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विकास के मायने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार – श्री भूपेश बघेल : ‘इंटेलेक्चुअल मीट ऑन चेंजिंग छत्तीसगढ़-न्यू लीडरशिप, न्यू विजन’

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि विकास के मायने केवल सड़क, बिल्डिंग और निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि इसके असली मायने नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी आवश्यक सुविधाएं देना है। उन्होंने नक्सल उन्मूलन के संदर्भ में कहा कि हमें सबसे पहले उस क्षेत्र के नागरिकों का विश्वास जीतना होगा। उन्हें लगना चाहिए कि वे सुरक्षा व्यवस्था के साये में महफूज एवं सुरक्षित हैं।

    श्री बघेल ने अपने ये उद्गार आज ‘इंटेलेक्चुअल मीट ऑन चेंजिंग छत्तीसगढ़-न्यू लीडरशिप, न्यू विजन’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में मैंने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां के नागरिकों, ग्रामीणों, वनांचल के रहवासियों, नक्सलवाद से प्रभावित एवं पीड़ित लोगों, पत्रकारों, व्यापारियों, राजनीतिज्ञों और समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से रुबरु होकर बातचीत की है। वनांचल का आदिवासी प्रकृति के स्वतंत्र वातावरण में स्वच्छंद रुप से अपनी सीमित आवश्यकता के साथ तथा अपने गीत, संगीत और नृत्य के साथ अपना सरल जीवन जीता है, लेकिन वह भी आज देश और दुनिया के साथ गति मिलाते हुए आगे बढ़ना चाह रहा है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों ने जंगल बचाया है। जंगलों में तीन पीढ़ियों से परम्परागत रुप से रहने वाले कब्जाधारियों को वन अधिकार पट्टा देने के लिए वर्ष 2006 में देश में अधिनियम बनाया गया, लेकिन अभी भी हम उन्हें सही तरह से पट्टा नहीं दे पाये हैं। इसके लिए ग्राम वन समितियां ही नहीं बनी । यह जरुरी है कि व्यक्तिगत पट्टों के अलावा वहां के समुदाय को सामाजिक वन अधिकार पट्टा प्रदाय किया जाए। इससे जहां एक ओर जंगल बचेगा और वहां के नागरिकों के जीवन यापन को बल मिलेगा, उनका उन्नयन होगा।

     मुख्यमंत्री ने कहा बस्तर के नागरिकों का विश्वास जीतने के लिए उनकी सरकार ने सबसे पहले टाटा के प्रस्तावित संयंत्र के लिए लगभग एक दशक पूर्व किसानों से ली गयी जमीन उन्हें वापस की। संयंत्र नहीं बनने पर नियमानुसार उन्हें जमीन वापस की जानी थी। लौहंडीगुड़ा क्षेत्र में 1700 किसानों और ग्रामीणों को 4200 एकड़ जमीन वापस दिलाई गई है, जिससे उनमें विश्वास पैदा हो । मुख्यमंत्री ने कहा देश में तेंदूपत्ता संग्रहण की सर्वाधिक दर छत्तीसगढ़ में उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपए की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति के नागरिकों के जाति प्रमाण पत्र तत्काल बनंे इसके लिए पिता के जाति एवं उनके बने प्रमाण पत्र के आधार पर उनके बच्चों के लिए तुरंत जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड प्लांट लगे: संसाधन एवं उद्योग
के बीच संतुलन बने, मूल्य संवर्धन हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर कृषि, उद्यानिकी और वनोपज पर आधारित उद्योगों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में धान आधिक्य मात्रा में उत्पादित हो रहा है । उसका उपयोग बायोफ्यूल के रूप में करने का प्रयास है । अगर छत्तीसगढ़ का किसान एवं मजदूर सुखी रहेगा, तो बाजार भी चलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पावर का आधिक्य है तो यहां पावर पर आधारित संयंत्र लगे, खनिज है तो उस पर आधारित इंटीग्रेटेड प्लांट लगे, बॉक्साइट है, तो एल्युमीनियम आधारित उत्पाद बने। अगर स्टील है तो साइकल, मोटर साइकिल निर्माण जैसे उद्योग लगे। यहां के संसाधन एवं उद्योग के बीच संतुलन बने। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो, इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ को सिर्फ खदान, धुंआ और प्रदूषण नहीं चाहिए। हमे खदान पर आधारित उद्योग भी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 4000 करोड़ रुपए की जिला खनिज न्यास राशि कांक्रीट और निर्माण कार्यों में लगा दी गईं। इस राशि का उपयोग खनिज प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करने, कुपोषण कम करने, स्वास्थ्य, डॉक्टरों की व्यवस्था आदि की व्यवस्था में होना चाहिए था।

