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एपीएल अपोलो इंडस्ट्रीज ने छत्तीसगढ़ में 1200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया, 100 बिस्तरों का चैरिटी अस्पताल भी बनाएगी कंपनी…

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रायपुर: एपीएल अपोलो इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरमैन श्री संजय गुप्ता ने अपनी टीम के साथ आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान कंपनी ने राज्य में लगभग ₹1200 करोड़ के औद्योगिक निवेश का बड़ा प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा।

कंपनी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वह छत्तीसगढ़ में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए औद्योगिक संयंत्रों की स्थापना पर गंभीरता से काम कर रही है। निवेश प्रस्ताव राज्य की नई औद्योगिक नीति और तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे को देखते हुए पेश किया गया है।

बैठक में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की घोषणा भी की गई। एपीएल अपोलो ग्रुप ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ में 100 बिस्तरों का एक आधुनिक चैरिटी अस्पताल भी जल्द शुरू करेगा, जिससे आम जनता को किफ़ायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी।

दिल्ली में ‘Chhattisgarh Investor Connect’ के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की वन-टू-वन मुलाक़ातें शुरू

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रायपुर : छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उद्योग जगत के निवेशकों के साथ वन-टू-वन मुलाक़ातें आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गई हैं। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जेके लक्ष्मी सीमेंट के शीर्ष अधिकारी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुलाक़ात के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में अपने प्लांट का कार्य बढ़ाने तथा नए निवेश अवसरों की खोज में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपलब्ध आधारभूत सुविधाएँ, वित्तीय अनुकूल वातावरण और औद्योगिक विकास की गति उन्हें छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, स्थिर एवं सुरक्षित वातावरण तथा तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए विश्वसनीय, सरल और परिणामोन्मुखी परिवेश प्रदान कर रही है, जिससे निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने जेके लक्ष्मी सीमेंट के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उद्योगों अनुकूल परिवेश प्रदान करने की भावना से कार्य कर रही है और राज्य में आने वाले हर निवेश का स्वागत है। उन्होंने कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार को आगे बढ़ाने तथा नई परियोजनाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में उद्योगों के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम, उपयुक्त भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, और कौशल सम्पन्न मानव संसाधन जैसी सुविधाएँ निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण हैं।

छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव…

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छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट, दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में 3,000 से ज्यादा रोजगार का खुला रास्ता..

रायपुर : राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है।
उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित ‘एनर्जी समिट’ में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।

इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव

–    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

–    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।

–    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।

–    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।

–    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन

–    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।

पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

–    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।

–    हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, तेलंगाना द्वारा वेलनेस रिसॉर्ट एवं शिक्षा केंद्र हेतु ₹200 करोड़ निवेश

–    विद्या इन, जशपुर द्वारा 52 कमरों के होटल हेतु ₹25 करोड़ निवेश

–    पीएसए रिज़ॉर्ट, जगदलपुर द्वारा 150 कमरों के एडवेंचर होटल एवं रिसॉर्ट हेतु ₹60 करोड़ निवेश, जिससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात…

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छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और प्रगतिरत परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा.

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और चल रही परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण करने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापार जगत को बेहतर, तेज़ और सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। रेल मंत्री श्री वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बिंदुओं का स्वागत करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्रियाशील है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश का रेल नेटवर्क एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस की शुरुआत से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से 2030 के बीच राज्य में रेल लाइन का विस्तार दोगुना होने जा रहा है, जबकि 1853 से 2014 तक मात्र 1100 किलोमीटर का विस्तार हो सका था। पिछले दस वर्षों में राज्य के रेल बजट में 22 गुना वृद्धि और वर्ष 2025–26 में 6,925 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन का सशक्त प्रमाण है।

राज्य में 47,447 करोड़ रुपये से अधिक की कई प्रमुख रेल परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। खरसिया–नवा रायपुर–परमालकसा, गेवरा–पेंड्रा, रावघाट–जगदलपुर, खरसिया–धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास भी तीव्र गति से जारी है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर वाले राज्यों में शामिल होगा और कनेक्टिविटी का यह विस्तार प्रदेश की औद्योगिक, आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन क्षमता को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

राज्य स्तरीय आवास मेला–2025 में बंपर हुई बुकिंग..

