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200 रुपये की उधारी लौटाने 30 साल बाद औरंगाबाद आया केन्‍या का सांसद, जानें पूरा मामला

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महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रिश्तों की खूबसूरत दास्तान देखने को मिली है. केन्‍या से एक व्‍यक्ति अपनी 200 रुपये की उधारी चुकाने के लिए 30 साल बाद औरंगाबाद पहुंचा. जब 30 साल पहले वह औरंगाबाद में रहता था तो काशीनाथ गवली के परिवार ने उसकी मदद की थी. भारत में पढाई के बाद वह केन्‍या वापस लौटा. वहां सांसद बना. लेकिन औरंगाबाद के गवली परिवार से अपना रिश्ता नहीं भूल पाया. 30 साल बाद वह लौटा तो गवली परिवार ने उसे वही प्यार और सम्‍मान दिया, जिससे वह भावुक हो गया.

रिचर्ड टोंगी औरंगाबाद में मैनेजमेंट की पढाई करने आया था. 1985 से 1989 तक वह औरंगाबाद में रहा. यहां के मौलाना आलाद कॉलेज में उसने पढ़ाई की थी. काशीनाथ गवली की किराना की दुकान कॉलेज के पास थी. वहां से रिचर्ड अपनी जरूरत का सामान खरीदता था. कई बार रिचर्ड के पास पैसे नहीं होते थे तो काशीनाथ गवली उसे उधार देते थे. ऐसे में दोनों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया. जब पैसे आते तो रिचर्ड काशीनाथ को दे देता था. जब पैसा नहीं होता था तो काशीनाथ की दुकान से उधार पर सामान ले जाता था. ऐसे लगभग चार साल तक चला.

औरंगाबाद के परिवार के पास पहुंंचे रिचर्ड टोंगी.

पढाई के बाद रिचर्ड केन्‍या वापस चला गया. वहां जाकर वह राजनीति में सक्रिय हो गया. सांसद भी बना और केन्‍या के विदेश मंत्रालय का उपाध्यक्ष भी बना. अपने इस 30 साल के सफर में उसे कई बार भारत आकर काशीनाथ से मिलने की इच्छा हुई. रिचर्ड को इनके 200 रुपये लौटाने थे. जो कि उधार के तौर पर उसके पास बाकी थे. अबकि बार केन्‍या के मंत्रीगण के साथ भारत आया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला. दिल्ली में अपना काम करने के बाद वह अपनी पत्नी मिशेल के साथ औरंगाबाद आया.

औरंगाबाद में आकर रिचर्ड ने काशीनाथ गवली और उनकी दुकान की तलाश शुरू की. 30 साल में औरंगाबाद शहर काफी बदला था. उसने काशीनाथ को ढूंढकर निकाला. पहले काशीनाथ रिचर्ड को भूल चुके थे. लेकिन रिचर्ड ने उन्हें याद दिलाया. उनके 200 रुपये के बदले 19 हजार रुपये वापस किए. काशीनाथ पैसा नहीं ले रहे थे. लेकिन रिचर्ड ने कहा यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है.

अंजान देश में काशीनाथ से जो उन्हें प्यार मिला वह अहम रहा. जब वह काशीनाथ के दुकान में आता रहता था तब कई बार उसके पास खाने के पैसे भी नहीं रहते थे. तब काशीनाथ बड़ी आत्‍मीयता से सामान देते. कभी पैसे वापस नही मांगे. उनसे जो प्यार मिला वह पैसे से चुका नहीं सकता. काशीनाथ और रिचर्ड दोनों की आंखो में आंसू थे.

रिचर्ड की पत्‍नी मिशेल भी साथ आईं.

रिचर्ड और मिशेल टोंगी ने काशीनाथ और उनके परिवारवालों को केन्‍या आने का न्योता दिया है. रिचर्ड ने बताया कि जो चार साल उसने भारत में बिताए, उस दौरान यहां के लोगों ने उसे जो प्यार दिया है उसे वह कभी भी नहीं भुला सकता. इस देश से मानो उसका प्यार का रिश्ता है.

केन्‍या के सांसद रिचर्ड टोंगी ने कहा कि काशीनाथ काका ने मेरी काफी मदद की थी. उनके उपकार हैं. कई साल से मैं उनके पैसे लौटाना चाहता था. अबकी बार मैं जब भारत लौटा तो काशीनाथ काका के घर चला आया. मुझे बहुत अच्छा लगा. लोग कहते हैं कि मैंने पैसे लौटाकर अपनी प्रामाणिकता का प्रमाण दिया है. लेकिन मैं यह सबकुछ यहीं से सीखा है, इसका मुझे गर्व है.