सुरक्षा पर समाज में चर्चा किया जाना जरुरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामलों में समाज में चर्चा होनी चाहिए। समाज में चर्चा नहीं होती है इसलिए संसद में भी इसकी पर्याप्त चर्चा नहीं होती है । देश को पूछना चाहिए कि पुलवामा का जिम्मेदार कौन है। छत्तीसगढ़ में पैरा मिलिट्री बल बढ़ता गया है और 27 में से 14 जिले नक्सल प्रभावित हो गए है। सुरक्षा बल अपने आवागमन के लिए सड़क बनाना चाहते है और नागरिक अपने विकास के लिए, दृष्टिकोण में अंतर है इसे कम करना होगा। ताड़मेटला में 76 जवानों के शहादत के बाद भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मदनवाड़ा में पुलिस अधीक्षक सहित 29 जवान शहीद हुए लेकिन उसकी जांच नहीं हुई । नक्सलवाद के नियंत्रण के लिए कारतूस एवं बारूद सामग्री निर्माण पर रोकथाम जरूरी है।

गांव बने स्वावलंबी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। उनकी कल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ के गांव को भी स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान समय जब पशुओं को खुले में छोड़े जाने के कारण किसानों को अपनी फसल बचाने में दिक्कतें आ रही हैं और रोड एक्सीडेंट बढ़ गए हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ के गांवों में गौठान बनाकर पशु संवर्धन करने तथा उन्हें छाया, पानी देने का कार्य किया जा रहा है। पशुधन को अब किसान की कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाया जा रहा हैै । राज्य की लगभग दस हजार पंचायतों में से 15 प्रतिशत ग्राम पंचायतों का चिन्हांकन कर 1860 गौठान के लिए कार्य प्रारंभ किया गया है । लगभग 300 स्थानों पर गौठान बन गया है। पशुओं के गोबर का उपयोग कम्पोस्ट खाद, गोबर गैस प्लांट के अलावा अन्य उत्पाद धूप निर्माण आदि के लिए किया जा रहा है। गांवों में किसान इस पहल का खुशी-खुशी स्वागत कर रहे हैं। वृक्षारोपण, चारागाह विकास, पशु नस्ल सुधार जैसे कार्यों से गांव वालों को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे। गांव मजबूत होंगे तो छत्तीसगढ़ भी मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 माह में जहां देशभर में वाहनों की बिक्री 20 प्रतिशत कम हुई है वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में किसानों को फसल का अच्छा मूल्य मिलने आदि से यहां वाहनों की बिक्री 36 प्रतिशत बढ़ी है, सराफा और बाजार भी फल फूल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पानी के संरक्षण और संवर्धन का भी आदर्श मॉडल तैयार किया जा रहा है । राज्य को 18 वर्ष पूर्व इसरो से छत्तीसगढ़ के भूगर्भ का इमेज मिला था, लेकिन हम उसका उपयोग नहीं कर पाए। अब छत्तीसगढ़ के व्यापक नालों में पानी रिचार्जिंग करने की शुरुआत की जा रही है।

    मुख्यमंत्री आज यहां एक निजी होटल में ‘इंटेलेक्चुअल मीट ऑन चेंजिंग, छत्तीसगढ़-न्यू लीडरशिप-न्यू विजन’ विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन ग्रुप ऑफ थिंकर्स और पायोनियर ग्रुप द्वारा किया गया। सम्मेलन में रक्षा विशेषज्ञ श्री उदय भास्कर, पायोनियर समूह के ग्रुप एडीटर श्री चंदन मित्रा, वरिष्ठ पत्रकार और नीति विशेषज्ञ श्री तरुण बसु वक्ता के रुप में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमती रेणुका चौधरी ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ यहां के जल संसाधन, पशु संसाधन और रोजगार को बढ़ाने की भूरि-भूरि तारीफ की और कहा कि श्री बघेल के नेतृ्त्व में राज्य का सही दिशा में विकास होगा ।

