Home Blog Page 33

CG: अप्रैल का मौसम बदलेगा रंग, गर्मी के बीच बारिश-आंधी का अलर्ट…

0

छत्तीसगढ़ में अप्रैल की शुरुआत राहत और चुनौती दोनों लेकर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक इस महीने प्रदेश में तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में गर्मी भी अपना असर दिखाएगी।

छत्तीसगढ़ में अप्रैल की शुरुआत राहत और चुनौती दोनों लेकर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक इस महीने प्रदेश में तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में गर्मी भी अपना असर दिखाएगी। यानी पूरे महीने मौसम का मिजाज उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।

फिलहाल सक्रिय मौसमी सिस्टम के असर से अगले दो दिनों तक कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही तेज हवाएं और वज्रपात भी देखने को मिल सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन खराब मौसम को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।

अभी प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक चल रहा है, लेकिन आने वाले तीन दिनों में इसमें 2 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी रिकॉर्ड की गई है, जिससे मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है।

मौसम में इस बदलाव की वजह पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़ी द्रोणिका को माना जा रहा है, जो मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत तक फैली हुई है और इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।

राजधानी रायपुर में भी एक अप्रैल को बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश के तापमान की बात करें तो सबसे ज्यादा गर्मी राजनांदगांव में दर्ज की गई, जहां पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के आंकड़ों में तोकापाल, भनपुरी और जगदलपुर जैसे इलाकों में हल्की वर्षा दर्ज की गई है।

Agniveer Recruitment 2026: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, इस दिन से शुरू होंगी निशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं, इच्छुक अभ्यर्थी आज ही करें आवेदन…

0

Agniveer Recruitment 2026 भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026 अंतर्गत युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा अग्निवीर भर्ती हेतु 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक’

वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

Agniveer Recruitment 2026 सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के अनुसार पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन संभावित रूप से 01 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच किया जाएगा। अभ्यर्थियों की तैयारी को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग द्वारा विशेष पहल की गई है। अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी, जिससे वे बेहतर तैयारी कर सकें।

ऐसे करें कोचिंग के लिए आवेदन –

जो अभ्यर्थी इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीयन करने के बाद छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाइट www.erojgar.cg.gov.in पर जाकर अग्निवीर भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण के लिंक पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए आवेदकों का पहले से रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। इसके पश्चात ही वे प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

युवाओं से अधिकाधिक भागीदारी की अपील –

जिला रोजगार अधिकारी जशपुर ने जिले के सभी पात्र युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अग्निवीर भर्ती में भाग लें और निःशुल्क कोचिंग सुविधा का उपयोग कर अपने भविष्य को संवारें। यह पहल न केवल युवाओं को सेना में सेवा का अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें अनुशासन, कौशल और सम्मानजनक करियर की दिशा में भी अग्रसर करेगी।

CG: 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब के दामों में बदलाव..

0

छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब के दाम बढ़ गए हैं. सरकार ने टैक्स संरचना में बदलाव करते हुए देसी, विदेशी शराब और बीयर पर नई दरें तय की हैं, जिससे खासकर प्रीमियम ब्रांड्स महंगे हो गए हैं. अब शराब पर ड्यूटी कीमत के आधार पर ली जा रही है. इस फैसले का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा. सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और व्यवस्था को बेहतर करना है, लेकिन आम लोगों को अब पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी.

छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब के दामों में बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य सरकार ने नई नीति के तहत देसी और विदेशी शराब, बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक पेय पर टैक्स संरचना में संशोधन किया है, जिससे कई श्रेणियों में कीमतें बढ़ गई हैं.

नई व्यवस्था में शराब पर ड्यूटी को कीमत (RSP) के आधार पर तय किया गया है, जिससे खासतौर पर प्रीमियम ब्रांड्स महंगे हो गए हैं. विदेशी शराब पर अलग-अलग स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया गया है, वहीं बीयर और कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर भी नई दरें लागू की गई हैं.

50 प्रतिशत तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी
सरकार ने देशी शराब पर लगभग 50 प्रतिशत तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी लागू की है, जबकि विदेशी शराब, वाइन और अन्य पेयों पर भी इसी तरह की दरें तय की गई हैं. इसके अलावा नई नीति में पैकेजिंग को लेकर भी बदलाव किया गया है, जिसमें कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक बोतलों का उपयोग बढ़ाया जाएगा.

