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जन्माष्टमी विशेष : 60 मिनट में तैयार करें व्रत की थाली

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जन्माष्टमी का त्यौहार 23 और 24 अगस्त को मनाया जाएगा, ऐसे में सभी लोग इस दिन व्रत रहेंगे| इसलिए आज हम जन्माष्टमी के अवसर पर व्रत की पूरी थाली बनाने की रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे आप कम से कम समय में बना सकते हैं| इस थाली में आलू की सब्जी, सिकंजी, साबूदाने की खिचड़ी, मखाने की खीर और कुट्टू के आटे की पूरी शामिल हैं| यह थाली व्रत के लिए बहुत खास हैं, इसके साथ में यह टेस्टी और हेल्दी भी हैं|

सामग्री

उबले आलू- 250 ग्राम, काली मिर्च- 4 टेबलस्पून, हरी मिर्च- 5 से 6, हरा धनिया- कटा हुआ, जीरा पावडर- 2 टेबलस्पून, दूध- 500 ग्राम, मखाना- 100 ग्राम, साबुदाना- 100 ग्राम, टमाटर- कटे हुये, दही- 100 ग्राम, करी पत्ता, सेंधा नमक, केसर, इलायची पावडर, चीनी, नींबू का रस

विधि

आलू की सब्जी

जन्माष्टमी के दिन व्रत की थाली बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाने को धोकर भिंगो ले| जब तक साबुदाना भिंग रहा हैं तब तक आलू की सब्जी बना ले, इसके लिए कढ़ाई में घी, जीरा, अदरक, हरी मिर्च, कटे टमाटर, सेंधा नमक डालकर भून ले| अब इसके अंदर काली मिर्च डालकर चला ले, कालीमिर्च भुनने के बाद इसमें पानी डाल दे, अब इसमें अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया और उबले आलू डालकर पका ले| अब एक मिक्सर जार में छोटी इलायची, लौंग, दालचीनी डालकर दरदरा पीस ले और इसे सब्जी में डाल दे, अंतिम में नींबू डालकर हल्का और पका ले|

मखाने की खीर

मखाने की खीर बनाने के लिए सबसे पहले दूध को उबाल ले, अब एक दूसरे पैन देशी घी डालकर गरम होने दे, अब इसके अंदर मखाने डालकर हल्का भून ले| अब इसके अंदर उबले हुये दूध डालकर चला ले, अब इसमें थोड़ा सा केसर डालकर चला ले, धीमे आंच पर पकाए| जब मखाना पक जाए तो इसमें हल्का सा इलायची पावडर, चीनी डालकर पका ले, अब इसमें आप ड्राई फ्रूट्स डाल दे और हल्का गाढ़ा होने तक पकाए|

एप्पल का रायता

अब एप्पल का रायता बनाने के लिए एक छन्नी ले और इसमें दही डालकर छान ले| अब इसमें थोड़ा सा पानी डाल दे और फिर इसमें कटा हुआ एप्पल डाल दे, अब इसमें भुना जीरा पावडर, सेंधा नमक, चीनी पावडर डालकर मिला ले| आप इसमें धनिये की पत्ती या पुदीने की पत्ती भी डाल सकते हैं|

साबूदाने की खिचड़ी

अब भिंगे हुये साबूदाना ले और इसके पानी को छान ले, अब एक कढ़ाई में देशी घी और मूँगफली डालकर फ्राई कर ले और फिर बाहर निकाल ले| अब इसी कढ़ाई में जीरा, कटी अदरक, करी पत्ता, हरी मिर्च डालकर हल्का फ्राई कर ले| अब इसमें कटा टमाटर डालकर हल्का भून ले, इसके बाद अब इसमें उबले हुये आलू डालकर चला ले, अब इसमें साबुदाना डालकर चला ले, अब इसमें हरा धनिया, काली मिर्च पावडर, सेंधा नमक डालकर चला ले| अब इसमें फ्राई किए हुये मूँगफली डालकर चला ले, अब इसमें चीनी डालकर चला ले और फिर इसमें नींबू का रस डालकर चला ले, अब इसे एक प्लेट में निकाल ले|

सिकंजी

सिकंजी बनाने के लिए एक बाउल में नींबू का रस, सेंधा नमक, भुना हुआ जीरा, काली मिर्च पावडर, चीनी और पानी डालकर चला ले, अब इसमें थोड़ा सा बर्फ डालकर ग्लास में सर्व करे|

