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पीएम मोदी असमवासियों को देंगे 5,450 करोड़ की सौगात…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के दौरे पर जाएंगे। उनका यह दौरा पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई रफ्तार देने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

सुबह करीब 10:30 बजे प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पर उतरेंगे। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला आपातकालीन लैंडिंग केंद्र है। यहां वे फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखेंगे। भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय में तैयार किया गया यह ईएलएफ आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में सक्षम है। प्राकृतिक आपदा या रणनीतिक जरूरतों के समय यह राहत और बचाव कार्यों के लिए बेहद अहम साबित होगा। यह ढांचा 40 टन तक के फाइटर विमान और 74 टन अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमान संभाल सकता है।

दोपहर करीब 1 बजे प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का दौरा करेंगे। करीब 3,030 करोड़ रुपए की लागत से बना यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है। यह पूर्वोत्तर का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है और इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर सिर्फ 7 मिनट रह जाएगा। भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग के साथ बेस आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल लगाए गए हैं। साथ ही ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) भी जोड़ा गया है, जो रियल-टाइम निगरानी और संभावित क्षति का समय रहते पता लगाने में मदद करेगा।

दोपहर 1:30 बजे प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लाचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, डिजिटल ढांचे को मजबूत करना, उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देना और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना है।

कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी उद्घाटन किया जाएगा। 8.5 मेगावॉट की स्वीकृत क्षमता और प्रति रैक औसतन 10 किलोवॉट क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर विभिन्न सरकारी विभागों के मिशन-क्रिटिकल एप्लीकेशन होस्ट करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगा। यह डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप पूर्वोत्तर की डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और मजबूत आधार देगा।

पीएम मोदी भारतीय प्रबंधन संस्थान गुवाहाटी का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में प्रबंधन और उच्च शिक्षा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इनमें गुवाहाटी में 100, नागपुर में 50, भावनगर में 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। इस पहल से चार शहरों के 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वच्छ, किफायती और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।

भारत के बड़े शहरों में 2025 में घर खरीदने का फैसला लेने में लगा ज्यादा समय, सस्ते घरों में हुआ जल्दी फैसला: रिपोर्ट…

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साल 2025 में भारत के बड़े शहरों में घर खरीदने का फैसला लेने में लोगों को पहले से ज्यादा समय लग रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1-2 करोड़ रुपए कीमत वाले घरों को खरीदने में सबसे ज्यादा समय लगा, जो औसतन 30 दिन रहा।

साल 2024 में इसी कैटेगरी में यह समय 47 दिन था, यानी करीब 17 दिन की कमी आई है।

एनारॉक ग्रुप के एआई आधारित एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म एस्ट्रा की रिपोर्ट के अनुसार, घरों की कीमतें बढ़ने, बाजार में नए घरों की ज्यादा उपलब्धता और निवेश के दूसरे विकल्प आकर्षक होने की वजह से खरीदार अंतिम फैसला लेने में ज्यादा सोच-विचार कर रहे हैं।

एनारॉक ग्रुप के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार ने बताया कि 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक के घर खरीदने वाले लोगों ने औसतन 29 दिन में बुकिंग की। यह स्थिति 2024 में भी लगभग ऐसी ही थी। वहीं 3 करोड़ रुपए से कम कीमत वाले घरों में 2025 में औसतन 27 दिन लगे, जबकि 2024 में यही समय सबसे कम 17 दिन था।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव दिखाता है कि बाजार अब पूरी तरह विक्रेताओं के पक्ष में नहीं है। अब खरीदार ज्यादा सोच-समझकर और चुनकर फैसले ले रहे हैं, खासकर लग्जरी घरों के मामले में। बाजार में नए महंगे घरों की संख्या बढ़ने से खरीदारों के पास ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।

हालांकि 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपए कीमत वाले घरों में सबसे तेज फैसला लिया गया। इस कैटेगरी में 2025 में औसतन सिर्फ 15 दिन लगे, जबकि 2024 में यही समय 28 दिन था। इसका कारण इस सेगमेंट में लोगों का भरोसा और सीमित सप्लाई के कारण जल्दी फैसला लेना माना जा रहा है।

सस्ते घरों यानी 50 लाख रुपए से कम कीमत वाले मकानों में भी खरीदारी का समय घटा है। 2024 में जहां औसतन 28 दिन लगते थे, वहीं 2025 में यह घटकर 19 दिन रह गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस सेगमेंट में नए घरों की संख्या कम होने की वजह से लोग जल्दी फैसला ले रहे हैं।

