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भारत, चीन और टॉप 10 देश जिनके पास है सबसे ज्यादा सोने का भंडार जानिए 1 नम्बर पर कौन है

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भारत-चीन युद्ध जो भारत चीन सीमा विवाद के रूप में भी जाना जाता है, चीन और भारत के बीच 1962 में हुआ एक युद्ध था। विवादित हिमालय सीमा युद्ध के लिए एक मुख्य बहाना था, लेकिन अन्य मुद्दों ने भी भूमिका निभाई। चीन में 1959 के तिब्बती विद्रोह के बाद जब भारत ने दलाई लामा को शरण दी तो भारत चीन सीमा पर हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला शुरू हो गयी। भारत ने फॉरवर्ड नीति के तहत मैकमोहन रेखा से लगी सीमा पर अपनी सैनिक चौकियाँ रखी जो 1959 में चीनी प्रीमियर झोउ एनलाई के द्वारा घोषित वास्तविक नियंत्रण रेखा के पूर्वी भाग के उत्तर में थी।

10) भारत :-
इस लिस्ट में भारत दशवें नम्बर पर है । भारत में सोने की मांग हमेशा से रही है कियोकि महिलाएं यह पर सोने के जेवर पहनन सबसे ज्यादा पसंद करती है। नवम्बर-दिसम्बर के त्योहारों के सीजन में पूरी दुनिया मे सबसे ज्यादा सोने की डिमांड भारत मे होती है और इस समय भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार बैकों में 557.7 टन सोना रिजर्व में रखा है एक आंकड़े के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि यदि मन्दिरो में रखा सोना और भारत मे जितनी महिलाएं सोने के जेवर पहनती है वह सब एक साथ मिला दिया जाए तो दुनिया का सबसे ज्यादा सोना भारत मे है जो लगभग 22000 के आसपास है।

9) नीदरलैंड्स :-
नीदरलैंड्स इस समय एक विकसित देश है और यहां की लाइफ स्टाइल बहुत ही उच्च दर्जे की है। आंकड़ो के मुतबिक नीदरलैंड्स के बैंकों में इस समय 612.45 टन सोना रिजर्व में रखा है।

8) जापान :-
जापान टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया मे सबसे अग्रणी माना जाता है और अपने टेक्नोलॉजी के दम पर ही इस देश ने अपनी उन्नति हासिल की है। कई बार जापान में भूकंप और सुनामी जैसी घटनाएं होती है। जिसके कारण जापान को पैसे की जरूरत पडती है और जापान को सोना बेचकर पैसा चाहिए होता है, सोना बेचने के बाद भी आज जापान के पास 760.2 टन सोना रिजर्व में रखा है।

7) स्विट्जरलैंड :-
हर किसी का सपना होता है कि वह स्विट्जरलैंड घूमने जाए कियोंकि यह एक बहुत अमीर और खूबसूरत देश माना जाता है आपको बता दे कि इस समय स्विट्जरलैंड के पास ज्यादा सोना रिजर्व में रखा है वह लगभग 1040 टन सोना रिजल्ट में रखे हुए है।

6) रूस :-
रूस सोने का बहुत ज्यादा उत्पादन भी करता है और दूसरे देशों को निर्यात भी करता है। इस समय रूस के पास लगभग 1407.7 टन सोना रिजर्व में रखा है।

5) चीन :-
चीन आर्थिक महाशक्ति बनता जा रहा है और चीन लगातार अपनी सोने के रिजर्व को भी बढ़ता जा रहा है, कियोकि उसकी अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे बहुत बड़ी होती होती चली जा रही है और आज चीन के पास 1797 टन सोना रिजर्व में पड़ा है।

4) फ्रांस
फ्रांष एक शक्तिशाली देश माना जाता हैं लोग यहां पर घूमने जाने के लिए काफी बेकरार रहते है और सोने के मामले में भी फ्रांष दूसरे देशों से बहुत आगे है और इस समय फ्रांस के पास 2407 टन सोना है।

3) इटली :-
कुछ दिनों से इटली की अर्थव्यवस्था कुछ खास नही रही है पर सोने के मामले में इटली कई देशों से आगे है और इस समय इटली के पास 2451.8टन सोना रिजर्व में पड़ा है जो जरूरत आने पर इटली के बहुत काम आएगा।

