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“वॉशिंगटन गोलीबारी के बाद अफगानी प्रवासियों की माइग्रेशन प्रक्रिया पर लगी रोक, ओबामा और हैरिस ने जताया दुख”

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग की निंदा की। ओबामा ने कहा कि अमेरिका में हिंसा की कोई जगह नहीं है।

दूसरी ओर, ट्रंप सरकार ने अफगानिस्तानी नागरिकों की माइग्रेशन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

वॉशिंगटन के डाउनटाउन में दो नेशनल गार्ड्समैन को गोली लगी और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ओबामा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अमेरिका में हिंसा की कोई जगह नहीं है। मिशेल और मैं आज वॉशिंगटन, डीसी में गोली लगने वाले सैनिकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, और उनके परिवारों को अपना प्यार भेज रहे हैं क्योंकि वे सबसे दुखद हालात से गुजर रहे हैं।”

अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा, “डग और मैं उन दो नेशनल गार्ड्समैन, उनके परिवारों और उनसे प्यार करने वाले समुदायों के लिए प्रार्थना करते हैं, जिन्हें आज सुबह वॉशिंगटन में गोली लगी थी। किसी भी तरह की हिंसा मंजूर नहीं है, और हम सभी को मिलकर इस दुखद घटना की निंदा करनी चाहिए।”

दूसरी ओर, अमेरिकी माइग्रेशन विभाग ने अफगानिस्तानी प्रवासियों को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। अमेरिकी विभाग ने एक्स पर लिखा, “तुरंत प्रभाव से अफगान नागरिकों से जुड़ी सभी इमिग्रेशन रिक्वेस्ट की प्रोसेसिंग सिक्योरिटी और वेटिंग प्रोटोकॉल के आगे रिव्यू तक अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है। हमारे देश और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा हमारा एकमात्र फोकस और मिशन है।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार शाम (स्थानीय समय) देश को संबोधित करते हुए कहा, “यह घिनौना हमला बुराई, नफरत और आतंक का काम था। यह देश और इंसानियत के खिलाफ एक जुर्म था।”

उन्होंने आगे कहा कि हिरासत में लिया गया संदिग्ध व्यक्ति अफगानिस्तान से हमारे देश में आया है, जो धरती पर एक नरक है।” इसके साथ ही उन्होंने हमलावर को शरणार्थी स्टेटस के तहत देश में आने देने के लिए पिछली बाइडेन सरकार को दोषी ठहराया।

इससे पहले अमेरिकी मीडिया ने कथित शूटर की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में की थी। वह एक अफगान नागरिक है, जो 2021 में देश में आया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने बाइडेन सरकार में अफगानिस्तान से अमेरिका में आए हर एक नागरिक की फिर से जांच करने का भी वादा किया।

“पीएम मोदी ने स्काईरूट के इनफिनिटी कैंपस का किया उद्घाटन, बोले- भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बदल रहा”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट के इनफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। साथ ही इसके पहले उन्होंने ऑर्बिटल रॉकेट, विक्रम-I को भी दिखाया।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश स्पेस सेक्टर में एक ऐसा मौका देख रहा है, जो पहले कभी नहीं मिला।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज, निजी क्षेत्र भारत के स्पेस इकोसिस्टम में एक बड़ी छलांग लगा रहा है। स्काईरूट का इनफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच, इनोवेशन और युवा शक्ति की झलक है।” उन्होंने कहा कि भरोसे, क्षमता और वैल्यू के साथ भारतीय स्पेस टैलेंट ने पूरी दुनिया में एक मजबूत पहचान बनाई है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश की अंतरिक्ष यात्रा बहुत कम संसाधन के साथ शुरू हुई थी, लेकिन हमारी उम्मीदें कभी सीमित नहीं थीं। उन्होंने कहा कि साइकिल पर ले जाए जाने वाले रॉकेट के एक हिस्से से, आज भारत ने दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्च व्हीकल में से एक बनाने वाले के तौर पर अपनी जगह बनाई है।

पीएम मोदी ने कहा, “देश ने साबित कर दिया है कि हमारे सपनों की ऊंचाई रिसोर्स से नहीं, बल्कि पक्के इरादे से तय होती है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के पास स्पेस सेक्टर में ऐसी काबिलियत है जो दुनिया के कुछ ही देशों के पास है। हमारे पास एक्सपर्ट इंजीनियर, हाई-क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, वर्ल्ड-क्लास लॉन्च साइट्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाली सोच है।

