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पाकिस्‍तान में 47 रुपये किलो हुई आटे की कीमत, चावल 130 रुपये किलो

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पाकिस्‍तान में गेहूं और चावल की कीमतें आसमान छूने लगी है। इसी महीने में इसकी कीमतों में तीसरी बार इजाफा हुआ है। मौजूदा वक्‍त में पाकिस्‍तान में सामान्‍य श्रेणी के आटे की कीमत 44.50 प्रति किलो जबकि सुपर फाइन और फाइन श्रेणी के आटे की कीमत 47.50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। नतीजतन एक पैकेट पावरोटी 40 से 80 रुपये में बिक रही है। यही नहीं वेबसाइट NUMBEO के मुताबिक, अच्‍छे किस्‍म के चावल की कीमत 130.47 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

इमरान ने प्रांतीय अधिकारियों को दिए निर्देश 
पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के मुताबिक, इस साल अप्रैल के बाद से सामान्‍य श्रेणी के आटे की कीमतों में 11 रुपये प्रति किलो की दर से इजाफा हुआ है। देश में गहराती खाद्यान्‍न समस्‍या से पाकिस्‍तानी हुक्‍मरानों की नींद उड़ी हुई है। पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रांतीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आटे की लगातार बढ़ रही कीमतों पर लगाम लगाने की कोशिशें तेज करें। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने बकरीद के मौके पर कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया था। इसके बाद दूसरी बार कीमतें बीते 22 अगस्‍त को बढ़ी थीं।

फ्लोर मिल मालिकों ने किया आगाह 
पाकिस्‍तान की आटा मिलें 10 किलो के आटे के बैग की कीमत 450 रुपये वसूल रही हैं। पाकिस्‍तान फ्लोर मिल्‍स एसोसिएशन के सिंध जोन के अध्‍यक्ष मोहम्‍मद जावेद यूसुफ ने बताया कि देश में गेहूं की कीमतें 4,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। उन्‍होंने कहा कि मैं सरकार को गहराते खाद्यान्‍न संकट को लेकर आगाह करना चाहता हूं। सरकार गेहूं के पर्याप्‍त भंडार को बनाए रखने में नाकामयाब साबित हुई है। हालांकि, इससे उलट पाकिस्‍तानी हुक्‍मरान भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धमकियां दे रहे हैं।

देश के संसाधनों को दीमक की तरह चाट गई सेना 
आलम यह है कि पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के पास बिजली का बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्‍तान की सेना भारत का खौफ दिखाकर अपने देश के संसाधनों को दीमक की तरह से चाट रही है। पाकिस्‍तानी सेना ने हाल ही में एक मिसाइल का परीक्षण भी किया है। नतीजतन देश पर आर्थिक बोझ और बढ़ता ही जा रहा है। पाकिस्‍तान के पास मात्र 15 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले 22 साल में पाकिस्‍तान 30 से ज्‍यादा बार आईएमएफ के पास कर्ज रूपी भीख मांगने जा चुका है।

रानू की बेटी के बाद अब बेटा भी आया सामने

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राणाघाट रेलवे स्टेशन पर अपनी प्यारी आवाज से एक रात में लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली रानू मंडल के बारे में हर कोई जानना चाहता है. उन्हें हिमेश रेशमिया ने कौन-सा गाना गंवाया, हिमेश के बाद सलमान खान अपनी फिल्म में लेंगे या नहीं, इनके अलावा और कौन-कौन सिंगर ने रानू को गाने का ऑफर दिया है, सलमान नहीं तो रानू को किसने घर दिया.इतनी जानकारी के बाद लोगों को उनके बेटे का भी पता लगा है.

खबरों के मुताबकि रानू की पहली शादी से एक बेटा और बेटी हुई थी. बेटी का तो पता चल गया है और लोगों ने उनकी खूब लताड़ भी लगाई है, क्योकि रानू की बेटी पिछले 10 सालों से रानू के संपर्क में नहीं थीं. रानू के फेसम होने के बाद रानू की बेटी उनसे मिलने और रानू ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया लेकिन अभी तक उनके बेटे का पता नहीं चल पाया था. रानू का बेटा कौन है, कहां रहता है इसके बारे में तो पता नहीं, लेकिन रानू ने एक ऐसे लड़के को बेटा बनाया है जो इन दिनों उनकी काफी मदद कर रहा है.

