 
सोफा छोड़कर कुर्सी पर बैठे पीएम मोदी

आपको बता दें कि इससे पहले गुरुवार को रुस के व्लादिवोस्तोक में 5वें ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लिए हम जी-जान से जुटे हैं और लगातार कदम उठा रहे हैं।

राष्ट्रपति पुतिन की पीएम मोदी ने की तारीफ

मोदी ने कार्यक्रम में आने को लेकर कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने इस कार्यक्रम के लिए मुझे भारत में चुनाव से पहले ही निमंत्रण दे दिया था। मुझे राष्ट्रपति पुतिन के साथ रूस की प्रतिभा को जानने का मौका मिला, जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया, भारत और पूर्वी हिस्से का रिश्ता बहुत पुराना है, भारत पहला देश है जिसने यहां पर अपना दूतावास खोला है।

ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत, चीन, रस, कोरिया, मलेशिया, जापान, मंगोलिया जैसे देशों के साथ हमारा रिश्ता अटूट है। एशिया पैसेफिक रीजन के देशों का आने वाले दशकों में दुनिया में बड़ा प्रभाव होगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा जापान, मालदीव, मलेशिया के पीएम भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

पहली बार महिला काजी ने पढ़ाया निकाह, बोलीं- मर्द काजियों को इससे क्या दिक्कत

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हाल ही में मुंबई के शेमॉन अहमद और कोलकाता की माया राचेल का निकाहमहिला काजी हाकिमा खातून ने कराया। इस वक्त देश में 16 महिला काज़ी हैं। इन्हें दारूल उलूम ए निसवां की ओर से दो साल की ट्रेनिंग दी गई है। लेकिन 16 में से निकाह केवल एक महिला काजी हाकिमा खातून ने ही करवाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारवह कहती हैं- जब कुरान-हदीस में औरतों द्वारा निकाह पढ़ने की मनाही नहीं है तो मर्द काजियों को क्या दिक्कत है। निकाह में कुछ शब्द ही तो पढ़ने हैं, काजी ऐसा क्या पढ़ता है जो औरतें नहीं पढ़ सकती हैं।

इस आंदोलन की मुखिया जकिया सोमन के अनुसार, उन्होंने अमेरिका की इमाम और काजी डॉ. अमीना वदूद से प्रभावित होकर भारत में इसकी जंग शुरू की।

UP : खुदाई मैं निकला सोने चांदी से भरा घड़ा, पुलिस छुपा रही है जमीन से निकले खजाने की असल हकीकत…

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हरदोई में सांडी कस्बे के मोहल्ला खिड़किया में नींव की खुदाई के दौरान 20 अगस्त को सोने-चांदी के जेवरात निकलने की चर्चाएं आखिरकार सही साबित हुईं। स्वॉट टीम ने गुरुवार को मोनू के घर से लगभग 25 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए है। पुलिस अधीक्षक ने पुरातत्व विभाग लखनऊ को मामले की जानकारी दे दी है। जानकारी के मुताबिक सांडी कस्बे के मोहल्ला खिड़किया निवासी मोनू उर्फ उत्कर्ष पुत्र राजकुमार किराये पर वाहन चलवाते है। परिवार के बांकी लोग अलग रहते है। परिवार गुड़ और बतासा बनाने के पुस्तैनी कार्य करता है। गुरुवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बीती 20 अगस्त को सांडी कस्बे के मोहल्ला खिड़कियां निवासी मोनू उर्फ उत्कर्ष पुत्र राजकुमार अपने पैतृक आवास के पिछले हिस्से में खंडहर हो चुके भवन में निर्माण कराने के लिए खुदाई करा रहा था।

इसी दौरान यहां 650 ग्राम सोने के जेवर, 4 किलो 538 ग्राम चांदी के जेवर और एक तीन किलो वजन का पीली धातु का लोटा भी निकला था। खुदाई में निकले इन जेवरों को लेकर चर्चा फैल गई थी, लेकिन मोनू ने कोई जेवर निकलने से इनकार किया था। इस मामले में एसपी आलोक प्रियदर्शी ने गोपनीय जांच शुरू कराई थी।

स्वॉट टीम के प्रभारी अरविंद यादव को उक्त मामले की विवेचना में लगा दिया था। स्वॉट टीम के प्रभारी ने सांडी के थानाध्यक्ष रामलखन के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच की और तह तक जा पहुंचे। एसपी ने बताया कि मोनू उर्फ उत्कर्ष से मिली जानकारी पर गुरुवार को जेवरों की बरामदगी हुई है।

