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इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, घर मनाने पहुंचे पायलट, प्रियंका गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे देने को लेकर कई ख़बरें आ रही है।  खबरों की मानें तो राहुल गांधी अपना इस्तीफा वापस लेने को तैयार नहीं हो रहे, वह अपने फैसले पर अड़े हैं। मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर हलचल तेज है। सुबह से ही बड़े नेताओं के वहां आने-जाने का सिलसिला जारी है। राहुल गांधी को इस्तीफा न देने के लिए मनाने की कोशिशें हो रही हैं। खुद प्रियंका गांधी वाड्रा भाई को मनाने पहुंची हैं। इस समय उनके आवास पर प्रियंका के अलावा रणदीप सुरजेवाला, अहमद पटेल, सचिन पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौजूद हैं।  
रिपोर्ट्स की मानें ताे राहुल गांधी कुछ शर्तों के साथ इस्तीफा वापस लेने पर राजी हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने आज शाम अपने घर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। सोमवार को राहुल से कुछ नेताओं ने मिलने की कोशिश की थी। राहुल ने किसी भी नेता से मिलने से इनकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर भ्रम की स्थिति को साफ करने के लिए सीडब्ल्यूसी या पार्टी के सीनियर नेताओं की मीटिंग इस हफ्ते हो सकती है। 
दिल्ली पहुंचे कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, ‘मैंने कभी कांग्रेस पार्टी को इतने बड़े नुकसान की उम्मीद नहीं की थी। इस मामले में सभी को साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए। मैं अभी पहुंचा हूं और मुझे पार्टी के नेताओं को कमेटी से मिलना है। कांग्रेस इस तरह से साफ नहीं हो सकती है। गांधी परिवार ने पार्टी को हर बड़े संकट में बचाया है।

छत्तीसगढ़ : रेनवाटर हार्वेस्टिंग को लेकर निगमायुक्त गंभीर, हर शुक्रवार को होगी समीक्षा

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रायपुर। जल संरक्षण के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग की जमीनी स्तर पर अब तक हुए प्रयास को जानने के लिए रायपुर नगर निगम भवनों की जांच होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिव डहरिया के सुझाव के अनुरूप भू गर्भीय जल स्तर को बढ़ाने  के लिए रेनवाटर हार्वेस्टर तकनीक को बढ़ावा देने नगर निगम यह कार्रवाई कर रहा है।

इस संबंध में नगर निगम आयुक्त शिव अनंत तायल ने सभी 8 जोन के आयुक्त को भवनों का निरीक्षण कर कार्यवाही करने  निर्देशित किया है। इस संबंध में जारी अपने निर्देश में उन्होंने कहा है कि सभी भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग तकनीक स्थापित कराने के साथ ही यदि स्थापित है तो वह क्रियाशील है कि नहीं,इसकी जांच कर सभी जोन अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।  सभी निजी संस्थाओं स्कूल,अस्पताल, वाणिज्यिक भवन,कॉलोनी,औद्योगिक इकाइयों में  रेनवाटर हार्वेस्टिंग हेतु यह जाँच की जाएगी। जहाँ रेनवाटर हार्वेस्टर स्थापित है, जाँच करके यह भी देखा जाएगा कि फंक्शनल है या नहीं। यदि फंक्शनल हो तो उसका प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा। जहाँ यह नहीं लगा होगा वहाँ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त शिव अनंत तायल ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना हेतु  तत्काल निविदा जारी करने की कार्यवाही आरंभ करने के निर्देश भी अधिकारियों को  दिए है। नगर निगम आयुक्त शुक्रवार उपरोक्त कार्यवाहियों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

छत्तीसगढ़ : दमकल सुविधाएं केवल 10 के कंधों पर, यातायात सेवाएं बाधित

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राजधानी में फायर ब्रिगेड की समस्याएं बहुत है। एक तरफ वाहन चालक की समस्या है तो दूसरी तरफ शहर के यातायात व्यवस्था से फायर ब्रिगेड परेशान है। जिससे सही समय पर वह आगजनी स्थल पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।