कुट्टू के आटे की पूरी

इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलू को ग्रेट कर ले, अब इसमें सेंधा नमक, काली मिर्च, कटा हरा धनिया, हरी मिर्च, नींबू का रस और कुट्टू का आटा डालकर मिला ले, इसमें हल्का सा पानी डालकर टाइट आटा गूँथ ले, इसमें हल्का देशी घी डालकर मिला ले| अब एक कढ़ाई में ऑयल तेज आंच पर गरम करे, अब इसमें पूरियाँ डालकर फ्राई कर ले| अब साबूदाने के पापड़ भी फ्राई कर ले और खीरा, गाजर काट ले| अब सभी चीजों को एक प्लेट में सर्व करे|

चिदंबरम की गिरफ्तारी की राह आसान बनाने वाले जस्टिस सुनील गौड़ हुए रिटायर…

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  • पने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अन्य हाई प्रोफाइल मामलों की सुनवाई की
  • 62 वर्षीय न्यायाधीश ने मंगलवार को उन्हें ‘मुख्य षडयंत्रकारी’ करार दिया था
  • उन्होंने मोइन कुरैशी के खिलाफ धन शोधन के मामले सहित भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मुद्दों की भी सुनवाई की

पी चिदंबरम की गिरफ्तारी की राह आसान बनाने वाले न्यायमूर्ति सुनील गौड़ बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त हो गए। वह दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर तैनात थे। बता दें कि गौड़ ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर उनकी गिरफ्तारी का रास्ता आसान कर दिया था।न्यायमूर्ति गौड़ ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं के अभियोजन की भी राह तैयार की थी। न्यायमूर्ति गौड़ को अप्रैल 2018 में पदोन्नत कर उच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया था। उन्हें 11 अप्रैल 2012 को स्थायी न्यायाधीश नामित किया गया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अन्य हाई प्रोफाइल मामलों की सुनवाई की। 

उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में सोमवार को कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी। न्यायमूर्ति गौड़ ने कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) मामले में पिछले साल एक फैसला सुनाते हुए उसे यहां आईटीओ स्थित अपना कार्यालय खाली करने को कहा था।

हालांकि, इस फैसले को उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने बरकरार रखा लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस साल अप्रैल में इस पर रोक लगा दी। यह विषय फिलहाल शीर्ष न्यायालय में लंबित है। न्यायमूर्ति गौड़ ने विवादास्पद मांस निर्यातक मोइन कुरैशी के खिलाफ धन शोधन के मामले सहित भ्रष्टाचार के मामलों से जुड़े कुछ अन्य मुद्दों की भी सुनवाई की।

मामले में चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए 62 वर्षीय न्यायाधीश ने मंगलवार को उन्हें ‘मुख्य षडयंत्रकारी’ करार दिया था। बुधवार रात यहां गिरफ्तार किये गए चिदंबरम ने इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। शीर्ष न्यायालय चिदंबरम की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

राज्यसभा में आजाद ही नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे या फिर मनमोहन को मिलेगी कमान…

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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बन गए हैं। मनमोहन सिंह निर्विरोध चुने गए हैं। राजस्थान विधानसभा के चुनाव और राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी प्रमिल कुमार माथुर ने सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को मनमोहन सिंह के निर्वाचन का प्रमाण-पत्र सौंपा। इस जीत के साथ मनमोहन सिंह की राज्यसभा की यात्रा फिर से शुरू हो गई है हालांकि इसमें थोड़े समय के लिए अल्प विराम जरूर आ गया था। इससे पहले मनमोहन सिंह लगभग तीन दशकों से असम से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य बनते रहे हैं। इस बार असम से ही उनका कार्यकाल 14 जून को समाप्त हो चुका था लेकिन इस बार असम से राज्यसभा में भेजे जाने लायक विधायक कांग्रेस के पास नहीं थे इसलिए कांग्रेस उन्हें उस समय राज्यसभा में नहीं भेज पाई।

समय चक्र बदला और इस बीच तीन राज्यों- राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव जीत कर कांग्रेस सरकार बना चुकी थी। इस बीच भाजपा के राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य मदन लाल सैनी का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन के बाद राजस्थान में राज्यसभा की खाली सीट पर चुनाव करवाना जरूरी था। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने और बहुमत के आंकड़े की वजह से यहां से कांग्रेस उम्मीदवार का जीतना तय माना जा रहा था। लंबे विचार-विमर्श के बाद और कई नामों पर चली चर्चा के बाद कांग्रेस आलाकमान ने इस सीट से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उतारने का फैसला किया। मनमोहन सिंह ने जयपुर जाकर अपनी उम्मीदवारी का पर्चा भर दिया। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की जीत तय जान कर भाजपा ने मनमोहन सिंह के खिलाफ अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा और मनमोहन सिंह निर्विरोध राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित कर दिए गए।

