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“दुनिया में होने जा रहा बड़ा युद्ध… अरबपति एलन मस्‍क ने दी परमाणु जंग की चेतावनी, जानें कहां पर मंडरा रहा खतरा”

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टेस्‍ला और एक्‍स के मालिक अरबपति एलन मस्‍क लगातार भविष्‍य को लेकर दुनिया को आगाह कर रहे हैं। जनसंख्‍या में कमी हो या एआई का इस्‍तेमाल, एलन मस्‍क ने मानवता को सचेत किया है।

एलन मस्‍क ने अब चेतावनी दी है कि अगले 5 से 10 साल में दुनिया में एक बड़ा युद्ध छिड़ सकता है। यह परमाणु युद्ध भी हो सकता है। एक्‍स पर लिखे एक पोस्‍ट में एलन मस्‍क ने कहा कि जल्‍द ही दुनिया एक वैश्विक संघर्ष में फंस सकती है। ट्रंप सरकार के साथ काम कर चुके मस्‍क ने वैश्विक प्रशासन पर परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के असर को लेकर चल रही एक बहस में यह पोस्‍ट किया। मस्‍क के इस बयान के बाद बहस तेज हो गई है।

मस्‍क ने Hunter Ash नामक यूजर के एक पोस्‍ट के जवाब में यह कहा। इस यूजर ने दावा किया था कि दुनियाभर की सरकारें प्रशासन के मामले में कम प्रभावी हैं और इसके पीछे वजह यह है कि उन्‍हें किसी विदेशी युद्ध के खतरे का डर नहीं है। इसके जवाब में एलन मस्‍क ने खुलकर कहा कि एक बड़ा युद्ध होने जा रहा है। आप सवाल कर सकते हैं कि कब और कहां होने जा रहा है? इस पर मस्‍क ने कहा कि साल 2030 तक यह युद्ध हो सकता है। मस्‍क ने कहा, ‘युद्ध अवश्‍यसंभावी है। 5 साल अधिकतम 10 साल।’

ताइवान से लेकर यूक्रेन तक तनाव

हालांकि एलन मस्‍क ने अपनी संभावन को बहुत ज्‍यादा विस्‍तार में नहीं बताया। इससे एक्‍स यूजर को यह नहीं पता चल पाया कि उनकी आशंका किसको लेकर है लेकिन उनकी एक्‍स के एआई ग्रोक का कहना है कि इससे पहले के एक बयान में एलन मस्‍क ने व‍िश्‍व व्‍यवस्‍था को लेकर कहा था। इसमें यूरोप में माइग्रेशन संकट और वैश्विक संघर्ष के खतरे को बताया था। मस्‍क अमेरिका में Department of Government Efficiency के मुखिया रह चुके हैं। ग्रोक ने बताया कि एलन मस्‍क ने किसी पक्ष या कारण के बारे में नहीं बताया है।

ग्रोक ने बताया कि एलन मस्‍क यूरोप और ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर प्रवासन और पहचान की राजनीतिक की वजह से गृहयुद्ध, अमेरिका और चीन के बीच ताइवान को लेकर युद्ध, यूक्रेन में चल रही लड़ाई के तीसरे विश्‍वयुद्ध में बदलने की चेतावनी दे चुके हैं। मस्‍क का कहना है कि परमाणु प्रतिरोधक क्षमता होने के बाद भी दुनिया में तनाव बढ़ रहा है। हालांकि मस्‍क ने अपनी मूल पोस्‍ट में किसी तनाव या लड़ाई का नाम नहीं लिया है। फिर भी माना जा रहा है कि उनका इशारा ताइवान, यूक्रेन और यूरोप के आंतरिक संकट की ओर है।

“Cyclone Ditwah: भारी बारिश के बीच तमिलनाडु में स्कूल-कॉलेज बंद, IMD का कई इलाकों में अलर्ट जारी”

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साइक्लोन दितवाह के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भारी बारिश के अनुमान के बाद तमिलनाडु के तीन जिलों चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि तेज बारिश और पानी भरने की संभावना के बीच यह फैसला किया गया है।

लोगों से सावधान रहने, बिना जरूरत यात्रा न करने और राज्य सरकार और डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसियों द्वारा जारी की गई आगे की एडवाइजरी का पालन करने का आग्रह किया गया है। तमिलनाडु के डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर केकेएसएसआर रामचंद्रन ने कहा कि राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत हो गई है।