2) जर्मनी :-
जर्मनी एक ऐसा देश है जिसनें टेक्नोलॉजी के दम पर कामयाबी और उन्नति हासिल की है । सोना रखने के मामले में भी यह देश बहुत आगे है इस समय जर्मनी के पास 3390.6 टन सोना रिजर्व में पड़ा है जो इस देश की अर्थव्यवस्था के मुकाबले बहुत ज्यादा है।

1) अमेरिका :-
अमरीका दुनिया मे सबसे ताकतवर देश माने जाने वाला देश है। जिसे दुनिया पावर भी कहती है, आज दुनिया का सबसे ज्यादा सोना अमेरिका की सरकार की तिजोरी में पड़ा है एक आंकड़े के मुताबिक इस समय अमेरिकी रिजर्व में 8133.5 टन सोना रिजर्व रखा है जो बहुत ज्यादा है।

गैंगरेप पीड़िता नाबालिग आखिर जिंदगी की जंग हार गई…

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एरवाकटरा थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी नाबालिग ने रविवार को सैफई अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नाबालिग की मां ने बेटी से गांव के चार लोगों पर सामूहिक दुराचार करने का आरोप लगाया था। उधर पुलिस ने शनिवार देर रात पिता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। हालांकि पुलिस ने गालीगलौज करने व जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने बिधूना-किशनी मार्ग पर शव वाहन को बीच रास्ते में खड़ा करके जाम लगा दिया। एसपी सुनीति ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर छावनी में तब्दील कर दिया, जिससे किसी भी प्रकार का बवाल होने से रोका जा सके। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 31 जुलाई को उसे भर्ती कराया गया था। उसकी मां ने पुलिस को गांव के चार लोगों पर बेटी के साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। इस पर पोस्टमार्टम के बाद रविवार की शाम को शव उसके गांव पहुंचा, जहां आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को बिधूना-किशनी मार्ग पर खड़ा करके जाम लगा दिया।

साथ ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। पहले ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सीओ बिधूना लालता प्रसाद शुक्ला ने जाम लगाए लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। उधर इस प्रकरण में शनिवार को ही मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी बताए गए रनवीर सिंह पुत्र धारा सिंह, धारा सिंह पुत्र रामसेवक, दिनेश पुत्र रामसेवक व राजीव पुत्र दिनेश के खिलाफ 504 व 506 की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।

पुलिस को दी तहरीर में पिता ने बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री घर पर पंखे पर दुपट्टे में लटकी मिली। जब उसकी पत्नी ने देखा तो वह चिल्लाई और दुपट्टे को चाकू से काटकर उसे नीचे उतारा। साथ ही उसे जानकारी दी। जब वह घर पहुुंचा तो पत्नी ने बताया कि पुत्री कुछ देर पहले रनवीर के घर से आई थी।

बताया कि रनवीर उसकी पुत्री को आत्महत्या के लिए उकसाया करता था। पीड़ित पिता ने बताया कि इस पर जब वह रनवीर के घर पहुंचा तो रनवीर भाग गया था। जब उन्होंने रनवीर के पिता धारा सिंह से शिकायत की तो धारा सिंह, दिनेश सिंह व राजीव ने गाली गलौज कर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह पुत्री को इलाज के लिए सैफई अस्पताल ले गया।

पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर उन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी सुनीति ने बताया कि नाबालिग के साथ रेप जैसी घटना नहीं हुई थी। इसकी जानकारी सैफई के डॉक्टरों से हो गई थी। बताया कि नाबालिग ने आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिसको उसकी मां ने देख लिया था।

फांसी पर लटकने के चलते उसके गले की हड्डी टूट गई थी। ऐसे में कभी भी कुछ हो सकने के आसार बताए जा रहे थे। घटना में आरोपी बताए गए युवक की लगातार तलाश की जा रही है। मैनपुरी में रिश्तेदारी में भी तलाश की गई लेकिन वहां भी नहीं मिला। उसकी प्रदेश के बाहर भी तलाश की जा रही है। जल्द ही पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी।

इन पौधों को भूलकर भी न लगाएं घर में, बढ़ता है कर्ज..

