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Ganesh Chaturthi: आखिर क्यों गणपति बप्पा को क्यों प्रिय है मोदक और लड्डू?

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गणेश चर्तुर्थी (Ganesh Chaturthi) के मौके पर देश के हर हिस्से में रौनक दिखाई देती है। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। गणेश पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस साल यह उसत्व 2 सितंबर से 12 सितंबर तक चलेगा। भगवान गणेश को मोदक बहुत पसंद है इसलिए इस दौरान उन्हें इसी का भोग लगाया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि गणपति बप्पा को मोदक ही क्यों पसंद है। चलिए आज हम आपको बचाते हैं बप्पा की इस पसंद की वजह।

बप्पा को क्यों पसंद है मोदक और लड्डू?

दरअसल, एक युद्ध के दौरान भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी से गणेश जी का एक दांत टूट गया था, जिसके कारण उन्हें भोजन करने के काफी परेशानी होती थी। उनकी इस समस्या का हल करने के लिए पार्वती माता ने लड्डूू और मोदक बनाए गए, जो उनके मुंह में जाते ही घुल जाते थे। इसके बाद से ही मोदक व लड्डू विघ्नहार्ता गणपति के प्रिय हो गए। इसके बाद से उन्हें मोदक और लड्डू का भोग लगाया जाने लगा।

गणेश चतुर्थी पर मोदक का महत्व

मोदक का अर्थ होता है खुशी इसलिए इसे खाते ही व्यक्ति प्रसन्न हो जाता है। दरअसल, मराठी में खुशी को मोदक कहा जाता है। मोदक बनाने के कई तरीके हैं। सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध तरीका यह है कि चावल का आटा और गेंहू का आटा मिलाकर, उसमें नारियल, गुड़ और मेवे से भरकर भाप से पकाया जाता है।

वहीं गणेश पुराण के अनुसार, देवताओं ने अमृत से बना एक मोदक देवी पार्वती को भेंट किया। माता पार्वती से मोदक के गुणों को जानने के बाद गणेश जी की उसे खाने की इच्छा तीव्र हो गई और प्रथम पूज्य बनकर चतुराई पूर्वक उस मोदक को प्राप्त कर लिया। इस मोदक को खाकर गणेश जी को अपार संतुष्टि हुई तब से मोदक गणेश जी का प्रिय हो गया।

सेहत के लिए भी फायदेमंद है मोदक

मोदक को शुद्ध आटा, घी, मैदा, खोआ, गुड़, नारियल से बनाया जाता है। इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए गुणकारी और तुरंत संतुष्टिदायक होता है। यही वजह है कि इसे अमृततुल्य माना गया है। मोदक के अमृततुल्य होने की कथा पद्म पुराण के सृष्टि खंड में मिलती है।

21 दुखों का नाश करते हैं गणपति

किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले पूजा भगवान गणेश की होती है। भगवान गणेश को दूर्वा बहुत ही प्रिय होती है। दूर्वा चढ़ाने से ना सिर्फ हर मनोकामना पूरी होती है बल्कि इससे बप्पा व्यक्ति के 21 तरह के दुखों करते हैं।

कारगिल गर्ल ‘गुंजन’ का किरदार निभा रही हैं जाह्नवी कपूर, जानिए इस बहादुर बेटी की कहानी

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धड़क फेम एक्ट्रेस जाह्ववी कपूर जल्द ही फिल्म ‘कारगिल गर्ल’ में दिखाई देने वाली हैं, जिसमें उन्होंने महिला पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया है। हाल ही में इस फिल्म का पोस्टर लांच किया गया है। चलिए हम आपको बताते है कि कौन है गुंजन सक्सेना और इन्होंने ऐसा कौन-सा काम किया था जिस कारण पूरे देश को इन पर गर्व है।

कारगिल के युद्ध 1999 में भारत की दो बेटियों फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना और फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्री विद्या राजन की हिम्मत व जज्बे को देख कर न केवल पूरा देश हैरान हुआ था बल्कि उन पर गर्व भी करता है। युद्ध के दौरान यह नकेवल दुश्मनों के मैदान में गई बल्कि वहां से लड़ कर वापिस भी लौटी।

पहले बैच में हुई थी शामिल

आज से 20 साल पहले जहां महिलाओं को वायुसेना में फुल कमीशन न देकर शॉर्ट सर्विस कमीशन पर रखा जाता था वहीं 1994 में 25 ट्रेनी पायलट में शामिल होने वाली गुंजन व श्रीविद्या राजन पहली लड़कियां थी। यह दोनों लड़कियांसैन्य परिवार से संबंध रखती थी। यहां पर दाखिला लेने से पहले गुंजन हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही थी, उसी दौरान दिल्लीका सफदरगंज फ्लाइंग क्लब को ज्वाइन कर लिया था। उस समय उनके पिता व भाई दोनों ही भारतीय सेना में कार्य कर रहे थे।

