रायपुर। प्रदेश का मौसम बदलते ही लोगों ने भीषण गर्मी से राहत पा ली है। इस गर्मी में राजधानी की सड़क कर्फ्यू जैसा लगने लगा था। लेकिन अब गर्मी शांत होते ही लोगों ने ठंठक महसूस करने लगे हैं। नौतपा खत्म होते ही आस पास सहित कई इलाकों में पानी बरसने से 8 डिग्री तक पारा गिर गया है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश के कुछ स्थानों में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी होने के आसार बताए जा रहे हैं।
कोरबा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को कोरबा जिले के पाली विकासखंड के केराझरिया पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बघेल दोपहर केराझरिया में चैपाल लगाकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक करेंगे और क्षेत्र की विकास योजनाओं तथा कार्यक्रमों के बारे में जमीनी हकीकत जानेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र के लोगों से उनकी समस्याओं और मांगों के बारे में भी चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री पाली विकासखंड में पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्रों का वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने प्रवास के दौरान केराझरिया में नव निर्मित आदर्श गौठान का भी शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे। यह गौठान राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा बाड़ी विकास कार्यक्रम अंतर्गत बनाया गया है। इस गौठान में पशुओं के लिए चारा-पानी और छांव के साथ-साथ ईलाज की सुविधा भी होगी। गौठान के माध्यम से ग्रामीणों की माली हालत सुधारने के लिए वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के टांके भी गौठान परिसर में स्थापित किये गये हैं। गौठान से लगी हुई लगभग 12 एकड़ जमीन पर पशुओं के लिए चारागाह की व्यवस्था भी की गई है। गौठान में पानी की सप्लाई के लिए ट्यूबवेल खोदकर सोलर पंप स्थापित किया गया है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 05 जून 2019 को नवीन विश्राम गृह सिविल लाईन्स, रायपुर में संध्या 04ः00 बजे से संगोष्ठी एवं पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मोहम्मद अकबर, मंत्री आवास एवं पर्यावरण विभाग होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री व विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में विधायक द्वय श्री कुलदीप जुनेजा एवं श्री विकास उपाध्याय, प्रो. भारत भास्कर, आई.आई. रायपुर उपस्थित रहेंगे। संगोष्ठी में प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ एस.के. गोयल, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष नीरी, रायपुर रहेंगे। संगोष्ठी के उपरांत पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किये जायेंगे।
उल्लेखनीय है कि 5 जून को प्रातः 09ः30 बजे से स्कूली व महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये पोस्टर एवं महाविद्यालयीन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिता में मण्डल द्वारा आकर्षक नगद पुरस्कार रखे गये हैं। विद्यालयीन व महाविद्यालयीन स्तर पर चार आयु वर्गों में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इसी दिन महाविद्यालयीन स्तर पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें पर्यावरण से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे। क्विज प्रतियोगिता में दो-दो प्रतिभागियों का एक समूह होगा अतः प्रतिभागियों को अपने सहभागी के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना होगा।
संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के साहित्यकार, कवि-लेखक, लोककला, छत्तीसगढ़ी फिल्म के निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, एवं कलाकारों की बैठक का अयोजन 06 जून 2019 को दोपहर दो बजे महंत घासीदास स्माकर संग्रहालय रायपुर के सभागार में आयोजित किया जाएगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां महानदी भवन (मंत्रालय) में अटल नगर विकास प्राधिकरण के क्रियाकलाप की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अटल नगर की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी ली। श्री अकबर ने कहा कि प्राधिकरण इस प्रकार से कार्य करे कि अटल नगर में अधिक से अधिक बसाहट हो और यह पूर्ण रूप से शहर के रूप में मूर्त रूप ले सके। उन योजनाओं को भी प्राथमिकता मिले जो शहर की बसाहट के लिए आवश्यक हो। ऐसी योजनाओं को चिन्हित करें और एक-एक करके पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ऐसे गैर जरूरी विकास कार्यों पर ना व्यय किया जाए।