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विडिओ : कीमत जानकर रह जाएंगे हक्के-बक्के, दुनिया की सबसे महंगी एकलौती लग्ज़री कार

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स्विट्ज़रलैंड: लग्ज़री गाड़ियों का शौक किसे नहीं होगा, आए दिन सोशल मीडिया पर आने वाली कारों की तस्वीरें एक्साइटमेंट बढ़ा देती हैं. कार के दीवानों के लिए गाड़ियों के नए-नए मॉडल्स को देखना और अपनी पसंद की गाड़ी खरीदने से ज्यादा खुशी देने वाली चीज़ और कोई नहीं. ऐसे ही दीवानों के लिए एक नई कार मार्केट में हाल ही में आई है, जो आते ही बिक गई. क्योंकि इस गाड़ी का दूसरा पीस बनाया ही नहीं.

ये गाड़ी है बुगाती (Bugatti) की ला वेच्यू नुआ ‘La Voiture Noire’, जिसे स्विट्ज़रलैंड में हुए 89वें जेनेवा इंटरनेशनल मोटर शो (International Motor Show) में शोकेस किया गया.

ला वेच्यू नुआ ‘La Voiture Noire’ एक फ्रेंच शब्द है, जिसका मतलब है ‘द ब्लैक कार’ (The Black Car). बुगाती ने इस गाड़ी का सिर्फ एक ही मॉडल बनाया, जिसे 18.9 मिलियन डॉलर (करीब 132 करोड़ रुपये) में बेच भी दिया.

ला वेच्यू नुआ ‘La Voiture Noire’.

दुर्भाग्य से, जीन की ये गाड़ी दूसरे विश्व युद्ध (Second World War) में खो गई थी. उसके बाद से सिर्फ 57एससी अटलांटिक (57SC Atlantic) के 3 ही मॉडल बचे, जिसे आज भी सबसे कीमती विंटेज गाड़ियों में गिना जाता है.

बुगाती (Bugatti) की इस गाड़ी की 4 खास बाते हैं – W16 8-लिटर 16- सिलेंडर ईंजन, जिससे 1,479 हॉर्सपावर और 1,180 पाउंड-फीट का टॉर्क रफ्तार मिलती है.

 

https://twitter.com/Bugatti/status/1102863823633965057

वेनेजुएला में बिजली आपूर्ति ठप, डायलिसिस के 15 मरीजों की मौत

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वेनेजुएला में बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण किडनी की बीमारी से पीड़ित 15 लोगों का डायलसिस नहीं हो पाने से उनकी मौत हो गयी. स्वास्थ्य अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन कोडेविडा के निदेशक फ्रांसिस्को वालेंसिया ने कहा, ‘कल और आज के बीच डायलसिस नहीं हो पाने के कारण 15 लोगों की मौत हो गयी.’

उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों की किडनी खराब हो गयी हैं, वे मुश्किल स्थिति में हैं. हम करीब 95 प्रतिशत डायलसिस इकाइयों की बात कर रहे हैं, जो विद्युत संकट के कारण बंद हो गयीं. आज इनकी संख्या 100 फीसदी पहुंचने की आशंका है.’

इस बीच, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शनिवार को दावा किया कि एक नये ‘साइबरनेटिक्स’ हमले के कारण प्राधिकारियों को बिजली आपूर्ति बहाल करने में मुश्किलें पेश आयी. मादुरो ने काराकस में समर्थकों को बताया कि करीब 70 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गयी थी, तभी ‘उचित तरीके से काम कर रहे’ एक जनरेटर पर एक और साइबरनेटिक्स हमला हुआ और जो सफलता मिली थी, उस पर पानी फिर गया.

इस बीच, वेनेजुएला में विपक्ष के नेता जुआन गुइदो ने शनिवार को लोगों से देशभर में जुलूस निकालने का आह्वान किया और हजारों लोग सड़कों पर उतर आये. उल्लेखनीय है कि गुइदो, मादुरो को सत्ता से बेदखल की कोशिशों में जुटे हैं और स्वयं को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर चुके हैं. गुइदो को अमेरिका समेत 50 देशों का समर्थन प्राप्त है.

होली की बिहार में खास हैं अल्हड़ परंपराएं

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देश भर के परंपराओं को देखें तो होली वर्षारंभ की उत्सवी दस्तक है. पुरानी वस्तुओं के ढेर को जलाने की जो कथा है, उससे अलग इसकी परंपरा अत्यंत गहरी है और गेहूं की बालियों को उसकी आग में भून कर लाना-उसका स्वाद चखना भी उसी का हिस्सा है.

इन तमाम परंपराओं से अलग बिहार की होली राष्ट्रीय परंपराओं का एक मिश्रित और सम्मिलित रूप है जो यहां के गायन से लेकर उत्सवी रंग ढंग में दिखता है. मिथकीय कथाओं के अनुसार पिता हिरण्य कश्यप और उनके बेटे भक्त प्रह्लाद के बीच युद्ध की चरम स्थिति, होलिका द्वारा प्रह्लाद को लेकर अग्नि में प्रविष्ट होना और प्रह्लाद का वहां से बच निकलने की खुशी का ही प्रतीक होली है. इसी कहानी में आगे भगवान श्रीकृष्ण आते हैं और होली का गायन उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमता है.

ब्रजभाषा का गायन व मगध क्षेत्र का धमाल

बिहार में जिन शैलियों में होली का गायन है उसमें ब्रजभाषा का गायन और मगध क्षेत्र का धमाल है. गायन होली में दल सवाल और उत्तर गाते हैं. सवाल और उलाहने गोपियों के होते हैं और उत्तर गोपाल के होते हैं. इस परंपरा में वाद्य गायन का साथ देता है और गीत की प्रधानता तो होती ही है, राग अपनी लय से आगे बढ़ता चलता है. अंत में राग अपनी लय के साथ ही विराम तक पहुंचता है. धमाल में गायन तुरंत ही चरम पर पहुंचता है और अंत में अचानक ही उसकी परिणति आती है. होली की इस गायन शैली में राग शिखर पर ही बना रहता है. गायन की परंपरा मिथिला के क्षेत्र में है तो धमाल मगध क्षेत्र की. भोजपुरी में दोनों का मिश्रित रूप है लेकिन उसपर धमाल हावी है.

पटोरी में आज भी ‘छाता होली’ का प्रचलन
बिहार के समस्तीपुर जिले के भिरहा और पटोरी गांव में परंपरागत रूप से होली की खासियत बरकरार है. भिरहा में झरीलाल पोखर में गांव के विभिन्न टोलों के लोग पहुंच जाते हैं. वे सभी लोग पोखर में ही विभिन्न रंगों को घोल कर एक साथ स्नान करते हैं. ढोल, मंजीरे के साथ जुलूस की शक्ल में होलिका दहन करने सारे ग्रामीण उसी तालाब के पास आते हैं. पटोरी में आज भी ‘छाता होली’ का प्रचलन है. पटोरी तथा इसके आसपास के क्षेत्र के लोग यहां होली के दिन इकट्ठा होते हैं, सभी के हाथों में छाता होता है. इस दौरान लोग एक-दूसरे को रंगने की कोशिश करते हैं जबकि लोग रंग से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करते हैं, इस दौरान होली के गीत गाये जाते हैं.

बिहार : जयमाला के दौरान स्टेज पर शराब के नशे में दूल्हे ने दुल्हन व उसकी सहेलियों के साथ ये काम, फिर…

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 बिहार के सारण में तरैया थाना क्षेत्र के छपिया गांव में छपरा से आयी बरात बिन दुल्हन के लौट गयी. जानकारी के अनुसार छपिया गांव निवासी त्रिभुवन साह की पुत्री की शादी छपरा के 51 नंबर ढाला मगाही डीह निवासी शिवपूजन साह के पुत्र बबलू कुमार के साथ तय हुई थी. शुक्रवार को त्रिभुवन साह के यहां गाजे-बाजे के साथ बरात पहुंची. द्वारपूजा की रस्म हुई. उसके बाद जयमाला के दौरान दूल्हे ने स्टेज पर जयमाला को तोड़ दिया और दुल्हन व उसकी सहेलियों के साथ अभद्र व्यवहार किया. यह सब कन्या पक्ष वालों को बुरा लगा. कन्या पक्ष वालों ने जब दूल्हे से बातचीत की तो दूल्हा नशे में चूर था. उसके बाद भी कुछ लोगों ने समझा-बुझाकर आंगन में वरनेत की रस्म करायी. शादी के लिए जब दूल्हे को आंगन में बुलाया गया तो महिलाओं ने जब नजदीक से बात की तो नशे के कारण ठीक ढंग से बात नहीं करने के कारण दुल्हन ने शादी से इन्कार कर दिया. इस पर कन्या पक्ष वालों ने दूल्हे को बंधक बनाकर वर पक्ष वालों से उपहार में दिये गये सभी सामान वापस करने की मांग की.

वहीं, नशे में चूर दूल्हे की खबर जैसे ही बरात के जनमासे में पहुंची तो बराती धीरे-धीरे कर खिसक गये. दूल्हे के नशे में रहने के कारण शादी से इन्कार करने के मामले में जनप्रतिनिधियों ने शनिवार को दोनों पक्षों की बातों को सुनकर व समझकर सुलह का रास्ता निकाला. कन्या पक्ष द्वारा तिलक में उपहार स्वरूप दी गयी बाइक, रंगीन टीवी, अलमारी, पलंग, बरतन समेत सभी सामान को वर पक्ष ने लौटाया और वर पक्ष द्वारा वरनेत में चढ़ाये गये गहनों को कन्या पक्ष ने वापस किया.

मुखिया प्रतिनिधि सुनील चौरसिया, सरपंच प्रतिनिधि साबिर हुसैन समेत दोनों पक्षों के बुद्धिजीवियों की मध्यस्थता के बाद कागजी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद शनिवार को दोपहर में दूल्हे को मुक्त किया गया. उसके बाद छपिया से बिन दुल्हन की बरात लौट गयी.

नज़रिया : पुलवामा हमले के बाद प्रियंका गांधी की चुप्पी के मायने

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उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के 11 उम्मीदवारों की लिस्ट आई तो कार्यकर्ताओं से लेकर पत्रकारों की निगाहें लिस्ट में प्रियंका गांधी के नाम को खोज रही थीं.

माना जा रहा था कि ख़राब स्वास्थ्य की वजह से सोनिया गांधी रायबरेली से चुनाव नहीं लड़ेंगी और उनकी जगह प्रियंका गांधी वाड्रा चुनावी समर में कूदेंगी.

लेकिन कांग्रेस की पहली लिस्ट में प्रियंका का नाम नहीं है.

रायबरेली से सोनिया गांधी और अमेठी से राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के पुराने दिग्गज अपनी-अपनी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं.

2014 की मोदी लहर में कांग्रेस रायबरेली और अमेठी ही बचा पाई थी.

प्रियंका कांग्रेस की मजबूरी?

इसी साल जब प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा हुई थी तो क़यास लगाए जा रहे थे कि वो विपक्षी पार्टियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनेंगी.

जानकार मानते हैं कि प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाना कांग्रेस की मजबूरी भी थी.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में गठबंधन की घोषणा ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थी.

उत्तर प्रदेश की इन पार्टियों ने देश की इस सबसे पुरानी पार्टी को नज़रअंदाज़ किया. ऐसे में कांग्रेस के सामने विपक्ष के रूप में सिर्फ़ बीजेपी नहीं, बल्कि उनके पुराने सहयोगी भी थे.

सपा और बसपा से मिले इस सबक से कांग्रेस ने शुरुआत में उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है. हालांकि उन्होंने अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन की ओर इशारा भी किया है.

प्रियंका गांधी के आगमन से एक बार फिर न केवल कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त उत्साह आया, बल्कि मीडिया में भी कांग्रेस फिर से ख़बरों से आ गई.

ख़ास तौर से जब प्रियंका गांधी को जिस क्षेत्र की ज़िम्मेदारी दी गई यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश वहां पर उनका सीधा मुक़ाबला नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ से है.

साथ ही कांग्रेस ने सपा-बसपा गठबंधन को भी इशारा किया वो उन्हें हल्के में ना लें.

प्रियंका का उत्तर प्रदेश दौरा

प्रियंका गांधी ने पार्टी दफ़्तर में आने के बाद ज़ोर-शोर से काम शुरू किया. उनका चार दिन का उत्तर प्रदेश दौरा मीडिया की सुर्खियों में रहा.

राजनीति में औपचारिक एंट्री के बाद लखनऊ के पहले दौरे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने चार दिन और पांच रातों के दौरान पार्टी के चार हज़ार से अधिक कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की.

जिस दिन प्रियंका मीडिया से बात करना चाहती थीं उसी दिन पुलवामा में हमला हो गया. तब प्रियंका गांधी ने मीडिया के सामने कहा कि ये समय राजनीति की बात करने का नहीं है. उसके बाद प्रियंका ख़बरों की सुर्खियों से ग़ायब हो गईं.

कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि देश में जब-जब संकट के बादल छाए हैं तब-तब कांग्रेस ने राजनीति छोड़ कर देश हित में काम करती है.

पुलवामा हमले के वक़्त प्रियंका गांधी का राजनीति पर बात न करना इस बात को दर्शाता है कि वो राजनीतिक रूप से परिपक्व हैं.

हालांकि कांग्रेस ने इस बहाने बीजेपी पर भी निशाना कसा था कि जब देश में गंभीर हमला हुआ तब बीजेपी के शीर्षस्थ नेता प्रचार में लगे रहे.

कार्यकर्ताओं से नज़दीकी

शुरू से माना जाता है कि प्रियंका गांधी कार्यकर्ताओं में काफ़ी लोकप्रिय हैं. कांग्रेस के ज़्यादातर नेता जब कार्यकर्ताओं से बात करने के बजाय उनको निर्देश देने में लगे रहते हैं, प्रियंका गांधी उनके साथ बैठ कर उनकी बातें सुनती हैं.

कार्यकर्ताओं के ज़रिए वो ज़मीनी हक़ीक़त तो पता करती ही हैं साथ ही उनका मनोबल बढ़ाने के दौरान उनकी बातें सुनती हैं और साथ फ़ोटो खिंचवाती हैं.

छोटे दल और असंतुष्टों पर नज़र

कार्यकर्ताओं को समय देने के साथ-साथ उन्होंने अलग-अलग पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को अपनी तरफ़ जोड़ना शुरू किया. इस कड़ी में पहला नाम महान दल के नेता केशव देव मौर्य का है.

केशव देव मौर्य पहले बहुजन समाज पार्टी में थे और उनकी पैठ कुशवाहा, निषाद, नाई, राजभर समाज में है जो कि पिछड़ों में यादवों के बाद सबसे बड़ी आबादी हैं.

इसी कड़ी में बीजेपी की बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले को भी कांग्रेस के साथ जोड़ लिया.

दलित नेता की पहचान रखने वालीं फुले क़रीब एक साल से ज़्यादा समय से बीजेपी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाती रही हैं. उन्होंने बीजेपी को ‘दलित विरोधी’ भी क़रार दिया था.

पिछले साल दिसंबर में उन्होंने बीजेपी पर समाज में बंटवारे की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था.

सावित्री बाई फुले के साथ ही समाजवादी पार्टी के नेता और फतेहपुर से पूर्व सांसद राकेश सचान भी कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

कांग्रेस के लिए इन दोनों नेताओं को अपने साथ करना उनकी बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है.

जानकारों का मानना है कि अपने-अपने इलाक़े में अच्छी पैठ वाले नेताओं को जोड़ने से कांग्रेस के वोटों में इज़ाफ़ा होगा.

कांग्रेस में हर सीट पर समन्वयक

इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए सभी सीटों पर समन्वयक की तैनाती कर दी है.

मैदान में उतारने से पहले इन समन्वयकों को कम्प्यूटर से लेकर चुनाव प्रबन्धन आदि की ट्रेनिंग दी गई है.

अमेठी, रायबरेली की तर्ज़ पर नियुक्त पार्टी के ये समन्वयक अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव और पार्टी नेताओं से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर नज़र रखेंगे.

ऐसा प्रयोग मध्य प्रदेश में हो चुका है.

समन्वयकों की तैनाती में युवाओं और एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में रहे नेताओं को तरजीह दी गई है.

इनकी सीधी रिपोर्टिंग प्रियंका गांधी को होगी. ये समन्वयक प्रियंका की आंख और कान होंगे.

प्रियंका के चुनावी अभियान की टीम

अपने चुनावी अभियान को गति देने के उद्देश्य से प्रियंका गांधी ने प्रोफ़ेशनल लोगों की एक टीम गठित की है. इसमें रॉबिन शर्मा सलाहकार की भूमिका निभाएंगे.

रॉबिन प्रशांत किशोर की अगुवाई वाले सिटीजन फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस (सीएजी) के को-फाउंडर हैं और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (आई-पीएसी) से जुड़े हैं.

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी की ‘चाय पे चर्चा’ के पीछे रॉबिन शर्मा का ही दिमाग़ था.

इसके अलावा 2015 के बिहार चुनाव में नीतीश कुमार की ‘हर घर नीतीश, हर मन नीतीश’ नाम से निकाली गई साइकिल यात्रा और 2017 के उत्तर प्रदेश के चुनाव में राहुल गांधी के ‘खाट सभा’ अभियान के पीछे भी रॉबिन शर्मा ही थे.

कांग्रेस की रणनीति

कांग्रेस प्रियंका और ज्योतिरादित्य से बड़ी रैली करवाने के बजाय नुक्कड़ सभा, मोहल्ला सभा, चौपाल और रोड शो में ज़्यादा ध्यान देना चाहती है.

कांग्रेस का मानना है कि बड़ी सभाओं के बजाय छोटे प्रोग्राम कर क़रीब से और पुख्ता तरीक़े से अपनी बात जनता के बीच रखी जा सकती है.

प्रियंका वैसे भी बड़ी रैलियों के बजाय छोटी-छोटी सभाओं को पसंद करती है.

प्रियंका का रोड शो का रूट ऐसा रखा जाएगा ताकि एक लोकसभा क्षेत्र का ज़्यादा-से-ज़्यादा हिस्सा कवर हो जाए.

हालांकि 14 फ़रवरी के बाद से देश की राजनीति में काफ़ी परिवर्तन आया है.

पुलवामा हमला और उसके बाद भारत सरकार की जवाबी कार्रवाई को बीजेपी ने अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश की है.

जानकारों का मानना है कि किसी भी देश में सुरक्षा से ज़्यादा कोई बड़ा मसला नहीं होता. यही वजह है कि रफ़ाल, बेरोज़गारी और किसान जैसे मुद्दे एकदम पीछे हो गए.

वैसे भी बालाकोट के हवाई हमले को बीजेपी राजनीतिक रूप से लगातार भुना भी रही है.

ऐसे में कांग्रेस क्या रणनीति अपनाएगी यह काफ़ी अहम होगा.

जाने हड्डियाँ कमजोर करता है या वजन कम करता है, सुबह उठकर इस तरीके से लें नींबू पानी

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इसको सुबह – सुबह पिने से आपके पेट में अगर चर्बी है तो वो भी चली जाती है | बहुत सारे लोग इसे सुबह-सुबह बना कर पीते है | लेकिन अगर आप डाइट पे है और आप इसे अपनी चर्बी को काम करने के लिए पीते है तो उसमे थोड़ा सा निम्बू के रस का मात्रा ज्यादा कर दे और चीनी थोड़ा कम डाले |

सामग्री:-

 

  • पानी: 500 ग्राम
  • निम्बू: 2
  • चीनी पाउडर:150 ग्राम
  • नमक: 1/2(आधा) चम्मच
  • काला नमक:1(आधा) चम्मच
  • जीरा पाउडर:1/2(आधा) चम्मच (भुना हुआ)
  • बर्फ के टुकड़े(ice cube): 4 पीस

 

बनाने की विधि:-

  1. सबसे पहले निम्बू को दो भागो में काट ले |
  2. फिर एक बड़े कटोरे में निम्बू क रस को निचोड़ कर डाल दे | (एक ग्लास निम्बू पानी बनाने के लिए हमें आधा कटा हुआ निम्बू का पिस लग जाता है)
  3. फिर उसमे चीनी, काला नमक, जीरा पॉवडर और सदा नमक डाले |
  4. और उसमे बिना पानी डाले हुए मिलाये |
  5. चीनी धूल जाने पे उसमे पानी डाले और और उसे अच्छे से मिला दे |
  6. और फिर उसे ग्लास में निकालें और उसमे थोड़ा सा आइस क्यूब डालकर उसपे निम्बू के टुकड़े से सजा दे | और हमारी निम्बू पानी बनाकर तैयार हो गयी गई |
  7. और उसे उसी टाइम जल्दी से लोगो को पिला दे या खुद निम्बू पानी पीकर अपनी प्यास बुझाये |

अगले दो हफ्ते में मिल जाएंगे 8 अरब रुपये, ‘कंगाल’ पाकिस्‍तान को ये दो देश दे रहे हैं बड़ा लोन

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आर्थिक मोर्चे पर काफी पीछे चल रहे पाकिस्‍तान को अगले दो हफ्तों में कुछ राहत मिलने की उम्‍मीद है. कंगाली से जूझ रहे पाकिस्‍तान के विदेश मुद्रा भंडार को अगले दो हफ्तों में 4.1 डॉलर मिलने वाले हैं, जिससे उसे थोड़ी राहत मिल सकती है. पाकिस्‍तान के वित्त मंत्री असद उमर ने शनिवार को कहा कि अगले दो हफ्तों में लगभग 4.1 बिलियन डॉलर (पाकिस्‍तानी मुद्रा में 8 अरब 18 करोड़ 55 लाख 20 हजार 850 रुपये) की आमद होगी, जिसके बाद स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 12 बिलियन डॉलर हो जाएगा. हालांकि यह राशि लोन के रूप में पाकिस्‍तान को मिलेगी, जिसका बकायदा ब्‍याज उसे चुकाना होगा.

पाकिस्‍तानी समाचार पत्र डॉन की वेबसाइट में प्रकाशित खबर के अनुसार, पाकिस्तान व्यापार परिषद (PBC) द्वारा आयोजित “फाइनेंसिंग टू सपोर्ट मेक इन पाकिस्तान” पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि 2 बिलियन डॉलर के ऋण के लिए अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट (ADFD) के साथ एक समझौता किया गया है और यह राशि अगले सप्ताह मिलने की उम्मीद है. वहीं, चीन भी सप्ताह बाद 2.1 बिलियन डॉलर देगा.

एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि ADFD से ऋण 3 प्रतिशत की निश्चित ब्याज दर पर मांगा जा रहा है, जबकि चीन से ऋण 2.5 प्रतिशत पर लिया जा रहा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तानी सरकार अगले पांच वर्षों के भीतर जीडीपी अनुपात में डिपॉजिट को बढ़ाने के लिए उत्सुक है और इसके लिए फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्‍यू को अड़चनों को दूर करने के लिए काम करना होगा.

देश की अर्थव्‍यवस्‍था के डिजिटलीकरण की तत्‍काल जरूरत को लेकर एक स्‍पीकर द्वारा किए गए सवाल पर मंत्री ने मौके पर एसबीपी को एफबीआर, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान एवं पाकिस्तान बैंक्स एसोसिएशन के सदस्यों के साथ एक समिति गठित करने और इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर अपनी सिफारिशें दाखिल करने को कहा.

उन्‍होंने कहा कि अगर वित्तीय क्षेत्र में पाकिस्तान को प्रगति करनी है तो वित्तीय प्रौद्योगिकी को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. साथ ही उन्‍होंने कहा कि नियामकों को अपने ग्राहक को जानने और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग सिस्टम लगाने की जरूरत है.

राज्यपाल आनंदीबेन ने दी मंजूरी, मप्र में OBC आरक्षण बढ़ाकर हुआ 27%

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मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. मध्यप्रदेश सरकार ने OBC के लिए आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% करते हुए शनिवार को एक अध्यादेश लाई है. राज्य के कानून एवं विधि विषयक मंत्री पी सी शर्मा ने यह जानकारी दी. इस कदम को सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव से पहले OBC को अपने पाले में करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. शर्मा ने कहा, ‘यह अध्यादेश जारी किया गया है और अधिसूचित किया गया है.’

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह अध्यादेश अनुमोदन के लिए शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेजा गया था और इसी के साथ यह सुनिश्चित किया गया है कि लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले यह अध्यादेश जारी हो जाए.

इस्तेमाल का तरीका ये होना चाहिए, हर बीमारी का काल है नारियल

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ऐसी बहुत कम चीज़े होती है जो हमारे शारीर से जुडी एक से ज्यादा समस्या को पूरी तरह से ठीक कर देती है। नारियल उन्ही चुनिंदा चीजों में से एक है नारियल को प्रशाद के रूप में, तेल के रूप में या नारियल पानी के रूप में हर व्यक्ति प्रयोग करता है।

लेकिन क्या आपको पता है कि नारियल एक सुपर फूड की श्रेणी में आता है। जिसका सिर्फ इस्तेमाल करने का तरीका बदलने से ये हमारे शारीर की बीमारियों, त्वचा रोगों या बालो की समस्या में दवाई से भी ज्यादा तेज़ी से बदलाव ला सकता है।

संकृत में नारियल के पेड़ को कल्प वृक्ष और नारियल को श्रीफल कहा गया है यानि की ये एक ऐसा पेड़ है जो इन्सान की सभी ज़रुरतो को पूरा करने के लिए ही बना है।

नारियल को यदि सूखा खाया जाए तो इसका हमारे शारीर पर अलग ही इफेक्ट होता है और अगर नारियल को ताज़ा या इसकी मलाई को खाया जाएं तो ये हमारी बोडी पर अलग असर करता है।

नारियल के तेल को अलग-अलग चीजों के साथ में मिलाकर इनकी घरेलू दवाई भी बनाई जाती है और नारियल की छाल यानी की नारियल का सूखे रेशा पेट सम्बन्धी रोगों और स्किन से जुडी अनेक बीमारियों में बहुत लाभकारी होता है।

किसी भी काम को शुरू करने से पहले नारियल को ज़रूर फोड़ा जाता है। अगर हम सभी लोग नारियल को अपनी रोजाना की ज़िंदगी में शामिल कर लें तो इससे हमारा दिमाग, आँखे, त्वचा, बाल और शारीर के सभी अंदुरुनी अंगो का एक नया जीवन शुर होने लगता है।

बोडी से जुडी अनेक समस्याएं जैसे की मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, किडनी की बीमारी, यूरिक एसिड, पिम्पल्स, चोट के निशान, गंजापन, आँखों की कमजोरी, कब्ज़, एसिडिटी, माइग्रेन, मुहं के छाले, दांतों की सडन, सर्दी खांसी और त्वचा की एलर्जी डायबिटीज, pcod, पाइल्स, थायराइड की प्रॉब्लम, जोड़ो के दर्द, लीवर और फेफड़ो से जुडी बीमारियाँ घाव और मुहं के छालो को ठीक करने और गर्भावस्था में भी नारियल का प्रयोग करने से अदुभुत लाभ मिलते है।

इतना ज्यादा फायदेमंद होने के बावजूद भी नारियल से कोलेस्ट्रॉल और मोटापा बढ़ता है या इसको डायबिटीज होने पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए इस तरह की कई सारी गलत फेहमिया हमेशा नारियल के साथ जुडी होती है।

नारियल ही एक ऐसी चीज़ है जिससे बच्चों से लेकर बड़े यहाँ तक की आपके घर के पालतू जानवरों की सेहत को भी रोग मुक्त रखा जा सकता है।

नारियल के अद्भुत फायदे और नारियल का अलग-अलग बीमारी में कैसे इस्तेमाल किया जाता है

ताकत और स्टेमिना बढ़ाएं

नारियल में Mtc यानि की Medium-Chain Triglyceride की मात्रा ज्यादा होती है Mtc एक चमत्कारी फैटी एसिड का ग्रुप होता है। जो कि नारियल को सबसे खास और दूसरे फलों से अलग बनाता है आपको यह जानकर बहुत ज्यादा हैरानी होगी कि Mtc फैटी एसिड मां के दूध में भी मौजूद होता है। यह इतना अद्भुत होता है कि जन्म लेने के बाद कुछ महीनों तक पिए गए मां के दूध का असर हमारी बॉडी पर मरते दमतक बरकरार रहता है।

Mtc की मात्रा अधिक होने की वजह से नारियल, नारियल का पानी और नारियल का तेल हमारी बॉडी में आसानी से पचता है। दूसरी किसी भी चीज़ के मुकाबले ये हमारे शारीर पर जल्दी असर डालता शुरू कर देता है।

इसीलिए नारियल के तेल का सेवन करने से या नारियल पानी और नारियल का दूध पीने से शारीर की अनर्जी और ताकत में बहुत तेज़ी से बदलाव आने शुरू हो जाते है। इसलिए नारियल में पाएं जाने वाले Mtc एर्गोजेनिक एड्स में भी मुखिय भूमिका निभाता है ergogenic aids वह सप्लीमेंट होते है जो की मेराथोर में दौड़ने वाले रनर्स, साइकल चलाने वाले एटलिस और स्पॉट्स के खिलाडी अपनी ताकत और स्टेमिना को बढ़ाने के लिए लेते है।

वजन कॉलेस्ट्रोल घटाएं

अपने रोजाना डाइट में एक चम्मच नारियल के तेल को शामिल करने से यह शरीर की चर्बी और बेट कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। नारियल कमर के ऊपर वाले हिस्से जैसे कि पेट कमर और हाथों में जमा होने वाली चर्बी को कम करने के लिए काफी लाभदायक होता है। हेल्दी फेट से भरपूर होने के कारण यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल और चर्बी को बढ़ने से रोकता है। इसीलिए वजन घटाने के लिए जूस और सलाद में एक चम्मच नारियल का तेल जरूर शामिल कर ले और हफ्ते में कम से कम दो नारियल जरूर खाने चाहिए धीरे-धीरे आप अपने शरीर में हल्कापन महसूस करने लगेंगे।

शरीर को ठंडक और दिमाग को शांत बनाएं

नारियल हमारे दिमाग और शरीर को शांति प्रदान करने वाला फल है। खास करके गर्मियों में इसका सेवन करने से हमारा पाचन बढ़िया रहता है और साथ ही ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है। गर्मियों में रोजाना नारियल का पानी पीने या ताज़े नारियल को मिक्सी में पीस कर इसका दूध बना ले और दिन में 2 बार इसका सेवन करें।

ये घबराहट, एसिडिटी, अपचन शरीर में ठंडक बनाए रखना, टेंशन और स्ट्रेस को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी होता है। इसके अलावा गर्मी के मौसम में नहाने के पानी में दो से तीन चम्मच नारियल का तेल एक चम्मच सेंधा नमक डालकर नहाने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ती है और स्किन चमकदार हो जाती है।

मुंह और दांतों के लिए लाभदायक

दांतों में कीड़े सड़न या पीलापन आ जाने पर नारियल का तेल बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके अंदर मौजूद हीलिंग प्रॉपर्टीज मुंह और दांतों में मौजूद सभी तरह के बैक्टीरिया को खत्म करने में बहुत फायदेमंद होता है। रोजाना सुबह नारियल के तेल से कुल्ला करने से मुंह की बदबू दूर होती है साथ ही दांतों में जमी हुई सभी तरह की गंदगी और बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। धीरे धीरे दांत पूरी तरह से स्वस्थ व सफेद हो जाते हैं।

आंखें और दिमाग की शक्ति बढ़ाएं

नारियल हमारे नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है। जिसका सीधा असर हमारी सोचने और समझने और निर्णय लेने की शक्ति पर पड़ता है साथ ही हमारी आंखों की रोशनी को भी बढ़ा देता है। नारियल के अंदर मौजूद Mct दिमाग से शरीर के सभी अंगों को सिग्नल पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाकर ब्रेन फंक्शन को इंप्रूव करता है।

पाचन और पेट की समस्याओं में भी है लाभदायक

आयुर्वेद में नारियल के तेल को रिचक यानी कि लैक्सेटिव बताया गया है। अगर आपका पेट किसी भी वजह से खराब होता है तो नारियल या नारियल के तेल का सेवन करने से पेट और आंतों को फ़ौरन आराम मिल जाता है। जिन लोगों को कब्ज एसिडिटी पेट साफ ना होना या गैस जैसी प्रॉब्लम बनी रहती है उन्हें नारियल को अपने रोजाना की डाइट में अवश्य शामिल करना चाहिए।

थायराइड में लाभदायक

नारियल का तेल थायराइड फंक्शन को इंप्रूव करता है खासकर हाइपो थायराइड में दूध के साथ नारियल के तेल का सेवन करने से थाइरोइड लेवल तेजी से कंट्रोल होने लगता है। रोजाना नारियल खाने से शरीर में फैट बर्न होने की गति बढ़ती है जो कि थायराइड में वजन को कम करने के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।

त्वचा के लिए लाभदायक

नारियल का तेल एकमात्र ऐसा तेल होता है जो हर तरह की स्किन पर हर स्थिति में आसानी से सूट हो जाता है। नारियल का तेल ठंडा होता है और गर्मियों में यह हमारी त्वचा को धूप से जलने से भी बचाता है। सेंसेटिव स्किन या पिंपल्स होने पर नारियल के तेल को गुलाब-जल के साथ मिलाकर लगाने से फायदा मिलता है। साथ ही चोट लगने पर घाव को तेजी से भरने के लिए नारियल के तेल के साथ हल्दी मिलाकर लगाने से भी काफी लाभ मिलता है। त्वचा के निशान या दाग धब्बों को दूर करने के लिए नारियल और बादाम के तेल से रोजाना रात को अच्छे से मसाज करें धीरे-धीरे चेहरा साफ हो जाएगा और स्किन चमकदार बन जाएगी।

प्रेगनेंसी में लाभदायक

प्रेगनेंसी के दौरान नारियल पानी, नारियल का तेल और सूखे नारियल का ज्यादा मात्रा में सेवन करना चाहिए। सुबह उठने पर होने वाली थकान, एसिडिटी, हार्टबर्न और कब्ज होने पर नारियल का तेल काफी लाभकारी होता है और साथ ही नारियल पानी-पीने से शरीर में पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और विटामिन सी की कमी पूरी हो जाती है। गर्भावस्था के दौरान नारियल खाने से होने वाले बच्चे की त्वचा का रंग निखरता है और साथ ही वे दिमागी रूप से ज्यादा स्वस्थ और बुद्धिमान बनता है।

दिल के लिए लाभकारी

नारियल के अंदर लोरिक एसिड अधिक मात्रा में होता है जो हमारे दिल की सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। साथ ही खाना पचाने और चर्बी को कम करने की प्रतिक्रिया को भी तेज बनाती है।

पकाने में दूसरे तेल से बेहतर

तेल में Mct यानी कि large-chain triglyceride होते हैं ऐसे में यह दूसरे तेलों के मुकाबले में ज्यादा जल्दी और आसानी से पच जाता है। नारियल के तेल का स्मोकि पॉइंट दूसरे तेलों के मुकाबले ज्यादा हाई होता है। यह अन्य तेलों के मुकाबले ज्यादा देर से जलना शुरू होता है खाना बनाते समय जो तेल ज्यादा जल्दी जल जाते हैं वह हमारी बॉडी के लिए हानिकारक होते हैं। खाना पकाते समय या किसी चीज को पकाते समय हमें पता भी नहीं होता कि तेल पूरी तरह से जल चुका है। जले हुए तेल का सेवन करने से यह हमारी बॉडी में फ्री रेडिकल्स की मात्रा को बढ़ाता है। जिससे की त्वचा में झुर्रिय आने लगती हैं बाल झड़ने लगते हैं और शरीर के अंदरूनी अंग जल्दी बूढ़े होने लगते हैं।

नारियल के इतने सारे अद्भुत फायदे उठाने के लिए आज से ही नारियल को अपनी रेगुलर डाइट का हिस्सा जरूर बना ले। गर्मियों का मौसम नारियल की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा मौसम माना जाता है।

Baingan Tikka Masala : बैंगन टिक्का मसाला खाते ही मुंह में हो जाएं स्वाद की बोछार

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Baingan Tikka Masala बैंगन टिक्का मसाला बहुत ही जल्द बनने वाली स्वादिष्ट रेसिपी है। जिन लोगो को बैंगन पसंद नही है वह भी इसको शौक से खाते है बैंगन टिक्का बनाने के लिए पहले बैंगन को मेरिनेट किया जाता है। फिर इसको शेलो या डीप फ्राई करके बनाया जाता है जो इसके स्वाद में चार चाँद लगा देता है।

आवश्यक सामग्री – ingredients for Baingan Tikka Masala

  • बैंगन = एक 250 ग्राम
  • टमाटर = 250 ग्राम
  • अदरक = एक इंच का टुकड़ा
  • हरी मिर्च = दो
  • बेसन = एक चौथाई कप
  • दही = एक चौथाई कप
  • ज़ीरा = आधा टीस्पून
  • धनिया पाउडर = एक टेबलस्पून
  • हल्दी पाउडर = आधा टीस्पून
  • लाल मिर्च पाउडर = एक टीस्पून
  • गर्म मसाला पाउडर = छोटा आधा टीस्पून
  • नमक = स्वादानुसार
  • तेल = ज़रूरत के हिसाब से
  • कसूरी मेथी = एक टीस्पून

विधि – how to make Baingan Tikka

बैंगन टिक्का मसाला बनाने के लिए टमाटर हरी मिर्च और अदरक को बारीक़ पीस लें। बैंगन को धोकर चौकोर टुकड़ो में काट लें एक बाउल में दही, बेसन, आधा टीस्पून नमक, आधा टीस्पून लाल मिर्च पाउडर, एक चौथाई टीस्पून हल्दी पाउडर, आधा टीस्पून धनिया पाउडर, एक चौथाई टीस्पून गर्म मसाला पाउडर डालकर सभी चीजों को मिक्स कर लें।

अब इस मसाले में बैंगन के टुकड़े डालकर अच्छे से मिला लें। ध्यान रहे बैंगन के ऊपर मसाले की अच्छे से कोटिंग हो जाएं 20 मिनट के लिए बैंगन को मेरिनेट होने के लिए रख दें।

तय समय बाद गैस पर नॉन स्टिक पैन रखे और इसमें तीन टेबलस्पून तेल डालकर गर्म करे। बैंगन के टुकडो को पैन में फ्राई होने के लिए डाल दें दो से तीन मिनट बैंगन को ऐसे ही रखा रहने दें। जब ये नीचे से ब्राउन रंग के हो जाएं तो बैंगन को पलट दें।

दूसरी तरफ से भी इसी तरह से गोल्डन ब्राउन होने तक बैंगन को सेक लें जब ये दोनों तरफ से ब्राउन हो जाएं तो बैंगन को निकाल लें।

बाकि के बचे हुए तेल में जीरा और एक चौथाई टीस्पून हल्दी डालकर चलाएं। अब इसमें टमाटर अदरक का पेस्ट डालकर चलाते हुए भूने। साथ ही एक टीस्पून धनिया पाउडर, आधा टीस्पून लाल मिर्च पाउडर डालकर चलाते हुए मसाले को भून।

मसाले को तेल ऊपर आने तक अच्छे से भून लें। जब मसाले के ऊपर तेल आ जाए तो इसमें कसूरी मेथी डालकर चलाएं। बैंगन के मेरिनेट का जो मसाला बच गया था उसको भी मसाले में डाल दें। बेसन से इसको थिकनेस मिलेगी जो सब्जी को और स्वादिष्ट बना देगा 5 मिनट मसाले को और भून लें।

5 मिनट बाद मसाले में डेढ़ कप पानी डालकर चलाएं साथ ही नमक भी डाल दें। (ग्रेवी आप अपने हिसाब से गाढ़ी या पतली कर सकते है) हरा धनिया डालकर ग्रेवी में उबाल आने दें जब ग्रेवी में उबाल आ जाएं तो दो मिनट और पका लें आंच मीडियम रखे दो मिनट बाद बैंगन टिक्का डालकर मिलाते हुए ग्रेवी में अच्छे से मिक्स कर लें।

दो मिनट सब्जी को पकने दें तय समय बाद गैस को बंद कर दें। बैंगन टिक्का मसाला बनकर तैयार है सब्जी को सर्विंग बाउल में निकालें और हरे धनिये से गार्निश करके सर्व करें। आप इसे रोटी चावल किसी के भी साथ सर्व कर सकते है।

सुझाव

  1. बैंगन को मसाले में अच्छे से मेरिनेट करें ताकि मसाले की बैंगन पर अच्छे से कोटिंग आ जाएं।
  2. बैंगन को फ्राई करते समय आंच को लो टू मीडियम रखे।