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दिखने वाली मामूली सी फिटकरी के है नायाब फायदें, जानकर हैरान रह जाएंगें आप

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एक रंगहीन, क्रिस्टलीय पदार्थ हैं। साधारण फिटकरी का रासायनिक नाम ‘पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेट’ (KAl(SO4)2.12H2O) होता हैं। (AB(SO4)2.12H2O) इम्पीरिकल सूत्र वाले सामान्य यौगिकों को ‘एलम’ (Alums) नाम से जाना जाता है।
दोस्तो फिटकरी में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। आयुर्वेद में फिटकरी के कई फायदों का उल्लेख किया गया है। ऐसा माना जाता है कि फिटकरी से कई तरह की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। दोस्तो आज हम आपको हमारी इस पोस्ट से फिटकरी के नायाब फायदों के बारें में बताने जा रहे है।
1. चोट लग जाने पर
दोस्तो अगर आपको कोई चोट लग गई हो या फिर घाव हो गया हो और उससे लगातार खून आ रहा हो तो फिटकरी के पानी से घाव को धो लें। इससे खून बहना बंद हो जाएगा। फिटकरी के पानी की जगह आप फिटकरी को महीन पीसकर भी प्रयोग में ला सकते हैं।
2. चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में मददगार
दोस्तो अगर आपके चेहरे पर भी झुर्रियां आ गई हैं तो फिटकरी के पानी का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। आप चाहें तो फिटकरी के एक बड़े टुकड़े को पानी में डुबोकर चेहरे पर हल्के हाथों से मलेंं। कुछ देर बाद साफ पानी से चेहरा धो लें।
3. पसीने की बदबू दूर करने के लिए
दोस्तो अगर आपको भी बहुत पसीना आता है और आपके पसीने से बदबू भी आती है तो फिटकरी का इस्तेमाल आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा। फिटकरी का एक महीन चूर्ण बना लें। नहाने से पहले फिटकरी के इस चूर्ण की कुछ मात्रा पानी में डाल दें। इस पानी से नहाने से आपकी ये समस्या दूर हो जाएगीं
4. दमा, खांसी और बलगम की समस्या का समाधान
दोस्तो अगर आपको दमा की शि‍कायत है तो फिटकरी आपकी इस समस्या का रामबाण इलाज है। फिटकरी के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में फायदा होता है।
5. सिर की गंदगी और जुंओं को मारने का घरेलू उपाय
दोस्तो अगर आपके सिर में जुंएं पड़ गई हैं तो फिटकरी के पानी से बाल धोना फायदेमंद रहेगां इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण के चलते जुंएं मर जाते हैं और सिर की दूसरी गंदगी भी धुल जाती है.

इंटरनेट पर रातों-रात छा गया Video, बुजुर्ग महिला ने गाया लता मंगेशकर का ये सुपरहिट गाना

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कई बार देश में इस तरह का टैलेंट देखने को मिल जाता है जो लोगों को काफी ज्यादा पसंद आता है। इस समय एक गरीब बूढ़ी औरत का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो लता मंगेशकर का एक गाना ‘इक प्यार का नगमा है’ गाती हुई नजर आ रही है। बता दें कि इस महिला ने इतनी शानदार आवाज में ये गाना गाया है कि लोग इसको काफी पसंद कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद इसको काफी पसंद किया जा रहा है।

इस गाने की बात की जाए तो ये फिल्म शोर में फिल्माया गया था जो कि 1972 में रिलीज हुई थी। फेसबुक पर शेयर होने के बाद इस वीडियो को वायरल होने में ज्यादा समय नहीं लगा।

इसे अब तक 17 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और 38,000 से अधिक बार शेयर किया गया है। साथ ही वीडियो को 40 हजार से अधिक लाइक्स भी मिले हैं। बता दें कि ऐसा कई बार होता है कि कुछ वीडियोज देखते ही देखते ट्रेडिंग बन जाते हैं और लोग फेमस हो जाते हैं।

लोग इस वीडियो को देखने के बाद काफी तारीफ कर रहे हैं और यहां तक कह रहे हैं कि ये महिला सिंगर्स से भी ज्यादा अच्छा गा रही है। आप सुनिए इस महिला का ये शानदार गाना…

रिपोर्ट : एक साल में कांग्रेस की 15 फीसदी घटी, भाजपा की संपत्ति में 22 फीसदी की बढ़त

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भाजपा की कुल संपत्ति, जो वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान 1213.13 करोड़ रुपये थी, वो 2017-18 के वित्त वर्ष में 22 प्रतिशत बढ़कर 1483.35 करोड़ रुपये हो गई है. बुधवार को जारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई.

