बिहार की राजधानी के समनपुरा इलाके में रहने वालीं जुड़वा बहनें सबाह और फराह (23) आपस में सिर से जुड़ी हैं, इसलिए अभी तक उनकी पहचान दो की बजाय एक ही व्यक्ति के रूप में होती रही है।
वर्ष 2015 के विधानसभा चुनावों में भी उन्हें अलग नहीं मानते हुए एक ही मतदाता पहचान पत्र जारी किया गया। यानी दोनों बहनें एक ही वोट डालने की अधिकारी मानी गईं।
लेकिन इस बार लोकसभा चुनावों में उन्हें अलग-अलग मतदाता के रूप में पहचान मिल गई है, दोनों रविवार को अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट दे सकेंगी। दोनों बहनों का नाम पटना साहिब लोकसभा सीट के दीघा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत है।
गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वालीं सबाह और फराह की कहानी हाल में चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर की। उन्हें अलग करने सर्जरी के लिए दिल्ली एम्स ले जाया गया था, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुआ। दोनों बहनें अभिनेता सलमान खान की प्रशंसक हैं। सलमान उन्हें अपने खर्च पर मुंबई बुलाकर उनसे मिल चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारपटना के जिला मजिस्ट्रेट कुमार रवि ने बताया, कि नियमानुसार गोपनीयता के कारण दो लोग एक ही समय वोटिंग नहीं कर सकते। लेकिन सबाह व फरहा आपस में जुड़ी होने के बावजूद एक-दूसरे को देख नहीं सकतीं।
दोनों का सिर अलग-अलग दिशा में है, इसलिए उन्हें अलग-अलग वोटिंग राइट देने में गोपनीयता का नियम भंग नहीं हो रहा। दोनों को हाल में मतदान की ट्रेनिंग भी दी गई।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा पर तंज कसा है। एक के बाद एक दो ट्वीट कर भूपेश ने मोदी से कहा है कि आप अभी से झोला उठाकर चल दिए। लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए।
दर्शन के बाद रुद्र गुफा पहुंचकर ध्यान लगाया, जिस पर अब कांग्रेस के नेता निशाना साध रहे हैं। सीएम भूपेश ने ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 23 तारीख का इंतजार करने की बजाए आप अभी से झोला उठाकर चल दिए। अभी तो जनता के आदेश का एलान होना बाकी है। इसके बाद भूपेश ने एक और ट्वीट किया और कहा कि शिवाजी को भोलेनाथ कहते हैं, क्योंकि वो सादगी पसंद हैं। भोलेनाथ जितनी जल्दी खुश होते हैं उतनी ही जल्दी नाराज भी होते हैं। खासतौर से ऐसे लोगों से जो बेईमानी और धोखेबाजी करते हैं। ऊं नम: शिवाय।
पीएम नरेंद्र मोदी केदारनाथ में हैं. शनिवार को मंदिर में पूजा करने के बाद वो एक गुफा में ध्यान करने गए. गुफा से पीएम मोदी की कुछ तस्वीरें भी जारी की गईं. सवाल ये है कि करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा से रियल टाइम तस्वीरें कैसे आ रही थीं. तो बता दें कि इस गुफा में वाई-फाई और फोन की भी सुविधा है.
एक रिपोर्ट की मानें तो इस गुफा में ‘वाईफाई और टेलीफोन‘ भी था. साथ ही इस गुफा में टॉयलेट की सुविधा भी उपलब्ध थी.
वहीं आज तक की खबर के मुताबिक, जिस गुफा में पीएम ने ध्यान लगाया, वो गढ़वाल मंडल विकास निगम के अंतर्गत आती है. इस गुफा का नाम, रुद्र गुफा है. केदारनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालु इस गुफा में कुछ किराया देकर रह सकते हैं.
इस गुफा में 3 दिन रहने का किराया 3,000 रुपये है. वहीं एक दिन के लिए 999 रुपये देने होंगे. वाईफाई, बिजली, टॉयलेट और फोन के अलावा इस गुफा में एक बिस्तर भी है. इतना ही नहीं, इस गुफा के अंदर चाय-नाश्ता ऑर्डर करने की सुविधा भी मिलती है.
