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संस्कृति मंत्री 6 जून को करेंगे महंत घासीदास की प्रतिमा का अनावरण : छत्तीसगढ़ की सांस्कृृतिक विरासत के विस्तार के लिए करेंगे चर्चा

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संस्कृृृति और पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू राजधानी रायपुर स्थित संस्कृति भवन परिसर में 6 जून को दोपहर 1.30 बजे महंत घासीदास की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस अवसर पर श्री साहू संस्कृति भवन के सभागार में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकारों, लोक कलाकारों, फिल्म निर्माता-निर्देशकों एवं फिल्म कलाकारों से राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे। श्री साहू दोपहर 2 बजे राज्य के कवि, लेखकों, साहित्यकारांे से और दोपहर 3 बजे छत्तीसगढ़ी लोक-कलाकारों से मिलकर उनकी समस्याएं जानेंगे। इसके पश्चात दोपहर 4 बजे श्री साहू छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता-निर्देशकों और कलाकारों से मिलकर छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माण, प्रचार-प्रसार और विकास पर चर्चा करेंगे। इस दौरान छत्तीसगढ़ी साहित्य, लोक कला और छत्तीसगढ़ी चलचित्रों को नये आयाम देने के लिए विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया जाएगा।

‘विश्व पर्यावरण दिवस‘ : मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण को संरक्षित रखने की अपील

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ‘विश्व पर्यावरण दिवस‘  के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण को संरक्षित रखने और छत्तीसगढ़ को हरा-भरा बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पर्यावरण संतुलन बिगड़ने से आज जल, वायु, भूमि सभी क्षेत्रों में प्रदूषण का बढ़ना एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने है। ग्लोबल वार्मिंग और लगातार वर्षा में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।  

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि प्रकृति को सहेज कर रखना हमारी गौरवशाली परम्परा है, जिसका प्रमाण वृक्षों की पूजा से मिलता है। उन्होंने अपने संदेश मंे कहा है कि यह दिवस हमें मानव और प्रकृति के मध्य बेहतर सामंजस्य की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यह दिवस साथ ही यह याद भी दिलाता है कि हम पर्यावरण को संरक्षित रखंे। 

उन्होंने कहा है कि विश्व भर में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूकता के लिए यू.एन.ई.पी. द्वारा भी इस वर्ष का मूल विषय ‘वायु प्रदूषण’ निर्धारित किया गया है। पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के लिए हमें अधिक से अधिक सामाजिक वानिकी-कृषि वानिकी को अपनाना होगा। हम अपने आस-पास वृक्षों को कटने से बचाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें ताकि हमारी भावी पीढ़ी को प्रदूषण रहित और स्वस्थ छत्तीसगढ़ उपहार में दे सकें। 

छत्तीसगढ़ : नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने बैहार में निर्माणाधीन गौठान का निरीक्षण किया

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नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने सोमवार शाम को आरंग प्रवास के दौरान आरंग विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बैहार में निर्माणाधीन गौठान का निरीक्षण किया। गौठन में बिजली कनेक्शन के साथ ही सोलर उर्जा की स्थापना से नियमित बिजली की व्यवस्था बनी रहेगी। मंत्री डॉ. डहरिया ने इस व्यवस्था के लिए खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों की आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से नरवा, गरूवा, घुरवा और बारी को संरक्षित और संवर्धित करने की अवधारणा से प्रद्रेश के सभी गांवों में गौठन निर्माण का लक्ष्य रखा है। गौठान योजना से न केवल पशुओं का संरक्षण होगा बल्कि पशुआंे के गोबर से निर्मित जैविक खाद से आनाज उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे स्वास्थ्य के दृष्टि से भी लोग ज्यादा स्वस्थ्य और तंदरूस्त होंगे।

