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छत्तीसगढ़ : बिजली की ख़राब हालात के लिए ज़िम्मेदार लोग आंदोलन की बात कर रहे हैं : कांग्रेस

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भाजपा ने 15 साल के शासनकाल में यदि बिजली को लेकर गंभीरता से काम किया होता तो आज छत्तीसगढ़ की वह स्थिति नहीं होती जो हो रही है. सच यह है कि भाजपा शासनकाल में बिजलीघर से लेकर ट्रांसमिशन तक सब कुछ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की गिरफ़्त में रहा, अब वही भाजपा बिजली कटौती को लेकर आंदोलन की बात कर रही है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पिछले पांच साल के पांच माह की कटौती की रिपोर्ट बताती है कि भाजपा शासनकाल में पिछले साल करीब सवा लाख घंटे बिजली गुल रही, जबकि कांग्रेस शासन में यह आंकड़ा एक लाख घंटे से कम है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश में शहर से लेकर गांवों तक बिजली कटौती की जा रही है।

विवरण  
जनवरी से मई 2018 तक
भाजपा शासनकाल में  
जनवरी से मई 2019 तक
कांग्रेस शासन काल में  
33KVA फीडर

ब्रेक डाउन और शटडाउन

8254 बार   
6761 बार  
33KVA बिजली बंद
16645.69 घंटे  
13041.02 घंटे  
11KVA फीडर,  

ब्रेक डाउन और शटडाउन

 84421 बार  
70449 बार,   
11KVA फीडर बिजली बंद
104770 घंटे  
85772 घंटे,  
दोनो फीडर
ब्रेक डाउन और शटडाउन  
 92675 बार ब्रेक शटडाउन,  
77510 बार ब्रेक शटडाउन,  
दोनो फीडर
बिजली बंद  
 121046 घंटेs
98813 घंटे   

 विवरण
जनवरी से मई 2018 तक
भाजपा शासनकाल में  
जनवरी से मई 2019 तक
कांग्रेस शासन काल में  
रायपुर सिटी सर्किल 33KVA  56 फीडर तथा   11KVA 99फीडर 

ब्रेक डाउन और शटडाउन 

421 बार  
271 बार  
33KVA  तथा   11KVA   बिजली बंद 
1344 घंटे  
795 घंटे  
रायपुर ओ.एम.डी. सर्किल  33KVA 106 फीडर 

ब्रेक डाउन और शटडाउन

574 बार  
 459 बार,  
33KVA 106 फीडर  

बिजली बंद

911घंटे  
670 घंटे   

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि घटिया क्वालिटी के ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरणों की रमन सिंह सरकार में की गयी खरीदी के कारण इनके जलने खराब होने और ओवरलोड के कारण ट्रिप होने और प्रीमानसून मेंटेंनेस को पूरी भाजपा सुनियोजित रूप से पावर कट के रूप में प्रचारित करने में जुट गयी है। परिस्थितियो को बिगाड़ने के लिये प्रीमानसून मेंटेंनेन्स, ओवरलोड ट्रिपिंग या घटिया क्वालिटी विद्युत के उपकरणों के बार-बार खराब होने के कारण बिजली चले जाने को रमन सिंह जी के 15 वर्षो के शासनकाल में विद्युत मंडल में उपकृत करने के उद्देश्य से घुसाये गये संघी अधिकारी झूठमूठ में पावर कट कहकर विद्युत मंडल ही के खिलाफ दुष्प्रचार में लगे हुये है। कांग्रेस सरकार ने तो प्रदेश में बिजली की मांग से ज्यादा उत्पादन के द्वारा कीर्तिमान स्थापित किया है जिससे बौखलाकर जनविरोधी रवैय्ये के उजागर होने से डूबती हुयी भाजपा द्वारा हर मामले में झूठ के तिनके को सहारा बनाया जा रहा है। 

