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“भारतीय ज्ञान को वैश्विक पहचान: गौतम अडानी का बड़ा कदम, इंडोलॉजी मिशन के लिए 100 करोड़ का ऐलान”

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गौतम अडानी ने भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘भारत नॉलेज ग्राफ’ के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है.

अहमदाबाद में आयोजित पहले Adani Global Indology Conclave में किया गया यह ऐलान भारतीय सभ्यतागत ज्ञान को संरक्षित, संगठित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से किया गया. यह कार्यक्रम अडानी ग्रुप और शिक्षा मंत्रालय के Indian Knowledge Systems (IKS) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया.

इंडोलॉजी मिशन पर बड़ा ऐलान

अडानी ने कहा कि यह योगदान भारत की महान सभ्यता के प्रति ऋण का भुगतान है. भारत नॉलेज ग्राफ का उद्देश्य खगोल विज्ञान, गणित, दर्शन, शासन, भाषाविज्ञान और अन्य क्षेत्रों में भारत के ऐतिहासिक योगदान को एक आधुनिक डिजिटल ढांचे में संकलित करना है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुरूप तैयार किया जाएगा.

सम्मेलन में शामिल विद्वानों, तकनीकी विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और आध्यात्मिक नेताओं ने इस पहल को भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौतम अडानी की पहल उनके इस सपने को आगे बढ़ाती है कि भारत वैश्विक शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाए.

विश्व गुरु बनने की दिशा में बड़ा कदम

अडानी ने यह भी चेताया कि यदि डिजिटल युग में कोई सभ्यता अपने सांस्कृतिक ढांचों की रक्षा नहीं करती, तो आने वाली पीढ़ियाँ मशीनों के एल्गोरिद्म की ठंडी तर्कशक्ति से प्रभावित होकर अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से दूर हो सकती हैं.

इस मिशन के तहत अडानी समूह और IKS ने IITs, IIMs और प्रमुख विश्वविद्यालयों के 14 पीएचडी शोधार्थियों को पाँच वर्षों तक सहायता देने का निर्णय लिया है. इन शोधार्थियों के अध्ययन क्षेत्र पाणिनीय व्याकरण, संगणनात्मक भाषाविज्ञान, प्राचीन खगोल विज्ञान, स्वदेशी स्वास्थ्य प्रणालियाँ, पारंपरिक इंजीनियरिंग में निहित सततता सिद्धांत, राजनैतिक विचार और शास्त्रीय साहित्य शामिल हैं.

उद्देश्य यह है कि भारत की सभ्यतागत ज्ञान-सम्पदा को आधुनिक शोध पद्धतियों—जैसे डेटा साइंस, सिस्टम थिंकिंग और मल्टीमॉडल आर्काइविंग—के ज़रिए अधिक सुलभ, विश्वसनीय और भविष्य-उन्मुख बनाया जा सके.

कश्मीर: घाटी में बढ़ती ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें, कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंचा…

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कश्मीर घाटी में सर्दी इस समय अपने चरम की ओर बढ़ रही है. पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार नीचे जा रहा है और कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया है. इससे घाटी में शीतलहर और अधिक तेज हो गई है.

मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, क्योंकि फिलहाल बारिश या बर्फबारी के कोई आसार नहीं हैं.

सोमवार की रात श्रीनगर में इस सीजन की दूसरी सबसे ठंडी रात दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यहां न्यूनतम तापमान शून्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया. इससे एक दिन पहले रविवार की रात तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था, जो अब तक की सबसे ठंडी रात रही. लगातार दो दिनों तक इतने कम तापमान ने शहरवासियों को कंपा दिया और सुबह-सुबह घना पाला जमते देखा गया.

दक्षिण कश्मीर का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है शोपियां

दक्षिण कश्मीर का शोपियां इस समय घाटी का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है. यहां का तापमान शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे यहां का मौसम बेहद कठोर हो गया है. इसके साथ ही पुलवामा में भी ठंड काफी बढ़ गई है और यहां न्यूनतम तापमान शून्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया. इन क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय भारी पाला जम रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.

ठंड की चपेट में हैं पहलगाम और गुलमर्ग

पर्यटन स्थलों की बात करें तो पहलगाम और गुलमर्ग भी कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं. पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जो अमरनाथ यात्रा के प्रमुख आधार शिविरों में से एक है. वहीं, प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में पारा शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा. यहां बर्फबारी भले ही अभी नहीं हुई है, लेकिन तेज हवाओं और पाले की वजह से ठिठुरन काफी बढ़ गई है.

