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भुना हुआ भुट्टा खाने के फायदे जानते ही आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे, इन 9 कारणों से ज़रूर खायें

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शायद कम लोगों को ही पता होता है कि मक्का या कॉर्न में छिपा होता है सेहत का खज़ाना। वैसे तो इसके बारे में बात करते ही बरसात के मौसम में ठेले के पास खड़े होकर भूट्ठा खाने की बात याद आ जाती है। साथ ही इसका स्वाद मुँह में पानी ला देता है। लेकिन इसके फायदों के बारे में जानते ही आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे। चलिये जानते हैं, वे कौन-से हैं?

1. आजकल तो कोलेस्ट्रोल का प्रोबलेम आम हो गया है। इसमें विटामिन सी, बायोफ्लेवोनॉयड, कैरोटेनॉयड और फाइबर होता है जो कोलेस्ट्रोल को कम करके धमनियों के ब्लॉक होने से रोकता है। इस तरह यह हृदय को भी स्वस्थ रहने में सहायता करता है।

2. कॉर्न में जो एन्टी-ऑक्सिडेंट और फ्लेवानॉयड होता है वह कैंसर होने के खतरे को कुछ हद तक कम करता है। एन्टीऑक्सिडेंट का गुण फ्री-रैडिकल्स से होने वाले क्षति को रोकता है। कॉर्न में फेरूलिक एसिड होता है जो ब्रेस्ट और लीवर के ट्यूमर के साइज़ को कम करने में मदद करता है।

3. चेहरे पर उम्र के साथ जो झुर्रियों की समस्या उत्पन्न होने लगती है, वह फ्री रैडिकल्स के कारण होता है। कॉर्न में जो विटामिन ए, विटामिन सी और एन्टी-ऑक्सिडेंट का गुण होता है वह झुर्रियों को आने से रोकता है। कॉर्न खाने का मजा लुटते हुए अपने त्वचा में निखार लाइए।

4. क्या आपको पता है कि कॉर्न जिन्क, फॉस्फोरस, मैग्नेशियम और आयरन होता है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाता है। यहाँ तक कि गठिया या अर्थराइटिस जैसे रोगों के संभावना को भी कम करता है।

5. कॉर्न में बीटा-कैरोटीन होता है जो विटामिन ए के उत्पादन में सहायता करता है। यह आँख संबंधी समस्या को कम और दृश्य-शक्ति को उन्नत करता है। साथ ही बढ़ते उम्र में होने वाली रतौंधी या मैक्युलर डिजनरेशन के संभावना को कम करता है।

6. कार्बोहाइड्रेड एनर्जी का स्रोत होता है। कॉर्न में कार्बोहाइड्रेड प्रचुर मात्रा में होता जो शरीर को भरपूर मात्रा में एनर्जी तो देता ही है साथ ही पेट को देर तक भरा हुआ रखता है।

7. कब्ज़ से कौन नहीं राहत पाना चाहता है! कॉर्न में जो फाइबर होता है वह मलाशय या कोलन में जमे हुए खाद्द पदार्थों को निकालने में सहायता कर कब्ज़ के कष्ट से राहत दिलाता है।

8. शरीर में आयरन के कमी के कारण एनिमिया की बीमारी होती है। कॉर्न आयरन के सबसे अच्छे स्रोतों में एक है। यहाँ तक कि उबला हुआ कॉर्न अपने डायट में शामिल करने से आयरन की कमी पूरी करने में मदद करने के साथ-साथ एनिमिया होने के संभावना को कम करता है।

9. कॉर्न में जो विटामिन बी9 और फॉलिक एसिड होता है वह गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

खाने को रोटी नहीं, IT रेड में निकली 100 करोड़ की मालकिन

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जयपुर में इनकम टैक्स विभाग को 100 करोड़ की संपत्ति की ऐसी मालकिन मिली है जो परिवार चलाने के लिए पाई-पाई की मोहताज है. इनकम टैक्स विभाग ने जयपुर दिल्ली हाईवे पर 100 करोड़ से ज्यादा की कीमत की 64 बीघा जमीन खोज निकाली है जिसकी मालकिन एक आदिवासी महिला है और उसे यह भी पता नहीं है कि उसने जमीन कब खरीदी और कहां पर है? इनकम टैक्स विभाग ने इन जमीनों को अपने कब्जे में ले लिया है.

