Home Blog Page 3055

बिगड़ गया है ममता का मानसिक संतुलन

0

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच छिड़ा यह जंग अब थमने का नाम नहीं ले रहा। यह जंग अब बहसा-बहसी से हटकर मारपीट, गोलीबाड़ी औऱ बम धमाके का रूप ले चुका है। लेकिन यह जंग यहीं नहीं रूका, अब इस जंग में एक और ट्विस्ट आ गया है। वो यह है कि अब यह बूम-बड़ाम छिना झपटी पर अमादा हो गया है। वह भी दफ्तर कब्जाने का। आपको बता दें कि 30 मई को जब पीएम नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रियों के साथ दिल्ली में शपथ ले रहे थे, उसी समय बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में ममता बनर्जी धरने पर बैठी हुई थीं।

जिसके बाद वे नैहाटी में रैली को संबोधित कर बीजेपी के दफ्तर पहुंची। जहां उन्होंने अपने सामने बीजेपी दफ्तर के ताले तुड़वाएं। वहीं उन्होंने दीवारों पर छपे कमल के निशान और भगवा रंग को हटाकर अपने निशान बनाएं। पूरे दफ्तर में उन्होंने जहां सफेदी पोतवाई, वहीं खुद ममता ने अपने हाथों से टीएमसी के निशान बनाएं।

इस दफ्तर पर अपने पार्टी का नाम लिखने के बाद ममता ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह दफ्तर टीएमसी का था जिसे बीजेपी ने कब्जा लिया। जिसके बाद ममता की अगुवाई में टीएमसी ने फिर इस दफ्तर पर अपना कब्जा जमा लिया है।

बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ये सामान्य स्थिति है। उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है। नहीं तो एक जवाबदार मुख्यमंत्री के द्वारा इस प्रकार की हरकतें मेरे लिए बहुत आश्चर्य की बात है। गौरतलब है कि, नैहाटी में ममता के सामने कुछ लोगों ने जय श्रीराम का नारा लगाया था। जिस पर ममता ने पुलिस को कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को अपने हिरासत में ले लिया था।

जिसके बाद बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने उनके खिलाफ पोस्टकार्ड मुहिम चला दी है, जिसमें देश भर से बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता ममता बनर्जी को जयश्रीराम लिखे पोस्टकार्ड और चिट्ठियां भेजने में जुट गए है। ममता को ऐसे 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने की तैयारी चल रही है।

पुलवामा में सेना की बैरक में आग, कारणों की होगी जांच

0

 जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सेना की एक बैरक में सोमवार को आग लग गई। पुलिस ने बताया कि आग से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के इस जिले के ख्रयू इलाके में स्थित सेना की बैरक में आग लग गई जिसे बुझाने के लिए दमकल वाहनों को भेजा गया। आग से हुए नुकसान का अब तक पता नहीं चल पाया है। आग के कारणों की जांच की जा रही है।

सांबा में 6 झोपड़ियां जलकर खाक : जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में रविवार को एक गांव में आग लगने से 6 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह झोपड़ियां रख बरोटियन में गुज्जर समुदाय के दुधियों की थीं। उन्होंने बताया कि जानमाल के किसी नुकसान की सूचना नहीं है। जम्मू में एक अन्य हादसे में थुंगर इलाके में लकड़ी के छप्पर (शेड) में आग लग गई। अधिकारियों ने कहा कि राजौरी और पुंछ जिलों के कालीधार, बालाकोट और मनकोट इलाके में जंगल में आग लगने की सूचना मिली है।

सब्जी का दाम छू रहा आसमान, महंगाई की मार झेलने को मजबूर रायपुरवासी

0

राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में इस समय सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. टमाटर से लेकर गोभी और मुनगा तक के दामों ने लोगों की आंख में पानी ला दिया है. लोगों का मानना है कि महंगी सब्जियों के कारण उनका बजट बिगड़ रहा है. जबकि दुकानदारों का कहना है कि गर्मी की वजह से आवक कम हो गई है और आंधी-पानी से भी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. जिससे सब्जी और फलों के भाव बढ़ गए हैं. वहीं सब्जियों के बढ़े दामों के लिए बिचौलियों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है. लोग चाहते हैं कि सरकार बिचौलियों को नियंत्रित करे, जिससे किसान और आम आदमी को फायदा मिले.

