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एलियंस का गढ़ माना जाता है एरिया 51, जानिए इस जगह से जुड़े रहस्यमयी FACTS

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दुनिया में कई जगहों पर एलियंस के देखे जाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन एरिया 51 में इन दावों में छुपी हकीकत देखने को मिलती है। इस जगह के आसपास कई बार ऐसी चीजें मिली हैं, जो इस दावे को पक्का करती हैं कि एलियंस होते हैं। अमेरिका के सीनियर साइंटिस्ट बॉयड बुशमैन एरिया 51 में जा चुके हैं। उन्होंने 2014 में अपने एक स्टेटमेंट से तहलका मचा दिया था। उन्होंने बताया था कि वो दूसरी दुनिया के प्राणी यानी एलियंस से बात कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने वो तरीका भी बताया था, जिससे ये एलियंस मात्र एक घंटे में पृथ्वी से अपने ग्रह का सफर तय करते हैं।

बच कर रहो पाकिस्तान! ये 7 कमाण्डो युद्ध के लिए हैं हमेशा तैयार

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आपको भारतीय सेना के तो बारे में बहुत कुछ पता होगा लेकिन आज हम आपको कमांडोज फोर्सेज के बारे में बतायेंगे। इन कमाण्डोज को स्पेशल मिशन के लिए तैयार करते हैं। भारत में बहुत से कमांडोज फोर्सेज हैं जो अपने योग्यता के वजह से दुनियाभर में मशहूर हैं। आइये जानते हैं इन कमांडोज फोर्सेज के बारे में-

पैरा कमांडोज-

ये सेना के सबसे ज्यादा प्रशिक्षित कमांडोज हैं। ये कमांडोज 3 हजार फीट ऊपर से छलांग लगाने में एक्सपर्ट होते हैं और इन्होंने कई देश-विदेश में कई सारे कामयाब ऑपरेशन्स किये हैं। ये कमांडो फोर्स 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान गठित पैरा कमांडो फोर्स, 1971 और 1999 के कारगिल युद्ध में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। भारत द्वारा पाकिस्तान पर सितंबर 2016 में जो सर्जिकल स्ट्राइक की थी, वो स्ट्राइक पैरा कमांडोज ने ही की थी।

मारकोस-

इस फोर्स का गठन 1987 में हुआ था। इंडियन नेवी की ये फोर्स, यूएस सील कमांडोज के बाद एकमात्र ऐसी फोर्स है जो पानी के भीतर हथियारों के साथ ऑपरेशन को अंजाम दे सकती है। भारत में ऐसे कुल 1200 कमांडोज हैं।

गरुड़ कमांडोज-

इसके नाम से ही आप अमदाज लगा सकते हैं, ये कमांडोज वायुक्षेत्र में ऑपरेशन को अंजाम देते हैं। ये कमांडोज भारतीय वायु सेना के अहम हिस्सा होते हैं। इसमें कुल 2 हजार कमांडोज होते हैं और इस फोर्स का हर एक कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं। इन कमांडोज को हवाई आक्रमण करने, रेस्क्यू करने और स्पेशल कॉम्बेट के लिए खास ट्रेनिंगर मिलती है।

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NCG)

इस फोर्स का गठन 1984 में की गई थी। इन कमांडो को ब्लैक केट कमांडो के नाम से भी जाना जाता है। ये कमांडो देश के आंतरिक युद्ध की स्थिति को संभालते हैं। आतंकवादी और अन्य किसी आपातकालीन स्थिति में इन कमांडो फोर्स का उपयोग किया जाता है।

स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स-

ये नेता बड़े नेताओं की सुरक्षी के लिए गठित किये गए थे। जब प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मृत्यु हुई थी तब नेताओं की सुरक्षा के लिए इस फोर्स की स्थापना हुई। इन फोर्स का उपयोग तत्कालीन प्रधानमंत्री, भूतपूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए किया जाता है।

घातक-

इस फोर्स का एक जवान ही दुश्मनों के 20 सैनिकों से अकेले सामना कर सकता है। इन्हें बैटल और मैन टू मैन एसॉल्ट की खास ट्रेनिंग दी जाती है। युद्ध के समय बटालियन के आगे चलने वाले भारतीय सेना की स्पेशल कमपनी घातक तोपखानों को नष्ट करने में एक्सपर्ट होते हैं।

कोबरा-

इस कमांडो फोर्स का गठन 2008 में गोरिल्ला युद्ध के लिए तैयार किया गया था। ये कमांडोज नक्सलियों क्षेत्रों में उपयोग होते हैं। ये विश्व की पैरामिलेट्री फोर्सेज में से एक है।

इस देश के नोट पर विराजमान हैं गणपति, जानें क्या है गणेश का इस मुस्लिम देश से नाता?