इसके अलावा, बड़े शहरों में किराया बढ़ने के कारण पहली बार घर खरीदने वाले लोग भी जल्दी निर्णय ले रहे हैं। आसान होम लोन, डिजिटल लोन प्रोसेस और बेहतर क्रेडिट सुविधा ने भी इसमें मदद की है।

विश्लेषण किए गए उपभोक्ता व्यवहार के आंकड़ों से पता चलता है कि 2020 से 2025 के बीच सबसे कम समय 2022 में लगा था, जब औसतन 22 दिन में खरीद का फैसला हुआ। वहीं सबसे ज्यादा समय 2020 में लगा था, जो 35 दिन रहा।

महाशिवरात्रि 2026 स्पेशल: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने चलाई मेला ट्रेनें, यहाँ देखे पूरा टाइम टेबल…

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महाशिवरात्रि का पवित्र त्योहार इस साल रविवार, 15 फरवरी, 2026 को मनाया जाएगा। इस खास मौके पर देश भर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। गुजरात में सोमनाथ-वेरावल, मध्य प्रदेश में उज्जैन महाकाल और सीहोर में कुबेरेश्वर धाम में लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने शिव भक्तों को बड़ी राहत दी है। यात्रियों की आसान और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए वेस्टर्न रेलवे ने महाशिवरात्रि मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है।

राजकोट-वेरावल के बीच स्पेशल ट्रेन

महाशिवरात्रि मेले को देखते हुए, एक अनरिज़र्व्ड मेला स्पेशल ट्रेन (09513/09514) 13 फरवरी से 17 फरवरी तक राजकोट और वेरावल के बीच रोज़ाना चलेगी। ट्रेन नंबर 09513 राजकोट से सुबह 6:55 बजे निकलेगी और सुबह 10:55 बजे वेरावल पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 09514 वेरावल से दोपहर 3:20 बजे निकलेगी और रात 8:00 बजे राजकोट पहुंचेगी। रास्ते में, ट्रेन भक्तिनगर, गोंडल, वीरपुर, जेतलसर, जूनागढ़ और केशोद जैसे बड़े स्टेशनों पर रुकेगी।

उज्जैन से भोपाल और संत हिरदाराम नगर (सीहोर) की सुविधा

रतलाम डिवीजन ने 13 फरवरी से 23 फरवरी तक उज्जैन, भोपाल और संत हिरदाराम नगर (सीहोर) के बीच तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।

ट्रेन नंबर 09305 उज्जैन से रोज़ सुबह 9 बजे निकलेगी और दोपहर 1:30 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 09306 दोपहर 2:30 बजे निकलेगी और शाम 7:30 बजे उज्जैन पहुंचेगी।

ट्रेन नंबर 09307 उज्जैन से रात 9 बजे निकलेगी और सुबह 2:10 बजे भोपाल पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 09308 भोपाल से सुबह 3:10 बजे निकलेगी और सुबह 8 बजे उज्जैन पहुंचेगी।

ट्रेन नंबर 09313 उज्जैन से शाम 4:00 बजे निकलेगी और रात 9:40 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 09314 रात 10:30 बजे निकलेगी और सुबह 2:00 बजे उज्जैन पहुंचेगी।

ये ट्रेनें तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर जैसे बड़े स्टेशनों पर रुकेंगी।

जनरल और स्लीपर कोच

रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, इन मेला स्पेशल ट्रेनों में जनरल और स्लीपर कोच होंगे। अनरिज़र्व्ड ट्रेनों के टिकट काउंटर से या दूसरे तरीकों से खरीदे जा सकते हैं। भारी भीड़ के कारण, ये ट्रेनें श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होंगी।

बिहार सरकार ने खेल छात्रवृत्ति योजना में 514 खिलाड़ियों का चयन किया, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे प्रमाण पत्र वितरण…

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बिहार सरकार ने खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत राज्य के 514 खिलाड़ियों का चयन किया है। यह योजना खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके खेल कौशल को प्रोत्साहित करने और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों में चयनित खिलाड़ियों को वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। इन तीन योजनाओं के नाम हैं – उत्कर्ष, सक्षम और प्रेरणा।

