शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर द्वारा सत्र 2019-21 के लिए विभागीय बी.एड. चयन सूची जारी कर दी है। चयन सूची का अवलोकन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर के वेबसाइट www.cteraipur.org (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटसीटीईरायपुरडॉटओआरजी) और राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद शंकर नगर रायपुर के वेबसाइट scert.cg.gov.in (एससीईआरटीडॉटसीजीडॉटजीओवीडॉटइन) पर किया जा सकता है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि चयन सूची के संबंध में दावा-आपत्ति 22 जून से 28 जून तक प्रस्तुत की जा सकती है। निर्धारित अवधि के पश्चात दावा-आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
राज्य शासन द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा की डंगनिया जलाशय योजना के निर्माण के लिए 4 करोड़ 74 लाख 48 हजार रूपए की पुनरीक्षित एवं कांकेर जिले के विकासखण्ड नरहरपुर की दुधावा जलाशय के स्पील चैनल के आर.डी. 1860 मीटर तक फाल का निर्माण के लिए 9 करोड़ 1 लाख 5 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति आदेश जल संसाधन विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर रायपुर द्वारा जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में लगे छत्तीसगढ़ी चावल के स्टॉल का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ भवन में लगे इस स्टॉल में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट प्रजाति के चावल विक्रय के लिये उपलब्ध हैं, इनमें जवाँ फूल, विष्णुभोग, नन्ही परी, श्रीराम, दुबराज ब्लैक, रेड और ब्राउन राइस प्रमुख हैं । उल्लेखनीय है कि ’धान के कटोरे’ के रूप में छत्तीसगढ़ की ख्याति सर्वत्र है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ भवन में बनने वाले छत्तीसगढ़ी भोजन का भी आनंद लिया। उन्होंने कोदो से बने पोहे का स्वाद लिया। छत्तीसगढ़ भवन में सुबह नाश्ते में कोदो का पोहा सबसे ज्यादा पसंदीदा बना हुआ है। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी और आवासीय आयुक्त श्रीमती डॉ मनिंदर कौर द्विवेदी भी उपस्थित थी।
बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों के लिए जिम जाकर खूब पसीना बहा रही हैं। सोनू के टीटू की स्वीटी की सक्सेस के बाद नुसरत जल्द ही फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ में नजर आएंगी। सोनू के टीटू की स्वीटी में नुसरत के साथ लीड रोल कार्तिक आर्यन और सनी सिंह नजर आए थे। नुसरत ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘जय संतोषी मां’ से की थी। नुसरत को सही पहचान बॉलीवुड में फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ से मिली थी। इस फिल्म में नुसरत के साथ राजकुमार राव भी अहम किरदार में थे। नुसरत जल्द ही फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ के अलावा फिल्म ‘मरजावा’ में भी नजर आएंगी। नुसरत इस ऑउटफिट में बेहद स्टाइलिश और बोल्ड अवतार में दिख रही हैं।
मेट्रो मैन ने अपनी चिट्ठी में मेट्रो कार्य के प्रति दिल्ली सरकार के ढीले रवैये पर भी सवाल उठाए थे.
नई दिल्ली: फ्री मेट्रो-बस सेवा को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार की मंशा पर ही सवाल खड़े किए हैं, जिसके जवाब में आम आदमी पार्टी (आप) ने श्रीधरन को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एजेंट करार दे दिया है.
मेट्रो मैन की चिट्ठी आने के एक घंटे के बाद ही आप की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप नेता आतिशी ने कहा कि ‘श्रीधरन जी सम्मानित व्यक्ति हैं, इसलिए हमने उनको पत्र लिखा. हमें हैरानी हो रही है कि श्रीधरन जी राजनीतिक पत्र लिख रहे हैं और बीजेपी उनके कंधे से बंदूक चला रही है.’
दरअसल चिट्ठियों का ये दौर पिछले महीने तब शुरू हुआ जब फ्री मेट्रो सेवा के विरोध में ई श्रीधरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस योजना का कड़ा विरोध जताया, जिसके जवाब में मनीष सिसोदिया ने श्रीधरन को चिट्ठी लिखी और सिसोदिया की इसी चिट्ठी का जवाब श्रीधरन ने शुक्रवार को दिया है.
इस चिट्ठी में श्रीधरन ने दिल्ली सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं, जिसके जवाब में आप ने जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार टैक्स पेयर का पैसा खर्च करेगी. टैक्स पेयर को अधिकार है कि उनका पैसा कहां खर्च हो? ऐसे में क्या ये लोगों के अधिकारों का हनन नहीं है?