दरअसल रानू ने अतिंद्र चक्रवर्ती को अपना मैनेजर के साथ अपना बेटा बनाया है. रानू का कहना है कि मुझे कई सारे ऑफर्स आ रहे हैं, लेकिन मैं किसी की आवाज को समझ नहीं पा रही हूं, इसलिए मैंने अतिंद्र को अपना मैनेजर बनाया है, जो मेरे बेटे की तरह हैं. अतिंद्र चक्रवर्ती ने ही खुलासा किया है कि रानू को सलमान की तरफ से कोई घर नहीं मिला है. ये सब अफवाह है. अतिंद्र चक्रवर्ती ने ये भी बताया कि हां ये बात सच है कि उन्हें कई सिंगर्स के ऑफर्स आ रहे हैं, इसलिए मैं उनके इस काम को हैंडल कर रहा हूं.

आपको बता दें, अतिंद्र चक्रवर्ती वहीं शख्स है जिसने रानू की पहली वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी. अतिंद्र चक्रवर्ती पेशों से इंजीनियर हैं और जब वो रानाघाट रेलवे स्टेशन से गुजर रहे थे तो उन्होंने रानू का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था. रानाघाट के रहने वाले अतिंद्र ने वीडियो वायरल होने के बाद रानू को ये खुशखबरी दी. इतना ही नहीं अतिंद्र ही रानू को मुंबई सिंगिंग शो में ले गये थे और हिमेश रेशमिया से मिलवाया था. रानू का खुद कहना है कि अतिंद्र मेरे लिए किसी फरिसते से कम नहीं है.

अगर आपने भी होटल में खाने के बाद सौंफ खाई है तो एक बार ये वजह जरूर जानिए, कई होटल्स में होता है ये काम

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आज के समय में ज्यादातर लोगों का खाना बाहर होटल या रेस्टोरेंट में होता है. कई लोग मजबूरी या टाइम की वजह से बाहर खाना खाते हैं, तो कई लोग काफी वक्त बाद कुछ नये बदलाव के लिए होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं. अच्छे फीडबेैक और ग्राहकों को लुभाने के लिए कई होटल्स और रेस्टोरेंट खाने के अलावा कई चीजों को एक स्पेशल रूप में पेश करते हैं. अमूमन होटल्स और रेस्टोरेंट में जब बिल देते हैं तो साथ में सौंफ और मिश्री दी जाती है, क्या आपने गौर किया है कि ऐसा क्यों किया जाता है. जानिए क्या कारण है.

जैसा कि आप जानते ही हैं कि लोग बाहर का खाना खाने से क्यों बचते हैं, क्योंकि बाहर का खाना बहुत ज्यादा हैवी हो जाता है, बहुत ज्यादा मसालेदार भी होता है जिससे लोगों को पेट संबंधित समस्या होने लगती हैं. ऐसे में सौंफ और मिश्री सबसे अच्छा इलाज है. जी हां.पाचन क्रिया को ठीक रखने के लिए सौंफ काफी मददगार होती है. होटल्स या रेस्टोरेंट में ही नहीं बल्कि कई घरों में लोग खाने के बाद सौंफ का सेवन करते हैं.

सौंफ और मिश्रा सिर्फ पेट की समस्या को ही नहीं खत्म करती है, बल्कि मुंह की बदबू को भी खत्म करती है. कई बार होटल्स में खाना खाने के बाद मुंह से बदबू आने लगती है. इसे खाने के बाद ताजगी महसूस होती है. इन सबके अलावा भी सौंफ कॉलेस्ट्रोल को काबू रखने, आंखों की रोशनी ठीक रखने, खांसी, कफ में भी रामबाण साबित होती है. कई बार शिशु पेट दर्द की वजह से रोते हैं, ऐसे में उन्हें सौंफ का पानी पिलाना फायदेमंद होता है.

