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राहुल गांधी के इस्तीफे का प्रियंका ने किया सम्मान, बोलीं- कुछ ही लोगों में होती ऐसी हिम्मत

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कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि कुछ ही लोगों में इस तरह के फैसले लेने की हिम्मत होती है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं आपके फैसले का सम्मान करती हूं।

इससे पहले राहुल गांधी ने बुधवार को कंग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा, “कांग्रेस पार्टी की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। कांग्रेस वह पार्टी है जिसके आदर्श और मूल्य हमारे सुंदर देश की धमनियों में रक्त की तरह हैं। मुझे जो प्यार और सम्मान मिला है, उसके लिए मैं अपनी पार्टी और देश का ऋणी हूं।”

राहुल गांधी ने आगे लिखा, “कांग्रेस के अध्यक्ष के नाते 2019 के चुनावों में हार की जिम्मेदारी मेरी है। पार्टी की प्रगति और भविष्य के लिए जवाबदेही बहुत अहम है। और, यही कारण है कि मैंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी को दोबारा मजबूत करने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे और कई लोगों को 2019 की नाकामी के लिए जवाबदेह होना होगा। इस नाकामी के लिए सिर्फ दूसरों को जिम्मेदारी ठहराना और अध्यक्ष के नाते अपनी जिम्मेदारी स्वीकार न करना, सही नहीं होगा।”

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उन्होंने पत्र में आगे लिखा, “मेरे कई साथियों ने मुझसे आग्रह किया कि मैं पार्टी के अगले अध्यक्ष का नाम तय कर दूं। हालांकि पार्टी के लिए नया अध्यक्ष होना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन मेरे द्वारा उसका चयन होना बिल्कुल सही नहीं होगा। हमारी पार्टी का एक इतिहास है, एक विरासत है, यह संघर्षों से खड़ी हुई पार्टी है, जिसका मुझे गर्व है। यह भारत के ताने-बाने का हिस्सा है, और मुझे उम्मीद है कि जो भी पार्टी का अध्यक्ष बनेगा वह साहस, प्रेम और मजबूती के साथ पार्टी का नेतृत्व करेगा।”

संत और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

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एक संत और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने होनेको तैयार है। यह बात तब सामने आई जब असम के कोलीयाबोर क्षेत्र से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने नए NCERT कोर्स में एक संत तीन स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी शामिल करने की मांग उठाई। सांसद ने एचआरडी मंत्री को लिखा है कि संत शंकरदेव तथा स्वतंत्रता सेनान स्वाहिद कौशल कंवर, कमला मिरी तथा छोबीलाल उपाध्याय की जीवनी शामिल की जाए।

गोगोई ने अपने पत्र में लिखा है कि मैंने पहले भी पिछले एचआरडी मंत्री को इस बारे में लिखा था। उन्होंने लिखा कि 2015 से अब तक कई तरह के बदलाव हो चुके हैं लेकिन यह मामला जस का तस बना हुआ है।

इसके अलाव गोगोई ने महापुरूष शंकरदेव और उपरोक्त स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी से संबंधित काफी ब्योरा दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्वाहिद कौशल कंवर ने जवानी के और जिंदगी देश के लिए खफा दिए थे। उनकी सत्यावादिता, देशभक्ति, नैतिकता तथा बुद्धिमता एकांकी थी। इसलिए वर्तमान समय के युवाओं को उनकी जीवनी पढ़नी चाहिए।

इसके अलावा सांसद ने ​कमला मिरी और छोबीलाल उपाध्याय की जीवनी को भी शामिल करने के लिए लिखा है। उन्होंने कहा कि ये दोनों भी असम से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनिक थे जिनको अंग्रेजों के शासन में तेजपुर जेल भेजा गया।