शराब खरीदने के लिए पहले से ज्यादा खर्च
इस नीति का उद्देश्य राज्य का राजस्व बढ़ाना और शराब बिक्री प्रणाली को व्यवस्थित करना है. हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा. अब शराब खरीदने के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना होगा, खासकर महंगे ब्रांड्स के लिए.

CG: प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घरों के सपनों के साथ आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी हो रहे सुनिश्चित…

0

छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। राज्य ने न केवल सर्वाधिक आवास निर्माण पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है, बल्कि मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने हर्ष जताते हुए प्रदेशवासियों एवं हितग्राहियों को शुभकामनाएँ दी।

उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत छत्तीसगढ़ ने ‘एसएनए स्पर्श’ के माध्यम से देश में सर्वाधिक व्यय कर उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 2016 में योजना के प्रारंभ से अब तक एक ही वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण का रिकॉर्ड भी इसी वर्ष दर्ज किया गया है, जो राज्य की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि आवास से आजीविका’ के अभिनव प्रयास के अंतर्गत निर्माण सामग्री की आपूर्ति से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। जिसमें रोजगार पाकर 9000 से अधिक बिहान दीदियाँ “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसके साथ ही इस वर्ष 6000 से अधिक राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो देश में सर्वाधिक है।

उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों में 1400 महिलाएँ एवं 400 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं, जो मुख्यधारा में जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। पीएम आवास ग्रामीण  के हितग्राहियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने हेतु महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत कार्य भी कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल पक्के घरों का सपना साकार हो रहा है, बल्कि लोगों की आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हो रही है। राज्य आगे भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

नई दिल्ली में भारत-रूस के बीच अहम वार्ता, किन मुद्दों पर हुई बातचीत?

0

भारत और रूस के बीच नई दिल्ली में उच्चस्तरीय Foreign Office Consultations (FOC) आयोजित हुईं, जिसमें भारत के विदेश सचिव Vikram Misri और रूस के उप-विदेश मंत्री Andrey Rudenko ने भाग लिया. यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है.

बैठक का एजेंडा

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की. इसमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • रक्षा सहयोग
  • ऊर्जा साझेदारी (विशेषकर तेल और गैस)
  • व्यापार और निवेश
  • कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स
  • बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग

साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों जैसे एशिया-प्रशांत स्थिति, यूरेशिया, और वैश्विक सुरक्षा पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ.

23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन की प्रगति की समीक्षा

बैठक में दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित भारत-रूस 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई.

इस शिखर सम्मेलन में:

  • व्यापार को 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य
  • रक्षा उत्पादन में संयुक्त प्रयास
  • परमाणु ऊर्जा और आर्कटिक सहयोग

जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे (यह जानकारी भारत-रूस संबंधों के स्थापित ढांचे पर आधारित है; ताज़ा आधिकारिक पुष्टि सीमित है).

उच्च स्तरीय संपर्क और कूटनीतिक संकेत

रूसी उप-विदेश मंत्री Andrey Rudenko ने इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की. यह मुलाकात दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय संवाद की निरंतरता को दर्शाती है.

पिछली बैठक और निरंतरता

  • पिछली FOC बैठक मार्च 2025 में मॉस्को में हुई थी
  • इस बार नई दिल्ली में आयोजित बैठक उस प्रक्रिया का अगला चरण है

यह वार्षिक कूटनीतिक संवाद दोनों देशों के संबंधों की institutional continuity को दर्शाता है

भारत-रूस संबंध क्यों अहम

भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने हैं और इन्हें Special and Privileged Strategic Partnership कहा जाता है.

मुख्य आयाम:

  • भारत के रक्षा उपकरणों का बड़ा हिस्सा रूस से आता रहा है
  • रूस, भारत के लिए प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है
  • दोनों देश BRICS, SCO जैसे मंचों पर सहयोग करते हैं

नई दिल्ली में हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. ऐसे में भारत और रूस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे अपने पारंपरिक रिश्तों को न सिर्फ बनाए रखना चाहते हैं, बल्कि उन्हें नए क्षेत्रों विशेषकर व्यापार, ऊर्जा और बहुपक्षीय सहयोग में और मजबूत करना चाहते हैं.

