Home Blog Page 3035

जानें मुस्लिम महिला अधिकारों की आवाज़ बनी ‘तीन तलाक’ पीड़िता शाह बानो की कहानी

0

प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट बैठक में तीन तलाक से जुड़े बिल पर चर्चा की खबरों के चलते एक बार फिर ये मुद्दा खड़ा हुआ है. अपने पिछले कार्यकाल में मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में तीन तलाक की कुप्रथा को खत्म करने के एक अध्यादेश को लोकसभा में पास करवा चुकी थी, लेकिन अभी राज्यसभा में इसका पास होना बाकी है. इन खबरों के बीच, आपको याद दिलाते हैं तीन तलाक की शिकार उस मुस्लिम महिला की कहानी, जिसके हौसले और कानूनी लड़ाई ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की चर्चा पहली बार देश में छेड़ दी थी.

अपने पति मोहम्मद अहमद खान के विरुद्ध गुज़ारे भत्ते के लिए अदालत पहुंचने वाली शाह बानो बेगम. इस कानूनी मुकदमे को शाह बानो केस के नाम से जाना जाता रहा है. शाह बानो केस सालों से मीडिया में काफी चर्चित रहा. जब कभी मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को लेकर कोई बहस चलती है, तब शाह बानो केस को याद किया जाता है क्योंकि यह पहला इतना बड़ा और चर्चित मुकदमा था, जिसने पूरे देश को आंदोलित कर दिया था. यहां तक कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इसके चलते जो फैसले किए, उसके दूरगामी परिणाम वो हुए, जिसके बारे में किसी ने कभी नहीं सोचा था.

कौन थीं शाह बानो बेगम?

मध्य प्रदेश के इंदौर के एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाली शाह बानो 62 वर्षीय महिला थीं, जो उस वक्त पांच बच्चों की मां थीं. 1978 में शाह बानो के पति अहमद खान ने उन्हें तीन बार तलाक कहकर तलाक दे दिया था. तलाक के बाद शाह बानो ने अपने और बच्चों के गुज़ारे के लिए अपने पति से भत्ते की मांग की थी और इस मांग को लेकर वह अदालत की शरण में पहुंच गई थीं.

इसके बाद शाह बानो केस इस कदर चर्चित हो गया कि अक्सर और ज़्यादातर इस केस की ही चर्चा होती रही और शाह बानो की ज़िंदगी एक तरह से अनछुई रह गई. शाह बानो कौन थीं? उनकी ज़िंदगी कैसी थी और उनके पति ने उन्हें तलाक क्यों दिया था? इन तमाम बातों पर एक परदा सा पड़ा रहा, या यों कहा जाए कि कम ही लोग शाह बानो की ज़िंदगी के बारे में जान पाए.

सौतन की वजह से हुआ था तलाक!
शाह बानो की कहानी कुछ इस तरह थी कि उनके पति अहमद ने दूसरी शादी कर ली थी, जो इस्लाम के कायदों के तहत जायज़ भी था. अहमद नामी वकील थे जो विदेश से वकालत पढ़कर भारत लौटे थे और सुप्रीम कोर्ट तक में वकालत के लिए जाते थे. लेकिन, दूसरी बीवी से जलन होना पहली बीवी के लिए इंसानी फितरत के सिवाय और क्या हो सकता था! न्यूज़18 ने शाह बानो की बेटी सिद्दिका बेगम के हवाले से जो कहानी छापी थी, उसके मुताबिक अहमद की दूसरी बीवी शाह बानो से करीब 14 साल छोटी थी.

शाह बानो और उनकी सौतन के बीच खटपट होने लगी थी. आए दिन के झगड़े हुआ करते थे और कई सालों के दरमियान जब बात बहुत बिगड़ गई थी, तब एक दिन परेशान होकर अहमद ने अपनी पहली बीवी यानी शाह बानो को तलाक दे दिया था. एक सादा जीवन जीने वाली एक औरत के लिए बड़ा कदम था कि वह अपने पति के खिलाफ कोर्ट में जाए. चूंकि अहमद खुद बड़े वकील थे, इसलिए भी उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा लड़ना शाह बानो के लिए आसान नहीं था.