इस शख्स को थी लोहा खाने की आदत, Doctar ने पेट ने निकाली 116 कीलें, छर्रे और तार

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राजस्थान के बूंदी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने 42 वर्षीय व्यक्ति के पेट से लोहे की 116 कीलें, लोहे के छर्रे और तार निकाले हैं। अस्पताल में सर्जन डॉ. अनिल सैनी ने बताया कि ज्यादातर कीलों का आकार 6.5 सेंटीमीटर का है और व्यक्ति के पेट से इन सब चीजों को निकालने में डेढ़ घंटे का समय लगा।

डॉ सैनी ने कहा, ‘एक्स रे रिपोर्ट को देखकर मैं दंग रह गया जिसके बाद मैंने सी टी स्कैन कराने को कहा। उसमें भी उसी बात की पुष्टि हुई जिसके बाद सोमवार को मरीज का ऑपरेशन किया गया।’ पिछले कुछ दिनों से पेट दर्द के बाद मरीज भोला शंकर रविवार को चिकित्सा जांच के लिए आया था।

उन्होंने कहा कि मरीज की स्थिति सामान्य है और ऑपरेशन के बाद वह ठीक से बोल पा रहा है। हालांकि, वह ये नहीं बता पाया कि ऐसी चीजें उसने कैसे निगल ली थीं।

लोहे की कीलें अगर उसकी आंत में पहुंच जातीं तो यह बहुत जानलेवा होता। मरीज माली का काम करता है और उसके परिवार के लोग भी नहीं बता पाए कि कैसे उसने ऐसी चीजें निगल ली थीं।

दुबई के हवाई अड्डों पर अब भारतीय करंसी में हो सकेगा लेन-देन

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 संयुक्त अरब अमीरात के एक नामचीन समाचार पत्र के अनुसार दुबई के सभी हवाई अड्डों पर भारतीय रुपए में लेनदेन किया जा सकेगा। सूत्रों के अनुसार भारतीय करंसी (मुद्रा) को लेन देन के लिए स्वीकार किया जाना भारत से आने वाले पर्यटकों के लिए ब़ड़ी राहत की खबर है। क्योंकि उन्हें रुपएको दूसरी मुद्राओं में परिवर्तित कराने के चलते बड़ी राशि गंवानी पड़ती थी।

‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार, भारतीय मुद्रा दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सभी तीनों टर्मिनल और अल मख्तूम हवाई अड्डे पर स्वीकार्य है।हवाई अड्डे पर स्थित ड्यूटी फ्री दुकान के एक कर्मचारी ने समाचार पत्र को बताया, “हां, हमने भारतीय रुपया लेना शुरू कर दिया है।” खबर में कहा गया है कि पिछले साल दुबई हवाई अड्डे से लगभग 9 करोड़ यात्री गुजरे थे, इनमें 1.22 करोड़ भारतीय थे।

भारतीय यात्रियों को इससे पहले तक दुबई हवाई अड्डे पर ड्यूटी फ्री दुकानों से खरीददारी के लिए सामान की कीमत डॉलर, दिरहम या यूरो में चुकानी पड़ती थी। खबर में कहा गया है कि रुपया दुबई में ड्यूटी फ्री दुकानों पर स्वीकार की जाने वाली 16वीं मुद्रा है। दिसंबर 1983 में दूसरी मुद्राओं को स्वीकार किए जाने की शुरुआत हुई थी।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज से शुरू, जानिए क्या हैं इसका इतिहास

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आपको बता दें, कि आज से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू होने वाली हैं ऐसे में यात्रा से जुड़े सभी इंतजात पूरे कर लिए गए हैं वही साथ ही साथ रथ यात्रा के लिए सुरक्षा से जुड़े कड़े इंतजाम भी किए गए हैं वही हिंदू धर्म के लिए यह रथ यात्रा धार्मि रूप से बहुत ही खास और महत्वपूर्ण हैं जगन्नाथ मंदिर भगवान विष्णु के 8वें अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित हैं। भगवान जगन्नाथ जी की मुख्य लीला भूमि उड़ीसा की पुरी हैं

