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कांग्रेस सरकार सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा की अवहेलना पर उतारू : नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक

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भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए जारी योजनाओं को बंद करने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी ने कहा है कि ऐसा करके सरकार कर्मकार मंडल की राशि अन्य विभागों को ट्रांसफर करने का षड्यंत्र कर रही है, जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कांग्रेस सरकार कुतर्क कर रही है कि एक व्यक्ति दो विभागों की योजना का लाभ ले लेते है जबकि सच्चाई यह है कि दोनों योजना की पात्रता अलग-अलग है और योजना बंद होने से श्रमिकों के साथ नाइंसाफी हुई है।
प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि श्रमिक क्षेत्र के 40 लाख असंगठित श्रमिकों के कल्याण की अनदेखी करके प्रदेश सरकार उनके व उनके परिजनों के समक्ष गहन संकट खड़ा करने पर आमादा है।

अंसंगठित श्रमिकों के लिए प्रसव, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के लिए जिस राशि का प्रावधान किया गया है, उसमें राज्य सरकार का कोई अंशदान नहीं है। निर्माण कार्यों पर एक प्रतिशत शेष जमाराशि से श्रमिकों के कल्याण की ये योजनाएं संचालित की जाती हैं। अभी कर्मकार मंडल के पास करोड़ों रुपए हैं, इस राशि को ट्रांसफर करने की मंशा के तहत प्रदेश सरकार ने श्रमिक कल्याण योजनाओं पर डाका डाला है। श्री कौशिक ने कहा कि कर्मकार मंडल की यह राशि किसी भी सूरत में ट्रांसफर नहीं की जा सकती लेकिन प्रदेश सरकार आगे चलकर यही करने का इरादा संजोए काम कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा प्रदेश सरकार ऐसा करके सुप्रीम कोर्ट की उस अनुशंसा की अवहेलना भी कर रही है, जिसके तहत सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से चार आदर्श योजनाओं के क्रियान्वयन की बात कही गई है। इनमें से एक असंगठित श्रमिकों के कल्याण की कन्या विवाह योजना भी है। निर्धन कन्या विवाह योजना को भी बंद कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा की अवहेलना करने पर उतारू है। श्री कौशिक ने कहा कि पार्टी इस बारे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनीटरिंग कमेटी से भी इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह करेगी।

विनायकी चतुर्थी व्रत आज, इस व्रत को करने से मिलेगा मनचाहा फल

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विनायकी चतुर्थी व्रत माघ माह के ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी कि आज 7 जून शुक्रवार को मनाई जा रही है. गणेशोत्सव के दौरान भक्त घर में गणपति की स्थापना करेंगे. यह चतुर्थी भगवान गणेश को ही समर्पित है.गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है. कई स्थानों पर विनायक चतुर्थी को ‘वरद विनायक चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन गणेश की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि प्राप्ति होती है.

पूजा के नियम:

1. तड़के सुबह नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान करें, लाल रंग के वस्त्र धारण करें.

2. दोपहर पूजन के समय अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, तांबा, मिट्टी अथवा सोने या चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करें.

3.श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं

4. गणेश भगवान का मंत्र- ‘ॐ गं गणपतयै नम:’ बोलते हुए 21 दूर्वा चढ़ाएं

5.श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं. इनमें से 5 लड्‍डू ब्राह्मण को दान दें और 5 गणेश के चरणों में रखें. बाकी को प्रसाद स्वरूप बांट दें.

Vinayaka Chaturthi Vrat Katha:
एक दिन स्नान करने के लिए भगवान शंकर कैलाश पर्वत से भोगावती जगह पर गए. उनके जाने के बाद मां पार्वती ने घर में स्नान करते समय अपने शरीर के मैल से एक पुतला बनाया था. उस पुतले को मां पार्वती ने सतीव कर उसका नाम गणेश रखा. पार्वती जी ने गणेश से मुद्गर लेकर द्वार पर पहरा देने के लिए कहा. पार्वती जी ने कहा था कि जब तक मैं स्नान करके बाहर ना आ जाऊं किसी को भी भीतर मत आने देना.