    डॉ. डहरिया ने भ्रमण के दौरान अधिकारियों को पशुओं की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए गौठान में गुणवत्तापूर्ण शेड निर्माण और पशुओं के पीने योग्य पानी और चारा की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौठान के आसपास सरकारी जमीन को खेती के रूप में परिवर्तित कर सब्जी-भाजी लगाने एवं वृक्षारोपण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों से समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत के आर्थिक विकास के लिए खेती का सद्पयोग किया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत के विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों को गौठान योजना से जोड़ने के भी निर्देश दिए। डॉ. डहरिया ने गोबर खाद से निर्मित होने वाले वर्मीकम्पोस्ट शेड, सोलर उर्जा, नलकूप खनन, बिजली व्यवस्था आदि कि जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, जनपद पंचायत आरंग के अध्यक्ष श्री दिनेश ठाकुर, जनपद पंचायत आरंग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री किरण कौशिक सहित पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे।

अब अखिलेश यादव ने कहा, सभी सीटों पर अकेले लड़ेंगे उपचुनाव

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सपा-बसपा गठबंधन पर मंगलवार को मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुप्पी तोड़ी है। अखिलेश यादव ने कहा है कि अगर  उपचुनाव में गठबंधन साथ नहीं होता है तो फिर समाजवादी पार्टी भी चुनाव के लिए तैयारी करेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा भी उपचुनाव की सभी 11 सीटों पर चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन टूटा है और जो बातें कही गई हैं। मैं उन पर बहुत सोच समझकर विचार करूंगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर रास्ते अलग-अलग हैं तो उसका भी स्वागत है।
इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुछ सीटों के लिये संभावित उपचुनाव अपने बलबूते लड़ने की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि इससे सपा के साथ गठबंधन के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा, गठबंधन बरकरार रहेगा। मायावती ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि उनकी पार्टी अपने बलबूते उपचुनाव लड़ेगी, लेकिन सपा से गठबंधन बरकरार रहेगा। 
उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव से उनके रिश्ते कभी खत्म नहीं होने वाले हैं। सपा के साथ यादव वोट भी नहीं टिका रहा। अगर सपा प्रमुख अपने राजनीतिक कार्यों के साथ अपने लोगों को मिशनरी बनाने में सफल रहे तो साथ चलने की सोचेंगे। फिलहाल हमने उपचुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया है।

बारिश के दौरान दरवाजे की चौखट पर बैठी थी महिला, आंगन में गिरी बिजली, झुलसने से हुई मौत

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सोमवार को बारिश के दौरान एक महिला अपने घर के दरवाजे की चौखट पर बैठी थी। आंगन में स्थित आम के पेड़ में आसमानी बिजली गिरी। जिसकी चपेट में आकर महिला की मौत हो गई। घटना नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दाराखिरका की है। 


साेमवार की शाम करीब 5 बजे जिले के नारायणपुर, जशपुर, सन्ना, मनोरा सहित कई इलाकों में गर्जना के साथ बारिश हुई है। ग्राम दाराखिरका में हल्की बारिश शाम 5 बजे शुरू हुई थी। बिजली विभाग ने सप्लाई बंद कर दी। बिजली बंद होने से घर में अंधेरा होने के कारण दाराखिरका निवासी वंदना यादव पति तपेश्वर यादव 35 वर्ष अपने मकान के दरवाजे की चौखट पर बैठी थी। तभी आंगन में आम के पेड़ पर आसमानी बिजली गिरी। जिससे वंदना बुरी तरह से झुलस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से करीब के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

संचालक नियमों का पालन नहीं कर रहा, कमसम के 7 वेंडर पकड़े गए

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रेलवे स्टेशन में फेरी करने वाले अवैध वेंडरों को आरपीएफ ने पकड़कर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पकड़ाए वेंडरों के लिए कमसम संचालक ने लाइसेंस ले रखा है। मगर वेंडरों की पहचान के तौर पर उनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिले। जिनके कारण उनपर कार्रवाई की गई है। 

