रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश ऑटो संघ के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद तिवारी ने प्रेसवार्ता में बताया है कि छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव ने एक आदेश जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में अब प्रदूषण, बढ़ते अपराध और वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते ऑटो वाहन नहीं चल पाएंगे। शासन के इस आदेश के बाद आज ऑटो संघ ने सरकार के इस आदेश को मनमाना बताते हुए पूछा है कि क्या प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण का जिम्मेदार सिर्फ ऑटो है। जगदीश प्रसाद तिवारी ने कहा कि सरकार ने पहले तो मनमाने तौर पर वाहन परमिट जारी किया और अब बंद करने की बात कर रही है। इससे ऑटो चालकों पर आजीविका का संकट मंडराने लगा है। ऑटो संघ ने कहा कि सरकार ने बढ़ते अपराध का हवाला दिया है जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि ऑटो संघ ने पहले ही इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को ऑटो चालकों के लिए परिचय पत्र की अनिवार्यता की बात कही थी लेकिन शासन की लाचार व्यवस्था के चलते आज भी लंबित है। शासन द्वारा जारी आदेश से संघ नाराज है। संघ ने इस आदेश को तत्काल रोकने और ऑटो चालकों के लिए सही व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
मुंबई। प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद शुक्रवार को शिव सेना का दामन थाम लिया।
उन्होंनेे शुक्रवार को शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शिव सेना की सदस्यता ग्रहण की।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह 10 साल से कांग्रेस की निस्वार्थभाव से सेवा कर रहीं थी और उन्होंने हमेशा महिलाओं के सम्मान के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि जब एक महिला के साथ दुर्व्यवहार होता है और उसको लेकर सुध नहीं ली गई तो इससे वह आहत हुई। कांग्रेस हाईकमान को भी उन्होंने अपनी पीड़ा बताई लेकिन बदसलूकी करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाने की बजाय फिर पार्टी में लाया गया। यह एक महिला का अपमान है और महिलाओं के सम्मान के लिए ही उन्होंने कांग्रेस छोड़ी है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वह सोच-समझकर और महिलाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से समझते हुए शिव सेना में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वह मंबई में पली पढ़ी हैं और वह जानती हैं कि मुंबई में रहने वाले लोगों के दिलों पर शिव सेना राज करती है। शिव सेना के लिए उनके मन में विशेष सम्मान रहा है। पार्टी के युवा नेतृत्व और उनकी सोच को देखते हुए वह शिव सेना में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं के सम्मान के लिए हमेशा कार्य करती रहेगीं।
कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए जारी घोषणा पत्र में जिस ‘न्याय योजना’ का वादा किया गया है वह उसके लिए गले की फांस बनती दिख रही है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका की सुनवाई करते हुए कांग्रेस पार्टी को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि इस वादे को गरीबों को रिश्वत देने जैसा क्यों न माना जाए?
हाईकोर्ट के वकील मोहित कुमार द्वारा दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एसएम शमशेरी की डिवीजन बेंच ने कहा, “इस तरह की घोषणा वोटरों को रिश्वत देने की कैटगरी में क्यों नहीं? क्यों न पार्टी के खिलाफ पाबंदी या दूसरी कोई कार्रवाई की जाए?” अदालत ने इस मामले में चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा है. कांग्रेस पार्टी और चुनाव आयोग को जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट ने दो हफ्ते का समय दिया है. अदालत ने माना है कि इस तरह की घोषणा रिश्वतखोरी व वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश है.
बता दें, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गरीबों के लिए सालाना 72 हज़ार रुपये उनकी आय सुनिश्चित करने का वादा किया है. कांग्रेस ने इस स्कीम को न्याय योजना का नाम दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी के तमाम नेता अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसका जमकर प्रसार कर रहे हैं. कांग्रेस का मानना है कि यह स्कीम लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए गेम चेंजर साबित होगी.
स्कीम के तहत कांग्रेस देश के 20 करोड़ गरीबों के खाते में 6 हजार रुपये देकर उन्हें गरीबी रेखा से बाहर निकालने का दावा कर रही है. उसके मुताबिक हर उस परिवार की न्यूनतम आय 6 हजार सुनिश्चित की जाएगी जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं.
