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7th Pay Commission: मोदी सरकार ने केंद्रीय सेवा से रिटायर पेंशनभोगियों के लिए खोला खजाना

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पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खजाना खोल दिया है. सरकार ने 30 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनधारियों को पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट यानी सेवानिवृत्ति लाभ देने को लेकर असंजस को दूर कर दिया है. अगर आप या आपके परिचित केंद्र सरकार के वर्तमान या रिटायर्ड कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपको बड़ी राहत देने वाली है. मोदी सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मियों और पेंशनधारियों को अब सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सेवानिवृत्ति लाभ मिलेगा.

सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को लेकर लिए गए इस निर्णय से न सिर्फ केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनधारियों को लाभ होगा, बल्कि अखिल भारतीय सेवा के तहत सरकारी नौकरी पाने वालों को भी फायदा पहुंचेगा. इस फैसले से सेना और अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी. केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार, ताजा फैसले का लाभ उन कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिलेगा, जो 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए हैं. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से अब इन कर्मियों के मासिक पेंशन में बढ़ोतरी हो जाएगी.

अंग्रेजी वेबसाइट बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आपको बता दें कि केंद्र सरकार समेत कई राज्यों की सरकारों ने भी सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय सेवा में जहां इस आयोग की सिफारिशों पूरी तरह से लागू हो चुकी हैं, वहीं राज्यों में बारी-बारी से विभिन्न सेवाओं में सिफारिशों को लागू किया जा रहा है. सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए करने की सिफारिश की गई है. पहले न्यूनतम वेतन 7 हजार रुपए था. यानी कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक सैलरी में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है. वहीं, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें केंद्र सरकार की सेवा से रिटायर पेंशनधारियों के लिए भी लागू की गई हैं. इसके तहत पेंशन राशि में 2.57 गुना की बढ़ोतरी की गई है.

पेंशन एवं पेंशनर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट द्वारा जारी सूचना के मुताबिक पांचवें वेतन आयोग के तहत जहां न्यूनतम पेंशन राशि 1275 रुपए तय की गई थी, वहीं सातवें वेतन आयोग ने इसमें दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी की सिफारिश की है. इसके तहत सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) ने केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन की राशि 3500 रुपए निर्धारित की है. हालांकि यह गौरतलब है कि 31 दिसंबर 2003 को या इससे पहले केंद्र सरकार की सेवा में आए कर्मचारियों को ही पेंशन के लिए पात्र माना जाता है. इसमें शर्त यह भी है कि कर्मचारी को न्यूनतम 10 साल की सेवा की अवधि पूरी करनी होगी.

विधानसभा अध्यक्ष : जनसेवा के प्रति ललक विधानसभा सदस्यों को एक अच्छा जनप्रतिनिधि बनाएगी

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज रात संपन्न हो गया। विधानसभा अध्यक्ष श्री चरण दास महंत ने सत्र के समापन के अवसर पर कहा कि सत्र के दौरान सभी सदस्यों ने विशेष रूप से नए सदस्यों ने भी संसदीय कार्यों में गहरी रुचि और जन सेवा के कार्यों में अपनी ललक दर्शाई, यही ललक उन्हें आने वाले समय में एक अच्छा जनप्रतिनिधि साबित करेगी। श्री महंत ने सदन के नेता श्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष सहित सभी सदस्यों को सदन की कार्यवाही के संचालन में दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का विशेष रूप से आभार प्रकट करते हुए कहा कि विपरीत पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने सदन में पूरे समय उपस्थित रहकर अपने संसदीय दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन किया। मुख्यमंत्री की अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा सभी के लिए अनुकरणीय है। श्री महंत ने बताया कि प्रदेश के लगभग 5200 नागरिकों ने इस सत्र के दौरान कार्रवाई का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष श्री चरण दास महंत, नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक सहित पक्ष विपक्ष के सभी सदस्यों द्वारा सदन की कार्यवाही के संचालन में दिए गए सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सदन में अनेक अनुभवी सदस्य उपस्थित हैं, उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ को मिल रहा है। राज्य सरकार के मंत्रियों ने भी सभी विषयों पर अच्छी तैयारी कर सभी को संतुष्ट करने का प्रयास किया। नए सदस्यों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। सदन की महिला सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। श्री बघेल ने कहा कि सत्र के दौरान अनेक बार उतार-चढ़ाव आए लेकिन पक्ष-विपक्ष के सहयोग से कुशलता पूर्वक संसदीय कार्य संपन्न हुए। उन्होंने भी राज्य शासन,  विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों कर्मचारियों, सुरक्षा बलों के अधिकारियों कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया। समापन के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, विधायक सर्व श्री धर्मजीत सिंह, केशव चंद्रा, अजय चंद्राकर और कुंवर सिंह निषाद ने भी अपने विचार प्रकट किए।