भोगावती में स्नान करने के बाद जब भगवान शिव वापस घर आए तो वे घर के अंदर जाने लगे. लेकिन बाल गणेश ने उन्हें रोक दिया. इसे शिवजी ने अपना अपमान समझा और भगवान गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया और घर के अंदर चले गए.

शिवजी जब अंदर पहुंचे तो बहुत क्रोधित थे. पार्वती जी ने सोचा कि भोजन में विलम्ब के कारण महादेव क्रुद्ध हैं. इसलिए उन्होंने तुरंत 2 थालियों में भोजन परोसकर शिवजी को बुलाया और भोजन करने का आग्रह किया.

दूसरी थाली देखकर शिवजी ने पार्वती से पूछा, ‘यह दूसरी थाली किस के लिए लगाई है?’ इस पर पार्वती जी ने कहा कि पुत्र गणेश के लिए, जो बाहर द्वार पर पहरा दे रहा है. यह सुनकर भगवान शिव चौंक गए और उन्होने पार्वती जी को बताया कि, ‘जो बालक बाहर पहरा दे रहा था, मैने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया है.’

यह सुनकर पार्वती जी बहुत दुखी हुईं और विलाप करने लगीं. उन्होंने भगवान शिव से पुत्र को दोबारा जीवित करने का आग्रह किया. तब पार्वती जी को प्रसन्न करने के लिए भगवान शिव ने एक हाथी के बच्चे का सिर काटकर उस बालक के धड़ से जोड़ दिया. पुत्र गणेश को पुन: जीवित पाकर पार्वती जी बहुत प्रसन्न हुईं.

बालाकोट जैसी एयरस्ट्राइक करने के लिए भारत ने इज़राइल से खरीदे 300 करोड़ के ये खास बम

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भारत ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इज़रायल के साथ एक 300 करोड़ की डील साइन की है. इसके तहत भारत इज़रायल से 100 स्पाइस बम खरीदेगा. 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करने के लिए वायु सेना ने स्पाइस बम का इस्तेमाल किया गया था.

सुखोई-30 में हो चुका है सफल ट्रायल

बता दें भारतीय वायुसेना ने जैश के ठिकानों को ध्वस्त करने के बाद अपने सुखोई-30 विमान में स्‍पाइस 2000 बम का ट्रायल किया था. पाकिस्‍तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राइक के लिए मिराज लड़ाकू विमान का इस्‍तेमाल किया गया था.

अभी तक इस बम का इस्‍तेमाल सिर्फ मिराज में किया जाता है, लेकिन सुखोई पर भी इसका ट्रायल सफल रहा है. बताया जाता है कि इस एयर स्ट्राइक में सुखोई लड़ाकू विमानों ने मिराज को कवर देने का काम किया था. लेकिन आतंकी ठिकानों पर मिराज ने ही बम गिराए थे.

3 महीने में हो जाएंगे डिलीवर

भारत ने सुखोई 30 एमकेआई में स्पाइस बम के परीक्षण के बाद ये फैसला किया है. भारत ने ये परीक्षण 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक के बाद किया था.

इससे पहले तक इज़रायल में बने स्पाइस बम का इस्तेमाल सिर्फ दसॉ के मिराज 2000 विमान में ही हो सकता था. कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से ये एडवांस्ड स्पाइस बम भारतीय वायुसेना को तीन महीने के अंदर डिलीवर कर दिए जाएंगे.