उत्कर्ष योजना: इस योजना में चयनित 18 खिलाड़ियों को वार्षिक 20 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह योजना विशेष रूप से उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

सक्षम योजना: इस श्रेणी में 129 खिलाड़ियों को 5 लाख रुपये तक की वार्षिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना राज्य स्तरीय खिलाड़ियों के लिए बनाई गई है।

प्रेरणा योजना: इसमें 367 खिलाड़ियों को 3 लाख रुपये तक की वार्षिक स्कॉलरशिप दी जाएगी। यह योजना स्थानीय और जिलेस्तरीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में आयोजित समारोह में खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र और छात्रवृत्ति वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को पहचान देना और उन्हें आर्थिक मदद प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि खेलों के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत विकास, बल्कि समाज और राज्य की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है।

खेल अधिकारी और विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि युवा वर्ग में खेल के प्रति रुचि और प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति मिलने से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तैयारी में मदद मिलेगी और उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इस योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों में विभिन्न खेलों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जैसे क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स, कबड्डी और अन्य खेल। चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, अनुशासन और खेल उपलब्धियों को ध्यान में रखा गया।

सरकारी अधिकारियों ने यह भी कहा कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को प्रेरणा और मान्यता प्रदान करना भी है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि छात्रवृत्ति समय पर वितरित की जाएगी और सभी चयनित खिलाड़ियों को उनके खेल क्षेत्र में समर्थन और मार्गदर्शन दिया जाएगा।

इस योजना से राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। भविष्य में बिहार सरकार और भी नई पहल करके खेलों को और सशक्त बनाने की योजना बना रही है।

इस प्रकार, खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत 514 खिलाड़ियों का चयन न केवल उनके लिए आर्थिक और मानसिक प्रोत्साहन है, बल्कि यह राज्य में खेल के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

बांग्लादेश चुनाव परिणाम पर शाइना एनसी बोलीं- दोनों देशों के राष्ट्रीय हित में सुरक्षा सुनिश्चित होना जरूरी…

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बांग्लादेश के संसदीय चुनाव नतीजों पर भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नेताओं ने अलग-अलग दृष्टिकोण से अपनी बात रखी है।

शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने आईएएनएस से कहा कि किसी भी लोकतंत्र में जीत और हार होती रहती है।

चूंकि बीएनपी ने जीत दर्ज की है, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने उसके नेतृत्व को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके नेता एकनाथ शिंदे की ओर से भी वे एक प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश की कामना करती हैं, ताकि घुसपैठ रुके और विकास आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश होने के नाते दोनों देशों के राष्ट्रीय हित में सुरक्षा सुनिश्चित होना जरूरी है।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, “जहां भी लोकतंत्र की वापसी होती है, भारत उसका स्वागत करता है।”

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि बांग्लादेश में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। बीएनपी नेता खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यदि प्रगतिशील बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं तो यह स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पहले हिंदुओं पर अत्याचार रुकने चाहिए, उसके बाद ही अन्य बातों पर चर्चा हो सकती है।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने विश्वास जताया कि बहुत जल्द बांग्लादेश में शांति लौटेगी और देश फिर से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।

भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों से जुड़े समूह अब हाशिए पर जा रहे हैं, चाहे वह जम्मू-कश्मीर हो, बांग्लादेश हो या पाकिस्तान। उनका मानना है कि बांग्लादेश की जनता ने सकारात्मक सोच के साथ फैसला किया है, इसलिए खालिदा जिया की पार्टी आगे है।

सीपीआई (एम) नेता एमवाई तारिगामी ने कहा कि अवामी लीग पर प्रतिबंधों के बावजूद लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह रही कि जमात-ए-इस्लामी के प्रयासों के बावजूद जनता ने उग्रवाद को नकार दिया।

पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने कहा कि लगभग 47 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि पहले केवल 4-5 प्रतिशत मतदान हुआ था। उन्होंने बांग्लादेश की जनता को बड़ी संख्या में मतदान कर अपना भविष्य तय करने के लिए बधाई दी।

खाटू श्याम भक्तों के लिए ख़ास सूचना! इस दिन बंद रहेंगे मंदिर के कपाट, दर्शन से पहले यहाँ चेक करें टाइमिंग…