रक्षा विशेषज्ञ श्री उदय भास्कर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद की चुनौती का सामना सुरक्षा के साथ विकास की रणनीति के साथ कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान की एक नयी दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय राजनीति से ऊपर है, जिसे संपूर्णता में देखा जाना चाहिए। देश की आंतरिक सुरक्षा और बाहरी सुरक्षा आपस में जुड़ा एक संवेदनशील विषय है।

जंगल वारफेयर कॉलेज कांकेर के ब्रिगेडियर श्री व्ही के पोनवार ने बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा के किए गए उपायों, नक्सलियों का मुकाबला करने की रणनीति, क्षेत्र के विकास और आदिवासियों के लिए किए गए कल्याणकारी कार्यों पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में बारुदी सुरंगों के विस्फोट में 80 प्रतिशत की कमी आयी है।
    इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री डॉ. शिव डहरिया, वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश नैयर, सेवा निवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी डॉ. सुशील त्रिवेदी सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में पायोनियर समाचार पत्र के रायपुर संस्करण के संपादक श्री सुजीत कुमार ने स्वागत किया और कार्यक्रम के उददेश्यों को बताया।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री ने मानसरोवर के तीर्थ यात्रियों को रवाना किया

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे यहां अपने निवास में मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे छत्तीसगढ़ के 45 यात्रियों के जत्थे को रवाना किया। श्री बघेल ने इन यात्रियों के मुख्यमंत्री निवास पर पहूंचने पर उनका आत्मीय स्वागत किया। श्री बघेल ने सभी तीर्थ यात्रियों को शाल और श्रीफल भेंटकर सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने यात्रियों से प्रदेश में अमन चैन के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया।
    तीर्थयात्रियों का यह दल 11 जून से 14 दिवसीय यात्रा पर मानसरोवर के लिए रवाना हो हो रहा है। तीर्थ यात्री रायपुर से काठमांडू, नेपालगंज, सिमिकोट और हिल्सा होते हुए मानसरोवर जाएंगे। इस कठिन यात्रा के दौरान तीर्थयात्री 3 दिनों में कैलाश पर्वत की 48 किलोमीटर की परिक्रमा करेंगे। यात्रियों का यह दल 23 जून को लौटेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा मानसरोवर यात्रा के लिए यात्रियों को पचास हजार रूपए का अनुदान भी दिया जाता है मानसरोवर यात्रा पर 70 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ जा सकते हैं। तीर्थ यात्रियों ने मुख्यमंत्री को कैलाश पर्वत का एक चित्र और रूद्राक्ष की माला भेंट की। श्री बघेल ने इसके लिए तीर्थ यात्रियों को धन्यवाद दिया।

निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना : गृह मंत्री श्री साहू ने किया चेक वितरण

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प्रदेश के लोक निर्माण, गृह, जेल, धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज बेमेतरा प्रवास के दौरान सरकार की निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दम्पतियों को प्रोत्साहन राशि का चेक वितरित किया। निःशक्त व्यक्तियों के सामाजिक पुर्नवास एवं उन्हें स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य प्रदेश के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है।  लाभान्वित परिवारों में जान्त्री किरतास दास, सुनील सिन्हा शिवकुमार सिन्हा, सुरेन्द्र साहू चुम्मन लाल साहू, ज्ञानदास टण्डन त्रिलोक कुमार टण्डन, प्रत्येक को 50-50 हजार रूपए एवं कोमल राजपूत उदओ राजपूत, नंदकुमार वर्मा झारन वर्मा, मुकेश साहू केजराम साहू, तोरण साहू गौकरण साहू, राजेश साहू रघुवीर सिंह साहू, प्रत्येक को एक-एक लाख रूपए का चेक का वितरण किया। इस अवसर पर विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा, विधायक नवागढ़ गुरूदयाल सिंह बंजारे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति कविता साहू, कलेक्टर बेमेतरा महादेव कावरे, अपर कलेक्टर एस.आर. महिलांग, जिला पंचायत के सीईओ प्रकाश कुमार सर्वे उपस्थित थे।

गौठान निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आएगी तेजी: डॉ महंत : विधानसभा अध्यक्ष ने मरवाही के गुल्लीडांड में मॉडल गौठान का किया लोकार्पण

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विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने आज यहां मरवाही जनपद पंचायत के ग्राम गुल्लीडांड में मॉडल गौठान का लोकार्पण किया। मॉडल गौठान 6 एकड़ क्षेत्र में बना हुआ है जिसके पास ही साढ़े 6 एकड़ क्षेत्र में चारागाह बनाया गया है । गौठान में 6 सौ से अधिक पशु विचरण कर सकते हैं। यहां पर पशुओं के लिए चारा, छाया, पानी और पशु चिकित्सक की सुविधा हमेशा उपलब्ध रहेगी।

