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PM ने नोएडा में किया ब्लू लाइन विस्तार का उद्घाटन, कहा- जेवर में बन रहा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

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नोएडा। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री मोदी के ताबड़तोड़ दौरे जारी हैं और इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी नोएडा पहुंचे। यहां उन्होंने ब्लू लाइन मेट्रो के विस्तार का लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय आर्कियोलॉजी संस्थान के अलावा कई परियोजनाओं शिलान्यास भी किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने यहां एक सभा को भी संबोधित किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने जहा कांग्रेस की यूपीए सरकार पर निशाना साधा वहीं अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि आप यहा मोदी-मोदी कर रहे हैं और वहां लोगों की नींद हराम हो रही है। कभी नोएडा की पहचान सरकारी धन की लूट, अथॉरिटी और टेंडर में होने वाले नए नए खेल और जमीन घोटालों की वजह से बनी खबरों के कारण होती थी। आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पहचान विकास की परियोजनाओं से है।

पीएम आगे बोले कि, 2014 से पहले मोबाइल फोन बनाने वाली सिर्फ 2 फैक्ट्रियां थी। आज करीब सवा सौ फैक्ट्रियां देश में मोबाइल बना रही हैं। इसमें से बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां नोएडा में हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि यहां की कनेक्टिविटी को और सुधारने के लिए जेवर में देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है। इससे जुडी सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक स्वर्णिम अवसर लेकर आएगा। अब अगले कुछ हफ्तों में उड़ान योजना के तहत जल्द बरेली से भी उड़ानें शुरू हो जाएंगी। ‘उड़े देश का आम नागरिक’ इस लक्ष्य के साथ अब तक 120 रूटों को शुरू किया जा चुका है

प्रधानमंत्री बोले कि, आज दो और बड़े पावर प्लांट्स का शिलान्यास यहां से किया गया है। एक प्लांट यूपी के ही बुलंदशहर के खुर्जा में लग रहा है और दूसरा बिहार के बक्सर में। हमारी सरकार 21वीं सदी में देश की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान रखते हुए अनेक क्षेत्रों में काम कर रही है। पहले की सरकारों ने पावर सेक्टर और देश की ऊर्जा जरूरतों को नजरअंदाज किया था।

पुलवामा में शहीद हुए रामवकील की पत्नी ने ज्वाइन की नौकरी, कहा- अच्छी तरह से निभाऊंगी जिम्मेदारियां

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इटावा। महिला दिवस के मौके पर पुलवामा में शहीद हुए जवान रामवकील की पत्नी गीता देवी ने यूपी में इटावा के विकास भवन में जिला विकास अधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक पद पर ज्वाइन किया। इस खास मौके पर साथ में उनका बेटा अर्पित भी मौजूद रहा। शहीद की पत्नी ने देश की महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि उनके पति जो ज़िम्मेदारी उन पर छोड़ गये हैं उसे वह अच्छी तरह से निभाएंगी।

इटावा विकास भवन में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान रामवकील की पत्नी ने जिला विकास अधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक पद पर ज्वाइन किया। गीता देवी को राज्य सरकार की तरफ से मृतक आश्रित कोटे से नौकरी दी गई है। गीता देवी ने 2007 में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्व विद्यालय कानपुर से समाज शास्त्र में स्नातक किया था। गीता देवी की ससुराल मैनपुरी में है लेकिन पिछले दो साल से वह अपने तीन बेटों के साथ अपने मायके में इसलिए रह रही थी ताकि वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला सकें।

गीता देवी के दो बेटे राहुल कक्षा 8 में और दूसरा बेटा अर्पित कक्षा 5 में इटावा में केंद्रीय विद्यालय में पढ़ रहे हैं। यही वजह है कि गीता देवी ने मैनपुरी में जॉब करने की जगह इटावा को चुना। महिला दिवस के दिन अपने परिवार की वह ज़िम्मेदारी जो शहीद रामवकील उन पर छोड़ गए है उसको बेहतर ढंग से निभाने की बात कही। इस पूरे मोके पर उनका बेटा अर्पित उनके साथ रहा।

सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता की पहल का स्वागत, उम्मीद है राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हो पाएगा