रायपुर। कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू शुक्रवार को रायपुर पहुंचे और प्रेसवार्ता लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीति केवल पूंजीपतियों के लिए है। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ दिन पहले सवाल पूछे थे उनके जवाब अभी तक नहीं आए हैं, क्योंकि इनकी नीयत खराब है। मुद्दे जो गरीब से जुड़े हैं जैसे तेल, गैस के दाम जो बढ़े हैं उनके लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। यह सरकार केवल पैसे वालों के लिए काम करती है गरीबों से कुछ लेना-देना नहीं है। सिद्धू ने कहा कि जैसे ही मोदी सरकार आई तो क्रूड आयल के दाम कम हुए लेकिन हमारे यहां तेल के दाम बढ़ गए।
सरकार ने डीजल की कीमत रेगुलाराइस कर दिया जिससे उसके दाम बढ़ गए। जिससे किसान सीधे-सीधे प्रभावित हुआ। सरकार ने 16 बार एक्साइज दर बढ़ाकर रिफाइनरी को सीधे फायदा पहुंचाया। सरकार ने पेट्रोल पर 263 प्रतिशत डयूटी बढ़ाई, डीजल पर 400 प्रतिशत जिससे मिडिल क्लास और किसान सीधे प्रभावित हुए। इसके ऊपर टैक्स भी लगाया जिसका असर सीधे गरीब आदमी को पड़ा। सिद्धू ने कहा कि सरकार भौंरों की तरह होती है, जो रस भी पी लेती है और फूल को कुछ नहीं होता पर मोदी सरकार जोंक बन गई है जो खून पी रही है। इसलिए तो मैं कहता हूं कि चौकीदार चोर है।
बुलंदशहर। बहुजन समाज पार्टी का एक कट्टर समर्थक युवक धोखे से भाजपा को वोट देने के कारण इतना व्यथित हो गया कि उसने अपनी उस उंगली को ही काट डाली जिसमें चुनाव के बाद स्याही लगाई गई थी। घटना बुलंदशहर के पास के एक गांव की है। बसपा समर्थक युवक का नाम पवन कुमार है। पवन ने बताया कि उसने हाथी की बजाए गलती से कमल के निशान वाला बटन दबा दिया था। पवन ने कहा कि वह बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार योगेश वर्मा को वोट देना चाहते थे, लेकिन उन्होंने बीजपी के वर्तमान सांसद भोला सिंह को वोट दे दिया। जब उससे पूछा गया कि क्या उसने किसी दबाव में भाजपा को वोट दिया तो उसने इस बात से साफ इनकार कर दिया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 80 में से आठ संसदीय सीटों पर गुरुवार को दूसरे चरण के मतदान के दौरान वोट डाले गए थे।
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि चौकीदार को चोर बोलना पूरे पिछड़े वर्ग का अपमान कैसे हो गया? और यह भी बताना चाहिए कि उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जब किसी को ‘छोटा आदमी’ बोलते हैं तो वे किसका अपमान कर रहे होते हैं? बघेल ने कहा है कि चुनाव प्रचार के सारे हथकंडे अपनाने के बाद पीएम मोदी आखिर में अपने मूलमंत्र पर लौट आए हैं और अब वे समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की कोशिशों में लग गए हैं। छत्तीसगढ़ में उन्होंने अपने आपको साहू समाज से जोड़ लिया और यह जहर फैलाने की कोशिश की थी कि चौकीदार को चोर कहना दरअसल समाज का अपमान है, लेकिन दो ही दिन बाद महाराष्ट्र में जाकर एक चुनावी रैली में वे कहने लग गए कि चौकीदार को चोर कहना पूरे पिछड़े समाज का अपमान है।