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हिन्दू धर्म (Hindu Religion) में गणेश (Ganesh) को सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले पूजा जाता है. आज गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर हम आपको बताते हैं गणेश जी के बारे में एक ऐसी खास बात जो बहुत ही कम लोग जानते हैं. क्या आपने कभी गणेश जी की तस्वीर नोटों पर छपी देखी है. शायद नहीं देखी हो, लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है जहां के नोट पर गणेश की तस्वीर विराजमान है. आइए आपको बताते हैं आखिर क्यों वहां के नोट पर विराजमान हैं गणपति जी…

दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया (Indonesia) के नोट पर गणपति छपे हैं. यहां की करेंसी भी भारत की मुद्रा की तरह ही प्रचलित है. यहां रूपियाह चलता है. आपको बता दें कि इंडोनेशिया में करीब 87.5 फीसदी आबादी इस्लाम धर्म को मानती है. वहां सिर्फ 3 फीसदी हिन्दू आबादी है. वहां, 20 हजार के नोट पर भगवान गणेश की फोटो है. दरअसल, भगवान गणेश को इंडोनेशिया में शिक्षा, कला और विज्ञान का देवता माना जाता है.

इंडोनेशिया में 20 हजार के नोट पर सामने भगवान गणेश की तस्वीर और पीछे क्लासरूम की तस्वीर है, जिसमें टीचर और स्टूडेंट्स हैं. साथ ही नोट पर इंडोनेशिया के पहले शिक्षा मंत्री हजर देवांत्रा की भी तस्वीर है. देवांत्रा इंडोनेशिया की आजादी के नायक रहे हैं.

कहते हैं कुछ साल पहले इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई थी. वहां के राष्ट्रीय आर्थिक चिंतको ने काफी विचार कर बीस हजार का एक नया नोट जारी किया, जिस पर भगवान गणेश की तस्वीर को छापा गया. लोगों का मानना है कि इसी कारण अब वहां की अर्थवयवस्था मजबूत है.

अर्जुन और श्री कृष्ण की भी है मूर्ति
आपको जानकर हैरान होगी कि इस देश में गणेश ही नहीं बल्कि इंडोनेशियन आर्मी का मैस्कॉट हनुमान जी हैं और वहां के एक फ़ेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर अर्जुन और श्री कृष्ण की मूर्ति लगी हुई है. आप तस्वीरों में कृष्ण और अर्जुन को देख सकते हैं साथ ही घटोत्कच (भीम के पुत्र) की प्रतिमा भी स्थापित है.

महज 1 रुपए में इडली खिलाती है 80 साल की ये दादी!

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एक बुजुर्ग महिला ऐसी भी हैं जो 80 साल कीउम्र में भी अपने घर में एक दुकान चलाती है। अपनी दुकान में वह बहुत टेस्टी इडली बनाती है और सांभर बनाकर उसको बेचती है। हालांकि इस महिला की सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि वह इस इडली सांभर को सिर्फ 1 रूपए में बेचती है।

80 साल की होने के बावजूद भी यह बूढ़ी महिला सूरज निकलने से पहले उठ जाती है। रिपोर्ट की मानें तो बुजुर्ग महिला ने करीब 30 साल पहले यह इटली बेचने का व्यापार शुरू किया था।

हालांकि इस महिला का परिवार शुरुआत से ही काफी ज्यादा बढ़ा था। तो इस वजह से उन्हें ज्यादा लोगों का खाने बनाने की आदत रही है। आज तक वह अपने सारे काम खुद करती है। इडली का घोल बनाने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। जिसकी तैयारी वो खुद ही करती है।