बता दें कि फायर ब्रिगेड के पास छोटी-बड़ी मिलाकर कुल 22 गाड़ियां है। वहीं 22 गाड़ियों को चलाने वाले 14 वाहन चालक हैं। जिसमें से दो वाहन चालक अधेड़ होने के कारण आंख की दृष्टि कमजोर हो गई है जिसके चलते दोनों वाहन चालक से सेवाएं नहीं ले पा रहे हैं। वहीं दो वाहन चालक एवं चार जवान को सुभाष स्टेडियम स्थित मिनी सिटी फायर स्टेशन में तैनात किया गया है। ऐसे में मात्र 10 वाहन चालक फायर ब्रिगेड के पास है। जिनके हाथों में 22 गाड़ियां है। शहर की बढ़ती आबादी व लगातार हो रही आगजनी की घटना से शहर के आम नागरिकों की जिंदगी खतरे में है। फायर ब्रिगेड के अधीक्षक मोईनुद्दीन अशरफी ने बताया कि इसके साथ-साथ मेन पावर की कमी, 90 कर्मचारी को तीन पॉलियों में बांटकर काम चलाया जा रहा है। जिससे फायर ब्रिगेड में स्टॉफ की और आवश्यकता है। जिसे उच्च अधिकारियों को इससे अवगत भी कराया गया है ।

शहर की ट्रैफिक अव्यवस्था से हो रही है दिक्कते-
फायर ब्रिगेड को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था से भी घटना स्थल पर पहुंचने में देर हो रही है। शहर की जनता चौंक-चौराहों पर रास्ते को जाम कर देते है। सिग्नल पर वाहन चालक को जिस ओर जाना होता है उस रास्ता को ब्लॉक तो करते हंै साथ ही साईड वाले रास्ते को भी ब्लॉक कर देते है। इससे गाड़ी को निकलने में देर होती है। मोइनुद्दीन अशरफी ने बताया कि इस समस्या से शासन के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।

फायर ब्रिगेड के पास है 22 गाड़ियां
फायर ब्रिगेड के अधीक्षक मोइनुद्दीन अशरफी ने बताया कि वर्तमान में फायर ब्रिगेड के पास 22 गाड़ी है। जिनमें से 3 क्वीक रिस्पॉस बाईक, 14 बड़ी गाड़ी एवं 5 छोटी गाड़ी है। वहीं अत्याधुनिक सुविधा से लेस 10 मंजिला भवन में लगी आग को बुझाने के लिए एक गाड़ी की भी सुविधा हमारे पास है। इसके अलावा शहर के चारों दिशाओं में फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि शहर के विकास को देखते हुए शहर के चारों दिशाओं में फायर स्टेशन स्थापित करने की प्लानिंग चल रही है जिससे कम समय में ही घटना स्थल पर पहुंचकर आगजनी की घटना पर काबू पाया जा सके।

महबूब खान की ‘मदर इंडिया’ को इसलिए नहीं मिल पाया था आस्कर

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मुंबई। हिन्दी सिनेमा के महान फिल्म मेकर महबूब खान को लोग सदियों तक याद रखेंगे। आन, अंदाज, अनमोल घड़ी, औरत, अमर, तकदीर, अनोखी अदा और रोटी जैसी शानदार फिल्में देने वाले महबूब खान का 28 मई 1964 को निधन हो गया था। उनके टैलेंट का लोहा पूरी दुनिया ने माना था। खासकर महबूब खान हमेशा अपनी फिल्म मदर इंडिया के लिए जाने जाते रहेंगे। आॅस्कर की चौखट पर पहुंच कर कहां चूक गई थी उनकी फिल्म मदर इंडिया, आइए जानते हैं।

अब तक 3 भारतीय फिल्मों ने बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म की कैटेगरी में आॅस्कर नामांकन हासिल किया है। उसमें से एक है मदर इंडिया। विदेशी भाषा में बनी श्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में भारत की ओर से ‘मदर इंडिया’ भेजी गई थी। फिल्म के तकनीकी पक्ष और निर्देशक द्वारा बनाई भावना की लहर से चयनकर्ता प्रभावित थे परंतु उन्हें यह बात खटक रही थी कि पति के पलायन के बाद महाजन द्वारा दिया गया शादी का प्रस्ताव वह क्यों अस्वीकार करती है जबकि सूदखोर महाजन उसके बच्चों का भी उत्तरदायित्व उठाना चाहता है।

दरअसल, चयनकर्ता को यह किसी ने नहीं स्पष्ट किया कि भारतीय नारी अपने सिंदूर के प्रति कितनी अधिक समर्पित होती है। फिल्म भारत के सदियों पुराने आदर्श के प्रति समर्पित थी। आॅस्कर जीतने के लिए फिल्म की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट करने के लिए वहां एक प्रचार विभाग नियुक्त किया जाना चाहिए था।

