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पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सपरिवार रामलला का दर्शन किया

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रायपुर। प्रदेश की पूर्व धर्मस्व मंत्री एवं रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर सपरिवार  रामलला का दर्शन कर पूजा-अर्चना किया। वे सरयू तट भी पहुंचे और सरयू मैया का दर्शन लाभ लिया। अग्रवाल राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष और मणि रामदास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास से भी मिले और उनका आशीर्वाद लिया। वे कनक भवन भी पहुंचे साथ ही उन्होंने राम मंदिर निर्माण कार्यशाला का अवलोकन भी किया।

नेपाली सेना ने भारत का दावा खारिज किया, ‘येति नहीं, जंगली भालू था’

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 नेपाल ने हिमालय की बर्फीली वादियों में ‘येति की खोज’ को नकार दिया है. नेपाल सेना के प्रवक्‍ता ब्रिगेडियन बिज्ञान देव पांडे ने एक वेबसाइट से बातचीत में कहा कि भारतीय सेना को पैरों के जो निशान मिले, वह ‘येति’ नहीं, भालू के थे. भारतीय सेना ने 29 अप्रैल को ट्वीट कर दावा किया था कि एक पर्वतारोही दल ने 9 अप्रैल 2019 को नेपाल-तिब्‍बत सीमा के मकालू-बरुन नेशनल पार्क में येति (हिममानव) के पैरों के निशान देखे हैं. सेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @ADGPI से पर्वतारोही दल के साथ कुछ तस्‍वीरें भी ट्वीट की गई थीं.

भारतीय सेना ने कहा था कि ‘येति’ के पैर 32×15 इंच चौड़े थे. सेना ने यह भी दावा किया था कि हिममानव को इससे पूर्व केवल यहीं पर देखा गया है. मकालू-बरुन राष्ट्रीय उद्यान नेपाल के लिंबुवान हिमालय क्षेत्र में स्थित है. यह दुनिया का एकमात्र संरक्षित क्षेत्र है जिसमें 26,000 फुट से अधिक उष्णकटिबंधीय वन के साथ-साथ बर्फ से ढकी चोटियां हैं.
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ब्रिगेडियन पांडे ने कहा, “भारतीय सेना की एक टीम ने पैरों के निशान देखे और हमारी टीम उनके साथ थी. हमने तथ्‍य की जांच करने की कोशिश की, लेकिन स्‍थानीय लोगों और पोर्टर्स ने दावा किया कि यह जंगली भालू के पैरों के निशान हैं जो अक्‍सर इस इलाके में दिख जाते हैं.

येति एक वानर जैसा प्राणी है, जो औसत मानव से बहुत अधिक लंबा और बड़ा बताया जाता है. माना जाता है कि यह हिमालय, साइबेरिया, मध्य और पूर्वी एशिया में रहता है. इस प्राणी को आमतौर पर एक किंवदंती के रूप में माना जाता है क्योंकि इसके अस्तित्व का कोई ठोस सबूत नहीं है. इसे लेकर वैज्ञानिकों के बीच भी एक राय नहीं बन पाई है.

Amazon के साथ मिलकर करें कमाई, कई भारतीय बना रहे हैं लाखों में पैसा

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ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनी अमेजन (Amazon) दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुकी है. अब अमेजन भारतीय प्रोडक्ट्स के दम पर ग्लोबल मार्केट में अपनी पहुंच बढ़ा रही हैं. इसका फायदा उन भारतीयों को भी मिल रहा है जो अमेजन  के ग्लोबल मार्केटप्लेस के सहारे सामान बेच रहे हैं. अमेजन भारतीय प्रोडक्ट्स से कमाई की संभावनाओं को भुनाने के लिए अपने ग्लोबल सेलिंग प्रोग्राम (Global Selling program) के जरिए कारोबारियों को बिज़नेस करने का मौका दे रहा है. आइए आपको बताते हैं अमेजन जुड़कर आप कैसे कमाई कर सकते हैं.

