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“भारत का नागरिक कौन? भारत में नागरिकता का सवाल: मोदी सरकार…”

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भारत का नागरिक कौन?

मोदी सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है: भारत का नागरिक कौन है? क्या नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत भारत के नागरिक हैं? उनके पास नागरिकता के प्रमाण क्या हैं?

यह सोचने का विषय है, खासकर हिंदुओं के लिए। पहले इन्होंने संसद और विधानसभाओं में वंदे मातरम् का गान अनिवार्य किया और अब यह बता रहे हैं कि किसी के पास नागरिकता का ठोस प्रमाण नहीं है। मुझे लगता था कि पासपोर्ट होना ही नागरिकता का प्रमाण है, क्योंकि इसमें जन्मस्थान, तारीख, परिवार और वंश का उल्लेख होता है। विश्व के एयरपोर्ट पर इसे भारत के नागरिक होने का दस्तावेज माना जाता है।

अब मोदी सरकार ने कहा है कि पासपोर्ट भी नागरिकता का प्रमाण नहीं है। सोचिए, 15 अगस्त 1947 के बाद के स्वतंत्र भारत के नागरिकों की स्थिति पर। लोग राशन कार्ड, पैन कार्ड, इनकम टैक्स, पासपोर्ट और वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन कोई भी दस्तावेज नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है।

पिछले बारह वर्षों में संघ और भाजपा ने हिंदू समाज में यह धारणा स्थापित की है कि भारत केवल एक भूखंड नहीं, बल्कि मातृभूमि है। राष्ट्रभक्ति केवल संवैधानिक निष्ठा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आस्था है। वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना है। यदि ऐसा है, तो राष्ट्र अपने नागरिकों से पहचान का प्रमाण क्यों मांगता है? क्या मातृभूमि अपने ही संतान से कहेगी कि पहले अपनी पहचान साबित करो?

हम हिंदू भारत की मिट्टी से सभ्यतागत पहचान रखते हैं। इस संदर्भ में राष्ट्र और राज्य का अर्थ क्या है? क्या मनुष्य पहले पैदा हुआ या राज्य? धर्म और सभ्यता पहले हैं या 1950 में बना भारत गणराज्य? भारत ने समाज नहीं बनाया, तब राष्ट्र कौन है जो नागरिकता का मालिक मानकर कह रहा है कि इस भूमि में रहने का अधिकार प्रमाणित करना होगा?

भारत अपने ही नागरिकों को भीड़ और लावारिस भेड़-बकरी की तरह देख रहा है। उसे जन्मभूमि में जन्मे लोगों के लिए प्रामाणिक दस्तावेज चाहिए, जो किसी के पास नहीं है।

मेरा मानना है कि इस बहस से गृहमंत्री अमित शाह नागरिकता कार्ड बनाने का नया तामझाम शुरू करेंगे। कौन नागरिक है और कौन नहीं, इस पर बहस कर हिंदू बनाम मुस्लिम राजनीति का नया धंधा खड़ा करेंगे, जिससे अगले दस-बीस सालों तक भगवा राजनीति को बढ़ावा मिलेगा।

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी कीमतों में वृद्धि का कारण….

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वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट थम गई है। 27 जून की सुबह, देश के कई प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने एक बार फिर 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है, जिससे घरेलू बाजार में हलचल बढ़ गई है। वर्तमान में हाजिर सोना 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

कीमतों में वृद्धि का कारण

कीमतों में इस अचानक उछाल का मुख्य कारण अमेरिका के आर्थिक आंकड़े हैं। अमेरिका में मई तक के पिछले 12 महीनों में ‘U.S. पर्सनल कंजंप्शन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स’ में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। महंगाई के इस आंकड़े के सामने आने के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हुई हैं। इस कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर बढ़ा है।

प्रमुख शहरों में सोने के भाव

भारतीय बाजारों में आज 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है। देश के महानगरों में सोने के दाम कुछ इस प्रकार हैं: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,960 रुपये हो गई है, जबकि 22 कैरेट का भाव 1,31,060 रुपये पर पहुंच गया है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,760 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,30,860 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई और अन्य राज्यों में सोने-चांदी की कीमत

चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,100 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,33,010 रुपये है। पुणे और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें मुंबई के समान हैं, जहां 24 कैरेट सोना 1,42,760 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,30,860 रुपये में मिल रहा है।