वह हर शाम इडली का घोल तैयार कर कर रख देती है। जिसके बाद वह रोजाना नियमित रूप से फ्रैशली बनाकर सिर्फ एक रुपए में बेचती है। रिपोर्ट के मुताबिक यह महिला करीबन एक हज़ार इडलिया रोजाना बेचती है। आज से 10 साल पहले बूढ़ी मां यही इडली 50 पैसे में बेचा करती थी। अब उन्होंने इसकी कीमत बढ़ाकर 1 रूपए कर दी है।

बता दें कि 80 साल की यह महिला गरीब जरूरतमंद और भी लोगों के पेट भरने के लिए पिछले 30 सालों से इस नेक काम को लगातार कर रही है। इनकी उम्र इतनी ज्यादा है। लेकिन इसके बावजूद भी यह रोजाना नियमित रूप से अपने काम को करती है।

JNU में विवाद : 49 साल से पढ़ा रहीं रोमिला थापर से मांगा CV, जानें क्यों

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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 49 वर्षों से सेवा दे रहीं प्रसिद्ध इतिहासकार रोमिला थापर से विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका सीवी मांगा है। इतनी लंबी सेवा अवधि के बाद थापर से सीवी मांगे जाने पर विश्वविद्यालय के ही कुछ लोगों ने हैरानी जताई है। थापर 1970 में जेएनयू से जुड़ी थीं और 1992 तक प्राचीन भारतीय इतिहास की प्रोफेसर रहीं। पुन: वह 1993 से बतौर एमेरिटस प्रोफेसर सेवाएं दे रही हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन सेवा विस्तार के पूर्व उनके काम का मूल्यांकन करना चाहता है।

जेएनयू रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार की तरफ से इतिहासकार रोमिला थापर को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। बीते महीने जारी किए गए इस पत्र में विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह उनके काम का आकलन करना चाहता है, जिसके लिए उनका सीवी आवश्यक है।

समिति गठित की जाएगी : रजिस्ट्रार की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि विवि प्रशासन ने उनके कार्यों के मूल्यांकन के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर ही उनकी सेवाओं को जारी रखने या नहीं रखने के संबंध में फैसला लिया जाएगा।

एमेरिटस प्रोफेसर की भूमिका : किसी संकाय की तरफ से प्रस्तावित सेवानिवृत ख्यातिप्राप्त नाम को कार्यकारी व अकादमिक परिषद् की मंजूरी मिलने के बाद एमेरिटस प्रोफेसर के तौर पर मनोनीत किया जाता है। यह शोधार्थियों को पढ़ाने के साथ ही उन्हें सुपरवाइज करते हैं। हालांकि इन्हें कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया जाता है।

कौन हैं रोमिला थापर 
रोमिला थापर देश की प्रमुख इतिहासकारों व लेखकों में से एक हैं। 30 नंवबर 1931 को लखनऊ में जन्मी थापर ने पहले पंजाब विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में स्नातक किया। उसके बाद उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय से प्राचीन भारतीय इतिहास में स्नातक से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। थापर ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शिक्षण की शुरुआत की थी। इसके बाद वह कुछ वर्षों तक डीयू में भी पढ़ाती रहीं। 1970 में वह जेएनयू आ गईं।

विरोध : विश्वविद्यालय प्रशासन माफी मांगे 
जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष व सचिव ने विश्वविद्यालय के पत्र की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल रोमिला थापर से माफी मांगने की मांग की है। शिक्षक संघ का कहना है कि प्रशासन ने पत्र लिखकर जेएनयू की संस्कृति को बदनाम करने का प्रयास किया है। एमेरिटस प्रोफेसर के लिए किसी का मनोनयन सम्मान की बात है, जो जीवनभर के लिए जेएनयू के भव्य निर्माण में सेवाएं के बदले दी जाती है।

विवि प्रशासन ने मामले पर अपनी सफाई में कहा, “जेएनयू अधिनियम के मुताबिक अगर कोई एमेरिटस प्रोफेसर 75 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उसके काम के मूल्यांकन का अधिकार विश्वविद्यालय प्रशासन के पास है। सीवी मंगाना उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।”

