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“RBI New Digital Banking Rules: 1 जनवरी से बैंकिंग नियम बड़ा बदलाव, डिजिटल ट्रांजैक्शन पर नई गाइडलाइन जारी”

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RBI New Digital Banking Rules: डिजिटल लेनदेन ने भारत की बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। बीते कुछ वर्षों में मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है।

लेकिन इसके साथ धोखाधड़ी (फ्रॉड) के मामलों में भी लगातार इजाफा हुआ है।

इसी चुनौती को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल बैंकिंग को और सुरक्षित, पारदर्शी और सरल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

RBI ने डिजिटल बैंकिंग के लिए 7 नए ‘मास्टर डायरेक्शन’ जारी किए हैं, जिन्हें 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। इन नए नियमों का मकसद है-एक देश, एक नियम के तहत डिजिटल बैंकिंग को साफ-सुथरा, सुरक्षित और आसान बनाना।

क्या है RBI का नया बदलाव?

डिजिटल बैंकिंग से जुड़े नियम अब तक अलग-अलग सर्कुलर और आदेशों में बिखरे हुए थे। इससे बैंकों को नियम समझने और लागू करने में दिक्कत आती थी। अब RBI ने इन्हें समेकित कर 7 नए मास्टर डायरेक्शन जारी किए हैं। यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि RBI ने इसी प्रक्रिया में 5673 पुराने सर्कुलरों को रद्द कर दिया है। नए नियमों में 244 मास्टर डायरेक्शन शामिल हैं, जिनमें डिजिटल बैंकिंग से जुड़े 7 प्रमुख नियम हैं।

बैंकों और ग्राहकों के लिए क्या होगा आसान?

RBI के नए नियमों से बैंकों और NBFCs पर अनावश्यक कागजी कार्रवाई का बोझ कम होगा, जिससे कामकाज तेज़ और पारदर्शी बन सकेगा। ये डिजिटल बैंकिंग नियम देश के सभी बैंकों-कमर्शियल बैंक, पेमेंट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, लोकल एरिया बैंक, रीजनल रूरल बैंक, शहरी और ग्रामीण को-ऑपरेटिव बैंकों-पर लागू होंगे। यानी अब भारत में काम करने वाला हर बैंक इन नए डिजिटल मानकों का पालन करेगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिलेंगी।

हर बैंक को बनानी होगी नई डिजिटल बैंकिंग पॉलिसी

RBI के नए नियमों के मुताबिक अब हर बैंक को अपनी एक अलग डिजिटल बैंकिंग पॉलिसी बनानी होगी। इसमें बैंक यह बताएगा कि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI को सुरक्षित रखने के लिए वह क्या-क्या कदम उठाएगा और ग्राहक का पैसा कैसे सुरक्षित रहेगा। सर्वर डाउन होने या कोई बड़ी गड़बड़ी होने पर बैंक उसे कैसे ठीक करेगा। ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय कोई खतरा न हो और सेवाएं ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकें।

ग्राहकों को क्या लाभ होगा?

नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। बैंक अब तेज़ी से नई डिजिटल सेवाएं शुरू कर सकेंगे और सुरक्षा मानकों को पहले से बेहतर बना पाएंगे। इसका असर छोटे बैंकों पर भी पड़ेगा, क्योंकि अब वे भी बड़े बैंकों की तरह आधुनिक और सुरक्षित डिजिटल सुविधाएं प्रदान कर सकेंगे।

नए नियम साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने में भी मदद करेंगे, जिससे ऑनलाइन लेन-देन पहले से अधिक सुरक्षित हो जाएगा। इसके साथ ही बैंकिंग से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी तेज़ और व्यवस्थित होगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी।

“Delimitation: परिसीमन के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में संग्राम के आसार, समझें विवाद की पूरी क्रोनोलॉजी”

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संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने वाला हैं। विपक्ष के साथ टकराव टालने के लिए इससे एक दिन पहले रविवार (30 नवंबर) को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई है।