जिसको पुरुषोत्तम पुरी के नाम से भी जाना जाता हैं, वही उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभदा की काष्ठ की अर्धनि​र्मित मूर्तियां भी स्थापित हैं जिनका निर्माण राजा इन्द्रद्युम्न ने कराया था। वही भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरंभ होती हैं रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ वर्ष में एक बार जनसामान्य के बीच जाते हैं, इसलिए इसका इतना अधिक महत्व होता हैं।

बता दें, कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरंभ होती है और दशमी तिथि को समाप्त हो जाती हैं रथयात्रा में सबसे आगे ताल ध्वज पर श्री बलराम, उसके पीछे पद्म ध्वज रथ पर माता सुभद्रा व सुदर्शन चक्र और अंत में गरुण ध्वज पर श्री जगन्नाथ जी सबसे पीछे चलते हैं।

वही इसी समय में उनकी पूजा अर्चना करना और प्रार्थना करना विशेष फलदायी माना जाता हैं, इस बार भगवान की रथयात्रा 04 जुलाई यानी की आज से आरम्भ होगी। वही इसी समय में भगवान की रथ यात्रा में शामिल हो, साथ ही साथ भगवान जगन्नाथ की उपासना भी अवश्य ही करें।

इस महीने पांच बार कोर्ट के चक्कर लगाएंगे राहुल गांधी, मानहानि मामलों में होगी पेशी

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लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी इस महीने अलग-अलग अदालतों में सुनवाई के लिए पेश होते दिखाई देंगे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा और आरएसएस के खिलाफ जो बयान दिए थे उन्हीं का बचाव करने के लिए उनकी एक के बाद एक अदालत में पेशी होनी है।  विज्ञापन

इस महीने उन्हें पांच मामलों में अलग-अलग अदालतों में पेश होना है। चुनाव प्रचार के दौरान राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा था। इन्हीं बयानों को लेकर उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। 

मुंबई में आज येचुरी के साथ होंगे पेश

राहुल गांधी और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी को गुरुवार को मुंबई की एक अदालत में पेश होना है। सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को भाजपा और आसएसएस से जोड़ने वाला बयान देने के कारण उनपर एक आरएसएस कार्यकर्ता ने मानहानि का मामला दर्ज करवाया है। 

पटना में छह जुलाई को होगी पेशी

राहुल गांधी को शनिवार को पटना उच्च न्यायालय में पेश होना है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाया है। एक रैली के दौरान राहुल ने कहा था कि सभी चोरों का नाम मोदी होता है। इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

गुजरात की विभिन्न अदालतों में होगी पेशी

गृहमंत्री अमित शाह को ‘हत्या आरोपी अध्यक्ष’ वाला बयान देने के कारण उनके खिलाफ अहमदाबाद की एक अदालत में नौ जुलाई को पेशी होनी है। चौथी सुनवाई 12 जुलाई को गुजरात की एक अदालत में आपराधिक मानहानि मामले को लेकर होनी है। यह मामला अहमदाबाद जिले के को-ऑपरेरिटव बैंक अध्यक्ष ने उनके खिलाफ दर्ज कराया है। पांचवी सुनवाई सूरत की एक अदालत में होगी। यहां राहुल के ‘सारे मोदी चोर हैं’ वाले बयान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

कैलिफोर्निया : सैन फ्रांसिस्‍को के मॉल में फायरिंग से चार घायल, आसपास के मॉल बंद

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सैन फ्रांसिस्‍को। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्‍य के सैन फ्रांसिस्‍को के टैनफोरॉन शॉपिंग मॉल में हुई फायरिंग में चार लोग जख्‍मी हो गए हैं। जबकि स्‍थानीय मीडिया का कहना है कि घटना में घायलों की संख्या कहीं ज्‍यादा है। अधिकारियों की ओर से घटना के बारे में सिर्फ कुछ जानकारी जारी की गई है। घटना में घायल दो लोगों को सैन फ्रांसिस्‍को जनरल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। वहीं दो घायलों को दूसरे अस्‍पतालों में भेज दिया गया।