इन देशों में बेच सकेंगे सामान-अमेजन से साथ मिलकर भारतीय कारोबारी अपने प्रोडक्ट्स को उत्तरी अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, यूके, जर्मनी, स्पेन, इटली, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रोडक्ट बेच सकते हैं. अमेजन (Amazon) की बेबसाइट के मुताबिक, वर्ष 2015 में लॉन्च किए गए इस प्रोग्राम के तहत भारतीय कारोबारी आसानी से अपने प्रोडक्ट ग्लोबल मार्केट में बेच सकते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2015 में भारत में कुछ सौ सेलर्स के साथ इस प्रोग्राम की शुरुआत हुई थी और यह आंकड़ा 50,000 एक्सपोर्टर्स के साथ 1 अरब डॉलर के स्तर को पार कर चुका है. बता दें कि कंपनी कारोबारियों को टैक्सेशन, इमेजिंग, कैटालॉगिंग, कम्प्लायंस, लॉजिस्टिक आदि में भी मदद करती है.

जानें कैसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
अगर आप अमेजन के इस प्रोग्राम का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको इस लिंक-https://services.amazon.in/services/amazon-global-selling/benefits.html पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. क्लिक करके आपको आपको यहां पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जिसमें आपसे मोबाइल नंबर, प्रोडक्ट डिटेल्स आदि कई जानकारियां देनी होंगी. रजिस्ट्रेशन के 3 स्टेप्स-

1.अपना ग्लोबल अमेजन अकउंट रजिस्टर कराएं

2.अपने प्रोडक्ट की डिटेल दें

3.ग्लोबल मार्केट में प्रोडक्ट बेचना शुरू करें

लाखों लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगे-कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इससे सेलर्स की लाखों-करोड़ों ग्लोबल कस्टमर्स तक पहुंच सुनिश्चित होगी. इसके लिए अमेजन ही आपके प्रोडक्ट्स के लिए कस्टमर सर्विस मुहैया कराएगी. इन आसान स्टेप्स से आप डॉलर, पाउंड और यूरो में कमाई शुरू कर सकते हैं.

अमेजन के ग्लोबल सेलर्स की संख्या में लगातार वृद्धि-अमेजन ने इंटरनेशनल मार्केटप्लेस पर ग्लोबल मार्केट में ऑफर किए जा रहे भारतीय प्रोडक्ट्स के चयन में 55 फीसदी और सेलर्स में 71 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई. दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा 2018 में अमेजन पर सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एक्सपोर्टर्स वाले अग्रणी राज्यों के तौर पर उभरे हैं.

रायबरेली में प्रियंका के सांप से खेलने पर चुनाव आयोग जाएगा PETA

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सांप के साथ खेलती हुई नजर आईं. प्रियंका ने सपेरों से बात की और सांप को अपने हाथ में ले लिया. प्रियंका का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वहीं इस पर जानवरों की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्था (PETA) को प्रियंका के इस वीडियो से आपत्ति है और वह इसके खिलाफ चुनाव आयोग जा सकता है.

पेटा के प्रतिनिधियों का कहना है कि आचार संहिता के मुताबिक जानवरों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. जबकि प्रियंका ने सांपों के साथ प्रचार के दौरान फोटो भी खिंचवाई है. वहीं इस पर कांग्रेस का कहना है कि प्रियंका कोई प्रचार नहीं कर रही थीं, बल्कि सपेरों से मुलाकात कर रही थीं.

बता दें कि रायबरेली में मां सोनिया गांधी के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार कर रही थीं. इसी दौरान हंसा का पुरवा गांव में प्रियंका गांधी ने सपेरों के साथ मुलाकात की. इस दौरान वह सांप को अपने हाथों में लेकर उसके साथ खेलती भी नजर आईं. प्रियंका गांधी को अपने बीच देखकर सपेरों में गजब का उत्साह देखने को मिला.