धारा 377 पर आए ऐतिहासिक फैसले के पीछे ये वकील हैं,जो खुद हैं ‘कपल’

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सुप्रीम कोर्ट में सेक्शन 377 के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली वकील अरुंधति काटजू और मेनका गुरुस्वामी ने खुलासा किया है कि वो कपल हैं. 18 जुलाई को सीएनएन के फरीद जकारिया को दिए इंटरव्यू में मेनका और अरुंधति ने कपल होने की बात कबूली.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था. कोर्ट का ये फैसला एलजीबीटी समुदाय की लंबी लड़ाई के बाद आया था.

इंटरव्यू में फरीद जकारिया ने जब कहा कि 2018 की जीत सिर्फ वकीलों के तौर पर बड़ी जीत नहीं थी, बल्कि एक कपल के तौर पर भी थी, तब मेनका गुरुस्वामी ने कहा:”2013 में एक वकील के तौर पर, देश के नागरिक के तौर पर नुकसान हुआ था. वो पर्सनल लॉस था. एक ‘अपराधी’ होना अच्छा नहीं लगता, जिसे दूसरे मामलों पर बहस करने के लिए एक वकील के रूप में कोर्ट में वापस जाना पड़ता है.”

पिछले साल 6 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 377 के उस प्रावधान को रद्द कर दिया था, जिसके तहत आपसी सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंध अपराध की श्रेणी में आते थे. तब चीफ जस्टिस रहे दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि हर किसी को निजता का मौलिक अधिकार है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2013 के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें समलैंगिकता को अपराध माना गया था.

इंटरव्यू के बाद अरुंधति काटजू ने ट्विटर पर मेनका के साथ एक फोटो भी शेयर की.

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ये बात तो जरूर है कि इन दोनों ने समाज की अवधारणा को तोड़ा है और बाकी की महिलाओं को रास्ता दिखाया है. 6 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने अंग्रेजी हुकूमत के समय के समलैंगिकता को अपराध मानने वाले कानून को खत्म किया. साथ ही 2013 में आए जजमेंट को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया, जिसके मुताबिक आपसी सहमति से सेक्स करने वाले समलैंगिकों को सजा देने की बात कही गई.इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने इतिहास बना दिया. अब भारत में समलैंगिक होना गुनाह नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने 157 साल पहले ब्रिटिश हुकूमत में बने कानून को भी खत्म कर दिया, जिसमें समलैंगिकों के बीच आपसी सहमति से होने वाले सेक्स को भी अपराध की श्रेणी में माना जाता था.जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़”अन्याय और पूर्वाग्रहों जीत हासिल करने के लिए कदम उठाना जरूरी था. हमें भेदभाव और पूर्वाग्रहों को अब खत्म कर देना चाहिए. संवैधानिक नैतिकता का मूल राज्य (सरकार) को सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी देता है.”

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रोहिंगटन नरीमन, डीवाई चंद्रचूड़, एएम खानविलकर और इंदु मल्होत्रा की संवैधानिक पीठ ने एकमत होकर ये फैसला सुनाया था.

ज्यादा एंटीबायोटिक के सेवन से, महिलाओं में बढ़ सकता है ये खतरा..