भूपेश बघेल ने कहा है कि अब पूरे देश को लगने लगा है कि चौकीदार पर भरोसा नहीं किया जा सकता और चोर होने का आरोप सही प्रतीत होने लगा है तो वे अपने आपको बचाने के लिए जाति का सहारा ले रहे हैं। सीएम बघेल ने कहा है कि दूसरा बड़ा सवाल यह है कि यदि सचमुच वे पिछड़े वर्ग की चिंता करते हैं तो उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल में पिछड़े वर्ग के लिए क्या किया? राज्यों में मुख्यमंत्री बनाने की बारी आई तो झारखंड को छोड़कर कहीं भी पिछड़े वर्ग को मौका नहीं दिया। नौकरशाही और मंत्रिमंडल में भी किसी पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को आगे नहीं बढ़ाया, और न ही उद्योग और कारोबार में कोई उदाहरण पेश किया। उल्टे जब मौका मिला तो पिछड़े वर्ग के खिलाफ साजिश ही रचते रहे। विश्वविद्यालयों की भर्ती में 13 पॉइंट रोस्टर लागू करना इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।
भूपेश बघेल ने कहा है कि यह बहुरुपिए का नया अवतार है। चाय वाला, प्रधान सेवक, फकीर से लेकर चौकीदार तक सब दांव चलने के बाद अब वह पिछड़े वर्ग का नेता बनकर आया है। जनता को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि सच यह है कि नरेंद्र मोदी सूट-बूट वाले धनपतियों के हितैषी हैं और उनके ही लिए पांच साल काम करते रहे।
शहीद करकरे का अपमान करने के लिए माफी मांगे भाजपा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर कहा है कि मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे का अपमान करने के लिए भारतीय जनता पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने अपने भाषण में न केवल हेमंत करकरे का अपमान किया बल्कि मंच पर मौजूद भाजपा नेताओं ने तालियां भी बजाईं। हेमंत करकरे मुंबई आतंकरोधी दस्ते के प्रमुख थे और वहां हुए भीषण हमले में आतंकवादियों की गोलियों के शिकार हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित अपने ट्वीट में भूपेश बघेल ने पूछा है कि वे भी हेमंत करकरे को शहीद मानते रहे हैं तो क्या अब उनके विचार बदल गए हैं?
बदलते समय के साथ मर्दों के फैशन में भी काफी बदलाव आया है। आजकल पुरुषों का दाढ़ी और मूंछ रखना फैशन हो गया है। चेहरे पर दाढ़ी रखना कुछ लोगों के लिए स्टाइल स्टेटमेंट की चीज होती है। पर्सनैलिटी में चार चांद लगाने के लिए तमाम तरह की स्टाइल वाली दाढ़ी रखने के शौकीन लोगों की कमी नहीं है।
यह सच है कि दाढ़ी रखने वाले ये लोग हैंडसम और डैशिंग तो लगते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं इसके कुछ नुकसान भी हैं। दाढ़ी बढ़ाना तो आसान है क्योंकि ये नेचुरल है, लेकिन इसकी देखभाल के लिए आपको काफी खयाल रखना पड़ता है। बिना देखभाल के दाढ़ी के बाल न सिर्फ रूखे और कड़े हो जाते हैं। एक नई रिसर्च के अनुसार, लंबी दाढ़ी में ऐसे बैक्टीरिया पनप रहे हैं, जो उन्हें बीमार कर सकते हैं।
दरअसल 18 से 76 साल के मर्दों की दाढ़ी में कुत्ते के बाल से भी ज्यादा खतरनाक व घातक बैक्टीरिया पाए जाते हैं। यह बैक्टीरिया इंसान को बीमार कर सकते हैं और यह कुत्ते में पाए जाने वाले बैक्टीरिया से ज्यादा ताकतवर होते हैं।
रिसर्च में 18 दाढ़ी वाले लोगों का सैंपल लिया गया और 30 डॉगी के बालों का सैंपल लिया गया। जांच में पता चला कि इंसान की दाढ़ी में पाए जाने वाले रोगाणुओं (माइक्रोब्स) का स्तर डॉगी के बालों के मुकाबले ज्यादा है।