जयपुर-दिल्ली हाईवे पर दंड गांव में पड़ने वाली इन जमीनों पर इनकम टैक्स के अधिकारियों ने बैनर लगा दिए हैं. बैनर पर लिखा है कि बेनामी संपत्ति निषेध अधिनियम के तहत इस जमीन को बेनामी घोषित करते हुए आयकर विभाग अपने कब्जे में ले रहा है. 5 गांव के 64 बीघे की जमीन पर लगे बैनरों पर लिखा हुआ है कि इस जमीन की मालकिन संजू देवी मीणा हैं. जो इस जमीन की मालकिन नहीं हो सकती हैं, लिहाजा इस जमीन को इनकम टैक्स विभाग फौरी तौर पर अपने कब्जे में ले रहा है.

दरअसल आयकर विभाग को शिकायत मिली थी कि दिल्ली हाईवे पर बड़ी संख्या में दिल्ली और मुंबई के उद्योगपति आदिवासियों के फर्जी नाम पर जमीन खरीद रहे हैं. इनका सिर्फ कागजों में लेन-देन हो रहा है. कानून के मुताबिक, आदिवासी की जमीन आदिवासी ही खरीद सकता है. कागजों में खरीदने के बाद यह अपने लोगों के नाम से पावर ऑफ अटॉर्नी साइन करा कर रख लेते हैं. इसके बाद इनकम टैक्स विभाग ने इसके असली मालिक की खोजबीन शुरू की तो पता चला की जमीन की मालकिन राजस्थान के सीकर जिले के नीम के थाना तहसील के दीपावास गांव में रहती हैं. पहाड़ियों के नीचे बसे इस गांव में पहुंचना आसान नहीं है.

आजतक की टीम जब दीपावास गांव में पहुंची तो संजू देवी मीणा ने कहा कि उसके पति और ससुर मुंबई में काम किया करते थे. उस दौरान 2006 में उसे जयपुर के आमेर में ले जाकर एक जगह पर अंगूठा लगवाया गया था. मगर उनके पति की मौत को 12 साल हो गए हैं और वह नहीं जानती हैं कि कौन सी संपत्ति उनके पास है और कहां पर है. पति की मौत के बाद ₹5000 कोई घर पर दे जाता था जिसमें से ढाई हजार रुपए फुफेरी बहन साथ रखती थी और ढाई हजार मैं रखती थी, लेकिन कई साल हो गए अब पैसे भी देने कोई नहीं आता. मुझे तो आज ही पता चला कि मेरे पास इतनी संपत्ति है.

संजू देवी के पति की मौत के बाद कमाई का कोई जरिया नहीं है और दो बच्चों को पालने के लिए खुद ही मजदूरी करती हैं. संजू देवी खेती के अलावा जानवर पालकर गुजारा करती हैं. इनकम टैक्स के इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि गांव वालों का कहना है कि कई कंपनियों ने यहां जमीन खरीदी है जिनके बारे में कहा जाता है कि कंपनी की जमीन है मगर कोई नहीं जानता किसकी है. पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स विभाग इस इलाके में 1400 करोड़ की जमीन जब्त कर चुकी है जिनमें से 69 मामलों में कोर्ट ने फैसला देते हुए जमीन को इनाम घोषित कर सरकार को सौंप दी है.

रिलेशन बनाने से मना करने पर कई फिल्मों से आउट हुईं मल्लिका!