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हम अपने घर को सजाने के लिए कई तरह के पेड़-पौधों को लगाते हैं। जिससे हमारा घर खूबसूरत दिखें, लेकिन कई बार जाने- अनजाने हम कुछ गलत पौधे भी अपने घर के अंदर लगा देते हैं। जिसका नकारात्मक प्रभाव सीधे घर और परिवार वालों के ऊपर पड़ता है। आइए जानते हैं उन पौधों के बारे में…

कैसे मिलेगी कर्ज से मुक्ति? जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

नागफनी का पौधा किसी भी घर या कार्यालय में नहीं लगाना चाहिए इसका प्रभाव बहुत गलत पड़ता है। इसके छोटे-छोटे कांटे आपके कर्ज को धीरे-धीरे बढ़ाने लगते हैं।

हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि ऐसे पौधों को अपने घर में नहीं लगाना चाहिए जिसमें कांटे और दूध निकलते हो। इसका असर आपके परिवार पर गलत पड़ता है।

इसके साथ ही माना जाता है कि बोनसाई को घर में रखने से सदस्यों की प्रगति में रूकावट आती है। रास्ते बंद हो जाते हैं। यह देखने में तो सुंदर लगते हैं लेकिन आपकी समृद्धि में बाधा डालते हैं।

पूरे 5 लाख की कार अब महज 40 हजार मे बड़ा धमाका ऑफर हुआ जारी..

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भारत के दिल्ली शहर में सेकंड हैण्ड कारों चलन काफी ज्यादा है क्यूंकि देश में हर तबके के लोग रहते हैं .जिस तरह अलोग नयी कार को लेना पसंद करते हैं ठीक उसी तरह पुरानी कार को भी खरीदना पसंद करते हैं .इस तरह उन्हें सस्ते दामों में अच्छी कारे व गाड़ियाँ मिल जाती हैं . सेकेंड हैंड कारों का बाज़ार भी काफी बड़ा है। सेकेंड हैंड कार ऐसे लोग खरीदना पसंद करते हैं जो कार सिखने के साथ-साथ ड्राइविंग की अच्छी प्रेक्टिस कर सकें या फिर वो लोग जिनका बज़ट कम है।

सूत्रों से पता चला है कि कई ऑनलाइन और ऑफलाइन ऐसी साईटे और बजारें हैं जहां 4-5 लाख के कीमत वाली कार महज 40 हजार में और 10 लाख के कीमत वाली कार 2-3 लाख रुपये में मिल रही है .आप भी अगर दिल्ली में रहते हैं और कोई सेकेंड हैंड कार लेने की सोच रहें हैं तो यह ख़बर आपके बड़े काम आने वाली है और साथ ही साथ यहां से आप अपनी मनपसंद कार को अच्छे से चेक और टेस्ट ड्राइव कर के देख और खरीद सकते हैं।

गौरतलब है कि अगर आपको इतनी सस्ती कार मिल रही है तो इन कारों का मॉडल 10-12 साल पुराना जरुर होगा। मगर इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि सेकेंड हैंड कार लेते वक्त कार के कंडीशन और इंजन को पूरी तरह से चेक कर लें। 5-6 लाख रुपये वाली कार आपको 1-2 लाख रुपये में ठीक-ठाक कंडीशन में मिल जाएगी। वहीं 8-10 लाख रुपये में आने वाली कारें जो कम चली हों वह आपको 4-6 लाख रुपये में मिल जाएगी।

उपराष्ट्रपति : भाजपा ने सबकुछ दिया, पीएम की दावेदारी को छोड़कर, क्योंकि मैं इसके लिए योग्य नहीं था