साड़ी में इस भोजपुरी एक्ट्रेस ने दिखाया किलर फिगर, वायरल हुई तस्वीरे

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भोजपुरी और टीवी एक्ट्रेस मोनालिसा सोशल मीड़िया पर अपनी खूबसूरत तस्वीरों की झड़ी लगाते हुए दिखती है हाल में इंटरनेट पर मोनालिसा की ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही जिसमें मोनालिसा का ये दमदार स्टाइल देखने को मिला । अपने अभिनय से दर्शकों को कायल कर देने वाली मोनालिसा इन दिनों अपने इस जबरदस्त फैशन को लेकर चर्चा में है जिसमें वह साड़ी पहने हुए दिखी है ।

हालहि में मोनालिसा ने एक तस्वीर सोशल मीड़िया पर शेयर की है जिसमे वह साड़ी पहने हुए दिखी है इस तस्वीर को मोनालिसा ने खुद सोशल मीड़िया पर शेयर किया है मोनालिसा इस तस्वीर में लाइट ब्लू कलर की साड़ी को पहने हुए नजर आ रही जिसे उन्होने कट स्लीव्स के ब्लाउज के साथ पहना है

मोनालिसा बालों को खुला कर कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज दें रही है।

हालहि में मोनालिसा नजर सीरियल में 200 साल पुरानी डायन का रोल प्ले करते हुए दिखी । ऐसा पहली बार नही जब मोनालिसा ने साड़ी में पहली बार सोशल मीडिया पर गॉर्जियस लुक दिखाया हो बल्कि इससे पहले भी साड़ी में मोनालिसा का जबरदस्त लुक सोशल मीड़िया पर देखने को मिला।

ब्रेस्ट कैंसर पीड़ितों के लिए गुड न्यूज, जांच होगी अब और आसान, PGI चंडीगढ़ में लगी खास मशीन

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ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए पीजीआई के रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट में डिजिटल ब्रेस्ट टोमोसिनथिसिस (डीबीटी) मेमोग्राफी मशीन आई है। यह मशीन काफी एडवांस और नई तकनीक से लैस है। शनिवार को पीजीआई डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने इस मशीन का उद्घाटन किया। रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट के एचओडी एमएस संधू का दावा है कि यह मशीन देश में चुनिंदा जगहों पर ही स्थापित है। इसे थ्रीडी मेमोग्राफी भी कहा जाता है। इस मशीन को न्यू ओपीडी के रेडियोलॉजी सेक्शन में इंस्टाल की गई है। इससे न सिर्फ चंडीगढ़ बल्कि हरियाणा, हिमाचल व पंजाब के मरीजों को लाभ मिलेगा।

संधु के मुताबिक, भारत में ब्रेस्ट कैंसर तेजी से फैल रहा है। इसकी जल्दी जांच व निदान के लिए मेमोग्राफी सबसे अच्छा इमेजिंग तौर-तरीका है। जो पारंपरिक मशीनें हैं, वे कुछ ब्रेस्ट में कैंसर का पता लगाने में सक्षम नहीं होती हैं। ऐसे केसों की जांच के लिए बाद में अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत पड़ती है। मगर थ्रीडी मेमोग्राफी रोगियों के ऊतकों को ओवरलैप कर साफ और स्पष्ट इमेज प्रदान करती है।

इसके अतिरिक्त थ्री डी मशीन ब्रेस्ट की कई छवियों को कैप्चर करती है, ताकि पूरे ब्रेस्ट का बेहतर मूल्यांकन हो सके। इस मशीन की यह भी एक खासियत है कि इसकी इमेजिंग के बाद बायोप्सी की भी कम जरूरत पड़ती है। प्रो. संधू ने बताया कि यह मशीन एक स्पेसिम रेडियोग्राफी यूनिट के साथ आती है, जो भारत में कहीं भी स्थापित होने वाली पहली ऐसी इकाई है।

इससे सकारात्मक ट्यूमर मार्जिन के मूल्यांकन के लिए ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों में उन्नत शोध करने में मदद मिलेगी, जिससे रोगी देखभाल में लाभ होगा। इस मौके पर डायरेक्टर जगतराम ने मेमोग्राफी यूनिट के बाहर पौधरोपण भी किया।

सवधान ! करेले के जूस का ऐसे करते हैं सेवन, तो हो सकती है बड़ी समस्या

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करेला खाने कई लोगों को पसंद नहीं होता. लेकिन इसके कई सेहत के लाभ भी होते हैं जिनके बारे में आपको पता होगा. करेला ऐसी सब्जी हैं जिसका आपने हमेशा फायदा ही सुना होगा. लेकिन करेले खाने से कई सारे नुकसान भी होते हैं जिसके बारे में शायद आप अनजान हैं.