 लोकार्पण अवसर पर डॉ महंत ने कहा कि गौठान की संकल्पना वैज्ञानिक आधार पर आधारित है। यहां पर एक ही जगह में पूरे गांव के पशुओं को एक साथ रखने की क्षमता है। अभी तक गांव के पशु खेत की फसलों को नुकसान पहुंचाते थे क्योंकि ग्रामीणों के पास पशुओं को रखने की व्यवस्था नहीं रहती थी । जिसके परिणामस्वरूप पशुओं के सड़क पर बैठने से दुर्घटनाएं भी होती थी। गौठान के बनने से मवेशियों को रखने की सुविधा के साथ सड़क हादसों में भी कमी आएगी । डॉक्टर महंत ने कहा कि नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ेगी। 

डॉक्टर महंत ने मॉडल गठान की तारीफ करते हुए कहा कि ये अन्य गौठान के लिए बहुत अच्छा उदाहरण है । उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि गांव की प्रत्येक लड़की को शिक्षित करें, आत्मनिर्भर बनाएं और समय पूर्व विवाह ना करें । 

 पालीतानाखार विधायक श्री मोहित केरकेट्टा ने कहा कि गांव के विकास में गौठान निर्माण का बहुत योगदान रहेगा। भरतपुर-सोनहत  विधायक श्री गुलाब सिंह ने कहा कि इसके निर्माण से किसानों में संपन्नता आएगी इसके साथ ही चरवाहों को भी रोजगार मिलेगा।

कलेक्टर डॉ संजय अलंग ने कहा कि यहां पशुओं के लिए सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी, लगातार पानी मिलता रहे इसके लिए गौठान में बोर भी कराए गए हैं । गौठान निर्माण में इस गांव की महिलाओं ने बहुत सहयोग किया है  । स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं ने गौठान निर्माण में सहायता प्रदान की है इसके माध्यम से महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा। 

कार्यक्रम में कोरबा सांसद श्रीमती ज्योतसना महंत, सरपंच श्रीमती संगीता, अपर कलेक्टर श्री बीसी साहू एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

वायुसेना के लापता विमान AN- 32 की सूचना देने वाले को मिलेंगे 5 लाख

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वायुसेना के छह दिन से लापता विमान एऐन 32 का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है. वहीं वायुसेना ने अब इस विमान की जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की है. यह घोषणा एयर मार्शल आरडी माथुर एओसी इन कमांड, इस्टर्न एयर कमांड ने दी है. उन्होंने कहा कि लापता एऐन 32 की पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति या समूह को यह इनाम दिया जाएगा.

जारी किए नंबर 

इस संबंध में विंग कमांडर और‌ डिफेंस पीआरओ रत्नाकर सिंह ने बताया कि लापता विमान की जानकारी देने के लिए चार नंबर जारी किए गए हैं. 03783222164, 9436499477, 9402077267, 9402132477 पर इस संबंध में सूचना दी जा सकती है. गौरतलब है कि वायुसेना अपने विमान को ढूंढने की हरसंभव कोशिश कर रही है.

खराब मौसम में भी जारी रहा अभियान
विमान को ढूंढने के लिए छठे दिन खराब मौसम के दौरान भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा. तेज बारिश और हवाओं के कारण पहाड़ी इलाके में विमान को ढूंढना असंभव हो गया था लेकिन इसके बावजूद थल सेना और वायुसेना के जवान लगातार विमान को ढूंढने का प्रयास करते रहे. उल्लेखनीय है कि विमान में 13 लोग सवार थे.

2500 वर्ग किमी में हो रही है खोज
विमान की खोज करीब 2500 वर्ग किमी के क्षेत्र में की जा रही है. यह क्षेत्र सियांग जिले के कायींग और पायुम क्षेत्र के अंदर आता है. रूस निर्मित इस विमान ने अरुणाचल प्रदेश के शि-योमि जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए सोमवार रात 12.27 बजे असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी. जमीनी नियंत्रण कक्ष के साथ विमान का संपर्क दोपहर एक बजे टूट गया था.