चांदी की कीमतों में भी उछाल

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। घरेलू बाजार में चांदी की कीमत 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम (240.10 रुपये प्रति ग्राम) तक पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.12 डॉलर प्रति औंस पर है। भारत में चांदी की कीमतें डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करती हैं।

सोना खरीदने के लिए सुझाव

यदि आप सोना खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट या अपने स्थानीय ज्वैलर से नवीनतम दरें अवश्य जांच लें। साथ ही, ध्यान रखें कि गहनों की असली कीमत में मेकिंग चार्ज और GST भी शामिल होंगे।

“मौसम में बदलाव की संभावना: हल्की बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट”

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उत्तर भारत में मौसम में बदलाव: हल्की बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

जून के अंत में, उत्तर भारत में दक्षिण उत्तर भारत में मौसम में बदलाव

जून के अंत में, उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। अधिकांश राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि रविवार, 28 फरवरी से मौसम में बदलाव की संभावना है। यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के प्रभाव के कारण होगा।

हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना

इस दौरान हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ने की संभावना है, जिससे पेड़ गिरने और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने का खतरा है।

मानसून की प्रगति

आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है। अगले तीन से चार दिनों में, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश हुई। शिमला के बाहरी इलाके मशोबरा में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम केंद्र ने 27 जून से राज्य में छह दिनों तक बारिश का अनुमान लगाया है और 1 तथा 2 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दक्षिण -पश्चिम मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। अधिकांश राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि रविवार, 28 फरवरी से मौसम में बदलाव की संभावना है। यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के प्रभाव के कारण होगा।

हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना

इस दौरान हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ने की संभावना है, जिससे पेड़ गिरने और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने का खतरा है।

मानसून की प्रगति

आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है। अगले तीन से चार दिनों में, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश हुई। शिमला के बाहरी इलाके मशोबरा में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम केंद्र ने 27 जून से राज्य में छह दिनों तक बारिश का अनुमान लगाया है और 1 तथा 2 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

” अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उद्यमियों को बधाई दी…”

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“अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस (एमएसएमई दिवस) के अवसर पर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उद्यमियों को बधाई दी।”

“सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया, “आज ‘अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस’ पर उत्तर प्रदेश की उद्यमिता, युवा क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई ऊर्जा मिलेगी।”

“उन्होंने आगे बताया कि इस अवसर पर नोएडा, गौतमबुद्ध नगर में यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का उद्घाटन होगा। इसके साथ ही ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट, एमएसएमई इकाइयों को सब्सिडी चेक और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को सहायता राशि का वितरण किया जाएगा।”

“सीएम योगी ने यह भी कहा कि 2,479 करोड़ रुपए की लागत से 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा, जिससे विकास की नई दिशा का आरंभ होगा।”

“उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, “अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर सभी उद्यमियों और नवोन्मेषकों को बधाई।” उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है।”

“मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस अवसर पर उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनके प्रयासों से मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।”

“राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी उद्यमियों को इस दिन की शुभकामनाएं दीं।”

” पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता” क्या है भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत? 

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पिछले एक महीने से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं आया है। 27 जून को सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम को स्थिर रखा।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भविष्य में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की वर्तमान कीमतें क्या हैं और ये कीमतें कैसे निर्धारित होती हैं।

पिछली बढ़ोतरी और वर्तमान स्थिति

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार 25 मई को वृद्धि की गई थी। उस समय पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से अब तक कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर अनिश्चितता है।

बड़े शहरों में ताजा कीमतें

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। हालांकि, अधिकांश शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये से कम है, लेकिन हैदराबाद में यह 103.82 रुपये प्रति लीटर है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों का निर्धारण

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत होती है। चूंकि पेट्रोल और डीजल का उत्पादन कच्चे तेल से होता है, इसलिए इसकी कीमतों में बदलाव का सीधा असर ईंधन की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो कच्चा तेल महंगा पड़ता है, जिसका प्रभाव उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

राज्यों में कीमतों का अंतर

कई लोग यह जानना चाहते हैं कि एक ही देश में अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्यों भिन्न होती हैं। इसका मुख्य कारण केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स हैं। हर राज्य में वैट और अन्य स्थानीय कर अलग-अलग होते हैं, जिससे कीमतों में भिन्नता आती है। इसके अलावा, तेल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की लागत, परिवहन खर्च और स्थानीय मांग-आपूर्ति की स्थिति भी खुदरा कीमतों को प्रभावित करती है। यही कारण है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं।

“बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की नई संभावनाएं” इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक सकारात्मक खबर…”

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बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने विशेषज्ञ (प्रोफेशनल) पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया को फिर से खोल दिया है।

इस बार, आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर की जाएगी। बैंक ने 26 जून 2026 को एक एडेंडम जारी कर इस प्रक्रिया की जानकारी दी है। हालांकि, भर्ती से संबंधित पात्रता मानदंड और अन्य शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी।

आवेदन प्रक्रिया का पुनः आरंभ

बैंक ऑफ बड़ौदा ने बताया कि यह भर्ती पहले विज्ञापन संख्या BOB/HRM/REC/ADVT/2025/15 के तहत शुरू की गई थी। अब कुछ पदों के लिए नए उम्मीदवारों से फिर से आवेदन मांगे गए हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 26 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 5 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे तक आवेदन जमा कर सकते हैं। पात्रता की कट-ऑफ तिथि 1 जून 2026 निर्धारित की गई है।

कुल 8 रिक्तियों के लिए आवेदन

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 6 विभिन्न पदों पर 8 रिक्तियां भरी जाएंगी। इनमें डिप्टी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, डिप्टी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, डिप्टी चीफ डिजिटल ऑफिसर, डिप्टी चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-बल्क रिटेल और डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-बल्क रिटेल के पद शामिल हैं। डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-बल्क रिटेल के लिए सबसे अधिक तीन रिक्तियां निर्धारित की गई हैं।

पहले आवेदन करने वालों के लिए नियम

बैंक ने स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले जारी विज्ञापन के तहत इन पदों के लिए आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। पहले जमा किए गए आवेदन वैध माने जाएंगे। दोबारा आवेदन केवल उन अभ्यर्थियों के लिए है, जिन्होंने पिछली बार आवेदन नहीं किया था और अब इस अवसर का लाभ लेना चाहते हैं।

आवेदन शुल्क में छूट

इस बार आवेदन प्रक्रिया की सबसे बड़ी राहत यह है कि सभी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इसका मतलब है कि आवेदन पत्र जमा करते समय किसी भी श्रेणी के अभ्यर्थी को कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह विशेष व्यवस्था केवल दोबारा खोली गई आवेदन विंडो के लिए लागू की गई है।

आवेदन से पहले आवश्यक जांच

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य पात्रता शर्तों की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए। बैंक ने स्पष्ट किया है कि पहले जारी भर्ती विज्ञापन में दिए गए सभी नियम और शर्तें यथावत लागू रहेंगी। जिन उम्मीदवारों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, वे अंतिम तिथि 5 जुलाई 2026 से पहले बिना किसी आवेदन शुल्क के अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर सकते हैं।

“हरिद्वार में सड़क अवसंरचना का विकास ” सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए तेजी से काम कर रहा है” “एनएचएआई”…”

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अर्धकुंभ-2027 की तैयारी में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हरिद्वार में सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए तेजी से काम कर रहा है।

हरिद्वार में चल रही स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) परियोजनाएं पूरी होने के बाद न केवल शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करेंगी, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।

एनएचएआई द्वारा विकसित 51 किलोमीटर लंबी छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर टू हरिद्वार परियोजना का लगभग 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना के तहत 46 किलोमीटर छह-लेन मार्ग का निर्माण हो चुका है। यह कॉरिडोर दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे को हरिद्वार से जोड़ते हुए हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 तक पहुंचेगा। परियोजना के पूरा होने से दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले एक वैकल्पिक और तेज मार्ग मिलेगा।

हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) का लगभग 77 प्रतिशत कार्य भी पूरा हो चुका है, जिसमें 9 किलोमीटर फोर-लेन सड़क का निर्माण शामिल है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर एनएच-34 पर चंडी देवी मंदिर के निकट समाप्त होगा। इसके चालू होने से हर की पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे शहर के भीतरी हिस्सों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी।

इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार की यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। वर्तमान में, हरिद्वार आने वाले अधिकांश वाहन शहर के भीतर से गुजरते हैं, जिससे प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग जाता है। एनएचएआई श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए सड़क अवसंरचना को चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ कर रहा है। स्पर टू हरिद्वार परियोजना बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगी, जबकि हरिद्वार बाईपास शहर के भीतर अनावश्यक यातायात दबाव को कम करेगा। इससे सभी को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, हरिद्वार-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे व्यस्त जंक्शनों पर फ्लाईओवर, व्हीक्युलर अंडरपास (वीयूपी) और सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा बढ़ेगी और चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा, जिससे आगामी अर्धकुंभ के दौरान वाहनों का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा।