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बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत इन दिनों काफी एक्टिव हैं. दरअसल वह अपनी आने वाली वेब सीरीज ‘बू सबकी फटेगी’ की प्रमोशन में जुटी हुई हैं. इसी दौरान उन्होंने #METOO पर भी बात की. मल्लिका ने कहा कि ‘मीटू’ अभियान ने उत्पीड़न पर बात करने के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार किया है. अब फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह की घटनाओं को दबाना मुश्किल है.

रिपोर्ट के मुताबिक मल्लिका पहले ये खुलासा कर चुकी हैं कि उन्हें कई प्रोजेक्ट्स से केवल इसलिए बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने अपने सह-कलाकार के साथ संबंध बनाने से इनकार कर दिया था.

मल्लिका ने कहा कि इस अभियान ने महिलाओं को सशक्त किया है जबकि पुरुष डरे हुए हैं. मल्लिका ने कहा कि मीटू एक सकारात्मक कदम है. यह एक मजबूत कदम है जो जिम्मेदारी के साथ आता है. लेकिन इंडस्ट्री के लोग डरे हुए हैं. काम की जगह पर सुरक्षित माहौल महिला और पुरुष दोनों का अधिकार है. मल्लिका का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में महिला डायरेक्टर, लेखक और सिनेमैटोग्राफर की कमी है.

बता दें कि हाल में कपिल शर्मा के शो पर पहुंचीं मल्लिका ने एक अजीब किस्सा शेयर किया था. मल्लिका ने बताया कि एक फिल्म मेकर उनकी हॉटनेस चेक करने के लिए उनके पेट पर अंडा फ्राई करना चाहता था. लेकिन उसका ये अरमान पूरा नहीं हो सका, क्योंकि मल्लिका ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.

प्रोफेशनल फ्रंट पर बात करें तो मल्लिका आखिरी बार ‘जीनत’ नाम की हिंदी फिल्म में नजर आई थीं. अब मल्लिका शेरावत ‘बू सबकी फटेगी’ नाम से एक वेबसीरीज में नजर आएंगी. हिंदी, तमिल, अंग्रेजी, चीनी फिल्मों के बाद अब मल्लिका वेब प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर रही हैं.

छत्तीसगढ़/सीएम भूपेश ने दी प्रदेश की जनता को रथयात्रा की बधाई

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि भगवान जगन्नाथ छत्तीसगढ़ के लोगों के भी आराध्य हैं। रथयात्रा का त्यौहार छत्तीसगढ़ में भी श्रद्धा-भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ से इस अवसर पर सभी लोगों की सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा है

भारत में एक साल में खेले जाएंगे 2036 मैच, बीसीसीआई ने किया ऐलान!

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानि बीसीसीआई ने 2019-20 सीजन के लिए बुधवार को घरेलू कार्यक्रम की घोषणा कर दी, जिसमें पुरुष और महिला टीमों के कुल 2036 मैच खेले जाएंगे.

 घरेलू क्रिकेट सीजन 2019-20 की शुरुआत इस साल अगस्त में दलीप ट्रॉफी के साथ होगी. दलीप ट्रॉफी 17 अगस्त से शुरू होगी और यह आठ सितंबर तक चलेगी. इस दौरान कुल चार मैच खेले जाएंगे.

घरेलू क्रिकेट सीजन 2019-20 की शुरुआत इस साल अगस्त में दलीप ट्रॉफी के साथ होगी. दलीप ट्रॉफी 17 अगस्त से शुरू होगी और यह आठ सितंबर तक चलेगी. इस दौरान कुल चार मैच खेले जाएंगे.

 दलीप ट्रॉफी के बाद 24 अगस्त से 25 अक्टूबर तक विजय हजारे ट्रॉफी (वनडे) के कुल 160 मैच खेले जाएंगे. इसके बाद 31 अक्टूबर से चार नवंबर तक देवधर ट्रॉफी (वनडे) के चार मैच होंगे.

