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सुषमा का ममता पर करारा वार, कहा-दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे.

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इस वक्त देश में सियासी पारा चरम पर है और नेताओं का एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है लेकिन कुछ वक्त से जिस तरह से पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है, उसने सबको हैरत में डाल दिया है, ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के लिए अपने बयानों में काफी कठोर शब्दों का प्रयोग किया है, जिस पर अब जवाब देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिया है। सुषमा ने ममता बनर्जी पर ट्विटर के जरिए निशाना साधा है।

सुषमा स्वराज ने एक के बाद एक लगातार दो ट्वीट किए है, अपने पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि ममता जी, आज आपने सारी हदें पार कर दीं, आप प्रदेश की मुख्यमंत्री हैं और मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं, कल आपको उन्हीं से बात करनी है इसलिए बशीर बद्र का एक शेर याद दिला रही हूं, दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएम तो शर्मिंदा न हों।

मालूम हो कि ‘फानी’ चक्रवात के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा था कि हालात का जायजा लेने के लिए मैंने ममता दीदी को दो बार फोन किया लेकिन उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया, जिस पर ममता ने कहा था कि मैं कोई उनकी नौकर नहीं जो फोन उठा लूंगी, ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था उनका पीएम मोदी को लोकतांत्रिक थप्पड़ मारने का मन करता है, मैंने ऐसा झूठा प्रधानमंत्री नहीं देखा, जब चुनाव आते हैं तो राम नाम जपने लगते हैं।

मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि 5 साल पहले उन्होंने अच्छे दिनों की बात की थी, लेकिन बाद में नोटबंदी कर दी, वह संविधान भी बदल देंगे, मैं बीजेपी के नारों में विश्वास नहीं रखती, पैसा मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता लेकिन जब नरेंद्र मोदी बंगाल आकर कहते हैं कि टीएमसी लुटेरों से भरी पड़ी है तो मुझे उन्हें थप्पड़ मारने का मन हुआ था।

सुषमा स्वराज ने केवल ममता पर ही निशाना नहीं साधा बल्कि उन्होंने प्रियंका गांधी को भी नसीहत दी है, उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि प्रियंका जी, आज आपने अहंकार की बात की, मैं आपको याद दिला दूं की अहंकार की पराकाष्ठा तो उस दिन हुई थी जिस दिन राहुल जी ने अपने ही प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह जी का अपमान करते हुए राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश को फाड़ कर फेंका था, कौन किसको सुना रहा है ?

आपको बता दें कि सुषमा ने प्रियंका गांधी के लिए ये Tweet इसलिए किया क्योंकि हरियाणा के अंबाला रैली में प्रियंका गांधी ने कहा था कि मोदी, दुर्योधन की तरह अहंकारी हैं, देश ने अहंकार को कभी माफ नहीं किया, ऐसा अहंकार दुर्योधन में भी था, जब भगवान कृष्ण उन्हें समझाने गए तो उनको भी दुर्योधन ने बंधक बनाने की कोशिश की, दिनकर जी की पंक्तियां हैं-जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।

अमरिंदर ने राजीव गांधी पर टिप्पणी को लेकर मोदी की निंदा की

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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बारे में टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला।

यहां एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री में बिल्कुल शराफत नहीं है, क्योंकि उन्होंने उस व्यक्ति तक को नहीं छोड़ा, जो अब दुनिया में नहीं हैं। जो आदमी पूरी तरह भारत के पारंपरिक मूल्यों और नैकिकता के खिलाफ हो, वह ज्यादा समय तक अपना बचाव नहीं कर सकता।’

अमरिंदर ने कहा कि मोदी और उनकी भाजपा को आत्मप्रशंसा में लगे रहने के बजाय लोगों, खासतौर से किसानों और युवाओं के बारे में सोचना चाहिए, जो समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल और उनकी पत्नी व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर को ‘अहंकारी’ बताते हुए उन्होंने इस दंपति पर उनके ही निर्वाचन क्षेत्र में उन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, ‘इस चुनाव में राज्य को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश करने वालों को सबक सिखाने की जरूरत है।’

वाहवाही के बीच अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘मैं जानता हूं, इनको कैसे ठीक किया जा सकता है, मैं जानता हूं कि बादलों को कैसे ठिकाने लगाया जा सकता है।’