गुज़ारे के लिए ली थी कोर्ट की शरण
तलाक के कुछ ही दिनों तक अहमद ने शाह बानो के गुज़ारे का इंतज़ाम किया और उसके बाद उसने हाथ खींच लिये थे. अपने बच्चों के साथ अकेली और मजबूरी की हालत में आ गई शाह बानो के पास जब कोई चारा न बचा, तो उसने अदालत की शरण ली. अपने पति से गुज़ारा भत्ता की मांग करने का केस दायर किया. और फिर शुरू हुआ एक ऐसा केस जो इतिहास बनने वाला था.

एक औरत का कोर्ट में चले जाना, धर्मनिरपेक्षता की दुहाई देकर महिलाओं के लिए समान हक मांगना, कभी अपने वकील के ज़रिए अदालत में कुरआन की आयतों की दुहाई देना… ये सब वो बातें थीं, जिनसे कोर्ट ने तो फैसला शाह बानो के हक में दिया, लेकिन मुस्लिम समाज को ये सब नागवार गुज़रा. धीरे धीरे ये केस सुर्खियों में आ गया और मुस्लिम समाज के कई नामचीनों ने कोर्ट के फैसले का विरोध शुरू कर दिया.

फिर मची सियासी हलचल
सात सालों की कठिन कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट से जीतने के बाद भी शाह बानो के लिए जीवन आसान नहीं था. मुस्लिम समाज का विरोध इस कदर बढ़ा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक कानून मुस्लिम महिला अधिनियम 1986 पास करवा दिया. इस कानून के चलते शाह बानो के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी पलट दिया गया. यहां से खुले तौर पर मुस्लिम तुष्टिकरण की शुरूआत हुई.

shah bano case, shah bano case 1986, shah bano case verdict, who was shah bano, shah bano case story, शाह बानो केस, शाह बानो केस १९८६, शाह बानो केस का फैसला, शाह बानो की कहानी, कौन थी शाह बानो
शाह बानो और राजीव गांधी. फाइल फोटो.

राजीव गांधी पर मुस्लिम समुदाय के दबाव में आकर ऐसा कदम उठाने के आरोप लगे और हिंदू समुदाय उनसे नाराज़ हुआ. हिंदू समुदाय के तुष्टिकरण के लिए राजीव गांधी सरकार ने ही राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर लगे ताले को खुलवाने के लिए कदम उठाए. और, तुष्टिकरण की इस राजनीति के दूरगामी परिणाम बेहद खतरनाक साबित हुए.

चर्चा में रहा केस लेकिन शाह बानो हाशिए पर
शाह बानो के केस पर जमकर हुई राजनीतिक और धार्मिक रस्साकशी के बीच केस तो सुर्खियों में बना रहा, लेकिन शाह बानो की ज़िंदगी की चर्चा हाशिए पर चली गई. मुस्लिम महिला अधिकारों का प्रतीक बन चुका शाह बानो केस विडंबना साबित हुआ क्योंकि शाह बानो लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर जीतने के बावजूद हार गई थी.

ब्रेन हैमरेज से हुई थी शाह बानो की मौत
शाह बानो की बेटी सिद्दिका बेगम के हवाले से छपी कहानी के मुताबिक 60 साल की उम्र में पति से तलाक मिलने के बाद शाह बानो को गहरा सदमा लगा था. कोर्ट केस और उनके खिलाफ मुस्लिम समाज की नाराज़गी की वजह से भी उनकी सेहत पर काफी बुरा असर पड़ा था. उनकी सेहत लगातार खराब रहने लगी थी.

इसके बावजूद उन्होंने हौसले के साथ कानूनी लड़ाई लड़ी और जीती. फिर सियासी मार पड़ने के बाद शाह बानो का स्वास्थ्य लगातार खराब होता चला गया और 1992 में ब्रेन हैमरेज के कारण उनकी मौत हो गई.