कई लोग करेले के ज्यूस का सेवन वजन कम करने या फिर बिमारिओं को दूर करने में करते हैं. लेकिन कुछ नुकसान भी हैं जिनके बारे में हम बताने जा रहे हैं.

करेला हो सकता है हानिकारक

  • करेले में एंटीबायोटिक गुण होते है. इसलिये करेले के साथ-साथ एंटीबायोटिक दवाएं भी ले रहे है तो यह आपके लिये बेहद हानिकारक हो सकता है क्यों कि इस वजह से आपका ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो सकता है.
  • शुगर लेवल को सही तरीके से मॉनिटर नहीं करने से ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है और व्यक्ति बेहोश हो सकता है.
  • करेले का ज्यादा रस पीने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है. कि दिल की धड़कन अनियमित होने से हार्ट फैल, स्ट्रोक आदि का खतरा होता है.
  • करेले में टेराटोजेनिक या गर्भपात पैदा करने वाले गुण होते हैं. गर्भवती महिला जब वे कड़वा खाएं तो उन्हें सतर्क रहना चाहिए.
  • करेला खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं. इसके दस्त और पेट में दर्द होने जैसे कुछ साइड इफेक्ट होते हैं

बंगाल: सांसद अर्जुन सिंह की पिटाई के विरोध में BJP ने बुलाया बंद

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पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सांसद अर्जुन सिंह पर हमले के विरोध में सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बैरकपुर में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में लोगों के समूह से सड़क की नाकेबंदी हटाने के लिए पुलिस के कथित लाठीचार्ज में रविवार को भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के सिर में चोट लग गई थी.

इसके बाद सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि बैरकपुर पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने उन पर वार किया, जिससे उनके सिर पर चोट लगी. खून से सनी कमीज पहने और सिर पर पट्टी बांधे हुए सांसद ने कहा कि वर्मा एक पुलिस टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे, जिसने श्यामनगर में भाजपा के पार्टी कार्यालय के कब्जे को लेकर पार्टी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई की.

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हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि कांकीनारा में दो समूहों के बीच एक झड़प के दौरान पथराव किए गए और अर्जुन सिंह को चोट लगी थी. सांसद की पिटाई को लेकर बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नाराजगी जताई और टीएमसी को घेरा.

सूत्रों ने बताया कि एक सड़क की नाकेबंदी करने वाली भीड़ ने पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचते ही उन पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और सड़क को खाली कराने के लिए लाठी चार्ज किया. श्यामनगर और कांकीनारा, दोनों ही इलाके बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत आते हैं, जहां से अर्जुन सिंह सांसद हैं.

सांसद के भाजपा टिकट पर चुनाव जीतने के बाद से क्षेत्र के भाटपारा और कांकीनारा सहित कई इलाके हिंसा की गिरफ्त में रहे हैं. वह तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे.

पार्टी के श्यामनगर कार्यालय को लेकर दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच रविवार को झड़प हुई थी. इससे पहले दिन में अर्जुन सिंह के वाहन में श्यामनगर रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ की गई. बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के डीसी-क्षेत्र 1, अजय ठाकुर के मुताबिक, इस सिलसिले में पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज कराई गई है और जांच जारी है. सांसद ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने हमला किया और उनकी कार को नुकसान पहुंचाया.

उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी बैरकपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भाजपा कार्यालयों को बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश कर रही है, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा कि भगवा पार्टी ने बैरकपुर स्थित तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय को जबरन अपने कब्जे में कर लिया है.