हज के दौरान अरब में पीने के पानी के लिए हुआ ये बड़ा ऐलान

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जल्द ही हज यात्रा शुरु हो जाएगी. अलग-अलग जत्थों में यात्रियों की रवानगी होने लगेगी. इस साल देशभर से करीब सवा लाख हज यात्री हज करने जा रहे हैं. लाटरी (कुर्रा) से हर राज्य को उसका कोटा जारी किया जा चुका है.

लेकिन रवानगी से पहले हज यात्रियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया गया है. इसकी जानकारी जगह-जगह ज़िलास्तर पर चलने वाले हज ट्रेनिंग कैम्प में भी दी जा रही है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय हज ट्रेनर मोहम्मद युनूस खान भी अलग-अलग ट्रेनिंग कैमप में जाकर हज यात्रियों को जानकारी दे रहे हैं. जागरुक कर रहे हैं.

शनिवार को मोहम्मद युनूस खान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक साथ कई ज़िलों के हज यात्रियों को ट्रेनिंग दे रहे थे. उनका कहना है कि अक्सर देखने में आता है कि हज यात्री अरब पहुंचने के बाद बीमार पड़ जाते हैं. जिसके चलते हज के दौरान होने वाले अरकान (रस्म) अधूरे रह जाते हैं. और ये बीमारी होती है वहां पानी पीए जाने के तरीके को लेकर.

युनूस खान का कहना है कि इस साल ट्रेनिंग के दौरान खासतौर पर पानी पीने को लेकर खास हिदायत दी जा रही है. यात्रियों को बताया जा रहा है कि वो वहां मिलने वाले ठंडे पानी को न पिएं. सिर्फ सादा पानी ही पिएं. हज के दौरान वहां बहुत गर्मी होती है.

ऐसे में ठंडा पानी बहुत नुकसान करता है. साथ ही जब भी होटल से हज के अरकान पूरे करने के लिए निकलें तो एक गीला कपड़ा सिर पर रखकर निकलें. मास्क लगाएं. यात्रा के दौरान मिलने वाले खास कड़े को हाथ में जरूर पहनें. और किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपना आईडी कार्ड हमेशा अपने पास रखें.

हार के बाद पहली बार राहुल ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, कहा- नफरत फैलाकर जीता चुनाव

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लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन और यूपी में अमेठी हार के बाद राहुल गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. तीन दिन के दौरे पर केरल के वायनाड में मौजूद राहुल ने शनिवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने झूठ बोलकर ये चुनाव जीता है. राहुल सिर्फ यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा- ‘मोदी ने झूठ बोलकर और नफरत फैलाकर चुनाव जीता, लेकिन हम उन्हें इसका जवाब सच्चाई, प्रेम और स्नेह से देंगे.

अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड की यात्रा के दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर तीखा हमला जारी रखा और कहा कि लोकसभा चुनाव का उनका प्रचार अभियान ‘झूठ, जहर और घृणा’ से भरा हुआ था जबकि कांग्रेस सच्चाई, प्यार और लगाव के साथ खड़ी थी. राहुल शनिवार को रोड-शो के बाद कालपेटा , कमबलकाडु और पनामरम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. बता दें कि रोड शो के रास्ते में बड़ी संख्या में कांग्रेस नीत यूडीएफ के कार्यकर्ता और महिलाएं मौजूद थीं.

राहुल ने कहा- झूठ से जीते मोदी
राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी हथियार की तरह घृणा, गुस्सा और झूठ का इस्तेमाल करते हैं. राहुल के साथ कांग्रेस महासचिव कर्नाटक प्रभारी के. सी. वेणुगोपाल, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला, केरल कांग्रेस प्रमुख मुल्लापल्ली रामचन्द्रन मौजूद थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री द्वारा दर्शायी जाने वाली ‘सबसे बुरी भावनाओं’ के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी. राहुल गांधी ने वहां मौजूद लोगों से कहा- ‘राष्ट्रीय स्तर पर हम जहर से लड़ रहे हैं. मोदी का प्रचार झूठ, जहर, घृणा और देश के लोगों के विभाजन से भरा हुआ था. उन्होंने चुनाव में झूठ का इस्तेमाल किया…. कांग्रेस सच्चाई, प्यार और लगाव के साथ खड़ी रही.’