इस वजह से महंगाई का रिकॉर्ड तोड़ रहा है आम, अगले 10 दिन में इतने रुपए होगा सस्ता

0

फलों का राजा कहा जाने वाला आम इस बार कम देखने को मिल रहा है. इसकी वजह है की पूरे देश में आम की पैदावार घटी है. यही वजह है की आम इस बार मार्केट में महंगा मिल रहा है. लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि जल्द ही दशहरी आम बाजार में आने वाला है. जल्द बाजार में इसकी आवक बढ़ने से दाम कम होने के आसार हैं. कारोबारियों की मानें तो अभी 50 से 60 रुपए किलो तक दशहरी मिल सकेगा. जून के मध्य से कीमतें गिरनी शुरू हो सकती हैं. आपको बता दें कि अभी ये कीमत 80-100 रुपए किलो है. 

इस वजह से महंगा है हुआ है आम

उत्तर प्रदेश के कारोबारियों के मुताबिक बीते सालों से करीब एक सप्ताह की देरी से दशहरी देशी-विदेशी बाजारों में 1 जून से दस्तक दी है. हालांकि मई के आखिरी हफ्ते से कच्ची दशहरी की तोड़ाई शुरू हो गई है लेकिन पक कर बिकने में इसे अभी 7-8 दिन का समय लगेगा. लजीज स्वाद के लिए पहचाने जाने वाला दशहरी आम कीड़ों के प्रकोप की वजह से मार्केट में आने इसे देरी हुई. घरेलू ही नहीं बल्कि विदेशी बाजारों में भी दशहरी के ऑर्डर बीते साल के मुकाबले ऊंचे रेट पर मिल रहे हैं.  इस बार कमजोर फसल के चलते स्थानीय बाजारों में दाम 40-50 रुपये पर ही खुलेंगे जो जून के मध्य तक कुछ नीचे आ सकते हैं.

वाब के ब्रांड नाम से दशहरी अमेरिकी और यूरोपीय देशों में भेजा जाता है दशहरी आम 

आपको बता दें कि पिछले दो सालों से फल पट्टी क्षेत्र काकोरी, मलिहाबाद में 35 से 40 लाख टन  दशहरी का उत्पादन हो रहा है. इस बार इसके और भी कम होने की संभावना है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मलिहाबाद क्षेत्र के 27,000 हेक्टेयर में दशहरी की उपज होती है. बीते करीब 10 सालों से मंडी परिषद से सहयोग से यहां का दशहरी आम नवाब के ब्रांड नाम से अमेरिकी व यूरोपीय देशों में भेजा जा रहा है. खाड़ी देशों और दक्षिण एशियाई देशों में भी मलिहाबाद के दशहरी की खासी मांग है.

इस वजह से पिछले साल से 25-30% ज्यादा है कीमत

देश के सबसे बड़े आम उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में आम की फसल पिछले साल से 45 से 50% तक कम आ रही है. साथ ही आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में भी फसल उम्मीद के मुताबिक नहीं है. इसलिए आम की कीमतें भी पिछले साल से 25-30% ज्यादा हैं. इसकी वजह यह है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों में रेतीले तूफान ने फसल बर्बाद कर दी है. पहले अनुमान था कि इस बार उत्तर प्रदेश में आम का उत्पादन पिछले साल के 40 से 45 लाख टन से घटकर 30 लाख टन तक सिमट जाएगा.

नाम से कांपता है पाकिस्तान, इन 10 कारनामों से जेम्स बांड के नाम से मशहूर हो गए थे डोभाल

0

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को नरेंद्र मोदी सरकार ने दोबारा इस पद पर चुन लिया है. बल्कि इस बार उनके ओहदे को पहले से ज्यादा बढ़ाकर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा रहा है. पाकिस्तान में उन्होंने बतौर ऐजेंट ऐसा काम किया था कि उन्हें जेम्स बांड कहा जाने लगा था. आइए जानते हैं क्यों उनके नाम मात्र से थर्रा जाता है पाकिस्तान.

 अजित डोभाल पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में छह साल तक काम कर चुके हैं. शुरुआती दिनों में वे अंडरकवर एजेंट थे और सात वर्ष तक पाकिस्तान में सक्रिय रहे. वे पाकिस्तान के लाहौर शहर में एक पाकिस्तानी मुस्लिम की तरह रहे.

अजित डोभाल पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में छह साल तक काम कर चुके हैं. शुरुआती दिनों में वे अंडरकवर एजेंट थे और सात वर्ष तक पाकिस्तान में सक्रिय रहे. वे पाकिस्तान के लाहौर शहर में एक पाकिस्तानी मुस्लिम की तरह रहे.