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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि साधारण परिवार से संबंधित होने के बाद भी भाजपा ने मुझे सबकुछ दिया। प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को छोड़कर, क्योंकि मैं इसके लिए योग्य नहीं था। रविवार को अपनी किताब ‘लिसनिंग, लर्निंग एंड लीडिंग’ के विमोचन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि मेरी इच्छा नानाजी देशमुख की तरह रचनात्मक कार्य करने की थी। जब उपराष्ट्रपति के लिए नाम का ऐलान हुआ तो मेरी आंखों में आंसू थे। क्योंकि मुझसे कहा गया था कि अब आप भाजपा दफ्तर नहीं जा पाएंगे और न ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा कर पाएंगे।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने का शनिवार को यह कहते हुए समर्थन किया कि यह वक्त की मांग है। नायडू ने कहा कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करना वक्त की मांग है… देश की सुरक्षा के लिए यह उसके हित में है। इस मौके पर मौजूद केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि विशेष दर्जे के हटने से आतंकवाद समाप्त होगा और इस क्षेत्र की तरक्की होगी।

बता दें कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र सरकार के फैसले से पहले दो अगस्त को जम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को रोक दिया था और तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को कश्मीर घाटी छोड़ने के लिए कहा था। इसके साथ ही घाटी में सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई थीं।

भिखारियों और कबाड़ियों के गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगाया

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जिले में बच्चा चोर गिरोह घुसने की अफवाहों से लोग सहमे हुए हैं। हर गांव व चौपाल में चोर गिरोह चर्चा का विषय बन चुका है। मामला इतना बढ़ गया है कि एसपी को सभी थाना इंचार्जों को एडवाइजरी तक जारी करनी पड़ी। इसके बावजूद लोगों में मन बैठा डर निकल नहीं रहा है। पांसरा गांव में ग्रामीणों ने भिखारी, कबाड़ियों व अन्य फेरी वालों के घुसने पर रोक लगा दी है। रविवार को इस संबंध में युवाओं की एक मीटिंग भी हुई। जिसमें युवाओं ने राय रखी। बैठक में फैसला लिया गया कि रात के वक्त ठीकरी पहरा भी दिया जाएगा। जिसमें 10 से 15 लोगों को शामिल किया गया है। इसी दौरान कुछ कबाड़ी वाले वहां से निकले तो युवाओं ने उन्हें गांव से बाहर चले जाने की हिदायत दी। वायरल विडियो से दहशत : गांव पांसरा निवासी रिंकू कंबोज, संदीप कंबोज, मुकेश कंबोज, सुभाष कंबोज, काला, मजनू व प्रवीन आदि ने बताया कि सोशल मीडिया पर बच्चा उठाने की वीडियो वायरल हो रही है। इसमें कितनी सच्चाई है, यह तो पता नहीं, लेकिन सावधानी के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में पुलिस प्रशासन को भी अवगत करवाया जाएगा ताकि इस तरह के लोगों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा गांव में ठीकरी पहरा भी शुरू कर दिया गया है।

हिंसक भीड़ का हिस्सा बनने से बचें : जिला पुलिस की तरफ से आमजन को एडवाइजरी जारी की है कि वे हिंसक भीड़ का हिस्सा ना बनें। क्योंकि बेकसूरों को पीटना क्राइम है और कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है। अगर कोई बेकसूर लोगों के साथ मारपीट करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले से अभी तक बच्चा चोरी का एक भी केस सामने नहीं आया है। इस लोग खुद भी जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।