जानें कैसे देश में पैर जमा रहा है चीन और भारत के लिए क्या है खतरे की घंटी?

0

भारत में चीन किस तरह अपना दखल बढ़ाता और मज़बूत करता जा रहा है, उसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है भारत में लगातार बढ़ रहा चीनी निवेश और कारोबार. भारत ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में चीनी निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है. कई बार भारत इन हालात पर चिंता भी जताता रहा है लेकिन कारोबार चूंकि दोतरफा है, इसलिए दोनों देश व्यावसायिक रिश्तों में मज़बूत भविष्य तलाश रहे हैं. भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने पिछले दिनों साफ कह ही दिया है कि इस साल दोनों देशों के बीच कारोबार 100 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगा. राजनीतिक, कूटनीतिक व अंतरराष्ट्रीय विवादों के बावजूद भारत में कई सेक्टरों में चीन का दखल बढ़ रहा है और कई नामी कंपनियां चीनी निवेश को मज़बूत कर रही हैं.

हिन्दी-चीनी भाई भाई… ये जुमला कम से कम व्यापार और व्यवसाय के मोर्चे पर खरा उतरता है. विडंबना ये है कि एक तरफ सीमा ​विवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच भारी असहमतियां हैं, लेकिन कारोबार और निवेश की बात हो तो भारत और चीन लगातार दोस्त के तौर पर आगे बढ़ रहे हैं. यानी, एक-एक हाथ मिलाया जा रहा है और दोनों के दूसरे हाथ पीठ पीछे हैं.

भारत के किन सेक्टरों में चीनी निवेश सबसे ज़्यादा है? FICCI की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑटोमोबाइल सेक्टर में 40%, धातु उद्योग में 17%, पावर सेक्टर में 7%, कंस्ट्रक्शन व रियल एस्टेट में 5% और सेवाओं के सेक्टर में 4% निवेश के चलते इन क्षेत्रों में चीनी निवेश सबसे ज़्यादा है. इसके अलावा उपभोक्ता उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और स्टील उत्पादन जैसे क्षेत्रों में चीन का निवेश भारत में बढ़ रहा है.

भारत में चीनी फंड वाली प्रमुख कंपनियां
पेटीएम (PayTM) : यह ई-कॉमर्स कंपनी भारतीय है लेकिन इसका कॉंसेप्ट, प्रेरणा और निवेश चीन के ज़रिए हुआ है. ये भारत की पहली कंपनी है जिसे चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने फंड किया था जो अब बढ़कर 4300 करोड़ रुपये से ज़्यादा का हो चुका है.
हाइक मैसेजेंर (Hike) : स्मार्टफोन के ज़रिए फौरी संदेश प्रसारित करने वाली इस सेवा में चीन की बड़ी इंटरनेट कंपनी टेंसेंट होल्डिंग्स और ताइवान के फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी समूह ने मिलकर 9700 करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश किया है.
स्नैपडील (Snap Deal) : भारत की इस ई-कॉमर्स कंपनी 23 निवेशकों ने 10 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश किया है. इनमें से एक निवेशक सॉफ्टबैंक समूह चीन की नामी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा होल्डिंग लि. में सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है.

इनके अलावा मोबाइल एप सर्विस ओला, कुछ समय पहले आइबीबो समूह को खरीदने वाली डिजिटल ट्रैवल कंपनी मेकमाय ट्रिप, ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट और यूसी ब्राउज़र कंपनी में भी अच्छा खासा चीनी निवेश है.