डरे हुए लोग मॉल के अंदर भागे

जनरल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के प्रवक्‍ता ब्रेंट एंड्रयू ने एबीसी न्‍यूज को यह बताया। मॉल के अंदर एक दुकान एंजलिका कास्‍त्रो में काम करने वाली कर्मी ने बताया कि उन्‍होंने फायरिंग शुरू होते ही चिल्‍लाते हुए लोगों की भीड़ को उनके स्‍टोर की तरफ भागते देखा। ये सभी लोग ‘शूटिंग, शूटिंग, शूटिंग’ चिल्‍ला रहे थे। सभी लोग डरे हुए थे। सभी लोगों चेहरे पर डर आसानी से देखा जा सकता था। प्रत्‍यक्षदर्शियों की ओर से बताया गया है कि उन्‍होंने आठ बार गोलियों की आवाज सुनी और कम से कम दो घायलों को जमीन पर गिरते हुए देखा। वहीं तीन लोगों के हाथों में हथकड़ी पड़ी हुई थी। स्‍थानीय मीडिया की मानें तो गोलीबारी की वजह से सैन ब्रूनो में स्थित एक मॉल को बंद कर दिया गया था।

बॉलीवुड छोड़ने के फैसले के बाद जायरा वसीम ने किया ये बड़ा ऐलान

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नई दिल्ली। ‘दंगल गर्ल’ जायरा वसीम के बॉलीवुड छोड़ने के फैसले को लेकर हर कोई हैरान है। जायरा के इस कदम पर बॉलीवुड के कलाकारों समेत कई दिग्गज हस्तियों ने ट्वीट कर कहा है कि फिल्मों में काम करने या ना करने का फैसला उनका निजी मामला हो सकता है, लेकिन कोई धर्म किसी को काम करने से कैसे रोक सकता है। दरअसल जायरा वसीम ने हाल ही में 30 जून को अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट लिखकर ऐलान किया कि अब वो बॉलीवुड में काम नहीं करेंगी क्योंकि ऐसा करने से वो अपने धर्म इस्लाम से दूर हो रही हैं। बॉलीवुड छोड़ने के उनके फैसले पर अभी चर्चा हो ही रही थी कि अब जायरा वसीम ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया है।जायरा का एक और बड़ा ऐलान

दरअसल खबर है कि बॉलीवुड छोड़ने के फैसले के बाद अब जायरा वसीम ने कहा है कि वो अपनी आने वाली फिल्म ‘दि स्काई इज पिंक’ के प्रमोशन में शामिल नहीं होंगी। जायरा ने अपने इस फैसले को लेकर फिल्म के प्रोड्यूसर से अनुरोध किया है कि उन्हें प्रमोशन से जुड़े इवेंट्स का हिस्सा ना बनाया जाए। जायरा के इस फैसले से फिल्म में उनके सह-कलाकारों को भी झटका लग सकता है। आपको बता दें कि ‘दि स्काई इज पिंक’ फिल्म में जायरा वसीम के अलावा फरहान अख्तर और प्रियंका चोपड़ा मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म आने वाली 11 अक्टूबर को रिलीज हो होगी।