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तीन दिवसीय आवास मेला में 188 करोड़ रूपये की 879 आवासों की हुई बुकिंग

1% बुकिंग ऑफर अब 30 नवंबर तक, 26 नवंबर को भी जारी रहेगी स्पॉट बुकिंग सुविधा

रायपुर: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 नागरिकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम साबित नहीं हुआ।

इस आवास मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गत दिवस किया था। इस दौरान उन्होंने कहा  था कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा राज्यभर के विभिन्न आवासीय विकल्पों को एक छत के नीचे उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि भविष्य में उन्हें “आवास वाले बाबा” के नाम से जाना जाएगा।

पिछले एक वर्ष में ऐतिहासिक बिक्रीआवास मंत्री .पी. चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि शासन के नीतिगत निर्णयों के कारण हाउसिंग बोर्ड ने केवल एक वर्ष में 700 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर इतिहास रच दिया है, जो पिछले पाँच वर्षों के मुकाबले कई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत प्रोजेक्ट तभी शुरू होंगे जब तीन माह में 10 प्रतिशत बुकिंग या एकमुश्त 60 प्रतिशत बुकिंग प्राप्त होगी।

मेला परिसर पहले दिन से ही हजारों लोगों की भीड़ से गुलजार रहा। विभिन्न जिलों के किफायती और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और ऑन-द-स्पॉट बुकिंग कराने लोगों का उत्साह लगातार बना रहा। मेले की सबसे बड़ी आकर्षण रही केवल 1% राशि पर बुकिंग करने की सुविधा, तत्काल बैंक लोन उपलब्धता और प्रतिदिन आयोजित होने वाले लकी ड्रॉ। इन आकर्षक ऑफर्स ने न सिर्फ खरीदारों में उत्साह बढ़ाया बल्कि बुकिंग के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।

तीन दिनों में 879 आवासों की बंपर बुकिंग

तीन दिवसीय मेले में 188 करोड़ रुपये के 879 आवासों की ऑन-द-स्पॉट बुकिंग हुई, जो हाउसिंग बोर्ड की अब तक की सबसे सफल उपलब्धियों में से एक है। तीसरे दिन 25 नवंबर को तो मेला अपने चरम पर पहुंच गया। रायगढ़, जशपुर, कोरबा, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जैसी जगहों के प्रोजेक्ट्स में भारी बुकिंग दर्ज की गई।

रायपुर और नवा रायपुर के प्रमुख प्रोजेक्ट—कबीर नगर, भुरकोनी, बोरियाकला, पिरदा, सेजबहार, नरदहा और अटल नगर सेक्टर-12 फेस-2 सहित मुख्यमंत्री–प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों में भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली।

समापन अवसर पर कृषि मंत्री ने की सराहना

मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का यह प्रयास नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय परियोजनाएँ राज्य में आवास विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को भी मेला स्थल पर संपत्तियों की जानकारी और स्पॉट बुकिंग सुविधा जारी रहेगी।

साथ ही गोंडवाना राष्ट्रीय आजीविका एवं सांस्कृतिक कला महोत्सव 2025 (बीटीआई ग्राउंड, रायपुर) में भी 14 दिसंबर तक हाउसिंग बोर्ड का विशेष स्टॉल संचालित होगा l उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारी मांग को देखते हुए 1% बुकिंग ऑफर को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।

हाउसिंग बोर्ड आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने बताया कि आवंटी पोर्टल और चैटबॉट के माध्यम से प्रक्रियाओं को और पारदर्शी, सरल एवं तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 26 जिलों में 55 नई परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएंगी,जिससे राज्य में आवास उपलब्धता और बढ़ेगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

मेले के तीसरे दिन इंडियन रोलर बैंड और गायक–अभिनेता सुनील तिवारी की मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन कलिंगा बैंड और लोकगायिका आरू साहू की प्रस्तुति ने आकर्षण बढ़ाया।

उद्घाटन दिवस पर खैरागढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों और बॉलीवुड गायक विनोद राठौर की परफॉरमेंस ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया।

लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह

मेले में प्रतिदिन टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर–ग्राइंडर, प्रेस जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। जबकि बंपर पुरस्कार में मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन बाइक एवं होंडा एक्टिवा शामिल रहे।

पहले दिन 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रदेश के 22 जिलों में 2060 करोड़ रुपये की 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ, आवंटी पोर्टल एवं व्हाट्सएप चैटबॉट का लॉन्च, लाभार्थियों को मकानों की चाबियों एवं फ्रीहोल्ड सर्टिफिकेट वितरण जैसे कार्यक्रमों ने पहले दिन ही मेले को खास बना दिया।