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लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता की पहल का स्वागत है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कहा- सबसे अच्छी बात है कि बातचीत सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे होगी। हिदायत दी गई है कि बातचीत को सार्वजनिक न किया जाए। इससे उम्मीद है कि बातचीत में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हो पाएगा। ऐसे में हल निकलने की उम्मीद जगी है।

Chhattisgarh : कर्मचारियों का DA बढ़ा, पुलिसकर्मियों को भी मिली ऐसी सौगात

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रायपुर । छत्तीसगढ़ में प्रदेश सरकार ने चुनावी मौसम में कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए डीए में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि अब प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को 9 फीसदी डीए दिया जाएगा। गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में कर्मचारियों को 5 फीसदी डीए दिया जाता था।

इसके अलावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिसकर्मयों को भी सप्ताह में एक दिन का अवकाश देने की घोषणा की है। पुलिसकर्मियों को अवकाश देने का मुद्दा इस बार विधानसभा चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा था। मप्र में कांग्रेस सरकार पहले ही पुलिसकर्मियों को अवकाश देने की घोषणा कर चुकी है।

साजिश थी या लापरवाही?, दिल्ली में तेजाब पीने से बच्ची की मौत

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छोटे भाई के साथ संजना की छुटपन की तस्वीर

मैंने उसे नहीं मारा, उसने मुझसे पानी मांगा था और मैंने दे दिया.

ये शब्द उस लड़की के हैं, जिसकी बोतल से पानी पीकर उसी की सहेली की मौत हो गई. मेरे बिना कुछ पूछे ही डरी हुई और शांति से बैठी लड़की एक ही सांस में सब अचानक बोल गई.

मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार का है, जहां एक निजी स्कूल में संजना नाम की लड़की की मौत हो गई है. संजना केवल ग्यारह साल की थी. पुलिस की माने तो पूरा मामला लापरवाही का है.

क्या हुआ था उस दिन…?

संकरी गली में दो मंजिला बने इस स्कूल में नर्सरी से लेकर पांचवीं तक की पढ़ाई होती है. हर दिन की तरह सभी बच्चे सुबह स्कूल आए थे लेकिन उस दिन चौथी क्लास की टीचर और प्रिंसिपल स्कूल नहीं आई थी, जिसकी वजह से चौथी और पांचवीं की क्लास को एक साथ बैठाया गया था.

दोनों क्लास का जिम्मा पांचवीं क्लास की टीचर आशा पर था. आशा उस हादसे के समय वहीं मौजूद थीं.

आशा बताती हैं, लंच टाइम था. सभी बच्चे खाना खाने के लिए इधर-उधर हुए. मुझ पर ही दोनों क्लास के बच्चों की ज़िम्मेदारी थी.

संजना और पिंकी ने एक साथ खाना खाया और अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई. वो उल्टी करने लगी और तुरंत ही उसे हॉस्पिटल ले जाया गया.

संजना की तबीयत खराब होते ही आशा ने पिंकी से इस बारे में पूछा. आशा के मुताबिक पिंकी ने उन्हें बताया कि उसने खाना खा कर पानी पीया था. लेकिन हॉस्पिटल ले जाने के बाद पता चला कि संजना ने पानी नहीं तेजाब जैसा कुछ पीया है.

…लेकिन स्कूल में तेजाब आया कहां से?

पिंकी बताती हैं कि वो तो घर से पानी की बोतल लाई थी. लेकिन साथ में ही बैठी उनकी मां बताती हैं कि तेजाब की बोतल को पानी की बोतल समझकर पिंकी स्कूल ले गई थी.

दरअसल, पिंकी का 20 गज का घर इस तरह बना हुआ है कि रसोई और बाथरूम एकदम सटे हुए हैं और पिंकी की मां ने तेजाब टॉयलेट साफ करने के लिए रखा था.

एक कोने में पिंकी की मां भी डरी और सहमी हुई बैठी हुई है. वो इतना डरी हुई थी कि उनके मुंह से शब्द ही नहीं निकल रहे थे.

बीबीसी को पूरा मामला समझाते हुए वे बताती हैं, ”पानी की और तेजाब की एक जैसी और हरे रंग की प्लास्टिक की बोतल थी. स्कूल जाते समय पानी की बोतल रसोई में नहीं मिली तो गलती से पिंकी बाथरूम के पास रखी तेजाब की बोतल ले गई.”