आप ने कहा, “हमने कुल 1120 सभाएं दिल्ली में की हैं और 90 फीसदी लोग इस योजना के पक्ष में हैं यानि टैक्स पेयर को दिक्कत नहीं होगी.
मेट्रो मैन ने अपनी चिट्ठी में मेट्रो कार्य के प्रति दिल्ली सरकार के ढीले रवैये पर भी सवाल उठाए. इसका जवाब देते हुए आप नेता आतिशी ने कहा कि ‘4th फेज़ की मेट्रो का काम प्रोजेक्ट डिजाइन की वजह से लेट हुआ है. इस प्रोजेक्ट के डिजाइन के मुताबिक कुछ चीजें संभव नहीं थीं, ऐसे में हमने कुछ बदलाव किए और इसलिए देरी हुई.’
फ्री मेट्रो सेवा से आप की दिल्ली सरकार को काफी उम्मीदें हैं. ऐसे में पार्टी को किसी भी प्रकार का विरोध नागवार गुज़र रहा है, क्योंकि जिन आप प्रवक्ताओं को मीडिया स्कूल में मिली चिट्ठी के बाद से दिनभर ढूंढ रहा था वे शाम होते-होते श्रीधरन की चिट्ठी के बाद ही कैमरे के सामने आए.
सवाल ये भी है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन रखने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल क्या विरोध करने वाले हर व्यक्ति को बीजेपी का एजेंट बताते रहेगें?
लिसिप्रिया वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय युवा समिति (IYC) में बाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं.
नई दिल्ली: पूरा विश्व शुक्रवार को योगा डे मना रहा था वहीं मणिपुर की 7 साल की बच्ची लिसिप्रिया कनगुजम जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान आकृष्ट करने के लिए संसद के बाहर खड़ी होकर प्रदर्शन कर रही थीं.
जब मीडिया ने सात वर्षीय लिसिप्रिया ने उसके मोटिव के बारे में पूछा तो उसने बताया, ‘मैं देश के प्रधानमंत्री और सभी सांसदों से अपील करना चाहती हूं कि वो जलवायु परिवर्तन पर गंभीरता से विचार करे और हमारे भविष्य को बचाए. समुद्र का लेवल बढ़ रहा है और धरती पहले के मुक़ाबले और भी ज़्यादा गर्म होती जा रही है. सरकार को जल्द ही इसपर ध्यान देते हुए कार्रवाई करने की ज़रूरत है.’
महज़ सात साल की लिसिप्रिया को संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मंच के छठे सत्र में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करने के लिए बुलाया गया था.
संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘रेजिलिएंट डिविडेंड: टुवर्ड्स सस्टेनेबल एंड इनक्लूसिव सोसाइटीज’ थी. लिसिप्रिया संयुक्त राष्ट्र ऑफिस फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (UNISDR) और स्विटजरलैंड सरकार की ओर से आमंत्रण प्राप्त करने वाली सबसे कम उम्र की पहली प्रतिभागी है.
आपदा प्रबंधन पर बातचीत के दौरान लिसिप्रिया ने कहा ‘जब मैं भूकंप, बाढ़ और सुनामी के कारण टीवी पर लोगों को पीड़ित और मरते हुए देखती हूं तो मैं डर जाती हूं. मैं रोती हूं जब मैं देखती हूं कि बच्चों को अपने माता-पिता को खोते हुए या आपदाओं के कारण लोग बेघर हो रहे हैं. मैं सभी से इस काम में दिमाग और जुनून से जुड़ने का आग्रह करती हूं, ताकि हम सभी के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण हो सके.’
वह वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय युवा समिति (IYC) में बाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं. लिसिप्रिया मूल रूप से भारत के मणिपुर राज्य की रहने वाली है और कक्षा 2 में पढ़ाई करती है.
जलवायु परिवर्तन फसलों को भी करता है प्रभावित
बता दें कि जवलायु परिवर्तन को लेकर हर रोज़ ख़बरे आती रहती हैं. पर्यावरण में बदलाव की वजह से फ़सलों के उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिर्वतन भारत में अनाज पैदावार को बहुत हद तक प्रभावित कर सकता है और बेहद खराब मौसमी परिस्थितियों के कारण देश में धान के पैदावार पर काफी असर पड़ सकता है.
