छत्तीसगढ़ में अप्रैल की शुरुआत राहत और चुनौती दोनों लेकर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक इस महीने प्रदेश में तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में गर्मी भी अपना असर दिखाएगी।
छत्तीसगढ़ में अप्रैल की शुरुआत राहत और चुनौती दोनों लेकर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक इस महीने प्रदेश में तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में गर्मी भी अपना असर दिखाएगी। यानी पूरे महीने मौसम का मिजाज उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।
फिलहाल सक्रिय मौसमी सिस्टम के असर से अगले दो दिनों तक कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही तेज हवाएं और वज्रपात भी देखने को मिल सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन खराब मौसम को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
अभी प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक चल रहा है, लेकिन आने वाले तीन दिनों में इसमें 2 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी रिकॉर्ड की गई है, जिससे मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है।
मौसम में इस बदलाव की वजह पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़ी द्रोणिका को माना जा रहा है, जो मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत तक फैली हुई है और इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।
राजधानी रायपुर में भी एक अप्रैल को बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश के तापमान की बात करें तो सबसे ज्यादा गर्मी राजनांदगांव में दर्ज की गई, जहां पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के आंकड़ों में तोकापाल, भनपुरी और जगदलपुर जैसे इलाकों में हल्की वर्षा दर्ज की गई है।