इस बार सत्र में परमाणु उर्जा बिल, हाईवे संशोधन बिल समेत कुल 10 अहम बिल पेश किए जाएंगे। इसके अलावा, परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर भी जमकर हंगामा हो सकता है। दक्षिण भारतीय राज्यों की पार्टियां खास तौर पर इस मुद्दे पर बेहद मुखर हैं।

लोकसभा और विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण के इस विषय को लेकर राजनीतिक दल पहले ही आमने-सामने आ चुके हैं। ऐसे में आगामी सत्र में तीखी बहस और टकराव के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। परिसीमन का यह विवाद केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा नहीं है। इसका सीधा असर राज्यों की शक्ति संतुलन, केंद्र-राज्य समीकरण पर भी पड़ना तय है।

Winter Session में परिसीमन पर संग्राम के आसार

शीतकालीन सत्र में विपक्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य, बेरोज़गारी और महंगाई के साथ परिसीमन को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाएगा।

सत्ता पक्ष प्रक्रिया को स्वाभाविक और संवैधानिक बताते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह सत्र पिछले वर्षों की तुलना में अधिक विवादास्पद और चर्चित होने वाला है।

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Delimitation प्रक्रिया क्या होती है?

भारत में परिसीमन की प्रक्रिया संविधान के तहत समय-समय पर होती आई है। 1971 की जनगणना के बाद बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सीटों में बदलाव का मुद्दा उठा। 2026 में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है। दरअसल परिसीमन तेजी से बढ़ती आबादी के मुताबिक संसदीय राजनीति में प्रतिनिधित्व की व्यवस्था है। हालांकि पिछले 3 दशक में जनसंख्या में वृद्धि का अनुपात पूरे देश समानुपातिक दर से नहीं हुआ है।

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परिसीमन को लेकर विवाद क्यों हो रहा है?

जैसे-जैसे देश 2026 की समयसीमा के करीब पहुंच रहा है, यह प्रश्न फिर उभर आया है कि क्या आबादी में अंतर को देखते हुए सीटों का परिसीमन होगा? दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों का तर्क है कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर काम किया है। परिसीमन होने पर इन प्रदेशों में सीटों की संख्या उस अनुपात से नहीं बढ़ेगी, जैसी उत्तर भारतीय राज्यों में बढ़ने का अनुमान है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के जनसंख्या-बहुल राज्यों का कहना है कि प्रतिनिधित्व का आधार जनसंख्या ही होना चाहिए न कि जनसंख्या नियंत्रण का प्रदर्शन।

Amit Shah ने दक्षिण भारतीय राज्यों को दिया है आश्वासन

सांसदों और विशेषज्ञों के कई बयान सामने आए, जिसमें परिसीमन को लेकर आयोग के गठन, सीटों के संभावित वितरण और राज्यों के अनुपात में बदलाव की बात कही गई। विपक्ष का आरोप है कि नए परिसीमन से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश हो सकती है। सरकार का कहना है कि कोई भी फैसला संवैधानिक प्रावधानों और जनसंख्या डेटा के आधार पर ही होगा। गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटें किसी सूरत में कम नहीं की जाएंगी।

“Anthony Albanese Marries: 62 की उम्र में इस देश के प्रधानमंत्री ने की शादी, PM मोदी के हैं करीबी दोस्त”

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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज़ ने शनिवार दोपहर को अपनी पार्टनर जोडी हेडन के साथ विवाह करके इतिहास रच दिया। वह पद पर रहते हुए शादी करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री बन गए हैं।

यह निजी समारोह 2025 के संसद सत्र के अंतिम दिन के बाद कैनबरा में प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास ‘द लॉज’ में आयोजित किया गया था।

यह शादी अल्बनीज़ के बेटे नाथन और हेडन के माता-पिता बिल और पॉलीन सहित कुछ करीबी परिवार और दोस्तों की उपस्थिति में एक अंतरंग कार्यक्रम था। दोनों ने अपने इस प्रेम और भविष्य की प्रतिबद्धता को साझा करते हुए खुशी व्यक्त की।