इस जीत के साथ ही पार्टी की राज्यसभा में सदस्य संख्या में इजाफा होगा। लंबे अर्से बाद कांग्रेस को इस तरह की जीत की खुशखबरी मिली तो जश्न मनना ही था। इसलिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हों या उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट… तमाम छोड़े बड़े नेता मनमोहन सिंह की जीत पर बधाई देते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। राजस्थान से निर्विरोध निर्वाचन के बाद मनमोहन सिंह तीन अप्रैल, 2024 तक राज्यसभा सदस्य रहेंगे।

लेकिन कांग्रेस की हालत देखिए कि जीतने के बावजूद अब कांग्रेस के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है कि वो राज्यसभा में नेता विपक्ष किसे बनाए। मनमोहन सिंह पूर्व प्रधानमंत्री होने की वजह से राज्यसभा में अब तक कांग्रेस की कमान संभालते आए थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के कारण गुलाम नबी आजाद को यह पद दिया गया था। वर्तमान में गुलाम नबी आजाद राज्यसभा में कांग्रेस के नेता के तौर पर विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन मनमोहन सिंह की वापसी के बाद उनका दावा स्वाभाविक रूप से इस पद के लिए मजबूत है। इसलिए यह कहा जा रहा है कि जीत के बावजूद कांग्रेस आलाकमान के लिए एक नया संकट खड़ा हो गया है।

कांग्रेस के लिए इस पद पर गुलाम नबी आजाद को बैठाना तो आसान था लेकिन हटाना उतना आसान नहीं है। वहीं दूसरी तरफ मनमोहन सिंह का कद इतना बड़ा है कि उन्हें भी नकारा नहीं जा सकता। शायद इसलिए तमाम नेताओं को दरकिनार करके मनमोहन सिंह को उस राज्य से राज्यसभा भेजा गया जहां जीतना तो तय ही था। जाहिर-सी बात है कि मनमोहन सिंह के अनुभव को देखते हुए सोनिया गांधी यह जरूर चाहेंगी कि वो राज्यसभा में कांग्रेस को लीड करें लेकिन जम्मू-कश्मीर पर केन्द्र सरकार के ताजा फैसले के बाद गुलाम नबी आजाद का महत्व भी कांग्रेस के लिए बढ़ गया है। गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर से आते हैं और अनुच्छेद 370 पर जिस तरह से उन्होंने राज्यसभा में सरकार को घेरा, श्रीनगर गए और लगातार सरकार पर राजनीतिक हमले कर रहे हैं, उससे एकाएक ही आजाद का राजनीतिक महत्व और कद दोनों ही बढ़ गया है। खासकर ऐसे माहौल में जब कांग्रेस ने एक ऐसा स्टैंड ले लिया है जिसके खिलाफ उसकी पार्टी के नेता ही एक के बाद एक बयानबाजी कर रहे हैं।

ऐसे में कांग्रेस यह कतई नहीं चाहेगी कि तमाम विरोध के बावजूद पार्टी की लाइन के साथ खड़े होने वाले गुलाम नबी आजाद का कद या महत्व किसी भी तरह से घटाया जाए, अगर उन्हें राज्यसभा में कांग्रेस नेता के पद से हटाकर फिर से मनमोहन सिंह को उस पर बैठाया जाता है तो निश्चित तौर पर इसका गलत मैसेज प्रदेश में जाएगा। इसलिए कह सकते हैं कि राज्यसभा में नेता विपक्ष का पद कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब बन गया है क्योंकि इसके एक तरफ कुंआ है तो दूसरी तरफ खाई।

इस होटल खाना खाने जाना पड़ता है दुसरे देश और सोने के लिए आना पड़ता है फ्रांस

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दुनिया में कई होटल हैं जिनकी अपनी सुंदरता के साथ-साथ विलासिता भी है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे होटल के बारे में सुना है जो बिस्तर पर लेटकर देश को बदल देता है। यह कोई मजाक नहीं है, वास्तव में, इस होटल का नाम अरब होटल है। इस होटल को फ्रेंको-सूज होटल के रूप में जाना जाता है।