पंजाब में दूध के दाम 10 रुपए प्रति किलो तक बढ़े, बढ़ी हुई कीमतें लागू

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पंजाब स्टेट कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसरज़ फेडरेशन लिमटिड (मिल्कफैड) द्वारा किसानों को राहत देने के मद्देनजऱ आज दूध की खऱीद कीमतों में प्रति किलो फैट के पीछे 10 रुपए का विस्तार किया गया है और यह कीमतें 1 सितम्बर, 2019 से लागू हो गई हैं। 

हाल ही में हुई मीटिंग के दौरान इस संबंधी जानकारी देते हुये पंजाब के सहकारिता मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि इस पहलकदमी का उद्देश्य पशु फीड और चारे की कीमतें बढऩे के मद्देनजऱ दूध उत्पादकों को राहत प्रदान करना है। अधिक से अधिक किसानों को मिल्कफैड के साथ जुडऩे के लिए प्रेरित करते हुये सहकारिता मंत्री ने कहा कि मिल्कफैड की मज़बूती से कृषि सैक्टर प्रफुलित होगा। मंत्री ने कहा कि यह साल में 9वीं बार हुआ है जब मिल्कफैड द्वारा किसानों के कल्याण हेतु दूध की खऱीद कीमतों में बढ़ोतरी की गयी है। 
इस मौके पर मिल्कफैड के एम.डी. कमलदीप सिंह संघा ने मंत्री को जानकारी दी कि वेरका द्वारा दूध उत्पादकों को दूध की उचित और सही कीमतें मिलने के साथ-साथ लाभ का बड़ा हिस्सा दूध उत्पादकों के साथ साझा करने को यकीनी बनाने सम्बन्धी कई कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डेयरी किसानों को अपनी पैदावार बढ़ाने और बीमारियों की रोकथाम सम्बन्धी कई एक्स्टेंशन सेवाएं भी दी जा रही हैं। इससे मिल्कफैड संस्था के दूध उत्पादक किसानों के साथ सम्बन्ध बढऩे के साथ-साथ इसके ख़पतकारें को उच्च गुणवत्ता वाला दूध मुहैया करवाते हुये उनको अच्छा स्वास्थ्य देने सम्बन्धी जि़म्मेदारी की भावना को भी बढ़ावा मिलता है, जोकि मिशन तंदुरुस्त पंजाब का लक्ष्य है।

पैरों में क्यों होता है दर्द?जान लें वजह

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वैसे तो शरीर के सारे अंग महत्वपूर्ण हैं लेकिन पैर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जो पूरे शरीर का भार उठाता हैं। अगर हमारे शरीर में कोई परेशानी आती है तब इस बात का संकेत हमें हमारे पैर द्वारा मिलता है।आजकल के समय में पैर दर्द होना एक आम बात हो गयी है। अगर बात की जाये महिलाओं की तो नब्बे प्रतिशत महिलाएं पैर से जुडी़ किसी न किसी समस्या की शिकार हैं। पैरों में दर्द होना सिर्फ मसलस में क्रेम्प्स ,ओस्टियोपोरोसिस, गठिया,जोड़ों में फ्रेक्चर या किसी अंदरूनी चोट की वजह से नहीं होता हैं बल्कि पैरों में दर्द होने के बहुत सारे कारण हैं। आज हम आपको तलवों से लेकर जांघों तक के दर्द के कारण और उनके उपाय बताएंगे।

क्या आप यह बात जानते हैं कि आपके काम के अनुसार ही आपके जूते भी होने चाहिए। बता दें कि एक्सरसाइज , दौड़ने एंव ऑफिस जाने के लिए अलग -अलग जूतो का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आप हर काम के लिए एक ही जूते का इस्तेमाल करते हैं,तो यह आपके पैरो के दर्द का कारण बन सकता है।

शरीर के भार को उठाने के लिए प्लांटर फेशियाइटिश ऊतक मौजूद होते हैं। अगर इन ऊतकों पर जरुरत से ज्यादा वजन डाला जाये तो यह कमजोर पड़ जाते हैं। जिसके चलते हमारे पैरों में दर्द और सूजन आने लगती हैं। इसकी वजह से आपको ज्यादा चलने एंव खड़े होने में भी दर्द महसूस होगा। इस परेशानी को आप नजर अंदाज न करें। बता दें कि इसी के चलते हर साल करीब १ करोड़ से ज्यादा लोग मौत को गले लगा चुके हैं।