Anthony Albanese Wedding: करीबी मेहमान हुए शामिल

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ और जोडी हेडन का विवाह समारोह अत्यंत निजी रहा, जिसके विवरण को प्रधानमंत्री कार्यालय ने गोपनीय रखा था। यह विवाह समारोह कैनबरा में प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास ‘द लॉज’ में संपन्न हुआ। इसमें केवल उनके करीबी परिवार और दोस्तों को ही आमंत्रित किया गया था। उपस्थित लोगों में अल्बनीज़ के बेटे नाथन और हेडन के माता-पिता बिल और पॉलीन शामिल थे। इस जोड़े ने एक संयुक्त बयान जारी कर अपने परिवार और करीबी दोस्तों के सामने अपने प्यार और भविष्य के जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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पद पर रहते हुए शादी करने वाले पहले PM

एंथोनी अल्बनीज़ की यह शादी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है क्योंकि वह पद पर रहते हुए विवाह करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में वैलेंटाइन डे के अवसर पर ‘द लॉज’ की बालकनी पर ही जोडी हेडन को प्रपोज़ किया था। अल्बनीज़ ने हेडन के लिए स्वयं एक सगाई की अंगूठी डिज़ाइन की थी। संसद सत्र के तुरंत बाद हुई यह शादी, सार्वजनिक जीवन में एक निजी और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ती है।

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1979 में बैंकस्टाउन में जन्मीं जोडी हेडन का पालन-पोषण न्यू साउथ वेल्स (NSW) सेंट्रल कोस्ट पर हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सुपरएनुएशन (पेंशन/सेवानिवृत्ति निधि) सेक्टर में दो दशक लंबा करियर बनाया, जहाँ उन्होंने प्रमुख वित्तीय संस्थानों और उद्योग फंडों के लिए काम किया। बाद में, उन्होंने रणनीतिक नेतृत्व भूमिकाओं की ओर कदम बढ़ाया। शिक्षकों के परिवार से आने के बावजूद, उन्होंने यूनिवर्सिटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी ताकि सुपरएनुएशन उद्योग में अपना करियर बना सकें। जोडी, प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज़ से 16 साल छोटी हैं और अपने आप में एक ‘पावरहाउस’ मानी जाती हैं।

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2020 में दोनों की हुई थी पहली मुलाकात

एंथोनी अल्बनीज़ (60) और जोडी हेडन (45) की मुलाकात मार्च 2020 में मेलबर्न में एक डिनर इवेंट में हुई थी, जहाँ लेबर नेता अल्बनीज़ भाषण दे रहे थे। अल्बनीज़ ने भीड़ से पूछा कि क्या वहाँ NRL टीम साउथ सिडनी रैबिटोह्स के कोई प्रशंसक हैं, जिस पर जोडी ने प्रतिक्रिया दी। अल्बनीज़ ने बाद में जोडी से परिचय किया और पाया कि वह उन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र में रहती थीं। पहली मुलाकात के बाद, दोनों ने सिडनी में एक ड्रिंक पर मुलाकात की। अल्बनीज़ ने याद किया कि उन्हें लगा था कि यह सिर्फ एक ड्रिंक होगी, लेकिन दोनों में अच्छी बॉन्डिंग हो गई, जिसके बाद वे करीब आते चले गए।

DGP-IGP बैठक का सत्र, बदलते सिक्योरिटी लैंडस्केप पर होगी चर्चा…

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रायपुर: टी ब्रेक के बाद DGP-IGP बैठक का सत्र दुबारा शुरू हो चुका है। 12:20 से शुरू हुआ सेशन एक घंटा 1:20 बजे तक चलेगा। सभी राज्यों के ACS होम बैठक से निकले। बैठक में सभी ACS होम ने अपने अपने राज्यों की आंतरिक स्थिति का प्रजेंटेशन दिया है।