भारत में चीन के बड़े प्रोजेक्ट्स
चीनी कंपनी हाएर ने ग्रेटर नोएडा में एक नए प्लांट में 3 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश किया है, जहां 20 लाख रेफ्रिजरेटर और एक-एक लाख वॉशिंग मशीनें, एसी व टीवी बनाए जाएंगे. इसी तरह चीन की इलेक्ट्रिकल कंपनी मिडिया ने भी बिजली संचालित घरेलू उत्पाद बनाने के लिए 1300 करोड़ रुपए का निवेश किया है. इस कंपनी ने पुणे में एक नए प्लांट के लिए 800 करोड़ रुपए का निवेश किया.

india china relations, indo china trade, chinese investment in india, chinese companies in india, digital prime time, भारत चीन संबंध, भारत चीन कारोबार, भारत में चीनी निवेश, भारत में चीनी कंपनियां, चीनी एप्स
चीनी कंपनी हाएर का भवन. फाइल फोटो.

इसके अलावा चीन ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में भी बड़ा निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है. यहां दो चीनी औद्योगिक कंपनियों ने प्लांट खोलने के लिए दस्तावेज़ तैयार करवाए. दो तीन महीने पहले ही इस नगर में निवेश के लिए 10 से 15 चीनी कंपनियों के प्रतिनिधि भी बड़ा निवेश करने में दिलचस्पी ज़ाहिर कर चुके हैं. ऊर्जा के क्षेत्र में प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए चीनी कंपनी सीईटीसी यहां 345 करोड़ और लॉंगी सोलर टैक्नोलॉजी कंपनी यहां 2000 करोड़ रुपए से ज़्यादा के निवेश में दिलचस्पी दिखा चुकी हैं.

इसके अलावा, गुजरात के हालोल व कच्छ और कर्नाटक के बैंगलूरु, में क्रमश: ऑटो, स्टील और रियल स्टेट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सैक मोटर्स, त्सिंगशान होल्डिंग ग्रुप, सीएनटीसी जैसी चीनी कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं, जो सम्मिलित रूप से तकरीबन 10 हज़ार करोड़ रुपए तक होने का अनुमान है. साथ ही, चीन के एक इनवेस्टमेंट बैंक द्वारा भी भारत में बड़ा निवेश किए जाने की चर्चा कुछ समय से है.

एप्स में भी चीन के हाथ है बाज़ी
चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी शाओमी भारत में पिछले कुछ सालों से पैर जमा चुकी है. मोबाइल फोन निर्माता के रूप में इस कंपनी का मार्केट शेयर भारत में 29 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और यह कंपनी लगातार अपना राजस्व बढ़ाने में सफल हुई है. हकीकत ये है कि भारत में ज़ॉमेटो और स्विगी जैसे एप सहित तकरीबन हर बड़े तकनीकी स्टार्ट अप में चीनी निवेश हो रहा है. पिछले साल के दौरान, देश में 100 सबसे ज़्यादा डाउनलोड किए जाने वाले एप की लिस्ट में 44 चीनी एप शामिल रहे हैं.

आइए, अब करें कारणों की बात
चीनी निवेशकों को भारत में निवेश करने में मदद करने वाली फर्म लिंक लीगल इंडिया लॉ सर्विसेज़ के संतोष पाई ने एक समाचार समूह के साथ बातचीत करते हुए भारत में बढ़ते चीनी निवेश के बारे में कहा ‘ये कंपनियां जैसे एक फेंस क्रॉस करने के लिए तैयार बैठी थीं लेकिन अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर यानी कारोबार युद्ध थमा नहीं, तो इन्हें कहीं तो जाना था. इन कंपनियों ने भारत को तवज्जो नहीं दी थी लेकिन ट्रेड वॉर के चलते यहां फैक्ट्रियां शुरू करने के फैसले हो रहे हैं’.

भारत-चीन संबंध इलस्ट्रेशन.

चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की शुरूआत पिछले साल मार्च में हुई थी जब अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर बड़ा टैक्स लगा दिया था. इसके बाद चीन ने भी बदले की कार्यवाही की और दोनों शक्तिशाली देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है. इधर, चूंकि इस स्थिति में चीन निवेश के लिए तैयार था इसलिए बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ ही बड़ा बाज़ार बन चुके भारत से अच्छा विकल्प ‘दुनिया की फैक्ट्री’ कहे जाने वाले चीन के पास है ही नहीं.

दूसरी तरफ, भारत की एफडीआई नीति के तहत भारत खुद विदेशी निवेश के लिए रास्ते खोल चुका था. पिछले कुछ सालों में इस कारण भी चीन का निवेश लगातार बढ़ा है. लेकिन, इस तरह के रिश्ते के बावजूद तनाव या संकट के हालात क्यों दिखते हैं?

भारत क्यों सतर्क रहना चाहता है?
भारत अपनी विदेश नीति के चलते अमेरिका सहित दुनिया की शक्तियों के साथ रिश्ते खराब नहीं कर सकता इसलिए वह चीन के अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के मद्देनज़र सतर्क रहता है. दूसरी ओर, आतंकवाद जैसे कुछ अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों सहित सीमाओं को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव के हालात रहते हैं इसलिए भी चीनी निवेश के प्रति भारत को संवेदनशील बने रहना होता है.

india china relations, indo china trade, chinese investment in india, chinese companies in india, digital prime time, भारत चीन संबंध, भारत चीन कारोबार, भारत में चीनी निवेश, भारत में चीनी कंपनियां, चीनी एप्स
श्रीलंका के लोग एक चीनी जहाज़ को देखते हुए. फाइल फोटो.

एक और पहलू ये है कि भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया में चीनी कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है. दक्षिण एशिया के कई प्रोजेक्ट्स में चीनी निवेश ज़ोरों पर है और भारत की अर्थव्यवस्था व कारोबार के लिए यह एक बड़ी प्रतिस्पर्धा भी पैदा कर रहा है. इन्हीं तमाम कारणों के चलते भारत के विदेश सचिव रहे विजय गोखले चीनी के ‘बढ़ते कदमों’ के प्रति सतर्क रहने की चिंता ज़ाहिर कर चुके हैं. बकौल गोखले – ‘मेरी अपनी समझ कहती है कि भविष्य में चीज़ें क्या शक्ल इख़्तियार करने वाली हैं? हम अब भी इस बात को समझने की शुरूआत के स्तर पर हैं.’

प्रधानमंत्री के मुरीद हुए अमेरिका के विदेश मंत्री, कहा- मोदी है तो मुमकिन है

0

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो 24 जून को भारत दौरे पर आ रहे हैं. इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम और सोच की तारीफ की है. पोम्पियो ने बीजेपी के चुनावी स्लोगन का जिक्र करते हुए पीएम के लिए कहा, ‘मोदी है तो मुमकिन है.’

बुधवार को भारत-अमेरिका व्यापार परिषद की बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा भारत के नए विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं देखना चाहता हूं कि मोदी दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत कैसे बनाते हैं. अपने समकक्ष जयशंकर से मिलने के लिए भी उत्साहित हूं. वे एक मजबूत साथी हैं.’

पोम्पियो ने कहा, ‘हम भारत की नई सरकार के साथ बातचीत जारी रखेंगे. मोदी ने अपने चुनाव अभियान में कहा था- मोदी है तो मुमकिन है. अब देखना है कि वह दुनिया के साथ रिश्तों और भारत की जनता से किए वादों को कैसे संभव बनाते हैं.’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘उम्मीद है कि वे अमेरिका के साथ रिश्तों को और मजबूत करेंगे. भारत यात्रा के दौरान ट्रंप प्रशासन के ‘महत्वाकांक्षी एजेंडे’ पर भी बातचीत होगी.’

दोनों देशों के मुद्दे अलग, मगर हम बातचीत के लिए तैयार
माइक पोम्पियो ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच व्यापार के मुद्दों में कुछ अंतर हैं, लेकिन हम बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं. मैं वास्तव में मानता हूं कि दोनों देशों के पास अपने लोगों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया की भलाई के लिए एक साथ आगे बढ़ने का मौका है.’

रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद अहम है पोम्पियो की ये यात्रा
संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन में चल रहे तनाव के बीच पोम्पियो की भारत यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी ने भी अमेरिका के साथ बढ़ते सहयोग का समर्थन किया है, खासतौर पर रक्षा क्षेत्र में. बता दें कि पोम्पियो भारत के अलावा श्रीलंका, जापान और दक्षिण कोरिया भी जाएंगे.

बता दें कि इससे पहले विदेश विभाग की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने संवाददाताओं को बताया कि पोम्पिओ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 24 जून से 30 जून तक यात्रा करेंगे. इस यात्रा का मकसद मुक्त हिंद प्रशांत के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख देशों के साथ अमेरिका के संबंध गहरे करना है.

गुजरात तट को छूकर निकलेगा ‘वायु’, भारी बारिश और तेज हवा बनी मुसीबत

0

चक्रवाती तूफान ‘वायु’ तेजी से गुजरात के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, ये तूफान आज दोपहर गुजरात के पोरबंदर और कच्छ जैसे तटीय इलाकों से टकरा सकता है. अभी हवा की रफ्तार 155 से 156 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच है. बुधवार शाम से ही इन इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं. समंदर में ऊंची लहरें भी उठ रही हैं. ‘वायु’ चक्रवात तूफान के चलते गुजरात में अब तक कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि बिजली गिरने से, पेड़ के नीचे दब जाने से इन लोगों की मौत हुई.

इस चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए हैं. अब तक 3 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. तूफान के खतरे को देखते हुए इन इलाकों से गुजरने वाली करीब 70 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. गुजरात के कई जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. एयरपोर्ट भी बंद हैं. मछुआरों से कहा गया है कि वो समुद्र तट पर न जाएं.

IMD के मुताबिक ‘वायु’ तूफान के चलते अहमदाबाद, गांधीनगर और राजकोट समेत तटवर्ती इलाके वेरावल, भुज और सूरत में हल्की बारिश होने की संभावना है. फिलहाल चक्रवता ‘वेरावल’ से 280किमी दक्षिण में है. इसके अलावा सौराष्ट्र के भावनगर, अमरेली, सोमनाथ, वेरावल, जामनगर, पोरबंदर और कच्छ के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.

कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, सभी परिवारों का बनेगा राशनकार्ड, प्रदेश के बच्चों को मिलेगी 12वीं तक मुफ्त शिक्षा

0

मंत्रालय में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक के बाद मंत्री रविंद्र चौबे और मो. अकबर ने प्रेसवार्ता ली। उन्होंने बताया कि केबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया। नॉन परफार्मिंग एकाउंट 1175 करोड़ का लोन बकाया था। इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट का निर्णय लिया गया है। इसमें 50 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से देय होगी। इस संदर्भ में बैंकों से चर्चा की शुरुआत हो चुकी है। मो. अकबर ने कहा कि सभी परिवार को राशन कार्ड के दायरे में लाना है। 1 रुपये किलो के अनुसार गरीब परिवारों को और अन्य परिवारों को 10 रुपये किलो चावल। 5 लोगों से अधिक सदस्यों को पर हेड 7 किलो चावल दिया जाएगा।

उन्होंने शक्कर खरीदी पर कहा कि भारत सरकार के दर पर ही ख़रीदी करेगी। सभी 65 लाख परिवारों को राशन कार्ड दिया जाएगा।कृषिमंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अनुसूची जनजाति विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। अटल नगर विकास प्राधिकरण और अटल नगर स्मार्ट सिटी लि. के नाम के सामने नवा रायपुर जोड़ा जाएगा। विद्यालयों के शुल्क के निर्धारण के लिए समिति का गठन किया जाएगा। राजनीतिक आंदोलन से जुड़े सभी पार्टी के मामले को गति देने गृहमंत्री की अध्यक्षता में बनी समिति के सामने रखा जाएगा। रविंद्र चौबे ने बताया कि राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए अब 12वीं तक के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत लाभ देने का फैसला लिया है। पहले ये लाभ सिर्फ 8वीं तक के बच्चों को मिलता था, लेकिन अब 12वीं तक के बच्चों को फ्री में शिक्षा और गणवेश के साथ किताबें दी जायेगी। धान खरीदी और कस्टम मिलिंग के लिए समिति में खाद्य मंत्री के अलावा तीन और मंत्रियों को सदस्य बनाए जाने का निर्णय केबिनेट की बैठक में लिया है।