‘बिहार के नए CM के सामने होंगी 5 बड़ी चुनौतियां’, शराबबंदी के नियमों में ढील के दावों के बीच JDU नेता का दावा…

0

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है. उन्होंने राज्यसभा में जीत दर्ज करने के बाद सोमवार (30 मार्च) को एमएलसी के पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही वे सीएम पद से भी इस्तीफा दे देंगे. इस बीच बिहार में नए सीएम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसे में नए मुख्यमंत्री के सामने बिहार को लेकर कई चुनौतियां हैं. वहीं जेडीयू नेता नीरज कुमार ने नए मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा दावा कर दिया है. नीरज कुमार ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया. राज्य में शराबबंदी को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है. बजट सत्र के दौरान सदन के अंदर सत्तारूढ़ दलों के ही कई विधायकों ने शराबबंदी खत्म करने या फिर नियमों में ढील देने की मांग की थी. अब जब नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाना है तो यह मुद्दा अहम माना जा रहा है.

जेडीयू नेता ने बताईं नए सीएम के लिए चुनौतियां

जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि नए मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून का राज है. उन्होंने दूसरी चुनौती पर कहा कि महिलाओं के सुहाग की रक्षा वह शराबबंदी के रूप में उसके जीवन कोलाहल पैदा न हो. उन्होंने तीसरी चुनौती पर कहा कि समाज में धर्म और जाति के आधार पर कोई भेदभाव का नहीं होना चाहिए. साथ ही बिहार में सद्भाव का वातावरण बना रहे. वहीं उन्होंने आगे कहा कि बिहार को औद्योगिक उड़ान में सफलता प्राप्त हो.

नीतीश कुमार ने सभापति को सौंपा इस्तीफा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (30 मार्च) को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय कुमार ने कुमार का इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा.

SIM Binding को लेकर डेडलाइन बढ़ा सकती है सरकार, जानिए क्या है वजह…

0

SIM Binding: भारत सरकार मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए लागू किए जा रहे SIM-बाइंडिंग नियम की समयसीमा को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है. तकनीकी दिक्कतों के चलते कंपनियों ने अतिरिक्त समय मांगा है जिसके बाद अब नई डेडलाइन दिसंबर 2026 तक बढ़ाई जा सकती है.

क्या है SIM-बाइंडिंग नियम?

सरकार ने नवंबर 2025 में एक नया नियम लागू किया था जिसके तहत WhatsApp, Telegram और Arattai जैसे ऐप्स को यूजर के मोबाइल नंबर को उसी SIM कार्ड से जोड़ना अनिवार्य किया गया था जो फोन में मौजूद हो. इसका मतलब साफ है अगर आपके फोन में रजिस्टर्ड SIM नहीं है तो आप उस ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इस कदम का मकसद फर्जी अकाउंट्स और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाना है खासकर उन मामलों में जहां विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है.

वेब वर्जन पर भी सख्ती

सरकार ने सिर्फ मोबाइल ऐप तक ही नहीं बल्कि वेब वर्जन पर भी नियम लागू करने की बात कही थी. उदाहरण के तौर पर, WhatsApp Web जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूजर को हर 6 घंटे में लॉगआउट किया जा सकता है. फिर से लॉगिन करने के लिए दोबारा वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा जिससे अकाउंट की सुरक्षा और मजबूत हो सके.

क्यों बढ़ सकती है डेडलाइन?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई कंपनियों ने सरकार को बताया कि इस सिस्टम को लागू करना इतना आसान नहीं है. टेक्निकल टेस्टिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट और अलग-अलग डिवाइस पर काम करने जैसी चुनौतियों के कारण कंपनियां तय समयसीमा में इस नियम को लागू नहीं कर पाईं. इसी वजह से सरकार अब इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है.

Android और iOS में अलग-अलग चुनौती

बताया जा रहा है कि सबसे पहले Android डिवाइस पर यह फीचर लागू किया जाएगा. वहीं, iPhone यानी iOS प्लेटफॉर्म पर कुछ तकनीकी बाधाएं हैं जिन्हें दूर करने पर काम जारी है. Apple और अन्य कंपनियां मिलकर इस सिस्टम को सुचारू बनाने की कोशिश कर रही हैं.