इस रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2016-17 से 2017-18 के बीच सात राष्ट्रीय दलों (भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी, बसपा, भाकपा, माकपा और टीएमसी) द्वारा घोषित संपत्तियों, देनदारियों और पूंजी का विश्लेषण किया गया है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016-17 के दौरान सात राष्ट्रीय दलों की कुल औसत संपत्ति 465.83 करोड़ रुपये थी, जो 2017-18 में बढ़कर 493.81 करोड़ रुपये हो गई. इनमें से सबसे ज्यादा 22 फीसदी बढ़ोतरी भाजपा की संपत्ति में हुई है.

2016-17 में पार्टी की कुल संपत्ति 1213.13 करोड़ रुपये थी, वो अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 1483.35 करोड़ रुपये हो गई. वहीं, देश के सबसे पुराने राष्ट्रीय दल कांग्रेस की संपत्ति में 15.26 फीसदी की गिरावट आई है.

2016-17 में 854 करोड़ संपत्ति वाली कांग्रेस की संपत्ति 2017-18 में घटकर 724 करोड़ रुपए हो गई. कांग्रेस के अलावा एनसीपी की संपत्ति भी इस दौरान कम हुई है. वित्तीय वर्ष 2016-17 में 11.41 करोड़ रुपये की संपत्ति 16.39 प्रतिशत घटकर 9.54 करोड़ रुपये हो गई है.

इसके अलावा पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की संपत्ति में दस फीसदी की बढ़त हुई है. 2016-17 वित्त वर्ष के दौरान पार्टी की कुल संपत्ति 26.25 करोड़ रुपये थी, जो अगले वित्तीय वर्ष में 29.10 करोड़ रुपये हो गई है.

इसके अलावा बसपा की संपत्ति में भी बढ़ोतरी हुई है. 2016-17 में यह 680.63 करोड़ रुपये थी, जो 2017-18 बढ़कर 716.72 करोड़ रुपये हो गई है. माकपा की संपत्ति में भी बढ़त हुई है, 2016-17 के 463.76 करोड़ रुपये से बढ़कर पार्टी की कुल संपत्ति 482.1 करोड़ रुपये हो गई.

इस बीच भाकपा की संपत्ति भी साल 2016-17 के 10.88 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 11.49 करोड़ रुपये हो गई है.

इसके अलावा एडीआर ने इन राष्ट्रीय दलों की देनदारियां (लायबिलिटीज़) भी बताई हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय दलों द्वारा घोषित देनदारियां कुल 514.99 करोड़ रुपये थीं, जिसका प्रति दल औसत 73.57 करोड़ रुपये है.

वित्त वर्ष 2017-18 में सबसे अधिक देनदारी कांग्रेस ने घोषित की है, जो 324.20 करोड़ रुपये है. इसके बाद भाजपा ने 21.38 करोड़ रुपये और टीएमसी ने 10.65 करोड़ रुपये की देनदारी अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में दिखाई है.

वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान चार राष्ट्रीय दलों ने अपनी देनदारियों में कमी के बारे में बताया है. इसमें कांग्रेस ने 137.53 करोड़ रुपये, माकपा ने 3.02 करोड़ रुपये, एनसीपी ने 1.34 करोड़ रुपये और टीएमसी ने 55 लाख रुपये की कमी देनदारियों में घोषित की है.

वहीं, भाजपा, भाकपा और बसपा ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अपने देनदारियों की राशि में वृद्धि घोषित की है.

इसके अलावा रिपोर्ट में राष्ट्रीय दलों की पूंजी (कैपिटल) के बारे में भी बताया गया है. 2016-17 में राष्ट्रीय दलों की कैपिटल राशि कुल 2745.81 करोड़ रुपये थी, जो 2017-18 में बढ़कर 3082.04 करोड़ रुपये हो गई.

