Diary Farming Tips: गर्मियों में लोबिया, मक्का और ज्वार जैसे हरे चारे पशुओं के लिए वरदान हैं. मात्र 30-40 दिनों में तैयार होने वाली ये फसलें पशुओं को लू से बचाती हैं और दूध का उत्पादन अच्छा रखती हैं.
तपती गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हम सब के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि अपने दुधारू पशुओं को लू और भीषण गर्मी की मार से कैसे बचाएं. इस मौसम में अक्सर देखने को मिलता है कि सही पोषण न मिलने के चलते पशु बीमार पड़ने लगते हैं और उनका दूध उत्पादन भी अचानक बहुत कम हो जाता है. इसलिए गर्मियों के इस कठिन समय में सही और पौष्टिक हरे चारे का चुनाव पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो सकता है.
अगर इस समय हम अपने पशुओं के खान-पान में कुछ खास हरे चारों को शामिल कर लें तो न केवल उनकी सेहत एकदम दुरुस्त रहेगी बल्कि इस चिलचिलाती धूप में भी दूध की लगातार बारिश होती रहेगी. जान लीजिए एक्सपर्ट्स टिप्स
कम समय में बंपर पैदावार देने हरे चारे
एक्सपर्ट्स के मुताबिक पशुपालकों के लिए गर्मियों के मौसम में लोबिया, मक्का, बरसीम, नेपियर घास और ज्वार जैसे हरे चारे सबसे ज्यादा फायदेमंद और असरदार साबित होते हैं. इन फसलों की सबसे बड़ी और मजेदार खासियत यह है कि ये बहुत तेजी से बढ़ती हैं और मात्र तीस से चालीस दिनों के भीतर कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं.
कम समय में पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता हो जाने के कारण आपके फार्म पर कभी भी फीड की कमी नहीं होती है. अगर किसान भाई अपने खेतों में लोबिया, मक्का और ज्वार की समय पर बुवाई कर दें तो वे गर्मियों के महीनों में होने वाली चारे की किल्लत को काफी हद तक हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं.
पशुओं की सेहत रहेगी तंदुरुस्त
ये समर स्पेशल हरे चारे न केवल हमारे गाय और भैंसों के शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखते हैं बल्कि उन्हें भरपूर मात्रा में जरूरी प्रोटीन और विटामिंस भी प्रदान करते हैं. इससे पशुओं की पाचन शक्ति बहुत मजबूत होती है जिससे उनका दूध उत्पादन और फैट का स्तर गर्मियों में भी बिल्कुल कम नहीं होता है.
यह हरे चारे इस चीज में भी फायदेमंद
इसके साथ ही इन फसलों की एक और छिपी हुई सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये मिट्टी की उर्वरता यानी उसकी उपजाऊ शक्ति को भी प्राकृतिक रूप से बहुत बढ़ा देती हैं जिसका सीधा फायदा किसानों को अपनी अगली फसल में देखने को मिलता है. तो फिर देर किस बात की इन हरे चारे की खेती अपनाएं अपने पशुओं को चुस्त-दुरुस्त रखें और डेयरी से अपनी आय में छप्परफाड़ बढ़ोतरी करें.