केदारनाथ मंदिर में पीएम मोदी ने की पूजा
लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद पीएम मोदी शनिवार, 18 मई को उत्तराखंड में केदारनाथ-बद्रीनाथ की यात्रा पर निकले. पीएम शनिवार सुबह जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां से वो सीधा केदारनाथ के लिए निकले. हेलीपैड से केदारनाथ मंदिर तक का रास्ता पीएम ने पैदल ही तय किया.
पहाड़ी कपड़े पहनकर पीएम ने केदारनाथ मंदिर में पूजा की. इसके बाद पीएम ने केदारनाथ में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया. उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने पीएम को केदारनाथ मंदिर में हुए कामों के बारे में जानकारी दी.
इसके बाद पीएम ने भगवा चोला ओढ़ गुफा में ध्यान लगाया. रविवार को गुफा से निकलने के बाद पीएम ने केदारनाथ मंदिर में पूजा की, जहां से वो बद्रीनाथ मंदिर के लिए निकले.
दो साल में केदारनाथ का चौथा दौरा
प्रधानमंत्री का पिछले दो साल में केदारनाथ का यह चौथा दौरा है. साल 2017 में वे मई में यहां आए थे, जब छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद मंदिर के द्वार खुले थे. इसके बाद अक्टूबर में फिर आए थे, जब मंदिर के द्वार बंद होने वाले थे, पीएम केदारनाथ का पिछला दौरा नवंबर में दिवाली पर किया था.
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री आजम खान ने कमल हासन व प्रज्ञा ठाकुर पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा, कमल हासन (Kamal Haasan) मुस्लिम नहीं है। वह हासन है हसन नहीं। उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर पर हमला बोलते हुए कहा कि देशवासी तय करें देश नाथूराम गोडसे से पहचाना जाएगा या बापू की शख्सियत से।
आजम खान ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कही। आजम ने कहा कि गोडसे जैसे व्यक्ति को देशभक्त कहना क्योंकि नाथूराम गोडसे आरएसएस की पहचान है ठीक उसी तरह जिस तरह खाकी नेकर पहचान है। आरएसएस वालों को बुरा नहीं मानना चाहिए था खाकी नेकर उनका सिंबल है। सिर्फ भारतीय जनता पार्टी का यह कह कर पल्ला झाड़ लेना कि हमारा उस बयान से कोई लेना देना नहीं है और वो इसकी निन्दा करें काफी नहीं है।
आजम ने कहा कि देशवासी तय करें देश नाथूराम गोडसे से पहचाना जाएगा या बापू से। खाकी नेकर से पहचाना जाएगा या इंसानियत से। मेरी किस बात का बुरा लगा था खाकी नेकर सिंबल है। आरएसएस की विचारधारा का मैंने जिक्र किया था। ठीक उसी तरह जिस तरह प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे के बारे में कहा है। उन्होंने कहा कि हम इस बात की उम्मीद करते हैं प्रज्ञा ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी से बाहर निकालेगी और माफी मांगेगी राष्ट्र से कि उन्होंने एक ऐसी महिला को टिकट दिया जो बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे की समर्थक है, वो आरएसएस जिस पर बापू की हत्या के बाद बैन लगाया गया था।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि दिल्ली में चुनाव से कुछ वक्त पहले ही माहौल बदला और मुस्लिम वोटर कांग्रेस की ओर रुख कर गए. केजरीवाल के इस बयान से कांग्रेस भड़क गई है. कांग्रेस नेता मीम अफ़ज़ल ने केजरीवाल से पूछा है कि केजरीवाल कब से हिन्दू- मुस्लिम राजनीति करने लगे है.
साम्प्रदायिक राजनीतिक को बढ़ावा देता है केजरीवाल का बयान मीम अफ़ज़ल ने कहा कि कल आखिरी दौर की वोटिंग है, और उससे पहले केजरीवाल का ये बयान साम्प्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देता है. इसलिए चुनाव आयोग को केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. मीम अफ़ज़ल ने कहा कि मुल्क में सब आज़ाद है कोई किसी को वोट करें, इसमें किसी का मज़हब ढूंढने की जरूरत नहीं.