वित्त वर्ष 2017-18 में भाजपा ने सबसे अधिक 1461.97 करोड़ रुपये की पूंजी घोषित की. उसके बाद बसपा ने 714.97 करोड़ रुपये और माकपा ने 479.58 करोड़ रुपये की पूंजी की घोषणा की.

इसी वित्त वर्ष के दौरान सबसे कम पूंजी भाकपा ने- 1.43 करोड़ रुपये और एनसीपी ने 5.86 करोड़ रुपये घोषित की.

एक झटके में इतनी बढ़ गई सैलेरी , बीजेपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा

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सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार संशोधित मकान किराया भत्ता (एचआरए) 1 अगस्त से लागू करने के आदेश दिया है। हरियाणा राज्य के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सीएम मनोहर लाल खट्टर की घोषणा की अनुपालना के तहत यह आदेश जारी किया है। अब कर्मचारियों को शहरों की आबादी के अनुसार बेसिक सैलरी का 8, 16 और 24 प्रतिशत किराया भत्ता दिया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि साल 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य के अलग-अलग शहरों और कस्बों में तैनात राज्य सरकार के कर्मचारियों को संशोधित मकान किराया भत्ता दिया जाएगा। इस बदलाव के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों को 1190 रुपये से लेकर 6 हजार रुपये तक का फायदा होगा। सरकार ने आबादी के हिसाब से एचआरए की न्यूनतम राशि भी तय की है। एचआरए में संशोधन होने के बाद प्रदेश सरकार के करीब तीन लाख कर्मचारी व अधिकारियों को फायदा होगा।

नए बदलाव के तहत 50 लाख या इससे ज्यादा आबादी वाले शहरों को एक्स श्रेणी में रखा गया है। ऐसे शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों को 24 प्रतिशत या न्यूनतम 5400 रुपये एचआरए दिया जाएगा।इसी तरह 5 लाख या इससे अधिक या 50 लाख से कम आबादी वाले शहरों को वाई श्रेणी में रखा जाएगा।ऐसे शहरों में तैनात कर्मचारियों को 16 प्रतिशत या न्यूनतम 3600 रुपये मकान किराया भत्ता दिया जाएगा। तीसरी और अंतिम श्रेणी जेड है, इसके अंतर्गत 5 लाख या इससे कम आबादी वाले शहरों को कवर किया जाएगा। इन शहरों में पोस्टेड राज्य सरकार के कर्मचारियों को 8 प्रतिशत या न्यूनतम 1800 रुपये एचआरए दिया जाएगा। ट्राइसिटी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली को एक यूनिट माना गया है और इन्हें वाई श्रेणी में रखा गया है। मकान किराया भत्ते में बदलाव से राज्य सरकार का हर साल 1920 करोड़ रुपये का खर्च बढ़ जाएगा।

यहां भगवान शिव से करते हैं हठ, मन्नत पूरी होने तक भक्त देते हैं धरना

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जामताड़ा के देवलेश्वर धाम में मन्नत पूरा होने तक भक्त धरना देते हैं. इसलिए इसे हठ योग का प्रतिष्ठित स्थल माना जाता है. यहां भक्त फलाहार कर अपनी सेवा देते हैं. किसी पर तो एक- दो दिन में ही बाबा प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन किसी- किसी को वर्षों तक कठोर तप करना पड़ता है. ऐसे तपस्वियों का ध्यान तीर्थ पुरोहित रखते हैं. यहां असाध्य से असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं. इससे देवलेश्वर धाम पर आस्था और विश्वास का केन्द्र बन गया है. 

धरना देकर हर मन्नतें पूरी करवाते हैं भक्त

तीर्थ पुरोहित बासुदेव झा कहते हैं कि देवल मुनि की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव कामना लिंग के रूप में यहां स्थापित हुए. यहां प्राचीन काल से श्रद्धालु धरना देते आ रहे हैं. वे फलाहार कर ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करते हैं. ऐसे हठयोगी भक्तों की यहां हर मनोकामना पूरी होती है.