शौर्य चक्र से हुआ था सम्मान

कारगिल वॉर में गुंजन ने अहम भूमिका निभाते हुए दुश्मन की मिसाइलो का सामना करके वहां पर घायल हुए जवानों को अस्पताल पहुंचाया था। गुंजन के इस बहादुर काम के लिए शौर्य चक्र देकर सम्मानित किया गया था। इस युद्ध में गुंजन के साथ श्री विद्या ने भी पूरी हिम्मत दिखाई थी। युद्ध के दौरान वह एक उस मौके की तलाश कर रही थी जब वह देश के लिए कुछ कर सकें। ऐसे में जब युद्ध के दौरान पायलट की जरुरत पड़ी तो इन दोनों को युद्ध के मैदान में भेजा गया। ऐसे में घायल सैनिकों की मदद करने के लिए इन्हें ऐसी जगह पर भेजा गया जहां पर इन्हें कभी भी दुश्मन की मिसाल लग सकती थी।

युद्ध में उड़ाया था छोटे चीता हेलीकॉप्टर

इस मिशन के लिए हां करने के बाद उन्होंने छोटे चीता हेलीकॉप्टर्स में युद्ध के क्षेत्र में उड़ान भरी थी। यह हेलीकॉप्टर्स पूरी तरह से हथियार रहित थे, जिस कारण दुश्मन की तोपों व मिसाइल के सामने यह कुछ भी नही थे। दोनों महिला पायलट के पास अपनी सुरक्षा के लिए कोई हथियार नही था। फिर भी बिना परवाह व चिंता किए उत्तरी कश्मीर के खतरनाक इलाके में उड़ान कर सैनिकों को बचाया था। इस एरिया में पाक सैनिक बुलैट व मिसाइल से इंडियन एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर्स व एयरक्राफ्ट्स को निशाना बना रहे थे।

घायल सैनिकों ने मिलकर बढ़ाया जज्बा

हेलीकॉप्टर में किसी भी तरह का हथियार नही था वहीं गुंजन के पास सुरक्षा के लिए एक इंसास राइफल व रिवॉल्वर था जिनका इस्तेमाल वह दुश्मन के इलाके में चॉपरप क्रेश होने पर ही कर सकती थी। इन सबके बाद भी वह दुश्मनों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचा रही थी। ऐसे में वही सैनिक उनकी हिम्मत को बढ़ा रहे थे।

ऋषि-नीतू की शादी में रेखा ने निभाई थी 1 खास रस्म, एक बार फिर वायरल हुईं तस्वीरें

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70 दश्क की मशहूर जोड़ी ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने अपनी बेहतरीन केमिस्ट्री से लाखों लोगों का दिल जीता। फिल्मी सफर के दौरान ही दोनों के बीच दोस्ती हुई फिर यही दोस्ती प्यार में बदल गईं। नीतू महज 21 साल की थी जब ऋषि कपूर ने उन्हें प्रपोज किया वो भी अपनी बहन की अंगूठी के साथ। करीब 5 साल डेट करने के बाद 1980 में ऋषि कपूर और नीतू सिंह शादी के बंधन में बंध गए। शादी के 39 साल बाद भी दोनों एक-दूसरे का सहारा बने रहे।

इन दिनों दोनों की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में नीतू कपूर शरमाती हुई नजर आ रही हैं। इस दौरान नीतू के साथ उनकी खास दोस्त रेखा और बबीता कपूर भी दिखाई दे रही है। बबीता कपूर के पास ही करिश्मा कपूर भी बैठी हुई हैं। करिश्मा कपूर अपनी बचपन की तस्वीर में काफी क्यूट लग रही हैं। तस्वीरों में सोनाली बेंद्रे के पति और फिल्ममेकर गोल्डी बहल भी है।

नीतू सिंह की शादी में रेखा ने खास रस्में निभाई। रेखा दुल्हन की तरह सजी थी। उन्होंने साड़ी के साथ हैवी ज्वैलरी कैरी की। वैसे भी रेखा की साड़ियां तो हमेशा ही लाइमलाइट ले जाती हैं। विदाई के दौरान उन्होंने नीतू को रस्में सिखाईं। चूड़ा सेरेमनी में भी रेखा नीतू के साथ बैठी दिखाई दे रही है।