”जब स्कूल में लंच का समय हुआ तो पिंकी और संजना दोनों ने मिलकर खाना खाया, लेकिन पानी पहले संजना ने पिया और एक घूंट पानी पीते ही उसकी तबियत खराब हो गई.” थोड़ा रुक कर पिंकी की मां ने अपनी बात पूरी की.

पिंकी बताती है कि मैं और संजना क्लास तीसरी से दोस्त थे. और हमेशा ही साथ में खाना खाते थे. वो स्कूल के पास ही रहती थी और मेरा घर स्कूल से थोड़ी दूरी पर है.

जब पिंकी की मां से पूछा गया कि दिल्ली में तेजाब बेचना गैर-कानूनी है तो आप तेजाब घर में कैसे लाई?

रिक्शे वाला

इस पर पिंकी की मां बताती हैं कि हमने तेजाब टॉयलेट साफ करने के लिए था, जिसे गली की एक दुकान से खरीदा था.

इसके साथ ही वे बताती हैं…. मैडम हमने जानबूझकर कुछ नहीं किया है, जो हुआ सब गलती से हुआ. लेकिन सब कहते हैं कि वो (संजना का परिवार) लोग कहते हैं मैं सौतेली मां हूं इसलिए किया जबकि मैं ही इसकी सगी मां हूं. मेरे दो बच्चे हैं पिंकी और एक इससे बड़ा लड़का है. पति दो महीने से घर नहीं आए हैं काम के सिलसिले में बाहर ही रहते हैं.

संजना के घर जाने के लिए एक रिक्शे की मदद लेनी पड़ी क्योंकि रास्ता कच्चा और उबड़-खाबड़ था. दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में ये वाकया हर एक की जु़बान पर है.

संजना का घर

स्कूल के पास ही संकरी गलियों के बीच संजना का भी घर है, लेकिन स्कूल उत्तर-पूर्वी दिल्ली में है और संजना का घर पास में ही है, हालाँकि ये गाज़ियाबाद में पड़ता है.

संजना के शोक में उसके घर के बाहर कुछ रिश्तेदार बैठे थे. संजना की मां रानी भी उनके साथ ही बैठी थीं. रानी घर संभालती हैं और पति रात में बेलदारी करते हैं.

लगभग 20 गज का संकरा-सा घर है उनका, जिसमें सारा सामान इधर-उधर बिखरा हुआ था. एक दीवार पर संजना और उसके भाई की तस्वीर टंगी है जिस पर चढ़ा प्लास्टिक धुंधला गया है.

बाहर के कमरे में रसोई और नहाने और बरतन धोने की जगह थी.

संजना के घर के बाहर बैठे कुछ रिश्तेदार

बीबीसी से बातचीत में उनकी मां बताती हैं कि वो सुबह रोज़ाना की तरह स्कूल गई थी, लेकिन नौ बजे के आसपास उसके स्कूल से फ़ोन आया और मुझे फीस देने के लिए कहा गया. मैंने उनसे कहा कि मेरी बेटी को पेपर देने दो मैं जल्दी ही फ़ीस दे दूंगी.

इतना कहते ही रानी का गला भर आया. थोड़ा रुककर वो आगे बताती हैं, ”थोड़ी देर बाद ही स्कूल से दूसरा फ़ोन आया और मुझे कहा कि आपकी बेटी की तबीयत खराब हो गई है स्कूल आ जाइये. इसके बारे में मैंने संजना के पिता को कहा और वो स्कूल गए. जहां पता चला कि उसे हॉस्पिटल ले गए हैं.”

इसके बाद मैं और मेरे भाई स्कूल गए जहां संजना ने उल्टी की हुई थी. स्कूल में पूछने पर बताया गया कि उसने पानी पीया था और फिर उल्टी कर दी. हम जीटीबी हॉस्पिटल गए तो डॉक्टर ने बताया कि उसने पानी नहीं कुछ और ही पीया था.

संजना की मां और दूसरे रिश्तेदार स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहते हैं कि अगर वे पहले से बता देते कि उसने पानी नहीं तेजाब पीया है तो डॉक्टर उसी तरह उसका इलाज करते.