श्रीलंका में मचाई भयंकर तबाही

श्रीलंका में भयकंर तबाही मचाने के बाद साइक्लोन दितवाह भारत की ओर बढ़ रहा है। श्रीलंका में अब तक 334 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कोलंबो के कुछ हिस्से अब भी बाढ़ झेल रहे हैं। भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री भेजी है।

INS विक्रांत के चेतक हेलीकॉप्टर और भारतीय वायु सेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंकाई वायु सेना के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव ऑपरेशन चलाए, जिसमें गर्भवती महिलाओं, बच्चों और गंभीर रूप से घायल लोगों सहित फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट किया गया।

बता दें कि 28 नवंबर को भारत ने साइक्लोन के मद्देनजर श्रीलंका को तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू और मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मदद देने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया। बचाए गए लोगों में श्रीलंका, भारत, जर्मनी, स्लोवेनिया, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक शामिल थे।

“कुवैत से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग”

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इंडिगो की एक फ्लाइट की मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। यह फ्लाइट कुवैत से हैदराबाद आ रही थी। उड़ान के दौरान ही फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली।

आनन-फानन में फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड करवाया गया है।

दिल्ली एयरपोर्ट को मिली थी धमकी

जानकारी के अनुसार, फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी। यह ईमेल दिल्ली एयरपोर्ट को आया था। ईमेल मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन अलर्ट हो गया और इंडिगो की फ्लाइट की मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकाल लैंडिंग करवाई गई।

मुंबई में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

FlightRadar24 के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट एयरबस A321-251NX ने रात को 1.56 बजे कुवैत से उड़ान भरी थी। यह फ्लाइट हैदराबाद की तरफ जा रही थी। हालांकि, धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद फ्लाइट को आज सुबह 8:10 बजे मुंबई में ही लैंड करवाया गया।

पहले भी मिली थी धमकी

इससे पहले 23 नवंबर को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की एक फ्लाइट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह फ्लाइट बहरीन से हैदराबाद आ रही थी। धमकी मिलने के बाद विमान को मुंबई एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया गया और फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई थी।

“CGPSC PCS 2025: छत्तीसगढ़ राज्य सेवा परीक्षा के लिए आवेदन स्टार्ट, ग्रेजुएट अभ्यर्थी इस डेट तक भर सकते हैं फॉर्म”

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छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन (CGPSC) की ओर से राज्य सेवा परीक्षा (CGPSC PCS 2025) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 दिसंबर से स्टार्ट कर दी गई है। जो भी अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा की तैयारियों में लगे हैं वे ऑनलाइन माध्यम से सीजीपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

एप्लीकेशन फॉर्म भरने एवं फीस जमा करने की लास्ट डेट 30 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।

पात्रता एवं मापदंड

सीजी पीसीएस भर्ती 2025 में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से ग्रेजुएशन या इसके समकक्ष उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी स्नातक के अंतिम वर्ष के पेपर दे चुके हैं या देने जा रहे हैं वे भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्ग से आने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

एप्लीकेशन प्रॉसेस

भर्ती में शामिल होने के लिए पात्र अभ्यर्थी स्वयं ही फॉर्म भर सकते हैं। आपकी सहूलियत के लिए आवेदन का लिंक एवं स्टेप्स यहां दी जा रही हैं-सीजीपीएससी पीसीएस 2025 एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर विजिट करें।

वेबसाइट के होम पेज पर आपको ONLINE APPLICATION में STATE SERVICE EXAMINATION-2025 पर क्लिक करना है।

इसके बाद एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करके पहले मांगी गई डिटेल भरकर रजिस्ट्रेशन कर लें। पंजीकरण होने के बाद अन्य डिटेल भरकर फॉर्म को पूरा कर लें।हस्ताक्षर एवं फोटोग्राफ अपलोड करें। अंत में कैटेगरी के अनुसार निर्धारित फीस जमा करें और फॉर्म को सबमिट करके उसका प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।

CGPSC PCS 2025 Application Form नोटिफिकेशन (PDF) डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।

एप्लीकेशन फीस

इस भर्ती में आवेदन के साथ जनरल एवं छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर के अभ्यर्थियों को फीस के रूप में 400 रुपये जमा करना होगा। एससी, एसटी, ओबीसी एवं पीडब्ल्यूबीडी (केवल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थी) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए फीस 300 रुपये तय की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन के साथ पोर्टल शुल्क+GST भी देना होगा।