सबसे अधिक ठंड का असर कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाले जोजिला दर्रे में देखा गया, जहां तापमान शून्य से 16 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया. यह क्षेत्र हमेशा कठोर मौसम के लिए जाना जाता है और इस समय यहां हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं.

बारिश न होने से झीलों और नदियों का घट रहा जलस्तर

घाटी में सिर्फ ठंड ही नहीं बढ़ रही, बल्कि सूखे की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है. अक्टूबर से लगातार बारिश और बर्फबारी न होने से झीलों और नदियों का जलस्तर घट रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले सप्ताह भी मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे ठंड और भी बढ़ सकती है और सूखापन जारी रहेगा.

कश्मीर घाटी इन दिनों कड़ाके की सर्दी और सूखे की दोहरी मार झेल रही है. स्थानीय लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि मौसम विभाग फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं दिखा रहा.

42 पार्टियों को विलय का प्रस्ताव; JCCJ अध्यक्ष अमित जोगी का मिशन…

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दुर्ग:  छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व विधायक अमित जोगी एक निजी कार्यक्रम में दुर्ग पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) का विलय कांग्रेस पार्टी में किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि पार्टी ने इसका प्रस्ताव दे दिया है अब इस पर विचार करना प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व की जिम्मेदारी है। अमित जोगी ने कहा कि देश में कांग्रेस पार्टी की स्थिति काफी कमजोर है इनकमिंग बंद है और आउटगोइंग जारी है। ऐसे में देशभर की 42 रजिस्टर्ड पार्टियों ने जोगी कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव दिया है क्योंकि सभी का उद्देश्य देश और प्रदेश हित है।

उन्होंने कहा कि मेरा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है सभी को मिलकर भाजपा की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश में नक्सलवाद के मोर्चे पर सुरक्षा बलों को लगातार मिल रही सफलता और नक्सली लीडर मारवी हिड़मा की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जोगी ने कहा कि हिड़मा का नाम लेना भी पाप है। वह खुद कहता था कि वह एनेमी ऑफ द स्टेट है।

जो व्यक्ति बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में आस्था नहीं रखता उसे कुछ लोग क्रांतिकारी और शहीद कह रहे हैं यह गलत है। अमित जोगी ने कहा कि ऐसे लोगों को बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान और लोकतंत्र राजनीतिक रूप से शहीद कर देगा।

धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदी…

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रायपुर: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है।

टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध
राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम  2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है।

शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोलफ्री नंबर 1800-233-3663 पर
इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।

प्रदेश के सभी किसानों को धान खरीदी केंद्र में दी जा रही है सभी बुनियादी सुविधाएं…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश भर में चल रहा धान खरीदी अभियान पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है। जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक पंजीकृत किसान बिना किसी परेशानी के अपने धान की बिक्री कर सके।

धान खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक

प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों का धान प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए और किसी भी स्तर पर देरी या असुविधा न हो। इसी व्यवस्था के अंतर्गत पत्थलगांव विकासखण्ड के बागबहार धान खरीदी केंद्र में ग्राम मयूरनांचा के किसान सुशांत कुमार साहू ने आज अपना धान बेचा। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक थी। कर्मचारियों ने सहयोगपूर्ण व्यवहार किया और धान तौलने से लेकर रसीद प्राप्त करने तक पूरे प्रक्रिया में उन्हें कहीं भी कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सोसायटी में उनके नाम से पंजीयन पहले से ही सही तरीके से दर्ज था, जिसके कारण खरीदी प्रक्रिया और भी सरल हो गई।

धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत 

 किसान सुशांत कुमार ने प्रशासन व सोसायटी की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध थीं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। जिले में इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों तक सीधे रूप से पहुंच रहा है।

दिल्ली में शुरू हुआ ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ सम्मेलन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निवेशकों से कर रहे हैं सीधा संवाद…

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रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुँचे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाक़ात का क्रम प्रारंभ कर दिया है।

इस आयोजन में स्टील क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और अन्य प्रमुख सेक्टरों के नामी उद्योगपति तथा विभिन्न कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य देश भर के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, उभरते अवसरों और निवेश–अनुकूल वातावरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्थिर एवं पारदर्शी नीति, तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सरल और समयबद्ध प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत करा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा हेतु जारी किए कड़े निर्देश…

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स्कूलों में बच्चों को आवारा कुत्तों से बचाने के लिए शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था लागू