वो गुस्से में कहती हैं, ”संजना सुबह ग्यारह बजे एडमिट हो गई थी और रात साढ़े नौ बजे के आसपास उसने दम तोड़ दिया. इस दरमियान बच्ची तड़पती ही रही.”

थोड़ी देर में वहां संजना के मामा नरेंद्र भी पहुंचते हैं. संजना के मामा ही पुलिस की भागदौड़ कर रहे हैं.

वे बीबीसी को बताते हैं कि हमें तो ये मामला जानबूझकर किया गया लगता है. और अगर इसमें हमारी लड़की नहीं तो उनकी बेटी को मारने की साजिश की गई थी. अगर ऐसा न होता तो वो लड़की भी उस बोतल से एक बार तो पानी पीती. और उसने नहीं भी पिया तो उसकी मां ने उसे तेजाब की बोतल दी ही क्यों!

दायीं तरफ़ संजना की ताई और बायीं तरफ़ संजना की मां बैठी हैं.

हालांकि स्कूल मंगलवार के बाद से अभी खुला नहीं हैं.

वे आगे जोड़ती हैं कि जाने से पहले उसने बयान भी दिया है जिसकी वीडियो उन्होंने हमें दिखाई. वीडियो में संजना स्कूल की ड्रेस में हैं, उसके होंठ जले हुए हैं. आंखे चढ़ी हुई हैं जैसे किसी भी वक्त वो नींद की अवस्था में चली जायेगी.

वीडियो में संजना की आवाज़ में दर्द है और वो अपनी तूतलाहटभरी आवाज में कहती दिख रही हैं, ”पिंकी से मैंने पूछा कि बहन तू पानी लाई है उसने कहा हां लाई हूं. फिर मैंने कहा कि बहन एक घूंट पिला दे. उसके बाद मुझे नहीं पता कि क्या हुआ मेरे साथ. पानी पीने के बाद मैं अचानक चिल्लाई और सब भागने लगे और सर जी को बुलाकर लाए. सर जी ने गाड़ी स्टार्ट की और मुझे लेकर आ गए. फिर मम्मी को फ़ोन किया. फिर मम्मी भी आई और पापा भी आए.”

वीडियो में एक व्यक्ति की आवाज सवाल पूछते हुए सुनाई दे रहें कि बोतल में से कितना पानी पिया और लड़की का नाम क्या था. जिसके जवाब में संजना बताती हैं कि एक घूंट पीया था और उसका नाम पिंकी है.

व्यक्ति आगे पूछ रहे हैं कि क्या वो तेरे साथ पढ़ती है?

संजना- नहीं वो चौथी क्लास की लड़की थी.

व्यक्ति- वो दूसरी क्लास की लड़की है.

संजना-हां, आज उसकी मैडम नहीं आई थी इसलिए वो मेरे पास बैठी थी.

नरेंद्र बताते हैं कि पुलिस को हॉस्पिटल के लोगों ने ही बुला लिया था. हम पुलिस स्टेशन बुधवार को गए थे और स्कूल प्रशासन और पिंकी के परिवार पर केस दर्ज़ करवाया है.

हर्ष विहार थाने से में मौजूद सब-इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बीबीसी को बताया कि पूरा मामला लापरवाही का है. आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज़ कर लिया गया है. लेकिन अभी इसमें किसी का नाम नहीं आया है क्योंकि पूरा मामला लापरवाही का है.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर कहते हैं कि इसी 5 मार्च को हमें जीटीबी हॉस्पिटल से जानकारी मिली कि एक बच्ची की तेजाब पीने से मौत हो गई है जिसने स्कूल में कुछ खाया और उल्टी कर दी थी.

हालांकि जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली में तेजाब बेचना गैर-कानूनी है तो क्या ऐसे में जिसके घर में तेजाब मिलता है उस पर भी कोई केस बनता है? लेकिन उसका जवाब उन्होंने नहीं दिया और कहा कि अभी तहक़ीकात जारी है.