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 हाल में हुये एक अध्ययन में दावा किया गया है कि जो महिलाएं लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाएं लेती हैं, उनमें दिल का दौरा पड़ने या आघात आने का खतरा बढ़ जाता है।

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि 60 या उससे अधिक उम्र की महिलाएं जो दो महीने या उससे अधिक समय तक एंटीबायोटिक लेती हैं, उन्हें हृदय रोग का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। बीच की आयु वाली (40-59 वर्ष) महिलाओं में भी एंटीबायोटिक के लंबे समय तक उपयोग करने पर इसका जोखिम बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं को 20-39 के बीच की उम्र की वयस्क महिलाओं में एंटीबायोटिक के उपयोग से जोखिम बढ़ने का कोई संकेत नहीं मिला है।

एंटीबायोटिक का उपयोग हृदय रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ा होने का संभावित कारण है क्योंकि एंटीबायोटिक्स आंत में सूक्ष्म वातावरण के संतुलन को बदल देते हैं। अमेरिका में टुलाने विश्वविद्यालय के निदेशक लू क्यूई ने कहा, ”आंत में सूक्ष्मजीवों के संतुलन को बदलने में एंटीबायोटिक का उपयोग सबसे महत्वपूर्ण कारक है। पिछले अध्ययनों में आंत के माइक्रोबायोटिक वातावरण में परिवर्तन और रक्त वाहिकाओं के संकुचन और सूजन, स्ट्रोक और हृदय रोग के बीच एक कड़ी दिखाई गई है।” शोधकर्ताओं ने नर्सेज हेल्थ स्टडी में भाग लेने वाली 36,429 महिलाओं का अध्ययन किया।

हर किसी की निकल जाती हैं चीख, जानिए इस खतरनाक ब्रीज के बारे में जहां

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 हमारी दुनियां नें काफी तरक्कि कर ली है और ऐसे में लोगो नें काफी नायाब चीजों का भी आविष्कार किया हैं। यह चीजे लोगो को काफी ज्यादा चौका देती हैं। आज हम आपको एक ऐस ही जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जो लोगो को काफी ज्यादा खौफ में ला देती हैं। दुनियां में कई ऐसे पुल हैं जिनपर लोग जाने से काफी ज्यादा डरते हैं। हालांकि यह पुल लोगों के आने जाने के लिए ही बनवाएं गए हैं मगर फिर भी लोग इनपर जाने से घबराते हैं।

बता दें कि ऐसा ही एक पुल चीन में भी हैं। यह पुल पार्दर्शी शीशे से बनाया गया हैं। इस पुल को दुनिया के सबसे खतरवनाक पुलो में से एक माना जाता हैं। बता दें कि एस पुल की लंबाई 100 मीटर हैं अगर आप इस पुल के ऊपर से नीचे देखेंगे तो आपको नीचे सिर्फ 300 मीटर गहरी खाई दिखाई देगी।

अगर आप इसके चारों तरफ देखे तो आपको सिर्फ और सिर्फ खतरनाक पहाड़ियां ही दिखाई देंगी जिन्हें देखकर आप काफी ज्यादा सहम सकते हैं। अगर आप कोई ट्रेकर हैं या फिर पार्कोरिस्ट हैं तो इस पुल पर जावना आपके लिए काफी आसान बात हैं।

अगर आप कमजोर दिल के हैं तो एक बार इस पुल पर चढ़ने से पहले एक बार जरूर सोच लें। अगर आप एक बार इस पुल पर चढ जाएंगे तो फिर आपको वापस नीचे नहीं उतरने दिया जाता हैं। जो भी एक बार इस पुल पर गया हैं उसकी चीख जरूर निकली हैं।

मंत्री परिषद के निर्णय

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित मंत्रि परिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो इस प्रकार है-

  • आज मंत्रि परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि संपूर्ण प्रदेश में स्थावर समंपत्ति बाजार मूल्य गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी की जाए तथा पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से बढ़ाकर गाइडलाईन मूल्य का 4 प्रतिशत किया जाए। अब पंजीयन पर कुल कर 10.25 प्रतिशत हो जाएगा, लेकिन पक्षकारों द्वारा देय भुगतान पर नगण्य अंतर आयेगा। इससे दस्तावेजों के पंजीयन में वृद्धि होगी तथा राजस्व में भी वृद्धि होगी। इससे रियल एस्टेट एवं निर्माण क्षेत्र के विकास में तेजी आयेगी तथा किफायती दरों पर लोगों को मकान उपलब्ध होंगे। रियल एस्टेट एवं निर्माण क्षेत्र के विकास से रोजगार में भी वृद्धि होगी। ये प्रावधान 25 जुलाई से लागू होंगे। 
  • आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2019 का मंत्रि परिषद की बैठक में अनुमोदन किया गया।
  • कोरबा में वर्ष 2017-18 से बंद 50-50 मेगावाट की चार यूनिटों को पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार बंद करने का निर्णय लिया गया।

