छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवा, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में तेज धूप और उमस के बीच कहीं-कहीं बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अब प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवा, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि इस दौरान तापमान में धीरे-धीरे 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना भी जताई गई है।
कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने सुबह 10 बजे तक प्रदेश के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, जशपुर, पेंड्रा, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
गर्मी से मिली राहत, लेकिन तापमान फिर बढ़ेगा
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। केवल राजनांदगांव में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों की वजह से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से पांच दिनों में तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है।
इन इलाकों में हुई बारिश
गुरुवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। चरमा में 3 सेंटीमीटर और गरियाबंद में 1 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के साथ कई इलाकों में तेज हवा और गरज-चमक भी देखने को मिली।
एक्टिव सिस्टम से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मौसम के अचानक बदलने के पीछे कई सक्रिय मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि अंदरूनी ओडिशा और उससे लगे छत्तीसगढ़ क्षेत्र में भी एक अन्य चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
इसके अलावा पूर्वी बिहार के ऊपर भी ऊपरी हवा का परिसंचरण प्रभावी है। वहीं दक्षिण मध्य प्रदेश से झारखंड तक एक द्रोणिका छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में गरज-चमक, तेज हवाएं, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
आंधी और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है। कृषि कार्यों में लगे किसानों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही खेतों में जाने की सलाह दी गई है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में गरज-चमक, हल्की बारिश और अंधड़ चल सकता है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
बारिश और तेज हवाओं का असर खेती-किसानी और वनोपज पर भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में तेंदूपत्ता, आम और सब्जियों की फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का यह अस्थिर पैटर्न आने वाले दिनों में कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।