यह होटल फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमा पर स्थित क्योर क्षेत्र में स्थित है। यह होटल दो देशों में आता है, यही वजह है कि होटल के दो पते हैं। इस होटल की खास बात यह है कि फ्रांस और स्विट्जरलैंड के बीच की सीमाएं इसी होटल से होकर गुजरती हैं। जैसे ही होटल अंदर होता है, लोग एक देश से दूसरे देश पहुंच जाते हैं।

Arbase होटल को दो सीमाओं में विभाजित किया गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस होटल का बार स्विट्जरलैंड में स्थित है और बाथरूम फ्रांस में है।

इस होटल के सभी कमरों को दो में विभाजित किया गया है। कमरे में बिस्तर को इस तरह से सजाया गया है कि आधा फ्रांस में है और दूसरा स्विट्जरलैंड में है।

इसके अलावा, कमरों में तकिए भी देश के अनुसार अलग-अलग रखे गए हैं। यह होटल, जो साइट पर बनाया गया था, 1862 में अस्तित्व में था। पहले एक किराने की दुकान थी। फिर 1921 में जूल्स-जीन आर्ब्स नाम के एक व्यक्ति ने जगह खरीदी और यहां एक होटल बन गया। अब यह होटल फ्रांस और स्विट्जरलैंड के बीच बना है।

मंदिर का अनोखा रिवाज,पति पत्नी एक साथ नहीं कर सकते है दर्शन

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भारत में हजारों मंदिर हैं। इन मंदिरों में विभिन्न परंपराओं और मान्यताओं का पालन किया जाता है। लेकिन आज आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में पता चलेगा जहाँ पति और पत्नी एक साथ भगवान को नहीं देख सकते। यह मंदिर मां दुर्गा का है। यहाँ, एक कहानी पति से जुड़ी हुई है जो पति के पति को एक साथ नहीं देख सकती है। इस स्थान पर श्रीमन रामपुर में माँ दुर्गा का मंदिर स्थित है। यह मंदिर श्री कोटि के नाम से प्रसिद्ध है।

यहां हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन जो युगल आते हैं वे एक साथ दर्शन नहीं करते हैं। एक समय था जब भगवान शिव ने अपने पुत्र गणेश और कार्तिकेय को ब्रह्मांड की यात्रा करने के लिए कहा था। कार्तिकेय मोर पर बैठकर यात्रा करने के लिए चले गए,

लेकिन गणेशजी ने अपने माता-पिता की यात्रा शुरू की। जब तक कार्तिकेय लौटे, तब तक गणेशजी का विवाह भी हो चुका था। यह देखकर कार्तिकेय को गुस्सा आ गया और उन्होंने कभी शादी न करने का फैसला किया। उनके इस फैसले से माता पार्वती नाराज हो गईं और उन्होंने कहा कि जो जोड़े इस मंदिर में मिलेंगे,

वे एक दूसरे से अलग हो जाएंगे। इसी विश्वास के कारण आज कोई भी युगल यहां नृत्य नहीं कर रहा है।शिमला पहुंचने के बाद यहां वाहन और बस के माध्यम से नारकंडा और फिर मश्नु गावं के रास्ते से होते हुए यहां पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर समुद्र तल से 11000 फ़ीट की ऊँचाई पर स्तिथ है।

आप जानते हैं सिग्नल के लाइट लाल पीले और हरे रंग का मतलब क्या होता हैं

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आज मैं आप को एक बहुत ही खाश जानकारी देने बाला हूँ जी हाँ आप को यह भी बता दें की सड़क पर सुरक्षित चलने के लिए यातायात के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है और तो और आप को यह भी बता दें की इन नियमों में ट्रैफिक सिग्नल्स भी आते हैं

और तो और आप को यह भी जनकरी दें दें की जिनके बारे में अधिकतर लोग जानते ही होंगे फिर भी हम बता देते हैं कि ट्रैफिक सिग्नल में तीन रंगों की लाइट लाल पीला और हरा लगी होती है क्या आप ये जानते हैं कि आखिर ट्रैफिक लाइट में इन्हीं रंगों का उपयोग क्यों किया जाता है

जी हाँ आप को यह भी बता दें की किसी और रंग का क्यों नहीं पहले तो हम आपको इन तीन रंगों के ट्रैफिक लाइट्स का मतलब बता दें जी हाँ और तो और आप को यह भी बता दें की लाल रंग की ट्रैफिक लाइट का मतलब होता है कि आप गाड़ी रोक दें और ट्रैफिक लाइट पीला