पॉपुलर दो-पहिया और तीन-वहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटोमोबाइल ने इसी महीने अपनी नई बजाज डोमिनार को लॉन्च किया है। बजाज डोमिनार को 1.74 लाख के साथ लॉन्च किया गया है। कंपनी द्वारा इस नई बजाज डोमिनार में कई मेजर अपडेट्स किए गए है जिसमें पावरफुल इंजन, नए कलर्स को शामिल किया गया है।
इस नई डोमिनार बाइक में बदलाव के रुप में अपसाइड डाउन फोर्क्स, नया एग्जॉस्ट सिस्टम, नई सीट्स, रियर व्यू मिरर और नया इंस्ट्रूमेंट कंसोल जैसे फीचर्स दिए गए है। इस नए इंस्ट्रूमेंटे क्लस्टर में अब पहले से ज्यादा इंफॉर्मेशन मिलती है। इसके अलावा इस बाइक के अपडेट होने से इसके परफॉर्मेंस में भी काफी सुधार आया है।
इस 2019 नई डोमिनर को बजाज द्वारा नए सिल्वर और रेड कलर वेरियंट के साथ पेश किया गया है जो देखने में काफी आकर्षक लग रहे है। बता दें कि इससे पहले यह बाइक सिर्फ ग्रीन और ब्लैक कलर वेरियंट के साथ आती थी। पिछले दिनों इस बाइक को एक टीवी ऐड के दौरान नए कलर ऑप्शन के साथ देखी गई है। इस बाइक को बेहतर पावर के लिए 373.2 सीसी लिक्विड कूल, सिंगल सिलिंडर इंजन के साथ पेश किया गया है। यह इंजन पहले की अपेक्षा ज्यादा पावर जनरेट करती है।
इस नई डोमिनार के इंस्ट्रूमेंट पैनल में दो डिस्प्ले दिया गया है। इनमें से एक हेडलैंम्प पर और दूसरा फ्यूल टैंक के पास दिया गया है। इसके अलावा इस नए मॉडल में केटीएम 390 ड्यूक की तरह ही 43 एमएम का यूएसबी फॉर्क्स का इस्तेमाल किया गया है। इस नए अपडेट्स के साथ यह बाइक पहले से काफी अच्छी हुई है।
गर्मियों में कील, मुंहासे, फुंसियां, झाइयां, टैनिंग और रूखी बेजान त्वचा से आमतौर पर सभी लोग परेशान होते हैं. इसकी मुख्य वजह है- तेज धूप, गर्म हवाएं और जीवनशैली. हम क्या खाते हैं, क्या पीते हैं, कैसे रहते हैं, यह सब हमारे चेहरे पर झलकता है.
सही मात्रा में पानी न पीना, अधिक मात्रा में जंक फूड खाना और त्वचा की साफ सफाई को नजरअंदाज करना, यह सभी चीजें चेहरे से रौनक छीन लेती हैं. लाइफ में कुछ बदलाव करके चेहरे पर चमक कायम रख सकते हैं. इस बारे में बता रहे हैं स्किनक्योर क्लीनिक के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.एल. जांगिड़.
पानी से दोस्ती कीजिए : अधिक तापमान और ज्यादा समय बाहर बिताने के कारण हमारे शरीर में ‘डिहाइड्रेशन’ यानी पानी की मात्रा कम हो जाती है. इससे ना केवल सिरदर्द और चक्कर आते हैं, बल्कि त्वचा की चमक भी कम हो जाती है. आपको चाहिए कम से कम दस गिलास सादा पानी रोज पिएं. यदि आप चाय या कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय पीते हैं तो इससे तीन गुना अधिक मात्रा में आपको सादा पानी पीना चाहिए.
मेकअप के साथ कभी न सोएं : गर्मियों में मेकअप उतारे बिना आप कभी न सोएं. इसका पालन न करने की वजह से त्वचा की ऊपरी सतह पर गन्दगी की एक परत सी जमने लगती है. यही परत वास्तव में मुहासों का सबसे बड़ा कारण बनती है. इससे झाइयां और ‘पिगमेंटेशन’ यानी त्वचा का रंग-बेरंग होने जैसी समस्याएं भी होती हैं. यदि आप मेकअप लगाते हैं तो रात में सोने से पहले उसे जरूर उतार दें.