भारत की सुष्मिता सिंह बनी मिस टीन वर्ल्ड, बोली-मैं उन सभी के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं जो कुछ करना चाहती हैं

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नई दिल्ली। भारत की सुष्मिता सिंह ने अल सल्वाडोर में हुए मिस टीन वर्ल्ड (मुंडियाल) प्रतियोगिता का ताज जीत लिया। शो के इंटरनेशनल डायरेक्टर फ्रांसिस्को कोर्टेज की ओर से सुष्मिाता को विजेता घोषित किया गया, जबकि ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक और पनामा की सुंदरियों को क्रमश: रनरअप के खिताब से सम्मानित किया गया। सुष्मिता सिंह को पिछले साल यह प्रतियोगिता जीतने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक की मिस एंगिवेटे टोरिबियो ने यह ताज पहनाया।

इस प्रतियोगिता में जजों ने प्रतियोगियों को उनके व्यवहार, बुद्धिमत्ता, बातचीत करने के तरीके, फैशन, फिटनेस और ग्लैमर की कसौटी पर आंका। यह पूरी प्रक्रिया 8 दिन की अवधि में की गई। यहां सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सुंदरियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया। जिसमें फैशन परेड, मेयर के यहां विजिट, दर्शनीय स्थल देखने, फोटो सेशन, स्पॉन्सर गतिविधियां और चैरिटेबल इवेंट्स शामिल थे।

18 वर्ष की मास मीडिया की छात्रा सुष्मिता एक चित्रकार, खिलाड़ी, वक्ता और ‘परंपरागत सीमाओं को तोड़ने’ वाली युवती हैं। उनसे जब यह सवाल पूछा गया कि अगर वह प्रतियोगिता जीतती हैं तो किस तरह विश्व की सेवा करनी चाहेंगी तो उनके उत्तर ने प्रतियोगिता में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, पर मैंने कड़ी मेहनत की और आज मैं इस मुकाम पर हूं। मैं उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं, जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।


उन्होंने कहा कि उन्होंने वह ताज पहना है, जो इंग्लैंड के किंग एनरीक फोर्थ के ताज से प्रेरणा लेकर निर्मित किया गया है और वह विश्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सुष्मिता के माता-पिता सत्यभामा और नवीन सिंह ने कहा, हम दोनों आज बहुत खुश हैं। हमारा हमेशा से अपने दिलों में यह विश्वास था कि हमारी बेटी ही विजेता बनेगी, मगर जब हम प्रतियोगिता में गए तो हमने वहां सभी लड़कियों को बेहद संगठित तरीके से और अनुशासन में रहकर कड़ी मेहनत करते देखा। अब पूरी दुनिया के लोगों से हमारी दोस्ती हो गई है। हमारा उद्देश्य सभी लड़कियों का प्रतिनिधित्व करना है क्योंकि सभी लड़कियां अपने-अपने क्षेत्र में विजेता हैं।

छत्तीसगढ़ : नौकरी लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले सूरजपुर के पूर्व अपर कलेक्टर को हुई जेल

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न पदों के लिए जारी की गई भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी लगाने के नाम पर अभ्यर्थियों से रिश्वत लेने के मामले में सूरजपुर पुलिस ने जिले के तत्कालीन अपर कलेक्टर एमएल धृतलहरे को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल ये पूरा मामला 2016 का है. सूरजपुर जिले के तात्कालिक अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे ने नौकरी लगाने के नाम पर कई ग्रामीण अभ्यर्थियों से लाखों रुपए की उगाही की थी. नौकरी न लगा पाने के बाद जब ग्रामीण अभ्यर्थियों द्वारा रिश्वत की रकम वापस मांगी गई, तो उन्होंने रकम वापस नहीं की गई.

मिली जानकारी के मुताबिक एमएल धृतलहरे ने रकम के बदले चेक जारी कर दिया था. इस पूरे मामले की शिकायत अभ्यर्थियों ने सूरजपुर कलेक्टर, मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न मंचों और संस्थाओं से की थी. वही चांचीडांड निवासी पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर सूरजपुर के निर्देश पर पुलिस टीम ने तात्कालिक अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया था, लेकिन इस मामले में आरोपी अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी. अब कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सोमवार को एक बड़ी सफलता हासिल की. सेवानिवृत्ति के उपरांत रायपुर में निवास कर रहे अपर कलेक्टर एमएल घृतलहरे के घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर धोखाधड़ी के आरोप में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हे जेल भेज दिया है.