WhatsApp और अन्य कंपनियों की तैयारी

WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta इस दिशा में सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. फिलहाल Android यूजर्स के लिए SIM-बाइंडिंग फीचर बीटा टेस्टिंग में है. वहीं, भारतीय ऐप Arattai भी जल्द जरूरी अपडेट लाने की तैयारी में है ताकि वह इस नियम का पालन कर सके.

क्यों जरूरी है यह नियम?

सरकार का मानना है कि SIM-बाइंडिंग से साइबर अपराधों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2024 में साइबर फ्रॉड से देश को 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था. ऐसे में KYC-वेरीफाइड SIM को सीधे डिवाइस से जोड़ने से अकाउंट की पहचान पुख्ता होगी और धोखाधड़ी के मामलों को ट्रैक करना आसान बनेगा.

यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?

अगर यह नियम पूरी तरह लागू होता है तो यूजर्स को अपने मैसेजिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए उसी SIM का इस्तेमाल करना होगा जिससे अकाउंट बनाया गया है. हालांकि, डेडलाइन बढ़ने से फिलहाल यूजर्स और कंपनियों दोनों को राहत मिल सकती है.

हिमंत बिस्वा, स्टालिन और पिनरई विजयन.किस मुख्यमंत्री की कितनी संपत्ति? एक्टर विजय इनसे कितना आगे…

0

असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के मुख्यमंत्रियों ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, केरल के सीएम पी विजयन, पुडुचेरी के सीएम एन रंगासामी और तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने हलफनामे में अपनी-अपनी संपत्तियों की जानकारी दी. दस्तावेजों के मुताबिक, चारों सीएम में स्टालिन की संपत्ति सबसे ज्यादा है. साउथ के सुपरस्टार और TVK पार्टी के संस्थापक विजय ने भी नामांकन दाखिल किया है. उनकी संपत्ति इन सभी मुख्यमंत्रियों से कहीं ज्यादा है. एक्टर विजय 620 करोड़ रुपये से ज्यादा के मालिक हैं.

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन की संपत्ति-

अपने हलफनामे में दो बार के मुख्यमंत्री विजयन ने कुल ₹1.01 करोड़ की संपत्ति घोषित की. 2021 में ये ₹1.18 करोड़ थी. उनकी चल संपत्तियों का मूल्य ₹45 लाख से अधिक है, जिसमें बैंक जमा और मलयालम कम्युनिकेशंस लिमिटेड (जिसके स्वामित्व में कैराली टीवी है) तथा कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड जैसी कंपनियों के शेयर शामिल हैं.

हिमंत की संपत्ति-

₹2.36 करोड़ की चल संपत्ति है. 2021 में ये 1.72 करोड़ रुपये थी. उनकी पत्नी के पास ₹13.54 करोड़ की चल संपत्ति है. परिवार की कुल संपत्ति ₹35.15 करोड़ है. अचल संपत्ति की श्रेणी में सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी दोनों के पास कोई भी कृषि भूमि नहीं है और मुख्यमंत्री के पास कोई गैर-कृषि भूमि भी नहीं है.

स्टालिन की संपत्ति-

6.26 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति. इसमें चल संपत्ति 3.30 करोड़ रुपये है. स्टालिन (72) के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी अचल संपत्तियों का कुल वर्तमान बाजार मूल्य 2.96 करोड़ रुपये है, जिसमें 2.70 करोड़ रुपये की स्व-अर्जित संपत्तियां और 25.98 लाख रुपये की विरासत में मिली संपत्तियां शामिल हैं. इसके अनुसार उनकी पत्नी, दुर्गा स्टालिन के पास 1.32 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां और 2.11 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां हैं. हलफनामे के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए, स्टालिन ने 30.94 लाख रुपये की कुल आय घोषित की. इसके अनुसार उनकी आय के घोषित स्रोतों में विधानसभा सदस्य के रूप में उनका वेतन, बैंक जमा पर ब्याज और पुस्तक रॉयल्टी शामिल हैं. उनकी पत्नी ने इसी वित्तीय अवधि के लिए 5,33,740 रुपये की आय घोषित की, जिसमें उन्होंने किराये को अपनी आय का स्रोत बताया. हलफनामे में यह भी बताया गया है कि द्रमुक नेता स्टालिन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है और ना ही उन्हें किसी मामले में दोषी ठहराया गया है. इसके अलावा, उन्होंने शून्य देनदारियां घोषित की हैं, जिसमें बैंकों, वित्तीय संस्थानों या सरकारी एजेंसियों का कोई बकाया या ऋण शामिल नहीं है.