नीतू सिंह और ऋषि कपूर के रिश्ते की शुूरूआत भी अनबन से हुईं। एक इंटरव्यू में नीतू ने ऋषि कपूर के बारे में बताया था कि ‘ऋषि से मेरी पहली मुलाकात बहुत खराब थी। ऋषि को हर बात पर चिढ़ाने की आदत थी। इस वजह से वो सेट पर कभी मेरे बालों, कभी कपड़ों और कभी मेकअप को लेकर कमेंट करते रहते थे।’

बता दें कि इन दिनों ऋषि कपूर विदेश में है। वह वहां अपनी बीमारी का इलाज करवा रहे हैं हालांकि उन्हें कौन-सी बीमारी है इसके बारे में उन्होंने कभी खुलकर बात नहीं की। नीतू कपूर भी ऋषि कपूर के साथ विदेश में ही है। कई स्टार्स ऋषि कपूर को मिलने विदेश जाते हैं।

बदलते मौसम में कुछ इस तरह से रखे अपनी स्किन का ख्याल

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बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर चेहरे पर दिखाई देता है। ऐसा इसलिए क्योंकि त्वचा की कोशिखाएं ज्यादा नाजुक होती है, जिसके कारण वह जल्दी डैमेज हो जाती है और आपको ऑयली स्किन, मुहांसे व ड्राई स्किन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि आप सही देखभाल से आप इन समस्याओं से छुटकारा भी पा सकती हैं।

चलिए आपको स्किन टाइप के हिसाब से कुछ आसान टिप्स बताते हैं, जिसकी मदद से आप बदलते मौसम में भी त्वचा की देखभाल करके कई ब्यूटी प्रॉब्लम्स से बच सकती हैं।

नॉर्मल स्किन

सुबह उठने के बाद सबसे पहले सल्फेट फ्री फेसवॉश से चेहरा धोएं। इससे एक्स्ट्रॉ ऑयल व गंदगी साफ हो जाती है। साथ ही त्वचा में नमी और पीएच(pH) संतुलन बनाए रखने के लिए हल्के टोनर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा ड्राई कोशिकाओं को हटाने के लिए ग्लाइकोलिक एसिड सीरम और हल्के मॉइस्चराइजर का यूज करें।

ड्राई स्किन

ड्राई स्किन में दरारें बन जाती है, जिससे नमी त्वचा से बाहर निकल जाती है। इसके कारण आपको मुहांसे, पिंपल्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ड्राई स्किन के लिए आप इस तरह के प्रोडक्ट्स चुनें, जिससे त्वचा में नमी बनी रहे। त्वचा की नमी को बनाए रखने के लिए सुबह त्वचा पर माइश्चराइजर और टोनर भी लगाएं। इसके अलावा त्वचा में कोलेजन को टूटने से बचाने के लिए विटामिन और एंटीऑक्सीडेंटस सीरम का यूज करें।

ऑयली स्किन

अगर आपकी स्किन ऑयली है तो सुबह क्लीजिंग ऑयल से चेहरे को साफ करें। इसके बाद टोनर से त्वचा की सफाई करें। इससे त्वचा में मौजूद एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाएगा। साथ ही ऐसे माइश्चराइज का यूज करें, जिसमें सोडियम पीसीए और ग्लिसरीन की मात्रा हो। इसके अलावा त्वचा पर जिंक ऑक्साइड सनस्क्रीन लोशन का यूज करें।

खूब पिएं पानी

सुबह दो गिलास के अलावा दिनभर में 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं। इससे त्वचा हाइड्रेट रहेगी। आप चाहते तो सुबह गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। इससे बॉडी व त्वचा में मौजूद विषैले टॉक्सिंस निक जाएंगे और त्वचा ग्लो करेगी। इसके अलावा आप ग्रीन टी या नारियल पानी भी पी सकते हैं।

मॉइस्चराइजर, टोनर और सनस्क्रीन

सूरज की यूवी किरणें त्वचा के टेक्चर को खराब कर देती हैं। इससे बचने के लिए सनस्क्रीन के अलावा मॉइस्चराइजर और टोनर लगाना भी बहुत जरूरी है। साथ ही इससे आप स्किन कैंसर से भी बची रहेंगी। मगर इन चीजों का इस्तेमाल अपनी स्किन टाइप के हिसाब से ही करें।

त्वचा की देखभाल के अन्य टिप्स

-अगर आपको समय से पहले ही बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगे हैं तो सीरम को टोनिंग रूटीन में शामिल करें।
-सीरम को अप्लाई करने के बाद ही मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन क्रीम लगाएं।
-घर से बाहर जाने से कम से कम आधा घंटा पहले सनसक्रीन लगाएं और हर 2-3 घंटे बाद इसे यूज करें।
– सुबह का ब्रेकफास्ट दिन का सबसे जरूरी भोजन है इसलिए इसे मिस ना करें। साथ ही ध्यान रखें कि आपके भोजन में विटामिन से भरपूर पोषक तत्व शामिल हो।