राहुल ने वायनाड में शुक्रवार और शनिवार को रोड-शो किया. इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़ रही और लोगों ने अपने नव-निर्वाचित सांसद का स्वागत किया. कमबलकाडु में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वायनाड में कुछ चुनौतियां हैं जिनसे साथ काम करके पार पाया जा सकता है. उन्होंने कहा- मेरा काम पूरे वायनाड का प्रतिनिधित्व करना है. चुनाव में सभी दलों के लोगों ने मेरा साथ दिया। वायनाड में बड़ी चुनौतियां और मुद्दे हैं. हम साथ काम करेंगे और सारी समस्याओं का समाधान करेंगे.’

अमेठी से हारे, वायनाड जीते
बता दें कि गांधी ने वायनाड लोकसभा सीट से 4.31 लाख मतों से जीत दर्ज की थी. हालांकि वह गांधी परिवार का गढ़ माने जाने वाले अमेठी लोकसभा क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से चुनाव हार गये थे. लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस ने 52 सीटें जीती हैं. पंजाब और तमिलनाडु़ के बाद केरल तीसरा राज्य है जहां पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सहयोगियों के साथ मिलकर 20 में से 19 सीटें जीती. कांग्रेस अध्यक्ष अपने लोकसभा क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर हैं.

गर्मियों की धूप में इस समय न जाएं घर से बाहर, हो सकती हैं ये समस्याएं

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धूप शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती है. अगर रोज हम 10 मिनट के लिए धूप में रहते हैं तो इससे हमारी स्किन को विटामिन डी मिलता है. लेकिन गर्मियों की धूप जानलेवा भी साबित हो सकती है. गर्म हवा के थपेड़े जिसे लू भी कहते हैं बहुत हानिकारक होते हैं. खासकर दोपहर 12 से 2 बजे तक की धूप आपकी सेहत और स्किन दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.

सूरज की रौशनी में पैराबैंगनी किरणें इस समय सबसे ज्यादा एक्टिव होती हैं. धूप से हमारे शरीर को भले ही विटमिन-डी मिलता हो लेकिन ये किरणें हमारी त्वचा पर बुरा असर डालती हैं. 12 से 2 बजे का समय ऐसा होता है जब ये किरणें हमारी त्वचा को सबसे ज्यादा खराब करती हैं. इससे आपको स्किन पर झुर्रियां, गहरे निशान, जलन, लालपन और रूखापन आने की समस्या हो सकती है.

अगर आप धूप में बिना शरीर ढके निकल रहे हैं तो स्किन पर बोटैनिकल्स या कूलिंग जैल लगाकर निकलें. इससे स्किन छिलने से बचेगी और साथ ही उसकी जलन भी कम होगी. धूप में ज्यादा देर रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में आपको सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत रहने लगती है. दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पियें. इससे स्किन हाइड्रेट रहेगी और शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स निकलेंगे.

स्किन को नियमित रूप से ऐक्सफॉलिएट करना बेहद जरूरी होता है. ऐसा करने से आप स्किन में मौजूद डेड सेल्स से छुटकारा पा सकते हैं. इससे स्किन टोन अच्छा होता है और उसे पोषण भी मिलता है.

टोनर की मदद से आप अपनी स्किन को मॉश्चराइज कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहे ये आपको मेकअप करने से पहले करना होगा. टोनर स्किन को ऐक्सफॉलिएट करने में मदद करता है.

कई लोग सोचते हैं कि सनस्क्रीन लगाने से वे अपनी स्किन को टैनिंग से बचा सकते हैं. आपको बता दें कि उनका ऐसा सोचना गतल है. सनस्क्रीन वही इस्तेमाल करें जो आपकी स्किन को सूट करे. जब तक आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल रोज नहीं करेंगे तब तक आपको इसका फायदा नहीं मिलेगा.

स्किन को हेल्दी और टैनफ्री रखने के लिए रोज एक बड़ा चम्मच सनस्क्रीन आपको हर दो घंटे में लगानी चाहिए. सूर्य से निकलने वाली पैराबैंगनी किरणें शरीर में ऑक्सीजन मॉलिक्यूल्स का निर्माण नहीं होने देती हैं जिसकी वजह से स्किन में रूखापन आ जाता है और झुर्रियां पड़ने लगती हैं.

अगर आप धूप में बिना शरीर ढके निकल रहे हैं तो स्किन पर बोटैनिकल्स या कूलिंग जैल लगाकर निकलें. इससे स्किन छिलने से बचेगी और साथ ही उसकी जलन भी कम होगी. धूप में ज्यादा देर रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में आपको सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत रहने लगती है. दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पियें. इससे स्किन हाइड्रेट रहेगी और शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स निकलेंगे.