दलीप ट्रॉफी के बाद 24 अगस्त से 25 अक्टूबर तक विजय हजारे ट्रॉफी (वनडे) के कुल 160 मैच खेले जाएंगे. इसके बाद 31 अक्टूबर से चार नवंबर तक देवधर ट्रॉफी (वनडे) के चार मैच होंगे.

 सैयद मुश्ताक अली (टी-20) के मैच आठ नवंबर से शुरू होकर एक दिसंबर तक चलेंगे और इसमें कुल 142 मैच होंगे.

सैयद मुश्ताक अली (टी-20) के मैच आठ नवंबर से शुरू होकर एक दिसंबर तक चलेंगे और इसमें कुल 142 मैच होंगे.

 इसके बाद रणजी ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा जो दिसंबर -2019 से मार्च 2020 तक खेले जाएंगे. टूर्नामेंट का फॉर्मेट पिछले सीजन जैसा ही होगा, जहां टॉप टीमें प्लेट ग्रुप से क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. सीनियर महिला घरेलू सीजन टी-20 लीग के साथ अक्टूबर से शुरू होगी.

इसके बाद रणजी ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा जो दिसंबर -2019 से मार्च 2020 तक खेले जाएंगे. टूर्नामेंट का फॉर्मेट पिछले सीजन जैसा ही होगा, जहां टॉप टीमें प्लेट ग्रुप से क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. सीनियर महिला घरेलू सीजन टी-20 लीग के साथ अक्टूबर से शुरू होगी.

हर 15 मिनट में ये काम करती हैं सनी लियोनी

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी इंडस्ट्री की सबसे चर्चित एक्ट्रेसेज में से एक हैं. उनकी प्रोफेशनल लाइफ ही नहीं पर्सनल लाइफ में भी फैन्स की दिलचस्पी रहती है. यही वजह है कि वह गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली सेलेब्रिटी भी रह चुकी हैं. यकीकन आपने भी कभी ना कभी उनकी जिंदगी की कहानी जानने के लिए गूगल खोला ही होगा.

 आपने सनी की फैमिली हिस्ट्री के बारे में भी जानकारी जुटाई होगी. लेकिन हम आपको सनी लियोनी की एक खास आदत के बारे में बताने वाले हैं. ये आदत ऐसी है कि सनी इसके लिए किसी की भी परवाह नहीं करतीं.

आपने सनी की फैमिली हिस्ट्री के बारे में भी जानकारी जुटाई होगी. लेकिन हम आपको सनी लियोनी की एक खास आदत के बारे में बताने वाले हैं. ये आदत ऐसी है कि सनी इसके लिए किसी की भी परवाह नहीं करतीं.

 सनी की आदत का खुलासा उनकी फिल्म जिस्म 2 की शूटिंग के दौरान हुआ था. सभी ये जानने के बाद काफी हैरान थे. क्योंकि इसकी वजह से कभी कभी शूटिंग में देरी भी हो जाती थी.

सनी की आदत का खुलासा उनकी फिल्म जिस्म 2 की शूटिंग के दौरान हुआ था. सभी ये जानने के बाद काफी हैरान थे. क्योंकि इसकी वजह से कभी कभी शूटिंग में देरी भी हो जाती थी.

 अब अगर आप अभी तक सनी की इस आदत का सोचकर दिमाग के घोड़े दौड़ा रहे हैं तो रुक जाइए. सनी की ये आदत कुछ और नहीं बल्कि बार-बार पैर धोना है. जिस तरह कुछ लोगों को बार-बार हाथ धोने की आदत होती है. उसी तरह सनी को ये आदत है.

अब अगर आप अभी तक सनी की इस आदत का सोचकर दिमाग के घोड़े दौड़ा रहे हैं तो रुक जाइए. सनी की ये आदत कुछ और नहीं बल्कि बार-बार पैर धोना है. जिस तरह कुछ लोगों को बार-बार हाथ धोने की आदत होती है. उसी तरह सनी को ये आदत है.