छत्तीसगढ़ : महापौर प्रमोद दुबे ने किया अग्रसेन चौक में नए जोन कार्यालय का शुभारंभ

0

मालवीय रोड स्थित नगर निगम के जोन क्रमांक 7 के कार्यालय का संचालन 12 जून से मंगलम परिसर अग्रसेन चौक से प्रारंभ हो गया। इस परिसर में जोन कार्यालय के शुभारंभ के अवसर पर महापौर प्रमोद दुबे, सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा, कमिश्नर शिव अनंत तायल, जोन कमिश्नर विनोद पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधियों व नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्य प्रारंभ किया। परिसर में संचालित जोन कार्यालय के लिए 25 कमरे हैं, जहाँ से विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों का विभागवार संचालन होगा। 

इस अवसर पर महापौर प्रमोद दुबे ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि मंगलम परिसर से संचालित यह जोन कार्यालय  नागरिक सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में सदैव अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा। सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि सर्वसुविधायुक्त यह परिसर नागरिकों के लिये अत्यधिक उपयोगी होगा। कमिश्नर शिव अनंत तायल ने मंगलम परिसर में सभी संचालित विभागों और उनमें नियुक्त अधिकारी कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने भवन का निरीक्षण कर निर्देशित किया है कि नागरिक सुविधाओं से संबंधित सुझाव व समस्याएं लेकर जोन आने वाले सभी नागरिकों को समुचित सुविधाएँ एवं त्वरित निराकरण की दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ आवश्यक सहयोग प्रदान करें। मंगलम परिसर से जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत आने वाले कुल 8 वार्ड- रामसागर पारा वार्ड क्रमांक 9, स्वामी आत्मानंद वार्ड क्रमांक 15, पंडित जवाहरलाल नेहरु वार्ड क्रमांक 38, सदर बाजार वार्ड क्रमांक 39, मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड क्रमांक 41, स्वामी विवेकानंद वार्ड क्रमांक 57, कंकालिन पारा वार्ड क्रमांक 58, ब्राह्मण पारा वार्ड क्रमांक 59 को नगर निगम से संबंधित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

ज्ञात हो कि जोन क्रमांक 7 कार्यालय पूर्व में मालवीय रोड से संचालित होता रहा है। यह मार्ग रायपुर का अतिव्यस्ततम मार्ग होने से आगंतुकों को आवागमन, पार्किंग में असुविधा होती थी। इस कार्यालय के स्थानांतरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। कमिश्नर तायल के निर्देश पर रायपुर स्मार्ट सिटी व नगर निगम की टीम ने अल्प समय में ही मंगलम भवन को कार्यालय के संचालन के लिए सुविधासंपन्न बनाकर आज से जोन कार्यालय का शुभारंभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मालवीय रोड स्थित भवन से जोन क्रमांक चार का कार्यालय पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है और अब इस रिक्त ऐतिहासिक भवन को संवारने का काम नगर निगम व स्मार्ट सिटी मिलकर करेंगे। मंगलम परिसर में जोन कार्यालय के शुभारंभ के अवसर पर पार्षद सतीश जैन व विमल गुप्ता तथा कार्यपालन यंत्री (योजना) राजेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता विनोद देवांगन,संजय शर्मा , राजेश राठौर, केके शर्मा व अंशुल शर्मा सहित निगम के जनप्रतिनिधि व अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

ऑटोमेटिव सेक्टर तथा कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने किये गए एम.ओ.यू. : उद्योग मंत्री श्री लखमा उच्चाधिकारियों के साथ कनाडा प्रवास पर