दुनिया के सबसे हटके इंटरनेशनल बॉर्डर,देखे तस्वीर

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1. नीदरलैंड और बेल्जियम इंटरनेशनल सीमा
बारले शहर पर स्थित नीदरलैंड और बेल्जियम की सीमा को सिर्फ संकेतिक अक्षरों से ही समझा जा सकता है, क्योंकि यह सीमा एक घर के बीचों-बीच से गुजर रही है। इस इंटरनेशनल सीमा को देखते हुए लोग दूर-दूर से आते हैं। इस इंटरनेशन सीमा को बड़ी ही सरलता से एक देश से दूसरे देश में जा सकते हैं। जिसे आप बिना किसी भी जा और बिना किसी रोक-टोक के घूम सकते हैं।

2. अमेरिका और मेक्सिको इंटरनेशनल सीमा
अमेरिका और मेक्सिको के मध्य मौजूद यह बॉर्डर बहुत ही साफ़ है, क्योंकि अमेरिका और मेक्सिको के बीच कोई विवाद नहीं होता है। यह बॉर्डर बहुत ही अच्छा है और इस बॉर्डर में आसानी से एक तरफ से दूसरी तरफ घूम सकते हैं, इसलिए मैक्सिको के लाखों लोग हर वर्ष अमेरिका में चले जाते हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी, कि इस इंटरनेशनल सीमा पर दोनों देशों के मध्य मित्रता हर वर्ष देखी जा सकती है, क्योंकि हर वर्ष इस सीमा पर वॉलीबॉल मैच का आगाज होता है। जिन पर दोनों देशों के लोग हिस्सा लेते हैं। यह मैच आए दो अलग-अलग देशों के द्वारा खेला जाता है, मगर यह इकलौता ऐसा देश है, जहां पर दोनों टीम अपने अपने देश के मैदान में आसानी से खेल सकती है।

3. इगुआजु फॉल
विश्व का सबसे बड़ी झरना प्रणाली है। यह नदी के करीब 2 मील दूर स्थित है। जानकारी के लिए आपको बता दे, कि यह झरना दो देशों की इंटरनेशनल सीमा पर है। यह झरना ब्राजील और अर्जेंटीना को अलग अलग करता है। यह देखने के लिए झील काफी अच्छी है। यह झील भ्रमण कार्यों को बहुत ही अट्रैक्टिव करती है, क्योंकि यह अलग-अलग दीपों से आकर एक जगह मिलती है, इसलिए यह नजारा देखने में बहुत ही सुंदर लगता है।

यदि आप भी खाते है रोज सोयाबीन,तो जाने इसके बारे में कुछ जरुरी बाते

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1 – अगर आप दिल के रोगों से ग्रस्त है। और आप को दिल के रोग होने पर सोयाबीन खाने की सलाह दी जाती है। तो आप ऐसे में सोयाबिन खाना शुरू कर देंगे तो आपकी दिल से जुड़ी सभी बीमारियां दूर हो जायेगी।

2 – अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम रहती है। तो आप रोजाना सोयाबीन का सेवन करें। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बहुत ही सहायक होता है।

3 – अगर आप डाइबिटीज रोगी है। तो आप सोयाबीन का सेवन कर सकते है। यह रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करके उसे बढ़ने से रोकता है। इस तरह से आपकी डाइबिटीज नियंत्रण में रहती है।

4 – लीवर की कई प्रॉब्लम को दूर करने में सहायक है।सोयाबीन लीवर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सोयाबीन में लेसीथिन पाया जाता है। जो लीवर के लिए बहुत फायदेमंद है।

5 – सोयाबीन की छाछ पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। अगर आपके पेट में कीड़े है तो आप सोयाबीन का सेवन करके भी कीड़ो से छुटकारा पा सकते है। यह एक सरल उपाय है।

राहुल गांधी ने सभी अच्छे गुण, वह देश के बेहतरीन प्रधानमंत्री बन सकते हैं- शशि थरूर