इससे पहले केजरीवाल राजधानी की सभी 7 सीटों पर जीत का दावा करते रहे है, लेकिन उनका हालिया बयान कई सवालों को जन्म दे रहा हैं. दिल्ली में करीब 14 प्रतिशत मुस्लिम है, और मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए अरविंद केजरीवाल की सरकार ने मस्जिद के इमामों और मुअज़्ज़िनो की तनख्वाह भी बढ़ाई थी. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ खींचने में लगे थे. चुनाव प्रचार के दौरान भी दोनों ही तरफ से ये कोशिश होती रही, लेकिन चुनाव के बाद आए केजरीवाल के इस बयान से कई सवाल पैदा हुए है जिसका जवाब 23 मई को ही मिल सकेगा.
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पंजाब में रविवार को होंगे मतदान गौरतलब है कि दिल्ली में सातों सीटों पर चुनाव हो चुका है, जबकि पंजाब में कल चुनाव होना है, और पंजाब में ही केजरीवाल ने ये बयान दिया है, जिसके बाद कांग्रेस ने केजरीवाल को जमकर घेर लिया है.
छत्तीसगढ़ की नई भूपेश बघेल सरकार ने अपनी महती प्रोजेक्ट एनजीजीबी यानी नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी को क्रियांवित करने की जोर-शोर से तैयारी कर दी है. 425 करोड़ खर्च कर 24 हजार एकड़ में चारागाह-गौठान बनाने की योजना तैयार करने की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि पहले चरण में 10 फीसदी गांवों में क्रियांवित करने प्रोजेक्ट तैयार करनी की योजना है. जानकारी के मुताबिक इस योजना को नगरीय निकायों में भी शुरु करने की तैयारी में है. राज्य सरकार ने पहले चरण में 27 जिलों के 1853 पंचायतों के 1879 गांवों में चारागाह विकसित करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 14 हजार 146 एकड़ जगह चिहिंत की गई है. चारागाह से 9 लाख 47 हजार पशुओं के लिए हरा चारा मिल सकेगा. इसको विकसित करने के लिए 92 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है. इसमे 90 करोड़ रुपए मनरेगा से खर्च किया जाएगा, जबकि सवा 2 करोड़ रुपए अन्य मदों से होगा.
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया का कहना है कि नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी कांग्रेस के घोषणा पत्र में ही शामिल था. ग्रामीण स्तर पर इनका अच्छे से संरक्षण किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके. ग्रामीण क्षेत्र में शहरों जैसे सुविधा मिले इसके लिए ये योजना तैयार की जा रही है. बताया जा रहा है कि इसके अलावा राज्य सरकार नरवा गरुवा घुरुवा और बाड़ी योजना का विस्तार करने जा रही है. अब ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा नगरीय निकायों में भी योजना को शुरु किया जाएगा. इसके लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरु कर दी है. योजना लागू होने के बाद शहरी इलकों में आवारा और घुमांतु जानवरों से निजात मिलेगी. तो वहीं बीजेपी ने इस योजना को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा है. बीजेपी उपाध्यक्ष सुनील सोनी का कहना है कि इस योजना के लिए बजट में राज्य सरकार ने एक पैसे का प्रावधान नहीं किया है. उनका कहना है कि सत्ताधारी दल इस योजना में पूरी तरह से एक्सपोज होने वाला हैं.
भारत ही दुनियाभर में अब इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स का चलन बढ़ने लगा है. अगले साल अप्रैल में मारुति ने अपनी डीज़ल कारों को बंद करने का ऐलान किया है. वहीं, कई और देश साल 2030 तक पेट्रोल-डीज़ल के व्हीकल को बंद करने का फैसला कर चुके हैं. ऐसे में अब पेट्रोलपंप की जगह चार्जिंग स्टेशन खोलकर कमाई करने का बड़ा मौका मिल रहा है. भारत में जापान की इलेक्ट्रॉनिक कंपनी पैनासॉनिक (Panasonic) 25 शहरों में 1 लाख स्ट्रॉन्ग चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी कर रही है. कंपनी का फोकस भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उसके मुकाबले चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराने का है. कंपनी पार्किंग स्टेशन, मॉल, पेट्रोल पंप आदि पर चार्जिंग स्टेशन लगाएगी. इसके अलावा फ्रेंचाइजी भी देगी.
केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश भर में 25 से 30 फीसदी वाहन इलेक्ट्रिक हों ताकि प्रदूषण कम किया जा सके. वहीं चालू वित्त वर्ष में सरकार का उद्देश्य करीब 4500 चार्जिंग स्टेशन बनाने का है . ये सभी राष्ट्रीय और राज्यों के राजमार्गों पर बनाए जाएंगे.