उन्होंने इस सफलता का क्रेडिट पिछले दशक में भारत के स्पेस सेक्टर में किए गए ऐतिहासिक सुधारों को भी दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार ने इस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है, ताकि स्टार्टअप और उद्योग हमारे साइंटिफिक इकोसिस्टम के साथ मिलकर काम कर सकें। पिछले छह से सात सालों में भारत ने अपने स्पेस सेक्टर को एक खुले, सहकारी और इनोवेशन-ड्रिवन डोमेन में बदल दिया है। यह तरक्की आज के प्रोग्राम में साफ तौर पर दिखती है।”

उन्होंने आगे कहा, “ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत का स्पेस सेक्टर तेजी से एक आकर्षक जगह बनता जा रहा है। दुनिया भर में छोटे सैटेलाइट्स की मांग लगातार बढ़ रही है और स्पेस को अब एक स्ट्रेटेजिक एसेट के तौर पर पहचाना जा रहा है। आने वाले सालों में ग्लोबल स्पेस इकोनॉमी कई गुना बढ़ने वाली है। यह भारत के युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है।”

इस बीच, स्काईरूट का इनफिनिटी कैंपस एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फैसिलिटी है और इसमें कई लॉन्च व्हीकल को डिजाइन करने, डेवलप करने, इंटीग्रेट करने और टेस्ट करने के लिए लगभग 200,000 स्क्वायर फीट का वर्कस्पेस होगा, जिसमें हर महीने एक ऑर्बिटल रॉकेट बनाने की कैपेसिटी होगी।

प्रधानमंत्री ने स्काईरूट के संस्थापक पवन चंदना और भरत ढाका की भी तारीफ की, जो दोनों इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एल्युम्नाई और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं।

कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह: आनंद कुमार और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र…

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सपने देखें, संकल्प लें, धारा के विपरीत मेहनत कर आगे बढ़ेंश्री आनंद कुमार
इरादा मजबूत हो तो कोई बाधा रोक नहीं सकतीवित्त मंत्री .पी. चौधरी

रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के पहल पर सरिया में आयोजित कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में सुपर–30 के संस्थापक पद्मश्री आनंद कुमार ने हजारों युवाओं को प्रेरणा से भर दिया। स्कूल मैदान में 3 हजार से अधिक युवा, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। पूरा मैदान युवाओं की तालियों और फ्लैशलाइट की रोशनी से गूंज उठा।

मेहनत और अच्छे व्यवहार से सबकुछ संभव”— श्री आनंद कुमार

मुख्य अतिथि आनंद कुमार ने छात्रों से कहा कि जीवन में बड़ा सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए संकल्प और निरंतर मेहनत करें।
उन्होंने कहा कि “जीवन में जितनी मुश्किलें आएंगी, सफलता उतनी बड़ी होगी। पढ़ाई मेहनत से होती है, पैसे से नहीं। शिक्षक नौकरी समझकर नहीं, बल्कि यज्ञ और जिम्मेदारी की भावना से पढ़ाएं।”

अपनी संघर्ष यात्रा बताते हुए उन्होंने कहा कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में चयन होने के बाद भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नहीं जा पाए। पिता के निधन के बाद पापड़ बनाकर और बेचकर पढ़ाई जारी रखी।
ज़रूरतमंद बच्चों के लिए सुपर-30 शुरू किया और विक्की–भोलू जैसे कैरेक्टरों के जरिए बच्चों को पढ़ने के विभिन्न तरीके सिखाए।

उन्होंने बताया कि कोचिंग माफियाओं ने पांच बार उन पर हमला करवाया, धमकियां भी मिलीं, लेकिन वे रुके नहीं।
केबीसी में अमिताभ बच्चन द्वारा 25 लाख की मदद, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जीवनी का लोकार्पण और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्मश्री सम्मान का

उल्लेख कर उन्होंने कहा—
“आज यहाँ का कोई बच्चा भविष्य में अवार्ड लेकर कहे कि उसे प्रेरणा सरिया में मिले इस कार्यक्रम से मिली, वही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।”

कठिनाई जितनी अधिक, सफलता उतनी बड़ी”— वित्त मंत्री श्री .पी. चौधरी

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं से कहा कि मजबूत इरादा किसी भी बाधा को पार करा सकता है।

फिल्म ‘सुपर-30’ का प्रसिद्ध संवाद उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा—
“जब समय आएगा, सबसे ऊंची छलांग हम ही लगाएंगे।”

