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15 हजार रुपये प्रति माह से ज्यादा सैलरी वाले पर लागू नहीं होगा पीएफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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भविष्य निधि (प्रविडेंट फंड) में एंप्लॉयर्स और एंप्लॉयीज के योगदान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उनपर कोई असर नहीं होगा जिनका प्रति माह मूल वेतन (बेसिक सैलरी) और विशेष भत्ता (स्पेशल अलाउंसेज) 15 हजार रुपये से ज्यादा है। हालांकि, भारत में काम कर रहे विदेशियों को इसका फायदा जरूर मिलेगा। पूर्व सेंट्रल प्रविडेंट फंड कमिश्नर ने बताया, पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन का आदेश 15 हजार रुपये तक की बेसिक सैलरी और अलाउंसेज वालों के लिए ही लागू होगा। इससे ज्यादा वेतन वालों के लिए पीएफ में योगदान अनिवार्य नहीं है।
एक अन्य पूर्व सीपीएफसी के. के. जालान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इसलिए आया है क्योंकि कई एंप्लॉयर्स वैधानिक न्यूनतम वेतन (15 हजार रुपये प्रति माह) वालों का पीएफ नहीं जमा करवा रहे थे। उन्होंने कहा, इसलिए, हमने वैसे मामलों में पीएफ डिडक्शन लागू करने का नियम लागू करने का सुझाव दिया जिनमें कुल वेतन ज्यादा, लेकिन मूल वेतन कम है जिससे पीएफ डिडक्शन का आधार बनता है। नतीजतन, कुछ एंप्लॉयीज की टेक होम सैलरी कम हो जाएगी। हालांकि, इनकी संख्या बहुत कम रहेगी।
कंसल्टिंग फर्म पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर कुलदीप कुमार ने मराठवाड़ा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच के एक वाकये का उदाहरण दिया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि पीएफ अथॉरिटीज 15 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन की वैधानिक सीमा के ऊपर के मामले में एंप्लॉयर पर पीएफ डिडक्शन का दबाव नहीं बना सकती है और न ही इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है।
उन्होंने कहा, इस आदेश से स्पष्ट हो गया कि पीएफ कंट्रिब्यूशन के लिए वेरिऐबल या इंसेंटिव आदि के रूप में मिलने वाले विशेष भत्तों को वेतन की परिभाषा से बाहर नहीं रखा जा सकता। इस आदेश से स्पष्ट है कि ऐसे भत्तों को वेतन में शामिल माना जाएगा। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे भत्ते और मूल वेतन को मिलाकर प्रति माह वेतन 15 हजार रुपये से अधिक होने पर भी एंप्लॉयर्स से पीएफ का पैसा काटने को कहा जाएगा? मई 2014 में पीएफ अथॉरिटीज ने अपने फील्ड ऑफिसरों को निर्देश दिया था कि वे मराठवाड़ा ग्रामीण बैंक केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर 15 हजार रुपये की वैधानिक मंथली सैलरी से ऊपर वालों के लिए पीएफ डिडक्शन के लिए एंप्लॉयर पर दबाव नहीं डाला जाए।
कई कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ते परेशानी के सबब हैं जिन्हें लगता है कि उनके पीएफ पेमेंट्स और रिटायरमेंट के बाद की सेविंग्स पर इनका असर पड़ता है जबकि कुछ पीएफ में ज्यादा पैसे जमा करवाना चाहते हैं। ऐसे लोगों की टेक होम सैलरी कम हो जाएगी।

महिला को पेड़ से बांधकर पीटा, तो पहुंची पुलिस

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राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले में एक कुछ लोगों ने एक महिला को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं उसके कपड़े फाड़कर भी बेइज्जत करने की कोशिश की गई। यह घटना केलवाड़ा थाना के अंतर्गत भीलो का तगड़ा इलाके में हुई जहां महिला को पेड़ से बांधकर पीटने का वीडियो भी ले लिया गया और उसके परिवारवाले और गांववाले केवल देख रहे थे।