देश को मिले 382 जांबाज अफसर, PHOTOS में देखें IMA पासिंग आउट परेड 2019

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भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पासआउट होकर 459 कैडेट्स आज विभिन्न सेनाओं में अफसर बन गए.

 कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा..ये जिंदगी है कौम की, तू कौम पे लुटाए जा.' इस गीत पर चेटवुड बिल्डिंग के सामने ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए जेंटलमैन कैडेट्स अंतिम पग पार कर सेना में अफसर बन गए. इस दौरान इन कैडेट्स पर हवाई पुष्प वर्षा की गई.

कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा..ये जिंदगी है कौम की, तू कौम पे लुटाए जा.’ इस गीत पर चेटवुड बिल्डिंग के सामने ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए जेंटलमैन कैडेट्स अंतिम पग पार कर सेना में अफसर बन गए. इस दौरान इन कैडेट्स पर हवाई पुष्प वर्षा की गई.

 आज 382 जांबाज अफसर भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं. जबकि मित्र राष्ट्रों के 77 कैडेट्स पासआउट हुए हैं.

आज 382 जांबाज अफसर भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं. जबकि मित्र राष्ट्रों के 77 कैडेट्स पासआउट हुए हैं.

 पासआउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन रहे. जिन्होंने परेड की सलामी ली.

पासआउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन रहे. जिन्होंने परेड की सलामी ली.

 इससे पहले ड्रिल स्क्वायर पर कैडेट आईएमए का ध्वज लेकर ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने पहुंचे.

इससे पहले ड्रिल स्क्वायर पर कैडेट आईएमए का ध्वज लेकर ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने पहुंचे.

 सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ. इसके बाद ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए 459 जेंटलमैन कैडेट्स चैटवुड भवन के सामने पहुंचे. इस दौरान आईएमए के आसपास का क्षेत्र जीरो जोन रहा. यातायात मार्ग को बल्लूपुर और प्रेमनगर से डायवर्ट कर दिया गया.

सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ. इसके बाद ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए 459 जेंटलमैन कैडेट्स चैटवुड भवन के सामने पहुंचे. इस दौरान आईएमए के आसपास का क्षेत्र जीरो जोन रहा. यातायात मार्ग को बल्लूपुर और प्रेमनगर से डायवर्ट कर दिया गया.

पढ़ाई के दौरान सिंगापुर के रेस्टोरेंट में वेटर रह चुकी हैं सोनम कपूर!

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सोनम कपूर को बॉलीवुड की फै़शन आइकन के रूप में जाना जाता है. कहते हैं कि सोनम जो भी कपड़े पहन लें वो स्टाइल स्टेटमेंट बन जाते हैं. जहां एक तरफ सोनम अपनी बहन रिया के फ़ैशन ब्रांड ‘रीज़न’ को प्रमोट करती हैं वहीं अक्सर वो किसी ना किसी इवेंट में अपने बेहतरीन लुक से तारीफें बटोरती हैं. ऐसे में एवरग्रीन एक्टर अनिल कपूर की बड़ी बेटी सोनम को देखकर लगता है कि उनकी ज़िन्दगी बिल्कुल परफे़क्ट रही होगी, लेकिन ऐसा है नहीं क्योंकि सोनम हमेशा से ही अपने मोटापे, उतार-चढ़ाव से भरे फ़िल्मी कॅरियर और ट्रोलिंग से लड़ती रही हैं.

सोनम कपूर फैशन और स्टारकिड से बढ़कर भी बहुत कुछ हैं. फ़िल्मों में आने से पहले उनका वेट काफी ज्यादा था. सिंगापुर में पढ़ाई के दौरान उनका वज़न बहुत बढ़ गया था. वैसे सोनम कभी फ़िल्मों में आना ही नहीं चाहती थीं. इस वजह से उन्होंने अपने बढ़े हुए वज़न पर कभी ध्यान नहीं दिया.
मोटापे पर कमेंट की वजह से हुआ था ब्रेकअप
ऐसी खबरें भी हैं कि उनकी पढ़ाई के दौरान बॉयफ्रेंड ने उनके मोटापे का मज़ाक उड़ाते हुए उन पर कमेंट किया जिसके बाद सोनम को समझ में आ गया कि वह लड़का उनकी इज्ज़त नहीं करता है और फिर उन्होंने उससे ब्रेकअप कर लिया.