वहीं इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की ये तस्वीरें काफी चर्चा में हैं. कांग्रेसी प्रियंका में इंदिरा गांधी का अक्स देखते हैं. इंदिरा गांधी की भी शेर और हाथी के साथ तस्वीर चर्चा में रही थी. अब सांपों के साथ खेलती प्रियंका गांधी भी चर्चा में आ गई हैं.

अक्षय कुमार की इन दो फिल्मों को नमो टीवी पर दिखाना चाहती है बीजेपी, EC से मांगी इजाजत

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अक्षय कुमार ने हाल  ही में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू लिया था. अब खबर है कि दिल्ली बीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयोग से नमो टीवी पर अक्षय कुमार की दो फिल्में दिखाने की अनुमति मांगी है. बीजेपी की ओर से अक्षय कुमार की फिल्म ‘पैडमैन’ और ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ को नमो टीवी पर प्रसारित करने की अनुमति मांगी है.

दिल्ली चुनाव निकाय ने अब चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस मामले में जानकारी मांगी है कि क्या यह सेंसर बोर्ड द्वारा पहले से ही प्रमाणित की गई फिल्मों का प्रसारण कर सकती है. दिल्ली चुनाव आयोग ने कहा, हमने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है और जानकारी मांगी है कि जो फिल्म रिलीज हो चुकी हैं, क्या उसे हम प्रमाणित कर सकते है.

चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों ही फिल्मों को सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिल चुका है, ऐसे में चुनाव आयोग की भूमिका इसमें क्या होगी यह देखा जा रहा है.

पैडमैन तमिलनाडु के एक सामाजिक कार्यकर्ता अरुणाचलम मुरुगनाथम के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने कम लागत वाली सैनेटरी नैपकिन मशीन बनाकर ग्रामीण भारत में क्रांति ला दी वहीं टॉयलेट-एक प्रेम कथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान पर आधारित है.

प्रधानमंत्री की ‘राष्ट्रकवि’ पर जानकारी दुरुस्त की कमलनाथ ने

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त के जन्म स्थान को लेकर जानकारी दुरुस्त करते हुए आईना दिखाया है। कमलनाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि राष्ट्रकवि का नहीं, बल्कि माखन लाल चतुर्वेदी का होशंगाबाद से नाता रहा है। माखन लाल चतुर्वेदी का जन्म होशंगाबाद में हुआ, जबकि राष्ट्रकवि का जन्म उत्तर प्रदेश के झांसी के चिरगांव में हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को होशंगाबाद के इटारसी में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और कथित तौर पर सांप्रदायिकता के आरोपों से घिरे जाकिर नाईक पर हमला करते हुए देश विरोधियों के खिलाफ अभियान को जारी रखने की बात कहते हुए कहा था, ‘इसी धरती की संतान राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त ने कहा था, ‘नर हो न निराश करो मन को, कुछ काम करो कुछ काम करो।’ यह देश काम से नाम की तरफ बढ़ने वालों की कद्र करता है, जो मेहनत करता है उसकी कद्र करता है। यही हमारी संस्कृति है, यही हमारे संस्कार हैं।’

प्रधानमंत्री के इस बयान और जानकारी पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर सवाल उठाए और उनकी जानकारी को दुरुस्त किया। इस ट्वीट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा है, ‘आपने होशंगाबाद के इटारसी में अपनी सभा में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जिक्र करते हुए उन्हें होशंगाबाद का बता दिया। जबकि उनका जन्म तीन अगस्त 1886 को उत्तर प्रदेश के चिरगांव में हुआ था, होशंगाबाद के तो पंडित माखन लाल चतुर्वेदी थे। सोचा आपकी जानकारी दुरुस्त कर दूं।’