इस तरीके से गूगल मैप्स पर चेक कर सकते हैं लाइव ट्रेन स्टेटस

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हाल ही में गूगल ने अपने नेवीगेशन ऐप को अपडेट किया जिससे भारतीय यूज़र्स न सिर्फ दस शहरों का लाइव ट्रैफिक देख पाएंगे बल्कि बस का ट्रैवल टाइम भी चेक कर सकते हैं. साथ ही ऐप पर ये भी पता चल जाएगा कि कहीं से कहीं तक आने-जाने के लिए सबसे अच्छा रूट कौन सा है और ऑटो रिक्शा लेना ठीक है या कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट. इसके अलावा जो तीसरी इसकी सबसे बड़ी खासियत है वह है ट्रेनों का लाइव स्टेटस चेक करना.

ये सारे फीचर्स गूगल मैप्स पर सबसे पहले भारत में दिए गए हैं. लाइव ट्रेन फीचर की मदद से यूजर्स को न सिर्फ स्टेशन पर ट्रेन के आने के वक्त के बारे में जानकारी मिलेगी बल्कि इसके समय में बदलाव और देरी की भी जानकारी मिल सकेगी. इस फीचर की मदद से किसी भी ट्रेन की मौजूदा स्थिति को भी जाना जा सकेगा. यह फीचर गूगल ‘Where is my train’ ऐप के साथ पिछले साल हुई पार्टनरशिप करने के बाद लेकर आया है. नए फीचर की मदद से यूजर्स ट्रेन का पूरा रूट देख सकेंगे और स्टेशन तक जाने के लिए भी उन्हें मैप्स बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑप्शन की सलाह भी देगा.

तो अगर आप भी इस ऐप का प्रयोग करके ट्रेनों का लाइव स्टेटस देखना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इसका लेटेस्ट वर्ज़न इंस्टॉल करना होगा. इसके बाद

 आपको ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे-

>> अपने स्मार्टफोन में गूगल मैप्स ऐप ओपन करें.

>>डेस्टिनेशन ट्रेन स्टेशन या लोकेशन का नाम सर्च बार में लिखकर सर्च करें. उदाहरण के लिए अगर ट्रेन नई दिल्ली से जयपुर जा रही है तो जयपुर डेस्टिनेशन स्टेशन होगा. सर्च के बाद नीचे दिख रहे ‘डायरेक्शन’ बटन पर टैप करें.

>>इसके बाद ‘Two-wheeler’ और ‘Walk’ के बीच दिख रहे ‘Trains’ ऑप्शन पर टैप करें.

>>अब रूट ऑप्शंस में दिख रहे ट्रेन आइकन पर टैप करें.

>>यहां ट्रेन के नाम पर टैप करके आप इसका लाइव स्टेटस जान सकते हैं. बता दें, फिलहाल यह फीचर लंबी रूट की ट्रेन्स के लिए ही काम करता है.

आज अयोध्या में भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण करेंगे CM योगी, जानिए पूरा शेड्यूल

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (शुक्रवार) को अयोध्याके दौरे पर जाएंगे. जानकारी के मुताबिक महंत नृत्य गोपाल दास के 81वें जन्मदिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद सीएम योगी कर्नाटक से लाई गई कोदंब राम की प्रतिमा का अनावरण करेंगे. 7 फीट की इस प्रतिमा को राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है. इसे अयोध्या शोध संस्थान के शिल्प संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा. कर्नाटक के कावेरी कर्नाटक स्टेट आर्ट्स एवं क्राफ्ट इंपोरियम से 35 लाख में खरीदी गई भगवान राम की यह प्रतिमा देखने में काफी आकर्षक है और इसे काष्ठ कला की एक दुर्लभ कृति माना जा रहा है.

ये रहा शेड्यूल

कार्यक्रम के मुताबिक सीएम योगी 2.30 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे. जहां से 2.50 पर अयोध्या शोध संस्थान पहुंचेंगे. सीएम 3:30 तक रहेंगे. जहां कोदंब राम की प्रतिमा का अनावरण करेंगे. 3.25 मणिराम दास छावनी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र महंत नृत्य गोपाल दास की जन्म उत्सव का उद्घाटन करेंगे. 4:30 से 5:00 बजे तक संतों से मुलाकात करेंगे. शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक अयोध्या में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण के बाद शाम 6:10 पर लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे.