एनएचएआई द्वारा पहले से विकसित मुजफ्फरनगर-नेपाली फार्म चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग पहले से ही चालू है, जो हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है। आगामी अर्धकुंभ के दौरान यह मार्ग यातायात के दबाव को कम करने और वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यातायात को और अधिक सुरक्षित और स्मार्ट बनाने के लिए एनएचएआई हरिद्वार-मुजफ्फरनगर, स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास मार्गों पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी लागू कर रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से यातायात की रियल-टाइम निगरानी, सड़क उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने, यातायात नियमों के अनुपालन पर नजर रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

एनएचएआई का लक्ष्य है कि अर्धकुंभ-2027 से पहले इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा कर हरिद्वार में आधुनिक, सुरक्षित और सुगम सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराया जाए। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नई गति मिलेगी।

” प्रधानमंत्री मोदी का आधिकारिक दौरा” तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा की शुरुआत “

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“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सेशेल्स के लिए तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा की एक विशेषता यह है कि प्रधानमंत्री की मुलाकात दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय कछुए ‘जोनाथन’ से होगी।”

“यह कछुआ लगभग 194 वर्ष पुराना है और इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर के रूप में मान्यता प्राप्त है।”

इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह अवसर भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिससे यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गई है।”

जोनाथन से मुलाकात

सेशेल्स पहुंचने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी का पहला ठिकाना सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन होगा, जहां उनकी मुलाकात जोनाथन से होगी। जोनाथन की उम्र लगभग 194 वर्ष मानी जाती है, हालांकि इसकी वास्तविक जन्मतिथि का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।”

जोनाथन ने अपनी प्रजाति की औसत आयु से अधिक समय तक जीवित रहकर न केवल सेशेल्स बल्कि पूरी दुनिया में दीर्घायु और प्राकृतिक संरक्षण का प्रतीक बन गया है। यह मुलाकात पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है।”

वृक्षारोपण कार्यक्रम में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन में वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस पहल के माध्यम से भारत और सेशेल्स जलवायु परिवर्तन से निपटने, हरित विकास को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी साझा सोच को मजबूत करेंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में जलवायु संकट को देखते हुए यह कार्यक्रम दोनों देशों के पर्यावरणीय सहयोग को नई दिशा देगा।”

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का संदेश

दौरे पर रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेशेल्स को भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और वैश्विक दक्षिण का अहम साझेदार बताया।”

उन्होंने कहा कि सेशेल्स भारत के विजन MAHASAGAR का महत्वपूर्ण सहयोगी है और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात को लेकर उत्साह व्यक्त किया।”

द्विपक्षीय वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, रक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।”

राष्ट्रीय दिवस समारोह में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर भारतीय रक्षा बलों का एक विशेष दल और भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी समारोह में भाग लेंगे।”

यह भागीदारी भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत रक्षा सहयोग और सामरिक विश्वास को दर्शाती है।”

समुद्री सुरक्षा में सहयोग

भारत और सेशेल्स लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और तटीय निगरानी के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।”

भारत ने सेशेल्स को कई रक्षा उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत हो रहा है।”

जलवायु परिवर्तन और ब्लू इकोनॉमी पर ध्यान

इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।”

भारत और सेशेल्स ब्लू इकोनॉमी और समुद्री जैव विविधता के संरक्षण पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।”

2015 के बाद पहली यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 2015 के बाद सेशेल्स की पहली यात्रा है। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करने वाली मानी जा रही है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से न केवल रणनीतिक और आर्थिक सहयोग मजबूत होगा, बल्कि पर्यटन, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी नए अवसर मिलेंगे।”

भारत-सेशेल्स संबंधों को नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र के सामरिक महत्व को देखते हुए महत्वपूर्ण है।”

जोनाथन से मुलाकात और राष्ट्रीय दिवस समारोह में उनकी भागीदारी भारत और सेशेल्स की दशकों पुरानी मित्रता को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।”

“हैदराबाद में डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर सड़क” भारत और अमेरिका के रिश्तों में नया अध्याय…”

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भारत-अमेरिका संबंधों में नया मोड़”