छह घटनाएं हो चुकी हैं : जिले में बच्चा चोर समझ कर कई लोगों की पिटाई हो चुकी है। इस तरह के छह मामले सामने आ चुके हैं। इनमें बिलासपुर, जगाधरी और रादौर में दो-दो मामले आएं। इन सभी मामलों में हिंसक भीड़ ने बेकसूर लोगों की पिटाई कर डाली। पिटने वालों में अधिकतर मंदबुद्धि और भिखारी रहे। बुड़िया में तो भीड़ ने दिव्यांग भिखारी को भी नहीं बख्शा।
यह रखे सावधानियां
1. सोशल मीडिया पर आए मैसेज के आधार पर अफवाहों से भयग्रस्त न हो, न ही इन्हें प्रसारित करें।
2. आसपास संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, अफवाह न फैलाएं।
3. हिंसक भीड़ का हिस्सा न बनें, किसी बेकसूर की पिटाई होने से रोके।
4. घरों पर कोई भी अजनबी व्यक्ति को जैसे कोई सामग्री बेचने वाला आदि को अंदर न आने दें।
5. स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे चालू हों व गेट पर सुरक्षा के इंतजाम हों।
6. बच्चों को यह भी समझाए कि कोई अनजान व्यक्ति कुछ खाने पीने की चीजें दे तो वह उसे न लें।
कौन हैं हिंसक भीड़ का हिस्सा : अशिक्षित, बेरोजगार युवक जो गांवों व बस्तियों में दिन भर खाली बैठे रहते हैं, वे इस तरह का शोर मचा रहे हैं। इसे पुलिस द्वारा चोर का शोर मचाकर पीटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से रोका जा सकता है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह की रोकथाम और इस तरह के मामलों में पीड़ित के बारे में लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से सही जानकारी देकर अफवाह को रोक सकते हैं।
अभी तक जिले में बच्चा चोरी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर केवल कोरी अफवाह फैल रही है। इस तरह के मैसेज को अनदेखा करें। उन्हें फॉरवर्ड न करें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। इसके लिए अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए आरडब्ल्यूए व पंचायत सदस्यों की मदद से लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा।

नितिन गडकरी : वित्त मंत्री से कहा था आरबीआई गवर्नर को हटा दें…

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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एक बार वित्त मंत्री से कहा था कि आरबीआई गवर्नर अच्छे नहीं हैं और उन्हें हटा देना चाहिए। उन्होंने यह किस्सा नागपुर के दो अलग-अलग कार्यक्रमों में सुनाया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे सख्त नियामकों के कारण देश की व्यापार उन्नति रुक गई है। एनडीए की पहली सरकार के दौरान अरुण जेटली और पीयूष गोयल ने वित्त मंत्री का पदभार संभाला था। उस दौरान रघुराम राजन और उर्जित पटेल आरबीआई के गवर्नर थे। रघुराम राजन को जहां दूसरा कार्यकाल नहीं मिला। वहीं उर्जित पटेल ने बिना अपना कार्यकाल पूरा किए पद से इस्तीफा दे दिया था। गडकरी ने अपने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया और केवल वित्त मंत्री और आरबीआई गवर्नर कहा। गडकरी ने कहा, ‘मैंने गवर्नर को समझाने की बहुत कोशिश की (नरमी दिखाने के लिए) लेकिन वह अड़े रहे। बाद में मैंने वित्त मंत्री ने मुझे बताया कि उन्होंने (गवर्नर ने) इस्तीफा देने की धमकी दी है लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।’

गडकरी ने आगे बताया, ‘मैंने वित्त मंत्री से कहा कि अगर वह अभी पद नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें बाहर कर दीजिए, वह किसी काम के नहीं हैं।’ एक अन्य कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि यह सेक्टर (बैंकिंग) वर्तमान आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास से सकारात्मक दृष्टिकोण की उम्मीद कर सकता है।

बकरीद की तैयारियों के बीच हिंसा में, 40 की मौत 260 घायल…

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अदन , बकरीद की तैयारियों के बीच इस सप्ताह भड़की ताजा हिंसा में अब तक कम से कम 40 नागरिक मारे जा चुके हैं तथा 260 अन्य घायल हुए हैं। जब पूरे विश्व में मुसलमान जब अपने सबसे पवित्र त्योहारों में से एक ईद अल अजहा ;बकरीद मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं तो मुस्लिम बहुल यमन के लोग हिंसा में जुटे हुए हैं। यमन में संयुक्त राष्ट्र के आवासीय समन्वयक लिजे गरांदे ने रविवार को जारी बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गयाकि गत आठ अगस्त के बाद से यमन की राजधानी एवं बंदरगाह शहर अदन में भड़की हिंसा में कई नागरिक मारे जा चुके हैं और घायल हुए हैं।

प्रारंभिक रिपोर्टाें के मुताबिक कम से कम 40 लोग मारे गये तथा 260 अन्य घायल हैं। अदन में बुधवार को तब हिंसा शुरू हुई जब राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों तथा दक्षिणी ट्रांजिशनल काउंसिल के अलगाववादियों के बीच संघर्ष शुरू हुआ।