सालों से भक्त दे रहे धरना

 देवलेश्वर धाम जामताड़ा शहर से 35 किलोमीटर दूर नाला इलाके में स्थित है. सावन के महीने में यहां भक्तों की विशेष भीड़ लगती है. यहां इनदिनों आठ महिला और दो पुरुष धरना (हठयोग) दे रहे हैं. मानसिक रूप से बीमार सोनी कुमारी पांच वर्ष से यहां शिव की आराधना में जुटी है. वह इस बीमारी से छुठकारा पाने के लिए महादेव से हठ कर रखी है.

पिछले 6 वर्षों से परिजनों से अलग चिंतामणी मंडल यहां घोर तप कर रहे हैं. न्यूज-18 की टीम ने जब उनसे उनके तप के बार में पूछा तो उन्होंने रुआंसे स्वर बताया कि 6 साल से बाबा के पास हूं. इस दौरान बाबा ने कैंसर के कई रोगियों को जीवनदान दिया है. हमें भी बाबा के कृपा का इंतजार है. 

बता दें कि झारखंड में संथाल परगना की धरती पर एक तरफ देवघर में बाबा बैद्यनाथ और दुमका में बाबा बासुकीनाथ विराजते हैं, तो दूसरी तरफ जामताड़ा में देवलेश्वर महादेव स्थापित हैं. ये तीनों ही केन्द्र आस्था के बड़े केन्द्र हैं.

Dia Mirza के बाद इस कपल का हुआ तलाक, फिर भी साथ किया काम

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हाल ही में अभिनेत्री दिया मिर्जा ने सोशल एकाउंट के जरिए अपनी 11 साल पुरानी शादी टूटने की जानकारी दी है. उन्होंने बड़ी सहजता से इस खबर को शेयर किया है लेकिन अचानक आई ये खबर फैंस के लिए हैरान कर देने वाली थी. वहीं दिया के बाद अब एक और सेलेब्रिटी कपल की शादी टूटने की खबरें आ रही हैं. खास बात है कि ये रिश्ता काफी पहले ही टूट गया था लेकिन इस कपल ने तलाक पर अब खुलकर बात की है. यही नहीं रिश्ता टूटने के बाद भी ये दोनों एक साथ फिल्म करते भी दिखाई दिए हैं.

एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो कंगना रनौत की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ की राइटर कनिका ढिल्लन और फिल्म के डायरेक्टर प्रकाश कोवेलामुडी ने अलग होने का फैसला कर लिया है. इस वेबसाइट ने कनिका से बातचीत का भी दावा किया है. वेबसाइट की रिपोर्ट में कनिका ने इस बात को कन्फर्म भी किया है कि वो और प्रकाश अलग हो चुके हैं.

कनिका ने बताया कि सबकुछ 2 साल पहले ही तय हो गया था. इसके बाद ही ‘जजमेंटल है क्या’ बननी शुरू हुई. वहीं दूसरी तरफ प्रकाश ने भी तलाक पर बात की है. उन्होंने कहा, ‘मेरा सोशल सर्किल हैदराबाद में है इसलिए मैं हैदराबाद शिफ्ट हो गया और कनिका मुंबई आ गई. हालांकि इन सब चीज़ों से कोई फर्क नहीं पड़ता है. मायने रखती है दोस्ती, हम दोनों अब भी अच्छे दोस्त हैं. हमने ‘जजमैंटल है क्या’ में साथ काम किया और बहुत अच्छा काम किया. अगर आगे भी ऐसा कोई प्रोजेक्ट मिला तो भी हम साथ में काम करेंगे’.

बता दें कि आज यानी 1 अगस्त को दिया मिर्जा ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा ‘बीते 11 साल से हम लोग एक दूसरे के साथ थे. हम सहमति से अलग होने का फैसला ले रहे हैं. हम लोग अच्‍छे दोस्‍त रहेंगे और एक दूसरे को सपोर्ट करते रहेंगे. हम अपनी फैमिली और दोस्‍तों के आभारी हैं कि उन्‍होंने हमारी भावनाओं को समझा और हमारे फैसले का समर्थन किया. हम दोनों इस मसले पर अब कोई भी कमेंट या बातचीत नहीं करेंगे. धन्‍यवाद’.