बरामद जेवरों की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये है। एसपी ने बताया कि पुराने आभूषण पुरातत्व विभाग के महत्व के होते हैं। मामला पुरातत्व से जुड़ा होने के कारण लोटे की जांच नहीं कराई गई है। मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग लखनऊ को भी जानकारी दे दी गई है।

आखिर प्रधान के घर कैसे पहुंची चांदी…
पुलिस टीम ने सुरसा विकास खंड के एक ग्राम प्रधान के घर पर बुधवार दोपहर लगभग दो बजे पहुंची थी। पुलिस ने यहां से प्रधान को हिरासत में ले लिया था और सांडी ले गई थी। आम चर्चा यह है कि उक्त प्रधान के घर से पुलिस ने आठ किलो चांदी भी बरामद की है। हालांकि पुलिस ने जो कुल बरामदगी दिखाई है वह 4 किलो 538 ग्राम ही है।

ऐसे में माना जा रहा है कि स्वॉट टीम और सांडी पुलिस की टीम ने अपने अधिकारियों को भी हकीकत से अवगत नहीं कराया। खास बात यह है कि उक्त ग्राम प्रधान को पूरे मामले में कहीं पर भी आरोपी नहीं बनाया गया। और तो और प्रधान को सांडी थाने में ही रखा गया है। उक्त ग्राम प्रधान की भांजी सांडी में रहती है। पुलिस ने किसी को हिरासत में लेने से इनकार किया है।

अंतिम संस्कार के लिए खोला ताबूत और उड़ गए घरवालों के होश

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राजस्थान के बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ में गुरुवार को उस वक्त परिवार के लोग हतप्रभ रह गए जब उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए कूरियर कंपनी का ताबूत खोला. दरअसल इस ताबूत में उनके परिचित की जगह किसी अन्य व्यक्ति का शव था. परिजनों से परेशान होकर जब कूरियर कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी अपनी गलती स्वीकार की. कंपनी ने बताया कि गलत स्टीकर लगने की वजह से जो शव ओडिशा जाना था वह बीकानेर पहुंच गया है.

ताबूत पर गलत स्टीकर

बीकानेर के सीताराम पुरोहित बहुत लंबे समय से मुंबई में रह रहे थे और उनका यहीं निधन हो गया था. उनके दाह संस्कार के लिए परिवार ने उनका शव कूरियर कंपनी से ताबूत बुक कराकर बीकानेर के लिए भेजा था. मगर जब ताबूत खोला तो उसमें किसी और का शव निकाला. ताबूत पर गलत स्टीकर लगाने की वजह से यह गड़बड़ हुई थी. घरवालों ने पुलिस को सूचना दी तो थानाधिकारी सतनारायण गोदारा ने शव को बीकानेर के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया.

सीताराम पुरोहित के परिजनों ने कहा कि उनका शव हवाई मार्ग से जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा था. वहां पर एंबुलेंस में शव को रखकर वह डूंगरगढ़ पहुंचे थे जहां पर ताबूत खोलने पर किसी और का शव निकला. मुंबई की कूरियर कंपनी डेविड पिंटो से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उनके पास जो शव आया है वह भुवनेश्वर के प्रकाश कुमार का है जो गलती से वहां चला गया है.

मृतक के भाई राजकुमार पुरोहित के अनुसार, कूरियर कंपनी ने ओडिशा के प्रकाश कुमार का शव हमसे वापस मंगा लिया है और हमें कहा है कि दिल्ली के रास्ते सड़क मार्ग से शुक्रवार तक उनके भाई का शव डूंगरगढ़ पहुंचा दिया जाएगा.