रायपुर: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तथा छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के पत्र क्रमांक E-166671 & 153108/LAW-42/1802/2025/1724 दिनांक 13.11.2025 के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए  आदेश जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के प्रत्येक स्कूल के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। नोडल अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल परिसर या आसपास यदि आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को दें। साथ ही स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक अवरोधक उपाय सुनिश्चित करें। यदि किसी बच्चे के साथ आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटना होती है, तो बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी, ताकि आवश्यक प्राथमिक इलाज समय पर उपलब्ध कराया जा सके।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप तथा पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे प्रदेश में तेजी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी तथा स्कूल प्रबंधन समितियों से अपेक्षा की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का कठोरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकृति ज्ञान संरक्षण हेतु 10 से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन…

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रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड (CGSBB) द्वारा पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने, पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैव विविधता से जुड़े विभिन्न विषयों पर 10 से अधिक महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है। यह पहल राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में पक्षी, तितली, कीट, सरीसृप, मछली, धान, मृदा आदि प्राकृतिक संसाधनों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही राज्य की पारंपरिक पारिस्थितिकीय ज्ञान प्रणाली तथा वन आचार-संहिता का भी दस्तावेजीकरण किया गया है।

बोर्ड द्वारा प्रकाशित प्रमुख पुस्तकें जिसमें वर्टिब्रेट्स ट्रेज़र ऑफ छत्तीसगढ़ – संजीता गुप्ता, स्नेक्स एंड अदर रैपटाइल्स ऑफ छत्तीसगढ़ – मोइन अहमद, कृष्णेंद्र वर्मा, प्रभात सरकार, एम. सूरज एवं कैलाश एस. एच. बैलाजी, बर्ड्स ऑफ छत्तीसगढ़ (बर्ड काउंट इंडिया रिपोर्ट 2017–18) – रवि नायक, एम. एस. कुर्रे एवं सुहेल बख्तियार, फ्लोरा बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़ – राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा एवं एम. एल. नायक, इंसेक्ट बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़ – डॉ. हेमकांत चंद्रवंशी, बायोडायवर्सिटी इन छत्तीसगढ़ सॉइल्स – डॉ. विवेक कुमार सिंहल एवं डॉ. हेमकांत चंद्रवंशी, बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़ : ए चेकलिस्ट – एम. एल. नायक, राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, अनुज प्रसाद तिवारी, अरुण कुमार पांडे एवं प्रभात मिश्रा, पीपुल्स गाइड टू फॉरेस्ट ग्रासेस ऑफ छत्तीसगढ़ – शिवेंद्र कुमार उके एवं श्रीमती वेणु, बायोडायवर्सिटी ऑफ कांगेर वैली नेशनल पार्क (Vol–I एवं Vol–II) – अरुण कुमार पांडे, एम. एल. नायक एवं राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, वन्यजीव अपराध प्रकार एवं अभियोजन (Vol–I एवं Vol–II) – अरुण कुमार पांडे, प्राकृतिक ज्ञान वस्त्र एवं रेशम कीटपालन तकनीकें – डॉ. देवयानी शर्मा, मैक्रोफौना ऑफ छत्तीसगढ़ – राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, एम. एल. नायक एवं अरुण कुमार पांडे और एथनोबोटनी: ट्रेडिशनल हीलिंग प्रैक्टिसेज ऑफ बस्तर – डॉ. देवयानी शर्मा शामिल हैं।

गौरतलब है कि इन पुस्तकों का उपयोग केवल ज्ञान प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि ये फील्ड गाइड के रूप में शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, वन अधिकारियों एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। इनके माध्यम से नए शोध कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है तथा जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

इन प्रकाशन से जैव विविधता संरक्षण और प्रबंधन में सहायता, वन कर्मचारियों एवं शोधार्थियों के प्रशिक्षण में उपयोगी,  विद्यार्थियों एवं नागरिकों में पर्यावरण साक्षरता का विकास,  पारंपरिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक धरोहर का दस्तावेजीकरण,  शोध एवं वैज्ञानिक अन्वेषण को प्रोत्साहन मिलेगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से राज्य जैव विविधता बोर्ड, छत्तीसगढ़ में जैव विविधता संरक्षण, जन-जागरूकता और वैज्ञानिक शोध को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग में तीसरे दिन 95.13 प्रतिशत अभ्यर्थियों की प्रभावशाली उपस्थिति…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधानपाठक (माध्यमिक शाला) ई-संवर्ग के लिए ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग का आयोजन 21 नवंबर 2025 से 24 नवंबर 2025 तक शासकीय शिक्षा शिक्षक महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर में किया गया। यह काउंसिलिंग प्रक्रिया विभागीय वरिष्ठता सूची के आधार पर पूर्णतः नियमानुसार संचालित की जा रही है।