वहीं रिचर्ड की पत्‍नी मिशेल टोंगी का कहना है कि रिचर्ड कई बार अपने भारत के दिनों को बताते थे. आज इन सभी लोगों से मिलने के बाद काफी अच्छा लगा. यहां के लोग बेहद अच्छे हैं. मेरे पति के प्रामाणिकता पर मुझे गर्व तो है ही. लेकिन इन लोगो के साथ जो रिश्ता बना है वह बेहद अनोखा है. रिचर्ड की मदद करने वाले काशीनाथ गवली का कहना है कि मैं तो भूल गया था. 30 साल बाद कौन क्या याद रखेगा. वह मुझे ढूंढते हुए आया. मैंने पहचाना ही नहीं. लेकिन उसने सभी बातें बता दी. अच्छा लगा उससे मिलकर.

अयोध्या भूमि विवाद मामला: सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई शुरू

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सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में एक याचिका पर सुनवाई शुरू हो चुकी है. इस याचिका में मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई है. भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच यह सुनवाई कर रही है. बता दें कि 9 जुलाई को एक वादकार गोपाल सिंह विशारद ने अयोध्या मामले की जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय बेंच के सामने विशारद की तरफ से उनके वकील पीएस नरसिम्हा पेश हुए थे. नरसिम्हा ने कहा था कि इस विवाद को शीघ्र सुनवाई के लिए न्यायालय में सूचीबद्ध किए जाने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिए मध्यस्थता समिति का गठन किया था, लेकिन उससे इस मामले में बहुत कुछ नहीं हो रहा है.सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति गठित की थी. इस समिति में अध्यात्मिक गुरु, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और जाने माने मध्यस्थता विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू भी शामिल हैं. इस मध्यस्थता समिति को सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने गठित किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समिति का कार्यकाल मई में 15 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया था ताकि वह अपनी कार्यवाही पूरी कर सके. ऐसा करते हुए कोर्ट ने कहा था, ”अगर मध्यस्थता करने वाले नतीजों के बारे में आशान्वित हैं और 15 अगस्त तक का समय चाहते हैं तो समय देने में क्या नुकसान है? यह मुद्दा सालों से लंबित है. इसके लिए हमें समय क्यों नहीं देना चाहिए?”

इससे पहले शीर्ष सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च के आदेश में मध्यस्थता समिति को 8 सप्ताह के अंदर अपना काम पूरा करने के लिए कहा था. इस समिति को अयोध्या से करीब सात किलोमीटर दूर फैजाबाद में अपना काम करना था. इसके लिए राज्य सरकार को पर्याप्त बंदोबस्त करने के निर्देश दिए गए थे.

अयोध्या भूमि विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2010 के अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या में विवादित स्थल की 2.77 एकड़ भूमि तीन पक्षकारों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर-बराबर बांट दी जाए. हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में कुल 14 अर्जियां दायर की गई हैं.

CM अशोक गहलोत आज ऑनलाइन फसली ऋण वितरण का करेंगे शुभारम्भ

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 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज यहां बिडला ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण योजना, 2019 के तहत पंजीकृत किसानों को ऑनलाइन फसली ऋण वितरण का शुभारम्भ करेंगे। यह जानकारी सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने दी।

उन्होंने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री गहलोत सहकारी एटीएम मोबाइल वैन को हरी झण्डी दिखा कर रवाना करेंगे तथा पैक्स/लैम्पस में व्हाइट लैबल एटीएम की स्थापना का उद्घाटन भी करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों के किसान भाग लेंगे। कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया, सहकारिता राज्य मंत्री टीका राम जूली कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि होंगे।

आम जनता को राहतः सस्ता हुआ डीजल, पेट्रोल के दाम स्थिर

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 पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों पर गुरुवार को तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत दी है। आज डीजल 15 पैसे सस्ता किया गया है जबकि पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। दिल्ली में पेट्रोल 72.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल 66.34 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। बता दें कि पूरे देश में प्रतिदिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के बदले हुए रेट लागू किए जाते हैं।

पेट्रोल के दाम
देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 72.90 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है। मुंबई में यह 78.52 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में 75.12 रुपए प्रति लीटर, हरियाणा में 72.79 रुपए प्रति लीटर, हिमाचल प्रदेश में 71.73 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में पेट्रोल 75.70 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