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इस बार का लोकसभा चुनाव कई मायनों में काफी अहम है, एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है 2014 के अपने बेहतरीन रिकॉर्ड को बचाए रखना तो दूसरी तरफ कांग्रेस के सामने अपने सबसे खराब प्रदर्शन से बाहर निकलना। हालांकि भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बात का दावा कर रहा है कि वह एक बार फिर से पूर्ण बहुमत हासिल करेगा, लेकिन तमाम सियासी पंडितों और ओपीनियन पोल की मानें तो इस बार के चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के आंकड़ से दूर रह सकती है। राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर थरूर ने कहा कि अगर गठबंधन की सरकार बनती है तो निसंदेह इसका फैसला एक साथ मिलकर लिया जाएगा। जो दल गठबंधन की सरकार बनाने के लिए आगे आएंगे उनकी सहमति से ही यह फैसला लिया जाएगा। हालांकि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री बनने के सभी गुण हैं और देश के बेहतरीन प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

दक्षिण भारत के साथ सौतेला व्यवहार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का मानना है कि मोदी सरकार ने दक्षिण भारत के साथ सौतेला व्यवहार किया है, लिहाजा इस बार के चुनाव नतीजों का मुख्य केंद्र दक्षिण भारत रहेगा। थरूर का मानना है कि दक्षिण भारत मौजूदा मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने में अहम भूमिका निभाएगा और कांग्रेस को फिर से सत्ता में वापस लाने में भी मदद करेगा। थरूर का मानना है कि कांग्रेस दक्षिण भारत की अनदेखी से पूरी तरह से वाकिफ है इसीलिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे कि दक्षिण भारत के लोगों में यह संदेश जा सके कि दक्षिण भारत देश के अन्य हिस्से की ही तरह बराबर की अहमियत रखता है।

संघीय ढांचे पर कुठाराघात

थरूर ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि मौजूदा सरकार ने पिछले पांच साल में देश के संघीय ढांचे पर बहुत कुठाराघात किया है। देश की आजादी के बाद भारत के संघीय ढांचे को इतना कभी भी कमजोर नहीं किया गया था। इस पार्टी ने सांस्कृति विरासत को भी नुकसान पहुंचाने का काम किया है, फिर चाहे वह बीफ प्रतिबंध हो, हिंदी भाषा को देशभर में थोपना हो।

कांग्रेस बेहतर विकल्प

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर का कहना है कि मैं अपने केरल के अनुभव से कह सकता हूं कि दक्षिण भारत के लोग मोदी सरकार के विकल्प के तौर पर कांग्रेस को सबसे बेहतर विकल्प मानते हैं। थरूर का कहना है कि 2014 के चुनाव में भाजपा ने 282 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसे फिर से दोहरा पाना असंभव है, बावजूद इसके कि मौजूदा सरकार काफी सफल होती फिर भी 2014 के प्रदर्शन को दोहरा पाना भाजपा के लिए संभव नहीं था, दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा है।

लोग ठगा महसूस कर रहे

एनडीए के सहयोगियों के बारे में थरूर ने कहा कि कई एनडीए सहयोगी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, कई सहयोगियों ने एनडीए का साथ छोड़ दिया। इससे लोगों के बीच यह स्पष्ट संदेश गया है कि भाजपा के साथ गठबंधन करना इन दलों के लिए भारी पड़ा है। वहीं कांग्रेस की बात करें तो जिस तरह से पार्टी सकारात्मक चुनाव प्रचार कर रही है उससे लोग कांग्रेस के साथ जुड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

PM मोदी सोशल मीडिया पर सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले दुनिया के दूसरे नेता

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पहले नंबर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं. डिजीटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म एसईएमरश द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, मोदी के फेसबुक, टि्वटर और इंस्टाग्राम पर कुल 11.09 करोड़ फॉलोअर है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले दुनिया के दूसरे नेता हैं. पहले नंबर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं. डिजीटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म एसईएमरश द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, मोदी के फेसबुक, टि्वटर और इंस्टाग्राम पर कुल 11.09 करोड़ फॉलोअर हैं. ओबामा के कुल फॉलोअर 18.27 करोड़ हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, ”दुनियाभर में 11 करोड़ फॉलोअर्स के साथ नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पछाड़ दिया है जिनके दुनियाभर में 9.6 करोड़ फॉलोअर्स हैं. हालांकि ट्रंप टि्वटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले दुनिया के दूसरे नेता हैं.” रिपोर्ट के अनुसार, मोदी के फेसबुक पर 4.3 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स, टि्वटर पर 4.7 करोड़ से अधिक और इंस्टाग्राम पर दो करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं. कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी के फेसबुक, इंस्टाग्राम और टि्वटर पर मिलाकर 1.2 करोड़ फॉलोअर्स हैं.