माखन लाल चतुर्वेदी का होशंगाबाद के बावई में चार अप्रैल 1889 को जन्म हुआ था। उनके नाम पर राजधानी में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय है। चतुर्वेदी को देश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ‘कर्मवीर’ अखबार के संपादक के तौर पर पहचानता है। चतुर्वेदी के जन्म दिन पर बीते माह बावई में विश्वविद्यालय ने बड़ा कार्यक्रम किया था। चतुर्वेदी की कर्मभूमि खंडवा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मैथिली शरण गुप्त को होशंगाबाद का बताए जाने पर जाने माने कवि राजेश जोशी ने कहा, ‘जब किसी को साहित्य और कला की जानकारी नहीं है तो उसे उस विषय पर बोलना ही नहीं चाहिए, राजनेता हैं तो सिर्फ राजनीति की बात करनी चाहिए। कम से कम गलत तो नहीं बोलना चाहिए। मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, उनका भाषण पीएमओ से तैयार होता होगा, ऐसी गलतियां कैसे हो जाती है, समझ से परे है।’

होशंगाबाद के बावई गांव तो बापू महात्मा गांधी भी गए थे। अपनी इस यात्रा पर महात्मा गांधी ने लिखा, ‘मैं बावई जैसे छोटे स्थान पर इसलिए जा रहा हूं, क्योंकि वह माखन लाल जी का जन्म स्थान है। जिस भूमि ने माखन लाल जी को जन्म दिया है, उसी भूमि को मैं सम्मान देना चाहता हूं।’

कहा जाता है कि मैथिली शरण गुप्त और हरिवंश राय बच्चन की काफी नजदीकियां रही हैं। यही कारण है कि अमिताभ बच्चन के नामकरण में गुप्त ने परामर्श दिया था। हरिवंश राय बच्चन अपने बेटे का नाम इंकलाब रखना चाहते थे, मगर गुप्त ने अमिताभ नाम रखने का सुझाव दिया था।

होशंगाबाद के बावई में जन्मे माखन लाल चतुर्वेदी को लेकर पूर्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव गांधी ने एक बार माखन लाल कहकर संबोधित किया तो सियासत में हंगामा मच गया था। तब तमाम लोगों ने कहा था, देश के प्रधानमंत्री को ही एक सेनानी का पूरा नाम नहीं पता। अब वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा होशंगाबाद को राष्ट्रकवि की जन्मस्थली बताए जाने पर सियासी पारा चढ़ रहा है।

होशंगाबाद और राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव कस्बे के बीच दूरी 400 किलोमीटर से ज्यादा की है। दोनों समकालीन रहे हैं। चतुवेर्दी का जन्म 1889 को तो गुप्त का जन्म 1886 में हुआ था। वहीं एक अन्य मशहूर कवि भवानी प्रसाद मिश्र का नाता जरूर होशंगाबाद के बावई से रहा है।

केरल के संस्थान ने नए सत्र से परिसर में चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगाया

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केरल में मुस्लिम एजुकेशनल सोसायटी (एमईएस) ने आगामी 2019-20 सत्र से चेहरा ढकने वाले सभी पहनावे पर प्रतिबंध लगा दिया है।

एमईसी का मुख्यालय कोझिकोड में है और यह 150 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को चलाता है। संस्थान ने एक सर्कुलर जारी कर राज्य में आगामी 2019-20 के शैक्षणिक सत्र से अपने परिसरों में चेहरा ढकने पर पाबंदी लगा दी है।

एमईएस अध्यक्ष फजल गफूर ने इस सर्कुलर को अप्रैल में जारी किया था और इसके सभी शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों द्वारा इस नियम का कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए थे।

गफूर ने मीडिया से कहा, ‘किसी भी विवाद की जरूरत नहीं है क्योंकि सुर्कलर में बताया गया है कि ड्रेस कोड मर्यादित होना चाहिए और चेहरा को ढका नहीं होना चाहिए। यह हमारा विचार है और इसे लागू किया जाएगा।’

1964 में स्थापित एमईएस 150 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को संचालित करता है।

हालांकि मुस्लिम संगठन समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष सैयद मुहम्मद जिफरी थंगल ने कहा कि ये सब धार्मिक मुद्दे हैं।

थंगल ने कहा, ‘एमईएस धार्मिक मुद्दे पर निर्णय नहीं ले सकता और जो उन्होंने किया है, वह सही नहीं है।’

मैंने प्रधानमंत्री से किसी तरह की मांफी नहीं मांगी है, फिर से कहता हूं, चौकीदार चोर है- राहुल गांधी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर चौकीदार चोर का है का नारा देने वाला राहुल गांधी ने एक बाऱ फिर से कहा है कि चौकीदार चोर हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस नारे की वजह से फटकार लगाई थी, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में इस नारे को लेकर माफी मांगी थी। राहुल गांधी के माफी मांगने के बाद से ही भाजपा के नेता उनपर निशना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि राहुल को पीएम मोदी के खिलाफ नारे की वजह से माफी मांगनी पड़ी। लेकिन राहुल गांधी ने एक बार फिर से इस नारे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह फिर से यह नारा लगाएंगे।

मैंने नारा वापस नहीं लिया है

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कतई अपने नारे को वापस नहीं लिया है। मैंने कतई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी नहीं मांगी है। मैंने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कुछ गलत कहा था, उसके लिए मैंने कोर्ट में माफी मांगी है, मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कतई कोई माफी नहीं मांगी है। अगर आप सुनना चाहते हैं तो मैं कहता हूं कि चौकीदार चोर है, मैं यह फिर से कहना चाहता हूं, चौकीदार चोर है। मैंने चुनावी रैली में गलती से सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कह दिया था कि चौकीदार चोर है, इसके लिए मैंने माफी मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट से इस वजह से मांगी माफी

एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने लोगों से चौकीदार चोर है का नारा लगाया। उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि मैंने पीएम से माफी मांगी है तो गलत है, मैंने कोर्ट के हवाले से यह नारा दिया रैली के दौरान जोश में दे दिया था, जोकि गलत है और उसके लिए मैंने माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि मैं फिर से कहता हूं कि चौकीदार चोर है और देश के लोगों को यह पता है कि राफेल डील में चोरी हुई है।

सबसे बड़ा मुद्दा नौकरी, अर्थव्यवस्था

राहुल ने कहा कि भारतीय चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा नौकरी और अर्थव्यवस्था है। राहुल गांधी से जब पूछा गया कि क्या आप देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो राहुल ने कहा कि यह मैं कतई नहीं कह सकता हूं, यह पूरी तरह से देश के लोगों पर निर्भर है। देश के लोग जो फैसला लेंगे उसे मैं स्वीकार करूंगा। मैं इस तरह की सोच पर भरोसा नहीं करता कि मेरे आने से पहले हाथी सो रहा था। मुझे देश के लोगों की बुद्धिमत्ता पर 100 फीसदी भरोसा है। मैं लोगों के फैसले को स्वीकार करुंगा।

आखिर किसने चक्रवात का नाम फोनी रखा? कैसे बना यह खतरनाक तूफान?

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भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक कि दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव वाला क्षेत्र पिछले शनिवार को एक चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ में तब्दील हो गया जो आगे ”गंभीर चक्रवाती तूफान” में तब्दील हो गया. चक्रवात फोनी वर्तमान में पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और पास के दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है. बांग्लादेश के सुझाव पर तूफान का नाम ‘फोनी’ रखा गया है.

इस बीच चक्रवात फोनी सुबह साढ़े पांच बजे गोपालपुर से करीब 65 किलोमीटर और पुरी से 80 किलोमीटर दूर पहुंच गया है और उसके शुक्रवार पूर्वाह्न तक ओडिशा तट पर पहुंचने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के चक्रवात चेतावनी मंडल ने बताया कि अत्यधिक प्रचंड चक्रवात फोनी जब तट पर पहुंचेगा तो 200-230 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है. एक अधिकारी ने कहा, ”हमारी ताजा जानकारी के अनुसार सुबह साढ़े पांच बजे चक्रवात फोनी गोपालपुर से 65 किलोमीटर और पुरी से 80 किलोमीटर दूर था.” विभाग ने बताया कि चक्रवात 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है.

फोनी सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचेगा ओडिशा तट पर
तटीय ओडिशा में चक्रवात फोनी की वजह से बारिश और तेज हवाएं चलने के बीच राज्य सरकार ने 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा और लोगों से शुक्रवार को घरों में रहने की सलाह दी. यह तूफान पुरी के पास सुबह साढ़े नौ बजे दस्तक देगा. अत्यंत प्रचंड च्रकवात ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है और यह अनुमानित समय दोपहर बाद तीन बजे से बहुत पहले ही सुबह में तटीय क्षेत्र से टकराएगा.

राज्य के मुख्य सचिव ए पी पधी ने कहा कि चक्रवात के धार्मिक नगरी पुरी के बेहद करीब शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचने की आशंका है और इसके यहां टकराने की पूरी प्रक्रिया चार-पांच घंटे की होगी. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान घरों के अंदर ही रहें और कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं.

इस बीच, नई दिल्ली मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय तटरक्ष बल और नौसेना ने भी राहत इंतजाम में अपने पोत और कर्मियों को तैनात किया है. तट रक्षक बल ने ट्वीट कर कहा कि चक्रवाती तूफान फोनी को देखते हुए 34 राहत दलों और चार तटरक्षक पोतों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है.

नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने दिल्ली में कहा कि भारतीय नौसेना के पोत सहयाद्री, रणवीर और कदमत को राहत सामग्री तथा चिकित्सा दलों के साथ तैनात किया गया है, जिससे वे चक्रवात के तटीय इलाके से गुजरने के फौरन बाद राहत कार्य शुरू कर सकें. इस बीच, नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं से चक्रवात प्रभावितों की मदद करने को कहा है.

कार चलाते हुए पिता को आया हार्ट अटैक तो मासूम बेटे ने ऐसे दिखाई समझदारी

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कर्नाटक के टुमकारू में कंपनी से दुकान में प्रेशर कूकर डिलीवर करने वाले शिवकुमार को लोडिंग कार चलाते हुए हार्ट अटैक हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना दोपहर 12 बजे की है जब शिवकुमार को हार्ट अटैक हुआ। इस दौरान गर्मियों की छुट्टियों के चलते स्कूल जाने की जगह पिता के साथ काम पर जाने वाला उनका 10 साल का बेटा पुनीर्थ भी उनके साथ था।

कार चलाते पिता को हार्ट अटैक होते ही बच्चे ने दिखाई समझदारी

97 किलोमीटर कार चला चुके शिवकुमार को जैसे ही हार्ट अटैक हुआ, उनके बेटे ने तुरंत इस बात को समझ लिया। बच्चे ने समझदारी दिखाते हुए स्टीरिंग व्हील के एक तरफ घुमा कर किसी तरह कार को रोका। ऐसा करने से उसने खुद के भी गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार होने से बचाया।

कार में अकेला बैठ बिलख रहा था मासूम

कार के एक तरफ सुरक्षित कर पुनीर्थ ये समझ चुका था कि उसके पिता की मौत हो गई है। वह कार के भीतर ही पिता के बगल में बैठकर अकेला बिलखकर रो रहा था। पुनीर्थ का छोटा भाई नरसिम्हाराजू अभी इतना छोटा है कि वह पिता की मौत को समझ भी नहीं सकता। शिवकुमार की पत्नी मुनीरथनम्मा एक गारमेंट फैक्टरी में काम करती है। रिश्तेदारों को अभी तक मुनीरथनम्मा को ये दुखद खबर देने की हिम्मत नहीं हो सकी है।

 

काम से प्यार करता था शिवकुमार

दर्गादहल्ली का रहने वाला शिवकुमार अपनी विधवा सास की देखभाल के लिए अलालासांड्रा गांव में रहने लगा था। शिवकुमार के पड़ोसी ने बताया कि शिवकुमार काम के प्रेम करने वाला मेहनती इंसान था। अचानक उसकी मौत हो जाना और पीछे परिवार को छोड़ जाना दुखद है।