0

उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा के नेतृत्व में कनाडा प्रवास के दूसरे दिन ऑटोमोटिव सेक्टर तथा कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में छतीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किये गए हैं। विंडसर एसेक्स चौम्बर ऑफ कॉमर्स एवं कैनेडियन एसोसिएशन ऑफ मोल्ड मेकर्स तथा राज्य शासन के मध्य दो स्ट्रेटजिक एमओयू किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन उपस्थित थे।
     उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा द्वारा कनाडा में भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात की। उन्होंने ऑटो पार्ट्स के एक्सपोर्टर श्री हिमप्रीत सिंह, इंजीनियरिंग वस्तुओं के उत्पादक श्री रजत हांडा, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रोमोशन कॉउंसिल भारत सरकार के सीनियर डायरेक्टर श्री दीपक ठाकुर से राज्य मे मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
    मुख्य सचिव श्री सुनील कुजुर ने इस अवसर पर उद्योगपतियों से मुलाकात की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर एक प्रस्तुतिकरण दिया गया तथा राज्य में प्रमुख रूप से ऑटो कंपोनेंट में निवेश हेतु विंडसर के उद्योगपतियों से चर्चा की गई।

अमिताभ बच्चन ने बिहार के 2100 किसानों का चुकाया ऋण

0

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने बिहार के 2100 किसानों का ऋण चुकाया है। अमिताभ बच्चन बिहार के दो हजार से ज्यादा किसानों का लोन चुका दिया है। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने ब्लॉग के जरिए दी है। अमिताभ ने लिखा, वादे को पूरा किया गया है। बिहार के किसानों जिनका लोन बकाया था, उसमें से 2100 को चुना और ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) के साथ उनकी राशि का भुगतान किया। उनमें से कुछ लोगों को जनक पर बुलाया और श्वेता और अभिषेक के हाथों से उन्हें यह व्यक्तिगत तौर पर दिया। इससे पहले अमिताभ ने लिखा था, उन लोगों के लिए गिफ्ट है जो लोन चुकाने में असमर्थ हैं।

वे अब बिहार राज्य से होंगे। ‘यह पहला मौका नहीं है जब अमिताभ ने किसानों की मदद की हो। पिछले साल उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक हजार से ज्यादा किसानों का लोन चुकता किया था। अमिताभ ने ब्लॉग में लिखा, एक और वादा पूरा करना है। बहादुर दिलों जिन्होंने देश के लिए पुलवामा में अपनी जान कुर्बान कर दी, उनके परिवार और पत्नियों को आर्थिक मदद। सच्चे शहीद।

बेटी प्रियंका के साथ अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचीं सोनिया गांधी

0

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष व सांसद सोनिया गांधी बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंची। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस महासचिव व उनकी बेटी प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। इस मौके पर पार्टी को मजबूत करने को लेकर हर मुद्दे पर मंथन होगा। फुरसतगंज एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सड़क मार्ग से होते हुए सोनिया और प्रियंका भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंची। 

एक वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में हार के कारणों की समीक्षा, मंथन-चिंतन कई चक्रों में होगा। सोनिया गांधी यहां कार्यकर्ताओं का आभार जताएंगी। गौरतलब है कि 23 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद सांसद सोनिया गांधी का यह पहला दौरा है। वह 39 दिन बाद रायबरेली आ रही हैं। दो मई को सोनिया ने सरेनी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभा को संबोधित किया था।

स्पाइसजेट की फ्लाइट का टायर फटा, एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग, टला हादसा

0

दुबई से जयपुर आ रही स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या एसजी 58 का टायर फट गया। इस कारण जयपुर एयरपोर्ट पर सुबह विमान की इमर्जेंसी लैंडिग करानी पड़ी। विमान में कुल 189 यात्री सवार थे। हालांकि विमान में सवार किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इससे पहले 29 मई को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दिल्ली जाने वाले स्पाइसजेट एयरलाइंस के विमान एसजी 2420 की इमरजेंसी लैंडिग कराई गई थी।