अंडा खाने का यह है सबसे अच्छा तरीका, इसी तरह अपने बच्चें को खिलाए अंडा

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अण्डा गोल या अण्डाकार जीवित वस्तु है जो बहुत से प्राणियों के मादा द्वारा पैदा की जाती है। अधिकांश जानवरों के अंडों के ऊपर एक कठोर आवरण होता है जो अण्डे की सुरक्षा करता है। यद्यपि अण्डा जीवधारियों द्वारा अपनी संताने पैदा करने का मार्ग है, किन्तु अण्डा खाने के काम भी आता है। पोषक तत्वों की दृष्टि से इसमें प्रोटीन एवं चोलाइन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं।
दोस्तो अंडे में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट की मात्रा ज्यादा होती है। हम आपको बता दें कि अंडों में मौजूद पोषक तत्व शरीर को कैसे फायादा पहुंचाते हें यह इसके प्रयोग के तरीकों पर भी निर्भर करता है। दोस्तो आज हम आपको बताते हैं कि अंडे को किस तरह खाने से आपकी सेहत को ज्यादा फायदा होगा। दोस्तों अगर आप कच्‍चा अंडा खाते हैं तो जान लें कि कच्चे अंडों में कई तरह के बैक्टीरिया हो सकते हैं जो आपके शरीर में पहुंच कर उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। बता दे कि कच्चे अंडे को खाने से अंडे में मौजूद कुल प्रोटीन का सिर्फ 51% आप अवशोषित करते हैं जबकि पकाकर खाने पर आपके शरीर को 91% तक प्रोटीन मिलता है। इसलिए अंडे को हमेशा पकाकर ही खाना चाहिए।
दोस्तों हमेशा उबले हुए या अंडे का ऑमलेट बना कर खाएं। इनमें कैलोरी की मात्रा कम होती है और पौष्टिक तत्व ज्यादा होते हैं।

अब जानवर की कोख से पैदा होगा इंसान

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अब तक कुदरत से खिलवाड़ के नाम पर दुनिया के कई देशों ने इस तरह के प्रोजेक्ट पर बैन लगाया हुआ था. जिसके बाद जानवर की कोख से इंसान के पैदा लेने के प्रोजेक्ट रोक दिए गए थे. लेकिन जापान ने पिछले दिनों अपने वैज्ञानिकों को इसकी अनुमति दे दी है.

साइंस ने हाल के दिनों में खासी तरक्की की है. इतनी तरक्की कि वो अब प्रकृति के कई नियमों को चुनौती दे रही है. उसे उलटकर रख देने पर आमादा है. कुदरत की प्रक्रिया में हस्तक्षेप तो हो ही रहा है, साइंस अब सीधे-सीधे उससे खिलवाड़ पर उतर आया है. क्या आप यकीन करेंगे कि आने वाले वक्त में जानवर की कोख से इंसान पैदा ले सकेगा. जी हां ये मुमकिन है और जापान इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है.

अब तक कुदरत से खिलवाड़ के नाम पर दुनिया के कई देशों ने इस तरह के प्रोजेक्ट पर बैन लगाया हुआ था. प्रकृति की स्वाभाविक प्रक्रिया से छेड़छाड़ ठीक नहीं है और इसकी आशंका कई वैज्ञानिकों ने भी जताई थी. जिसके बाद जानवर की कोख से इंसान के पैदा लेने के प्रोजेक्ट रोक दिए गए थे. लेकिन जापान ने पिछले दिनों अपने वैज्ञानिकों को इसकी अनुमति दे दी है.

जापान के साइंटिस्ट एक बार फिर से कुदरती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए जानवर की कोख से इंसान के जन्म लेने के प्रोजेक्ट पर जुट गए हैं. ये साइंस का सबसे बड़ा कारनामा बनने जा रहा है.

जापान ने स्टेम सेल रिसर्च को दी हरी झंडी जापान शुरुआती तौर पर इस प्रोजेक्ट के तहत जानवर के गर्भाशय से मानव अंग उगाने वाला है. जापान ने हाल ही में स्टेम सेल रिसर्च को अनुमति दे दी है. जिसके बाद मानव और जानवर के हाइब्रिड को गर्भाशय में उगाने का काम शुरू हो गया है. कई चरणों में इस प्रोजक्ट को पूरा किया जाएगा. जापान के साइंटिस्ट ने इसका खाका भी तैयार कर लिया है, कि कैसे इस प्रोजेक्ट को अंजाम देना है.