फेसबुक पर लिखी थी ये पोस्ट

गौरतलब है कि हाल ही में बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान करते हुए जायरा वसीम ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, ‘पांच साल पहले मैंने बॉलीवुड में आने का फैसला लिया था और उसके बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। ये सफर मेरे लिए आसान नहीं रहा, मैं लगातार 5 सालों से लड़ रही हूं लेकिन अब हिम्मत नहीं है इसलिए मैं बॉलीवुड से अपना नाता हमेशा के ल‍िए तोड़ रही हूं। फिल्म इंड्स्ट्री से जुड़ने पर मैं अपने धर्म इस्लाम से दूर होती जा रही हूं। बीते कुछ समय से मैं खुद को समझाने की कोशिश कर रही थी कि मैं जो कर रही हूं वो सब सही है लेकिन मुझे आखिरकार समझ आ गया है कि अपने धर्म इस्लाम की बताई हुई राह पर चलने में मैं एक बार नहीं बल्कि 100 बार असफल रहीं हूं। नई लाइफस्टाइल में मैं फिट नहीं हो पा रही हूं, इसी वजह से मैं अब थक गई हैं और मैंने सिनेमा छोड़ने का फैसला कर लिया है।

अकाउंट हैक होने की खबरों का किया खंडन

आपको बता दें कि जायरा के इस फैसले के बाद मीडिया में ऐसी भी खबरें चलीं कि उनके मैनेजर ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट जायरा ने नहीं किया, बल्कि उनका अकाउंट हैक हुआ है। इसके बाद एक बार फिर जायरा के फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं थी। हालांकि इसके तुंरत बाद जायरा वसीम फिर से अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट लिखकर स्पष्ट किया कि उनका अकाउंट हैक नहीं हुआ है और वो पोस्ट उन्होंने ही की थी। जायरा ने लिखा, ‘मैं ये स्पष्ट करना चाहती हूं कि मेरा कोई भी सोशल मीडिया अकाउंट हैक नहीं हुआ और मैं खुद अपना अकाउंट चला रही हूं। कृपया इससे हटकर किए जा रहे किसी भी दावे पर भरोसा ना करें।’

सपा सांसद बोले, जायरा ने ठीक फैसला लिया

ऐसा नहीं है कि सभी लोग जायरा के फैसले पर उंगली उठा रहे हैं, कुछ लोगों ने उनके इस फैसले का समर्थन भी किया है। यूपी की मुरादाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने जायरा के फैसले का समर्थन हुए कहा, ‘इस्लाम में मर्दों को रिझाने के लिए बदन की नुमाइश को हराम माना गया है, फिल्मों में सब करना होता है। हिन्दू धर्म में भी ये ठीक नहीं माना गया है। ऐसे में जायरा ने बॉलीवुड छोड़कर ठीक किया। अगर इस तरह की ड्रेस पहनाई जा रही है कि जिस्म की नुमाइश हो रही है तो मैं समझता हूं कि जायका ने ठीक किया।’ दूसरी तरफ अनुपम खेर ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘अगर जायरा ने धर्म के नाम पर एक्टिंग छोड़ने जैसा फैसला लिया है तो हो सकता है कि यह उसका खुद का फैसला ना हो और इसके लिए उसपर दबाव बनाया गया हो। लेकिन ये उसकी जिंदगी है अगर वह चाहे तो कोई भी फैसला ले सकती है, मैं उसके फैसले का सम्मान करताहूं। मुझे लगता है कि फिलहाल हमें अकेला छोड़ देना चाहिए।’

बाबा रामदेव की पतंजलि का ग्राहकों को बड़ा तोहफा! कई सामानों पर 50% तक की छूट

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FMCG कंपनियों को कड़ी टक्कर देने वाली बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने पहली बार अपने कुछ उत्पादों पर भारी डिस्काउंट देने का ऐलान किया है. माना जा रहा है कि इसके पीछे की वजह पतंजलि की बिक्री को बढ़ाना है. पतंजलि इस खास पेशकश के तहत ‘Buy 3, Get 3 free’ और फूड कैटेगरी के कुछ खास उत्पादों पर 50 फीसदी छूट जैसे ऑफर को पेश किया है.

इन सामानों पर मिल रहा है कैशबैक और डिस्काउंट

फूड कैटेगरी के तहत जूस, आटा, तेल, ओट्स और रेडी टू ईट फूड्स आते हैं. इनके अलावा शैंपू, फेसवॉश जैसे पर्सनल केयर उत्पाद कॉम्बो ऑफर में पेश किए जा रहे हैं. आपको बता दें कि अभी इन ऑफर्स का फायदा कुछ ही शहरों के लोग उठा पा रहे हैं.

पिछले 2 वर्षों से गिर रही है कंपनी की सेल
कंपनी पिछले दो वित्त वर्ष से घटती बिक्री के कारण बुरे दौर से गुजर रही है. इसके अलावा पतंजलि को पिछले वित्त वर्ष में स्टॉक्स और एक्सपायर्ड प्रॉडक्ट इन्वेंटरी का भी सामना करना पड़ा. पतंजलि के उत्पादों की बिक्री पिछले दो साल से कम हो रही है. इसके अलावा पतंजलि आयुर्वेद ने वित्त वर्ष 2017 की तुलना में वित्त वर्ष 2018 में 10 फीसदी रेवेन्यू गिरावट की जानकारी फाइल की थी.

जल्द सुधार जाएंगे हालात: आचार्य बालकृष्ण
कुछ ही दिनों ईटी नाऊ को दिए हुए इंटरव्यू में पतंजलि के एमडी आचार्य बालकृष्ण बताया था कि कंपनी इस समय सुस्ती के दौर से गुजर रही है और उसकी ग्रोथ बहुत धीमी रही. आचार्य बालकृष्ण ने कहा था कि ग्रामीण इलाकों में स्लोडाउन की वजह से बिक्री कम हुई है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि स्लोडाउन का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हर्बल और नेचुरल प्रॉडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है और जल्द ही इसकी खपत बढ़ेगी. उन्होंने कहा था कि एफएमसीजी लोगों की आम जरूरतों में है, इसलिए इन चीजों में लोगों की दिलचस्पी के चलते इसका बाजार निकट भविष्य में नीचे नहीं जाएगा.

ऑस्ट्रेलिया में एचआईवी दर 18 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर

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सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में सरकार, स्वास्थ्य क्षेत्र, समुदायों और शोध क्षेत्र के समेकित प्रयासों से एचआईवी की दर 18 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गई है। न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के किर्बी इंस्टीट्यूट की ओर से बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 2018 में एचआईवी के महज 835 मामले सामने आए जो पिछले पांच वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत कम है।

किर्बी इंस्टीट्यूट के सर्विलांस इवैल्यूण्शन एंड रिसर्च प्रोग्राम की प्रमुख रेबेका गाइ ने कहा कि यह गिरावट काफी उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि हमने गत कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों में एचआईवी दर में गिरावट दर्ज की थी लेकिन 2018 में हमें राष्ट्रीय स्तर पर एचआईवी दर में गिरावट दर्ज की गई।

गाइ ने कहा कि एचआईवी दर में गिरावट इसका प्रसार रोकने के लिए सरकार, स्वास्थ्य क्षेत्र, समुदायों और शोध क्षेत्र के समेकित प्रयासों का नतीजा है। इन साझीदारियों के परिणामस्वरूप अधिक से अधिक लोगों में एचआईवी संक्रमण की जांच की गयी और एचआईवी संक्रमित लोगों का जल्द इलाज शुरू कर दिया गया।

ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने एक बयान जारी कर एचआईवी दर में गिरावट का स्वागत करते हुए कहा कि यह अतुल्य परिणाम समलैंगिक और उभयलैंगिक पुरुषों के बीच नियमित एचआईवी रोकथाम उपचार के कारण भी आया है जिसके सरकार ने एक अप्रैल 2018 से फार्मास्यूटिकल बेनेफिट््स स्कीम में शामिल किया है।

उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इन स्कीम के तहत लोगों को एचआईवी की कई दवाइयां उपलब्ध कराई हैं। सरकार इसके लिए पुरजोर कोशिश कर रही है कि देश में एचआईवी संक्रमण के नए मामले नहीं हों।