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति की जानकारी ली और पूर्ण हुए, लंबित कार्य तथा उनमें खर्च की गई राशि की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब तक जिन विभागों के राज्यस्तरीय कार्यालय अटल नगर में नहीं आ पाए हैं, उन्हें लाने का प्रयास करें, इससे हमें बसाहट बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्राधिकरण के कार्यों के लिए पूर्व में नियुक्त सलाहकारों या सलाहकार एजेंसियों को मानदेय और उन्हें किए गए भुगतान एवं कार्य के संबंध में पूरी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग में आवश्यकता के अनुरूप अन्य तकनीकी विभागों से दक्ष अभियंता सहित अन्य कर्मचारी लाकर पदों की पूर्ति करें, ताकि अटल नगर को राज्य शासन की मंशा के अनुरूप पूर्ण स्वरूप प्रदान कर सकें। श्री अकबर ने अटल नगर विकास प्राधिकरण के नाम के आगे ‘नवा रायपुर’ शब्द जोड़ने तथा अटल नगर का नाम यथावत रखने कहा। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
श्री अकबर ने कहा कि अधिग्रहण किये गए गांवों के मुआवजा के प्रकरण का शीघ्रता से समाधान करें, जिन्हें अभी तक मुआवजा भुगतान नहीं हो पाया है उन्हें समूह में बुलाकर चर्चा करें और उनके एकाउंट में राशि का अंतरण कराएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, आवास एवं पर्यावरण विभाग की विशेष सचिव श्रीमती संगीता पी., अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एन.एन. एक्का सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में सम्पन्न पुनर्गठित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में सरगुजा क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार सुविधा देने के लिये तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती करने हेतु सरगुजा कनिष्ठ चयन बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया। बैठक में दो करोड़ बहत्तर लाख रुपये की लागत के 47 विभिन्न निर्माण कार्यो की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक से किसानों को कृषि ऋण लेने में हो रही असुविधा की शिकायत पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अम्बिकापुर के सी.ई.ओ. श्री श्रीकांत चंन्द्राकर और चिरमिरी के मैनेजर को तत्काल निलंबित किया। मुख्यमंत्री ने विधायकों द्वारा बिजली की शिकायत की जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल के मुख्य अभियंता से कहा कि संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उन्हें तत्काल निलंबित करें अन्यथा मुख्य अभियंता के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। उन्हांेने वर्ष 2004 के पूर्व जाति प्रमाण पत्र मिल रहे लोगों को अब जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलने कारणों के बारे में पूछताछ करते हुए निर्देशित किया कि प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का निराकरण करें और नियमों का पालन करते हुए जरुरतमंदो को तत्काल जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में मानव तस्करी की शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए विशेष सेल गठित कर एवं समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर शिकायतों की जांच करने के निर्देश दिये। उन्हांेने कलेक्टरों को निर्देश दिये एस.ई.सी.एल. की जो खदानें बंद हो गई हैं, उनकी जमीन राज्य सरकार को वापस करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने मुख्य सचिव को भी अपने स्तर से इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने सड़कांे के निर्माण व मरम्मत कराने पर विशेष ध्यान देने का आवश्यकता व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यो के लिये सीमेंट आपूर्ति की व्यवस्था बनाये रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने दिनोंदिन भू-जल स्तर में हो रही गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी विधायकांे से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नरवा कार्यक्रम के तहत् नदी-नालों के संरक्षण के कार्यक्रम को प्राथमिकता के आधार पर लेवें। उन्होंने विधायकांे से कहा कि वे सड़क और सी.