रेलवे स्टेशन में फेरी करने को रेलवे ने वैध कर दिया है। 50 हजार रुपए सालाना पटाकर कैटरिंग स्टाल वाले फेरी करवा सकते हैं। सालों से अवैध चल रहे फेरी की प्रथा को रेलवे ने वैध तो कर दिया है। मगर उनके लिए जो नियम लागू किए है, उनका पालन नहीं स्टेशन में नहीं हो रहा था। सोमवार को आरपीएफ ने कमसम के 7 वेंडरों को पकड़ा। वेंडरों के पास आई कार्ड, यूनिफार्म और उनके बैच कुछ भी नहीं थे। जबकि नियमत: ये सभी फेरी के लिए संचालक को उपलब्ध कराने है। स्टेशन में फेरी शुरू हुए लगभग 6 महीने हो चुके हैं। मगर अभी तक अधिकतर वेंडरों के पास आईकार्ड जारी नहीं हुआ है। हालात यह है कि स्थानीय अधिकारियों को इस बात की जानकारी तक नहीं है कि स्टेशन में कितने वेंडर काम करते हैं और कितनों को आईकार्ड जारी किया गया है। ऐसे में कौन वैध है और कौन अवैध इसकी पहचान नहीं हो पा रही है। आरपीएफ ने कार्रवाई के बाद वेंडरों के लिए आईकार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाकर जमा करने को निर्देशित किया है। वेंडरों पर रेलवे एक्ट 144 के तहत कार्रवाई की गई है। 

यात्रियों को मिलने वाले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता भगवान भरोसे- यात्रियों को मिलने वाले खाद्य सामग्री के गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी होगी। यह तय नहीं है। श्रम, आय, खाद्य सुरक्षा कानून का पालन करने पर ही टेंडर के लिए परमिशन दिया जाता है। मगर इन तीनों में से किसी भी नियम का पालन नहीं हो रहा है। कैटरिंग संचालक और बाकी अन्य सभी धड़ल्ले से स्टेशन में फेरी कर रहे है। स्टेशन में रेल नीर बेचने की ही अनुमति है। मगर पकड़ाए वेंडरों के पास ही जो पानी की बॉटल मिले वे दूसरे ब्रांड के थे। 

आरपीएफ थाने में बैठाए गए कमसम के वेंडर। 

तय संख्या से ज्यादा वेंडर रख रहे संचालक. रेलवे ने लाइसेंस के साथ कैटरिंग संचालक के लिए संख्या भी निर्धारित कर दी है। अभी फिलहाल कमसम ने 6 वेंडरों का लाइसेंस लिया है। मगर फेरी करने वाले वेंडर उससे कहीं ज्यादा होते है। आज भी कार्रवाई के दौरान केवल कमसम के 7 वेंडरों पकड़ाए। इसके अलावा भी वह शिफ्ट के हिसाब से वेंडरों की संख्या बढ़ाते रहता है। 

छत्तीसगढ़ : 63 हजार किसानों के 159 करोड़ रुपए माफ, हकीकत: न प्रमाण पत्र मिले और न बैंक खातों में एंट्री

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अफसर दावा कर रहे हैं कि चुनाव के पहले जिले के 63 हजार किसानों का 159 करोड़ रुपए का कर्जा माफ कर दिया गया है। हकीकत यह है कि किसानों को अभी न तो के ऋण माफी के प्रमाण पत्र बांटे गए हैं और न ही किसानों के बैंक खाते में ऋण माफी वाली राशि की एंट्री की गई है। इससे किसानों को अब बैंकों से लोन लेने में दिक्कत हो रही है। इधर, अफसरों का कहना है कि ऋण माफी के प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं जिन किसानों को नहीं मिला है, मिल जाएगा पर कब तक मिलेगा, इसका जवाब नहीं है। 