कुछ लोगों ने इस घटना का मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बताया कि इस घटना में महिला के पिता, मां और भाई के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

19 साल की इस महिला की शादी उदयपुर के खेरवाडा गांव में हुई थी। महिला को पति पसंद नहीं था तो वह उसे छोड़कर अपने मामा के यहां रहने आ गई। यहां आकर उसने नाता रिवाज के तहत एक अन्य युवक से शादी कर ली। मामला पंचायत पहुंचा लेकिन कुछ फैसला नहीं हो पाया को महिला गुरुवार को अपने घर आ गई।

महिला से घरवालों को नाराजगी थी और उस पर खूब गुस्सा भी उतारने लगे। उसे प्रताड़ित करने लगे और पिटाई होने लगी। इस तरह से दुखी होकर उसने खुद को जलाकर आत्महत्या का प्रयास किया। लेकिन वह बच गई तो उसे परिवारवाले घर के बाहर खींचकर लाए और पूरे गांववालों के सामने पीटने लगे। उसे बाद गांववालों ने भी उसे पेड़ से बांधकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

छत्तीसगढ़ : जगदलपुर के दलपत सागर झील में अतिक्रमण की होगी जांच

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रायपुर। जदलपुर स्थित दलपत सागर झील में हुए अतिक्रमण की सरकार जांच कराएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को इसके निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष ने पूरी जांच करा कर अगले सत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दलपत सागर झील में अतिक्रमण का मामला विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठा। कांग्रेस सदस्य मोहन मरकाम ने बस्तर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध व्यवसायिक भवन के निर्माण को लेकर सवाल किया था। जवाब में मंत्री ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत नहीं है। इस पर मरकाम ने दलपत सागर को पाटकर अवैध कालोनी बनाए जाने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की।

मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत नहीं है, लेकिन आप कह रहे हैं तो दिखवा लूंगा। इसके बाद जकांछ विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।

झील के एक चौथाई हिस्से पर अतिक्रमण कर लिया गया है। पिछले 5-10 साल से वहां के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष डॉ. महंत ने हस्तक्षेप किया और आसंदी से पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।

अभिनंदन की रिहाई पर सिद्धू ने फिर दिया पाकिस्तान को लेकर बयान, जानिए अब क्या कहा?

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भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तान के लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराने वाले इंडियन एयर फोर्स के जांबाज पायलट अभिनंदन वर्थमान को पाक के पीएम इमरान खान ने रिहा करने का ऐलान किया है। अभिनंदन को पाकिस्तान ने उस वक्त पकड़ लिया था, जब उनका मिग-21 विमान पाक के F-16 को ढेर करने के बाद की सीमा में क्रैश हो गया था। इसके बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने गुरुवार को संसद में ऐलान किया कि वो शांति की पहल के तौर पर भारत के पायलट को रिहा करेंगे। पाकिस्तान के इस कदम को भारत की कूटनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर ऐसा बयान दे दिया है, जिसपर विवाद शुरू हो गया है।

जानिए सिद्धू ने क्या कहा?

भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को रिहा करने के ऐलान के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पाकिस्तान के साथ बातचीत के जरिए मसला सुलझाने पर जोर दिया। ‘हमारे पास एक विकल्प है’ शीर्षक से जारी किए गए अपने दो पन्नों के बयान में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘मैं अपने इस विश्वास के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं कि सीमा के भीतर और बाहर चलने वाले आतंकी संगठनों की उपस्थिति और गतिविधियों का दीर्घकालिक समाधान खोजने में बातचीत और कूटनीतिक दबाव एक अहम भूमिका निभा सकते हैं। आतंक का समाधान शांति, विकास और प्रगति है ना कि बेरोजगारी, नफरत और डर।’

 

‘डर सिर्फ डर को ही जन्म देता है’