पुडुचेरी CM की संपत्ति:

AINRC के संस्थापक और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने 27.99 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है. उनके द्वारा घोषित अचल संपत्तियों में थट्टानचावडी में 8 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि, थट्टानचावडी गांव में स्थित दो आवासीय इमारतें है.हलफनामे में कहा गया है कि उनके नाम पर न तो कोई कृषि भूमि है और न ही कोई क्रिमिनल केस है.

एक्टर विजय की संपत्ति–

एक्टर और TVK पार्टी के संस्थापक विजय ने अपने चुनावी हलफनामे में 620 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति बताई है. इसमें करीब 404.58 करोड़ रुपये की चल संपत्ति शामिल है, जिसमें कई बैंकों में जमा रकम और लग्ज़री कारें शामिल हैं. 220.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है.

दैनिक अंक ज्योतिष ( Dainik Ank Jyotish 1 April 2026): 1 अप्रैल को खुलेंगे तरक्की के रास्ते, जानें अपना अंक ज्योतिष राशिफल…

0

Dainik Ank Jyotish 1 April 2026: 1 अप्रैल का दिन अपने साथ एक नई उमंग और ताजगी लेकर आया है. आज का मूलांक 1 है, जो आगे बढ़ने, साहस दिखाने और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. मूलांक 1 को ‘शुरुआत करने वाला’ कहा जाता है, इसलिए ये दिन आपको कुछ नया करने, पहला कदम बढ़ाने और अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने के लिए प्रेरित करेगा. अगर पिछला महीना थकान या उलझनों भरा रहा था, तो ये दिन आपके लिए एक कोरी स्लेट की तरह है, जहां आप अपनी कहानी नए सिरे से लिख सकते हैं.

मूलांक के अनुसार भविष्यफल.मूलांक 1 (यदि आपका जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है)

1 अप्रैल का दिन आपके लिए बहुत असरदार रहेगा. मूलांक 1 की ऊर्जा आपके अपने स्वभाव से पूरी तरह मेल खाती है, जिससे आप खुद को काफी प्रेरित महसूस करेंगे. आप कामकाज में कमान संभालने या नई योजनाएं बनाने के लिए तैयार रहेंगे. भाग्यांक 6 सलाह देता है कि आपकी तरक्की सही रणनीति और प्लानिंग से ही होगी. अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें, पर जल्दबाजी में फैसले न लें.

किससे बचें: अहंकार दिखाने या दूसरों को कंट्रोल करने की कोशिश से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: असली संचालन वही है जो दबाव से नहीं, बल्कि स्पष्ट सोच से किया जाए.

मूलांक 2 (यदि आपका जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ है)

दिन आपको सामान्य से थोड़ा ज्यादा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा. आपको किसी की मदद के बिना खुद फैसले लेने या जिम्मेदारी उठाने की जरूरत पड़ सकती है. भाग्यांक 6 नई चीजें सीखने और पर्दे के पीछे रहकर योजना बनाने में आपका साथ देगा. अपने शेड्यूल को व्यवस्थित करने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है.

किससे बचें: दूसरों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने या छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: जब आप खुद पर भरोसा करते हैं, तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित लगने लगती है.

मूलांक 3 (यदि आपका जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ है)

1 अप्रैल आपके लिए नई क्रिएटिविटी और अच्छे संवाद की ऊर्जा लेकर आया है. आप किसी पुराने प्रोजेक्ट को नए सिरे से शुरू करने या कोई नया आइडिया पेश करने के लिए उत्साहित रहेंगे. भाग्यांक 6 की सलाह है कि अपने विचारों को दूसरों के सामने रखने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें. रिसर्च और प्लानिंग के लिए आज का समय बहुत श्रेष्ठ है.