अमेरिका में कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओें ने भारत की पांच प्रमुख खरीफ फसलों रागी, मक्का, बाजरा, ज्वार और धान पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन किया. जून से सितम्बर के बीच मानसून के मौसम में होने वाली इन खरीफ फसलों का भारत के अनाज उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है.
गौरतलब है कि भारत में रबी के मुकाबले खरीफ फसलों का पैदावार ज्यादा होता है.
शोधकर्ताओं ने कहा कि भारत की पोषण संबंधी जरुरतों को पूरा करने के लिए ये पांचों अनाज आवश्यक हैं. ‘एनवायरमेंटल रिसर्च लेटर्स’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, बाजरा, ज्वार और मक्का की फसलों पर बेहद खराब मौसमी परिस्थितियों का प्रभाव सबसे कम पड़ता है.
हर साल जलवायु में होने वाले परिवर्तन का इनकी पैदावार पर कुछ खास असर नहीं होता है. सूखे के दौरान भी इनकी पैदावार में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है लेकिन, भारत की मुख्य फसल ‘धान’ की पैदावार पर खराब मौसमी परिस्थितियों का कुप्रभाव ज्यादा होता है.
पर्यावरण संबंधी आंकड़ों के विशेषज्ञ काइल डेविस ने कहा, ”एक फसल (धान) पर अधिक से अधिक निर्भर रहने के कारण भारत की खाद्य आपूर्ति जलवायु परिवर्तन से बुरी तरह प्रभावित हो सकती है.” भारत में तापमान और वर्षा की मात्रा साल दर साल बदलती रहती है और फैसलों की पैदावार को प्रभावित करती है.
भारत में सूखा और तूफान जैसी बेहद खराब मौसमी परिस्थितियों की आवृत्ति बढ़ने के कारण अब महत्वपूर्ण हो गया है कि देश के अनाज पैदावार को इनसे बचाने का प्रबंध किया जाए. प्रत्येक फसल की पैदावार का डेटा भारत भर के राज्य कृषि मंत्रालयों से आया और इसमें 46 वर्ष (1966-2011) में भारत के 707 जिलों में से 593 को कवर किया गया है.
बॉलीवुड में कई ऐसे स्टार किड्स है जो फिल्म में डेब्यू के पहली ही काफी पॉपुलर हैं। इन्हीं में से एक हैं शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान। सुहाना अभी सिर्फ 19 साल की हैं। सुहाना खान की लेटेस्ट सेल्फी वायरल हो रही है। इस सेल्फी में सुहाना की खूबसूरती ही नहीं बल्कि एक और चीज है जो सबका ध्यान खींच रही है।
दरअसल सुहाना जिस फोन से फोटो ले रही हैं उसके पीछे उनका एटीएम कार्ड भी नजर आ रहा है। उन्हें इसी वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है और सोशल मीडिया यूजर्स सुहाना की फोटो पर कई तरह के कमेंट्स कर रहे हैं।
सुहाना की मिरर सेल्फी वायरल होने के बाद से लोग एटीएम कार्ज को लेकर कह रहे हैं कि सुहाना के इस एटीएम में करोड़ों रुपए होंगे। कई लोग लिख रहे हैं कि सुहाना भी आम लड़कियों की तरह डेबिट कार्ड जैसे चीजों को फोन के कवर में रखती हैं।
वहीं कई लोग राय दे रहे हैं कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड को इस तरह से रखना सुरक्षित नहीं है। ध्यान रखो।
एक यूजर ने लिखा -वो कार्ड मुझे दे दे ठाकुर।
एक और यूजर ने लिखा-मोबाइल कवर में एटीएम कार्ड, जरुर रोजाना के खर्चे के लिए करोड़ों रुपए तो रखती ही होंगी, लकी गर्ल।
कुछ ने लिखा-ये तो आम आदमी की तरह ही मोबाइल कवर में अपना एटीएम कार्ड रखती हैं।
बता दें कि सुहाना इस समय लंदन के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं और जल्द ही बॉलीवुड में डेब्यु करेंगी। बीते साल सुहाना ने वोग मैग्जीन के लिए कवर फोटोशूट कराया था। माना जा रहा है कि सुहाना पढ़ाई पूरी होने के बाद से ही बॉलीवुड में कदम रखेंगी। सुहाना की फैन फॉलोइंग पहले से ही बहुत अधिक है और वे जहां जाती हैं पपराजी से घिर जाती हैं।
अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो करीब 4 साल बाद उत्तर प्रदेश में दुनिया का 5वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट अपनी शक्ल ले लेगा. ग्रेटर नोएडा के प्रस्तावित जेवर एयरपोर्ट के लिए जो प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है उसके पास होने पर यह क्षेत्र के लिहाज से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोगुना हो जाएगा और प्रस्ताव के अनुसार 2022-23 में तैयार होने के बाद यह दुनिया का 5वां सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लोड कम करने और स्थानीय लोगों की ओर से आर्थिक विकास, पर्यटन, रोजगार और व्यवसाय बढ़ाने की मांग को लेकर जेवर एयरपोर्ट बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. अब राज्य सरकार की ओर से पैसे आवंटित किए जाने के बाद इस संबंध में काम शुरू हो गया है. राज्य सरकार की ओर से फंड पास कर दिया गया है. स्थानीय प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण को लेकर अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