मॉइस्चराइज करना न भूलें : त्वचा को मॉइस्चराज्ड या नम रखने की अहमियत को नजरअंदाज न करें. आपकी त्वचा जितनी सूखी और बेजान होगी, वह उतनी ही पर्यावरण द्वारा किए गए नुकसान को झेल नहीं पाएगी. प्रदूषण और सूरज की तेज किरणों का सबसे बुरा असर सूखी त्वचा पर ही होता हैं. ऐसे में सनस्क्रीन को भी बिलकुल न भूलें.
स्क्रब का प्रयोग न करें : अपने चेहरे और शरीर को साफ रखने के लिए सौम्य क्लीन्जर का प्रयोग करें. जेल बेस्ड क्लीन्जर या शावर जेल सबसे उत्तम हैं, पर इन्हें भी बहुत ज्यादा न रगड़ें. इस से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान होता है.
स्किनकेयर ट्रीटमेंट्स लें : कई ऐसी सुविधाएं या ट्रीटमेंट्स हैं जो न केवल त्वचा को साफ और क्लियर रखती हैं साथ ही चेहरे की त्वचा को जवान और स्वस्थ रखने में भी मदद करती हैं. पार्लर में जाना चाहें तो क्लीन अप फेशियल या क्लेरिफाइंग फेशियल फायदेमंद हैं. त्वचा विशेषज्ञ या डर्मेटोलॉजिस्ट के पास मेडिकल फेशियल अधिक फायदा पहुंचा सकते हैं.
कार्बन पील ट्रीटमेंट : यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे फायदा उसी दिन दिखता है और लम्बे समय तक इसका असर आपके चेहरे पर बरकरार रहता है. यह एक बहुत ही स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट है जिसमें त्वचा विशेषज्ञ या डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा पर पहले कार्बन लगाते हैं. उसके बाद एक बहुत ही हल्का लेजर लगाया जाता है जिस से यह कार्बन के पार्टिकल्स फूट जाते हैं और त्वचा की ऊपरी परत की सफाई करते हैं. इस प्रक्रिया में झाइयां, दाग-धब्बे, निशान वगैरह सभी मिट जाते हैं और चेहरे के ऊपर बारीक बाल भी प्राकृतिक रूप से ब्लीच हो जाते हैं
अगर आप रोजाना केला खाते हैं तो हार्ट अटैक की संभावना बहुत हद तक कम हो जाती है. इसके अलावा भी इसके कई अन्य फायदे हैं. केले का रंग जैसे ही भूरा होने लगता है, हम उसे सड़ा हुआ मानकर फेक देते हैं. लेकिन, इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे हैं कि सड़ा हुआ केला भी बहुत काम का होता है . अगर इसका खाने में इस्तेमाल किया जाए तो कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है .
केले के होते है कई प्रकार
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रंग के आधार पर केले चार रंग के होते हैं . केला सड़ा है, पका है या कच्चा है इसके बारे में इसके रंग से ही पता चलता है . अगर केले का रंग हरा है तो यह कच्चा होता है . इसका इस्तेमाल सब्जी के तौर पर भी किया जाता है . जैसे-जैसे यह पकने लगता है, इसका रंग पीला होने लगता है. जब यह ज्यादा पक जाता है तो इसके छिलके पर भूरे-भूरे धब्बे आने लगते हैं. अगर इस दौरान भी इसे खाने में नहीं इस्तेमाल किया गया तो यह ज्यादा पक कर सड़ने लगता है . सड़ने के दौरान इसके छिलके का रंग पूरी तरह भूरा हो जाता है.
ऐसे कर सकते है उपयोग
इसी के साथ सड़े हुए केले में ट्रिप्टोफैन की बहुत मात्रा होती है . यह स्ट्रेस और एंजायटी को कम करता है . इसके अलावा इसमें पोषक तत्वों का भंडार होता है. इसलिए, सड़े हुए केले का इस्तेमाल ब्रेड बनाने के लिए, या फिर मिल्कशेक बनाने के लिए किया जा सकता है. अगर आप हरे केले को खाते हैं तो यह आपके ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखता है . यह बहुत धीरे-धीरे पचता है, जिसकी वजह से ब्लड ग्लूकोज बहुत कम पैदा होता है .