UPफीस के पैसे कम देने पर डॉक्टर ने मरीज की सास पर छोड़ दिया कुत्‍ता

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ललितपुर जिले में एक महिला ने बहू के इलाज के बदले में कम पैसे दिए तो डॉक्टर ने अपने कुत्ते से बूढ़ी महिला को कटवा दिया।

थानवार गांव निवासी पीड़ितागुरुवार शाम सिविल लाइन स्थित एक महिला डॉक्टर के पास पहुंची थी। कुत्ते के काटने की वजह से महिला बुरी तरह घायल हो गई और जिले के हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक महिला ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।

बता दें कि ललितपुर कोतवाली के थानवार गांव निवासी शांतिबाई कुशवाहा (56) गुरुवार को बहू जयकुंवर (22) का इलाज कराने के लिए पति श्यामलाल के साथ सिविल लाइन के देवगढ़ रोड स्थित एक महिला डॉक्टर के आवास पर गई थी। इस दौरान डॉक्टर के कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे शांतिबाई बुरी तरह घायल हो गई।

डॉक्टर के आवास पर मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह कुत्ते पर काबू पाया और महिला को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

पीड़िता का आरोप है कि बहू के इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे दो हजार रुपए से ज्यादा का बिल पकड़ा दिया। घायल हुई शांतिबाई के अनुसार, बिल 2,250 रुपए का था। हमारे पास उतने पैसे नहीं थे तो 1250 रुपए दे दिए और बाकी के एक हजार रुपए किसी घरेलू सदस्य के आ जाने के बाद देने की बात कही।

मगर जैसे ही हम डॉक्टर के आवास से बाहर निकले डॉक्टर ने अपना पालतू कुत्ता छोड़ दिया। कुत्ते ने बुरी तरह मुझपर हमला कर दिया और घायल कर दिया।

देश में अभी तक मिले 17366 स्वाइन फ्लू मरीज, 530 की हो चुकी है मौत

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इंदौर। साल के शुरुआती दो माह में प्रदेश सहित पूरे देश में मिली स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) दिल्ली से जारी तीन मार्च तक के डेटा के अनुसार देश में 17366 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 530 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं मध्यप्रदेश में 283 पॉजिटिव मरीजों में से 57 की मौत हुई है।

शुरुआती दो माह में सबसे अधिक मरीज राजस्थान में मिले हैं जिनकी संख्या 4317 है। वहां के स्वास्थ्य विभाग ने इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी में वायरस के बदलाव की पहचान करने के लिए सैंपल भेजे हैं। मध्यप्रदेश में अभी तक ऐसा कोई प्रयास नहीं हो पाया है।

मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी मध्यप्रदेश में इस वायरस के नए स्वरूप की पहचान के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा। प्रदेश में रोजाना स्वाइन फ्लू के मरीज मिल रहे हैं। प्रदेश में सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज इंदौर में मिले हैं। फ्लू से सबसे अधिक मौत भी इंदौर में ही हुई है।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश शुक्ला के अनुसार स्वाइन फ्लू के वायरस ने अपना क्षेत्र मजबूत कर लिया है, वहीं इसके लक्षण भी अचानक सामने आ रहे हैं। विदेश में स्वाइन फ्लू के एच1 एन1 वायरस की पहचान होने के बाद इसके दो नए टाइप एच2 एन2 व एच3 एन2 को भी खोजा गया है। इसलिए हमारे यहां भी राष्ट्रीय स्तर की लैब में इसकी विस्तृत जांच होना जरूरी है।

10 राज्यों में नहीं मिला एक भी मरीज

– अंडमान निकोबार

– अरुणाचल प्रदेश

– दमन एंड दीव

– लक्षद्वीप

– मणिपुर

– मिजोरम

– नागालैंड

– सिक्किम

– प. बंगाल

अभी तक जानकारी नहीं

अभी तक हमारे पास एच1एन1 ही डिटेक्ट हो रहा है। हमारे पास वायरस की प्रकृति की जानकारी नहीं आती। यह एम्स भोपाल के डॉक्टर ही बता सकते हैं। इसके बदले स्वरूप के वायरस की पहचान होने की जानकारी नहीं है। -डॉ. प्रमोद गोयल, प्रदेश प्रभारी, आईडीएसपी शाखा