अपनी बेटी समझकर पास कर दीजिये वर्ना घर वाले शादी कर देंगे

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आजतक आपने सुना होगा कि किसी भी बच्चे को पास होने के​ लिए अच्छी पढाई करनी होती है लेकिन आज हम आपको एक ऐसा मामला बताने जा रहे हैं जिसको जानने के बाद में आप भी हैरान हो जाएंगे । बताया जा रहा है कि ये मामला कांकेर का है, जहां शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बने मूल्यांकन केन्द्र में जंचने के लिए पहुंची 12वीं की अंग्रेजी की उत्तरपुस्तिका में एक छात्रा द्वारा लिखी गई बातें मूल्यांकनकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गई ।

इसमें छात्रा ने प्रश्नों का उत्तर लिखने की जगह पर मूल्यांकनकर्ता से बार-बार उसे पास करने की मिन्नत लिखी हुई थी । छात्रा ने हिन्दी भाषा में लिखकर यह निवेदन किया । उसने लिखा है कि वह कॉलेज में पढ़ना चाहती है यदि वो पास नहीं हुई तो उसके परिवारवाले उसकी शादी कर देंगे । इतना ही नहीं, उसने मूल्यांकनकर्ता के लिए यहां तक लिखा है कि अपनी बेटी समझकर ही उसे पास कर दें ।

Bigg Boss 13 का नया प्रोमो आउट, सलमान का यह अंदाज खूब हो रहा वायरल

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टीवी का सबसे चर्चित शो ‘बिग बॉस’ जल्द ही शुरू होने वाला है. ‘बिग बॉस’ का 13वें सीजन का नया प्रोमो रिलीज हो चुका है. इंस्टाग्राम पर कर्लस टीवी पेज ने शो का प्रोमो शेयर किया है. प्रोमो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

प्रोमो में शो के होस्ट सलमान खान के साथ सुरभि ज्योती और करण वाही नजर आ रहे हैं. वीडियो में सुरभि और करण वाही एक दूसरे से झगड़ते हुए दिख रहे हैं. प्रोमो शेयर करते हुए कैप्शन दिया गया है- ‘हाई स्पीड धमाका और सेलेब्रिटीज के ग्लैमर का तड़का होगा इस सीजन में.’

उम्मीद लगाई जा रही है कि शो में सुरभि ज्योति भी एंट्री करेंगी, लेकिन सुरभि ने बताया- मैं इस शो को पिछले दो सीजन से लगातार फॉलो कर रही हूं और यह मेरे लिए एक चुनौती है, जिसके लिए मैं बिल्कुल भी फिट नहीं हूं. इस घर में जीने के लिए लोगों में बहुत धैर्य होना चाहिए’.

प्रोमो देखकर लग रहा है कि सुरभि भी शो का हिस्सा बन सकती हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बार शो में बतौर कंटेस्टेंट चंकी पांडे, सिद्धार्थ शुक्ला, देवोलीना भट्टाचार्जी, आदित्य नारायण, मुग्धा गोडसे और ऋचा भद्रा नजर आ सकते हैं. शो 29 सितंबर से शुरू हो रहा है.

इस राज्य में बादल फटने के बाद मौसम विभाग ने जारी किया एलर्ट, जानिए अपने राज्य का हाल

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हिमाचल प्रदेश में राजधानी शिमला सहित अनेक स्थानों पर जोरदार बारिश होने का साथ रोहडू उपमंडल के तहत चड़गाँव क्षेत्र की चांशल घाटी में देर रात बादल फटने से भारी मात्रा में नुकसान की खबर सामने आ रही हैं। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है और एक पुलिया बह गई है। लोग जान जोखिम में डाल कर नाला पार कर रहे हैं और निचले इलाकों में नुकसान की खबर आ रही है।

मौसम विभाग ने दी जानकारी

शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डाॅ. मनमोहन सिंह ने बताया कि अगले चार सिंतबर तक मैदानी और मध्यवर्ती कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गिने चुने स्थानों पर बारिश जारी रहने की उम्मीद भी जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना

पश्चिमोत्तर के बाकी क्षेत्र में पिछले चौबीस घंटों में कहीं-कहीं औसत वर्षा हुई और आज अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 24 घंटों के दौरान गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है जबकि उत्तराखंड, कोंकण, गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक इस अवधि के दौरान हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटवर्ती इलाकों, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग क्षेत्रों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।