 भारतीय सेना के एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान उन्होंने एक गुप्तचर की भूमिका निभाई और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई, जिसकी मदद से सैन्य ऑपरेशन सफल हो सका.

भारतीय सेना के एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान उन्होंने एक गुप्तचर की भूमिका निभाई और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई, जिसकी मदद से सैन्य ऑपरेशन सफल हो सका.

 इस दौरान उनकी भूमिका एक ऐसे पाकिस्तानी जासूस की थी, जिसने खालिस्तानियों का विश्वास जीत लिया था और उनकी तैयारियों की जानकारी मुहैया करवाई थी.

इस दौरान उनकी भूमिका एक ऐसे पाकिस्तानी जासूस की थी, जिसने खालिस्तानियों का विश्वास जीत लिया था और उनकी तैयारियों की जानकारी मुहैया करवाई थी.

 पाकिस्तान के किसी भी इलाके में कुछ भी होता है तो वहां के सुरक्षा विशेषज्ञ और मीडिया अजीज डोभाल पर आरोप लगाने शुरू कर देते हैं. पाकिस्तान कोई धमाका होने पर वहां टि्वटर पर अजीत डोभाल ट्रेंड करने लगते हैं.

पाकिस्तान के किसी भी इलाके में कुछ भी होता है तो वहां के सुरक्षा विशेषज्ञ और मीडिया अजीज डोभाल पर आरोप लगाने शुरू कर देते हैं. पाकिस्तान कोई धमाका होने पर वहां टि्वटर पर अजीत डोभाल ट्रेंड करने लगते हैं.

 जून 2010: अजित डोभाल के दिशा निर्देशन में भारतीय सेना ने पहली बार सीमा पार म्यांमार में कार्रवाई कर उग्रवादियों को मार गिराया. ऑपरेशन में करीब 30 उग्रवादी मारे गए.

जून 2010: अजित डोभाल के दिशा निर्देशन में भारतीय सेना ने पहली बार सीमा पार म्यांमार में कार्रवाई कर उग्रवादियों को मार गिराया. ऑपरेशन में करीब 30 उग्रवादी मारे गए.

 जून 2014: डोभाल ने आईएसआईएस के कब्जे से 46 भारतीय नर्सों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. नर्सें आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण वाले इराकी शहर तिकरित के एक अस्पताल में फंस गई थीं.

जून 2014: डोभाल ने आईएसआईएस के कब्जे से 46 भारतीय नर्सों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. नर्सें आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण वाले इराकी शहर तिकरित के एक अस्पताल में फंस गई थीं.

 यह अजित डोभाल का ही कमाल था कि 1971 से लेकर 1999 तक 5 इंडियन एयरलाइंस के विमानों के संभावित अपहरण की घटनाओं को टाला जा सका था.

यह अजित डोभाल का ही कमाल था कि 1971 से लेकर 1999 तक 5 इंडियन एयरलाइंस के विमानों के संभावित अपहरण की घटनाओं को टाला जा सका था.

 1999: कंधार में इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी -814 के अपहर्ताओं के साथ भारत के मुख्य वार्ताकार के तौर पर अजित डोभाल ही थे.

1999: कंधार में इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी -814 के अपहर्ताओं के साथ भारत के मुख्य वार्ताकार के तौर पर अजित डोभाल ही थे.

 वह मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में चल रहे उग्रवाद विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थे. 1968 में पूर्वोत्तर में उग्रवादियों के खिलाफ खुफिया अभियान चलाने के दौरान लालडेंगा उग्रवादी समूह के 6 कमांडरों को उन्होंने भारत के पक्ष में कर लिया था.

वह मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में चल रहे उग्रवाद विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थे. 1968 में पूर्वोत्तर में उग्रवादियों के खिलाफ खुफिया अभियान चलाने के दौरान लालडेंगा उग्रवादी समूह के 6 कमांडरों को उन्होंने भारत के पक्ष में कर लिया था.

 कश्मीर में कुक्के पैरे जैसे कट्टर कश्मीरी आतंकवादी को राज़ी कर अजित डोभाल ने भारत विरोधी संगठनों को शांति का संदेश दिया था. उन्होंने कट्टरपंथी भारत विरोधी आतंकवादियों को भी निशाना बनाया और 1996 में जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनाव के लिए मार्ग प्रशस्त किया.