उन्होंने तमिलनाडु की एक युवती की प्रेरक कहानी साझा करते हुए कहा कि हर बच्चा अपने घर की परिस्थिति के हिसाब से कैरियर चुने, किसी दबाव में नहीं।

“सिंसियर बनें, सही कोर्स चुनें और अभी से अपना प्लान तय करें। यूट्यूब चैनल पर आईएएस विजन संबंधी वीडियो देखें, यह आपके लिए उपयोगी होगा।”

चौधरी ने अपने संघर्ष के दिनों की कहानी भी सुनाई— गांव से लेकर दिल्ली तक आईएएस की किताबों की खोज और विपरीत परिस्थितियों में पढ़ने का किस्सा युवाओं को बेहद प्रेरित कर गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, रायगढ़ मेयर श्री जीववर्धन चौहान, विभिन्न पदाधिकारी और गणमान्य नागरिकों सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

मेधावी छात्रों को सम्मान और 5–5 हजार की घोषणा

कार्यक्रम में सीजीपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों, कक्षा 10वीं–12वीं के मेधावी विद्यार्थियों सहित 100 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

वित्त मंत्री ने सभी सम्मानित बच्चों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा की, जिसका युवाओं ने जोरदार स्वागत किया।

यूपीएससी प्री उत्तीर्ण करने वालों को 1 लाख रुपये

युवाओं को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने घोषणा की—
“प्रदेश का कोई भी युवा यूपीएससी प्री परीक्षा उत्तीर्ण करेगा, उसे 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।”

सरिया में आयोजित यह भव्य कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा, ऊर्जा और नए संकल्पों का संगम साबित हुआ।

किसानों से धान खरीदी के लिए पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था…

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रायपुर: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का काम प्रदेशभर में सुचारू रूप से चल रहा है। सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी प्रक्रिया और सुविधाजनक व्यवस्था से किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच रहे हैं। धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए पीने के पानी, छाया, टोकन, बारदाना, तौल मशीन, सुगम परिवहन व्यवस्था जैसे सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं ने किसानों को लंबी प्रतीक्षा और अनावश्यक परेशानी से निजात दिलाई है।

बेमेतरा जिले के ग्राम बलौदीकला की किसान श्रीमती गीता पटेल ने आज बारगांव धान खरीदी केंद्र में 105 क्विंटल धान बेचा। वहां धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से डिजिटल साधनों से संपन्न की जा रही है, जिससे किसानों को त्वरित पर्ची और समय पर भुगतान की गारंटी मिल रही है। गीता पटेल ने धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किसान हित में जो प्रबंध किए गए हैं, उससे धान बेचने में बिल्कुल भी समस्या नहीं हो रही है। समय पर टोकन, सही तौल और भुगतान की सुनिश्चितता किसानों के लिए बड़ा सहारा है।

जिला प्रशासन की सक्रियता से बेमेतरा के 129 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी कार्य लगातार सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। प्रशासन ने किसानों को सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के देने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारी की है। अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग, स्थल निरीक्षण और त्वरित समाधान की व्यवस्था से किसानों को काफी सहूलियत हो रही है। बारगांव केंद्र में भी खरीदी कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपना धान बेचने पहुंच रहे हैं। धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है।

छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण तेज़ : लगभग 01 करोड़ 45 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण,जो पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 69 प्रतिशत है

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के लिए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति लगातार तेजी से बढ़ रही है। प्रदेशभर में 04 नवम्बर 2025 से प्रारंभ हुए इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का संग्रहण एवं डिजिटलाइजेशन कार्य पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।

आज 26 नवम्बर  तक प्रदेश में  लगभग 01 करोड़  45  लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है, जो कुल 02 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 69  प्रतिशत है।

संविधान में आस्था रखकर आगे बढ़ रहा है विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत : मुख्यमंत्री श्री साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय संविधान दिवस के अवसर पर आयोजितहमारा संविधान, हमारा स्वाभिमानकार्यक्रम में हुए शामिल

संविधान की प्रस्तावना का किया गया सामूहिक वाचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  आज 75वें संविधान दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित टाउन हॉल में आयोजित “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमूह के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा  व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संविधान पर आधारित लघु फिल्म भी देखी और जनप्रतिनिधियों के साथ इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सेल्फी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत सदैव संविधान में आस्था रखते हुए आगे बढ़ रहा है। संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के साथ अपनी बात रखने का अधिकार देता है और  अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद जैसे पदों पर आम नागरिकों का पहुँचना संविधान की ही उदार, समावेशी और लोकतांत्रिक व्यवस्था का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के  संविधान निर्माण अमूल्य योगदान दिया को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठजनों का स्मरण करते हुए कहा कि  छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचारशीलता, लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि सदैव प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल…