किससे बचें: फालतू की गपशप करने या बिना वजह जरूरत से ज्यादा बोलने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: आपके शब्द तभी असर करते हैं जब वे किसी मकसद के साथ कहे जाएं.

मूलांक 4 (यदि आपका जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ है)

दिन आपसे थोड़ी सहजता और फुर्ती की मांग करेगा, जो आपके अनुशासित स्वभाव के लिए थोड़ा अलग हो सकता है. मूलांक 1 आपको कुछ साहसी कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा. अगर आप काम शुरू करने से पहले थोड़ा सोच-विचार करेंगे, तो भाग्यांक 6 आपका पूरा साथ देगा. अधूरे कामों को पूरा करने और नए लक्ष्य तय करने के लिए आज का दिन अच्छा है.

किससे बचें: व्यवहार में बहुत ज्यादा कड़ापन लाने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: नई शुरुआत के लिए हिम्मत चाहिए होती है, हर चीज का परफेक्ट होना जरूरी नहीं.

मूलांक 5 (यदि आपका जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ है)

ये दिन नई संभावनाओं से भरा है. मूलांक 1 नए मौकों और साहसी फैसलों में आपका साथ देगा. आप कुछ जोखिम उठाना चाहेंगे, लेकिन भाग्यांक 6 की सलाह है कि पहले बारीकियों को अच्छी तरह जांच लें. अगर आप अपने जोश और बुद्धिमानी के बीच तालमेल बिठाएंगे, तो बड़ी सफलता मिल सकती है.

किससे बचें: बिना सोचे-समझे पैसे खर्च करने या अचानक कोई इमोशनल फैसला लेने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: असली आजादी तभी मिलती है जब आपके फैसले पूरी जागरूकता के साथ लिए जाएं.

मूलांक 6 (यदि आपका जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ है)

आपके लिए एक खास संदेश है: खुद पर ध्यान दें. आप अक्सर दूसरों की जरूरतों को पहले रखते हैं, लेकिन आज मूलांक 1 आपको अपनी तरक्की के लिए कदम उठाने की याद दिलाएगा. भाग्यांक 6 आपको भविष्य की योजना बनाने या कुछ नया सीखने में मदद करेगा, जिससे लंबी अवधि में आपको लाभ मिलेगा.

किससे बचें: आज का दिन नई शुरुआत, साहस और आत्मविश्वास का है. दूसरों के लिए अपनी खुशियों का त्याग न करें.

आध्यात्मिक सुझाव: खुद से प्यार करना भी आपकी अपनी एक जिम्मेदारी है.

मूलांक 7 (यदि आपका जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ है)

दिन आपके लिए काफी खास है क्योंकि भाग्यांक 6 की ऊर्जा सीधे आपके स्वभाव से मेल खा रही है. आपको अपने करियर या जीवन की दिशा को लेकर मन ही मन कोई बड़ा इशारा या साफ़ रास्ता नजर आ सकता है. मूलांक 1 आपको नई योजना पर काम शुरू करने की हिम्मत देगा. याद रखें, आज लिया गया एक छोटा सा कदम भी भविष्य में बड़े और अच्छे नतीजे ला सकता है.

किससे बचें: खुद को एकदम अकेला कर लेने या बातचीत से पूरी तरह कट जाने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: जब आप अपने अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करते हैं, तो जीवन आसान हो जाता है.

मूलांक 8 (यदि आपका जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ है)

कामकाज की प्लानिंग के लिए आज का दिन बहुत बढ़िया रहने वाला है. मूलांक 1 आपको संचालन करने और नई पहल करने की हिम्मत देगा, वहीं भाग्यांक 6 सही रास्ता चुनने में आपकी मदद करेगा. पैसों से जुड़े फैसले लेते समय थोड़ा धीरज रखें. शॉर्टकट के चक्कर में पड़ने के बजाय लंबी दूरी के फायदों के बारे में सोचें. आज कोई नया मौका सामने आ सकता है, बस उसे अच्छी तरह जांच-परखकर ही आगे बढ़ें.

किससे बचें: स्थितियों को बहुत ज्यादा कंट्रोल करने या दूसरों पर दबाव बनाने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: सच्ची सफलता समझदारी से मिलती है, जोर-जबरदस्ती से नहीं.