होने पर आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएं और हरा होते ही आप आगे बढ़ जाएं आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में सबसे पहला ट्रैफिक लाइट 10 दिसंबर 1868 को लंदन के ब्रिटिश हाउस ऑफ पार्लियामेंट के सामने लगाया गया था और तो नौर आप

को यह भी बता दें की इस लाइट को जेके नाईट नामक रेलवे इंजीनियर ने लगाया था और तो और तब रात में ट्रैफिक लाइट लगाई गाई थी

ये तस्वीरें घुमा देंगी आपका दिमाग, तेजी से वायरल हो रही हैं हर तरफ

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नीते दी गयी तस्वीर में एक महिला कुछ कपड़े वाशिंग मशीन में डालने जा रही हैं लेकिन अगर हम परछाई की तरफ ध्यान दें तो यही लगता है कि यह महिला गर्भवती है।

नीचे दी गयी तस्वीर में दो लड़कियां जा रही है और उनकी परछाई से प्रतीत होता है कि यह कोई गोरिल्ला है।

इस तस्वीर में हवाई जहाज की परछाई भी काफी खूबसूरत दिखाई दे रही है।

आप सभी पेड़ के पत्ते में जिराफ की छाया देख सकते हैं।

राजा के दरबार में एक विद्वान पंडित था, राजा पंडित की बुद्धिमानी से काफी प्रभावित था, एक दिन भरे दरबार में राजा ने अपने पंडित से कहा कि आप तो बहुत बुद्धिमान हैं, लेकिन आपका पुत्र मूर्ख क्यों हैं

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एक राजा के दरबार में बहुत ही विद्वान पंडित रहता था। सब लोग उसकी बुद्धिमानी की तारीफ करते थे। एक दिन राजा ने पूरे दरबार में विद्वान पंडित से कहा कि आप तो विद्वान है, लेकिन आपका पुत्र मूर्ख क्यों है। यह प्रश्न सुनकर पंडित हैरान हुआ और बोला कि महाराज आप ऐसा क्यों कह रहे हैं। राजा ने कहा कि मैं उससे पूछता हूं कि सोने और चांदी में से क्या मूल्यवान है तो वह चांदी को मूल्यवान बताता है। उसे तो इतना भी नहीं मालूम कि आखिर कौन-सी धातु ज्यादा कीमती है।

यह बात सुनकर परिवार के सभी लोग पंडित पर हंसने लगे और उसे यह बात बहुत बुरी लगी। पंडित दरबार में बिना कुछ बोले ही अपने घर चला गया। घर पहुंचकर पंडित ने अपने बेटे से पूछा कि बेटा सोने और चांदी में क्या मूल्यवान है, तो उसके बेटे ने कहा- पिताजी सोना। यह जवाब सुनकर पंडित ने अपने बेटे से कहा कि तुम्हें पता है कि सोना मूल्यवान है। फिर भी तुम राजा को गलत उत्तर क्यों देते हो।

पंडित का बेटा पूरी बात समझ गया। उसने अपने पिताजी को बताया कि मैं रोज सुबह मुख्य बाजार में जाता हूं, वहां राजा प्रजा से मिलने आते हैं। वह मेरे सामने एक सोने का और एक चांदी का सिक्का रखते हैं और कहते हैं कि इनमें से जो मूल्यवान है, तुम उठा लो। मैं रोज चांदी का सिक्का उठाता हूं। सब लोग मेरा मजाक उड़ाते हैं। लेकिन मैं सिक्का घर ले आता हूं।

पंडित ने उससे कहा कि तुम्हें पता है कि सोना ज्यादा मूल्यवान है तो तुम चांदी का सिक्का क्यों लेते हो। इसके बाद बेटा अपने पिता को कमरे में ले गया और उन्हें एक संदूक खोल कर दिखाया, जो चांदी के सिक्कों से भरा हुआ था। पंडित ने कहा कि इतने सिक्के कहां से आए। बेटे ने बताया कि हर सुबह राजा साहब जो सिक्के देते हैं, ये वही हैं।

बेटे ने कहा- अगर मैं राजा के सामने सोने का सिक्का उठा लूंगा तो वह मुझे चांदी के सिक्के भी देना बंद कर देंगे। एक सोने के सिक्के के चक्कर में इतने सारे चांदी के सिक्के कैसा गवां दूं। पंडित को पता चल गया कि उसका बेटा बुद्धिमान है। इसके बाद वह अपने बेटे को दरबार लेकर गया, जहां उन्होंने राजा को पूरी बात बताई। राजा ने पंडित के बेटे की तारीफ की और उसे सोने के सिक्कों से भरा एक संदूक दे दिया।