अस्पताल में अव्यवस्थाओं को देख भड़के सिंहदेव, खुद ही ठीक करने लगे कुर्सियां और मेज

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में रविवार शाम को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अचानक अंबेडकर अस्पताल पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया और वहां के वार्डों का जायजा लिया. इस दौरान अस्पताल में अव्यवस्था देखकर चिकित्सकों पर नाराजगी जताई साथ ही अस्त-व्यस्त रखीं कुर्सियों और टेबल को खुद ही कायदे से जमा कर रख दिया.

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने चिकित्सकों को इस दौरान जमकर लताड़ा और कहा कि अंबेडकर अस्पताल में अभी 650 बिस्तर और होने चाहिए यानि यहां की व्यवस्था सुधारने के लिए छह जिला अस्पतालों की जरूरत है. बता दें कि आचार संहिता खत्म होने के बाद से ही स्वास्थ्य मंत्री एक्शन मोड में आ गए हैं और उन्होंने जिले के कई अस्पतालों ने निरीक्षण शुरू तक दिया.

वहीं अंबेडकर अस्पताल की अव्यवस्था को देखकर टीएस सिंहदेव ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण वार्ड ठसाठस भरे पड़े हैं, क्योंकि यहां इलाज के लिए प्रदेश भर से लोग आते हैं. इन्हीं सब को देखते हुए यहां की व्यवस्था सुधारने की जरूरत है. गर्मी और पानी की समस्या से निपटने के लिए सिंहदेव ने अस्पताल में पानी के इंतजाम करने के निर्देश दिए. साथ ही अस्पताल में जल्द ही ब्लड बैंक खोले जाने के निर्देश दिए.

CM बघेल के निर्देश पर संभाग आयुक्त जीआर चुरेंद्र ने तहसील दफ्तर में मारा छापा

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर मेंसंभाग आयुक्त जीआर चुरेंद्र ने तहसील दफ्तर में दबिश देकर छापामार कार्रवाई की है. इस दौरान आयुक्त जीआर चुरेंद्र अपने तमाम पूरे दल-बल के साथ तहसील ऑफिस पहुंचे और इस कार्रवाई को अंजाम दिया. अभी भी वे अपनी टीम के साथ तहसील दफ्तर में ही मौजूद हैं.

दरअसल, काफी समय से लोगों से ये शिकायत मिल रही थी कि तहसील दफ्तर में बी-1 और खसरा समेत तमाम चीजों को लेकर भारी लेटलतीफी हो रही है. इसकी सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसमें कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद संभाग आयुक्त अपनी पूरी टीम के साथ तहसील दफ्तर पहुंच गए. छापामार कार्रवाई अभी भी जारी है.

छत्तीसगढ़ : 5 जुलाई से शुरू होगी माशिमं की पूरक परीक्षाएं, ये है क्लास 10वीं-12वीं का टाइम टेबल

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक मंडल (माशिमं) ने पूरक परीक्षा 2019 के लिए टाइम टेबल जारी कर दिया है. 10वीं और 12वीं क्लास के सप्लिमेंट्र परीक्षा का टाइम टेबल माशिमं ने जारी कर दिया है. जानकारी के मुताबिक कक्षा दसवीं की परीक्षा 5 से 15 जुलाई तक चलेगी. वहीं बारहवीं की परीक्षा 5 से 18 जुलाई तक होगी. इसके साथ बारहवीं वोकेशनल बोर्ड की परीक्षा 5 से 15 जुलाई तक होगी. डिप्लोमा इन एज्यूकेशन प्रथव और द्वितीय वर्ष की प्रमुख परीक्षा 5 से 18 जुलाई तथा डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एज्यूकेशन की परीक्षा 5 से 22 जुलाई तक होगी. ये सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होगी. बताया जा रहा है कि इस परीक्षाओं के लिए आवेदन 27 मई से 10 जून तक किया जा सकता है. देरी से फॉर्म फरने पर 550 रुपए विलंब शुल्क के साथ फॉर्म जमा होंगे. 11 से 18 जून तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. इन तारीखों के बाद माशिमं आवेदन स्वीकार नहीं करेगा.

जानकारी के मुताबिक इस बार दसवीं में 31 हजार 382 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता मिली है. कुल 152 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गये है. बारहवीं के 30 हजार 387 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है. कुल 134 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गये है. 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में फेल या पूरक आए छात्र-छात्राओं के लिए पूरक-अवसर परीक्षा में फिर मौका मिलेगा. बताया जा रहा है कि परीक्षा में फेल हुए बच्चे जून में क्रेडिट योजना के तहत दोबारा परीक्षा दे सकते हैं.अब दो से अधिक विषयों में फेल होने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं.