भारत लौटने के बाद सोनम ने संजय लीला भंसाली की फ़िल्म ‘ब्लैक’ से असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया, लेकिन भंसाली को सोनम में एक्टिंग की संभावनाएं दिखीं. उन्होंने सोनम से कहा कि वो अजंता की मूरत जैसी दिखती हैं. सोनम का वज़न उस वक़्त 86 किलो था जिसके चलते शायद उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि वो इतनी ख़ूबसूरत हैं. काफी समय तक संजय ने उन्हें अपनी फ़िल्म में साइन करना चाहा, लेकिन सोनम ने टाल दिया.

डेढ़ साल तक अपनी फ़िल्म के लिए मनाने के बाद आखिरकार सोनम ने उनकी फिल्म में आने के लिए हां कर ही दी. जिसके बाद सोनम ने अपनी पहली फिल्म ‘सांवरिया’ के लिए करीब 35 किलो वज़न घटाया और आज सोनम बॉलीवुड की सबसे हॉट अभिनेत्रियों में से एक हैं. इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के सुपरहिट एक्टर रणबीर कपूर ने भी शुरुआत की थी.

रेस्टोरेंट में वेटर का जॉब
बताया जाता है कि सोनम का कॅरियर फिल्मों से शुरू नहीं हुआ बल्कि उनकी सबसे पहली जॉब एक रेस्टोरेंट में वेटर की थी. यह नौकरी उन्होंने सिंगापुर में अपनी 2 सालों की पढ़ाई के दौरान की थी. वैसे ये बात सोनम के फैन्स के लिए हजम करने जैसी नहीं है कि अनिल कपूर की बेटी और आज की सुपरस्टार सोनम ने इस तरह से भी स्ट्रगल किया होगा.

वहीं साल 2005 में जब उन्होंने संजय लीला भंसाली की फ़िल्म ‘सांवरिया’ में रणबीर कपूर के साथ डेब्यू किया तो लोग उनकी ख़ूबसूरती को देखते रह गए. उसके बाद सोनम ने अभिषेक बच्चन के साथ ‘दिल्ली-6’, ‘आय हेट लव स्टोरीज़’, ‘आयशा’, ‘रांझणा’, ‘वीरे दी वेडिंग’ जैसी कई फ़िल्मों में काम किया. एक्टिंग के तौर पर कहा जाता है कि सोनम की किस्मत और एक्टिंग का लोहा 2013 में आई आनंद एल राय की फ़िल्म ‘रांझणा’ से माना गया जिसने उनके करियर को फिर से एक गति दी. इस फ़िल्म में उनके साथ साउथ के सुपरस्टार धनुष लीड रोल में मौजूद थे. साथ ही अभय देओल का भी किरदार काफी सराहा गया था.

जोया और बीरो
फ़िल्म में सोनम का किरदार दिल्ली में रहने वाली एक मुसलमान लड़की ज़ोया का था जो ख़ूबसूरत थी, स्मार्ट थी, कॉन्फिडेंट थी और अपनी ज़िन्दगी के फैसले लेना जानती थी. इस किरदार को सोनम ने बखूबी निभाया था. वहीं ‘भाग मिल्खा भाग’ में वह गांव की एक लड़की बीरो के किरदार में थीं. ‘रांझणा’ वाली ज़ोया से उलट बीरो, गांव की सीधी-सादी सी लड़की थी. इस रोल में सोनम की मासूमियत ने लोगों का दिल जीत लिया.

जिसके बाद सोनम के करियर में टर्निंग पॉइंट आया नीरजा भनोट की बायोपिक ‘नीरजा’ से. राम माधवानी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में मॉडल और एयर होस्टेस नीरजा के किरदार इतनी ख़ूबसूरती से निभाया कि उन्हें इसके लिए 2017 में नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया. जिसके बाद वो संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ में भी जबर्दस्त अंदाज़ में नजर आईं. हाल ही में सोनम ने अपने पिता अनिल कपूर के साथ ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ में स्क्रीन शेयर की जिसके बाद अब जल्द ही सोनम फिल्म ‘द जोया फैक्टर’ में नज़र आने वाली हैं.

सोनम कपूर ने अपनी फ़िल्मों से ज़्यादा अपने फ़ैशन सेंस और बेबाक बयानों के लिए मशहूर रही हैं. उनके 34वें जन्मदिन पर हमारी तरफ से उन्हें ढेर सारी बधाइयां!