सी. रोड़ के बदले वाटर रिचार्जिंग के कार्य अधिक से अधिक स्वीकृत करायें तथा वाटर रिचार्जिंग के लिये बडे पैमाने पर जनजागरुकता अभियान चलाने की आवश्यकता व्यक्त की। श्री बघेल ने कलेक्टरों से कहा कि वे कृषि को लाभ का क्षेत्र बनायंे, इसके लिये हर संभव आवश्यक प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में सरगुजा का जवांफूल चावल भेजा जाये जिससे जवंाफूल चावल का और व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके तथा किसानों को भी उनकी उपज की अधिक से अधिक कीमत मिल सके। मुख्यमंत्री ने किसानों को नक्शा, खसरा के अभाव में कृषि ऋण लेने में हो रही असुविधा को गम्भीरता से लेते हुए कलेक्टरों से कहा है कि किसानों से पुराने नक्शा, खसरा के संबंध में जमीन बेचने संबंधी प्रमाण-पत्र लेकर पुराने खसरे के आधार पर ही कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाये ताकि किसानों को सुगमता से कृषि ऋण उपलब्ध हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसान परेशान होगा तो आप सुखी नहीं रह सकेंगे। उन्हांेने सचेत करते हुए कहा कि इसके बाद भी यदि किसानों को आसानी से कृषि ऋण नहीं मिल पाने की शिकायत मिलने पर पटवारी को निलंबित करने के बजाये संबंधित कलेक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा एवं जशपुर क्षेत्र में पर्यटन की आपार संभावनाएं है। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सुनियोजित ढंग से प्रयास करें और यहां के पर्यटन की विशेषताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि दूर-दूर के पर्यटक यहंा आकर पर्यटन का लुफ्त उठा सकें। उन्होंने जशपुर में एडवेंचर स्पोर्टस की दिशा में आवश्यक कार्य करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह जशपुर में एस्ट्रोटर्फ का निर्माण शीघ्र करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि डी.एम.एफ. मद् की राशि का उपयोग केवल भवन बनाने में न करें बल्कि प्रभावित परिवारों की भलाई के लिये और उन्हें शिक्षित करने तथा कुपोषण दूर करने के लिये किया जाये। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये पोल्ट्री फार्म को बढावा देवंे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र धारक पिता के बच्चों को जन्म के समय ही जाति प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की जाये। उन्होने स्पष्ट किया कि बच्चे की जाति का निर्धारण उसके पिता की जाति के आधार पर किया जाये। बैठक में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खेलसाय सिंह ने कहा कि पहले इन प्राधिकरणों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हुआ करते थे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अब इन प्राधिकरणों का अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति के विधायकों को बनाया गया है। उन्होंने इसके लिये अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, अनुसूचित जनजाति एवं स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वय बलरामपुर के विधायक श्री वृहस्पत सिंह, भरतपुर सोनहत के विधायक श्री गुलाब कमरो एवं पत्थलगांव के विधायक श्री रामपुकार सिंह, सीतापुर के विधायक श्री अमरजीत भगत, सामरी के विधायक श्री चिंतामणी महराज, लुण्ड्रा के विधायक डॉ. प्रीतम राम, भटगांव के विधायक श्री पारसनाथ राजवाडे़, बैकुण्ठपुर के विधायक श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, कुनकुरी के विधायक श्री यू.डी. मिंज और जशपुर के विधायक श्री विनय कुमार भगत ने भी अपने क्षेत्र की समास्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस अवसर पर इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव और सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री ए0के0 टोप्पो ने सरगुजा प्राधिकरण की पिछले बैठक निर्णय कापालन प्रस्तुत किया। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार कुजुर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल एवं मुख्यमंत्री के सहलाकार श्री राजेश तिवारी ,विभिन्न विभागों के सचिव, सरगुजा संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष तथा सांसद प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सरगुजा जिले के ग्राम सरगवां में आदर्श गौठान का उद्घाटन किया। उन्होंने गौठान में निर्मित इस योजना के विभिन्न घटकों का अवलोकन किया। साथ ही स्व-सहायता समूहों के द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार किये गये उत्पादों का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने यहॉ चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होते हुए, नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के संबंध में सुझाव लेते हुए इसके महत्व से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एक ओर जहॉ पशुओं के देखरेख एवं खानपान का उचित अवसर मिलेगा, वहीं गायों के गोबर से कम्पोस्ट खाद एवं गोबर का उत्पादन होगा। गौमूत्र का उपयोग अनेक दवाईयों के उत्पादन के लिए किया जा रहा है। आज रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग होने से कैंसर जैसे खतरनाक रोग तेजी से बढ़ रहें है, अनेक विकृतियां आ रही हैं। वहीं रासायनिक खादों का खर्चा भी लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि कम्पोस्ट खाद से एक ओर हमें अनेक समस्याओं से निजात मिलेगी, वहीं कम्पोस्ट खाद बनाने में रोजगार के अवसर पैदा होगें। फसलों का उत्पादन भी बढ़ेगा और गांवों का वातावरण भी सुधरेगा। उन्होंने चौपाल में ग्रामीणजनों से नरवा,गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना से संबधित सुझावों को आमंत्रित किया। वहीं सरगवां की निवासी सुश्री सपना बैरागी के द्वारा योजना को बहुपयोगी बताते हुए सुझाव दिया गया कि खासकर महिलाओं के लिए गौठान में शौचालय निर्माण किया जाए। श्री बघेल इस सुझाव को श्रेष्ठ सुझाव बताते हुए इसे प्रदेश के संम्पूर्ण गौठानों में लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने अन्य ग्रामों से आये हुए ग्रामीणों को अपने गांवों में गौठान बनाने के लिए स्वयं आगे आने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि गौठान ऐसे स्थलों में बनाये जायें जहॉ कोई विवाद न हो। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के तहत गांव-गांव में गौठान का निर्माण किया जा रहा है, ताकि स्व-सहायता समूह को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि गौठान में मवेशियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 4 लाख रूपये के कृषि सामग्री का वितरण किया। इसमें 20 हितग्राहियों को नेपसेक स्प्रेयर पम्प और 90 हितग्राहियों को सब्जी मिनीकिट वितरित किये गये। इस अवसर पर स्कूल शिक्षामंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खेलसाय सिंह, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वय श्री वृहस्पत सिंह एवं श्री गुलाब कमरो, सीतापुर विधायक श्री अमरजीत भगत, लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री टामन सिंह सोनवानी, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री ए.के. टोप्पो, पुलिस महानिरीक्षक श्री के.सी अग्रवाल, कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
इंसान का दिमाग मानव शरीर की सबसे जटिल संरचना में से एक है. किसी के मन को समझना तो आसान है लेकिन दिमाग को समझना बेहद कठिन काम है. लेकिन मानव मष्तिष्क का अध्यन करने वाले वैज्ञानिकों एक दल ने मानव मस्तिष्क के उस भाग पर शोध किया जोकि चीजों को याद रखने का काम करता है. इस अध्ययन से मनुष्य उस चीजों को भी याद रखने में सक्षम हो पाएगा जो उसकी याददाश्त से मिट चुकी हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
मानव मस्तिष्क और याददाश्त पर वैज्ञानिकों द्वारा की गई यह रिसर्च ‘जर्नल ऑफ कॉग्निटिव न्यूरोसाइंस’ में प्रकाशित हुई है. इसके तहत शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया है कि अगर दिमाग के ‘Left rostrolateral prefrontal cortex’ हिस्से को करेंट दिया जाता है तो ये हिस्सा उत्तेजित हो जाता है जिसके फलस्वरूप इंसान को बीते समय में भूली-बिसरी सारी बातें फिर से याद आने लगती हैं.
मनोवैज्ञानिकों ने इस शोध के तहत लोगों के 3 समूह तैयार किए थे जिसमें कम से कम 20 साल तक के लोग शामिल थे. लगभग हर समूह में 13 औरतें और 11 मर्द थे. शोध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कंप्यूटर स्क्रीन पर करीब 80 शब्द दिखाए गए. इसके बाद अगले दिन फिर यही प्रोसेस दोहराया गया और उन्हें हल्का करंट भी दिया गया. ऐसा करने से दिमाग का Left rostrolateral prefrontal cortex हिस्सा उत्तेजित हो गया.
ये प्रयोग तीनों समूहों के साथ अलग-अलग किया गया. एक समूह के लोगों के दिमाग को करेंट दिया गया. दुसरे ग्रुप के दिमाग के इस भाग की क्रियाशीलता को कम किया गया. तीसरे ग्रुप के दिमाग को करेंट के सामान्य झटके दिए गए. रिसर्च के फलस्वरूप जिन लोगों के समूह के दिमाग के न्यूरॉन्स को उत्तेजित किया गया था उनकी याददाश्त सबसे तेज पायी गई.