शहरपेट्रोल की कीमतें (रुपए में)डीजल की कीमतें (रुपए में)
दिल्ली72.9066.34
मुंबई78.5269.53
कोलकाता75.1268.37
हरियाणा72.7965.54
हिमाचल प्रदेश71.7364.34
चेन्नई75.7070.07

डीजल की कीमतें 
वहीं, डीजल की बात करें तो दिल्ली में डीजल 66.34 रुपए प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 69.53 रुपए, कोलकाता में 68.37 रुपए, हरियाणा में 65.54 रुपए, हिमाचल प्रदेश में 64.34 रुपए और चेन्नई में 70.07 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

पंजाब में पेट्रोल की कीमतें
वहीं, पंजाब की बात करें तो जालंधर में आज पेट्रोल रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। बाकी शहरों की बात करें तो अमृतसर में पेट्रोल रुपए, लुधियाना में रुपए और पटियाला में रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

शहरपेट्रोल की कीमतें (रुपए में)
जालंधर72.69
अमृतसर73.24
लुधियाना73.20
पटियाला73.11

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इंदु आनंद, आनंद ग्रोवर के घर और दफ्तर पर सीबीआई का छापा

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समाजिक कार्यकर्ता इंदु आनंद, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के घर और दफ्तर पर सीबीआई ने की टीम ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि एनजीओ के लिए विदेशी फंडिंग में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई यह कार्रवाई कर रही है।

राहुल गांधी ने वर्ल्ड कप में हार के बाद भारतीय टीम को दिया ये मैसेज

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 वर्ल्ड कप की प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलड से हारकर बाहर हो गई है। कांटे के मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 18 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टॉप ऑर्डर के फेल होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा के बीच हुई 116 रनों की साझेदारी ने कुछ हद तक भारतीय फैंस की उम्मीदों को जिंदा रखा, लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों की जुझारू पारी भी टीम को जीत नहीं दिला पाई। भारत की इस हार के साथ ही वर्ल्ड कप को अपने देश लाने की करोड़ो भारतीयों की उम्मीदें भी खत्म हो गई। विश्व कप में मिली इस हार के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर भारतीय क्रिकेट टीम को एक मैसेज दिया।राहुल गांधी ने क्या कहा

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यूजीलैंड के हाथों भारतीय क्रिकेट टीम को मिली हार के बाद ट्वीट कर कहा, ‘हालांकि आज की रात करोड़ों लोगों के दिल टूटे होंगे, लेकिन टीम इंडिया आपने एक बड़ी और अच्छी लड़ाई लड़ी और आप हमारे प्यार और सम्मान के हकदार हैं। न्यूजीलैंड को उनकी बड़ी जीत के लिए बधाई, जिसने उन्हें विश्व कप के फाइनल मैच में जगह दिलाई।’ गौरतलब है कि भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 239 रनों का स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारतीय क्रिकेट टीम 49.3 ओवर में 221 रन ही बना पाई।

‘हमें टीम पर गर्व है’

वहीं, भारतीय टीम को मिली हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैच का परिणाम निराश करने वाला है लेकिन जिस तरह से भारतीय टीम आखिर तक लड़ी, वो देखना अच्छा लगा। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में गेंद, बल्ले और फील्डिंग में तगड़ा खेल दिखाया। इसके लिए हमें टीम पर गर्व है। हार-जीत खेल का हिस्सा है, टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’ आपको बता दें कि इस मैच में भारतीय टीम का शीर्ष क्रम बिखर गया और रोहित शर्मा, केएल राहुल, कप्तान विराट कोहली 1-1 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए। केवल रविंद्र जडेजा (77) और महेंद्र सिंह धोनी (50) ही टिककर खेल पाए।

धोनी के बचाव में उतरे गांगुली

सेमीफाइनल में मिली हार के बाद पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने इस हार की वजह बताते हुए कहा कि चयनकर्ताओं की बड़ी गलती के कारण टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी। गांगुली ने कहा, ‘एक फिनिशर के तौर पर धोनी को लेकर मेरे मन में अगाध आदर है। मसला धोनी के छक्का लगाने का नहीं है, वो वनडे मैच जीतना जानते हैं और खेल को उसी हिसाब से खेलते हैं। पिछले डेढ़ साल में भारतीय चयनकर्ताओं की यह सबसे बड़ी गलती है कि मध्य क्रम में कोई मजबूत खिलाड़ी नहीं तलाश सके। अगर धोनी पहले आते तो दूसरे छोर पर बैटिंग करने वाले युवा खिलाड़ी को कायदे से खेलने के लिए कहते। ऋषभ पंत सेट हो गए थे लेकिन वो स्पिनर मिशेल सैंटनर की अच्छी गेंद पर खराब शॉट खेलकर आउट हो गए। ऐसे में जरूरत थी कि दूसरे छोर पर कोई ऐसा खिलाड़ी हो जो पंत को सही सलाह दे पाए। अगर धोनी साथ में होते तो पंत को ऐसे शाट्स खेलने से रोकते। इंग्लैंड के साथ मैच में धोनी ने ऐसा ही किया था और पंत ने अच्छा खेला था।