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘आज सीमा के दोनों तरफ रणनीतिकार एक दूसरे को आघात पहुंचाने की तैयारी में हैं। उन्हें लगता है कि एक दूसरे को हानि पहुंचाकर वे खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन यह मृग तृष्णा जैसा है। पिछले कुछ सालों में एक अनचाहा डर हमारे बीच पैर जमा रहा है। ये डर है आतंक का, मौत का, असुरक्षा का, एक अनचाहे असुरक्षा के भाव का। देश में कुछ लोगों के लिए अब डरने की कोई वजह नहीं बची है, क्योंकि उनका डर अब हकीकत का रूप ले चुका है। शहीदों के परिवारों के चेहरे पर भी मैंने उस डर को देखा और महसूस किया है। डर सिर्फ डर को ही जन्म देता है। आज देश में हर जगह डर का माहौल है। दूसरों को हानि पहुंचाने की बात सोचना आसान है, लेकिन यह सोच हमें सुरक्षित नहीं कर सकती।’

 

‘मेरी सच्ची देशभक्ति की पहचान मेरा साहस’

सिद्धू ने आगे कहा, ‘मैं एक स्वतंत्रता सेनानी का बेटा हूं, जो अपने देश के साथ खड़ा है। मेरी सच्ची देशभक्ति की पहचान मेरा साहस है, जो इस डर के खिलाफ सीना ताने खड़ा है। वो डर जिसकी वजह से आज कई लोग चुप्पी साधे हैं। मैं अपने सिद्धांतों पर पूर्णत: कायम हूं कि कुछ लोगों के गलत कार्यों की वजह से पूरे समुदाय को गलत ठहरा देना सही नहीं है। हाल ही में हमारे प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और मानवता के दुश्मनों के खिलाफ है। हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, नाकि कश्मीरियों के खिलाफ। विदेश मंत्री का भी कहना था कि हमारी लड़ाई पाकिस्तान के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाली सोच से है।’ सिद्धू के इस बयान को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है।

 

”आतंकवाद का ना कोई धर्म, ना कोई देश’

आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पत्रकारों ने जब नवजोत सिंह सिद्धू से पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा था, ‘आतंकवाद का ना कोई धर्म होता और ना कोई देश। मुट्ठी भर लोगों के लिए, क्या आप पूरे देश को दोषी ठहरा सकते हैं या किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा सकते हैं। पुलवामा में हुआ हमला एक कायराना हरकत है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।’ नवजोत सिंह सिद्धू के इस बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान पर काफी बवाल मचा। उनके बयान से नाराज लोगों ने कपिल शर्मा के शो के बहिष्कार की धमकी देते हुए सिद्धू को शो से बाहर करने की मांग की। फैंस के गुस्से को देखते हुए सोनी टीवी ने सिद्धू को ‘द कपिल शर्मा’ शो से बाहर कर दिया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सीएम भूपेश बघेल ने ‘शिवनाथ’ भवन का किया लोकार्पण

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छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अटलनगर नया रायपुर के सेक्टर 19 कैपिटल कॉम्प्लेक्स में 30 करोड़ रूपए की लागत से जल संसाधन विभाग के नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्त प्रमुख अभियंता कार्यालय ‘शिवनाथ’ भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राज्य में सिंचाई के क्षेत्र में स्वर्गीय पंडित श्यामाचरण शुक्ल और स्वर्गीय बिसाहू दास महंत के योगदान को याद किया।

उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए इन महापुरूषों ने अथक प्रयास किया है। जल संसाधन विभाग के समक्ष वर्तमान समय में पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जल की आवश्यकता को पूरा करने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि राज्य के बडे़ बांधों में सिल्टिंग की समस्या और नहरों के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे सिंचाई योजनाओं का पूरा लाभ किसानों को मिल सके।