इसलिए भी किसानों की नाराजगी 

  1. 7 से 10 दिनों बाद जिले में खरीफ सीजन में बुआई के लिए तैयारी होने लगेगी। किसानों को खाद और बीज की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा खेती किसानी करने के लिए बैंकों से केसीसी लोने की आवश्यकता होगी। यदि इस वक्त तक सोसायटियों के बकायादार किसानों की ऋण माफी की स्थिति साफ नहीं होती हैं तो ये डिफाल्टर हो जाएंगे और उन्हें खाद बीज के साथ लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा। इससे किसान न सिर्फ आक्रोशित होंगे। जानकार लोग किसानों की इस नाराजगी को ही लोकसभा चुनाव परिणाम की वजहों में एक मान रहे हैं। 
  2. अफसरों कह रहे हैं कि किसानों का ऋण माफ हो चुका है। किसानों का कहना है कि प्रमाण पत्र दे दिए हैं तो बैंकें खाते में ऋण माफ होने की एंट्री क्यों नहीं कर रही हैं। किस किसानों के कितने रुपए माफ हुए, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। जबकि पंचायत भवनों में कर्ज माफी वाली किसानों की सूची चस्पा करने का दावा किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इधर, अफसरों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि कर्ज माफ होने की जानकारी किसानों को नहीं होगी। क्योंकि इनकी राशि बैंकों और सोसायटियों में समायोजित करा दी गई है। 
  3. 35 सौ किसानों ने ही लिया लोन व खाद बीज ऋण माफी प्रमाण पत्र नहीं मिलने और बैंक खाते में इंट्री नहीं होने की वजह से भले ही अपेक्स बैंक के अफसर किसानों को परेशानी नहीं होने का दावा कर रहे हैं, पर नए किसानों द्वारा अब तक खरीफ सीजन 2019-20 के लिए गए लोन व खाद बीज के आंकड़े दावे को खोखला कर रहे हैं। 31 मई की स्थिति में जिले के मात्र 3582 किसानों को ही 813.79 लाख रुपए का केसीसी लोन और खाद बीज वितरण किया गया है। जबकि हर साल करीब 40 हजार से अधिक किसान खाद बीज के साथ केसीसी लोन लेते हैं। 
  4. राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों को नहीं मिला लाभ अपेक्स बैंक के अफसरों की मुताबिक जिले में 39 हजार 6 किसानों का 103 करोड़ 34 लाख और 23 हजार 830 डिफाल्टर किसानों के 55 करोड़ 57 लाख रुपए समेत 62 हजार 836 किसानों का 158. 91 लाख कर्ज माफ हो चुका है, लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है। बैंक प्रबंधकों द्वारा लोन लेने वाले किसानों की जानकारी शासन को भेजी गई है, लेकिन इनका कर्ज कब तक माफ होगा, इस साफ नहीं है। राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन वाले किसानों की संख्या 30 हजार से भी अधिक है।
  5. राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्जों की माफी का कोई आदेश नहीं आया किसानों का कर्जा माफ हो चुका है। ऋण माफी पत्र बांटे जा रहे हैं। बैंक खाते में एंट्री नहीं होने से निजी बैंकों में परेशानी हो सकती है, लेकिन सोसायटियों में कोई दिक्कत नहीं है। हम किसानों को केसीसी लोन व खाद बीज वितरण कर रहे हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्जदारों का कर्जा माफ के लिए अभी कोई आदेश नहीं आया है।डीसी ठाकरे, नोडल अफसर अपेक्स बैंक

अगले 48 घंटे में दस्तक देगा मानसून! मौसम विभाग ने दी इन इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी

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अगले 48 घंटे में मानसून केरल तट पर दस्तक दे सकता है. भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से से आने वाली हवाओं से मानसून के आगे बढ़ने और इसे मज़बूत होने में मदद मिल रही है. अगर यहीं स्थिति बन रही तो अगले 48 घंटे में केरल तट पर तेज बारिश होने की उम्मीद है. वहीं, गोवा में यह 12 जून को दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश शुरू हो गई है. इससे किसानों को खरीफ फसल की बुआई में मदद मिलेगी. आपको बता दें कि इस साल मानसून छह दिन लेट हैं. आम तौर पर केरल में मानसून की पहली बारिश 1 जून के आस-पास शुरू हो जाता है.

इन इलाकों में भारी बारिश की आशंका- मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलिटेन में चेतावनी देते हुए कहा है कि नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है.

वहीं, तेज गर्म हवाओं (लू) से जल्द राहत मिलेगी. दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में गर्म हवाएं अब धीरे-धीरे कम हो रही है.

65 साल में सबसे कम हुई बारिश-मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च, अप्रैल और मई की बारिश को प्री मानसून में होने बारिश कहते हैं. इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में 69 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई हैं. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 फीसदी कम बारिश हुई है.इसका मतलब साफ है कि प्री मानसून इस बार पूरी तरह सूखा ही रहा है. 65 साल में पहली बार प्री मानसून में इतनी कम बारिश हुई है. 