कथा की सीख

इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि हमें हर समय अपनी शक्ति का दिखावा नहीं करना चाहिए। जब सही समय आता है तो हमें अपनी शक्ति प्रदर्शित करनी चाहिए। सभी लोगों को हमारी ताकत अपने आप मालूम हो जाती है।

इस देश में संगीत सुनना एक अपराध है, यहां तक कि बच्चों को पोलियो से मुक्त करना भी

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पाकिस्तानी तालिबान ने उत्तरी वज़ीरिस्तान जिले के लोगों को बहुत ज़ोर से संगीत नहीं बजाने और अपने बच्चों को पोलियो की दवा न देने की चेतावनी दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान को बुधवार को उत्तरी वजीरिस्तान के मिरमशाह के मुख्यालय से एक पृष्ठ के पर्चे की घोषणा करके यह चेतावनी जारी की गई थी।

उर्दू में प्रकाशित एक संदेश में कहा गया है कि महिलाओं को घर से बाहर अकेले नहीं जाना चाहिए। उनके साथ एक आदमी की जरूरत है। हम आपको याद दिलाना चाहते हैं कि इस तरह के बयान को अक्सर तालिबान ने सार्वजनिक किया है, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया था।

लेकिन इस बार हम तालिबान के आदेश का उल्लंघन करने वालों के बारे में और पता लगाएंगे। संदेश में कहा गया है कि डीजे का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। न तो सार्वजनिक स्थानों पर घर के अंदर और न ही इस चेतावनी की अनदेखी करने वाले लोग परिणामों के लिए जिम्मेदार होंगे।

पंपलेट में, दुकान में लोगों को जोर से संगीत बजाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा, यह चेतावनी दी गई है कि जहां भी संगीत बजाया जाएगा, उसे किसी भी समय उड़ा दिया जाएगा।

पोलियो कार्यकर्ताओं को टीका अभियान के दौरान बच्चों की उंगलियों को चिह्नित करने के लिए भी कहा गया है, लेकिन पोलियो दवाओं के साथ बच्चों की आपूर्ति न करें। इस संदेश में लिखा है कि महिलाओं को घर से बाहर नहीं जाना चाहिए

शायद ही देखी होगी दो मुंह वाली मछली! ये नजारा देखकर उड़ गए लोगों के होश.

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आजकल सोशल मीडिया पर कई तरह की तस्वीरें और वीडियो वायरल होते रहते हैं. इनमें जानवरों की अक्सर ही वीडियोज़ देखने को मिलती है. हाल ही में एक तस्वीर वायरल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. ये मामला है न्यूयॉर्क की रहने वाली एक महिला डेबी गेडेस का जिसने मछली पकड़ते समय कुछ ऐसा देखा जिससे उसके होश उड़ गए. मछली पकड़ते समय जब उसने एक मछली को खींचा तो वो देखकर हैरान रह गई. ऐसी ही एक मछली के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे आप ने भी नहीं देखा होगा.

दरअसल, रिपोर्ट के मुताबिक, डेबी ने दो मुंह वाली मछली को चैम्प्लेन लेक से पकड़ा. जिसको देखकर उनके होश उड़ गए. इस मछली के बारे में डेबी गेडेस ने कहा- ‘जब हमने शिकार को बोट की तरफ खींचा तो हमें यकीन नहीं हो रहा था कि हमने दो मुंह वाली मछली को पकड़ा है. फिर भी यह मछली स्वस्थ और संपन्न थी. बहुत अद्भुत!’ डेबी ने बताया कि उन्होंने और पति ने कुछ तस्वीरें लेने के बाद मछली को फिर नदी में छोड़ दिया. डेबी ने कहा- ‘हमने तुरंत कुछ तस्वीरें क्लिक कीं और मछली को छोड़ दिया.’

इसके अलावा नॉटी बायज फिशिंग ने इन तस्वीरों को फेसबुक पर शेयर किया है. उनकी टीम वहां की सबसे बड़ी टूर्नामेंट की विजेता है. उन्होंने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दुनिया में फैला दिया. नॉटी बॉयज ने सोमवार को फोटो अपलोड करते हुए लिखा- ‘हमारी सह-कर्मी डेबी गेडेस ने कुछ दिन पहले लेक चैम्प्लेन से दो मुंह वाली मछली को पकड़ा.’ इस तरह की मछली आपने भी नहीं देखी होगी.