मख्यमंत्री ने लघु सिंचाई योजनाओं की आवश्यकता एवं महत्व पर बल देते हुए लघु सिंचाई संरचनाओं के निर्माण में भौगोलिक और तकनीकी पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान देने पर जोर दिया, जिससे निर्मित संरचनाओं का अधिक से अधिक लाभ किसानों को मिल सके। उन्होंने कहा कि छोटी सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण से कई दिक्कतों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भू-जल के अत्यधिक दोहन से जलस्तर में कमी देखी जा रही है। ऐसे समय नदी-नालों को पुनर्जीवित करने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में अन्नदाता किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है। राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से किसानों की खुशहाली और आमदनी में वृद्धि के लिए प्रयास किया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे अन्नदाता किसानों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का सपना देखा है उसके अनुरूप कार्ययोजना बनाकर अन्नदाताओं के जीवन मंे खुशहाली लाने का कार्य किया जा रहा है।

जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने नवनिर्मित भवन की लोकार्पण पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य में सिंचाई क्षमता का विकास जरूरी है। कृषि एवं सिंचाई के लिए अच्छे कार्य कर किसानों की खुशहाली बढ़ाने के लिए शासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और विधायक धनेन्द्र साहू ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ,राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, जनप्रतिनिधिगण, सचिव जल संसाधन अविनाश चंपावत और प्रमुख अभियंता एच.आर. कुटारे सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

क्‍या आप उसकी कहानी जानते हैं, जिस अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत लौटेंगे विंग कमांडर अभिनंदन

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आज भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को पाकिस्‍तान की तरफ से रिहा किया जाएगा और वह वाघा बॉर्डर के जरिये भारत लौटेंगे. अभिनंदन का विमान बीते बुधवार को उस वक्‍त पाकिस्‍तानी सीमा में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था, जब वह पाकिस्‍तानी जेटों को खदेड़ रहे थे. इसके बाद उन्‍हें वहां हिरासत में ले लिया गया था. अभिनंदन के स्‍वदेश लौटने को लेकर अटारी-वाघा बॉर्डर पर जोरदार तैयारियां की गई हैं. अभिनंदन जिस अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिये भारत में प्रवेश करेंगे, उसका इतिहास भी अपने आप में रोचक है. आइये इसके बारे में जानते हैं…

वाघा भारत के अमृतसर और पाकिस्तान के लाहौर के बीच ग्रैंड ट्रंक रोड पर स्थित एक गांव है. यहां से दोनों देशों की सीमा गुजरती है. भारत और पाकिस्तान के बीच सड़क मार्ग से सीमा पार करने का यही एकमात्र निर्धारित स्थान है. यह स्थान अमृतसर से 32 किलोमीटर और लाहौर से 22 किमी दूरी पर स्थित है.

दरअसल, अटारी-वाघा बॉर्डर पर जहां लोग बीएसएफ और पाक रेंजर्स की रिट्रीट सेरेमनी देखने रोजाना पहुंचते हैं, वहां 1947 तक ऐसा कुछ भी नहीं था. 14-15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि को जब देश का बंटवारा हुआ तो भारत का एक हिस्‍सा पाकिस्तान के रूप में अलग हो गया और लकीर खींच गई.

इसके बाद अटारी गांव भारत का और उससे सटा गांव वाघा पाकिस्तान का हिस्सा हो गया. यहां से गुजरने वाली ग्रांड ट्रंक रोड पर निशानदेही कर दी गई. इसके बाद पाकिस्तान ने अपनी तरफ बांस का पोल लगा दिया तो भारत की तरफ से अपना झंडा लगा दिया. यहां भारत की तरफ से एक किनारे पर छोटा से गेट लगाया गया और दोनों देशों के झंडे एक बड़े खंभे पर लगा दिए गया. हालांकि इस दौरान दोनों तरफ आने-जाने वालों से पूछताछ की जाती थी.

यहां साल 1958 में एक छोटी-सी पुलिस चौकी बनाई गई, जोकि यहां आज भी मौजूद है. यहां पुलिस हर आने-जाने वाले से पूछताछ करती थी. 1965 में बीएसएफ की स्थापना के साथ ही यहां की जिम्मेदारी इस बल को सौंप दी गई, जिसके बाद यहां रिट्रीट का सिलसिला शुरू किया गया.