छत्तीसगढ़ : भीषण आग में दो बच्चियों व एक युवक की मौत

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रायपुर । राजधानी रायपुर में बीती रात भीषण आग से लगने से दो मासूम बच्चियों और एक युवक की मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आगजनी की घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। दोनों बच्चियों की उम्र तीन साल और पांच साल है। पुलिस ने बताया कि आग लगने की घटना रात करीब चार बजे हुई। आग लगने के कारणों के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। कोतवाली थाना पुलिस घटना की जांच में लगी हुई है।

दीवार गिरने से तीन लोग दबे

वहीं अन्य हादसे में दीवार गिरने से तीन लोग गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि रायपुर के राम नगर इलाके में दीवार गिरने से तीन लोग मलबे में दब गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लोकसभा चुनाव 2019: AIADMK के मंत्री बोले- ‘अम्‍मा’ के निधन के बाद पीएम मोदी ही हमारे ‘डैडी’

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चेन्‍नई। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के मंत्री केटी राजेंद्र बालाजी ने कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी हमारे डैडी हैं। हिंदुस्‍तान टाइम्‍स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक पार्टी के बैठक में बालाजी ने कहा कि अम्मा (जयललिता) की मौत के बाद अब मोदी ही एक पिता की तरह एआईएडीएमको को दिशा दिखा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी सिर्फ एआईएडीएमके के ही नहीं बल्की पूरे देश के डैडी हैं और यही वजह है कि उनकी पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया है।

आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके अकेले चुनावी मैदान में उतरी थी। उसने राज्य की 39 में से 37 सीटें जीती थीं। वहीं इस बार एआईएडीएमके ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया है और बीजेपी को राज्य में पांच सीटें दी हैं। माना जा रहा है कि तमिलनाडु में डीएमडीके भी बीजेपी-एआईएडीएमके गठंबधन में शामिल हो सकती है। गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान जयललिता ने स्लोगन दिया था- ‘तमिलनाडु की लेडी या गुजरात का मोदी?’ ये बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर तंज था।

उस वक्त चेन्नई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जयललिता ने कहा था, ‘तमिलनाडु सरकार मेरे नेतृत्व में गुजरात सरकार से बेहतर काम कर रही है। ये तमिलनाडु की लेडी, गुजरात के मोदी से अच्छा सुशासन दे रही है।’ इससे पहले बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक टीवी डीबेट के दौरान पीएम मोदी को देश का डैडी बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रनेता कन्हैया कुमार ने आपत्ति जाहिर की और कहा कि वो आपके डैडी होंगे देश के नहीं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

मेघालय में दो महिला पत्रकार अवमानना की दोषी, कोर्ट रूम के कोने में बैठने की मिली सजा

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नई दिल्ली। मेघालय की हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नार्थईस्ट के जाने माने अखबार शिलांग टाइम्स की एडिटर और पब्लिशर को कोर्ट की अवमानना के लिए अजीब सजा सुनाई। दोनों पत्रकारों को कार्यवाही खत्म होने तक कोर्ट रूम के कोने में बैठने को कहा गया। इसके अलावा दोनों महिलाओं पर दो लाख रुपये का जुर्माना और एक सप्ताह में इसे न भरने पर 6 माह की कैद और अखबार पर प्रतिबंध की सजा सुनाई गई है। बता दें कि दोनों महिला पत्रकारों को ये सजा महिला दिवस के दिन सुनाई गई जब देशभर में लोग महिलाओं को बाधाइयां दे रहे थे।

बता दें कि बीते साल 6 से 10 सितंबर के बीच शिलांग टाइम्स में छपे लेख को लेकर कोर्ट ने एडिटर पैट्रिसिया मुखिम और पब्लिशर शोभा चौधरी पर कोर्ट की अवमानना का केस लगाया था। इस आर्टिकल में एक रिटायर्ड जज और उनके परिवारा को सुविधा दिलाने के कोर्ट के आदेश के बारे में लिखा गया था। ऐसे में न्यायमूर्ति मोहम्मद याकूब मीर और एसआर सेन की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत जो शक्तियां निहित है उसके आधार पर दोनों आरोपी पत्रकारों को दो लाख का जुर्माना देना होगा और कार्यवाही खत्म होने तक कोर्ट के कोने में बैठना होगा।