कश्मीर में कुक्के पैरे जैसे कट्टर कश्मीरी आतंकवादी को राज़ी कर अजित डोभाल ने भारत विरोधी संगठनों को शांति का संदेश दिया था. उन्होंने कट्टरपंथी भारत विरोधी आतंकवादियों को भी निशाना बनाया और 1996 में जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनाव के लिए मार्ग प्रशस्त किया.

रातों-रात हुई अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी, ये थी वजह

0

बॉलीवुड के एवरग्रीन और आदर्श कपल माने जाने वाले अमिताभ बच्चनऔर जया बच्चन को एक-दूसरे का साथ देते हुए आज 46 साल हो गए हैं. यानी की आज बॉलीवुड के इस कपल की 46वीं वेडिंग एनिवर्सरी है. इस खास मौके पर बेटे अभिषेक बच्चन ने दोनों की एक प्यारी सी तस्वीर शेयर कर उन्हें विश किया है. इस तस्वीर के कैप्शन में अभिषेक ने लिखा है ‘मेरे माता-पिता को शादी की सालगिरह मुबारक, मैं आप दोनों से बहुत प्यार करता हूं… #46andcounting’. इस तस्वीर पर बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटीज ने कमेंट कर अमिताभ-जया को बाधई दी है. दोनों की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

अमिताभ-जया की लव स्टोरी की बात करें तो ये किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. उस दौर में भी ये दोनों बॉलीवुड के सुपरस्टार थे और दोनों ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट किया था. उस वक्त फिल्मों में तो इनकी जोड़ी खूब पसंद की जाती ही थी इसके साथ ही मीडिया में भी इनके रिश्ते पर कई कयास लगाए जाते थे. हालांकि शादी की कहानी इतनी दिलचस्प है कि आप भी यकीन नहीं कर पाएंगे.

अमिताभ बच्चन ने एक पुराने इंटरव्यू के दौरान अपनी शादी की कहानी शेयर की थी. अमिताभ ने बताया कि ‘बात उस दौरान की है जब जया और मैं ‘जंजीर’ फिल्म में काम कर रहे थे. टीम ने फैसला लिया था कि अगर फिल्म सफल होगी तो हम सभी लंदन छुट्टियों पर जाएंगे. लंदन ट्रिप के बारे में मैंने पापा को बताया, उन्होंने पूछा कि मेरे साथ और कौन-कौन जा रहा है?’

अमिताभ बच्चन ने आगे बताया कि ‘जया का नाम सुनते ही उन्होंने कहा कि बिना शादी किए मैं तुम्हें उसके साथ लंदन नहीं जाने दूंगा. पापा की बात सुनकर मैंने कहा ठीक है, हम कल ही शादी कर लेते हैं. हमने जल्द ही सब कुछ ऑर्गेनाइज किया और अगले ही दिन शादी की और फिर लंदन के लिए निकल गए.’

तो ऐसे हुई थी बॉलीवुड के इस आदर्श कपल की शादी… बता दें कि शादी के बाद जया बच्चन ने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली. हालांकि उन्हें कई साइड रोल में देखा गया. आज जया बच्चन राजनीति का रुख कर चुकी हैं और वो तेज-तर्रार नेता के तौर पर पहचानी जाती हैं.

छत्तीसगढ़ : टूटा हुआ था रेलवे ट्रैक, ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

0

बिलासपुर। प्रदेश में सोमवार को ड्राइवर की सूझबूझ से एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। बिलासपुर से पेंड्रारोड जा रही लोकल ट्रेन हादसे का शिकार होने से बच गई। मिली जानकारी के अनुसार  ट्रेन अपनी गति से गंतव्य की ओर जा रही थी तभी चालक को ट्रैक में गड़बड़ी का अहसास हुआ और चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ड्राइवर को अंदेशा हुआ की ट्रैक में कही गड़बड़ी है और आंशका सही निकली। आगे ट्रेन का ट्रैक सारबहरा स्टेशन व यार्ड के बीच टूटा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पटरी बीच से दो हिस्सों में टूटी हुई थी।

ट्रेन चालक ने अपने अनुभव और सूझबूझ से ट्रेन को टूटे ट्रैक से पहले ही रोक दिया और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। यात्रियों ने ड्राइवर की सूझबूझ की प्रशंसा की। घटना की जानकारी यात्रियों को मिलने के बाद दहशत में आ गए। इसकी सूचना रेलवे के अधिकारियों को मिलने पर हड़कंप मच गया। आनन फानन रेलवे के अधिकारी मुख्यालय बिलासपुर से घटना स्थल पहुंचें और रेलवे ट्रैक के टूटने की जानकारी लेने के साथ बड़ी लापरवाही की विस्तृत जांच के आदेश दिए। 