बता दें कि सोमवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि समेत कई मुद्दों को लेकर संतों की बैठक हुई थी. बैठक में अयोध्या के संतों, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और राम जन्मभूमि न्यास के पदाधिकारी शामिल हुए थे. इस बैठक में राम मंदिर निर्माण पर संतों ने कड़ा रुख दिखाया था. संतों ने सवाल उठाया था कि सरकार बदल जाएगी तो संतों को क्या फिर से मंदिर निर्माण के लिए गोली खानी होगी? वहीं, बैठक में शामिल परमहंस दास ने राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि भगवान राम टेंट में है, क्या उनको धूप नहीं लगती है, हम लोगों को गर्मी से बचने के लिए पंखा चाहिए.

कोर्ट को बताया बीमार हूं, काजी के घर ईद मनाने पहुंचीं साध्वी प्रज्ञा

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भाजपा सांसद और मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा एक बार फिर सवालों के घेरे में घिरती नजर आ रही हैं. दरअसल साध्वी प्रज्ञा ने गुरुवार को मुंबई ट्रायल कोर्ट से हाई ब्लड प्रेशर के कारण अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए पेशी से छूट की मांग की थी जबकि दोपहर में उन्हें भोपाल के एमपी नगर में महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में देखा गया.

सांसद साध्वी प्रज्ञा शाम के समय भाजपा नेताओं के साथ भोपाल के काजी सैयद मुस्ताक अली नदवी के घर पर भी पहुंची थीं. उन्होंने इस मौके पर काजी को मिठाई और ड्राई फ्रूट्स भी दिए थे. बताया जाता है कि वह रात के समय केयर अस्पताल में भर्ती हुईं और गुरुवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. साध्वी को गुरुवार को मुंबई की ट्रायल कोर्ट में पेश होना था, लेकिन उन्होंने कोर्ट से पेशी में छूट की मांग कर दी. गौरतलब है कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को हफ्ते में कम से कम एक बार कोर्ट के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए थे. सोमवार को साध्वी प्रज्ञा ने कोर्ट से पूरे हफ्ते कोर्ट में पेश होने की छूट मांगी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनकी अर्जी नामंजूर कर दी थी.

गुरुवार को अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने उन्हें शुक्रवार को पेश होने को कहा था. बताया जाता है कि साध्वी ने अपनी अर्जी के साथ कोई मेडिकल दस्तावेज भी नहीं लगाए थे, जिससे ये बताया जा सकता कि वह अस्पताल में भर्ती हैं.

ICC ने दिया धोनी को झटका, मैदान पर नहीं पहन पाएंगे ये दस्ताने!

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भारत स्‍टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी आईसीसी क्रिकेट वर्ल्‍ड कप के दौरान मुसीबत में फंस गए हैं. उन्‍होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया के पहले मैच में सेना के चिन्‍ह वाले दस्‍ताने पहने थे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने धोनी से सेना के चिन्‍ह को अपने दस्‍तानों से हटाने को कहा है. आईसीसी ने बीसीसीआई को इस संबंध में जानकारी दे दी है. समाचार एजेंसी आईएएनएस ने यह खबर दी है.

आईसीसी के महाप्रबंधक क्लेयर फरलोंग ने आईएएनएस को कहा, ‘हमने बीसीसीआई से इस चिन्ह को हटवाने की अपील की है.’ आईसीसी के नियम के मुताबिक, ‘आईसीसी के कपड़ों या अन्य चीजों पर अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या नस्लभेदी जैसी चीजों का संदेश नहीं होना चाहिए.’