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राजस्थान की मशहूर धार्मिक जगह खाटू के श्याम मंदिर में रोज़ाना भक्तों की भारी भीड़ लगती है। अगर आप खाटू श्याम मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो प्लीज़ रुककर नया शेड्यूल देख लें।

मंदिर कमिटी ने नए नियमों की एक लिस्ट जारी की है, जिसके मुताबिक 18 से 19 फरवरी, 2026 के बीच मंदिर 7 घंटे के लिए बंद रहेगा।

मंदिर कमिटी की तरफ से जारी अपील में कहा गया है कि गुरुवार, 19 फरवरी, 2026 को श्री श्याम प्रभु की खास पूजा और तिलक-श्रृंगार की वजह से, 18 फरवरी, 2026 को रात 10 बजे से 19 फरवरी, 2026 को शाम 5 बजे तक श्री श्याम प्रभु के दर्शन आम लोगों के लिए बंद रहेंगे। इसलिए, इस समय के बाद ही दर्शन के लिए आएं। प्लीज़ इंतज़ाम में मदद करें।

खाटू श्याम मंदिर 18 से 19 फरवरी, 2026 तक बंद रहेगा

तिलक श्रृंगार और खास सेवा पूजा की वजह से, श्री श्याम मंदिर, खाटू श्याम जी के दरवाज़े आम भक्तों के लिए 18 फरवरी, 2026 को रात 10:00 बजे से 19 फरवरी, 2026 को सुबह 5:00 बजे तक बंद रहेंगे। खाटू श्याम बाबा का पुराना तिलक हटाया जाता है, उसके बाद नया तिलक श्रृंगार और खास पूजा होती है। तिलक श्रृंगार की प्रक्रिया गोपनीय और बहुत पवित्र होती है, इसलिए इस दौरान आम लोगों के दर्शन पूरी तरह मना हैं।

बाबा खाटू श्याम, हारे हुए लोगों का सहारा

खाटू श्याम को कलियुग में भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। कहानी के अनुसार, भीम के पोते, बर्बरीक ने महाभारत युद्ध के दौरान कृष्ण को अपना सिर दान कर दिया था। बर्बरीक की भक्ति से खुश होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और उन्हें “हारे हुए का सहारा” के नाम से जाना जाएगा। इसलिए, कलियुग में खाटू धाम को हारे हुए की शरणस्थली कहा जाता है। देश भर में बाबा खाटू श्याम को समर्पित कई मंदिर हैं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध राजस्थान के सीकर में स्थित मंदिर है।

चांदी का भाव धड़ाम! 4.20 लाख से 2.50 लाख/किलो पर पहुंचा, जाने आने वाले दिनों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय…

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रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, चांदी की कीमतों में अब बड़ी गिरावट आ रही है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर चांदी लगभग ₹2.5 लाख प्रति kg तक गिर गई है।

इससे पहले, यह ₹4.20 लाख प्रति kg के ऐतिहासिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। उस रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद से, प्रॉफिट-बुकिंग और ग्लोबल दबाव के कारण कीमतों में गिरावट जारी है। फिलहाल, यह ₹2.30 लाख से ₹2.70 लाख प्रति kg की रेंज में ट्रेड कर रही है।

निवेशक क्यों चिंतित हैं?

निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चांदी की कीमतें और गिरेंगी या वे वापस ऊपर जा सकती हैं। हालिया गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं: US के मजबूत आर्थिक डेटा ने जल्द ही ब्याज दर में कटौती की संभावना कम कर दी है। जब दर में कटौती की उम्मीद कम होती है, तो डॉलर मजबूत होता है।

डॉलर के मजबूत होने से इंटरनेशनल मार्केट में चांदी और महंगी हो जाती है, क्योंकि इसकी कीमत डॉलर में होती है। इससे ग्लोबल डिमांड पर असर पड़ता है और कीमतों पर दबाव पड़ता है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, बड़े इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स ने प्रॉफिट बुक करना शुरू कर दिया। जब बड़े पैमाने पर बिकवाली होती है, तो कीमतें तेज़ी से गिरती हैं। इंटरनेशनल मार्केट में $121 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद COMEX सिल्वर की कीमतें तेज़ी से गिरीं। इसका सीधा असर इंडियन मार्केट के सेंटिमेंट पर पड़ा।