रायपुर : एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के सलाहकार मंडल के अध्यक्षों का मनोनयन : राज्य शासन ने जारी किया आदेश

0

राज्य शासन द्वारा प्रदेश की विभिन्न एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के सलाहकार मंडल के अध्यक्षों का मनोनयन किया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर रायपुर स्थित आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। प्रदेश की 19 एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के सलाहकार मंडल के अध्यक्षों का मनोनयन किया गया है। 
    आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जगदलपुर जिला बस्तर एवं दंतेवाड़ा के अध्यक्ष पद पर लोकसभा सांसद बस्तर श्री दीपक बैज का मनोनयन किया गया है। इसी प्रकार कोण्डागांव परियोजना के लिए विधायक श्री मोहन मरकाम, नारायणपुर परियोजना के लिए विधायक श्री चंदन कश्यप, कांकेर जिले की भानुप्रतापुर परियोजना के लिए विधायक श्री मनोज मंडावी, सुकमा जिले की कोन्टा आदिवासी परियोजना के लिए वाणिज्यिक कर (आबकारी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, बीजापुर परियोजना के लिए विधायक श्री विक्रम मंडावी, गरियाबंद परियोजना के लिए जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष श्रीमती धनेश्वरी मरकाम, धमतरी जिले की नगरी परियोजना के लिए विधायक श्रीमती लक्ष्मी धु्रव को अध्यक्ष मनोनित किया गया है। 
    इसी प्रकार बालोद जिले की डौंण्डीलोहारा परियोजना के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजनांदगांव जिले की चौकी परियोजना के लिए श्री इंद्रशाह मंडावी, सरगुजा जिले की अम्किापुर परियोजना के लिए विधायक डॉ. प्रीतमराम, सूरजपुर परियोजना के लिए स्कूल शिक्षा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पाल परियोजना के लिए विधायक श्री बृहस्पत सिंह, जिला कोरिया की बैकुंठपुर परियोजना के लिए विधायक श्री गुलाब कमरो, कोरबा परियोजना के लिए विधायक श्री पुरषोत्तम कंवर, बिलासपुर जिले की गौरेला परियोजना के लिए विधायक श्री मोहित केरकेट्टा, रायगढ़ जिले की धरमजयगढ़ परियोजना के लिए विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, जशपुर जिले की जशपुर नगर परियोजना के लिए विधायक श्री यू.डी.मिंज को एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना मंडल के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। 

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया देवांगन समाज के वार्षिक सम्मेलन में हुए शामिल : अभनपुर नगर में सामाजिक भवन के लिए 15 लाख रूपए की घोषणा

0

नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया रविवार को देर शाम रायपुर जिले के अभनपुर में आयोजित देवांगन समाज के वार्षिक सम्मेलन के कार्यक्रम में शामिल हुए। डॉ. डहरिया ने देवांगन समाज की मांग पर अभनपुर नगर में देवांगन समाज के लिए 15 लाख रूपए की लागत से सामाजिक भवन की स्वीकृति की घोषणा की। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक श्री धनेन्द्र साहू विशेष रूप से उपस्थित थे। डॉ. डहरिया ने कार्यक्रम में समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।
    डॉ. डहरिया ने कहा कि प्रदेश और देश की प्रगति में देवांगन समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। देवांगन समाज द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य न केवल समाज के लिए बल्कि अन्य समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के सभी समाजों के उत्तरोत्तर विकास के लिए दृ़ढ़ संकल्पित हैं। डॉ. डहरिया ने देवांगन समाज के विकास के लिए राज्य शासन द्वारा हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस मौके पर देवांगन समाज के अध्यक्ष श्री ईश्वर देवांगन सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ : विश्व बाईसाइकिल दिवस आज: मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों से बाईसाइकिल के अधिक से अधिक उपयोग के संकल्प का आव्हान

0

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज विश्व बाईसाइकिल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से बाईसाइकिल का अधिक से अधिक उपयोग करने के संकल्प का आव्हान किया है। 
उन्होंने आज अपने एक ट्वीट संदेश में कहा है कि बाईसाइकिल के उपयोग से हम न केवल अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं बल्कि प्रदूषण नियंत्रण करके पर्यावरण को भी स्वस्थ रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से सभी लोगों को बाईसाइकिल के उपयोग से होने वाले फायदों के बारे में जागरुक करने का आग्रह भी किया है।