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छत्तीसगढ़ : 500 संदिग्ध लोगों से पूछताछ, राजधानी पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान

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रायपुर। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजधानी पुलिस अलर्ट हो गई। शहर के आउटर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित बीएसयूपी कॉलोनियों में अभियान चलाकर चेकिंग की गई। इस दौरान करीब 500 सदिग्ध लोगों से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है। वही मकान मालिकों को हिदायत दी गई कि किरायदारों की सूची थाने में नहीं दोगे तो मकान मालिक के खिलाफ जुर्म दर्ज किया जाएगा।

बता दें कि पुलिस के टीम ने अभियान के दौरान के आरडीए कॉलोनी टिकरापारा, बीएसयूपी कॉलोनी मठपुरैना, बीएसयूपी कॉलोनी पुरानी बस्ती, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, हीरापुर, बीएसयूपी कॉलोनी कबीर नगर, गाजी नगर कॉलोनी एवं शिवानंद नगर खमतराई, नई बीएसयूपी कॉलोनी, दलदल सिवनी एवं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सड्डू , हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेजबहार में की गई आकस्मिक चेकिंग की गई। जिसमें 100 से अधिक संदिग्धों को तस्दीक के लिए लाया गया था। रेड की कार्यवाही में निगरानी बदमाश, गुण्डा बदमाश, चाकूबाज एवं स्थाई वारंटी भी दबोचे गये। थानो में सभी संदिग्ध लोगों का डाटा तैयार किया जा रहा है। वही पुलिस को बिना सूचना दिये किराये पर मकान देने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी। संदिग्धों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ : प्रतिभा खोज परीक्षा में गड़बड़ी, छात्रों ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका

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रायपुर

छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की प्रतिभा खोज परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। पहले ही चरण की परीक्षा अफसरों की लापरवाही से विवादों में फंस गई है। आलम यह है कि यहां एससीईआरटी के चंद अफसरों ने इस परीक्षा में जमकर लापरवाही की। परीक्षार्थियों को बिना मॉडरेट किया हुआ पेपर थमाया गया। मॉडरेशन और प्रकाशन के दौरान इन प्रश्न पत्रों की अनदेखी तो हुई ही, साथ ही परीक्षा के बाद भी अफसरों ने गलती छुपाने के लिए जमकर खेल भी खेल डाला।

बताया जाता है कि गड़बड़ियों को छुपाने के लिए अफसरों ने कइयों के दावा-आपत्तियों को भी शामिल करने में आनाकानी तक की। आखिरकार छात्रों की बार-बार शिकायत और दावा-आपत्ति के बाद एससीईआरटी के अफसरों को मजबूरी में तीन बार लगातार कमेटी गठित करनी पड़ी। 28 गलत सवालों को डिलीट करना पड़ गया। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में गलत सवालों के कारण मेधावियों को न्याय नहीं मिल पाया। लिहाजा तीन परीक्षार्थियों ने एससीईआरटी से ओएमआर शीट निकलवाकर इसे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। मामले में एससीईआरटी को पार्टी बनाया गया है।

छात्रों का आरोप- गलत प्रश्नों को हल करने में फालतू गया समय

छात्रों का आरोप है कि अन्य प्रश्नों को हल करने में भी दिक्कत हुई। टाइम मैनेजमेंट नहीं होने से मेधावियों का भी पर्चा बिगड़ गया। छात्रों को डिलीट हुए सवालों पर बोनस अंक भी नहीं मिल पाया है। प्रश्न पत्र 200 अंकों का पूछा गया था। इनमें हर सवाल मायने रखता है, क्योंकि नेशनल स्तर पर यही परीक्षार्थी देशभर के अन्य परीक्षार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हैं।

गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई तक नहीं

एससीईआरटी में इतनी बड़ी कार्रवाई होने के बाद भी इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे चंद अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले को आखिरी दम तक छिपाते रहे। प्रतिभा खोज की परीक्षा में छात्रों की प्रतिभा को कुचलने का प्रयास इस कदर रहा कि अभी भी छात्र न्याय के लिए भटक रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मॉडरेटर और प्रकाशक को ब्लेकलिस्टेड किया गया है लेकिन इस मामले में परीक्षा की जिम्मेदारी जिन-जिन पर थी, उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया है। मामले में स्कूल शिक्षा सचिव गौरव द्विवेदी ने जांचकर कार्रवाई करने की बात की है।

राज्य स्तर की परीक्षा एससीईआरटी के हवाले

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा दो चरणों में होती है । पहली परीक्षा राज्य स्तर पर एससीईआरटी लेता है। पहले चरण के तहत राज्य स्तरीय परीक्षा से मेरिट सूची के आधार पर 90 से 100 विद्यार्थियों को चुना जाता है। राज्य स्तरीय परीक्षा में जो छात्र सफल होंते हैं उन्हीं को एनसीईआरटी द्वारा आयोजित दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होना पड़ता है। प्रथम चरण की परीक्षा में वे ही छात्र शामिल हो सकते हैं, जो 10वीं क्लास में अध्ययन कर रहे हों। यह परीक्षा चार नवम्बर 2018 को हुई थी। इसमें 14 हजार 193 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। अंतिम चरण की परीक्षा 12 मई 2019 को होनी है।

पहले ही प्रदेश की हालत खराब

एससीईआरटी की लापरवाही से एक बार राज्य से मेधावियों को प्रतिभा खोज परीक्षा में झटका लगा है। बतादें कि इस परीक्षा में पहले से ही प्रदेश के परीक्षार्थियों की स्थिति बेहद खराब है। केंद्र और राज्य सरकार प्रतिभाशाली छात्रों को कई तरह की स्कॉलरशिप मुहैया कराती है। उनमें से ही एक नेशनल टैलेंट सर्च स्कीम के तहत प्रतिभा खोज परीक्षा ली जाती है। जिसके तहत हर साल कक्षा दसवीं में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा ली जाती है।

छत्तीसगढ़ के आंकड़ों को खंगालें तो पिछले सालों में सरकारी स्कूलों से महज 10 से 15 फीसदी विद्यार्थियों का चयन राज्य एवं केंद्र स्तर पर हो पाया है। बाकी अस्सी से 85 फीसदी प्रतिभाएं निजी स्कूलों से हैं। जानकार इसकी वजह सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बेहतर तरीके से न होना बता रहे हैं। यह परीक्षा 10वीं में अध्ययन करने वाले छात्रों दे सकते हैं। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के आधार पर कुल एक हजार छात्रों को अवॉर्ड दिया जाता है। स्कॉलरशिप परीक्षा के परिणाम के आधार पर कुल एक हजार छात्रों को हर माह पांच सौ रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। 1963 से देशभर में प्रतिभा खोज परीक्षा आयोजित की जा रही है।

छत्तीसगढ़ : बीएड वाले भी अब पहली-दूसरी के बच्चों के गुरुजी

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 रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार प्राइमरी और मिडिल के बच्चों को पढ़ाने के लिए डीएड या डीएलएड के बजाय बीएड शिक्षा स्नातकों को भी नियुक्त करने पर विचार कर रही है। दरअसल देश भर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी देखते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने इसके नियमों में संशोधन कर दिया है।

अब जिसने एनसीटीई की ओर से मान्यता प्राप्त संस्थान से शिक्षा स्नातक यानी बीएड की डिग्री अर्जित की है, वे भी कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ाने के लिए शिक्षक नियुक्त हो सकेंगे, लेकिन शर्त यह रहेगी कि ऐसे शिक्षकों को शिक्षक नियुक्त होने के दो वर्ष के भीतर एनसीटीई की ओर से मान्यता प्राप्त प्राथमिक शिक्षा में छह महीने का सेतु यानी ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। एनसीटीई की गाइडलाइन पर शिक्षकों के भर्ती को लेकर विचार किया जा रहा है। यह नियम लागू होने के बाद राज्य के लाखों बीएड बेरोजगार अभ्यर्थियों को अब प्राइमरी-मिडिल की कक्षाओं में भी नौकरी हासिल करने का अवसर मिल सकेगा।

अभी यह था नियम : एनसीटीई के मापदंडों के अनुसार प्राइमरी-मिडिल की कक्षाओं के शिक्षकों को अभी तक डीएड या डीएलएड डिप्लोमाधारी होना जरूरी था। शिक्षक भर्ती परीक्षा में इसी मापदंड के अनुसार कक्षा 12वीं पास और डीएड अथवा डीएलएड डिप्लोमाधारियों को नौकरी दी जाती रही है। अब संशोधित नियमों के अनुसार बीएड वाले भी इन कक्षाओं में पढ़ा सकेंगे। बता दें कि बीएड वाले शिक्षक स्नातक की डिग्री लेने के बाद बीएड करते हैं, लेकिन एनसीटीई का मानना है कि छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्हें बीएड के साथ छह महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य है।

चुनाव के बाद होगी भर्ती : अधिकारिक सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ सरकार लोकसभा चुनाव के बाद शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया पूरी करेगी। राज्य गठन के बाद पहली बार सरकार स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने विज्ञापन जारी कर रखा है। विज्ञापन के मुताबिक शिक्षकों विभिन्न प्रवर्गों में कुल 14 हजार 580 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें रायपुर संभाग में मिडिल में 5441, प्राइमरी में 4 हजार, हाई स्कूलों में 1371 शिक्षकों की भर्ती होगी।

खासकर स्कूलों में सालों से खाली अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कृषि और फिजिकल एजुकेशन के शिक्षकों के पदों को भरा जाएगा। रायपुर संभाग के मिडिल स्कूलों में कुल 910 पद हैं। दुर्ग संभाग में 914, बिलासपुर में 1405, सरगुजा में 1168 और बस्तर संभाग में 1062 पदों पर भर्ती होगी। प्राइमरी स्कूलों में सहायक शिक्षकों के लिए सबसे अधिक 420 पद जगदलपुर में हैं। रायपुर के प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान विषय में करीब 300 शिक्षकों की नियुक्ति होगी। अंग्रेजी में करीब 2000 और मिडिल स्कूलों में गणित विषय के 1500 पद भरे जाएंगे।

जो प्रशिक्षित नहीं, उनकी हो जाएगी छुट्टी : निजी व सरकारी स्कूलों से अप्रैल 2019 से अप्रशिक्षित शिक्षकों की छुट्टी हो जाएगी। सिर्फ वे ही शिक्षक पढ़ा सकेंगे, जो शिक्षा से संबंधित डिग्री या डिप्लोमा, जो कि एक शिक्षक के लिए अनिवार्य है, उत्तीर्ण कर चुके हैं या फिर नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग यानी एनआइओएस के अंतर्गत डीएलएड में अध्ययनरत व अंतिम सेमेस्टर में हैं। जो शिक्षक या शिक्षाकर्मी 12वीं में 50 फीसदी से कम अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें हायर सेकंडरी की परीक्षा राज्य ओपन स्कूल के माध्यम से पास करनी होगा, क्योंकि एनसीटीई द्वारा डीएलएड के लिए अनिवार्य योग्यता हायर सेकंडरी में 50 फीसदी निर्धारित की गई है।

छत्तीसगढ़ : कलेक्टर की गलती से निजी जमीन पर बना दी सड़क, अब मिला ऐसा न्याय

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रायपुर। एक महिला की जमीन पर सड़क निर्माण के मामले में कलेक्टर ने सरकार को गलत जानकारी दे दी। इसलिए महिला को निजी जमीन पर बनाई गई सड़क का मुआवजा नहीं मिल सका है। पटवारी रिकॉर्ड के बी-1 में महिला का नाम दर्ज होने के बावजूद कलेक्टर ने सरकार से कहा था कि महिला के नाम पर जमीन नहीं है। इसलिए प्रकरण को निरस्त किया जाए।

जमीन का यह मामला ठ-र बापा वार्ड के तुलसीनगर का है जहां पर श्रीमती दुर्गा देवी गुप्ता को आपसी बंटवारे में 936 वर्गफीट जमीन मिली थी। उक्त जमीन पर नगर निगम ने 20 साल पहले सड़क निर्माण किया था। लेकिन दुर्गा देवी गुप्ता को मुआवजा नहीं दिया गया। इस मामले को लेकर महिला की ओर से हाईकोर्ट में रिट पिटीशन लगाया गया था जिस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम को आदेशित किया था कि जमीन का मुआवजा दिया जाए या सड़क उखाड़कर उक्त जमीन महिला को वापस लौटाई जाए।

इस पर निगम प्रशासन ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया था। तब हाईकोर्ट ने जमीन लौटाने का आदेश पारित किया था। तब निगम प्रशासन ने कांक्रीट को तोड़कर जमीन का कब्जा लौटा दिया। महिला का कहना है कि उक्त जमीन पर वह मकान नहीं बना सकती। क्योंकि वह आम रास्ता बन गया है और न ही जमीन बेच सकती है। ऐसी स्थिति में उसे केवल मुआवजा दिया जाना चाहिए।

जमीन का कब्जा लौटाने के बाद से तुलसीनगर के हजारों लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये रास्ता बंद होने के बाद आम लोगों को दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसलिए ठ-र बापा वार्ड पार्षद अन्नूराम साहू ने जनहित में महिला को मुआवजा दिलाने और जमीन को यथावत रखने अभियान चलाया है। आम लोगों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन नगर निगम के आयुक्त, पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय और महापौर को भेजा है।

महिला ने जमीन का मुआवजा के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। तब मुख्यमंत्री ने 1 मार्च 2017 को तत्कालीन कलेक्टर ओपी चौधरी को जांच के लिए निराकृत करने लिखा था। कलेक्टर ने बी-1 में नाम देखे बिना ही लिखा था कि जमीन आवेदिका दुर्गादेवी गुप्ता के नाम पर नहीं है। बल्कि उनके रिश्तेदारों के नाम पर है।

इसलिए मुआवजा का प्रतिवेदन समय सीमा से विलोपित करने का आदेश जारी कर दिया था। जबकि दुर्गादेवी को उक्त जमीन खसरा नंबर 645 पहन-107 ग्राम गुढिय़ारी आपसी बंटवारा में मिला था और बी-1 में उनका नाम भी दर्ज है।

कलेक्टर ने यह भी गुमराह किया था कि उक्त जमीन पर नगर निगम द्वारा 20 वर्षो पूर्व सरकारी जमीन मानकर सड;क निर्माण कराया गया था और भू-स्वामियों द्वारा कोई आपत्ति नहीं की गई थी। जबकि भू-स्वामिनी दुर्गा देवी गुप्ता उत्तर प्रदेश में रहती है। रायपुर में उनके भाइयों ने निगम प्रशासन के सामने आपत्ति दर्ज की थी और मुआवजा देने की मांग भी किया था। इस मांग को निगम प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया।

जमीन का मुआवजा महिला को दिया जाए। इसके लिए महापौर, आयुक्त को ज्ञापन दिया गया है। इसी जगह पर पानी का पाइपलाइन बिछाने की स्वीकृति मिली है। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद उक्त जमीन पर कोई काम नहीं किया जा सकता है। इससे हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। – अन्नूराम साहू, पार्षद एवं जोन अध्यक्ष जोन क्रमांक-1, खमतराई

छत्‍तीसगढ़: मौजूदा सांसदों का टिकट कटने से बीजेपी में भूचाल, रायपुर में जुटेंगे सभी सांसद

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छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भाजपा में भूचाल की स्थिति ​बनती नजर आ रही है. मौजूदा सभी दस सांसदों का टिकट काटने की खबर के बाद सांसद बागी तेवर अपना सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सभी दस सासंदों की बैठक रायपुर से बीजेपी सांसद रमेश बैंस के बंगले में होने वाली है. बुधवार शाम (20 मार्च) को करीब चार बजे सांसदों की बैठक होने वाली है. टिकट के दावेदार मौजूदा सांसद बागी तेवर अपना सकते हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, होली मिलन का कार्यक्रम सांसद रमेश बैंस के बंगले में आयोजित होगी. इस सम्मेलन में प्रदेश के सभी दस भाजपा सांसद जुटेंगे. होली मिलन के बहाने टिकट कटने के बाद की स्थिति पर रणनीति बनाई जा सकती है. आशंका जताई जा रही है कि टिकट कटने के बाद ज्यादातर सांसद बागी तेवर अपना सकते हैं.

बता दें कि भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. अनिल जैन दिल्ली में सीईसी की बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में कहा था कि प्रदेश के सभी मौजूदा सांसदों का टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसपर सीईसी ने मुहर लगा दी है. डॉ. अनिल जैन के इस बयान के बाद प्रदेश भाजपा में चर्चाओं का दौर है. इसी बीच सात बार के सांसद रह चुके रमेश बैंस ने अपने बंगले में बैठक बुला ली है.

राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी पर वार : कहा- PM ने 2018 में खत्म कर दीं 1 करोड़ नौकरियां

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को मणिपुर की राजधानी इम्फाल में थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा।

मीडिया रिपोट्स के अनुसाराहुल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। इसके बावजूद उन्होंने 2018 में एक करोड़ नौकरियां खत्म कर दीं। इस हिसाब से 2018 के दौरान रोजाना 30 हजार नौकरियां खत्म हुईं।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एक करोड़ नौकरियां खत्म कर दीं। यह उनकी अक्षमता का स्तर है। मोदी का दो करोड़ नौकरियों का वादा बेतुका और हास्यास्पद है।” राहुल गांधी ने नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी का भी जिक्र किया।राहुल गांधी ने नोटबंदी करने के केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे लोगों की जिंदगी बिखर गई।

देशभर के चौकीदारों से बातचीत में पीएम मोदी बोले- नामदारों की फितरत है कामदारों का अपमान करना

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होली के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोबाइल एप के जरिए देशभर के 25 लाख चौकीदारों से बात की। इस दौरान पीएम ने कहा कि आजकल हर जगह चौकीदारों की ही चर्चा है, चाहे टीवी हो या ट्वीटर, देश हो या विदेश, गांव हो या शहर हर जगह चौकीदार शब्द की ही गूंज है। आज पूरा देश चौकीदार होने की शपथ ले रहा है और कह रहा है। चौकादारों से बातचीत में पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा है।

चौकीदारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सभी में चौकीदार के संस्कार हो। पीएम ने कहा कि चौकीदारों को बदनाम करने की साजिश हो रही है। वहीं एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि सेना पर सवाल उठाने वाले लोगों को देश माफ नहीं करेगा।सभी को देश की सेना पर गर्व है। टुकड़े-टुकड़े गैंग को पहचानना होगा। हमें जीजान लगाकर काम करना है। देश के गरीब किसानों के लिए हमने आर्थिक मदद की है। किसानों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

मैं आप सभी चौकीदारों से माफी मांगता हूं क्योंकि कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए बिना कुछ सोचे-समझे गाली-गलौच करना शुरू कर दिया है और चौकीदार को चोर कह दिया और चौकीदारों की तपस्या के सामने सवालिया निशान खड़ा कर दिया। चौकीदारों के साथ होली मना कर मैं खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने गरीबों की परेशानियों को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं। आयुष्मान योजना ने गरीबों को बीमारी से लड़ने की ताकत दी है, इलाज के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना होगा। जो देश के लिए काम करता है वो चौकीदार है।

पीएम ने कहा कि हमे बहुत आगे बढ़ना है। अपने बच्चों को बहुत बड़ा बनाना है, उन्हें डॉक्टर बनाना है, इंजिनियर बनाना है, सेना का जवान बनाना है, देश का प्रधानमंत्री भी बनाना है। लेकिन हम सबको अपने बच्चों के भीतर चौकीदार के संस्कार को बनाए रखना है।

https://twitter.com/BJP4India/status/1108328131763400704

आचार संहिता का उल्लंघन : रेलवे टिकटों पर अभी भी मोदी सरकार की योजनाओं का प्रचार

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पूरे देश मे लोकतंत्र का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टी के लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी लेकिन रेलवे विभाग रेलवे टिकट के माध्यम से सरकार का खुलेआम प्रचार कर रहा है।

यह टिकट रोजाना हजारों लोगो के हाथों में दी जा रही हैं। रेलवे की टिकट पर मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र है जबकि आदर्श सहिंता लगे हुए कई दिन हो चुके हैं।

फिर भी रेलवे ने अपनी टिकटों को नहीं बदला है। इस बात को लेकर जब सिटी मजिस्ट्रेट रामयक्षभर चौहान से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी हुई तो जिलाधिकारी ने रेलवे विभाग व चुनाव आयोग को पत्र लिखा है, जल्द ही इस पर कार्यवाही की जायेगी।

प्रियंका ने शास्त्री की प्रतिमा को पहनाया माला, भाजपाइयों ने गंगा जल से किया शुद्धिकरण- मारा-मारी भी हुई…

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वाराणसी: आगामी लोकसभा चुनाव से पहले तीन दिवसीय चु’नाव’यात्रा पर निकली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रयागराज से गंगा के रास्ते बुधवार को वाराणसी पहुंचीं। यहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। हालांकि इसके तुरंत बाद ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शास्त्री की मूर्ति का शुद्धिकरण कर दिया।

बताया जाता है कि प्रियंका गंधी शास्त्री की मूर्ति पर माल्यार्पण कर अपने आगले पढ़ाव की ओर बढ़ी ही थी कि वहा गांगा जाल के साथ पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने मूर्ति को जल से धोकर शुद्धिकरण कियाऔर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं प्रियंका के एक कार्यक्रम से इतर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हो गई।

इस दौरान प्रियंका रामनगर पहुंची थी। यहां पहुंचते ही जोरदार हंगामा हुआ और कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी के बीत भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तिखी बहस के साथ हाथापाई भी हुई, जिसकी कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में एंट्री करा कर कांग्रेस पार्टी ने बड़ी चाल चली है। राजनीति में आने के बाद प्रियंका जनता के बीच कांग्रेस की नई तस्वीर पेश करने की कोशिशों में लगी है।

इसी कोशिश के तहत उन्होंने तीन दिन पहले प्रयागराज से जल मार्ग से मिर्जापुर होते हुए वाराणसी पहुंची हैं। इस क्रम में प्रियंका ने करीब 140 किलोमीटर तक का सफर पानी के रास्ते तय कर बुधवार को वाराणसी पहुंची है। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की है।

इसके अलावा प्रियंका प्रयागराज से वारणसी के बीच पड़ने वाले कुछ प्रसिद्ध स्थानों पर ठहर कर समाज के कुछ विशेष वर्ग से आने वाले लोगों के साथ भी मुलाकात की है। अपनी इस यात्रा के क्रम में प्रियंका ने खास तौर पर धार्मिक स्थलों का भी दौरा किया है।

बड़ी खबर : पीएनबी घोटाले का आरोपी भगोड़ा नीरव मोदी लंदन में गिरफ्तार

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पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी लंदन में गिरफ्तार

पीएनबी घोटाले के आरोपी हीरा व्यापारी नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया है। पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी को लंदन पुलिस ने गिरफ्तार किया। 13 हजार करोड़ के पीएनबी स्‍कैम में भारतीय जांच एजेंसियों को नीरव मोदी की तलाश थी।

इससे पहले सोमवार को ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। नीरव मोदी पंजाब नैशनल बैंक से 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का मुख्य आरोपी है।

ये है पीएनबी मामला:

पंजाब नेशनल बैंक ने 14 फरवरी, 2018 को जानकारी दी थी कि उसके ब्रैडी हाउस ब्रांच में 11,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है। बैंक ने नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर 11,500 करोड़ रुपये कर्ज लेकर उसे नहीं चुकाने का आरोप लगाया था। यह कर्ज पीएनबी के लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए लिए गए और इनके आधार पर एक्सिस बैंक और इलाहाबाद बैंक की विदेशी ब्रांचों से भी कर्ज लिया गया था। इस घोटाले के सामने आने के बाद नीवर मोदी और मेहुल चोकसी देश छोड़कर फरार हो गए थे। तभी से भारत को दोनों की तलाश है।