वहीं टी ब्रेक के बाद रॉ के चीफ ने प्रजेंटेशन दिया। रॉ चीफ के प्रजेंटेशन के बाद जियो-पॉलिटिकल चुनौतियो परचर्चा दुबार शुरू हुई। पड़ोस में भारत की चुनौतियाँ और बाहरी खतरे समेत बदलते सिक्योरिटी लैंडस्केप पर चर्चा होगी।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक डीजीपी-आइजी सम्मेलन होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 व 30 नवंबर को शामिल होंगे। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत देशभर के पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।

इस 60वीं कांग्रेस में विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे। इस सम्मेलन में सभी राज्यों के गृह मंत्री, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे।

फिलहाल नवा रायपुर में सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किये गये है। जगह-जगह पर स्पेशल फ़ोर्स और पुलिस के जवानों की कई स्तरों पर तैनाती की गई है।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक बदलाव किया, 41 जिला कमेटियों में अध्यक्षों नियुक्त…

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रायपुर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने छत्तीसगढ़ में पार्टी के संगठनात्मक बदलाव के तहत 41 जिला कांग्रेस कमेटियों में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी के पदाधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की पसंद के अनुसार यह नियुक्ति ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत बड़े संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा हैं, जिसका मकसद राज्य में पार्टी के शहरी और जमीनी ढांचे को मजबूत करना है।

उन्होंने बताया कि नियुक्तियों की सूची, जिसमें पांच महिला नेता भी शामिल हैं, शुक्रवार देर शाम जारी की गई।

कांग्रेस पार्टी की यह सूची कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राज्य प्रभारी सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ के दो दिन के दौरे के खत्म होने के एक दिन बाद आई है। पायलट ने कहा था कि नई नियुक्तियों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी।

एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा है, ”कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छत्तीसगढ़ की ज़िला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत किए गए हैं।”

उन्होंने बयान में कहा है कि इस पहल के तहत, हर जिले में नियुक्त एआईसीसी पर्यवेक्षक ने विस्तृत मूल्यांकन किया तथा पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं से बातचीत की। बाद में उन्होंने रिपोर्ट जमा की।

बयान के मुताबिक इन रिपोर्ट को जमा करने के बाद, नियुक्ति से पहले प्रत्येक पर्यवेक्षक के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की गई।

एआईसीसी द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार श्रीकुमार शंकर मेनन को रायपुर शहर का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राजेंद्र पप्पू बंजारे रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष होंगे। वहीं बिलासपुर में सिद्धांशु मिश्रा शहर के और महेंद्र गंगोत्री बिलासपुर ग्रामीण के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।

सूची के अनुसार सुकमा में पूर्व मंत्री और मौजूदा कांग्रेस के विधायक कवासी लखमा के बेटे हरीश लखमा को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

सूची में महासमुंद जिले के लिए विधायक द्वारिकाधीश यादव, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के लिए अशोक श्रीवास्तव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के लिए सुरजीत सिंह ठाकुर को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं रायगढ़ शहर के लिए शाखा यादव को और सूरजपुर जिले में शशि सिंह कोर्राम को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

सूची के अनुसार बलरामपुर में हरिहर प्रसाद यादव और बस्तर ग्रामीण के लिए प्रेम शंकर शुक्ला को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सूची में दंतेवाड़ा में सलीम राजा उस्मानी, धमतरी में तारिणी चंद्राकर को, दुर्ग शहर में धीरज बाकलीवाल को, कोंडागांव में रवि घोष को, राजनांदगांव में पूर्व वरिष्ठ नेता उदय मुदलियार के पुत्र जितेंद्र उदय मुदलियार तथा कोरबा शहर में मुकेश कुमार राठौर को नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

बस्तर के झीरम घाटी में 25 मई 2013 को हुए नक्सली हमले में उदय मुदलियार और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोग मारे गए थे।