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के दौरान धोनी ने जो विकेटकीपिंग दस्ताने पहने थे उन पर भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का चिन्ह ‘बलिदान’ बना हुआ था. धोनी के फोन के कवर पर भी यही चिन्‍ह मौजूद है. बता दें कि धोनी टेरिटोरियल आर्मी में हैं और वे भारतीय सेना की पैरा स्‍पेशल फोर्स में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं. उनके किट बैग का रंग भी सेना की जर्सी जैसे रंग(कैमफ्लाश़) का ही है.

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एमएस धोनी ने सेना की पैरा स्‍पेशल फोर्स के चिन्‍ह ‘बलिदान’ वाले दस्‍ताने पहने थे.

धोनी के दस्तानों पर ‘बलिदान ब्रिगेड’ का चिन्ह है. सिर्फ पैरामिलिट्री कमांडो को ही यह चिन्ह धारण करने का अधिकार है. धोनी को 2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद उपाधि मिली थी धोनी ने 2015 में पैरा ब्रिगेड की ट्रेनिंग भी ली है. प्रशिक्षण के दौरान धोनी ने पांच पैराशूट जंप भी किए थे.

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ पर फिर वापसी कर सकती हैं टप्पू की मम्मी!

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हास्य टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अपनी एक खास पहचान बना चुकी दया बेन (दिशा वकानी) शे में वापसी करने जा रही हैं. खबर है कि आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के बाद टीवी एक्ट्रेस दिशा वकानी टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में फिर से दिखाई देंगी. हालांकि दिशा या फिर शो की टीम की तरफ से इस खबर की पुष्टि नहीं की गई है. वहीं दिशा की वापसी वाली खबर से उनके प्रशंसकों को जरूर खुशी हुई होगी.

गौरतलब है कि दिशा गर्भवती होने के बाद मैटरनिटी लीव पर 2017 से शो से बाहर हैं. पिछले दिनों से ऐसी खबर आ रही थी कि दिशा मैटरनिटी लीव के बाद शो में वापस नहीं आना चाहती हैं. निर्माताओं ने दया बेन के किरदार के लिए किसी नए चेहरे की तलाश में हैं.  यहां तक की दया बेन के किरदार को लेकर कई अभिनेत्रियों के नाम भी सामने आने लगे थे.

हास्य टीवी धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा में वापसी करने जा रही हैं दिशा वकानी

दिशा ने बेटी की तस्वीर सोशल मीडिया में की साझा

खबरों के अनुसार ‘चिड़ियाघर’ की एक्ट्रेस एमी त्रिवेदी का नाम चर्चा में है. हालांकि एमी ने स्पष्ट कहा था कि उनसे किसी ने भी दया बेन के किरदार के लिए सम्पर्क नहीं किया है. हाल ही में दिशा ने अपनी बेटी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं. दिशा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि वो इस समय का पूरा आनंद ले रही हैं.

बता दें कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा भारत के सबसे ज्यादा चलने वाले धारावाहिकों में से एक है. लगातार 10 सालों से यह टॉप 10 टीआरपी वाला धारावाहिक है. इसके 2000 से ज्यादा एपिसोड में दिशा, लीड रोल करने वाले दिलीप जोशी (जेठालाल) की पत्नी का रोल निभाती आ रहीं थीं.

‘गडकरी चुनाव हारेंगे’, ऑडियो लीक होते ही बीजेपी ने दो नेताओं को 6 साल के लिए निकाला

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल करना बीजेपी के दो नेताओं को काफी महंगा पड़ गया. दोनों ही नेताओं को पार्टी ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. दोनों नेता महाराष्ट्र के नागपुर से बताए जा रहे हैं. इन दोनों नेताओं की फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ये फैसला लिया गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऑडियो में जिन दो नेताओं की आवाज सुनाई दे रही है, उसमें जयहरी सिंह ठाकुर और अभय तिड़के शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ऑडियो में दोनों नेता लोकसभा चुनाव में गडकरी की हार के बारे में बात कर रहे हैं. नेता भविष्यवाणी कर रहे हैं कि वह नागपुर में कांग्रेस उम्मीदवार नाना पटोले से हारने वाले हैं. इस ऑडियो में दोनों नेता केंद्रीय मंत्री को अपशब्द भी बोल रहे हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव में नितिन गडकरी ने कांग्रेस उम्मीदवार को 197,000 वोटों से हराया था.