भर्ती विवरण

इस भर्ती के माध्यम से राज्य की विभिन्न सेवाओं में कुल 238 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इस बार सर्वाधिक 51 पद नायब तहसीलदार के लिए हैं, जो राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित होंगे। इसके बाद 29 पद मुख्य नगर पालिका अधिकारी (कक्षा ‘ग’) और 28 पद राज्य पुलिस सेवा (उप पुलिस अधीक्षक) के लिए आए हैं।

“रेकॉर्ड पर पहुंचने के बाद धड़ाम हुई चांदी, सोना भी आया नीचे, शादियों के सीजन में जानिए नया रेट”

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चांदी सोमवार को रेकॉर्ड पर पहुंच गई थी। इस साल इसकी कीमत में 104 फीसदी तेजी आई है जबकि सोना करीब 60 फीसदी चढ़ा है। लेकिन आज दोनों कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट आई है।

एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में 4,000 रुपये से ज्यादा गिरावट आई जबकि सोना 1,000 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ है। 5 फरवरी की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,30,652 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज 1,30,110 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 129597.00 रुपये तक लो और 130778.00 रुपये तक हाई गया।

दोपहर बाद 3.00 बजे सोना 10,37 रुपये यानी 0.79 फीसदी गिरावट के साथ 1,29,615 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस साल अब तक 11 महीनों में से सोने की कीमत में 10 बार तेजी आई है और यह 46 साल में अपने सबसे बेहतर प्रदर्शन की तरफ बढ़ रहा है। पिछले 100 साल में सोने का यह चौथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। उसने 1973, 1974 और 1979 में इससे बेहतर प्रदर्शन किया था।

चांदी की कीमत

चांदी सोमवार को 1,82,998 रुपये किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के बाद 1,82,030 रुपये पर बंद हुई थी। आज यह 1,80,701 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में यह 1,77,750 रुपये तक लो और 1,80,701 रुपये तक हाई गई। 3.10 मिनट पर यह 3,930 रुपये यानी 2.16 फीसदी गिरावट के साथ 1,78,100 रुपये पर ट्रेड कर रही थी। चांदी की कीमत हाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार 58 डॉलर प्रति ओंस के पार पहुंची थी। चांदी भी 1979 के बाद पहली बार अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है।

“आज कुत्ता ही मेन टॉपिक… संसद में कुत्ता लाए जाने पर हुए विवाद पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया”

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संसद परिसर में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी द्वारा कु्त्ता लाने पर हुए विवाद के बाद अब लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

रायबरेली सांसद ने कहा कि मेरा मानना है कि आज कुत्ता ही मेन टॉपिक है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, बेचारे कुत्ते ने क्या किया? क्या कुत्तों को यहां पर आने की इजाजत नहीं है?

मंगलवार को जब राहुल गांधी को कुत्ते को लेकर खड़े हुए विवाद के बारे में बताया गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज कुत्ता ही मेन टॉपिक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शायद पालतू जानवरों को यहां आने की इजाजत नहीं है। अंत में नेता प्रतिपक्ष बोले कि मुझे लगता है कि आजकल भारत इन्हीं चीजों पर चर्चा कर रहा है।

क्या है मामला?

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी सोमवार को अपनी कार में एक आवारा कुत्ते को लेकर संसद पहुंच गईं जिससे विवाद खड़ा हो गया और सत्तापक्ष के सांसदों ने उन पर नाटक करने का आरोप लगाया। विवाद के बीच रेणुका ने कहा कि जो लोग अंदर बैठे हैं वो काटते हैं, कुत्ते नहीं काटते।

संसद में कुत्ता लाने पर दी सफाई

उनका कहना था कि वह आवारा जानवर को उठाकर पशु चिकित्सक के पास ले जा रही थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं और उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों द्वारा की गई आपत्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आवारा कुत्ते को बचाने के खिलाफ कोई कानून नहीं है।

बीजेपी ने की कार्रवाई की मांग

रेणुका चौधरी द्वारा संसद में कुत्ता लाए जाने पर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने रेणुका पर संसद के प्रोटोकॉल का उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी सदस्य उचित दस्तावेजों के बिना किसी भी संसद के अंदर नहीं ला सकते। बीजेपी सांसद ने मामले में कार्रवाई की भी मांग की है।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक बयान ने पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल

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छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक बयान ने पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है। बघेल ने कहा, “मैं 10 बार मरना पसंद करूँगा, लेकिन मोदी जैसा नहीं बनूँगा।” उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया है और भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