गरीबों को नहीं चाहिए चौकीदार: राहुल गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि पांच साल पहले मोदी जी ने कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री नहीं, चौकीदार बनाओ। जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री चुन लिया लेकिन उन्होंने चौकीदारी बंद कर चोरी कर ली। गरीबों के घर के बाहर कभी चौकीदार नहीं होता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके चौकीदार नहीं हैं, वे अनिल अंबानी की चौकीदारी करते हैं। उन्होंने कहा कि आपके जल, जंगल और जमीन को प्रधानमंत्री ने अमीरों को देने का काम शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं कि आदिवासियों की रक्षा करूंगा लेकिन पेशा कानून, जमीन अधिग्रहण और पंचायती राज का क्या हुआ।

चीन में हुई लड़कियों की कमी तो पाकिस्तान आकर शादियां रचा रहे हैं चीनी युवक

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चीन में एक संतान की पॉलिसी के चलते अब वहां के युवा बड़े पैमाने पर विदेशी लड़कियों से शादी रचाने लगाने लगे हैं. सबसे ज्यादा उदाहरण पाकिस्तानी लड़कियों के साथ चीनी लड़कों की शादी के आए हैं. चीन में इन दिनों लिंग असमानता की समस्या विकराल हो चुकी है.

इसके पीछे वजह अगर चीन में शादी योग्य लड़कियों की कमी की है तो साथ ही ये भी कि चीन में आमतौर पर कोई भी पेरेंट्स अपनी लड़की किसी चाइनीज युवक को तब तक नहीं देता जब तक कि उसके पास अपना कोई फ्लैट नहीं हो. चीन के बड़े शहरों में फ्लैट बहुत महंगे हैं और इन्हें खरीदना युवा चीनियों के लिए लगातार मुश्किल भरा होता जा रहा है.

इसका समाधान उन्होंने यही निकाला है कि विदेशों में जाकर गरीब लड़कियों से शादी कर लेते हैं. फिर उन्हें अपने साथ चीन ले आते हैं. हालांकि ऐसी शादियां टूट भी खूब रही है.

पाकिस्तान में गरीब ईसाई लड़कियों से शादी 

ये चीनी पाकिस्तान आकर फटाफट शादी करना चाहते हैं. पाकिस्तान में शादी कराने वाले एजेंट उनकी मुलाकात गरीब ईसाई परिवारों की लड़कियों से कराते हैं, जिन्हें वह शादी के लिए 50 हजार से 60 हजार तक की रकम देते हैं.

 

इन दिनों चीनी लड़के पाकिस्तान आकर गरीब लड़कियां तलाश रहे हैं, ताकि सस्ते में शादी कर सकें

फिर ऐसे पादरी की तलाश की जाती है, जो गैर रजिस्टर्ड चर्च में उनकी शादी करा दे. बदले में पादरी भी 50,000 से लेकर एक लाख रुपए लेता है. सब मिलाकर दो से ढाई लाख में एक चीनी पाकिस्तान आकर अपनी शादी कर लेता है.

चीन में क्यों महंगी हैं शादियां
चीन में ये शादियां बहुत महंगी पड़ती हैं. वहां अब शादी का खर्च तो लड़के वालों को वहन करना ही पड़ता है बल्कि लड़की पक्ष को महंगे गिफ्ट भी देने पड़ते हैं. फिर चीन में आमतौर पर ये परंपरा सी हो गई है कि लड़की वाले उसी लड़के से शादी कराना पसंद करते हैं, जिसके पास अपना फ्लैट हो और अच्छी नौकरी.

पाकिस्तान में इन शादियों का रैकेट चल रहा है
पाकिस्तान में शादी के बाद चीनी युवक फिर वो अपनी नई विवाहिता को लेकर चीन चला जाता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये शादियां चल नहीं पातीं. इसमें छह महीने से लेकर साल भर के बाद ही दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं.

इस पूरे मामले में शादी के एजेंट्स फर्जी सर्टीफिकेट के जरिए भी कई बार शादी कराते हैं और वीजा के लिए झूठ बोला जाता है. हाल ही इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करके पाकिस्तान की फेडरल इनवेस्टिगेटिव एजेंसी (एफआईए) ने सात चीनियों को गिरफ्तार भी किया है.

चीनी दूल्हा और पाकिस्तानी दुल्हन

कुछ मामलों में जो चीनी पुरुष कॉरीडोर से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पाकिस्तान में रह रहे हैं, वो फिर अपनी पाकिस्तानी बीवियों के साथ वहीं रहने लगते हैं. पाकिस्तान में ग्वादर के पास एक पूरा चीनी शहर भी बसाया जा रहा है.

वियतनाम, लाओस और उत्तर कोरियाई लड़कियों से भी शादी 
पाकिस्तान के अलावा चीनी लड़के जहां की लड़कियों से शादी कर रहे हैं, वो वियतनाम, लाओस और उत्तर कोरिया की लड़कियां होती हैं. आमतौर ये वो शादियां होती हैं, जहां चीनी लड़के ना तो बहुत मजबूत आर्थिक बैकग्राउंड के होते हैं और ना ही बहुत अच्छी नौकरियां कर रहे होते हैं.

पाकिस्तानी लड़कियों के साथ चीनी लड़कों की शादी के मामले करीब दो साल पहले शुरू हुए जबकि चीन ने वहां अपना कॉरिडोर बनवाना शुरू किया. आंकड़े बताते हैं कि 2013 से लेकर 2017 तक 91,000 चीनियों को पाकिस्तान आने का वीजा जारी किया गया. 2017 में 12,287 चीनी वीजा पर आए. पिछले दो सालों में 750 से 1000 पाकिस्तानी लड़कियों की शादियां चीनी लड़कियों से हो चुकी हैं.

स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है ‘रोज़ा’

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‘सहर से शाम तक बंदे जो अपनी भूख सहते हैं, ये अपनी इन वफाओं से खुदा को जीत लेते हैं।’ ‘जो प्यासे हलक रब की याद आती है, अदा कुर्बानियों की किस कदर ये रब को भाती है।’ ‘यह रोज़ा रखना बंदो का बहुत महबूब है रब को, ये उनके मुंह की बदबू मुश्क से मरहूब है रब को।’ ‘है एक हथियार यह रोज़ा गुनाहों से हिफाजत का, जरिया यह भी है एक नफ्ज के शर से बगावत का।’

रमज़ान मुबारक का मुसलमान बेसब्री से इंतजार करतेहैं। पूरे साल में यह एक महीना है जब मुसलमान फर्ज नमाजों के साथ ही तरावीह की भी पाबंदी करते हैं। रमज़ान की जितनी फजीलत बयां की जाए कम ही है। रोज़ा जिसे अल्लाह ने अपने बंदों पर अनिवार्य किया है, उसके अंदर बड़ी-बड़ी हिक्मतें और ढेर सारे लाभ हैं। रोज़ा एक ऐसी इबादत है जिसके द्वारा बंदा अपनी प्राकृतिक तौर पर प्रिय और पसंदीदा चीजों (खाना, पीना इत्यादी) को त्याग कर अल्लाह की निकटता और समीप्य प्राप्त करता है। जब रोज़ादार अपने रोज़े के कर्तव्य को अच्छे ढंग से पालन कर ले, तो यह उसके लिए तक़्वा व परहेज़गारी (संयम) का कारण है। अल्लाह तआला ने फरमाया- ऐ ईमान वालों, तुम पर रोज़े रखना फर्ज किया गया है जिस प्रकार तुम से पूर्व लोगों पर अनिवार्य किया गया था, ताकि तुम संयम और भय अनुभव करो।

रोज़ा की हिक्मतों में से एक हिक्मत स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति भी है। जो खाने को कम करने और पाचन प्रणाली को एक निश्चित समय के लिए आराम पहुंचाने के परिणामस्वरूप प्राप्त होता है। क्योंकि इस तरह शरीर को हानि पहुंचाने वाले अवशेष और बेकार तत्व शरीर के अंदर जमने नहीं पाते हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 : प्रियंका गांधी का तंज, ‘जब नाश मनुज पर छाता है..

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हरियाणा के अम्बाला में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अहंकारी हैं, उनके अंदर घमंड कूट-कूटकर भरा है। कांग्रेस महासचिव ने पीएम मोदी की तुलना दुर्योधन से की। उन्होंने कहा कि इस देश ने कभी अहंकार और घमंड को माफ नहीं किया। उन्होंने कहा, “इतिहास इसका गवाह है, महाभारत इसका गवाह है। ऐसा अहंकार दुर्योधन में भी था। दुर्योधन को जब सच्चाई दिखाने के लिए भगवान कृष्ण उन्हें समझाने के लिए गए। तो कृष्ण जी को भी उन्होंने बंधक बनाने की कोशिश की। इसी अहंकार पर राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की कुछ पंक्तियां हैं।

प्रियंका गांधी ने दिनकर की पंक्तिया पढ़ते हुए कहा, “जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। हरि ने भीषण हुंकार किया, अपना स्वरूप-विस्तार किया, डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान कुपित होकर बोले- जंजीर बढ़ा कर साध मुझे, हां, हां दुर्योधन बांध मुझे।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “अपनी समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत पूरे देश से हजारों किसान पैदल चलकर दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन पीएम मोदी ने उन्हें एक मिनट का वक्त तक नहीं दिया। हरियाणा में गन्ना किसानों का बकाया है, किसान परेशान हैं।”

प्रियंका गांधी नो कहा, “प्रधानमंत्री की सच्चाई यह कि वे पाकिस्तान और चीन जाते हैं नेताओं से गले मिलते हैं। लेकिन देश के गरीबों और किसानों से मिलने के लिए उनके पास एक मिनट का वक्त नहीं है। वे गांवों में लोगों से मिलने नहीं जाते उनसे बात हनीं करते।”

प्रियंका गांधी ने कहा, “चुनाव प्रचार में बीजेपी के नेता कभी यह नहीं कहते कि उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरे किए या नहीं। कभी शहीदों के नाम पर वोट मांगते हैं तो कभी मेरे परिवार के शहीद सदस्यों का अपमान करते हैं, लेकिन वे आपकी जरूरतों की बात नहीं करते। यह चुनाव किसी परिवार के बारे में नहीं। यह चुनव उन करोड़ों परिवारों के बारे में है। जिनकी उम्मीदें, जिनकी आशाएं इस सरकार और इस प्रधानमंत्री ने पूरी तरह से तोड़ डाली हैं। यह चुनाव बीजेपी की केंद्र सरकार की उपलब्धियों के बारे में है। ये अपनी नाकामी छिपाने के लिए देश का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “देश की जनता में बहुत विवेक है, यह विवेक नया नहीं है, यह सदियों पुराना विवेक है। इस देश की जनात को आप गुमराह नहीं कर सकते हैं। देश की जनता नेताओं से जवाबदेही मांगती और मांगेगी। कांग्रेस पार्टी मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है।”

प्रियंका गांधी ने कहा, “आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती नौजवानों के लिए रोजगार पैदा करना, किसानों का विकास करना, महिलाओं को सुरक्षित रखकर उनका विकास करवाना है। 2014 में जब बीजेपी की सरकार बनी, बहुत उम्मीदें थी, आशाएं थीं। आपके सामने बड़े प्रचार किए गए। नौवजवानों से हर साल 2 करोड़ रोजगार का वादा किया गया था। पिछले दो सालों में लाखों लोग बेरोजगार हो गए। रोजगार देने की बजाय इनके शासन में लोगों ने रोजगार को खो दिया। मनरेगा को बीजेपी की सरकार ने कमजोर करने का काम किया है। मनरेगा में लोगों को काम देने की बजाय मशीनों से काम कराया जा रहा है।

प्रियंका गांधी ने मंच से नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “नोटबंदी के जरिए कालाधन लाने की बात की थी। लेकिन एक रुपया नहीं आया। नोटंबी के दौरान आप लाइन में लगे। उन्होंने देशभक्ति की बात सिर्फ लोगों तक सिमित रखी। आम लोगों के अलावा कोई दूसार नोटबंदी के दौरान लाइन में नहीं लगा।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा ने कहा, “जब लोगों की शहरों में नौकरियां चली गईं तो वे गांव में आए, लेकिन मनरेगा के तहत उन्हें गांवों में भी काम नहीं मिला। इनके शासन में 24 लाख सरकारी पद खाली रहे, लेकिन भरा नहीं। इन्होंने किसानों से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन इनकी सरकार ने किसनों को कुछ नहीं दिया, उन्हें फसलों के दाम नहीं मिलते। किसान आवारा पशुओं से परेशान हैं और इनकी सरकार मुंह देख रही है।”