प्रदेश में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश भर में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। छत्तीसगढ़ में सुबह और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के एक दो स्थानों पर शीतलहर की चेतावनी दी है।

वहीं मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना जताई। इन जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट;

इन जिलों में रायपुर, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले शामिल है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

तापमान में आएगी और गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बीते कुछ दिनों में औसतन तापमान में गिरावट दर्ज हुई है और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग का कहना है कि, उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत में 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे।

दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है।

इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है।

उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित ‘एनर्जी समिट’ में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।

छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव

ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।

“कर्नाटक में CM की कुर्सी पर मचे नाटक से अब सिद्धा ही परेशान, हाईकमान से लगाई एक गुहार”

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच सियासी नाटक जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में कन्फ्यूजन और सियासी उलझन दूर करने की मांग की है।

सिद्धारमैया ने मंगलवार को कहा कि राज्य में नेतृत्व बदलाव की अटकलों पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस हाईकमान को फैसला लेना ही होगा। सिद्धारमैया ने ये बातें ऐसे वक्त पर कही हैं जब दिल्ली में उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की है तो दूसरी तरफ, कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने पिछले हफ्ते इस बात को खारिज कर दिया था कि वहां कोई नेतृत्व परिवर्तन होना है।

दरअसल, डिप्टी सीएम शिवकुमार के कई वफादार विधायक पिछले हफ्ते से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। उन लोगों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की है। इस घटनाक्रम की वजह से राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं क्योंकि सिद्धारमैया सरकार ने अपने ढाई साल पूरे कर लिए हैं। डीके शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि 2023 में जब राज्य में सिद्धारमैया की सरकार बन रही थी, तब ढाई-ढाई साल के सत्ता साझा समीकरण पर सहमति बनी थी और इस लिहाज से अब सिद्धारमैया की जगह शिवकुमार को सीएम बनाया जाना चाहिए।

हाईकमान का फैसला मंजूर

हालांकि, सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ने कहा है कि राज्य में नेतृत्व में बदलाव का फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा, और उन्हें यह फैसला मंजूर ​​होगा। इस बीच, सिद्धारमैया ने नेृतृत्व बदलाव की अटकलों को कमतर करके आंका है,और इसे “गैर-जरूरी बहस” बताया है और इसका कारण कैबिनेट में फेरबदल के बारे में हाल की चर्चाओं को बताया है।

शिवकुमार और सिद्दारमैया के बीच बढ़ती दूरियां

कर्नाटक का नाटक सोमवार को तब और गहरा गया, जब इस तरह की खबरें आईं कि उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पहले से तय मुख्यमंत्री पद के बदलाव के बारे में लिखित आश्वासन मांगा है। हालांकि, शिवकुमार की इस मांग की अभी तक कांग्रेस पार्टी या राज्य नेतृत्व ने पुष्टि नहीं की है, जिससे सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के अंदर बढ़ते अविश्वास की अटकलों को बल मिला है। पार्टी के मुताबिक शिवकुमार की मांग सरकार बनाने के दौरान सत्ता साझेदारी पर पहले हुई मौखिक चर्चा से उपजी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हालांकि ऐसी किसी सहमति की पुष्टि नहीं की है लेकिन यह मुद्दा उथल-पुथल का केंद्र बन गया है जिससे शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बीच बढ़ती दूरी सामने आ गयी है।

शिवकुमार के घर पहुंचा था नागा संतों का समूह

इस चर्चा को तब और हवा मिली जब नागा संतों के एक समूह ने शिवकुमार के घर का दौरा किया और काशी के एक संत ने उन्हें मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया। यह दौरा हालांकि प्रतीकात्मक है लेकिन इस वजह से नेतृत्व विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की और बाद में शिवकुमार के साथ एक अलग बैठक की।

सिद्धा गुट ने भी शुरू की किलेबंदी

दूसरी तरफ, सिद्धारमैया कैंप ने अपनी ताकत फिर से पक्की करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री के बेटे और विधान पार्षद डॉ. यतींद्र सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री के लिए मजबूत समर्थन जुटाने के लिए उत्तर कन्नड़ जिले में कांग्रेस विधायकों से अलग-अलग मुलाकात की है। उधर शिवकुमार के समर्थक लगातार चौथे दिन भी उनके वफादार विधायकों को दिल्ली भेजने का क्रम जारी रखे हुए हैं।

“Panchjanya Inaugurate: अयोध्या में ध्वजारोहण के बाद PM मोदी कुरुक्षेत्र में ‘पांचजन्य’ का करेंगे उद्घाटन”

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आज 25 नवंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री शाम लगभग 4 बजे भगवान कृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में नवनिर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन करेंगे.