6 जून को मानसून केरल पहुंचने का अनुमान-मानसून की सुस्त गति की वजह से केरल पहुंचने में देरी की आशंका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार केरल में मानसून के 6 जून तक आने की संभावना है जिसमें 4 दिन आगे-पीछे हो सकते हैं.

अर्थव्यवस्था पर मानसून का असर-मानसून का सीधा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ता है. मानसून सामान्य और अच्छा रहने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बढ़ती है, जिससे मांग में भी तेजी आती है. ग्रामीण इलाकों में आय बढ़ने से इंडस्ट्री को भी फायदा मिलता है.

हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी / प्रवेश के लिए आज से 30 जून तक ऑनलाइन करें आवेदन

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हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने संबद्ध निजी और शासकीय कॉलेजों में प्रवेश के लिए 4 से 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं। 31 जुलाई तक कुलपति की अनुमति से संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने वाली संस्थाओं को विश्वविद्यालय में ऑनलाइन ही जानकारी प्रस्तुत करना होगा। ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को मिलेगी गलतियां सुधारने का मौका भी मिलेगा। 

ऑफलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को देना होगा सौ रुपए शुल्क

  1. जिन संस्थानों में ऑफलाइन आवेदन लिए जाएंगे वहां छात्रों से सौ रुपए शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए सभी संस्थानों और छात्र-छात्राओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है। छात्र-छात्राएं स्वयं या इंटरनेट साइबर कैफे या फिर कॉलेजों मे बनाए गए हेल्प डेस्क की सहायता से ऑन लाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए दुर्ग विवि की वेबसाइट https://durg1ucnapply.com में आवेदन कर सकते हैं। 
  2. इसमें आवेदन से संबंधित सभी दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है।  प्रवेश फार्म, ऑनलाइन आवेदन करने के फार्मेट और दिशा-निर्देश आदि की जानकारियां दी गई हैं। छात्र-छात्राएं उसका अवलोकन कर आवेदन कर सकते हैं। संचालक उच्च शिक्षा संचालनालय हिमशिखर गुप्ता ने सभी कुलसचिवों की पिछले दिनों बैठक लेकर आन लाइन आवेदन स्वीकार करने को कहा था। जिसके बाद प्रकिया शुरू की गई है। 
  3. छात्र-छात्राएं त्रुटियों को खुद ही सुधार सकेंगे आमतौर पर नाम, पिता या माता के नाम की स्पेलिंग और जन्म तिथि में गलतियां सामने आती हैं। ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं इन गलतियों को खुद ही सुधार सकेंगे। इसके लिए उन्हें विश्वविद्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। विषय समूह के चयन में होने वाली गलतियों को सुधारने के लिए उन्हें अपने कॉलेजों में संपर्क करना होगा। वहां विषयों के समूहों को सुधार दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अधिक कवायद नहीं करना पड़ेगा। 
  4. पांच दिन के भीतर लेना होगा प्रवेश कॉलेजों में आवेदन जमा होने के बाद उपलब्ध सीट के आधार पर मेरिट सूचियां जारी जाएंगी। इसमें नाम आने के बाद 5 दिन के भीतर छात्र-छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश लेना होगा। इसकी जानकारी विवि को देनी होगी। जिन कॉलेजों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, उन कॉलेजों को विवि के पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री करना होगी, नहीं तो ऑफलाइन आवेदन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके लिए कॉलेज के प्राचार्य जिम्मेदार माने जाएंगे। 
  5. आवेदन करते समय देना होगा मोबाइल नंबर और छात्रों को आवेदन करते समय अपना मोबाइल नंबर देना होगा, ताकि जरूरत के अनुसार उसमें एसएमएस से विवि के संदेश दिए जा सकें। उसमें होने वाले परिवर्तनों की भी जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा उन्हें अपना एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो भी लगाना होगा। इससे छात्र की पहचान हो सकेगी। फोटो की फाइल साइज सौ केबी से अधिक नहीं होनी चाहिए। हस्ताक्षर नीली या काली स्याही वाले पेन से करना होगा। 