रामविचार नेताम ने किया पलटवार

इसी बीच छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भूपेश बघेल पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा, “मोदी एक ईश्वरीय शक्ति हैं। कांग्रेसी उन्हें समझ ही नहीं पा रहे हैं। मोदी बनने के लिए करोड़ों लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना पड़ता है।” नेताम ने आगे कहा कि “मोदी जैसा बनना संभव ही नहीं है, क्योंकि उनके जैसा त्याग, समर्पण और अनुशासन हर किसी में नहीं होता।”

राजनीति में तेज़ हुई जुबानी जंग

भूपेश बघेल के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस आज नीतियों की राजनीति न कर, केवल व्यक्तिगत हमलों तक सीमित रह गई है। उनका आरोप है कि इस तरह के बयान कांग्रेस की “हताशा और हतबलता” दिखाते हैं।

नेताम ने बताया, मोदी को क्यों कहा ‘ईश्वरीय शक्ति’

रामविचार नेताम ने अपने बयान में मोदी की कार्यशैली और नेतृत्व की तुलना करते हुए कहा कि, मोदी ने भारत को वैश्विक राजनीति में एक मजबूत स्थान दिलाया। करोड़ों लोगों का विश्वास उन्हीं के नेतृत्व से जुड़ा है। देश की उम्मीदों पर खरा उतरना हर किसी के बस की बात नहीं। नेताम ने कहा कि मोदी का नेतृत्व सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि “आध्यात्मिक और राष्ट्रवादी ऊर्जा से भरा हुआ” है।

अंतरराष्ट्रीय पोलो में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास : इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l

उल्लेखनीय है कि “खेल से शक्ति” पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।

यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।

“साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान” – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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अगले महीने रायपुर में होगा साहित्य उत्सव, देश भर के 100 से अधिक साहित्यकार जुटेंगे : मुख्यमंत्री श्री साय ने किया उत्सव के लोगो का अनावरण…

रायपुर:” नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।

लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।

इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिकसाहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो 

अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।

लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।

लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।

रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

“ग्लोबल एजुकेशन हब की ओर भारत: 800 स्कूलों को एफएपी अवॉर्ड, पीएम मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ का बड़ा कदम”

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देश में शिक्षा, खेल और संस्कृति के स्तर को ऊंचा उठाने में निजी स्कूलों द्वारा दिए गए अमूल्य योगदान का सम्मान करने के लिए, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब ( एफएपी ) के सहयोग से चंडीगढ़ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 के 5वें संस्करण के दौरान भारत भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और छात्रों को सम्मानित किया।

हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसरआशिम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 का उद्घाटन किया। उनके साथ उनकी पत्नी मित्रा घोष भी थीं। सांसद (राज्यसभा) और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सतनाम सिंह संधू, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में अन्य गणमान्य व्यक्तियों में भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (आईसीएसई) के अध्यक्ष डॉ जी इमैनुएल, गायक, अभिनेता और गीतकार गुरनामभुल्लर, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रविराजाएनसीताराम शामिल हुए।

एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 के उद्घाटन के दिन, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 782 स्कूलों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और मेधावी छात्रों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान, लाइफटाइमअचीवमेंट, शैक्षणिक उपलब्धि, भारत का गौरव- शैक्षणिक उपलब्धि और भारत का गौरव- खेल उपलब्धि पुरस्कारों के लिए 20 पुरस्कार दिए गए। कुल मिलाकर, 50 प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को लाइफटाइमअचीवमेंट पुरस्कार, 105 स्कूलों के 315 छात्रों को भारत का गौरव- शैक्षणिक उपलब्धि पुरस्कार और 41 स्कूलों को खेलों में उपलब्धियों के लिए पुरस्कार दिए गए। 356 छात्रों को भारत का गौरव- खेल उपलब्धि पुरस्कार भी दिए गए।

दो दिवसीय पुरस्कार समारोह में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम और बिहार सहित 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षकों, छात्रों और स्कूलों को पुरस्कार प्रदान किए जाएँगे। ये पुरस्कार चार श्रेणियों में दिए जाएँगे: सर्वश्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार, आजीवन उपलब्धि पुरस्कार, विद्यालय गौरव पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार (भारत गौरव)। ये पुरस्कार शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में उनकी भविष्यदर्शी दृष्टि और सराहनीय उपलब्धियों के लिए दिए जाएँगे।