23 नवंबर 2025 को काउंसिलिंग के तृतीय दिवस में प्रथम पाली में 150 में से 144 अभ्यर्थी उपस्थित रहे तथा 6 अनुपस्थित पाए गए। वहीं द्वितीय पाली में 155 में से 148 उपस्थित और 7 अनुपस्थित रहे। तीन दिनों की समग्र उपस्थिति में कुल 904 अभ्यर्थियों में से 860 उपस्थित हुए जबकि 44 अनुपस्थित रहे। इनमें से 49 अभ्यर्थियों ने स्थान चयन से इंकार किया तथा 811 अभ्यर्थियों ने स्वेच्छा से स्थान चयन किया। उपस्थित अभ्यर्थियों का कुल प्रतिशत 95.13 प्रतिशत रहा।

काउंसिलिंग में सम्मिलित सभी अभ्यर्थियों को उनकी मनचाही शालाओं में पदस्थापना हेतु सहमति पत्र प्रदान किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से संपन्न हुई।

संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी- वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

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– वित्त मंत्री ने सौ से अधिक बच्चों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा की
– रायगढ़ में सुपर 30 के संस्थापक पद्मश्री आनंद कुमार ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

रायपुर: युवाओं के सुनियोजित करियर निर्माण और उज्ज्वल भविष्य के लक्ष्य को लेकर आज रायगढ़ के रामलीला मैदान में भव्य एवं प्रेरणादायी करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की विशेष पहल पर आयोजित हुआ, जिसमें सुपर 30 के संस्थापक और प्रख्यात गणितज्ञ पद्मश्री आनंद कुमार ने हजारों विद्यार्थियों को सफलता, संघर्ष, लक्ष्य और मेहनत का प्रेरक मंत्र दिया।

युवाओं करियर निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढें

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि करियर निर्माण में स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और कठोर परिश्रम तीन सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ अक्सर सफलता की ऊँची छलांग का आधार बनती हैं। उन्होंने युवाओं से करियर संबंधी पुस्तकें पढ़ने, परीक्षा संबंधी जानकारी रखने और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि जिले के सौ से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान दिया जाएगा, जिसका उपस्थित युवाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ शिखर तक पहुंचे

पद्मश्री आनंद कुमार ने कहा कि उन्हें रायगढ़ आकर जितनी खुशी मिली है, उतनी ही प्रेरणा वे यहां के युवाओं से लेकर जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से ईमानदार मेहनत, आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा जब सपने देखेंगे, तभी उनके हौसले ऊंची उड़ान भरेंगे। आनंद कुमार ने अपने संघर्ष की कहानियों से छात्रों को परिचित कराते हुए बताया कि पिता के निधन के बाद उन्होंने पापड़ बेचना शुरू किया। आर्थिक तंगी के कारण कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय नहीं जा सके, लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया और सुपर 30 की शुरुआत की। उन्होंने अभिषेक राज, शशि नारायण और निधि झा जैसे छात्रों की प्रेरक कहानियाँ साझा कीं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता के शिखर तक पहुंचे।

संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही चमकेगी

श्री कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले या सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थी कभी खुद को कमजोर न समझें। संघर्ष करने वाले विद्यार्थियों का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कृ “जो भी काम करो, बेहतरीन करो। बहाने मत बनाओ, मेहनत में कमी मत आने दो। संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही चमकेगी।” उन्होंने बताया कि सुपर 30 के 17 बैचों के 510 छात्रों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत रही है।

रायगढ़ में आयोजित इस विशाल युवा सम्मेलन में विद्यार्थियों ने मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयनित, गोल्ड मेडलिस्ट, उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं और आईआईटी में चयनित आर. बालाजी यादव सहित कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत पठारे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

25 नवम्बर को पुसौर और सरिया में होगा भव्य आयोजन

युवा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का दूसरा चरण 25 नवंबर की सुबह 8.30 बजे पुसौर के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें पुसौर और खरसिया क्षेत्र के 40 स्कूलों और 3 महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसी दिन शाम 3.30 बजे सरिया में भी विशाल करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थी सीधे पद्मश्री आनंद कुमार से संवाद कर सकेंगे और लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आत्मविश्वास के विकास पर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।