Video: युवक ने पकड़ी मछली, तभी वहां आ गया विशालकाय मगरमच्छ, जानें क्या हुआ

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जरा कल्पना कीजिए कि आप कहीं समंदर के किनारे जाल डालकर या कांटा डालकर मछली पकड़ने का प्रयास कर रहे हों, और जैसे ही मछली आपके जाल में फंसकर आप तक पहुंचने वाली हो, तभी वहां मगरमच्छ आ जाए… आपका क्या हाल होगा। आप घबराकर कांपने लगेंगे। कांटा, जाल, मछली छोड़कर आप दूर भागने लगेंगे। ऐसा ही नजारा ऑस्ट्रेलिया के ककाडु नेशनल पार्क में देखने को मिला। यहां एक मगरमच्छ एक महिला द्वारा पकड़ी गई मछली को खा गया।

ककाडु नेशनल पार्क में स्थित काहिल्स क्रॉसिंग का यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है। ये वीडियो Tourism Top End ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है। पोस्ट किए जाने के बाद से इसे 12000 बार शेयर किया जा चुका है। इस पर 7000 से ज्यादा कमेंट आ चुके हैं। इस वडियो को 11 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि दो युवक मछली पकड़ते हैं, मछली उनके कांटे में फंसी होती है, तभी एक भूखा मगरमच्छ आ जाता है, वह फौरन उस मछली को अपना निवाला बना लेता है। मगरमच्छ पास आता देख दोनों युवक दूर भाग जाते हैं।

चलते-चलते दिखाई ऐसी करतब स्कूल जाते बच्चों ने रोड पर , 15 सेकेंड का वीडियो हुआ वायरल

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स्कूल के दिनों में बच्चे कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं, चाहें वो क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी या बैडमिंटन खेलना हो या फिर कोई अन्य खेल। कई बच्चे खेल में अपना करियर बनाते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं। इन दो स्कूली बच्चों ने चलते चलते कुछ ऐसा किया, जिसकी सोशल मीडिया में काफी तारीफ हो रही है। आम जन ही नहीं, केंद्रीय मंत्री तक उनकी प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं।

दरअसल ये दोनों बच्चे सड़क पर चल रहे हैं, तभी लड़की अपने साथ चल रहे लड़के के पीठ पर हाथ से थपकी देती है। तभी वह लड़का दौड़ना शुरू करता है और हवा में अपने शरीर को उछालकर कलाबाजी करते हुए सीधा खड़ा हो जाता है।

इसके तुरंत बाद ही वह लड़की भी दौड़ना शुरू करती है और अपने शरीर को हवा में उछाल देती है और दो बार कलाबाजी करते हुए जमीन पर सीधी खड़ी हो जाती है। वहां मौजूद एक शख्स अपने कैमरे में इन दोनों बच्चों की कलाबाजी का वीडिया बना लेता है।

25 अगस्त को ट्विटर पर शेयर किया गया 15 सेकेंड का यह वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो को अब तक 25 हजार से अधिक लोग पसंद कर चुके हैं तो 1.4M से अधिक लोग इसे देख चुके हैं।

छत्तीसगढ़ : नाबालिग बच्‍ची से दुष्‍कर्म के मामले में स्‍कूल का प्राचार्य गिरफ्तार

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छह साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्‍कर्म के मामले में एक स्कूल के प्राचार्य को गिरफ्तार किया गया है। प्राचार्य पर आरोप है कि स्कूल में नाबालिग बच्ची से दुष्‍कर्म की जानकारी होने के बाद भी पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने स्कूल में इस घटना की शिकायत खमतराई पुलिस को की थी।

पुलिस की जांच के बाद दुष्‍कर्म घटना को सही पाया गया। हालांकि बाद में प्राचार्य को जमानत मिल गई। पिछले दिनों एक स्‍कूल में छह साल की बच्ची से स्कूल के ही तीन नाबालिग बच्चों ने दुष्‍कर्म किया था। जिसकी जानकारी पीड़ित बच्ची ने अपने परिजनों को दी थी। शिकायत के बाद भी स्कूल प्राचार्य द्वारा घटना को छुपाने का प्रयास किया जा रहा था और इसकी शिकायत पुलिस में नहीं करने को लेकर पीड़िता परिवार पर दबाव बनाया गया था।