आगे क्या हो सकता है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि मज़बूत डॉलर और ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण शॉर्ट टर्म में सिल्वर पर दबाव रह सकता है। लॉन्ग टर्म में, सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड (खासकर सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में) मज़बूत रहने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, हाल की गिरावट एवरेज से ज़्यादा रही है, जिससे पता चलता है कि मार्केट में अभी उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। यह इन्वेस्टर्स के लिए सावधान रहने और लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी के साथ आगे बढ़ने का समय हो सकता है।

ट्रेड डील के बाद भारत की इकोनॉमी पर बड़ी रिपोर्ट, विशेषज्ञों का कहना- चीन और जापान भी अब रह जाएंगे पीछे…

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भारत ने पिछले छह सालों में नौ ट्रेड डील साइन की हैं, जिनमें पांच FTA शामिल हैं। इन दो बड़ी डील के बाद, रेटिंग एजेंसियों ने भारत की इकॉनमी के लिए अपने अनुमानों में बदलाव किया है। इंडिया-EU ट्रेड डील और इंडिया-US ट्रेड डील, दोनों ने भारत की इकॉनमी के लिए अपने अनुमान बढ़ाए हैं।

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की इकॉनमी और GDP ग्रोथ के लिए अच्छे अनुमान दिए हैं। फिच ने अपनी रिपोर्ट में भारत की GDP, इंटरेस्ट रेट, कर्ज और टैक्स कलेक्शन को शामिल किया है।

भारत की इकॉनमी पर फिच का अनुमान

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच के मुताबिक, भारत की इकॉनमी तेजी से बढ़ने वाली है। फिच ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक भारत एशिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकॉनमी होगी। भारत की GDP ग्रोथ 6.4 परसेंट होगी। यह ग्रोथ रेट इसे फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे कई देशों से आगे रखती है। यूरोपियन यूनियन और यूनाइटेड स्टेट्स के साथ ट्रेड डील जियोपॉलिटिकल टेंशन, इंटरनेशनल उथल-पुथल और ट्रेड संकट के बीच भारत की इकॉनमी को सुरक्षित रखेंगी। एशिया में भारत के बढ़ते असर की वजह से, यह ट्रेड वॉर और ग्लोबल मंदी के बीच अपनी इकॉनमी को बचा सकता है। इन डील्स की वजह से, भारत इस मुश्किल समय में भी एक अच्छा इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना हुआ है। जहाँ चीन और जापान जैसे देश मंदी और सुस्त इकॉनमी से जूझ रहे हैं, वहीं भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। चीन और जापान धीमी GDP ग्रोथ, बिगड़ते रियल एस्टेट, बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरे और बढ़ती उम्र की वर्कफोर्स का सामना कर रहे हैं, ये सभी बड़ी चिंताएँ हैं। इस बीच, भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट, तेज़ी से बढ़ती इकॉनमी और युवा आबादी इसकी ताकत हैं।

भारत की मज़बूत इकॉनमी

फिच के मुताबिक, भारत ने अपने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और फिस्कल मैनेजमेंट की वजह से खुद को एक स्टेबल इकॉनमी के तौर पर बनाया है। सरकार लगातार ट्रेड डील्स पर बातचीत कर रही है, जिससे वह 2026 में मज़बूत ग्रोथ के लिए तैयार होगा। भारत ने अपनी इकॉनमी में जो स्टेबिलिटी बनाए रखी है, वह ग्लोबल ट्रेड बदलावों के असर को कम करेगी। भारत के घरेलू मार्केट की मज़बूती उसे बाहरी जोखिमों से खुद को सफलतापूर्वक बचाने में मदद करती है।

ब्याज दरों पर फिच का अनुमान क्या है?

फिच के मुताबिक, आने वाले दिनों में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के इंटरेस्ट रेट में कटौती करने की उम्मीद कम है। महंगाई और ग्रोथ को बैलेंस करने के लिए रिज़र्व बैंक अभी इंटरेस्ट रेट को 5.25% पर स्टेबल रख सकता है। फिच ने GST और टैक्स कलेक्शन में सरकार के परफॉर्मेंस की भी तारीफ़ की। हालांकि, रिपोर्ट में कर्ज़ को लेकर भी चिंता जताई गई है। ज़्यादा कर्ज़-से-GDP रेश्यो अभी भी चिंता की बात है।