मूलांक 9 (यदि आपका जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ है)

आपको कोई ऐसा काम फिर से शुरू करने का मौका मिल सकता है, जिसे आप पूरी तरह खत्म मान चुके थे. मूलांक 1 आपको नई ऊर्जा देगा, वहीं भाग्यांक 6 पुराने अनुभवों से सीखकर बेहतर चुनाव करने में मदद करेगा. आज आप अपने काम करने के तरीके या अपने मकसद को नए सिरे से तय कर सकते हैं. बस अपने मन की आवाज सुनें, वही आपको सही रास्ता दिखा रही है.

किससे बचें: पुरानी बातों को लेकर दुखी होने या मन में कड़वाहट रखने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: माफ कर देना ही एक नई और सुंदर शुरुआत करने का सबसे अच्छा तरीका है.

इनकम टैक्स रिटर्न भरना शुरू, नए ITR फॉर्म में क्या बदला? समझें पूरी बात…

0

इनकम टैक्स भरने का समय एक बार फिर शुरू हो गया है. इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी जरूरी ITR फॉर्म 1-7 जारी कर दिए हैं. अब नौकरी करने वाले, पेंशन पाने वाले और दूसरे टैक्स देने वाले लोग अपनी आमदनी के हिसाब से सही फॉर्म चुनकर रिटर्न भर सकते हैं.

इस बार रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है.

हर साल की तरह इस बार भी कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके. सबसे जरूरी बात यह है कि सही ITR फॉर्म का चुनाव करना बहुत जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति गलत फॉर्म भर देता है, तो उसे बाद में नोटिस या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी कमाई किन-किन स्रोतों से हो रही है.

ITR 1 में हुआ बदलाव

इस साल ITR 1 फॉर्म में एक बड़ा और राहत भरा बदलाव किया गया है. अब इस फॉर्म में दो घरों से होने वाली आमदनी को भी दिखाया जा सकता है. पहले ऐसा नहीं था और सिर्फ एक ही हाउस प्रॉपर्टी की जानकारी देने की अनुमति थी. इस बदलाव से उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनके पास दो मकान हैं, क्योंकि अब उन्हें ज्यादा जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे छोटे और मध्यम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करना काफी आसान हो जाएगा.

किन्हें भरना है ITR 1

ITR 1 आमतौर पर उन लोगों के लिए होता है जिनकी कमाई सैलरी, पेंशन या घर से किराए के रूप में होती है. हालांकि इसमें कुछ तरह की कमाई को शामिल नहीं किया जा सकता, जैसे बिजनेस से होने वाली आय या प्रोफेशन से कमाई. इसके अलावा ज्यादा कैपिटल गेन या लॉटरी जैसी इनकम भी इसमें नहीं दिखाई जा सकती. इसलिए यह फॉर्म केवल सीमित और सरल आय वाले लोगों के लिए ही उपयुक्त है.

ITR 2

वहीं, ITR 2 उन लोगों के लिए होता है जिनकी आमदनी कई स्रोतों से होती है, जैसे शेयर या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, तो वह ITR 2 नहीं भर सकता. ऐसे मामलों में ITR 3 का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. इसलिए फॉर्म भरने से पहले अपनी आय की प्रकृति को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है.

ITR-U क्या है?

ITR-U एक ऐसा विकल्प है जिससे आप अपनी पुरानी गलती सुधार सकते हैं. अगर आपने रिटर्न नहीं भरा, कोई आय बताना भूल गए या गलत जानकारी दे दी थी, तो ITR-U के जरिए उसे बाद में ठीक किया जा सकता है.

ITR-V क्या है?

ITR-V एक रसीद की तरह होता है, जो बताता है कि आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा कर दिया है. रिटर्न भरने के बाद इसे 30 दिनों के अंदर वेरिफाई करना जरूरी होता है.

जल्दी ITR भरने का फायदा

समय पर ITR भरने से आपको जुर्माने से बचाव मिलता है और अगर रिफंड बनता है तो वो जल्दी मिल जाता है. देर से फाइल करने पर पेनल्टी लग सकती है और प्रक्रिया भी थोड़ी मुश्किल हो जाती है.