छत्तीसगढ़ में मतदाताओं को जागरूक करेगी चुनाव पाठशाला

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छत्तीसगढ़ में मतदाताओं में जागरूकता लाने के लिए चुनाव पाठशाला की शुरुआत की जाने वाली है। इन पाठशालाओं में रोचक खेल और मंनोरंजक कार्यक्रमों का सहारा लिया जाएगा। राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए चुनावी पाठशालाएं लगाई गई थीं। इसमें चुनावी साक्षरता क्लबों का भी सहारा लिया गया था। इन कोशिशों के बेहतर नतीजों को ध्यान में रखकर एक बार फिर चुनाव आयोग ने चुनावी पाठशालाओं को शुरू करने का मन बनाया है।

इसके लिए राज्य के 27 जिलों के दो-दो मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया गया है। इन पाठशालाओं को आकर्षक बनाने के लिए रोचक खेल व मनोरंजक तरीकों का सहारा लिया जाएगा।

राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर व प्रशिक्षण के सहायक नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पाण्डेय ने आईएएनएस को बताया, ‘भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं में जागरूकता लाने के लिए रोचक व मनोरंजक कार्यक्रमों का सहारा लिया है। यह स्वीप कार्यक्रम के अधीन है।’

उन्होंने बताया, ‘मतदाताओं को पूरी चुनावी प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए चुनावी पाठशाला को अमली जामा पहनाया गया है। मतदाताओं को मतदाता आवेदन करने से लेकर ईवीएम और अन्य प्रक्रिया के बारे में मनोरंजक तरीके से जानकारी मिल सके, इसके लिए चुनावी पाठशाला का कांसेप्ट तैयार किया गया है।’

उन्होंने बताया, ‘चुनावी प्रक्रिया में समुदाय की हिस्सेदारी बढ़ाने में चुनावी पाठशाला मददगार है। इन पाठशालाओं के दौरान खेलो लंगड़ी, लूडो, सांप-सीढ़ी के जरिए आम लोगों को चुनावी गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा। इन पाठशालाओं का लक्ष्य भावी और वर्तमान मतदाताओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसमें चुनावी साक्षरता क्लब मददगार बनते हैं। इन क्लबों में गैर सरकारी अर्थात समुदाय के लोगों की हिस्सेदारी होती है।’

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समीर विश्नोई का कहना है, ‘विगत विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी साक्षरता क्लब के माध्यम से बेहतर कार्य किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में मतदाता जागरूकता बढ़ी है।’

इसी तरह संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि ‘विगत वषरें के चुनाव में काफी परिवर्तन आया है। इस बार के चुनाव में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता जागरूकता के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं, जिसका सार्थक परिणाम छत्तीसगढ़ के चुनाव में देखने को मिला है।’

छत्तीसगढ़ /शहर में पानी के रोज 80 सैंपल जांचकर देखेंगे – क्लोरीन कहीं ज्यादा तो नहीं?

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राजधानी के अलग-अलग वार्डों में पीने के पानी में हर दिन क्लोरीन टेस्ट होगा। हर जोन को एक दिन में न्यूनतम 80 सेंपल लेने होंगे। फिल्टर प्लांट से आ रहे पानी में क्लोरीन की सही मात्रा का पता लगाया जाएगा। बारिश के दिनों में नदी का पानी ज्यादा गंदा रहता है। इसलिए क्लोरिन की मात्रा बढ़ानी पड़ती है। इसकी ज्यादा मात्रा सेहत के लिए नुकसानदायक है और कम होने से पानी की गंदगी ठीक ढंग से साफ नहीं हो पाती। 


मानसून शुरू हो गया है। प्रदेशभर में तेज बारिश हो रही है। रायपुर निगम को गंगरेल बांध से पानी मिलता है। गंगरेल मुख्य नगर से पानी रायपुर पहुंचता है। माना के पास अंडरग्राउंड पाइपलाइन से पानी आता है। यह पाइप कुशाभाऊ ठाकरे विवि के पास घुघवा घाट तक पहुंचता है।