स्टालिन सरकार महिलाओं को देगी हर साल पांच हजार रुपए, भाजपा ने उठाए सवाल…

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तमिलनाडु की राजनीति में महिला अधिकार और आर्थिक सहायता को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राज्य की महिलाओं से बड़ा वादा करते हुए कहा कि उनकी सरकार अधिकारों के बंटवारे से पीछे नहीं हटेगी, चाहे कोई भी रुकावट क्यों न डाले।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों के लिए अग्रिम तौर पर 3,000 रुपए और गर्मियों के विशेष बंटवारे के तहत 2,000 रुपए दिए जा रहे हैं। इस तरह कुल 5,000 रुपए की राशि शुक्रवार को 1.31 करोड़ रुपए की राशि कलैगनार महिला अधिकार योजना की लाभार्थी महिलाओं के खातों में जमा कर दी गई है।

उन्होंने भरोसा जताया कि तमिल महिलाओं के समर्थन से उनकी सरकार दोबारा सत्ता में लौटेगी। साथ ही उन्होंने “द्रविड़ मॉडल 2.0” के तहत 1,000 रुपए की सहायता राशि बढ़ाकर 2,000 रुपए करने का वादा भी किया। स्टालिन ने इसे अपनी “बहनों से किया गया व्यक्तिगत वादा” बताया।

उन्होंने कहा कि चुनाव का बहाना बनाकर तीन महीनों के लिए अधिकारों के बंटवारे को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी द्रविड़ मॉडल सरकार अपने वादे पर कायम है।

वहीं, भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने मुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार इस योजना को रोकने की कोशिश कर रही है।

तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि डीएमके सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर योजनाओं की घोषणा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की घोषणा के बाद दो साल तक राशि नहीं दी गई और अब चुनाव से पहले एक साथ भुगतान किया जा रहा है।

सौंदराजन ने राज्य सरकार की शराब नीति और टीएएसएमएसी से होने वाली आय पर भी निशाना साधा। उनका दावा है कि सरकार को शराब बिक्री से भारी राजस्व मिलता है, जबकि परिवारों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है।

उन्होंने केंद्र सरकार की मुद्रा योजना और डिजिटल इंडिया पहल का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं अधिक प्रभावी हैं।

उन्होंने कहा कि सभी महिला उद्यमी और बिजनेस ओनर बनाने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुद्रा स्कीम लाए, जिससे तमिलनाडु में करीब एक करोड़ लोगों को फायदा हुआ है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे सामान बेचने वालों, खासकर महिलाओं को तुरंत लोन दिया जाता है ताकि वे अपना बिजनेस तुरंत बढ़ा सकें।

2014 के बाद किसानों की बदली तस्वीर, ‘किसान सम्मान निधि’ गेमचेंजर योजना : रामेश्वर तेली…

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भाजपा राज्यसभा सदस्य रामेश्वर तेली ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब यूपीए सरकार सत्ता में थी, तब बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की और उनके लिए कोई प्रभावी योजना नहीं थी।

इसके विपरीत, 2014 के बाद केंद्र की सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।

रामेश्वर तेली ने आईएएनएस से कहा, “हमारी सरकार ने किसानों के हित में अनेक योजनाएं लागू की हैं। इनमें सबसे बड़ी योजना किसान सम्मान निधि है, जिसके तहत एक बड़ा फंड बनाया गया है ताकि हर किसान को इसका सीधा लाभ मिल सके।” उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर भी गंभीर आरोप लगाए। तेली ने कहा, “गौरव गोगोई के पाकिस्तान से संबंध हैं और यह साबित हो चुका है। उनकी पत्नी पाकिस्तान में एक एनजीओ के साथ काम करती हैं और पाकिस्तान सरकार से वेतन भी लेती हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि गोगोई की पत्नी की शादी को काफी समय हो चुका है, लेकिन अब तक उनकी पत्नी ने भारत की नागरिकता नहीं ली है। आज सोनिया गांधी भी भारतीय नागरिकता ले चुकी हैं। पता नहीं कि गौरव गोगोई की पत्नी ने अभी तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली, इसका रहस्य क्या है, यह समझ में नहीं आता।

राज्यसभा सदस्य ने यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया है कि अगर गोगोई पाकिस्तान नहीं गए, तो जो फोटो और वीडियो सामने आए हैं, वे कहां के हैं। तेली ने मांग की कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।

फिलहाल रामेश्वर तेली के इन बयानों पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बता दें कि रामेश्वर तेली असम से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और वे वर्तमान में असम का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा में सांसद हैं।