इस रिसर्च ग्रुप में शामिल एक वरिष्ठ ऑथर ने जानकारी देते हुए कहा कि जब हमने दिमाग के ‘Left rostrolateral prefrontal cortex’ हिस्से को करंट दिया तो नतीजे हैरान करने वाले दिखे. मस्तिष्क की याददाश्त पर काफी असर पड़ा . दिमाग का यह हिस्सा बाईं तरफ होता है. यह चीजों को याद रखता है और यहीं बातें और घटनाएं स्टोर होती हैं.
लोकसभा चुनाव बीत गया लेकिन अगले आठ माह में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव अभी होने हैं. ये सभी राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हैं. इनमें दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र शामिल हैं. चुनाव को देखते हुए इन राज्यों की सरकारों ने लोकलुभावन फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. इन चार राज्यों में विधानसभा की 529 सीट हैं. जिनमें से 216 पर बीजेपी विधायक हैं. कांग्रेस के पास सिर्फ 59 सीटें हैं. आम आदमी पार्टी (आप) के 66 और शिवसेना के 63 विधायक हैं. तीन राज्यों में बीजेपी का गणित और केमिस्ट्री दोनों मजबूत नजर आ रहे हैं.
हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है जबकि दिल्ली आम आदमी पार्टी के पास है. बीजेपी का फोकस दिल्ली की सत्ता हासिल करने पर है. क्योंकि अरविंद केजरीवाल उस पर सबसे अधिक हमलावर नेताओं में से एक हैं. लोकसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. इसलिए इन राज्यों में बीजेपी जीत के पक्के इरादे के साथ उतरेगी. आइए, समझते हैं कि किस राज्य में क्या सियासी समीकरण है?
हरियाणा के सीएम मनोहरलाल (File Photo)
हरियाणा हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं. पिछला चुनाव अक्टूबर 2014 में हुआ था. बीजेपी ने यह चुनाव बिना चेहरे के लड़ा था. पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी ने कांग्रेस के गढ़ रहे इस प्रदेश में 47 सीटें जीतीं. पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई. आरएसएस प्रचारक मनोहरलाल खट्टर को सीएम बनाया गया. तब उन्हें बीजेपी के अंदर और बाहर भी ‘नौसिखिया’ कहा जाता था, लेकिन खट्टर ने निकाय चुनाव में शानदार प्रदर्शन करके अपने विरोधियों के मुंह पर ताला लगा दिया. हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटें भी बीजेपी की झोली में आ गई हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी मनोहरलाल खट्टर के ही चेहरे पर यहां का विधानसभा चुनाव लड़ेगी. जींद उप चुनाव जीतने के बाद बीजेपी के पास 48 सीट हो गईं हैं. इनेलो और कांग्रेस के पास सिर्फ 17-17 सीटें हैं. यहां जिलों में कांग्रेस का संगठन नहीं रह गया है.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (File Photo) दिल्ली दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार है. आम आदमी पार्टी (आप) के पास पहले 70 में से 67 सीटें थीं, लेकिन अब घटकर 66 रह गईं हैं. बीजेपी ने लोकसभा की सभी सातों सीटें जीत ली हैं, केंद्र में उसकी सरकार है इसलिए उसके हौसले बुलंद हैं. यहां के तीनों नगर निगमों पर बीजेपी का कब्जा है. लेकिन केजरीवाल को शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के लिए जमीनी स्तर पर किए गए अपने काम पर भरोसा है. अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं को मेट्रो और बस में मुफ्त सफर का ऐलान किया है. इस फैसले को भी उनकी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. आप नेताओं का कहना है कि लोकसभा चुनाव में भले ही जनता ने बीजेपी को चुना है लेकिन विधानसभा चुनाव में उसे ही मौका देगी. यहां बीजेपी के पास सिर्फ चार सीट हैं. कांग्रेस भी वापसी के लिए जोर लगा रही है. जनवरी 2020 में चुनाव हो सकता है.