“हैदराबाद से आई एक नई खबर ने भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों को एक नया मोड़ दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैदराबाद में अपने नाम पर एक सड़क का नामकरण होने पर खुशी व्यक्त की और इसे अपने लिए एक विशेष सम्मान बताया।”

“उन्होंने कहा कि वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिनके नाम पर इस तरह की सड़क का नाम रखा गया है। इस निर्णय के बाद, अमेरिकी पक्ष ने इसे दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक बताया, जबकि भारत में इस पर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।”

“तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के निकट एक सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’ रखा गया है। यह कदम अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता वर्ष के उपलक्ष्य में उठाया गया। इस अवसर पर तेलंगाना के डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी महावाणिज्य दूत लौरा विलियम्स ने नई नामपट्टिका का अनावरण किया।”

“ट्रंप का आभार और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया” ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जताया आभार”

“डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस कार्यक्रम की तस्वीर साझा करते हुए अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि हैदराबाद में उनके नाम पर सड़क का नामकरण उनके लिए गर्व की बात है। ट्रंप ने इस सम्मान के लिए भारत और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया।”

“अमेरिकी वाणिज्य दूतावास का बयान”अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने बताया ऐतिहासिक अवसर”

“हैदराबाद स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने इस अवसर को विशेष बताया। दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के 250वें जन्मदिन के अवसर पर ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’ का नामकरण दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने तेलंगाना सरकार और वहां के लोगों का भी धन्यवाद किया। दूतावास का कहना था कि यह कदम भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश देता है।”

“सड़क का महत्व और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं” इस सड़क की लोकेशन क्यों है खास?”

“समाचार स्रोतों के अनुसार, जिस सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’ रखा गया है, वह हैदराबाद के एक प्रमुख कारोबारी क्षेत्र में स्थित है, जहां माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन जैसी कई बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों के कार्यालय हैं। इस कारण, इस सड़क का नामकरण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि अमेरिका और हैदराबाद के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग का प्रतीक भी माना जा रहा है।”

नामकरण के बाद शुरू हुई राजनीतिक बहस”

“इस निर्णय के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को निशाना बनाया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ट्रंप की आलोचना करती है, तो फिर उसी पार्टी की सरकार उनके नाम पर सड़क क्यों बना रही है।”

“पूनावाला ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में तेलंगाना के डिप्टी मुख्यमंत्री शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने एक पुराने राजनीतिक मुद्दे का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया कि जब राहुल गांधी उद्योगपति गौतम अडानी को लेकर सवाल उठा रहे थे, तब तेलंगाना सरकार ने अडानी समूह के साथ समझौता किया था। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और तेलंगाना सरकार के फैसलों में विरोधाभास है। इस मामले पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।”

“ट्रंप के दौरे की तैयारियों में जुटे हैं रुबियो”अमेरिकी राष्ट्रपति का भारत दौरा जल्द”

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो भारत के प्रति विशेष लगाव रखते हैं, अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं।

इस बारे में जानकारी देते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वे ट्रंप के इस ऐतिहासिक दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही भारत आएंगे।

रुबियो ने बताया कि ट्रंप प्रशासन भारत दौरे की तैयारियों में जुटा हुआ है, जो भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं।

“रुबियो की भारत यात्रा”ट्रंप से पहले रुबियो आएंगे भारत”

व्हाइट हाउस में एक साक्षात्कार के दौरान, रुबियो ने कहा कि वे साल के अंत में ट्रंप के दौरे की तैयारियों के सिलसिले में भारत की यात्रा करेंगे। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि हाल ही में जी7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप और पीएम मोदी के बीच हुई मुलाकात ने इन संबंधों को और बेहतर किया है।

रुबियो ने यह भी कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों का एक साथ मिलकर आगे बढ़ना अत्यंत आवश्यक है।

“ट्रंप और मोदी के बीच दोस्ताना रिश्ते”पीएम मोदी की कई बार तारीफ कर चुके ट्रंप”

यह ध्यान देने योग्य है कि पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच गहरे दोस्ताना रिश्ते हैं, जिनका उल्लेख ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक रूप से किया है। हालांकि, अप्रैल 2025 के बाद से दोनों देशों के संबंधों में उतार-चढ़ाव आया है, फिर भी उम्मीद है कि ट्रंप का यह संभावित दौरा व्यापारिक और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगा।