Home Blog Page 320

भारत करे BRICS की अध्यक्षता; रूस ने फिर दिखाई दोस्ती, पाकिस्तान का भी जिक्र…

0

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को कहा कि भारत की अध्यक्षता में हम ब्रिक्स और उनके एजेंडे का पूरा समर्थन करेंगे। एक इंटरव्यू में लावरोव ने कहा कि आज के समय को देखते हुए भारत का एजेंडा बेहद प्रासंगिक, तार्किक है।

वह आतंकवाद और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है। लावरोव ने कहा कि मेरी राय में भारत की अध्यक्षता में जो एजेंडा प्रस्तुत किया जा रहा है, वह भविष्य की तैयारी और वर्तमान चुनौतियों का समाधान करता है। हम इसका सक्रिय रूप से समर्थन करेंगे।

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का जोर आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर है जो बेहद जरूरी भी है। क्योंकि इस समय विश्व के कई हिस्से आतंकवाद प्रभावित हैं। अफगानिस्तान सीमा, भारत-पाकिस्तान-अफगानिस्तान गलियारे के साथ-साथ अन्य जगहों पर आतंकी गतिविधियां देखी जा रही है।

यह प्राथमिकता हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर जब हम संयुक्त राष्ट्र में भारत के साथ मिलकर एक वैश्विक आतंकवाद विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसका मसौदा पहले ही तैयार हो चुका है, हालांकि अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है।

लावरोव ने कहा, भारत की अध्यक्षता खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों, सूचना प्रौद्योगिकी, को प्राथमिकता देती है। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें रूस को आमंत्रित किया गया है, और हम एजेंडे में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

ट्रेनों में चल रहा है जातिवाद; संसदीय समिति ने ऐसा क्यों कहा? रेलवे की तीखी आलोचना…

0

भारतीय रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने सोमवार को आयोजित अपनी बैठक में केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली इस समिति ने रेलवे में व्याप्त स्वच्छता सुविधाओं को लेकर जाति व्यवस्था जैसी टिप्पणी की है, जहां प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर सुविधाएं हैं।

जबकि सामान्य यात्री ट्रेनें उपेक्षित हैं। समिति 2023 के लिए भारतीय रेलवे में लंबी दूरी की ट्रेनों में स्वच्छता और सफाई पर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट की समीक्षा कर रही थी। इस उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे बोर्ड का प्रतिनिधित्व चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सतीश कुमार ने किया।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने रेलवे की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। सूत्रों के अनुसार, एक भाजपा सदस्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रेनों में एक तरह का जातिवाद दिखाई देता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम सेवाओं में बेहतर लिनेन और स्वच्छ कोच मिलते हैं, जबकि नियमित यात्री ट्रेनों की हालत इसके उलट होती है।

समिति के कड़े रुख का सामना करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने सफाई में कई प्रणालीगत और संरचनात्मक चुनौतियों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि सीमित ठहराव, कर्मचारियों की भारी कमी, बजट की कमी और यात्रियों की अत्यधिक संख्या स्वच्छता बनाए रखने के प्रयासों में बाधक हैं।

PAC ने नहीं माना बहाना

समिति के सदस्यों ने रेलवे द्वारा दिए गए इन तर्कों को खारिज कर दिया। सूत्रों ने बताया कि पैनल का मानना है कि ये समस्याएं वर्षों से चली आ रही हैं और अब तक इनका ठोस समाधान निकाला जाना चाहिए था।

समिति ने सभी क्षेत्रों में समय-समय पर स्वच्छता ऑडिट करने की सिफारिश की है। शिकायतों के निपटान के समेकित डेटा के अभाव का हवाला देते हुए पैनल ने रेलवे को एक व्यापक डिजिटल डैशबोर्ड बनाए रखने का निर्देश दिया है। सदस्यों ने सभी ट्रेनों के लिए एक समान यात्री शिकायत निवारण तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया। समिति ने सुझाव दिया कि स्वच्छता प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न जोनों के लिए दंड और प्रोत्साहन के बीच संतुलन बनाया जाए। पैनल ने ट्रेनों में मिलने वाले कंबल और चादर की गुणवत्ता सुधारने के लिए लॉन्ड्री प्रबंधन का विस्तृत अध्ययन करने को कहा है।

चेयरमैन सतीश कुमार ने पैनल को जानकारी दी कि ट्रेनों को साफ रखने के प्रयासों के तहत रेलवे ने कई स्थानों पर क्विक-वाटरिंग स्टेशन (तेजी से पानी भरने वाले स्टेशन) शुरू किए हैं, विशेष रूप से सीमित ठहराव वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए। समिति ने इन स्टेशनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करने की सिफारिश की है। साथ ही, पैनल ने स्वच्छता के लिए आवंटित बजट को बढ़ाने का भी आग्रह किया है।

ज्ञात हो कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन 12,541 यात्री ट्रेनों का संचालन करता है, जिससे 7,364 से अधिक स्टेशनों पर 1.75 करोड़ से अधिक यात्री सफर करते हैं।

तो इस वजह से बन पाई भारत-US ट्रेड डील पर बात, डोनाल्ड ट्रंप के दूत ने किसे दिया क्रेडिट?

0

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अंतरिम समझौते पर सहमति बनने के बाद अमेरिका की ओर से बड़ा बयान आया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती साझेदारी की जमकर तारीफ की।

इस दौरान गोर की तरफ से इस ट्रेड डील का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अच्छे संबंधों को दिया गया। अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि पिछले हफ्ते घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के पूरा होने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती को जाता है।

अमेरिकी राजदूत नेवयहां नई दिल्ली में उनके आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बातें कही हैं। कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए। रिसेप्शन के दौरान गोर ने कहा कि वाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन भारत को ध्यान में रख रहा है। गोर ने कहा, “मुझे यहां आए हुए अभी एक महीने से थोड़ा ज्यादा हुआ है, और हमने आते ही काम शुरू कर दिया। वाइट हाउस भारत को ध्यान में रख रहा है।” ट्रंप के दूत ने आगे कहा, “हमारे राष्ट्रपति भारत को तवज्जो दे रहे हैं। और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती की वजह से, हम आखिरकार एक व्यापार समझौता कर पाए।” बता दें कि गोर ने बीते 14 जनवरी को अपना पदभार संभाला था, जिसके बाद वह भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत बन गए।

अंतरिम व्यापार समझौते में क्या-क्या?

इससे पहले भारत और अमेरिका ने बीते शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर पहुंचने की घोषणा की थी जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे। अमेरिका, भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।

अमेरिका ने हटाया अतिरिक्त आयात शुल्क

दोनों देशों के एक संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत ने अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान कलपुर्जे, कीमती धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा जताया है। बयान के मुताबिक, ”अमेरिका और भारत को पारस्परिक और द्विपक्षीय रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।” इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से रूसी तेल की खरीद पर पिछले वर्ष अगस्त में भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क को हटा दिया है।

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरिम समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बाजार खुलेगा। शुल्क में कमी से वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प उत्पाद जैसे भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों और कुछ मशीनरी के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयों, रत्नों और हीरों, तथा विमान के कल-पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा।

भाजपा के असली भगवान ओवैसी, अलादीन का चिराग बनाकर वोट बटोरती है पार्टी: कांग्रेस CM ‘

0

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भगवान राम से भी ज्यादा अहमियत देती है और वोट जीतने के लिए ओवैसी का इस्तेमाल करती है।

उन्होंने कहा है कि ओवैसी ही भाजपा के असली लाइफलाइन हैं।

सोमवार को एक प्रेस मीट में तेलंगाना के CM ने कहा, “यह भारतीय जनता पार्टी का इतिहास है। अगर आप इसे एनालाइज करें, तो उनके लिए सिर्फ एक ही भगवान हैं, असदुद्दीन ओवैसी। वे यूं ही भगवान राम का नाम लेते हैं, लेकिन वे हर दिन जिसके आगे झुकते हैं, वह असदुद्दीन ओवैसी हैं।” उनकी लाइफलाइन खुद असदुद्दीन ओवैसी हैं। देखिए वे कितनी बार राम का नाम याद करते हैं और कितनी बार ओवैसी का नाम याद करते हैं। इसकी पड़ताल होनी चाहिए।”

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि भाजपा ओवैसी को अलादीन के चिराग की तरह इस्तेमाल कर रह। उन्होंने कहा, “हर बार वे असदुद्दीन ओवैसी को अलादीन का जादुई चिराग बनाकर वोट मांगते हैं। आखिर सरकार तो आपकी ही है ना? अगर असदुद्दीन ओवैसी इतने विलेन हैं, तो आप उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं?”

आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद- रेड्डी

रेड्डी ने आगे AIMIM की निंदा के लिए भी BJP की आलोचना की। उन्होंने कहा, “डेमोक्रेसी में AIMIM भी एक पॉलिटिकल पार्टी है जो चुनाव लड़ती है। जहां वे जीतते हैं, जीतते हैं। जहां वे हारते हैं, हारते हैं। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और यहां तक ​​कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने पांच सीटें जीतीं। वे भी एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन हैं, एक पॉलिटिकल पार्टी हैं। लेकिन आप कब तक उनके नाम पर वोट मांगते रहेंगे? धार्मिक नफरत भड़काकर, कुछ पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं को राक्षस बताकर और उसके जरिए पॉलिटिकल रूप से जिंदा रहने की कोशिश करना आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद है। तेलंगाना के लोगों को सोच समझ कर वोट देना चाहिए।”

अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के इस प्लान को झटका देगा भारत, बैठक से इनकार…

0

अमेरिका के साथ भारत ने ट्रेड डील कर ली है। इसके साथ ही अब तक 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ कम होकर 18 पर्सेंट पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसका ऐलान किया था। इसके बाद से ही माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध सुधर गए हैं, लेकिन इसके बाद भी भारत ने डोनाल्ड ट्रंप को गाजा पीस प्लान पर करारा झटका देने की तैयारी कर ली है।

सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से 19 फरवरी को होने वाली इस मीटिंग से दूर रहने का ही फैसला लिया गया है। गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक 19 फरवरी को होने वाली है। ट्रंप की ओर से शुरू किए गए बोर्ड ऑफ पीस का यह पहला जुटान है, जिसमें कई देशों के पहुंचने की संभावना है।

इसके बाद भी भारत की ओर से इससे दूरी बनाए रखने का ही इरादा नजर आ रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार अब भी भारत सरकार की ओर से ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन ही किया जा रहा है। इस मामले में भारत सबसे पहले बैठक में पहुंचने वाले देशों में शुमार नहीं होना चाहता। भारत की यह कोशिश है कि पहले कुछ बड़े देश इसका हिस्सा बन जाएं, उसके बाद ही इस संबंध में कोई फैसला लिया जाए। हाल ही में अरब लीग के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भारत की मीटिंग थी। इसमें भी ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर बात हुई थी। इस बोर्ड में कई अरब देश शामिल हैं, लेकिन उन्होंने अब तक इस मीटिंग में शामिल होने को लेकर फैसला नहीं लिया है।

इस दौरान भारत ने अरब लीग के देशों से उनके विचार जाने। इन देशों का कहना था कि वे भले ही बोर्ड के मेंबर बन गए हैं, लेकिन भविष्य की रणनीति के बारे में अभी विचार करना है। इस महीने के आखिर तक पीएम नरेंद्र मोदी खुद इजरायल जाने वाले हैं। ऐसे में यह मसला वहां भी एजेंडा बन सकता है। बता दें कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे विवाद को लेकर भारत की राय टू-नेशन सॉलूशन वाली रही है।

ट्रंप के बोर्ड में क्या है पाकिस्तान और तुर्की वाली परेशानी

दरअसल भारत की ओर से इस बोर्ड में शामिल होने के पीछे एक हिचक भी है। अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।

ED के सामने पेश नहीं हुईं टीना अंबानी, 40 हजार करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग केस में होनी थी पूछताछ

0

बिजनेसमैन अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी ने आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है। ईडी लगभग 40,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में टीना अंबानी को नया समन जारी करेगी। प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) और उससे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

समाचार एजेंसी PTI के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि SIT का नेतृत्व संघीय जांच एजेंसी की मुख्यालय जांच इकाई (HIU) में अतिरिक्त निदेशक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और इसमें आधा दर्जन अन्य जांचकर्ता शामिल हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा ADAG के खिलाफ मामलों की समीक्षा करने के बाद उठाया गया है।

पिछले सप्ताह, सर्वोच्च न्यायालय ने ईडी को एक SIT गठित करने का निर्देश दिया था जो मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र, त्वरित और निष्पक्ष जांच करेगी। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को कथित सांठगांठ, मिलीभगत और साजिश की जांच करने और अपनी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए कहा था।

ईडी पिछले साल से अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस समूह की कंपनियों की जांच कर रहा है। अब तक एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIRs) दर्ज की हैं। इसके अलावा, 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क भी की गई है।

अनिल अंबानी से पिछले साल उनकी समूह की कंपनियों के कथित बैंक ऋण अनियमितताओं के लिए ईडी द्वारा पूछताछ की गई थी। कंपनी के एक पूर्व शीर्ष कार्यकारी और RCOM के पूर्व अध्यक्ष, पुनीत गर्ग को हाल ही में एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया है। अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने अतीत में किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

“ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, साइन करने से इनकार”

0

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस को टीएमसी से बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर साइन कर दिए हैं तो वहीं टीएमसी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।

सूत्रों की मानें तो अगर लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका दे दिया जाता है तो कांग्रेस यह अविश्वास प्रस्ताव वापस ले लेगी। समाजवादी पार्टी, डीएमके ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर 102 सांसदों ने हस्ताक्षर कर दिए थे, हालांकि विपक्ष के एक प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किए। विपक्षी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कई सांसदों के साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

आज ही लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है नोटिस

सूत्रों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष को ”बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने”, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सदन में की गई टिप्पणियों को लेकर उन पर कार्रवाई शुरू नहीं करने और कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाए जाने के मामले में अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के लिए नोटिस देने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में शामिल थी टीएमसी

सोमवार को हुई विपक्ष की बैठक में तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (शप) सहित कुछ अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बीते दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

लोकसभा में हंगामा

मंगलवार को भी लोकसभा की कार्रवाई शुरू होते ही हंगामा होने लगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.। एसपी सांसद इकरा हुसैन ने सवाल किया था लेकिन हंगामे की वजह से संबंधित मंत्री जवाब नहीं दे पाई और पीठासीन पीसी मोहन ने कार्यवाही स्थगित करदी। आम तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ही प्रश्नकाल के दौरान चेयर पर होते हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ना बोलने देने का आरोप लगाते हुए 2 फरवरी से ही सदन में हंगामा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह 8 सांसदों को इस सत्र के लिए निलंबित भी कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में मत लड़ो राजनीतिक लड़ाई, हिमंत सरमा के खिलाफ याचिका पर बोले

0

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के भाषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इसपर भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि कई बार राजनीतिक जंग सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाती है।

उन्होंने इस याचिका पर विचार करने की बात कही है। विपक्ष ने सरमा के अल्पसंख्यकों पर निशाना लगाते वीडियो और भाषण पर आपत्ति जताई थी।

शीर्ष न्यायालय में सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच सुनवाई कर रही थी। सीजेआई ने कहा, ‘परेशानी यह है कि जब चुनाव आते हैं, जो कई बार उन्हें यहां सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है। हम इसे देखेंगे।’

अदालत में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया नेता एनी राजा की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी। उन्होंने सीएम सरमा के 27 जनवरी को दिए भाषण पर आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत पहुंचे एडवोकेट निजाम पाशा ने कहा, ‘मीलॉर्ड राजनीतिक दल के सदस्य की तरफ से हेट स्पीच के खिलाफ एक याचिका दाखिल हुई है। एक वीडियो भी है, जिसमें मुख्यमंत्री अल्पसंख्यकों पर निशाना लगाते नजर आ रहे हैं।’

जमीयत भी पहुंची थी सुप्रीम कोर्ट

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सरमा के भाषण के खिलाफ 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि विशेष रूप से उच्च संवैधानिक पद पर आसीन किसी व्यक्ति की तरफ से दिए गए इस तरह के बयानों को राजनीतिक बयानबाजी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

CG: भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम; नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग; कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ…

0

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.

छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे. यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे.

नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग

योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी. इसके अलावा 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री और विवाह आयोजन की अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा की जाएंगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक गरिमा के साथ बेटियों का विवाह संभव हो पाता है.

हर धर्म, हर समाज की होगी भागीदारी

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक विविधता भी दिखाई देगी. कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू रीति रिवाज से, 3 इस्लामिक रीति रिवाज से, 113 ईसाई रीति रिवाज से, 5 बौद्ध रीति रिवाज से कराए जाएंगे. इसके अलावा, 10 बैगा समुदाय के जोड़े भी इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधेंगे. यानी यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देगा.

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण सहायता दी जाएगी. इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का संदेश देती है. एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं कुपोषण मुक्त अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम है. छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी का दिन सामाजिक उत्सव और जनहित योजनाओं के संगम के रूप में याद किया जाएगा.

CG: रेल बजट 7,470 करोड़ का, एयरपोर्ट की तर्ज होंगे विकसित 32 रेलवे स्टेशन, व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रु. की मदद…

0

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए की गई घोषणाओं की जानकारी संवाद कार्यक्रम के जरिए दी। बताया कि रेल बजट में प्रदेश को 7,470 करोड़ मिले.

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, केंद्रीय बजट-2026-27 से छत्तीसगढ़ को भी अनेक लाभ होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे। छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को बड़ा बल मिलेगा। छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। केन्द्रीय मंत्री रविवार को राजधानी में प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों व बुद्धिजीवियों से केन्द्रीय बजट के परिप्रेक्ष्य में आहूत ‘बजट संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद को न सिर्फ बेचने, बल्कि उसकी ब्राण्डिंग करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी। केन्द्र सरकार ने लगातार व्यापारी हित में अनेक कार्य किए हैं। इनमें टैक्स के कम्प्लाइन्स को कम करना हो, टैक्स की दरों को कम करना हो, या फिर कई जटिल कानूनों को हटाना हो, केन्द्र सरकार इसमें पीछे नहीं रही है।

इस बार भी एमएसएमई सेक्टर में 10 हजार करोड़ रु. की मदद व्यापारियों के लिए बहुत ही मददगार साबित होगी। केन्द्रीय मंत्री ने बजट के तीन कर्त्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा, पहला, बजट में इकॉनॉमिक ग्रोथ के तहत कैपेक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग पर जोर दिया गया है। दूसरा, यह जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट है, और तीसरा कर्त्तव्य सबका साथ-सबका विकास है ताकि सभी समुदायों व वर्गों को संसाधनों का पूरा लाभ मिले।

केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा, जब व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं ज्यादा चलती हैं, तो व्यक्ति को सरकारों से सीधा लाभ मिलता है, लेकिन उससे इकॉनॉमी में पैसे और संसाधनों का सर्कुलेशन ज्यादा नहीं होता। जब किसी योजना में सरकार पैसै डालती है तो इकॉनॉमी में पैसे का सर्कुलेशन ज्यादा समय तक रहता है और इकॉनॉमी ग्रो करती है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार के सभी मंत्रालयों द्वारा विकसित भारत की तरफ क्रियान्वित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की अवधारणा से जुड़ा हुआ है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, केन्द्र सरकार के इस बजट में अनेक सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है जिससे व्यापारियों व अन्य वर्गों का सरकार से रिश्ता सहज-सरल हो। कार्यक्रम का संचालन बजट समिति के सदस्य और बजट सम्वाद कार्यक्रम के प्रभारी अमित चिमनानी ने किया।