 सनी इस आदत के पीछे इस कदर पागल हैं कि वह हर 15 मिनट बाद पैर धोती हैं. वह पानी से पैर धोती रहती हैं फिर चाहे शूटिंग के लिए देर क्यों ना हो जाए. है ना एक हटके आदत.

सनी इस आदत के पीछे इस कदर पागल हैं कि वह हर 15 मिनट बाद पैर धोती हैं. वह पानी से पैर धोती रहती हैं फिर चाहे शूटिंग के लिए देर क्यों ना हो जाए. है ना एक हटके आदत.

क्यों निकलती है भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा? जाने महत्व?

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दस दिवसीय यह रथयात्रा भारत में मनाए जाने वाले धार्मिक उत्सवों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार ”जगन्नाथ” की रथयात्रा का पुण्य सौ यज्ञों के बराबर माना जाता है।आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को ओडिशा के पुरी नामक स्थान और गुजरात के द्वारका पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा बड़ी धूमधाम से निकाली जाती है। इस उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का भक्ति भाव देखते ही बनता है क्योंकि जिस रथ पर भगवान सवारी करते हैं उसे घोड़े या अन्य जानवर नहीं बल्कि श्रद्धालुगण ही खींच रहे होते हैं। पुरी में श्री जगदीश भगवान को सपरिवार विशाल रथ पर आरुढ़ कराकर भ्रमण करवाया जाता है फिर वापस लौटने पर यथास्थान स्थापित किया जाता है। यह उत्सव अद्वितीय होता है। इस अवसर पर देश विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां एकत्र होते हैं।

भगवद भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और उत्सव मनाते हैं। पुरी में जिस रथ पर भगवान की सवारी चलती है वह विशाल एवं अद्वितीय है। वह 45 फुट ऊंचा, 35 फुट लंबा तथा इतना ही चौड़ाई वाला होता है। इसमें सात फुट व्यास के 16 पहिये होते हैं। इसी तरह बालभद्र जी का रथ 44 फुट ऊंचा, 12 पहियों वाला तथा सुभद्रा जी का रथ 43 फुट ऊंचा होता है। इनके रथ में भी 12 पहिये होते हैं। प्रतिवर्ष नए रथों का निर्माण किया जाता है। भगवान मंदिर के सिंहद्वार पर बैठकर जनकपुरी की ओर रथयात्रा करते हैं। जनकपुरी में तीन दिन का विश्राम होता है जहां उनकी भेंट श्री लक्ष्मीजी से होती है। इसके बाद भगवान पुन: श्री जगन्नाथ पुरी लौटकर आसनरुढ़ हो जाते हैं।

दस दिवसीय यह रथयात्रा भारत में मनाए जाने वाले धार्मिक उत्सवों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार ‘जगन्नाथ’ की रथयात्रा का पुण्य सौ यज्ञों के बराबर माना जाता है। यात्रा की तैयारी अक्षय तृतीया के दिन श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा के रथों के निर्माण के साथ ही शुरू हो जाती है। जगन्नाथ जी का रथ ‘गरुड़ध्वज’ या ‘कपिलध्वज’ कहलाता है। रथ पर जो ध्वज है, उसे ‘त्रैलोक्यमोहिनी’ या ह्यनंदीघोषह्ण रथ कहते हैं। बलराम जी का रथ ‘तलध्वज’ के नाम से पहचाना जाता है। रथ के ध्वज को ‘उनानी’ कहते हैं। जिस रस्सी से रथ खींचा जाता है वह ‘वासुकी’ कहलाता है। सुभद्रा का रथ ‘पद्मध्वज’ कहलाता है। रथ ध्वज ‘नदंबिक’ कहलाता है। इसे खींचने वाली रस्सी को ‘स्वर्णचूडा’ कहते हैं।