इस तनाव के कारण अबतक कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। सुश्री गरांडे ने कहाकि यह दिल तोड़ने वाली बात है कि ईद अल.अजहा के दौरान कई परिवार शांति और सद्भाव में एक साथ जश्न मनाने के बजाय अपने प्रियजनों की मृत्यु का शोक मना रहे हैं। हम उन लोगों के परिवारों के लिए अपनी सच्ची संवेदना प्रकट करते हैं जिनके परिजन इस दौरान हताहत हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में कम से कम 34 मानवीय संगठन अदन में काम कर रहे हैं। मानवीय कार्यकर्ता 10 लाख 90 हजार लोगों के लिए भोजन सहायता और प्रत्येक माह 16 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित पानी तक पहुंच प्रदान करने में मदद कर रहे हैं।
इससे पहले रविवार कोए अलगाववादियों ने कथित तौर पर अदन में संघर्ष विराम में शामिल होने के लिए सहमति व्यक्त की और शहर में उनके नियंत्रण वाले क्षेत्र से वापसी शुरू कर दी।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘मुझे उपराष्ट्रपति नायडू से एक शिकायत है’

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को यहां कहा कि उन्हें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) से एक “छोटी सी शिकायत” है कि वो (नायडू) सत्ता पक्ष के लोगों से कुछ ज्यादा सख्ती से पेश आते हैं. उपराष्ट्रपति के रूप में नायडू के दो साल के (अब तक के) कार्यकाल पर आधारित उनकी पुस्तक ‘लिस्निंग, लर्निंग एंड लीडिंग’ के विमोचन के मौके पर यहां एक कार्यंक्रम में मौजूद शाह ने यह कहा. गृह मंत्री ने ये भी कहा कि उनका दृढ़ता से यह मानना था कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाया जाना चाहिए क्योंकि इससे देश को कोई फायदा नहीं था, उन्होंने आगे कहा, “मैं दृढ़ था कि अनुच्छेद 370 हटाया जाना चाहिए…अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर में आतंकवाद खत्म होगा और वह विकास के पथ पर अग्रसर होगा,”

खाली पेट भूलकर भी न खाएं ये चीजें, करती हैं नुकसान..

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अनियमित जीवनशैली और खानपान का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है. सेहतमंद रहने के लिए हरी साग सब्जियों और खाने में प्रोटीन युक्त डाइट का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. हालांकि खाने के सही समय का भी आपकी सेहत से गहरा संबंध होता है. कई बार काम निपटाने के चक्कर में हर खाने के ठीक समय को भूल जाते हैं. उस समय भले ही एहसास नहीं होता है लेकिन आगे जाकर अनियमित खानपान की यह आदत हमारी सेहत को बुरी तरह से प्रभावित करती है. आइए जानते हैं कि खाली पेट किन खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करना चाहिए…

टमाटर का सेवन काफी लाभकारी होता है. लेकिन अगर आप खाली पेट टमाटर खाते हैं तो यह आपके लिए बेहद नुकसानदेह भी साबित हो सकता है. इसमें पाया जाने वाला साइट्रस एसिड पेट में गैस्ट्रोइंटस्टानइल एसिड के साथ रिएक्शन कर पेट में गैस, दर्द और चेस्ट पेन का कारण बनता है.

कई लोग ताकत और एनर्जी के लिए मॉर्निंग ब्रेकफास्ट में केला और दूध या बनाना शेक लेना पसंद करते हैं. लेकिन खाली पेट केले और दूध का सेवन करना बेहद नुकसानदेह है. दरअसल, केले और दूध दोनों में मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है. इसलिए दोनों एक साथ लेने से मैग्नीशियम का स्तर काफी बढ़ जाता है. जिस वजह से अपच पेट में गैस बनना और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. इसे भी

सेहत के लिए शकरकंद काफी अच्छा माना जाता है. लेकिन अगर आप इसे खाली पेट खाने की गलती करेंगे तो इससे काफी नुकसान भी हो सकता है. करकंद में टैनीन और पैक्टीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. अगर आप खाली पेट शकरकंद का सेवन करेंगे तो आपको पेट में गैस की समस्या, सीने में जलन की शिकायत हो सकती है.