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मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा, मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की दी बधाई…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में  शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे बताया भारत के खेल जगत से जुड़ा एक और स्वर्णिम अध्याय

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव, खेल के क्षेत्र में नई ऊर्जा और हमारे खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती उत्कृष्टता का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को “भारत के खेल इतिहास में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय” बताया और कहा कि यह हर भारतीय के सपनों को नया पंख देने वाला क्षण है।

मुख्यमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलना  करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों, जज़्बे और जुनून का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह घोषणा उत्साह की नई लहर लेकर आई है। यह अवसर देश के हर बच्चे, हर युवा और हर खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने की प्रेरणा देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत खेल महाशक्ति के रूप में उभर रहा है और यह मेज़बानी उसी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

“CM साय ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण”

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रायपुर। CM साय ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू जिले में एक महार परिवार में हुआ था। महार जाति को उस समय अछूत समझा जाता था।

बाबा साहेब के पिता सेना में थे और नौकरी के सिलसिले में यहां रहा करते थे। उनके पुरखे महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के अंबाडावे गांव से थे।

1906 में भीमराव अंबेडकर की पहली शादी रमाबाई से हुई। रमाबाई ने उनकी पढ़ाई में बहुत मदद की। दोनों के 5 बच्चे थे, इनमें से केवल यशवंत अंबेडकर जीवित रहे। 27 मई 1935 को लंबी बीमारी के बाद रमाबाई की मौत हो गई।

27 जनवरी 1909 को जन्मीं शारदा (भीमराव से शादी के बाद सविता अंबेडकर बनीं) एक मध्यमवर्गीय सारस्वत ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता इंडियन मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार थे। शारदा ने 1937 में मुंबई से MBBS की डिग्री हासिल की। उस समय किसी लड़की का डॉक्टर बनना अचरज की बात थी।

“ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने किया था हाइड्रो प्लांट उड़ाने की कोशिश, CISF कर दिया नाकाम”

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जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में 6-7 मई 2025 की रात को कुछ ऐसा हुआ, जिसने एक बार फिर भारतीय सुरक्षा बलों की बहादुरी और सतर्कता को दुनिया के सामने रख दिया. भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मात्र कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी सेना बौखला उठी और उसने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित महत्वपूर्ण उरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को निशाना बनाने की कोशिश की.

लेकिन CISF के जांबाजों ने दुश्मन की सारी नापाक साजिश को नाकाम कर दिया.

CISF ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि पाकिस्तानी गोले और ड्रोन हमले के बावजूद परियोजना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. बल्कि CISF की क्विक रिएक्शन टीमों ने न सिर्फ ड्रोन को मार गिराया बल्कि हथियारों के गोला-बारूद भंडार को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर किसी भी बड़े हादसे को रोक दिया. इस असाधारण साहस के लिए CISF ने अपने 19 जवानों को सम्मानित किया है.

ऑपरेशन सिंदूर क्यों हुआ?

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस कायरतापूर्ण हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे. जांच में पता चला कि हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों द्वारा प्लान किया गया था. जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात को PoK में मौजूद आतंकवादी कैंपों पर सटीक और निर्णायक हमला बोला, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया. इस कार्रवाई से आतंकवादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा.

पाकिस्तान की बौखलाहट और बदले की आग

ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने तुरंत LoC पर भारी गोलाबारी शुरू कर दी. कई सेक्टरों में अंधाधुंध फायरिंग की गई. इसी दौरान उरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को निशाना बनाने की कोशिश की गई, जो LoC से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह 480 मेगावाट की परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. पाकिस्तानी ड्रोनों ने परियोजना के ऊपर मंडराना शुरू किया और गोले बरसाए गए. लेकिन कमांडेंट रवि यादव के नेतृत्व में तैनात CISF की यूनिट ने जिस तरह की बहादुरी दिखाई.

जवानों ने न सिर्फ अपनी जान की परवाह किए बिना ड्रोन को निशाना बनाया बल्कि परियोजना के अंदर मौजूद हथियारों के भंडार को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर किसी बड़े विस्फोट की आशंका को खत्म कर दिया. CISF के महानिदेशक ने मंगलवार को एक समारोह में 19 जवानों को प्रतिष्ठित महानिदेशक डिस्क से सम्मानित किया.