चल सकती हैं तेज हवाएं

इस अवधि के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर तथा मध्य और आस-पास की दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएँ चल सकती हैं। उत्तरी अंडमान सागर पर इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है, मछुआरों को अगले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

गार्ड को 10 रुपए का लालच देकर खुलवाया गेट, फिर ट्रॉले में भरकर दो ATM ले गए बदमाश

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 राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एटीएम उठा ले जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गंगररार में दो लुटेरे रात में एक एटीएम के पास पहुंचे। यहां पर एक गार्ड एटीएम की रखवाली में तैनात थे। ये देखकर दोनों ने गार्ड को 10 रु का लालच दिया और एटीएम का गेट खुलवाया। इसके बाद दोनों लुटेरे एटीएम लेकर ही फरार हो गए। इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।एटीएम 
गार्ड को दिया 10 रु का लालच

इस मामले में पुलिस ने बताया कि बेड़िया का रहने वाला रतन लाल एसबीआई एटीएम का चौकीदार था। जब भी रात की ड्यूटी होती, वह एटीएम का दरवाजा बंद करके रखता था। शुक्रवार की रात 12.15 बजे करीब एक बड़ा ट्रॉला वहां आया, इस पर सवार एक शख्स ने चौकीदार से कहा कि खाना खाने के लिए उसे पैसे निकालने हैं। चौकीदार से उन्होंने एटीएम का गेट खोलने को कहा।

एटीएम का गेट 
लुटेरों की बात सुनकर गार्ड ने खोल दिया एटीएम का गेट

दोनों लुटेरों ने लालच दिया कि पैसा निकालने पर वे उसे भी 10 रुपया देंगे। 10 रुपए मिलने की बात सुनकर चौकीदार उनकी बातों में आ गया और एटीएम का गेट खोल दिया। इसके बाद लुटेरों ने एटीएम में घुसकर पैसे निकालने के लिए कार्ड उस गार्ड को ही दे दिया। जैसे ही रतन ने एटीएम में कार्ड डाला, लुटेरों में से एक ने उसे पकड़ लिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया जबकि दूसरे ने तुरंत सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया।

राजस्थान 
एटीएम उठा ले गए बदमाश

बदमाशों ने रतन के हाथ-पांव बांधकर पास के कमरे में उसे बंद कर दिया। करीब 2 घंटे तक वे एटीएम तोड़ने की कोशिश करते रहे लेकिन वे नाकाम रहे। आखिरकार लुटेरों ने एटीएम को ही ट्रॉले में लाद लिया और वहां से फरार हो गए। ये मामला सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया। एटीएम लूट की खबर मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस एटीएम के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। रास्ते में लगे सीसीटीवी के आधार पर भी लुटेरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

इस महिला के पास जाने से कतराता है हर मर्द, जानिए क्यो ?

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आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको पूरे दिन में करीब 200 बार सेक्स करने की लत है । जानकारी के अनुसार बता दें कि, ये महिला ब्रिटेन में रहती है और इस महिला के पास में जाने से हर मर्द कतराता है । यह किसी के साथ मार पीट तो नही करती है लेकिन इसके पास कोई मर्द रात तो छोडो दिन भी नही बिताना पसंद करता है ।

बताया जा रहा है कि, इस महिला की हवस मिटने का नाम ही नहीं लेती है । इसे दिन में रात में सुबह हो या शाम हर वक्त सिर्फ और सिर्फ सेक्स ही सूझता है । इस महिला को 24 घंटों में 200 बार सेक्स करना पसंद करती है । मगर आखिर ये महिला ऐसा क्यों करती है इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है । महिला का कहना है की उसे पुरे दिन बेचैनी होती है और जब तक इस तरह से वो सेक्स न करे उसका मन शांत नही होता है । डॉक्टरों का कहना है कि, इस महिला को एराउजल सिंड्रोम नामक ​बीमारी है । इस बीमारी से पीड़ित लोगों में खून का प्रवाह अधिक तेज होता है जिसके कारण इस तरह की इच्छा होना सामान्य बात है ।