ऽ बिजली की समस्या पिछली सरकार रमन सिंह की ही देन है। 
ऽ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी ने पूरे बिजली विभाग के तंत्र को नुकसान पहुंचाया है। 
ऽ बिजली का बिल हाफ करने से भाजपा घबरा गई है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। 
ऽ 15 वर्षो की रमन सरकार पर यह आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की सौभाग्य योजना का लक्ष्य पूरा करने की हड़बड़ी में बिना ट्रांसमीशन लाईन की केपिसिटी बढ़ाये, ट्रांसफार्मरों और सबस्टेशनों के बिना क्षमता बढ़ाये और नये ट्रांसफार्मर और नये सबस्टेशन लगाये बिना लोड बढ़ाया गया और आधा अधूरा काम किया गया, जिसमें भी जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। जिसके कारण ही बिजली बार-बार गुल हो रही और आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ऽ पावर कंपनी पिछले वर्षो से अधिक बिजली का रिकार्ड उत्पादन लगभग 4444 मेगावाट कर रही है एवं प्रदेश में इस समय मांग 4416 मेगावाट की है। 
ऽ इस प्रकार बिजली की प्रदेश में कमी तो नहीं है परंतु पिछले समय उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण की खरीदी नहीं की गयी तथा कर्मचारियों की कमी की समस्या को भी दूर नहीं किया गया। 
ऽ पिछले 15 वर्षो में कर्मचारियों की नई भर्ती भी नहीं की गयी। 
ऽ कर्मचारियों के रिटायर होने पर या मृत्यु होने पर उन खाली पदों की पूर्ति भी नहीं की गयी। 
ऽ जिससे उचित रूप से लाईन का रख-रखाव का कार्य प्रभावित हुआ। 
ऽ भाजपा की सरकार ने विद्युत कंपनी को खस्ताहाल में छोड़कर गयी है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कम्पनी द्वारा प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाये रखने भरसक प्रयास किये जा रहे हैं। फलस्वरूप  विभिन्न कारणों से क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाईनों, खम्बों एवं प्रणालियों के दुरूस्तीकरण सहित न्यूनतम समय में बिजली बहाल करने में बड़ी कामयाबी दर्ज हुई है। बीते पॉच माह के दौरान रायपुर सर्किल एवं ओएण्डएम सर्किल में विद्युत व्यवस्था काफी बेहतर रही। उक्त जानकारी पॉवर कम्पनीज के प्रवक्ता ने दी। उन्होंने बताया कि विद्युत की वास्तविक स्थिति का अध्ययन-विष्लेषण करने हेतु 11 के0व्ही0 एवं 33 के0व्ही0 फीडरों के माहवारी ऑकड़े प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से मंगाये गये, जिससे यह तथ्य सामने आया है कि बीते वर्ष के माह जनवरी  से मई 2018 (पॉच माह) के तुलना में  चालू वर्ष के जनवरी से मई 2019 (पॉच माह) के बीच हुये ब्रेकडाउन, शटडाउन आधे से भी कम हैं। 

उपलब्ध जानकारी अनुसार रायपुर सिटी सर्किल में 33 के.व्ही. लाईन के 56 फीडर तथा 11 के.व्ही. लाईन के 232 फीडर है तथा सिटी सर्किल 2 में 33 के.व्ही. लाईन के 79 फीडर एवं 11 के.व्ही. लाईन के 99 फीडर है जिनके माध्यम से रायपुर संभाग ईस्ट, वेस्ट, साउथ, सेन्ट्रल, उरला, सिलतरा के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं को विद्युत की आपूर्ति की जाती है। सिटी सर्किल एक के फीडरों में बीते पांच माह (जनवरी से मई 19) के दौरान 271 बार शटडाउन-ब्रेकडाउन लिया गया जिससे 795 घंटे बिजली बंद रही जबकि गत वर्ष 2018 में जनवरी से मई माह के दौरान 421 बार शटडाउन-ब्रेकडाउन लिया गया जिससे 1344 घण्टे बिजली बंद रही।