सूची में शामिल बेमेतरा जिले से पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा, बालोद से चंद्रेश कुमार हिरवानी, बलौदाबाजार से सुमित्रा घृतलहरे, रायगढ़ ग्रामीण से नागेंद्र नेगी समेत 11 ऐसे मौजूदा जिला अध्यक्ष हैं, जहां कोई बदलाव नहीं हुआ है।

“पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय राजनांदगाँव में स्काउट्स-गाइड्स प्रशिक्षण शिविर ” प्राचार्य ने कहा—हर दायित्व पूरी निष्ठा से निभाएँ…

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राजनांदगाँव। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय राजनांदगाँव में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के अंतर्गत प्रवेश, प्रथम एवं द्वितीय सोपान हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं परीक्षण शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। शिविर 28 और 29 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।

प्राचार्य मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्काउटिंग का मूलमंत्र सेवा, त्याग और समर्पण है। उन्होंने छात्रों को समाज के प्रत्येक दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाने तथा सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी।

शिविर के प्रथम दिन स्काउट मास्टर श्री यगेश्वर साहू, श्री नारद जांगड़े, श्री लोकेश तिड़पुड़े तथा गाइड कैप्टन श्रीमती प्रतिभा भेले और श्रीमती सोनम अवस्थी द्वारा प्रतिभागियों को स्काउट-गाइड की संरचना, प्राथमिक नियमों, अनुशासन और आवश्यक प्रशिक्षण से अवगत कराया गया। विद्यालय की गाइड कैप्टन श्रीमती मोहिनी साहू ने गाँठें, कैम्प फायर कार्यक्रम, चिन्हों तथा दक्षता पदकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

विभाग प्रभारी श्री अनिल खोब्रागढ़े ने बताया कि इस प्रकार के शिविर बच्चों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और अनुशासन के गुणों को सुदृढ़ करते हैं।
शिविर का समापन शनिवार को परेड निरीक्षण और विभिन्न मूल्यांकन गतिविधियों के साथ सम्पन्न हुआ।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत…

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रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के  रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह उपस्थित थे।

बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श

मुख्यमंत्री ने कहालक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

“भारत संतुलित व्यापार समझौते के लिए अमेरिका, इजरायल, कनाडा समेत 50 देश से कर रहा बातचीत : पीयूष गोयल”

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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत संतुलित व्यापार समझौते के लिए 14 देशों और समूहों से बात कर रहा है, जिसमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, जीसीसी देश, न्यूजीलैंड, इजरायल, यूरेशिया, कनाड, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देशों का समूह मर्कोसुर समेत 50 देश शामिल हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, यूनाइटेड किंगडम और चार देशों के ईएफटीए ब्लॉक के साथ संतुलित और न्यायसंगत व्यापार समझौते पहले ही पूर्ण हो चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल में आई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण दुनिया में भरोसेमंद साझेदारों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरत महसूस हुई है। इसी दृष्टिकोण के तहत भारत अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नेटवर्क और आर्थिक साझोदारियों का विस्तार कर रहा है। इसके जरिए देश की कोशिश न्यायसंगत, पारदर्शी और आपसी लाभकारी व्यापारिक साझेदारी का निर्माण करना है।

गोयल ने भगवद्-गीता और महात्मा गांधी के स्वदेशी वस्तुओं के अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ने ऐतिहासिक रूप से भारत की प्रगति का मार्गदर्शन किया है और यह देश की आर्थिक रणनीति का केंद्रबिंदु बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत पर ध्यान केंद्रित करने से यह दृष्टिकोण और भी मजबूत हुआ है।

हाल ही में हुए यूरोपीयन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) समझौते का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समूह ने भारत में इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने रिसर्च और इनोवेश में भारत की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में किए जाने वाले उच्च-गुणवत्ता वाले इनोवेशन यूरोप या अमेरिका की तुलना में बहुत कम लागत पर हासिल किए जा सकते हैं।

मंत्री ने फिक्की से इनोवेश को बढ़ावा देने, रिसर्च और विकास को गहरा करने, उद्योग-अकादमिक संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा का समर्थन करने के लिए एक मिशन-संचालित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।