रथयात्रा आरंभ होने से पहले पुराने राजाओं के वंशज पारंपरिक ढंग से सोने के हत्थे वाली झाडू से ठाकुर जी के प्रस्थान मार्ग को साफ करते हैं। इसके बाद मंत्रोच्चार एवं जयघोष के साथ रथयात्रा शुरू होती है। सर्वप्रथम बलभद्र का रथ तालध्वज प्रस्थान करता है। थोड़ी देर बाद सुभद्रा की यात्रा शुरू होती है। अंत में लोग जगन्नाथ जी के रथ को बड़े ही श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। लोग मानते हैं कि रथयात्रा में सहयोग से मोक्ष मिलता है, अत: सभी श्रद्धालु कुछ पल के लिए रथ खींचने को आतुर रहते हैं। जगन्नाथ जी की यह रथयात्रा गुंडीचा मंदिर पहुंचकर संपन्न होती है। ‘गुंडीचा मंदिर’ वहीं पर स्थित है जहां विश्वकर्मा जी ने तीनों देव प्रतिमाओं का निर्माण किया था। यह भगवान की मौसी का घर भी माना जाता है। यहां भगवान एक सप्ताह प्रवास करते हैं और इस दौरान यहीं पर उनकी पूजा की जाती है। आषाढ़ शुक्ल दशमी को जगन्नाथ जी की वापसी यात्रा शुरू होती है। शाम तक रथ जगन्नाथ मंदिर पहुंच जाते हैं लेकिन प्रतिमाओं को अगले दिन ही मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के गर्भगृह में फिर से स्थापित किया जाता है।

अध्यक्ष के चुनाव में नहीं रहेगा गांधी परिवार, सोनिया के साथ अमेरिका जाएंगे राहुल

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नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के पद से राहुल गांधी ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद पार्टी के भीतर नए अध्यक्ष को लेकर मंथन तेज हो गया है। बुधवार रात को राहुल गांधी के ऐलान के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक, अहमद पटेल, एके एंटनी, अशोक गहलोत ने पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर बैठक की। दरअसल राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद इस बात की कोशिश हो रही है कि पार्टी के भीतर बिना गांधी परिवार के नेतृत्व के किसी भी तरह की संकट उत्पन्न ना हो।To go USA 
अमेरिका जा सकते हैं राहुल-सोनिया

माना जा रहा है कि राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के साथ अमेरिका जा सकते हैं। ऐसे में दोनों ही नेताओं के देश से बाहर जाने के बाद पार्टी के भीतर गांधी परिवार का नेतृत्व नहीं रहेगा। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी पहले से ही अमेरिका में हैं। ऐसे में गांधी परिवार के देश में ना रहने की वजह से पार्टी के भीतर नेतृत्व का संकट उत्पन्न हो सकता है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर इस हालात से निपटने के लिए कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की आपात बैठक हो सकती है, जिसमे गांधी परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं रहेगा।

Limited option 
कांग्रेस के पास सीमित विकल्प

राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास विकल्पों की कमी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक अगले हफ्ते हो सकती है, जिसमे राहुल गांधी के इस्तीफे को स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता है। ऐसे में अगर राहुल गांधी के इस्तीफे को अगर स्वीकार नहीं किया जाता है तो अंतरिम अध्यक्ष का नाम पर फैसला लिया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोती लाल वोरा के नाम को लेकर अटकलें तेज हैं, खबरों की मानें तो उन्हें पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार करते हुए राहुल गांधी को अपना नेता बताया है।

Motilal vora in the race 
मोतीलाल वोरा का नाम सबसे आगे

मोतीलाल वोरा ने कहा कि हम एक बार फिर से राहुल गांधी से अपील करेंगे कि वह पार्टी के अध्यक्ष पद पर बने रहे। राहुल हमारे नेता हैं और हमेशा रहेंगे। कयास इस बात के भी लगाए जा रहे थे कि मुकुल वासनिक को राज्य सभा में विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक इसपर पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। जिस तरह से राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है उसपर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी का नेतृत्व जारी रखना चाहिए था।