1990 के दशक में यहां लगे गेट को और बड़ा कर दिया गया. 1998 में पंजाब में काफी आतंकवाद के फैल गया. इसके बाद पूरी बॉर्डर पर फेंसिंग लगा दी गई. वर्ष 2001 में यहां पर दर्शक गैलरी बनाई गई, जहां पर हजारों लोग रिट्रीट देखते हैं.

मध्यप्रदेश : सरकार का बड़ा ऐलान- अब हर शिक्षक को मिलेगा दो लाख रुपया

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हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों के साथ कोई अप्रिय घटना होने पर उनको दो लाख रुपए का बीमा कवर दिया जाएगा। वजह यह है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का बीमा कराया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारकक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा आगामी एक मार्च से शुरू होगी। बोर्ड परीक्षा जिले के 31 परीक्षा केन्द्रों पर होगी। इस परीक्षा में जिले के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पदस्थ 758 शिक्षक ड्यूटी देंगे। इन सभी शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कराई गई बीमा सुविधा का लाभ मिलेगा। बताया गया है कि परीक्षा ड्यूटी के दौरान यदि किसी कर्मचारी की मौत होती है या कोई अन्य कोई घटना होती है तो उसे दो लाख रुपए की बीमा राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केन्द्र पर असमाजिक तत्वों के हमले के दौरान यदि कोई कर्मचारी गंभीर रूप से चोटिल होते हैं या परीक्षा केन्द्र पर आते-जाते समय हादसे के दौरान घायल हो जाते हैं तो भी उसे माशिमं बीमार के जरिए 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा मंडल के सूत्रों के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में लगे शिक्षकों की इंश्योरेंस पॉलिसी की कवर अवधि एक मार्च से शुरू होगी, जो कि आगामी पांच अप्रैल तक रहेगी।

इस दौरान परीक्षा ड्यूटी पर मृत्यु पर दो लाख रुपए, स्थाई रूप से शारीरिक अक्षमता होने पर दो लाख रुपए और एक हाथ, एक आंख व एक पैर यदि पूरी तरह अक्षम होता है तो भी दो लाख रुपए मिलेंगे। इसी तरह यदि गंभीर चोट लगती है तो 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति मिलेगी।

छत्तीसगढ़के कार्यकर्ताओं को मिली नई दिशा : लोकसभा चुनाव 2019 : महासंवाद के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया रिचार्ज

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर देश भर के बीजेपी कार्यकर्ताओं से बात की. रायपुर के एकात्म परिसर पर भी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रही. वहीं इस महासंवाद के बाद जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि इससे बूथ स्तर तक कार्यकर्ता रिचार्ज हुए वहीं विपक्ष ने इस महासंवाद पर सवाल उठाए हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए कार्यकर्ताओं को बताया कि किस तरह से अपना बूथ मजबूत करना है. वहीं लोकसभा को लेकर क्या तैयारी हो रही है इस पर भी चर्चा की. एकात्म परिसर में वीडियों कांफ्रेंसिग के बाद बीजेपी के पदाधिकारियों का कहना था कि इससे छत्तीसगढ़के कार्यकर्ताओं को नई दिशा मिली. बीजेपी प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के जरिए पूरे देश के कार्यकर्ताओं से बात की है. मेरा बूथ सबसे मजबूत के तहत कार्यकर्ताओं से चर्चा की. सरकारी की उपलब्धी और योजना की जानकारी प्रधानमंत्री ने दी है.

वहीं कांग्रेस ने इस महासंवाद पर सवाल उठाया है. कांग्रेस प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि जब देश विकट परिस्थिति में हो तो देश के प्रधानमंत्री को चुनावी तैयारी के लिए इस तरह का आयोजन नहीं करना चाहिए. इस मुद्दे पर सासंद रमेश बैस ने कहा कि कांग्रेस इसे जबर्दस्ती तुल दे रही है. जाहिर तौर पर इस महासंवाद से कार्यकर्ता तो रिचार्ज हुए वहीं अब एक नया विवाद भी जरूर शुरू हो गया है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परीक्षा दे रहे बच्चों को शुभकामनाएं दी है. सीएम ने ट्वीट के जरिए विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं बोर्ड परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई है. परीक्षा के आधे घंटे पहले ही परीक्षा केंद्रों पर बच्चों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों में एग्जाम कंडक्ट किया जा रहा है. सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 तक होगी परीक्षा.