इस बात से आहत होकर पीड़िता के परिजनों ने स्कूल में काफी हंगामा किया था। जब इस बारे में खमतराई पुलिस को जानकारी मिली तो जांच शुरू की गई। जांच में आरोप को सहीं पाया गया। मामले में तीनों नाबालिग बच्चों को माना सुधार गृह में भेज दिया गया है।

कृषि मंत्री श्री ‘रविन्द्र चौबे’ मिले आगंतुकों से…

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कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे आज शांति नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में लोगों से मुलाकात की। श्री चौबे ने आगंतुकों द्वारा इस अवसर पर दिए गए ज्ञापनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। 

Chhattisgarh: फर्जी जाति मामले में पूर्व CM के खिलाफ FIR, जा सकती है विधायकी

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 छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत के जाति से जुड़े दस्तावेजों को फर्जी पाया गया है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच के बाद जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया है। सरकार की ओर से जोगी के खिलाफ कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ने का मामला बन रहा है।

अब जोगी की विधायकी पर भी खतरा मंडराने लगा है। चर्चा चल रही है कि एफआईआर के बाद अब उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जा सकती है। अजीत जोगी वर्तमान में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रिमो और मरवाही क्षेत्र से विधायक हैं।

अजीत जोगी के खिलाफ लंबे समय से जाति को लेकर मामला चल रहा था। पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जोगी की जाति की जांच की और इसके बाद उन्हें आदिवासी जाति समुदाय का नहीं होना पाया। इस जांच के बाद अजीत जोगी के खिलाफ सरकार की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

जोगी ने साल 1986 में आईएएस अफसर की नौकरी छोड़कर राजनीति में प्रवेश किया था। सर्वप्रथम साल 1987 में इंदौर हाई कोर्ट में मनोहर दलाल ने उनकी जाति को लेकर सवाल उठाए थे। पिछले 43 वर्षों के दौरान अब तक छह बार जोगी की जाति को चुनौती दी गई है।

एफआईआर को चुनौती देंगे जोगी 
फर्जी जाति मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अजीत जोगी ने कहा कि दुर्भावना पूर्वक सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए उनकी जाति को लेकर कभी भी सवाल नहीं उठे थे, लेकिन राजनीति में आने के बाद लगातार लोग उनकी छवि खराब करने के लिए यह कर रहे हैं। उनका कहना है कि साल 2013 में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को लेकर कानून बना था, लेकिन उनका प्रमाण पत्र इससे पूर्व का है। इस लिए उनके खिलाफ एफआईआर नहीं होनी चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 20 का हवाला देते हुए उन्होंने अपना बचाव किया और इस एफआईआर को अदालत में चुनौती देने की बात कही।

‘मुंबई में कुछ बड़ा होने वाला है’, NIA को फोन पर दी धमकी, हुआ गिरफ्तार

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पहली बार में सुनने पर ये सेक्रेड गेम्स के ‘गणेश गायतोंडे’ की धमकी लगती है लेकिन ऐसा केस सच में हुआ है. दिल्ली का एक लड़का मुंबई पहुंचा, वहां एक लॉज में ठहरा. वहां से एनआईए को फोन करके कहा ‘मुंबई में कुछ बड़ा होने वाला है.’ मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

22 वर्षीय शुभम पाल दिल्ली से मुंबई पहुंचा और वहां एक लॉज में कमरा लिया. पुलिस ने बताया कि शुभम ने 29 अगस्त को दिल्ली के एनआईए ऑफिस में फोन करके कहा ‘मेरी बात ध्यान से सुनो. बॉम्बे में कुछ बड़ा होने वाला है. कुछ कर सकते हो तो कर लो.’ इतना कहकर उसने फोन काट दिया. एनआईए ने मुंबई पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और नंबर को ट्रेस किया.

फोन करने वाले का पता लगाने के लिए टीमें बनाई गईं. मुंबई उत्तर उपनगरीय में शुभम की लोकेशन मिल गई. नेस्को आईटी पार्क के पास टीम पहुंची और शुभम से पूछताछ की. शुभम के बार बार बयान बदलने की वजह से पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया.

आपत्तिजनक वेबसाइट्स देखीं

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक शुभम के फोन की जांच करने पर पाया गया कि उसने पाकिस्तानी और सीरियाई वेबसाइट्स की सर्फिंग की थी. उसने पाकिस्तान के कुछ नंबरों पर कॉल करने के बाद एनआईए को कॉल किया था. उसने पाकिस्तान आईएसआई नंबर, पाकिस्तान आईएसआई ईमेल आईडी, मुंबई अंडरवर्ड डॉन्स जैसी चीजें फोन पर सर्च की थीं.