ये है दुनिया की सबसे महंगी मछली, कीमत जानकर उड़ेंगे आपके होश

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आज हम आपको एक ऐसी मछली के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, जापान में आजकल एक जाइंट टूना मछली काफी चर्चाओं में है। बता दें कि यहां इस मछली की बोली लगाई जा रही है जिसकी कीमत सुन आप दंग रह जाएंगे।

इस मछली की कीमत कोई हजार और लाख में नही बल्कि 21 करोड़ रुपए है। जापान में ‘सुशी’ टायकून ने नीलामी के वक्त इस मछली को उतारा है। जहां पर इस मछली को 31 लाख डॉलर में खरीदा गया।

खबरों के मुताबिक, टुना किंग कियोशी किमुरा ने 278 किलोग्राम वाली इस मछली को खरीदा। मछली की खासियत ये है कि ये एक लुप्तप्राय प्रजाति है इसलिए लोग इसमें बहुत ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं। थोक व्यापारी एवं जापान के सुशी कंपनी के मालिक आमतौर पर इस प्रकार के सर्वोत्तम तथा अनोखी मछलियों के काफी ऊंचे दाम लगाते हैं।

इस मछली को जापान के सुकिजी नाम के बाजार से खरीदा गया, इसे विश्व का सबसे बड़ा मछली बाजार बोला जाता है। इस बाजार के रेस्टोरेंट एवं दुकानें दुनियाभर में काफी मशहूर हैं। खासतौर पर ये बाजार इन मछलियों की नीलामी हेतु जाना जाता है।

राहुल गांधी के बाद नया कांग्रेस अध्यक्ष कौन? 3 नाम आगे

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राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में 2019 में हुए चुनाव में हार के बाद अब अपने पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल है कि राहुल गांधी के बाद कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष कौन बनेगा आपको बता दें कि कल ही राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपना इस्तीफा साझा करते हुए कहा कि अब सीडब्ल्यूसी को बैठक करनी चाहिए और अपने लिए चाहिए और अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगा देनी चाहिए.

अब ऐसे में सवाल है कि कांग्रेस पार्टी का नया अध्यक्ष कौन हो सकता है.

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे अशोक गहलोत का नाम है आपको बता दें कि अशोक गहलोत इस वक्त राजस्थान में कांग्रेस की सरकार में मुख्यमंत्री हैं और कांग्रेस पार्टी और नेहरु गांधी परिवार के सबसे करीबी नेता माने जाते हैं इसीलिए खबर है कि उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है वहीं आपको बता दें कि वह पार्टी के राज्य सचिव से लेकर राज्यों के प्रभारी रह चुके हैं.

कांग्रेस पार्टी के बीच की दौड़ में दूसरा नाम सुशील कुमार शिंदे का है वहीं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और गैर विवादास्पद और मिलनसार नेताओं के तौर पर जाने जाते हैं आपको बता दें कि शिंदे ने साल 1971 में कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन करा था और विधायक चुने गए थे और उसके बाद साल 2003 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी बने वहीं केंद्र की यूपीए सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री पी सुशील कुमार शिंदे है.

इसराना मलिकार्जुन खरगे का है जो कांग्रेस के एक कद्दावर नेता हैं और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में लोकसभा में नेता विपक्ष भी रहते हुए कई मौकों पर सरकार को कैद कर विपक्ष के तौर पर मजबूत चुनौती पेश करते रहे हैं.

आपको बता दें कि खाड़ी के नेट में राजनीति की शुरुआत एक आम कांग्रेसी की तरह करी थी और उसके बाद कर्नाटका में लगातार सक्रिय रहने के बाद वह दिल्ली की राजनीति में पहुंचे थे.