दसवीं में पहला पेपर भाषा विशिष्ट (हिंदी/अंग्रेजी) का है. 10वीं की परीक्षा में पहली बार ओएमआर शीट का इस्तेमाल किया गया है. राजधानी रायपुर में 30 हजार 851 पराक्षार्थी 141 केन्द्रों में परीक्षा बच्चे दे रहे हैं. वहीं राज्य भर में कुल 2231 परीक्षा केन्द्रों में 3 लाख 88 हजार 320 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं. 60 अति संवेदनशील और 126 संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर खास सुरक्षा के इंतजाम किए गए है.

केन्द्राध्यक्ष एमआर सावंत ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा केन्द्रों में मोबाइल, इलेक्ट्रानिक सामान सभी पुरी तरह से प्रतिबंधित है. परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केन्द्रों में पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है. गौरतलब हो कि 10वीं की परीक्षा एक मार्च से 23 मार्च तक चलेगी.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परीक्षा दे रहे बच्चों को शुभकामनाएं दी है. सीएम ने ट्वीट के जरिए विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की है. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रहे सभी परीक्षार्थियों को मेरी ओर से अनंत शुभकामनाएं. तनाव में न रहें और भय मुक्त होकर परीक्षा दें. कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र कुंजी है.

 

मुख्य समाचार : छत्तीसगढ़ में दस फीसदी तक सस्ती की गई बिजली

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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने जनता को बड़ा तोहफा दिया है. विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के जनघोषणा पत्र में बिजली बिल हाफ करने का वादा किया गया था. विधानसभा के इस बजट सत्र में सरकार ने घरेलु उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक का बिजली बिल हाफ करने की गई थी. अब विद्युत विनियामक आयोग ने भी सभी उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में राहत दी है. बिजली बिल में दस फीसदी तक कमी किए जाने की खबर को छत्तीसगढ़ के सभी मुख्य अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

छत्तीसगढ़ की जनता अब वास्तविक बिजली तिहार (त्योहार) मनाएगी. जनता को यह मौका राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दिया है. आयोग के अध्यक्ष डीएस मिश्रा ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए नई दरों का एलान किया. इसमें लगभग सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली सस्ती करने की घोषणा की गई है. कृषि, गैर कृषि के साथ ही औद्योगिक उपभोक्ताओं को कई तरह की राहत भी दी गई है. दरें 1 अप्रैल से लागू होगीं, यानी इसका असर मई के बिल में नजर आएगा. दरों में कमी किए जाने से सबसे ज्यादा फायदा घरेलू उपभोक्ताओं को हुआ है. राज्य की कांग्रेस सरकार ने पहले ही 1 मार्च से 400 यूनिट तक बिजली हाफ कर रखा है. अब आयोग ने उनकी बिजली की दर को तीन से 10 फीसद तक कम कर दिया है.

400 यूनिट पर करीब एक हजार स्र्पये की बचत
इस वर्ष मई से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 400 यूनिट की खपत पर लगभग एक हजार स्र्पये की बचत होगी. अभी 400 यूनिट का बिल 19 सौ से अधिक का आ रहा है. नई दर और बिल हाफ होने से मई में यह करीब 950 रुपये हो जाएगा. इस खबर को दैनिक भास्कर, पत्रिका, नवभारत, हरिभूमि सहित अन्य अखबारों ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

घरेलू उपभोक्ता के लिए नई दर

यूनिट        नई दर       मौजूदा दर
0-100       3.40         3.76

101-200    3.60        3.80

201-400   4.90        5.30

401-600   5.50        5.30

600 से अधिक 7.30 7.35
(दर रुपये प्रति यूनिट में)