ज्यादा ऊंची चप्पल पहनने से भी पैरों में दर्द हो सकता हैं। ऊंची एड़ी की चप्पल के ज्यादा इस्तेमाल से भी पैरों में सूजन और दर्द होता हैं। लड़कियों में पेंसिल हील्स बेहद प्रचलित हैं और वह इसका इस्तेमाल भी ज्यादा करती हैं। इस हील्स को पहनने के बाद पैरों की उंगलियों में दर्द होना शुरु हो जाता हैं जिसके चलते तलवे या पैर की हड्डियों में गांठ पड़ सकती हैं। पेंसिल हील्स की वजह से कई बार तो पैर की नसो में सूजन भी आ जाती हैं।

इस दर्द से बचने के लिए आप इन उपाय की लें मदद 
-ठंडे पानी से पैरों की सिकांई करें। यह पैरों की सूजन कम करने का रामबाण उपाय है।
-10-15 मिनट तक गुनगुने पानी में पैर डालकर रखे, इससे आपका दर्द कम होगा। 
-अच्छी क्वॉलिटी के जूते पहनने।

हाउस वाइफ और 2 साल के बच्चे की मां IAS बन गई, पढ़िए सफलता का रहस्य

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जो जूझना नहीं चाहते उनकी जिंदगी में बहाने हजार होते हैं परंतु जो कुछ करने का मन बना लेते हैं वो किसी भी परिस्थिति में टॉप पर पहुंचकर ही दम लेते हैं। पुष्प लता की कहानी ऐसी ही है। उन्होंने 2017 में UPSC सिविल सर्विस एग्जाम में ऑल इंडिया 80वीं रैंक हासिल की थी। आज वो भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। हम यहां उनके संघर्ष की कहानी ही नहीं बल्कि सफलता का रहस्य भी बताने जा रहे हैं।

दूसरे अटेंप्ट में सिविल सर्विस एग्जाम क्लीयर किया

पुष्प लता की शादी शुदा ज़िंदगी, पति, घर और बच्चे की तीन-तीन जिम्मेदारियों में घिरी थी। बावजूद इसके उन्होंने UPSC सिविल सर्विस एग्जाम को क्रैक करने के अपने ख्वाब को सच कर दिखाया। उन्होंने एक बार फिर इस मिसाल को तजुर्बे में बदल दिया कि कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता के साथ किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। फुल टाइम हाउस वाइफ पुष्प लता ने दूसरे अटेंप्ट में सिविल सर्विस एग्जाम क्लीयर किया।

पढ़ाई के साथ परिवार की भी जिम्मेदारी थी

पुष्प लता, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में असिस्टेंट मैनेजर थीं उन्होंने 2015 में नौकरी से इस्तीफा दिया और तभी से सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू कीं मानेसर की पुष्प लता का डेली रूटीन काफी मुश्किल रहता क्योंकि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें अपने 2 साल के बेटे की देखभाल भी करनी होती थी। समय और संसाधन उसके लिए दोनों ही सीमित थे।

कोई कोचिंग नहीं ली, घर पर पढ़ाई की

यूपीएसी की तैयारी करने वाले बाकी कैंडीडेट्स की तरह उन्होंने भी कोचिंग के लिए दिल्ली आने का भी सोचा था, लेकिन परिवार के वित्तीय संकट ने ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने एग्जाम की तैयारी खुद की और कोचिंग नहीं ली। तैयारी के दिनों में, उसे बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी, उसने समय निकाला और एक दिन में 10 से 12 घंटे पढ़ाई की।

पुष्प लता की सफलता का रहस्य

पुष्प लता हमेशा से इस बात में विश्वास करती थी, यदि आत्मविश्वास के साथ कुछ चाहो, तो निश्चित रूप से पाया जाता है। (if you want something with confidence, it is definitely found) तैयारी के लिए उन्होंने सरल रणनीति बनाई। वह हर दिन, हर हफ्ते छोटे लक्ष्य तय करती और उन्हें हासिल करती। इस तरह उसने तैयारी की और देश की सबसे कठिन परीक्षा को क्लीयर किया।