राज्य सरकार द्वारा 6 महीनों में लिए गए बड़े फैसले : अमल भी शुरू

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 के प्रथम अनुपूरक अनुमान के तहत अनुदान मांग प्रस्तुत करते हुए कहा कि-

  •  राज्य सरकार के 6 महीनों में से 3 महीने आचार संहिता के थे पर इन तीन महीनों में ही राज्य सरकार द्वारा बड़े-बड़े फैसले लिये हैं और उन फैसलों पर अमल भी शुरू हो गया है-
  •  मुख्यमंत्री ने कहा छŸाीसगढि़यों को लेकर हमारे पुरखों की जो समझ थी उसे कहीं दूर छोड़ दिया गया था। हमने उसे वापस लौटाने का काम शुरू किया है। आज 19 जुलाई छत्तीसगढ़ के पहले स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल जी की जन्म जयंती है। उन्होंने डॉ. बघेल को नमन करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के तमाम पुरखों का भी स्मरण किया, जिन्होंने कभी यह सपना देखा था कि अपने छत्तीसगढ़ की हरेली और तीजा कैसा होगा ? छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस और कर्मा जयंती कैसे मनाएंगे? उन्होंने कहा हर त्यौहार समृद्धि और खुशहाली में ही फबता है। हमने पहले गांव में खुशहाली, उमंग और उल्लास लाने का कार्य शुरू किया और अब इन त्यौहारों की छुट्टी देने का कार्य किया।
  •       मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 महीने में छत्तीसगढ़ की आत्मा अर्थात् हमारे गांवों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और युवाओं के हित में राज्य सरकार द्वारा जितने बड़े-बड़े फैसले लिए गए हैं, वैसा उदाहरण पिछले कई दशकों तक नहीं मिलेगा।

छत्तीसगढ़ के इतिहास में सर्वाधिक 80 लाख मीट्रिक टन

धान की खरीदी: किसानों को 20 हजार करोड़ रूपए का भुगतान

  • मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा छत्तीसगढ़ के इतिहास में सर्वाधिक 80 लाख 37 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी और प्रचलित समर्थन मूल्य से 6 हजार करोड़ रूपए अधिक अर्थात् 20 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को किया गया।
  • मुख्यमंत्री ने सदस्यों से पूछा कि 25 सौ रूपए क्ंिवटल में धान खरीदी और कर्जा माफी पर उनकी कोई अलग राय हो तो बताए।
  • श्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन द्वारा 19 लाख किसानों के 11 हजार करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया गया। सहकारी और ग्रामीण बैंक ही नहीं, व्यवसायिक बैंकों से लिया गया कृषि ऋण भी माफ किया। किसानों के ‘नॉन परफामिंग खातों’ का वन टाइम सेटलमेंट का निर्णय लिया।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि इक्का-दुक्का तकनीकी मामलों में कुछ समय लग रहा हो लेकिन सैद्धान्तिक तौर पर हमने किसानों को पुराने कृषि ऋण से मुक्त किया है।
  • मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या कोई सदस्य सिंचाई कर माफी करने तथा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को जो 400 यूनिट तक आधा बिल माफ करने से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य में सालाना 950 करोड़ रूपए खर्च का इंतजाम किया गया है।
  • मुख्यमंत्री ने पूछा कि एक परिवार को 35 किलो चावल तथा तेन्दूपŸाा संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार रूपए मानक बोरा करने से भी कोई सदस्य क्या असहमत है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर-सरगुजा और मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष अब मुख्यमंत्री नहीं है, बल्कि बस्तर-सरगुजा के स्थानीय विधायक हैं।

‘नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने का कार्यक्रम

  • मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि ‘नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी’ की अवधारणा छत्तीसगढ़ की परम्परा और पर्यावरण से जुड़ी है। यह छŸाीसगढ़ी राज्य और यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने का कार्यक्रम है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा हरेली के दिन हम जब नव-निर्मित सैकड़ों गौठानों का लोकार्पण करेंगे, तब गांव-गांव में गौ-माता और अन्य मवेशियों को लेकर जो प्रेम गांव वालों की आंखों में उमड़ेगा उसे देख लीजिएगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छत्तीसगढ़ के कार्यों को