6 से 8 रनवे करने का प्रस्ताव
द नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) एक प्रस्ताव तैयार कर रही है जिसके तहत जेवर एयरपोर्ट को 6 रनवे से बढ़ाकर 8 रनवे तक करने का सुझाव दिया जाएगा. प्रस्ताव तैयार करने के बाद प्रोजेक्ट को लेकर जमीन अधिग्रहण की तैयारी होने पर ही इसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा. एक बार प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए जमीन का अधिग्रहण (1,239 हेक्टेयर भूमि) कर लिया जाता है तो द नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) जेवर एयरपोर्ट को 6 से बढ़ाकर 8 रनवे करने की मंजूरी के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजेगी.
राज्य सरकार अगर जेवर एयरपोर्ट को 8 रनवे करने की मंजूरी दे देता है तो इसे करीब 5 हजार हेक्टेयर जमीन पर तैयार किया जाएगा और फिर क्षेत्र के लिहाज से यह दुनिया का 5वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा. दुनिया के 5 सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट में 4 अमेरिका में हैं जबकि एक एशिया से है. जबकि भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट हैदराबाद एयरपोर्ट है जो करीब 2,224 हेक्टेयर क्षेत्र (5,496 एकड़) में फैला है.
दुनिया में 5 और एशिया में नंबर 2
दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सऊदी अरब में है. दामम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 77,600 हेक्टेयर जमीन पर बना है. इसके बाद अमेरिका के डेंवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नंबर आता है जो 13,571 हेक्टेयर जमीन पर बना है. तीसरे नंबर पर अमेरिका का ही डलास इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो 6,963 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है. चौथे और पांचवें नंबर पर अमेरिका के ही ओरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट और वाशिंगटन ड्यूलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं जो क्रमशः 5,383 और 4,856 हेक्टेयर जमीन पर बने हुए हैं.
करीब 5 हजार हेक्टेयर में तैयार होने जा रहे जेवर एयरपोर्ट दुनिया का पांचवां और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा. किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन के शंघाई है. शंघाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट 3,988 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, इस लिहाज से जेवर एशिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाएगा.
जेवर में 5 हजार हेक्टेयर में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही, राजनाथ सिंह की योजना
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2001 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने पास किया था. अब इस काम को आगे बढ़ाने का सिलसिला जोर पकड़ता दिख रहा है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले साल अगस्त में जमीन अधिग्रहण के लिए 800 करोड़ रुपए आवंटित कर दिया था.
इसके बाद यूपी सरकार ने नवंबर 2018 में जमीन अधिग्रहण के लिए 1,260 रुपए का फंड पास कर दिया था. अब पिछले महीने के अंत में राज्य सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए पुर्नवास का खातिर 894 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने दिया निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले हफ्ते अपने नोएडा दौरे के दौरान अधिकारियों से जेवर एयरपोर्ट के रनवे को 8 रनवे तक करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था. शुरुआती दौर में जेवर एयरपोर्ट के लिए 4 रनवे तैयार करने की योजना थी, लेकिन प्राइसवाटर हाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) की ओर से कराए गए एक सर्वे में इस एयरपोर्ट पर रनवे की संख्या बढ़ाकर 6 करने की बात कही गई थी. वर्तमान में दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 रनवे है.
3,600 परिवार होंगे विस्थापित
दिल्ली एयरपोर्ट से 88 किलोमीटर दूर जेवर एयरपोर्ट के विकास के लिए लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1239 हेक्टेयर भूमि पर जेवर के 6 गांवों में भूमि अधिग्रहण को लेकर 30 अक्टूबर 2018 को नोटिफिकेशन जारी किया. इससे पहले 17 अक्टूबर को जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को इस संबंध में रिपोर्ट भेजा था. स्थानीय प्रशासन को योजना के पहले चरण के तहत 1239 हेक्टेयर भूमि हासिल करने के लिए जेवर में 6 गांवों से करीब 3 हजार किसानों से जमीन अधिग्रहित करनी होगी और इसमें 3,600 परिवार प्रभावित होंगे.
स्थानीय प्रशासन ने अधिग्रहण का काम शुरू भी कर दिया है. हालांकि जेवर एयरपोर्ट को पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए सरकार को कम से कम 5 हजार हेक्टेयर जमीन की दरकार होगी.
जेवर में एयरपोर्ट बनने से 3,600 परिवार प्रभावित होंगे
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ेगा एयर ट्रैफिक
दिल्ली हवाई अड्डे पर हर साल छह करोड़ से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. नागरिक विमानन मंत्रालय खुद कह चुका है कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली के एयर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 2040 तक यहां पर 3 एयरपोर्ट चाहिए होगा. अगले कुछ सालों में यात्रियों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी और यह 11 करोड़ तक पहुंच जाएगी.
दिल्ली-एनसीआर के इस दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को तैयार करने में लगभग 15 हजार से 20 हजार करोड़ की लागत आ सकती है और इसके 2022-23 में बनकर तैयार होने की संभावना है.
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अभी अपने शुरुआती रूप में है, लेकिन अगले 3-4 सालों में जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो न सिर्फ दुनिया का विशालकाय एयरपोर्ट होगा बल्कि हजारों लोगों के रोजगार का साधन बनेगा. हालांकि एक बात यह भी है कि इसके लिए करीब पौने 4 हजार परिवारों को अपने जड़ से अलग होना पड़ेगा. सरकार और प्रशासन इनके पुर्नवास की बात तो कर रही है, लेकिन चंद मुआवजों के अलावा उनके लिए ऐसी व्यवस्था भी होनी चाहिए कि उन्हें अपनी जमीन छोड़ने का कभी अफसोस न हो और सरकार जमीन अधिग्रहण को लेकर ऐसी नजीर भी पेश करे कि हर जगह इस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाए.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लंका पुलिस ने दुष्कर्म मामले में फरार चल रहे घोसी के सांसद अतुल राय की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम आशुतोष तिवारी की कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट से अनुमति मिलने पर पुलिस कुर्की की कार्रवाई करेगी।
इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी ने बताया कि छापेमारी के बाद भी अतुल राय का पता नहीं चला। वहीं धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा करवाने के बाद भी उन्होंने आत्मसर्पण नहीं किया। ऐसे में कुर्की के लिए न्यायालय में अर्जी दी गई है। शनिवार को अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया है, जिसमें कोर्ट ने वारंट जारी किया है। लंका पुलिस अतुल राय के खिलाफ धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा करवा चुकी है।
मुंबई। इंडियन नेवी की वॉरशिप आईएनएस विशाखापट्टनम पर शुक्रवार शाम को लगी आग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। आग जहाज के दूसरे और तीसरे डेक पर लगी थी। इस वॉरशिप का निर्माणकार्य इस समय साउथ मुंबई के मंझगांव डॉकयार्ड में चल रहा है। जिस व्यक्ति की मौत हुई है उसकी पहचान ठेके के मजदूर के तौर पर हुई है। माना जा रहा है कि इसकी मौत शायद दम घुटने की वजह से हुई है।
दिए गए जांच के आदेश
आग लगने की घटना शुक्रवार की शाम पांच बजकर 44 मिनट पर हुई। इंडियन नेवी ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। आग लगने के तुरंत बाद दमकल की आठ गाड़ियों और क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। आग क्यों लगी इसका पता इन्क्वॉयरी पूरी होने के बाद ही लग सकेगा। फायर ब्रिगेड के मुखिया पीएस रहानग्दले ने बताया, ‘निर्माणाधीन युद्धपोत विशाखापट्टनम पर शाम 5:44 मिनट पर आग लगी। देखते ही देखते आग जहाज के दूसरे डेक तक पहुंच गई। इसका धुंआ पूरे जहाज पर फैल गया।’ इससे पहले 28 अप्रैल को इंडियन नेवी की वॉरशिप आईएनएस विक्रमादित्य पर भी आग लगने की घटना हुई थी। इस घटना में स आग को बुझाने में लेफ्टिनेंट कमांडर डीएस चौहान शहीद हो गए थे।