अनूठी प्रेम कहानी : 27 साल से पत्नी की अस्थियों को संजोए हैं भोलानाथ

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आम तौर पर वट सावित्री पर्व हो या करवाचौथ या तीज पर्व हो, महिला अपने पति के प्रति अपने प्रेम और उनकी लंबी आयु की कामना के साथ उपवास रखती हैं, पति भी कई मौके पर अपनी पत्नी से प्रेम का इजहार करते हैं परंतु बिहार में एक ऐसे पति भी हैं जिन्होंने अपनी पत्नी से प्रेम का इजहार करने के लिए अनूठा प्रण लिया है।

पूर्णिया के रूपौली के रहने वाले 87 वर्षीय बुजुर्ग भोलानाथ आलोक 27 सालों से अपनी पत्नी की अस्थियां संजोकर अपने मरने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी चाहत इतनी है कि उनकी मौत के बाद उनकी अंतिम यात्रा के समय ये अस्थियां भी उनके सीने से लगी हों।

भोलानाथ ने आईएनएस से बातचीत में कहा, ‘हमारी शादी कम उम्र में हो गई थी और तभी हम दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थी। वह (पत्नी) तो चली गई परंतु मैं मर नहीं सका परंतु मैंने उनकी यादें संजोकर रखी हैं।’ उन्होंने घर के बगीचे में एक पेड़ पर लटकी पोटली दिखाते हुए कहा कि 27 सालों से पत्नी की अस्थियों को टहनी से टांगकर सुरक्षित रखा है।

बकौल भोलानाथ, ‘मेरी पद्मा (पत्नी का नाम) भले ही नहीं हैं, लेकिन ये अस्थियां उनकी यादें मिटने नहीं देतीं। जब भी किसी परेशानी में होता हूं, तो लगता है वह यहीं हैं। बच्चों को भी कह रखा है कि मेरी अंतिम यात्रा में पत्नी की अस्थियों की पोटली साथ ले जाना और चिता पर मेरी छाती से लगाकर ही अंतिम संस्कार करना।’

नम आंखों से भोलानाथ ने आईएएनएस से कहा कि अपने वादे को निभाने के लिए उन्हें कोई और तरीका नहीं दिखा इसलिए उन्होंने यही तरीका अपनाया। भोलानाथ प्रतिदिन इन अस्थियों को देखते और सहलाते हैं। पत्नी की बात करने पर आज भी भोलानाथ की आंखों से आंसुओं के रूप में पत्नी का प्रेम छलक पड़ता है।

वे बताते हैं, ‘पद्मा का भगवान पर बड़ा विश्वास था। हम दोनों की जिंदगी बढ़िया से कट रह थी परंतु करीब 27 साल पहले पत्नी बीमार हुईं। इलाज और दवा में कोई कमी नहीं हुई पर कहते हैं न कि अच्छे व्यक्ति को भगवान जल्दी अपने पास बुला लेते हैं। भगवान ने पद्मा को भी बुला लिया और पद्मा अपना वादा तोड़कर चली गई। इसके बाद हमने बच्चों की परवरिश की और अब वे बड़े हो गए।’

भोलानाथ गर्व से कहते हैं, ‘इस सामाजिक जीवन के उधेड़बुन में भी मैं पद्मा को नहीं भूला। पत्नी के साथ मर तो नहीं सकता था। परंतु उनके छोड़ जाने का गम मैं अब तक नहीं भूल पाया।’ उन्होंने कहा, ‘बगीचे के एक आम के पेड़ में उनकी अस्थियां एक कलश में समेट कर रखा हूं। वहीं नीचे तुलसी का पौधा लगा हुआ है।’

आज भोलानाथ की यह प्रेम कहानी लोगों के लिए चचार् का विषय बनी हुई है। भोलानाथ गर्व से कहते हैं, ‘यहां ना सही परंतु ऊपर जब पद्मा से मिलूंगा, तब यह तो बता सकूंगा कि मैंने अपना वादा निभाया।’ उन्होंने कहा कि पृथ्वीलोक में हम दोनों साथ जी भले ही नहीं सके पर साथ मरने का सुकून तो जरूर मिलेगा।

भोलानाथ के दामाद अशोक सिंह कहते हैं कि यह प्रेम का अनूठा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनकी अंतिम इच्छा हमलोग जरूर पूरी करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे बिरले ही होते हैं। उन्होंने कहा कि पानी, धूप से बचने के लिए इस कलश को प्लास्टिक और फिर ऊपर से कपड़े से बांधकर रखा गया है।

गर्म दूध के साथ शहद पीने से होते है ये अनोखे लाभ

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गर्म दूध और शहद मिलाकर पीना सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। आप यह जानकर पूरी तरह हैरान हो जाएगे कि इन दोनों के मिलाकर पीने से सेहत के लिए किसी वरदान से कतई कम नही है। यह गंभीर से गंभीर बीमारियों के सही कर देता है।

हम सभी जानते हैं कि दूध पीने से सेहत में कितना ज्यादा निखार आता है लेकिन गर्म दूध पीने से हमें क्‍या लाभ पहुंचता है, ये बहुत ही कम लोगों को पता है। और इस गर्म दूध में अगर शहद मिल जाए तो यह अपने आप में एक औषधि से कम नही है। आज हम आपको बताएंगे कि गर्म-गर्म दूध में शहद मिलाकर अपने आहार में रोजाना शामिल करने से सेहत को कौन से फायदे मिलते हैं।

दूध में अधिक मात्रा में विटामिन ए, विटामिन बी और डी के अलावा कैल्शियम, प्रोटीन और लैक्ट‍िक एसिड पाया जाता है। वही दूसरी ओर शहद में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाया जाता है

आयुर्वेद में नपुंसकता और बांझपन की समस्याओं के लिए शहद एक दवा के रूप में लेने की सलाह दी जाती है। हल्‍के गुनगुने दूध के साथ शहद पीने से प्रजनन क्षमता का स्‍तन शून्‍य से 60 मिलियन शुक्राणुओं की संख्‍या तब बढ़ जाती है। स्‍वाभाविक रूप से दूध एक हर्बल उपचार है जो कि शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।

गर आप तनाव में है तो आपके लिए दूध और शहद काफी फायदेमंद है। इसके लिए गर्म दूध में शहद मिलाकर पीने पीएं। जिससे आपकी तंत्रिका कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र को आराम मिलेगा और आप तनाव से निजात पा जाएगे।

अगर आपको अनिद्रा की शिकायत है। तो आपको यह चीजें अच्छी नींद दिखा सकते है। इसके लिए सोने के एक घंटे पहले गर्म दूध में थोड़ा सा शहद मिलाकर पीएं। इससे आपको अच्छी नींद आएगी।

आज चांद पर पहुंचने का भारत का सपना होगा पूरा, इसरो बोला- देश के लिए गर्व की बात

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चंद्रयान-2 के चांद पर कदम रखने से पहले बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) में वैज्ञानिक अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं. चंद्रयान की लैंडिंग से पहले जहां देश भर के लोगों के उत्साह और चांद को पास से देखने की उत्सुकता है, वहीं इसरो में मौजूद लोगों के मन में फिक्र और उत्सुकता दोनों की भावनाएं एक साथ दिख रही हैं.

चंद्रयान की लैंडिंग से पहले इस मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को एक अनौपचारिक बातचीत में कहा है यहां सब मौन साधे हैं. मैं भी चुप हूं. अब मिशन पूरा हो जाये, बस. शीर्ष अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कामयाबी को लेकर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है.

करीब एक दशक से पहले चंद्रयान-1 मिशन की कमान संभालने वाले इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने गुरुवार को कहा कि यह यादगार घटनाक्रम बनने जा रहा है और हम सभी इसे लेकर आशान्वित हैं. मुझे विश्वास है कि यह शत प्रतिशत सफल होगा. इसरो के एक और पूर्व चेयरमैन एएस किरण कुमार ने प्रस्तावित सॉफ्ट-लैंडिंग को बहुत महत्वपूर्ण अभियान बताया. चंद्रयान-1 के परियोजना निदेशक तथा मंगलयान मिशन के कार्यक्रम निदेशक ए अन्नादुरई ने कहा कि मुझे विश्वास है कि सॉफ्ट-लैंडिंगसफल होगी.

70 छात्रों के साथ चंद्रयान-2 की लैंडिंग देखेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की शनिवार तड़के चंद्रमा की सतह पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग देखने के लिए 70 छात्रों के साथ यहां मौजूद रहेंगे. कर्नाटक सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह सितंबर को बेंगलुरु पहुंचेंगे और पीनया के पास इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एवं कमान नेटवर्क में सात सितंबर तड़के चंद्रयान की लैंडिंग को देखेंगे.

मिलिए भारत की पहली समलैंगिक वेडिंग फ़ोटोग्राफ़र से

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मुंबई में पली बढ़ी 30 साल की मोनिशा अजगावकर जब जेजे स्कूल ऑफ़ आर्ट्स में पढ़ाई कर रही थीं तभी उन्हें एहसास हो गया था कि वो समलैंगिक हैं.

पर तब वो दुनिया और परिवार की प्रतिक्रिया के लिए तैयार नहीं थीं. इसलिए इस बात को उन्होंने राज़ रखा.

केवल कुछ क़रीबी लोग मोनिशा के इस राज़ को जानते थे. चार साल पहले जब उनके समलैंगिक होने का ज़िक्र कहीं छपा तो उनके परिवार को इसके बारे में पता चला. तब से वो अकेली ही रहती हैं. परिवार से कोई बातचीत नहीं.

मोनिशा अजगावकर LGBTQ एक्टिविस्ट भी हैं और वो इस मुद्दे पर खुलकर अपने विचार रखती हैं.

हाल ही में मोनिशा अजगावकर ने LGBTQ कम्युनिटी के लोगों, जो अब तक सामने नहीं आए हैं और असमंजस से जूझ रहे हैं, के लिए एक फोटो सीरीज़ ‘ब्लॉसम’ बनाई जो दुनिया भर में बहुत पसंद की गई.

मोनिशा कहती हैं, “मुझे इस कॉन्सेप्ट का ख्याल जून में मनाए जाने वाले प्राइड मंथ के दौरान आया जब मैं दुनिया भर से LGBTQ समुदाय के लोगों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की ख़बरें सुन रही थी.”

भावुक हुई मोनिशा आगे कहती हैं, “ऐसा नहीं है कि किसी ट्रांसजेंडर ने खुदकुशी कर ली हो बल्कि लोग उनके घरों में जाकर उन्हें जान से मार रहे थे. करीबन 12 से 15 ख़बरें उस दौरान मैंने पढ़ी जिसने मुझे हिला कर रख दिया. तब मैंने अपने काम के ज़रिए ट्रांसजेंडर लोगों के लिए कुछ करने की ठानी. और इस कॉन्सेप्ट के बारे में सोचा. मैं चाहती हूं कि लोग अपने बारे में सुरक्षित महसूस करें, अपने शरीर से प्यार करें और अपने बारे में खूबसूरत महसूस करें.”

इस कॉन्सेप्ट के लिए मोनिशा अजगावकर ने मशूर मॉडल सुशांत दिवगिकर को चुना क्योंकि वे इस कॉन्सेप्ट की नज़ाकत को अच्छी तरह से समझते थे.

एक साल पहले जब धारा 377 को ख़त्म करने की ख़बर आई तो मोनिशा अजगावकर रो पड़ी थीं.

वो कहती हैं, “अब हम अपराधी नहीं कहे जाते. अब हमें आज़ादी है कि हम जो हैं, वो रहें पर फिर भी हमें शादी और बच्चे गोद लेने का अधिकार नहीं है. मुझे लगता है भारत में फ़िलहाल इन सब के लिए वक़्त लगेगा.”

मोनिशा अजगावकर आगे कहती हैं, “पर मुझे ख़ुशी है कि इस एक साल में कई लोग सामने आए. मैं ऐसी कई महिलाओं को जानती हूं जो आज भी समलैंगिक होने के बावजूद शादी में बंधे हुई हैं और अपने आप को पराया समझते हैं पर सामने आने से कतराती हैं.”

मोनिशा अजगावकर मानती हैं कि किसी भी LGBTQ इंसान को तब तक दुनिया के सामने नहीं आना चाहिए जब तक वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र ना हो क्योंकि उन्हें नहीं पता कि उनका परिवार किस तरह से प्रतिक्रिया देगा.

आज जिस तरह से LGBTQ को समर्थन मिल रहा है अब वो टैबू नहीं रहा है जो कुछ साल पहले तक माना जाता था.

मोनिशा अजगावकर खुद हैरान हैं जिस तरह के LGBTQ लोगो को भारत में अपनाया जा रहा है.

हालांकि उनके समलैंगिक होने की वजह उनके ‘वेडिंग फोटोग्राफी’ करियर में थोड़ी दिक्कतें आईं जब कुछ क्लाइंट्स को उनका समलैंगिक होना असुविधाजनक लगता था लेकिन अब बहुत सारे लोगो से मुलाकात होती हैं जो बहुत ही सहायक है.

भारत में पली बढ़ी हुई मोनिशा अजगावकर प्यार और बेहतर ज़िंदगी के लिए अब कनाडा शिफ्ट होना चाहती हैं. वो शादी करना चाहती हैं.