भारत सरकार ने देश में सबसे अधिक उपलब्धि बताया

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हमने पिछले 6 महीनों में जो काम किया है उसे भारत सरकार ने देश में सबसे अधिक उपलब्धि बताया है।
  • मुख्यमंत्री ने विद्युत कटौती संबंधी आलोचनाओं पर कहा कि सी.ई.ए. (केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण) का कहना है कि छत्तीसगढ़ में विद्युत आपूर्ति का रिलायलबिलिटी फैक्टर लगभग 98 प्रतिशत है।

छोटे भू-खण्ड की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने से गरीब तबके को मिली राहत

  • मुख्यमंत्री ने कहा छोटे भू-खण्ड की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने के राज्य सरकार के फैसले पर कहा कि- राजनांदगांव जिले के सिंकोला गांव में रहने वाले ‘नसीब खान’ अब अपनी जरूरतों के लिए अपने छोटा-सा भू-खण्ड बेचने में सफल हो पाए। इसी तरह बलौदाबाजार की ‘अनिला मारकंडे’ ने भरसेली गांव में अपनी अल्प राशि से 3 डिसमिल का छोटा प्लॉट खरीद सकी। राज्य सरकार के इस निर्णय से कई लोगों ने अपने बेटियों की शादी की तो कई  लोगों ने बीमारों के ईलाज कर अपने परिजनों को बचाया।
  •  मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा तहसील के ग्राम धुरागांव के ‘मासो’ का उल्लेख किया। जब उसे उसकी जमीन वापस मिल गई तो उसे लगा जैसे उसकी बिझड़ी हुई माँ वापस मिल गई।
  •  मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उद्योगों के खिलाफ नहीं हैं लेकिन यह जरूरी है कि औद्योगिक नियम और कानूनों का पालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा- बस्तर के आदिवासियों का विश्वास जीतना हमारी नीति है

जगरगुण्डा का बंद स्कूल 13 साल बाद खुला

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की नीति स्पष्ट है। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जगरगुण्डा का 13 सालों से बंद स्कूल फिर से शुरू किया गया।
  • उन्होंने नक्सलवाद की नीति के संबंध में कहा कि ऐसे लोग बस्तर के बाजार हाट में लगने वाले स्वास्थ्य शिविर देख लें, आंगनबाड़ी केन्द्रों में की गई सुपोषण भोजन की व्यवस्था देख लें। अब राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों को चना के साथ गुड़ का कार्य भी किया जा रहा है।
  • उन्होंने कहा कि 10 बोरा तेंदुपत्ता इकट्ठा करने वाले श्री गंगूराम उसेण्डी और श्री राजकुमार राठिया जैसे आदिवासी भाई-बहन जब 40 हजार रूपए लेकर घर जाते हैं तब उसके परिवार की खुशी देखिए।
  • मुख्यमंत्री ने कहा बस्तर में बदलाव आ रहा है और आदिवासियों का विश्वास जीतना हमारी सबसे बड़ी नीति है।

Cold Drink की बोतल देखने वालोें ने कर डाली उल्टी, आई ऐसी चीज,

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बॉटल से कोल्ड ड्रिंक पी रही एक युवती के होश उस वक्त उड़ गए तब अचानक उसके मुंह में एक मरी हुई छिपकली आ गई। इसके बाद युवती को उल्टियां होने लगी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।

जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 6 के पूर्व पार्षद हरि साहू की 18 वर्षीय बेटी किरण साहू शनिवार शाम को पास की दुकान से 250 एमएल की सीलबंद थम्सअप कोल्ड ड्रिंक की बॉटल लाई और पीने लगी। वो बॉटल से सीधे उसे पी रही थी।

इसी दौरान जब थोड़ी कोल्ड ड्रिंक बची थी तभी उसके मुंह में कुछ आ गया, जब उसने बॉटल में देखा तो वो मारी हुई छिपकली थी।

इसके बाद किरण को उल्टियां होने लगीं और देर रात उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाना पड़ा। फिलहाल युवती की हालत खतरे से बाहर है और उपचार जारी है। इस मामले में अभी कोल्ड ड्रिंक कंपनी का पक्ष सामने नहीं आया है। 

जाने क्या क्या बीमारी में है फायदेमंद, गाय और भैंस के बाद पूरे देश में कैमल मिल्क उतारेगा अमूल

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अमूल ने कच्छ की सीमा पर स्थित डेयरी के माध्यम से वहां के ऊंट पालकों से रोजाना करीब 2,000 लीटर दूध खरीद रही है.