पाइपलाइन से पानी यहां खारुन नदी (घुघवा घाट) पहुंचता है। इस घाट से भाठागांव एनीकट की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। इसी हिस्से में शहर से आने वाला पानी अलग-अलग नालों के जरिए खारुन नदी में गिरता है। बारिश के दिनों में नाले-नालियों में पानी के साथ बहकर कई तरह के केमिकल भी आते हैं। इसलिए पानी ज्यादा गंदा रहता है। निगम के विशेषज्ञों के मुताबिक इसीलिए इस समय पानी को शुद्ध करने में ज्यादा ध्यान देना पड़ता है। क्लोरिन की मात्रा भी इसीलिए बढ़ानी पड़ती है। फिल्टर प्लांट में पानी फिल्टर होने के बाद टेस्ट किया जाता है और उसके बाद टंकियों में सप्लाई की जाती है। फिर भी पानी टंकियों से घरों में पहुंचने वाले पानी के क्लोरिन टेस्ट का नियम है। 

एक दिन में न्यूनतम 10 सेंपल : निगम अफसरों के मुताबिक पानी में क्लोरीन टेस्ट का नियम है। हर जोन से एक दिन में न्यूनतम 10 सेंपल लिया जाना है। यह सेंपल जोन के अलग-अलग वार्डों से लिया जाना है। इस तरह निगम को हर दिन कम से कम 80 सैंपलों में पानी का क्लोरिन टेस्ट करना होता है। पूरे बारिश में निगम अमले को यह काम नियमित रूप से करना है। 

नुकसान है ज्यादा क्लोरीन : पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा होना कई तरह की घातक बीमारियां ला सकती है। इससे कैंसर व अन्य बीमारियों का खतरा रहता है। इसलिए पीने के पानी में क्लोरिन की मात्रा तय से अधिक नहीं होना चाहिए। जानकारों के अनुसार क्लोरिन की मात्रा 200 से एक हजार होनी चाहिए। इससे कम होना पानी की शुद्धता पर सवाल उठाता है। पानी में क्लोरीन कम होना यानी उसकी शुद्धता में कमी होना है। इससे पेट और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 

बारिश के सीजन में गंदगी बढ़ जाती है। इसलिए क्लोरीन बढ़ाना पड़ता है। हालांकि सप्लाई से पहले इसका टेस्ट होता है। फिर भी लोगों के घरों में पहुंचने वाले पानी का सेंपल लेकर क्लोरीन टेस्ट जरूरी है। अफसरों को निर्देश दिया गया है कि शहर के अलग-अलग इलाकों से पानी का सेंपल लेकर उसमें क्लोरीन टेस्ट किया जाए।

छत्तीसगढ़ /भाजपा सांसद सुब्रमण्यम पर केस दर्ज कराने पहुंचे मंत्री डहरिया, बोले- स्वामी ने मानसिक संतुलन खो दिया

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भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ अब नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने भी केस दर्ज करने का आवेदन दे दिया है। डहरिया का कहना है कि स्वामी मानसिक संतुलन खो चुके हैं, इसलिए वे अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं।

डहरिया ने कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा के नेताओं के साथ सिविल लाइन थाने में आवेदन दिया है। दरअसल, राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गांधी को नशा और कोकीन का आदी बताते हुए नशेड़ी कहा था। इस मामले में दो दिन पहले ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस नेताओं ने स्वामी के खिलाफ प्रदेश के सभी 27 जिलों में केस दर्ज करने के आवेदन दिए थे। मंगलवार को डहरिया समर्थकों के साथ एफआईआर कराने पहुंचे। केस दर्ज कराने की शुरुआत पत्थलगांव से हुई थी।

सरकार ने दिए संकेत, भारत में PUBG पर लग सकता है प्रतिबंध…

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दिल्ली के नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा के पबजी और फोरनाइट गेम्स को बैन करने की मांग के पत्र का सरकार ने जवाब दिया है। सरकार ने बच्चों के लिए हानिकारक साबित होने पर गेम्स पर भारत में प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं।

पम्मा के नेतृत्व में अभिभावकों ने 4 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद और अन्य मंत्रालयों को ज्ञापन भेजा था। इसमें पबजी और फोरनाइट जैसे गेम्स पर प्रतिबंध की मांग की गई थी।

सरकार ने पत्र में कहा है कि बच्चों के लिए हानिकारक गेम्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए मंत्रालय कार्यरत है। इस मुद्दे पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि इसके लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक पबजी पर बैन के लिए सोशल मीडिया सहित केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को लिखा गया है। वह इस संबंध में काम कर रहा है।