आइए जानें इसके बारे में…
क्या है प्लान-पैनासॉनिक ने एक बयान में कहा कि पहले चरण में, पैनासोनिक ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सर्विस देने के स्मार्ट ई एवं क्यूक्विक के साथ साझेदारी की है.
>> इसके तहत पैनासोनिक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 150 स्मार्ट इ इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर्स और 25 क्यूक्विक 2 व्हीलर पर ईवी चार्जिंग सर्विस स्थापित करेगी.
>> Nymbus के तहत फिजिकल कंपोनेंट जैसे चार्जिग स्टेशन, स्वैप स्टेशन, ऑनबोर्ड चार्ज, टेलीमेटिक्स सिस्टम एवं वर्चुअल कंपोनेंट जैसे क्लाउड सर्विस, एनालिटिक्स, इंट्यूटिव डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवा दी जाएंगी.
>> इस सर्विस का मकसद व्यक्तिगत ईवी यूजर्स, ईवी फ्लीट ओनर्स, ईकॉमर्स एंड लॉजिस्टिक कंपनियों की मदद करना है. निंबस वाहन पर टेलीमेटिक्स सेंसर्स के साथ आएगी. इससे फ्लीट मालिक अलग—अलग गाड़ियों में बैटरी के इस्तेमाल को ट्रैक कर सकेंगे.
>> पैनासोनिक इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ मनीश शर्मा ने कहा कि इस सर्विस के लॉन्च होने से भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स अपनाने वाले लोगों को मदद मिलेगी. पैनासोनिक ऐसी पहली कंपनी है जो इस तरह का कॉमन प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है.
यहां खुलेंगे स्टेशन- कंपनी पहले दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नै, अमरावति, हैदराबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में चार्जिंग स्टेशन हब बनाएगी. यहीं से इसका विस्तार होगा.
>> कंपनी ने भारत में अपनी तरह की पहली स्मार्ट ईवी चार्जिंग सर्विस, निंबस लॉन्च की है.
>> इसके तहत फिजिकल कंपोनेंट जैसे चार्जिंग स्टेशन, स्वैप स्टेशन, ऑन बोर्ड चार्ज, टेलीमेटिक्स सिस्टम एवं वर्चुअल कंपोनेंट जैसी सर्विस दी जाएंगी.
>> क्लाउड सर्विस एनालिटिक्स, इंट्यूटिव डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाएं दी जाएंगी.
आपको बता दें कि ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए कंपनी अखबारों और इंटरनेट के जरिए विज्ञापन देकर सूचित करेगी. इसके लिए सभी शर्तों की जानकारी दी जाएगी.
सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) के लिए नेशनल हाईवेज पर चार्जिंग स्टेशन (Charging Station) लगाने के काम में तेजी आ सकती है. इन्हें लगाने के लिए 15 राज्यों ने नोडल एजेंसियों की घोषणा कर दी है. एक साल के भीतर हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे जिसमें 4,000 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे.
हर 30 किमी पर लगेगा एक चार्जिंग स्टेशन हर 30 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे जिसके लिए सरकार 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी देगी. ये चार्जिंग स्टेशन एनटीपीसी, पावर ग्रिड के साथ मिलकर लगाए जाएंगे. 2030 तक 40 फीसदी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का लक्ष्य है.
ये कंपनियां लगाएंगी चार्जिंग स्टेशन बता दें कि ईवी टाटा मोटर्स, एमएंडएम जैसी कंपनियां बनाती हैं. दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड, गुजरात एनर्जी विकास एजेंसी, उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, BESCOM, TSREDCO जैसी नोडल एजेंसिया चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगाएंगी. इन कंपनियों को 3 साल तक चार्जिंग स्टेशन की मैंनेंटस करना होगा.
इंटरनेट पर काफी मशहूर रही ‘ग्रम्पी कैट’ की 14 मई को सात साल की उम्र में मौत हो गई है. बिल्ली के मालिक ने ट्वीट कर कहा, ‘हम अपनी प्यारी ग्रेसी कैट के निधन की घोषणा करते हुए बेहद दुखी हैं.’ इस बिल्ली की तस्वीर प्रतिक्रिया के तौर पर और मीम के लिए भी इस्तेमाल होती रही है. स्टैन ली और जेनिफर लोपेज सहित मशहूर हस्तियों के साथ इस बिल्ली की कई तस्वीरें भी हैं.