वो कहती हैं कि कनाडा में LGBTQ लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं हैं. अब वो अपने लिए लड़की ढूंढ रही हैं जिसके साथ वो बेफ़िक्र ज़िंदगी गुज़ार सकें.

शादी की रस्मों का सबसे भावुक पल तब होता है जब एक पिता अपनी बेटी को विदा कर रहा होता है. मोनिशा ने इस पल को बेहद खूबसूरती से अपने कैमरे में कैद किया है.

दुनिया में शादी की अलग-अलग रस्में हैं. चर्च में मौजूद एक नया जोड़ा.

होली के रंगों को भी मोनिशा ने अपने कैमरे में क़ैद किया है.

ज़िंदगी की एक नई शुरुआत के लिए उठे क़दम…

Aadhaar कार्ड को लेकर UIDAI ने बदला नियम, नाम और पते में अब ऐसे होगा बदलाव

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अगर आप अपने आधार कार्ड में कोई जानकारी अपडेट करना चाहते हैं या उसमें कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको अब अलग तरीका अपनाना होगा। आधार जारी करने वाली संस्था UIDAI ने आधार अपडेशन के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने देश के कुछ शहरों में आधार सेवा केंद्र शुरू किए हैं।आधार सेवा केंद्र 
किसी भी बदलाव को अपडेट करने के लिए आधार सेवा केंद्र शुरू किए

आप इन केंद्रों पर जाकर नया आधार बनवा सकते हैं, जबकि नाम, पता और जन्मतिथि में बदलाव या इससे जुड़ी जानकारी भी अपडेट करा सकते हैं। ये सेवाएं, यूआईडीएआई बैंकों, पोस्ट ऑफिस और सरकारी कार्यालय में देगा। यूआईडीएआई ने दिल्ली, चेन्नई, भोपाल, आगरा, हिसार, विजयवाड़ा और चंडीगढ़ में आधार सेवा केंद्र शुरू किए हैं। इसके अलावा भोपाल, चेन्नई, पटना और गुवाहाटी में आधार सेवा केंद्र इस महीने शुरू हो जाएंगे। साथ ही यूआईडीएआई देश भर के 53 शहरों में 114 आधार सेवा केंद्र भी खोलने की प्लानिंग कर रहा है।

ऑनलाइन अपॉइंटमेंट 
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा

आधार सेवा केंद्र की सुविधाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा। आइए, जानते हैं कि किन सेवाओं के लिए लिया जा सकता है ऑनलाइन अपॉइंटमेंट…

  • नया आधार बनवाने के लिए
  • नाम अपडेट करवाने के लिए
  • पता अपडेट करवाने के लिए
  • जन्मतिथि अपडेट करवाने के लिए
  • मोबाइल नंबर अपडेट करवाने के लिए
  • जेंडर अपडेट कराने के लिए
  • ई-मेल आईडी अपडेट करवाने के लिए
  • बायोमेट्रिक अपडेट करवाने के लिए

यूआईडीएआई 
ऐसे बुक करें अपॉइंटमेंट

इसके लिए आपको सबसे पहले यूआईडीएआई की वेबसाइट https://uidai.gov.in/ पर विजिट करना होगा। इसके बाद आप ‘My Aadhaar’ के ऑप्शन पर और बुक इन अपॉइंटमेंट विकल्प पर जाएं। यहां से सिटी लोकेशन के विकल्प के जरिए आपको शहर चुनना होगा। शहर चुनने के बाद आपको ‘प्रोसेस्ड टू बुक एन अपॉइंटमेंट’ पर ना होगा। यहां एक नया पेज खुलकर आएगा।

आधार अपडेट 
सबमिट करने से पहले चेक कर लें डिटेल

इसमें तीन विकल्प होंगे- न्यू आधार, आधार अपडेट और मैनेज अपॉइंटमेंट। आप जरूरत के हिसाब से विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। अगर आप आधार अपडेट ऑप्शन का चुनाव करते हैं और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड और ओटीपी देते हैं तो आपका आवेदन वेरीफाई हो जाएगा। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद वहां दिए गए फॉर्म में अपनी डिटेल भर दें। इस फॉर्म में अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी पूछी जाती है। इसके बाद बुकिंग अपॉइंटमेंट के लिए टाइम स्लॉट चुनना होगा। अब अंतिम चर में अपनी अपॉइंटमेंट डिटेल्स को एक बार चेक कर लें। सब कुछ सही है तो इसे सबमिट कर दें।