गाय और भैंस के दूध के बाद अमूल कंपनी ने जनवरी में कैमल मिल्क बाजार में उतारा था अब इसे पूरे देश में लॉन्च करने की तैयारी है. गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) ने पहली बार अहमदाबाद के बाजार में इस दूध को उतारा था. अहमदाबाद में इस दूध को अच्छा रिस्पांस मिला है और अब अगले हफ्ते इसे पूरे देश में लॉन्च करने की तैयारी है. अमूल ने इसकी तैयारी काफी समय पहले ही कर ली थी. बताया जाता है कि अमूल ने कच्छ की सीमा पर स्थित डेयरी के माध्यम से वहां के ऊंट पालकों से रोजाना करीब 2,000 लीटर दूध खरीद रही है. अमूल फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी ने बताया कि कंपनी देशभर में कैमल मिल्क की बिक्री करने जा रही है. हमें उम्मीद है कि हम 10 हजार लीटर दूध हर दिन बेच सकेंगे. उन्होंने बताया कि कैमल मिल्क से पहले हमने इससे बनी चॉकलेट को बाजार में उतारा था. चॉकलेट के बेहतर रिस्पॉन्स को देखते हुए अब हमने कैमल मिल्क बाजार में उतारने की तैयारी की है.

कच्छ की सीमा पर बनी डेयरी के चेयरमैन वालमजी हुंबले ने बताया कि कैमल मिल्क को ज्यादा दिन तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है. अभी हमारी टीम जिस प्रक्रिया को अपना रही है उससे दूध को केवल चार दिन तक ही बचाया जा सकता है. हम कैमल मिल्क को पूरे देश में लॉन्च करना चाहते हैं इसलिए इसे टेट्रा पैक में देने की तैयारी है. इससे दूध 80 दिनों तक खराब नहीं होगा. 

डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर दूध
कैमल मिल्क डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है. कैमल मिल्क को पचाना काफी आसान होता है. इसमें इन्सुलिन प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से यह डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है.

इमारत के 19वां मंजिल में लगी आग तो व्यक्ति ने स्पाइडर मैन स्टाइल से खुद को बचाया

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अमेरिका के फिलाडेल्फिया में रहने वाले एक व्यक्ति का अद्भुत वीडियो सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि वह खुद को 19 मंजिला इमारत पर लगी आग से बचाने के लिए स्पाइडर मैन स्टाइल में नीचे उतर रहा है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और लोग इस शख्स की तुलना स्पाइडर मैन से कर रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार की रात वेस्टपार्क अपार्टमेंट में आग लगने की खबर मिलने पर दमकलकर्मी और पुलिस मौके पर पहुंचे। बचाव एवं राहत कार्य में लगे कर्मियों का कहना है कि आग सबसे पहले तीसरी मंजिल पर लगी थी। इसके थोड़ी देर बाद आग बढ़ते-बढ़ते सभी 19 मंजिलों तक पहुंच गई।

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार कई टीवी न्यूज हेलिकॉप्टरों ने इमारत के चारों ओर से इस शख्स की वीडियो बनाई है। इस वीडियो में दिख रहा है कि ये शख्स मौत को मात देते हुए 14वीं मंजिल से बिना किसी परेशानी के आसानी से इमारत से उतर गया। उसके पास कोई उपकरण भी नहीं था। हैरानी की बात तो ये है कि वह मजह तीन मिनट में ही इमारत से नीचे उतर गया, वहां हेलिकॉप्टर की स्पॉटलाइट के अलावा और कोई दूसरी लाइट भी नहीं थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक आग लगने की असल वजह का पता नहीं चल पाया है। लोगों को बचाकर अस्पताल तक इलाज के लिए पहुंचाया गया है। इमारत में रहने वाले चार लोगों और तीन पुलिसकर्मियों को आग के धुंए से परेशानी हो रही थी, जिसके चलते उनका इलाज चल रहा है। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने या किसी की मौत की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि आग अब नियंत्रण में है।