इस बिल्ली का असल नाम तारदार सॉस है, जिसने 2001 में उस वक्त लोकप्रियता हासिल करनी शुरू की जब उसकी तस्वीरें इंटरनेट पर आने लगी. इस बिल्ली के ऐसे भाव के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए उसके मालिक ने लिखा था कि ये फिलाइन ड्वॉर्फिजम के कारण है.
बिल्ली की मालकिन तबिथा ने अपने आधिकारिक पेज से मौत की पुष्टि करते हुए लिखा कि 7 साल की उम्र में बीमारी के कारण ‘ग्रम्पी कैट’ की एरिज़ोना में उसके घर में निधन हो गया.
‘ग्रम्पी कैट’ की मौत पर उसके चाहने वालों ने इंटरनेट पर अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं.
सेक्टर 1 देवेन्द्र नगर स्थित अंबेडकर भवन में आज भगवान बुद्ध जयंती मनाया गया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री शिव डहरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान बुद्ध जयंती पर सबको बधाई देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध ने सबको सद्बुद्धी दी है। शांति और सद्भाव दिए हैं जो समाज में सबको जरूरत है और इसे लेकर चलना चाहिए।
मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि हम सबको बुद्ध के संदेश को समझना चाहिए और उनकी मार्ग पर चलना चाहिए। वहीं मोदी और शाह पर तंज कसते हुए मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि आज मोदी और शाह कभी राम के नाम पर, तो कभी पुलवामा अटैक व जवानों के नाम पर वोट मांग रहे है। मोदी को समझना चाहिए कि वे 5 साल में क्या किए हैं। मोदी साम्प्रदायिक सभ्यता बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। जितनी बड़ी संस्थाएं है उसे बिगाड़ने का कार्य मोदी कर रहे हैं। जो देश की प्रजातंत्र के लिए ठीक नहीं है।
भारत में ज्यादातर गर्मियों में जो भी पेय तैयार किए जाते हैं, उनमें एक चीज हमेशा इस्तेमाल की जाती है, वो है काला नमक। गर्मियों में बनने वाले ज्यादातर पेय पदार्थों में काले नमक का इस्तेमाल होता है। रायता, आम पन्ना, जलजीरा या नींबूपानी इन सबमें काला नमक का विशेष तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। गुणकारी काले नमक के फायदे काला नमक एक ठंडा नमक है, इसीलिए यह आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार में एक महत्वपूर्ण सामग्री है। कहा जाता है कि यह नमक चिकित्सीय लाभ से भरा हुआ है। काला नमक उन लोगों के लिए अच्छा है जो पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। काला नमक कब्ज और गर्मियों के दौरान पेट फूलना जैसी परेशानियों से राहत दिलाता है। काला नमक इन दोनों परेशानियों को कम करने में मदद करता है। बहुत ज्यादा गर्मी के चलते काफी लोगों को आंतों में गैस और जलन जैसी समस्या होने लगती है। वहीं पेय और खाद्य पदार्थों में काला नमक डालने से आंतों में होने वाली गैस की परेशानी से राहत मिलती है। काला नमक सीने में होने वाली जलन को दूर करने में मदद करता है। गर्मी के दौरान होने वाली यह एक आम समस्या है। जो आमतौर पर तैलीय और भारी खाद्य पदार्थों द्वारा हो जाती है। आजकल की लाइफस्टाइल के चलते लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जिनमें प्रमुख है हाइपरटेंशन। गलत खानपान के चलते व गलत आदतों के कारण हाइपरटेंशन की समस्या लोगों को होने लगती है। लोगों में हाइपरटेंशन के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। साथ ही उन्हें बताया जाता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बचाव किया जा सकता है। क्या है हाइपरटेंशन हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जिसमें धीरे-धीरे आपका हार्ट, किडनी व शरीर के दूसरे अंग काम करना बंद कर सकते हैं। हाइपरटेंशन एक साइलेंट किलर है। हाइपरटेंशन कई कारणों से होता है, जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के पार पहुंच जाता है।