इसी तरह रायपुर ओ.एंड एम. सर्किल के अन्तर्गत रायपुर, कुरूद, राजिम, धमतरी में 33 के.व्ही. लाईन के 106 फीडर है जिनमें गत वर्ष जनवरी से मई 2018 के दौरान 574 बार शटडाउन-ब्रेकडाउन  लिया गया जिससे 911 घंटे बिजली गुल रही जबकि इसकी तुलना में चालू वर्ष के दौरान जनवरी से मई 2019 के पांच माह की अवधि में 459 बार शटडाउन-ब्रेकडाउन लिया गया, फलस्वरूप पांच माह में केवल 670 घण्टे बिजली बंद रही। इन तथ्यों से यह उजागर होता है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज द्वारा गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अपेक्षाकृत उत्कृष्ट कार्य-निष्पत्ति का प्रदर्शन किया गया जिससे पिछले साल की तुलना में स्थिति लगभग 35 प्रतिशत बेहतर रहीं। 

प्रदेश में विद्युत प्रदाय की स्थिति गत वर्ष की तुलना में बेहतर बनी हुई है। कतिपय तत्वों द्वारा राजनैतिक स्वार्थवश अनावश्यक भ्रम की स्थिति निर्मित कर दुष्प्रचार कर विद्युत कम्पनी व सरकार के विरूद्ध माहौल बनाने का प्रयास किया गया है।

भाजपा अपना आंदोलन वापस ले : त्रिवेदी 

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भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने कहा है कि छत्तीसगढ़ बिजली के मामले में सर्वाधिक विश्वसनीय राज्य है जहां बिजली की उपलब्धता 97.63 प्रतिशत है जो कि देश में सर्वाधिक है इसके बाद भारतीय जनता पार्टी को आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है अगर भाजपा बिजली को लेकर आंदोलन करती है तो इससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी ही केंद्र सरकार को झूठा ठहराने में लगी हुई। इसी के साथ जो आंकड़े बिजली विभाग ने दिए हैं कि भाजपा के शासनकाल में पावर कट की घटनाएं ज्यादा होती थी ज्यादा देर तक होती थी उसे देखते हुए भाजपा के दुष्प्रचार की पोल खुल गयी है। कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा के आंदोलन कि कांग्रेस की सरकार में बिजली कटौती ज्यादा हो रही है उसकी पोल खुल गई है। इस पोल खुलने के बाद अब तो भाजपा को प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए। छत्तीसगढ़ के लोगो को बिजली के मामले में गुमराह करने के लिए भाजपा माफी मांगे। रमन सरकार में ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन में जो घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। सब स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों के जलने के कारण बिजली जाने की घटनाओं से स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी अपने ही कार्यकाल में की गई कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार के कारण हो रही घटनाओं पर आंदोलन कर रही है। भारतीय जनता पार्टी को आज अपने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा करना चाहिए और जनता को गुमराह करने के लिए प्रदेश की जनता से क्षमा याचना करना चाहिए। प्रकृति भी भाजपा का साथ नहीं दे रही है। लगातार बारिश हो रही है। भाजपा को इसे भी समझना चाहिए और अपना आंदोलन वापस ले लेना चाहिए।

छत्तीसगढ़ /बघेल बोले- केंद्र अपनी योजनाओं के लिए अधिक बजट दे, ज्यादा बोझ से राज्य का विकास हो रहा प्रभावित

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केन्द्रीय वित्त मंत्रालय की बजट पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय प्रवर्तित योजनाओं में केन्द्र का वित्तीय अंश बढ़ाने और राज्य का अंश कम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय योजनाओं में राज्यों के अंश को लगातार बढ़ाया जा रहा है। इससे राज्य को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा पहले ही कम कर दिया गया है।


ऊपर से केंद्र की योजनाओं को चलाने की जिम्मेदारी भी रहती है। इसके लिए राज्य को अपने कर राजस्व का उपयोग करना पड़ता है। परिणामस्वरूप राज्य सरकार पूंजीगत खर्च यानी विकास कार्यों पर अधिक राशि खर्च नहीं कर पाती। कल्याणकारी योजनाओं पर भी इसका असर पड़ने लगा है।


केंद्र सरकार की 25 योजनाएं अभी चल रही हैं राज्य में : सर्व शिक्षा अभियान, पीएम आवास, एकीकृत बाल विकास जैसी केंद्र की इस समय 25 से अधिक योजनाएं राज्यों में चल रही हैं। इन सभी योजनाओं के लिए केंद्र करीब 4500 करोड़ ही देता है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार अपनी आय के 35 हजार करोड़ में से 40 फीसदी यानि करीब 14 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है।

भूपेश का फॉर्मूला

  • 80-20 प्रतिशत के अनुपात में केंद्र और राज्य खर्च वहन करें।
  • 60-40 प्रतिशत के अनुपात में अभी खर्च करना पड़ता है केंद्र और राज्य को। 

राज्य की वित्तीय स्थिति वह सब जो आप जानना चाहते हैं

  • 2019-20 का राज्य बजट : करीब 93 हजार करोड़ 
  • टैक्सेबल इनकम (केंद्र-राज्य मिलाकर): 60 हजार करोड़ 
  • सीमा शुल्क जैसे केंद्रीय करों से हर साल: 25 हजार करोड़ 
  • पंजीयन, आबकारी, वैट, खनिज : 35 हजार करोड़
  • माइनिंग से इनकम :  6000 करोड़ 

छत्तीसगढ़ /गरीब सवर्णों के लिए एमबीबीएस की 120 सीटें बढ़ीं, रायपुर काे 30 सीटें

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केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए देश के 17 राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई हैं। छत्तीसगढ़ में पांच मेडिकल कॉलेजों में 120 सीटें बढ़ी हैं। इसमें से 30 सीटें रायपुर को मिली हैं। अब रायपुर में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 180 हो गईं। सिम्स बिलासपुर में 150 से 180, राजनांदगांव में 100 से 125, रायगढ़ में 50 से 60, जगदलपुर में 100 से 125 सीटें हो गई हैं। इस तरह से पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 550 से बढ़कर 670 हो गई हैं।


अंबिकापुर में 100 सीटों पर जीरो ईयर हो गया है। मान्यता मिलती तो वहां सीटें 100 से बढ़कर 125 हो जातीं। यानी कुल 125 सीटों का नुकसान हो गया है। निजी कॉलेज के जीरो ईयर को मिला दें तो सीटों का नुकसान बढ़कर 275 हो गई है। नए सत्र में पांच सरकारी समेत दो निजी मेडिकल कॉलेजों में अब एमबीबीएस की सीटें 850 से बढ़कर 970 हो गई हैं। चंदूलाल कॉलेज दुर्ग में भी 150 सीटों में जीरो ईयर हो गया है। प्रदेश में नए सत्र के लिए शुक्रवार से ऑनलाइन काउंसिलिंग भी शुरू हो गई है। पहले दिन 100 से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है। 

बढ़ी हुई सीटों के बाद सरकारी कॉलेजों की स्थिति
कॉलेज    वर्तमान    बढ़ी सीटें    कुल
रायपुर     150     30     180
बिलासपुर    150     30     180
राजनांदगांव    100     25     125
जगदलपुर    100     25     125
रायगढ़     50     10     60
 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 120 सीटें बढ़ाई है। यह अच्छी खबर है। बढ़ी हुई सीटों पर एडमिशन इसी सत्र से होगा।

छत्तीसगढ़ : प्लास्टिक कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर

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 राजधानी में एक प्लास्टिक कबाड़ की गोदाम में भीषण आग लग गई। जिससे गोदाम में रखे सारा सामान जलकर खाक हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही आमानाका पुलिस के टीम और दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई है और आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। 

बता दें कि घटना आज सुबह करीब 7 बजे की है। आमानाका थाना क्षेत्र के हीरापुर गणपत चौक स्थित प्लास्टिक गोदाम में आग लग गई। आग देखते ही देखते कुछ घंटों में पूरे कबाड़ के प्लास्टिक गोदाम में फैल गई। जिसकी सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी गई। आगजनी में गोदाम में रखे लाखों के प्लास्टिक जलकर खाक हो गए है। घटना की सूचना के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां रवाना हुई है और आग पर काबू पाने का काम चल रहा है। गोदाम के संचालक मोहम्मद शेख मौके पर है। फिलहाल आग लगने का कारण पता नही चल पाया है।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पीएम मोदी को लिखीं तीन चिट्ठी

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सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में 43 लाख से अधिक लंबित मामलों के निपटारे के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन चिट्ठी लिखी हैं। चिट्ठी में मुख्य न्यायाधीश ने पीएम मोदी से सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ दो संवैधानिक संशोधनों का अनुरोध किया है। उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि एक तो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या में बढ़ोतरी हो जोकि अभी 31 है। दूसरा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष हो। 
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पीएम मोदी को दिए तीसरे पत्र में संविधान के अनुच्छेद 128 और 224ए के तहत सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के कार्यकाल की पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करने की मांग की है। ऐसा करने से वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट में इस समय न्यायाधीशों का कोई पद खाली नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में अभी कुल 31 न्यायाधीश हैं जबकि कोर्ट में कुल 58669 मामले लंबित हैं। नए मामले आने की वजह से ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 

उन्होंने बताया 26 केस 25 सालों से, 100 केस 20 सालों से, 593 केस 15 सालों से और 4977 केस पिछले 10 सालों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 31 से बढ़ाकर 37 करने की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश ने आगे लिखा कि 24 उच्च न्यायालयों में 43 लाख केस लंबित हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना के शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या पूरी हो गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 31 हो गई है और अदालत में अब कोई पद खाली नहीं है। 

वर्ष 2008 के बाद यह पहली बार हुआ था जब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या मंजूर पदों के बराबर हुई। इससे पहले 2008 में न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 26 थी जिसको बढ़ाकर 31 कर दिया गया था। जिस तरह 2008 में न्यायाधीशों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 हुई थी उसी तरह अब 31 से बढ़ाकर 37 करने की मांग मुख्य न्यायाधीश ने की है।

आदर्श स्टेशन योजना के तहत अब तक 1103 स्टेशन विकसित किए गए : रेलमंत्री

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 आदर्श स्टेशन योजना के तहत देश में अब तक 1103 स्टेशन विकसित किए जा चुके हैं। इसके लिए 1253 स्टेशनों की पहचान की गई थी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। गोयल ने सदन में लिखित जवाब में कहा, रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसके लिए समय-समय पर कई योजनाएं स्कीम भी लाई जाती हैं। स्टेशनों के विकास के लिए मॉडर्न स्टेशन स्कीम और आदर्श स्टेशन स्कीम जैसी योजनाएं लॉन्च हो चुकी हैं। बाकी बचे 50 स्टेशनों को 2019-20 में विकसित किया जाएगा।

68 स्टेशनों का सॉफ्ट अपग्रेडेशन हुआ

गोयल के मुताबिक, 68 ऐसे स्टेशनों की पहचान की गई थी जिनका छोटा-मोटा अपग्रेडेशन किया जाना था। वहीं, 2018-19 में 68 स्टेशनों को अपग्रेड किया गया। स्टेशनों के सुधार के लिए स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत एक अलग योजना भी बनाई गई है। इसमें गांधीनगर (गुजरात) और हबीबगंज (मध्य प्रदेश) स्टेशन के पुनर्विकास का काम चालू है। चारबाग (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) और पुड्डुचेरी स्टेशनों के रीडेवलपमेंट के लिए कॉन्ट्रैक्ट दे दिए गए हैं।

दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई का ट्रैवल टाइम 5 घंटे कम होगा

भारतीय रेलवे दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई के व्यस्त रूट पर ट्रैवल टाइम 5 घंटे कम करने की योजना पर काम कर रहा है। अगले चार वर्षों में इस रूट पर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने के लिए 14 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कार्य रेलवे के उन 11 प्रस्तावों में शामिल है, जो सौ दिवसीय योजना के अंतर्गत रखे गए हैं। सभी को 31 अगस्त से पहले शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजनांदगांव : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : कृषि उपज मंडी परिसर में सैकड़ो लोगों ने किया योगाभ्यास

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पांचवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज सुबह 7 बजे से 8 बजे तक स्थानीय न्यू कृषि उपज मंडी परिसर बसंतपुर में जिला स्तरीय योग प्रदर्शन किया गया। जिला स्तरीय योग प्रदर्शन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में योग के महत्व की जानकारी देते हुए आम लोगों से योग को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग निरोग रहने का एक तरह से प्राकृतिक उपाय है। योग प्रकृति से जुड़कर तन-मन को स्वस्थ रखने का माध्यम है।

            विधायक श्री साहू ने लोगों को योग अपनाने के लिए संकल्प भी दिलाया। मुख्य मंच से प्रशिक्षकों ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। योग प्रदर्शन में आए लोगों को सामान्य योग अभ्यासक्रम एवं स्थाई निर्देश की पुस्तिका भी वितरित की गई। जिला स्तरीय योग प्रदर्शन में विधायक श्री साहू के साथ जिला पंचायत राजनांदगांव के उपाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र दाऊ, पूर्व मंत्री श्री लीलाराम भोजवानी, नगर पालिक निगम के अध्यक्ष श्री शिव वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य,वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव श्री पंकज राजपूत, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तनुजा सलाम, अपर कलेक्टर श्री ओंकार यदु, अपर कलेक्टर श्री एस.एन. मोटवानी ने बड़ी संख्या में अधिकारियों – कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों के साथ योग किया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज जिला मुख्यालय के साथ-साथ विकासखंड मुख्यालयों, ग्राम पंचायत मुख्यालयों और स्कूल-कॉलेजों में भी सामूहिक योगाभ्यास किया गया।

इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल इंडिया का छत्तीसगढ़ में प्रथम कार्यालय का शुभारंभ

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उद्योग संचालनालय रायपुर (वाणिज्य एवं उद्योग विभाग) व इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल के संयुक्त तत्वाधान में भिलाई के एक निजी होटल में निर्यात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भिलाई, इंजीनियरिंग उत्पाद, मेटल प्रोडक्ट व मेटल निर्यात का प्रमुख केन्द्र है, इसी को दृष्टिगत रखते हुए भिलाई में इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल के रीजनल चेप्टर के रूप में छत्तीसगढ़ का प्रथम चेप्टर भिलाई में प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संचालक उद्योग पदेन निर्यात आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन श्री अनुराग पाण्डेय की उपस्थिति में उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए निर्यात के नवीन संभावित क्षेत्र जैसे- उच्च गुणवत्ता युक्त चावल निर्यात के बारे में अवगत कराते हुए भिलाई में उत्पादित इंजीनियरिंग उपकरण व उत्पादों का निर्यात में हिस्सा बढ़ाने की अपार संभावनाएं विद्यमान है। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के संस्थान यथा, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान व केन्द्रीय टूल रूम के माध्यम से प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे इस क्षेत्र में विकास को और अधिक गतिशीलता प्राप्त होगी। 
इस अवसर पर संचालक उद्योग द्वारा 01 नवम्बर 2019 से प्रस्तावित नवीन औद्योगिक नीति 2019-24 से संबंधित अधिकाधिक सुझाव आमंत्रित किये। इस अवसर पर इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल इंडिया की ओर से क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती अनिमा पाण्डेय द्वारा निर्यात प्रोत्साहन संबंधी सुविधाओं पर प्रकाश डाला गया। इसी क्रम में निर्यात प्रोत्साहन हेतु वित्त व विक्रय सेवा संबंधी सुविधाओं के बारे में आईसीआईसीआई बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री राउत द्वारा प्रकाश डालते हुए जोखिम प्रबंधन हेतु बीमा सुविधाओं के बारे में उपस्थित उद्यमियों को अवगत कराया गया। इस अवसर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र दुर्ग के महाप्रबंधक व अन्य एमएसएमई के अधिकारी भी उपस्थित थे। ़
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित उद्यमियों द्वारा प्रश्नोत्तर के माध्यम से निर्यात से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उद्यमियों द्वारा निर्यात को अधिक से अधिक सुविधाजनक हेतु लॉजिस्टिक सर्विस हेतु प्रोत्साहन संबंधी प्रावधान किए जाने का सुझाव दिया गया ताकि छत्तीसगढ़ को समुद्र तटीय क्षेत्र से भौगोलिक दूरी के कारण निर्यात प्रभावित न हो सके। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल इंडिया की प्रभारी अधिकारी श्रीमती अनिमा पाण्डेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। 