शुरुआती तौर पर इसमें चूहे के गर्भाशय में ह्यूमन सेल्स डेवलप किए जाएंगे. इसके बाद के चरण में जानवर की कोख में सेरोगेसी की संभावना देखी जाएगी. यानी इंसान के भ्रूण को जानवर के गर्भाशय में डेवलप करने की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा.

सेरोगेसी बड़ी ही कॉमन प्रक्रिया है. इसमें अगर किसी महिला को गर्भाशय का संक्रमण होता है. उसे बार-बार गर्भपात होता है तो ऐसे मामलों में किसी दूसरी महिला के गर्भाशय में मानव भ्रूण को विकसित किया जाता है. इसकी प्रक्रिया बड़ी नॉर्मल होती है और ऐसे कई मशहूर सेलिब्रेटी हुए हैं, जिन्होंने इस विधि से संतान हासिल की है.

इस विधि में माता-पिता के शुक्राणु का मेल परखनली विधि से करवा कर भ्रूण को सेरोगेट मदर (किराए की कोख वाली महिला) के गर्भाशय में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है. इस प्रक्रिया में बच्चे का जेनेटिक संबंध माता-पिता से ही होता है, बस भ्रूण का विकास और उसका जन्म किराए की कोख वाली महिला के जरिए होता है.

इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए अब मानव भ्रूण का विकास किसी जानवर के गर्भाशय में करने की तैयारी चल रही है. यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो में इस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो गया है.

जापान के मशहूर जेनेटिसिस्ट हिरोमित्सू नकॉची ने इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया है. पहले पहल जानवर के गर्भाशय में मानव अंगों को उगाने की प्रक्रिया पर काम होगा, जिसे किसी जरूरतमंद इंसान को प्रत्यारोपित किया जा सके.

इस प्रोजेक्ट में सबसे खतरनाक बात ये है कि ये इसका अगला चरण अपने मकसद से भटक सकता है. अगर ये प्रोजेक्ट कामयाब हो गया तो फिर संभव है कि आने वाले वक्त में एक ऐसा जीव अस्तित्व में आ जाए जो आधा इंसान और आधा जानवर हो.

इसी खतरे को देखते हुए दुनिया के कई देशों ने इस तरह के प्रोजेक्ट रोक दिए. ऐसे प्रोजेक्ट को आर्थिक सहायता देनी बंद कर दी. जापान में भी इस तरह के प्रयोग में सिर्फ 14 दिन का एक्सपेरिमेंट करके इसे रोक दिया गया. लेकिन इसी साल मार्च में जापान ने इस तरह के प्रयोग को अनुमति दे दी. एजुकेशन और साइंस मिनिस्ट्री ने इस बारे में गाइडलाइंस जारी की है.

हिरोमित्सू नकॉची इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि हम जानवर के गर्भाशय में अचानक से मानव अंग नहीं उगा लेंगे. हम धीरे-धीरे उस चरण तक पहुंचेंगे. हमारा एडवांस रिसर्च हमें उस जगह तक ले जाएगा. उनका प्लान है कि इस प्रोसेस को धीरे-धीरे अंजाम दिया जाए. पहले जानवरों के हाइब्रिड गर्भाशय उगाने पर काम होगा.

इस प्रोजेक्ट को लेकर साइंटिस्ट सशंकित हैं. कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दिशा में बहुत सोच समझकर आगे बढ़ना चाहिए. कुछ साइंटिस्ट ने कहा है कि इसमें घबराने जैसी कोई चीज नहीं है. धीरे-धीरे इस प्रोजेक्ट के बार में जनता को बताया जाएगा.