10वीं का टाइम टेबल

5 जुलाई – प्रथम भाषा हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी, उर्दू

6 जुलाई – सामाजिक विज्ञान

8 जुलाई – द्वितीय भाषा सामान्य अंग्रेजी

9 जुलाई – गणित

10 जुलाई – तृतीय भाषा संस्कृत, मराठी, बंगाली, गुजराती, तेलगू

11 जुलाई – व्यावसायिक पाठ्यक्रम

12 जुलाई – विज्ञान

13 जुलाई – द्वितीय भाषा व तृतीय भाषा के तौर पर हिन्दी

15 जुलाई – दिव्यांगों के लिए संगीत, ड्राइंग और पेंटिंग

12वीं का टाइम टेबल

5 जुलाई – गणित व नवीन पाठ्यक्रम गणित

6 जुलाई – प्रथम भाषा विशिष्ट हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी, उर्दू

8 जुलाई – भूगोल

9 जुलाई – भारतीय संगीत, ड्राइंग एंड डिजाइनिंग, डांसिंग, स्टेनो टायपिंग

10 जुलाई – पर्यावरण (सिर्फ क्रेडिट योजना वालों के लिए)

11 जुलाई – इतिहास, भौतिकी, एलीमेंट्स ऑफ कामर्स एंड मैनेजमेंट

12 जुलाई – कम्प्यूटर एप्लीकेशन

13 जुलाई – अर्थशास्त्र, जीवविज्ञान, एप्लाइड इकोनॉमिक्स एंड कामार्शियल ज्योग्राफी, नवीन पाठ्यक्रम में जीवविज्ञान व अर्थशास्त्र

15 जुलाई – द्वितीय भाषा में सामान्य हिंदी , अंग्रेजी व अन्य

16 जुलाई – राजनीति विज्ञान, रसायन , बुक कीपिंग अन्य

17 जुलाई – संस्कृत

18 जुलाई – वाणिज्यिक गणित

छत्तीसगढ़ में जल्द लागू होगी यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम, हर शख्स को मिलेगा मुफ्त में इलाज

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छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जल्दी ही पूरे प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू करने की तैयारी कर रही है. खास बात ये है कि इसे बाकायदा योजना नहीं बल्कि एक कानून के रूप में लागू किया जाएगा. इस तरह का कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन जाएगा. इस स्कीम के तहक सूबे में रहने वाले हर व्यक्ति को मुफ्त चिकित्सा सुविधा सरकार मुहैया कराएगी.

‘इलाज के लिए रुपए खर्च करने की सीमा नहीं’

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही राज्य सरकार यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम को लेकर अपने कदम आगे बढ़ाने की याजना तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने के बाद प्रदेश में लोगों के इलाज के लिए रुपए खर्च करने की सीमा नहीं होगी. दवाइयों से लेकर इलाज तक में जितना रुपया भी खर्च होगा, वो राज्य सरकार ही वहन करेगी. मालूम हो कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम का जिक्र किया था, जिसे अब पूरा करने जा रही है.

स्मार्ट कार्ड की जगह हेल्थ रजिस्ट्रेशन नंबर

जानकारी के मुताबिक इस योजना को लागू करने के बाद जो स्मार्ट कार्ड बनाए गए हैं, अब उनके स्थान पर एक हेल्थ रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा. जिसके आधार पर लोगों का सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज होगा. लेकिन यहां सवाल यही है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहतर नहीं है, जिसके कारण आम लोग भी सरकारी अस्पतालों में इलाज से बचते हैं और जो लोग अस्पताल पहुंचते भी हैं. वो सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं से परेशान हैं. प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मैकाहारा में ही लोग परेशान नजर आते है. वहीं इस योजना को लेकर आम जनता का कहना है कि अगर यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू कर दिया जाता है ऐसे में इलाज के लिए काफी सहूलियत मिलेगी.

योजना पर भाजपा ने खड़े किए सवाल

वहीं दूसरी ओर इस योजना को लेकर भाजपा ने भी सवाल खड़े किए हैं. भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि सरकार अपना कलेवर और फ्लेवर लगाकर योजना ला रही है जबकि सरकारी अस्पताल में कोई इलाज कराना नहीं चाहता है. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था को ही दुरुस्त करने की जरुरत है.