गौरतलब है कि जयहरी सिंह ठाकुर बीजेपी के नागपुर सिटी यूनिट के उपाध्यक्ष हैं, वहीं अभय तिड़के एक्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी नागपुर के अध्यक्ष सुधाकर कोहले ने बताया कि दोनों नेताओं ने लोकसभा चुनाव के परिणाम की भविष्यवाणी करते हुए केंद्रीय मंत्री के बारे में अपशब्द कहे थे. इस तरह की अनुशासनहीनता पार्टी में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पार्टी ने दोनों ही नेताओं को पद से हटाने का फैसला किया है.

कांग्रेस सरकार ने बदला 10 साल पुराना राज्य स्लोगन, अब ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ पर राजनीति शुरू

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छत्तीसगढ़ की सत्ता हासिल करने के बाद सूबे की भूपेश बघेल सरकारने राज्य का स्लोगन बदलने का बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के तकरीबन 10 साल पुराने स्लोगन को बदल दिया है. विश्वसनीय छत्तीसगढ़ स्लोगन को बदलकर ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ कर दिया गया है. मालूम हो कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ शब्द का इस्तेमाल जिसे अब राज्य का नया स्लोगन बना दिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक तकरीबन 10 साल पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने विश्वसनीय छत्तीसगढ़ का नारा दिया था. इसके बाद तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ के स्लोगन के रुप में इस्तेमाल करने का फैसला लिया था.

मालूम हो कि 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में लगभग दो तिहाई बहुमत के साथ छत्तीसगढ़ की सत्ता पर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया था. सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने पूर्व की भाजपा सरकार की कई योजनाओं का नाम बदल का फैसला लिया था. हालांकि सरकार के इस फैसले का विपक्ष ने जमकर विरोध भी किया था. इसी कड़ी में अब कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के राज्य स्लोगन को ही बदल दिया है. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस इसी नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरी थी. पार्टी के घोषणा पत्र में भी इस नारे का जिक्र किया गया था. सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने इस नारे को स्लोगन का शक्ल दे दिया है.

इन योजनाओं का बदला गया नाम

  • पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी स्वावलंबन योजना किया गया.
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना का नाम बदलकर इंदिरा प्रियदर्शिनी एलईडी पथ
  • प्रकाश योजना किया गया.
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना का नाम बदलकर डॉ. बीआर आंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना किया गया.
  • पं दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी आजीविका केंद्र योजना किया गया.
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना का नाम बदलकर इंदिरा प्रियदर्शिनी शुद्ध पेयजल योजना किया गया.

स्लोगन बदलने पर हो रही राजनीति

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने राज्य का स्लोगन बदल दिया है. राज्य सरकार ने विश्वसनीय छत्तीसगढ़ के स्थान पर गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ को स्लोगन बनाया है. अब छत्तीसगढ़ में स्लोगन पर सियासत शुरू हो गई है. स्लोगन बदलने को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र तिवारी का कहना है कि बीजेपी ने बीते 15 सालों में राज्य की विश्वसनीयता समाप्त कर दी थी. इसलिए कांग्रेस पार्टी नया राज्य गठन के संकल्प के साथ सत्ता तक पहुंची है और छत्तीसगढ़ की माटी के अनुरूप गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ स्लोगन रखा गया है. वहीं बीजेपी प्रवक्ता केदार गुप्ता का कहना कि कांग्रेस के साथ वैसे भी विश्वसनीय शब्द नहीं जुड़ता. जिस का बात आभास खुद कांग्रेस पार्टी को भी है. इसलिए सरकार ने खुद ही विश्वसनीय शब्द हटाकर नया स्लोग बना लिया है.