इसके बाद वे महाभारत अनुभव केंद्र का दौरा करेंगे. यह एक गहन अनुभवात्मक केंद्र है जहां महाभारत (Mahabharat) के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है जो इसके स्थायी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह अभिजीत मुहूर्त में अयोध्या के राम मंदिर की शिखा पर धर्म ध्वज की स्थापना की. इसके बाद वे कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव (Geeta Mahotsav) में शामिल होंगे और सिख के नौवें गुरु तेग बहादुर (Guru Tegh Bahadur) की 350वीं शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.

पीएम ने राम मंदिर के शिखर पर किया ध्वजारोहण

आज पीएम मोदी ने 161 फीट ऊंचे राम मंदिर (Ram Mandir) के शिखर पर 30 फीट लंबा केसरिया ध्वज आरोहित किया. ध्वज में सूर्य, ऊँ और कोविदार वृक्ष का प्रतीक सुसज्जित है. पीएमओ के अनुसार, राम मंदिर में धर्म ध्वज के आरोहण के बाद पीएम हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे और लगभग 4 बजे भगवान कृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में नवनिर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन करेंगे.

गुरु तेग बहादुर पर पीएम जारी करेंगे विशेष सिक्का

‘पांचजन्य’ का उद्घाटन करने के बाद पीएम गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक विशेष सिक्का और स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे.

ब्रह्म सरोवर में दर्शन और पूजन भी

शाम करीब 5:45 बजे, पीएम मोदी ब्रह्म सरोवर में दर्शन और पूजन भी करेंगे. यह सरोवर भारत के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है. धार्मिक मान्यता है कि, श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य ज्ञान यहीं पर दिया था.

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार पर बड़ी डील की तैयारी, जानें किन मुद्दों पर बन सकती है सहमति…

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वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यूरोपीय संघ की भारत के साथ मिलकर एक व्यापक वैश्विक एजेंडा बनाने पर नजर है. साथ ही दोनों पक्ष 27 जनवरी को अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौते, रक्षा रूपरेखा समझौते और एक रणनीतिक एजेंडा को अंतिम रूप दे सकते हैं.

शीर्ष राजनयिक सूत्रों ने पीटीआई भाषा को बताया कि, नयी दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौता एक ‘जीवंत दस्तावेज’ होगा जिस पर किसी भी अनसुलझे मुद्दे को सुलझाने के लिए काम जारी रखा जा सकता है.

यूरोपीय संघ के अधिकारी का बयान

यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”अमेरिका की अनुपस्थिति में, भारत और यूरोपीय संघ, फ्रांस के साथ मिलकर वैश्विक संचालन व्यवस्था को लेकर एजेंडा तय कर सकते हैं. भारत उन बड़े देशों में से एक है, जिनके साथ हम काम करते हैं और जिन पर हम भरोसा कर सकते हैं.”

ऐसे समय, जब दुनिया अमेरिका की शुल्क नीति के कारण व्यापार में बाधाओं का सामना कर रही है, प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से दोनों पक्षों के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ होने की उम्मीद है.

इसका सकारात्मक प्रभाव कई अन्य क्षेत्रों में भी पड़ेगा. ऐसा समझा जाता है कि, दोनों पक्षों ने कृषि बाजार पहुंच और शराब से संबंधित मुद्दों को पहले ही सुलझा लिया है. यहां तक कि उत्पत्ति के नियमों से संबंधित धाराओं के मामले में भी आगे बढ़ रहे हैं.

दिसंबर तक समझौते पर लग सकती है मुहर

एक सूत्र ने कहा, ”वैश्विक परिवेश अधिक अस्थिर और प्रतिकूल है और भारत तथा यूरोपीय संघ एक भरोसा पैदा करना और आपूर्ति शृंखलाओं को एकीकृत करना चाहते हैं.” दोनों पक्ष पहले ही मुक्त व्यापार समझौते के 12 अध्याय पूरे कर चुके हैं और अब शेष आठ बिंदुओं को पूरा करने के लिए नयी दिल्ली और ब्रसेल्स- दोनों लगभग दैनिक आधार पर वार्ता के साथ आगे बढ़ रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सितंबर में प्रतिबद्धता जताई थी कि, वे दिसंबर तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे देंगे. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों पक्षों के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर रहा.