छत्तीसगढ़ /नया रायपुर अब होगा नवा रायपुर, पर अटल नगर का नाम नहीं बदलेगा

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नया रायपुर अब सरकारी रिकार्ड और साइन बोर्ड वगैरह में नवा रायपुर के नाम से जाना जाएगा, यानी सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ी कलेवर देने का फैसला लिया है। इसके साथ ही होर्डिंग से प्राधिकरण में दर्ज नाम भी बदल दिए जाएंगे। कैबिनेट की अगली बैठक में इसे रखा जाएगा। तत्कालीन रमन सिंह सरकार में अटल जी के नाम पर स्मार्ट सिटी नया रायपुर का नाम अटल नगर रखा गया था। हालांकि बदले गए नाम अटल नगर पर कोई असर नहीं होगा, यानी उस शहर का नाम अटल नगर ही रहेगा। 

नाम बदलकर भूपेश सरकार गलत परंपरा नहीं शुरू करना चाहती

  1. आवास-पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने साफ किया कि पिछले साल नए शहर का जो नाम रखा गया था, भूपेश सरकार उसे इसलिए नहीं बदलना चाहती क्योंकि इससे गलत परंपरा शुरू होने की आशंका है। यही नहीं, मंत्री ने नवा रायपुर में काम कर रहे कंसल्टेंट्स की संख्या, उनका फील्ड और भुगतान की पूरी फाइलें मंगवा ली हैं। अटल नगर विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री अकबर ने कहा कि अब प्राधिकरण का फोकस इस बात पर रहना चाहिए कि शहर में बसाहट तेज हो।
  2. आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि इसके लिए जितनी भी जरूरी परियोजनाएं हैं, सभी को पूरा किया जाए और बेवजह पैसे खर्च न हों। जो काम गैरजरूरी हैं, उन्हें तुरंत रोकना होगा, क्योंकि नए शहर में बसाहट ही सबसे ज्यादा जरूरी है। समीक्षा बैठक में तय हुआ कि नवा रायपुर में अभी जो भी काम चल रहे हैं, उनकी सूची बनाकर जरूरी और गैरजरूरी कार्यों को एक हफ्ते के भीतर अलग-अलग चिन्हित कर लिया जाए। इसके अनुरूप ही आगे की कार्य योजना बनाकर काम को आगे बढ़ाया जाएगा। 
  3. पैसा नहीं, बचें फिजूलखर्ची सेमुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप मंत्री ने बैठक में कहा कि सरकार पूरी तरह फिजूलखर्ची के खिलाफ है। उन्होंने एएनवीपी की वित्तीय स्थिति की जानकारी ली तो अफसरों ने बताया कि स्थिति ठीक नहीं है, बजट बहुत कम है। तब मंत्री ने निर्देश दिए कि अब गैरजरूरी सारे कार्य बंद कर दिए जाएं तथा पूर्ण व लंबित कार्यों में खर्च की गई राशि की जानकारी इकट्ठा की जाए। 
  4. मुआवजे का निराकरण बैठक में दौरान जमीन अधिग्रहण के मामले में मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें समूह में बुलाकर चर्चा करें और उनके एकाउंट में देय मुआवजे की रकम डालना शुरू की जाए। इस बैठक में एसीएस अमिताभ जैन, विशेष सचिव संगीता पी के अलावा एएनवीपी के अफसर मौजूद थे। 
  5. कंसल्टेंट्स की मांगी जानकारी समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी आई कि नया रायपुर के विकास तथा अन्य मुद्दों पर पिछली सरकार ने कई सलाहकार (कंसल्टेंट) नियुक्त कर रखे हैं। इन्हें सलाह देने के लिए काफी तगड़ा भुगतान भी किया जा रहा है। अफसरों से कहा गया है कि हर कंसल्टेंट के बारे में वे बताएं कि वे किस कार्य के लिए नियुक्त किए गए हैं, अब तक क्या कर चुके हैं, कितना भुगतान पा चुके हैं और जिस काम के लिए उन्हें इतना भुगतान किया गया, वह बसाहट तेज करने के लिए जरूरी है या नहीं। मंत्री ने सभी कंसल्टेंट्स की फाइलें बुलवा ली हैं। इनकी समीक्षा मंगलवार से शुरू कर दी जाएगी।