छत्तीसगढ़ सामाजिक स्टार्ट-अप प्रोग्राम अंतर्गत 10 सामाजिक उद्यमी होंगे सम्मानित

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यूनाइटेड किंगडम और कनाडा की ग्लोबल स्कूल फॉर सोशल एंटरप्रेन्योर नेटवर्क की संस्थान स्कूल फॉर सोशल एंटरप्रेन्योर्स (SSE) इंडिया द्वारा 24 जून को रायपुर में 10 सामाजिक उद्यमियों को स्नातक उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। जुलाई 2018 से मार्च 2019 तक चले ‘छत्तीसगढ़ सामाजिक स्टार्ट-अप कार्यक्रम-2018’ के अंतर्गत इन उद्यमियों को विगत 9 महीनों से प्रशिक्षण दिया जा रहा था। देश में आई.टी. के जनक माने जाने वाले श्री सैम पित्रोदा ने ट्वीटर से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को बधाई संदेश भेजते हुए कहा है कि जटिल समाजिक समस्याओं के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय है।
    स्कूल फॉर सोशल एंटरप्रेन्योर्स (SSE) इंडिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शलभ मित्तल ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रशिक्षण प्राप्त कर सभी युवा जटिल सामाजिक समस्याओं के समाधान खोजने में अवश्य सफल रहेंगे। श्री मित्तल ने राज्य में सामाजिक उद्यम पारिस्थिति की तंत्र को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और 36Inc के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में सामाजिक उद्यमी और कर्मा योगी श्री रवि कालरा, प्रसिद्ध मानवतावादी और पर्यावरणविद् और द अर्थ सेवर्स फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा अपने विचार प्रगट किये जायेंगे। इस अवसर पर संचालक पीसटेक लैब श्री टीम रिसवेर, स्कूल फॉर सोशल एंटरप्रेन्योर्स ¼SSE½ इंडिया के अध्यक्ष श्री जयवीर सिंह सहित सभी भागीदार संगठनों के अधिकारी उपस्थित रहंेगे।
    छत्तीसगढ़ सरकार 36Inc, यूएस कांसुलेट जनरल मुंबई और पीसटेक लैब के इस ऐतिहासिक पहल और सहयोग से स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के नेटवर्क को एक साथ लाने में सफलता प्राप्त की गयी। यह कार्यक्रम 10 सामाजिक उद्यमियों को व्यवसाय मॉडल विकसित करने, शिक्षा और कौशल विकास से लेकर प्रौद्योगिकी, सामुदायिक कला के विकास द्वारा सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने और सक्षम बनाने में सफल रहा है।
    उल्लेखनीय है कि एसएसई इंडिया को 2016 में नई दिल्ली, भारत में स्थापित किया गया। एसएसई इंडिया द्वारा अब तक देश भर में 80 से अधिक स्थायी उद्यमों को प्रशिक्षित किया गया जो कि पूरे देश में गहरा सामाजिक प्रभाव पैदा कर रहे हैं।