भारतीय जवानों से मिले विकी कौशल, सेना के लिए बनाई रोटी…

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बॉलीवुड में भारत के जांबाज जवानों पर कई फिल्में बनी हैं. किसी बॉलीवुड स्टार के लिए एक सिपाही का किरदार निभाना किसी हीरो की लाइफ जीने से कम नहीं होता. ऐेसे अभिनेताओं की लिस्ट में अक्षय कुमार, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे अभिनेता शामिल हैं. वहीं इस साल की शुरुआत में ही एक नए अभिनेता का नाम जुड़ गया है. जिन्हें आर्मी जवान के रोल में काफी पसंद भी किया गया है. हम बात कर रहे हैं अभिनेता विकी कौशल की. फिल्म उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब विकी कौशल को देश के असली हीरो यानी आर्मी जवानों के साथ समय बिताने का मौका मिला.

विक्की कौशल को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सीमा पर भारतीय सेना के समय बिताने का मौका मिला. उन्होंने न सिर्फ जवानों के साथ मुलाकात की बल्कि उन्होंने सेना के लिए कुछ ऐसा काम किया कि सभी हैरान रह गए.

विकी कौशल ने सेना के जवानों के लिए रोटी बनाई हैं. खास बात ये है कि ये उनके जीवन की पहली रोटी है जो उन्होंने सेना के लिए बनाई. ये बात उन्होंने खुद अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर शेयर की है. इसके साथ ही उन्होंने अपनी पहली रोटी की तस्वीरें भी शेयर की हैं.

विक्की कौशल ने अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा- अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सीमा पर 14,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात हमारी भारतीय सेना के साथ कुछ दिन बिताने का मौका पाकर काफी खुश हूं. जय जवान, जय किसान. वहीं उन्होंने रोटी बनाते हुए तस्वीरों के साथ लिखा मैंने अपनी जिंदगी की पहली रोटी जो बनाई है वो भारतीय सेना के लिए है.

बता दें कि उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब विकी, मेघना गुलजार की फिल्म सैम फिल्म में नजर आएंगे. ये फिल्म फर्स्ट फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के जीवन पर आधारित होगी. ये फिल्म 2021 में फ्लोर पर आएगी.

मध्‍यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी, ‘मिलावटखोर राज्य छोड़ दें, नहीं तो…’

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 मध्य प्रदेश के मंदसौर में प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मिले 6 क्विंटल दूषित मावे को लेकर मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने मिलावटखोरों को सीधी चेतावनी दी है. मंत्री तुलसी सिलावट ने मिलावटखोरों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि, ‘मिलावटखोर मध्य प्रदेश को छोड़ दें, वरना मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार किसी को नहीं बख्शेगी और आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी.’

मध्य प्रदेश के कई इलाकों में डेयरी और खाद्य प्रोडक्ट्स में चल रहे मिलावट के धंधे पर निशाना साधते हुए मंत्री तुलसी सिलावट ने मिलावटखोरों की जानकारी देने वालों को 11 हजार का नकद ईनाम देने की घोषणा भी की है. साथ ही उन्होंने मिलावट करने वालों की जानकारी देने वालों का नाम गुप्त रखने का भी आश्वासन दिया है. इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टर को निर्देश भी दे दिए हैं.

वहीं उन्होंने अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर किसी भी अफसर का नाम खाने में मिलावट करने वाले व्यापारियों से सांठ-गांठ करने के मामले में सामने आया तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बता दें मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने यह सब बातें उस दौरान कहीं जब वह इंदौर के पीसी सेठी अस्पताल से दौरे पर पहुंचे थे. यहां पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री ने ,अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इमरजेंसी सेवाओं SNCU और PICU का शुभारंभ किया. इस दौरान उनके साथ हेल्थ कमिश्नर नीतेश व्यास भी मौजूद रहे.

बता दें बीते गुरुवार को मंदसौर में प्रशासन और खाद्य विभाग कि संयुक्त कार्रवाई में 600 किलो दूषित मावा जब्त किया गया था, जिसे शुक्रवार की सुबह नष्ट किया गया. मिली जानकारी के मुताबिक जो मावा जब्त किया गया था वह करीब 4 से 5 महीने पुराना था. ऐसे में खाद्य विभाग ने आशंका जाहिर की है कि इस मावे का इस्तेमाल राखी के त्योहार के दौरान मिठाई बनाने के लिए किया जाना था.