देवेंद्र फडणवीस (File Photo)
महाराष्ट्र महाराष्ट्र में बीजेपी का शासन है. जिसे देवेंद्र फड़नवीस चला रहे हैं. इस साल सितंबर-अक्टूबर तक चुनाव संभव है. 288 सीटों वाले प्रदेश में बीजेपी के पास सबसे अधिक 122 विधानसभा सीट हैं. उसकी सहयोगी शिवसेना के पास 63 और विपक्षी दल कांग्रेस के पास 42 और एनसीपी के पास 41 सीट हैं. ना-नुकुर करते-करते बीजेपी और शिवसेना ने लोकसभा चुनाव साथ लड़ा. जिसमें बीजेपी ने 23 और शिवसेना ने 18 सीटें जीतीं. एनसीपी ने 4 सीटें जबकि कांग्रेस ने सिर्फ एक सीट हासिल की. ऐसे में यहां पावरफुल गठबंधन बीजेपी-शिवसेना का ही है. हार की निराशा में घिरी कांग्रेस के लिए यहां चुनाव की डगर काफी कठिन नजर आ रही है.
रघुबर दास (File Photo)
झारखंड यहां बीजेपी का शासन है. रघुवर दास सीएम हैं. 82 विधानसभा सीटों वाले इस प्रदेश में 81 में निर्वाचन होता है, एक नामित किया जाता है. 2014 में बीजेपी को 37 सीटें मिली थीं. आजसू पार्टी को मिला कर बहुमत मिला था. बाद में झारखंड विकास मोर्चा के 6 विधायक बीजेपी में आ गए थे, फिर सरकार की चिंता खत्म हुई. फिलहाल पार्टी के पास 43 सीटें हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 19 जबकि झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के पास आठ विधायक हैं. इस साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव संभव है. झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से 11 जीतकर बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. बीजेपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लग गई है. वो यहां अबकी बार 60 के पार का नारा दे रही है.
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस की राजस्थान इकाई में सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है. पार्टी के अंदर की गुटबाजी और लड़ाई उस वक्त सतह पर आ गई जब राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम सचिन पायलट को उनके बेटे वैभव की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, सचिन पायलट ने गहलोत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया. हालांकि, उन्होंने सीएम गहलोत के बयान पर हैरानगी जाहिर की.
एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में गहलोत से पूछा गया कि क्या यह बात सच है कि जोधपुर सीट से वैभव को टिकट दिलाने के लिए पायलट ने ही सलाह दी थी? इस पर गहलोत ने कहा कि अगर पायलट ने ऐसा किया तो यह अच्छी बात है. इससे हम दोनों के बीच मतभेद की खबरें खारिज हो जाती हैं.
गहलोत ने कहा – ‘पायलट ने यह भी कहा था कि वैभव बड़े अंतर से जीत हासिल करेंगे, क्योंकि वहां हमारे 6 विधायक हैं और हमारी कैंपेनिंग अच्छी है. ऐसे में मुझे लगता है कि उन्हें वैभव के हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. जोधपुर सीट पर पार्टी की हुई हार का पोस्टमार्टम होगा कि आखिर हम जीत दर्ज क्यों नहीं कर सके.’
पायलट ने कहा हम जोधपुर से जीत रहे हैं…
गहलोत से जब यह पूछा गया कि क्या वाकई पायलट को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए…. इस पर गहलोत ने कहा कि उन्होंने (पायलट) कहा कि हम जोधपुर जीत रहे हैं, इसलिए उन्होंने टिकट लिया. हम सारी सीट हार गए. मेरा मानना है कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है.
बता दें कि 23 मई को संपन्न हुए चुनाव में राजस्थान की जोधपुर सीट से गजेंद्र सिंह शेखावत ने वैभव गहलोत को चार लाख मतों के अंतर से हराया. इतना ही नहीं वैभव अपने पिता अशोक की विधानसभा सीट सारदापुरा से भी 19,000 वोट से पीछे थे.